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	<title>Varshayoga &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>वर्षायोग धर्म ज्ञान का सीजन सीजन का रीजन समझें: आचार्यश्री वर्धमानसागरजी ने कहा-भूले हुए धर्म का रिवीजन करें, सच्चे मार्ग पर चलने का डिसीजन लें  </title>
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		<pubDate>Tue, 14 Oct 2025 11:08:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में श्री शांतिनाथ जिनालय तख्ता मंदिर में भव्य पंचामृत अभिषेक हुआ। आचार्य श्री के दर्शन हेतु प्रसिद्ध प्रतिष्ठाचार्य पंडित धर्मचंद शास्त्री अष्टापद तीर्थ पधारे। आचार्य श्री एवं संघ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्यश्री ने कहा कि वर्षायोग में श्रमण और श्रावक समाज नदी के तटों का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में श्री शांतिनाथ जिनालय तख्ता मंदिर में भव्य पंचामृत अभिषेक हुआ। आचार्य श्री के दर्शन हेतु प्रसिद्ध प्रतिष्ठाचार्य पंडित धर्मचंद शास्त्री अष्टापद तीर्थ पधारे। आचार्य श्री एवं संघ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्यश्री ने कहा कि वर्षायोग में श्रमण और श्रावक समाज नदी के तटों का चार माह के लिये अपूर्व संगम होता है। समुद्र सिंधु है। <span style="color: #ff0000">टोंक से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टोंक।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में श्री शांतिनाथ जिनालय तख्ता मंदिर में भव्य पंचामृत अभिषेक हुआ। आचार्य श्री के दर्शन हेतु प्रसिद्ध प्रतिष्ठाचार्य पंडित धर्मचंद शास्त्री अष्टापद तीर्थ पधारे। आचार्य श्री एवं संघ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्यश्री ने कहा कि वर्षायोग में श्रमण और श्रावक समाज नदी के तटों का चार माह के लिये अपूर्व संगम होता है। समुद्र सिंधु है। नदी रूपी बिंदुओं के योग से यदि एक बिंदु सिन्धु से पृथक जाती है तो सूर्य उसे सुखा देता है। साधु से कटकर रहने वाला समाज और समाज से कटकर रहने वाला साधु दोनों सूख जाएंगे। चातुर्मास दो तटों दो पटरियों को मिलाने वाला अभूतपूर्व दीर्घकालीन त्योहार है।</p>
<p>रथ दो पहियों से चलता है। उसी प्रकार धर्म रूपी रथ साधु और समाज रूपी पहियों से चलता है, नजदीक से साधु-समाज को आपस में विचारों, आचारों का आदान-प्रदान करने का दीर्घकालीन समय वर्षायोग में मिलता है। रथ में दो पहियों को जोड़ने वाली धुरी (एक्सल) होता है। धुरी वर्षायोग के रूप में श्रावक और श्रमण को प्राप्त होती है। साधु के लिए कहा है कि बहता पानी रमता योगी स्वच्छ होता है, लेकिन वर्षाकाल के चार माह में आगम की आज्ञा है। संत विहार न करें, एक जगह रहकर विशेष तप साधना ध्यान-ज्ञान आराधन करें। श्रावक भी चार माह वर्षा में विवाह आदि मांगलिक कार्यों से निवृत्त रहता है, व्यापार-व्यवसाय भी मंद होता है। अतः उसे भी संत समागम से अपने जीवन में सदाचार, नैतिकता, धर्माचरण, स्वाध्याय आदि करने का विशेष अवसर प्राप्त होता है।</p>
<p><strong>साधु संत जीवों की रक्षा के लिए संयम की पालना करते हैं</strong></p>
<p>वर्षाकाल में पानी बरसता है और वर्षायोग में साधु-संतों द्वारा धर्मामृत भी बरसता है। अगर श्रावक इन दिनों में भी प्रमाद का छाता लगाकर रखें तो वह सूखा का सूखा ही रह जाए। अतः वर्षायोग में धर्मामृत से भीगें डरकर भागें नहीं। मंगल देशना देते हुए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म सभा आगे कहा कि सनातन परम्परा है कि साधु संत जीवों की रक्षा के लिए संयम की पालना के लिए वर्षायोग में एक स्थान पर रहते है। वर्तमान युग में मंदिर, धर्मशाला, संत भवन आदि में रहकर आत्म साधना करते हैं, श्रावक समाज, साधु संतों की आहार, विहार-निहारादि की व्यवस्था करते हैं। आहारदान वैय्यावृत्ति करने का दीर्घ कालीन अवसर प्राप्त होता है। किसान को अच्छी फसल उगाने के लिए 4 माह होते हैं। यदि वह इन चार माह में चूक गया तो वर्ष भर उसे कुछ प्राप्त नहीं होता है। इसी प्रकार श्रावक को त्याग तपस्या और सेवा के लिए 4 माह होते हैं यदि वह इन चार माह में चूक जाए तो उसके पश्चात कुछ भी हाथ नहीं लगता।</p>
<p><strong>चारों दिशाओं में आने-जाने की सीमा करते हैं</strong></p>
<p>4 माह अमृत वर्षा होती रही, किन्तु आप भौतिकता अज्ञान असंयम की छतरी लगाकर बैठे रहे तो चातुर्मास का कुछ भी फल प्राप्त होने वाला नहीं है। आगम की आज्ञा से बंधे हुए साधु जन चातुर्मास विधि के अनुसार स्थापना करते हैं। चार माह में समाधि, असमाधि का कारण, असंयम की संभावना देखकर चारों दिशाओं में आने-जाने की सीमा करते हैं। श्रावकों में धर्म जाग्रति के अनेक स्चनात्मक, धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। स्वाध्याय के प्रति रुचि उत्पन्न कराते हैं। कार्तिक की अमावस्या में प्रथम प्रहर प्रत्युष काल में वर्षायोग निष्ठान उपवास पूर्वक करते हैं। चातुर्मास आषाढ़ माह के अंतिम दिन से प्रारंभ होकर कार्तिक माह की अमावस्या तक चलने वाले वर्षायोग के ये महीने हमें संकेत देते हैं कि हम आषाढ़ माह में धर्म रूपी बाढ़ लगाकर जीवन रूपी कल्पवृक्ष की सुरक्षा करें।</p>
<p><strong>आसोज में आलस्य को छोड़कर आत्म तत्त्व को जानें </strong></p>
<p>सावन में संयम की साबुन से मन को परम पावन बनाएं भादों में भक्ति के भावों से भगवान की भ्रदता पाएं। आसोज में आलस्य को छोड़कर आत्म तत्त्व को जानें और कार्तिक माह में कर्मठता पूर्वक कर्तव्यों का निर्वाह करें। ऐसा करने से ही चातुर्मास के ये चार महीने हमारे लिए चतुर हितकर मास बन सकते हैं। अन्यथा हमारी नासमझी के कारण यह चार महीने आलस और असंयम में गुजर कर जीवन को व्यर्थ और बेकार भी कर सकते है। वर्षायोग धर्म ज्ञान का सीजन है। अतः इस सीजन का रीजन समझ कर भूले हुई धर्म का रिवीजन करें और सच्चे मार्ग पर चलने का डिसीजन लेकर अपनी पोजीशन बनाएं।</p>
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		<title>लोगों को हर तरह से खूबसूरत होना चाहिए : आचार्य प्रसन्न सागर जी ने व्यक्तित्व निर्माण पर प्रभावी बात कही </title>
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		<pubDate>Mon, 15 Sep 2025 05:00:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय श्री पियूष सागरजी महाराज ससंघ तरुणसागरम तीर्थ पर वर्षायोग हेतु विराजमान हैं। उनके सानिध्य में वहां विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो रहे हैं। कोडरमा से पढ़िए, जैन राजकुमार अजमेरा और मनीष सेठी की खबर&#8230; तरुणसागरम तीर्थ/कोडरमा। आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय श्री पियूष सागरजी महाराज ससंघ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय श्री पियूष सागरजी महाराज ससंघ तरुणसागरम तीर्थ पर वर्षायोग हेतु विराजमान हैं। उनके सानिध्य में वहां विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो रहे हैं। <span style="color: #ff0000">कोडरमा से पढ़िए, जैन राजकुमार अजमेरा और मनीष सेठी की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>तरुणसागरम तीर्थ/कोडरमा।</strong> आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय श्री पियूष सागरजी महाराज ससंघ तरुणसागरम तीर्थ पर वर्षायोग हेतु विराजमान हैं। उनके सानिध्य में वहां विभिन्न धार्मिक</p>
<p>कार्यक्रम संपन्न हो रहे हैं। उसी श्रृंखला में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने बताया कि लोगों को हर तरह से खूबसूरत होना चाहिए। चेहरे से, चरित्र से, विचार से, पहनावे से, खान पान से,ओर अन्तरात्मा से</p>
<p>जीवन में किसी चीज की मात्रा बढ़ाना चाहते हैं तो उसके कारण को खोजो, जिन कारणों से मन की शान्ति और चेहरे की प्रसन्नता बढ़ रही हो, उन कारणों की मात्रा को बढ़ाते जायें और जिन कारणों से मन की शान्ति, चेहरे की चमक, आपस में प्रेम-मैत्री, सदभाव कम हो रहा हो, तो उन कारणों की मात्रा कम करते जाओ। क्योंकि आज जो आप हैं या आगे जो होंगे, वह सकारात्मक सोच का ही परिणाम होगा। इसलिए सोच बदलो तो जीवन आपोआप बदल जायेगा।</p>
<p>कभी भी अपने आपको 100% सही नहीं समझें। जब कभी आप अपनी बात को परोसें या अपना चिन्तन अपनों से साझा करें तो ये जरूर कहें कि हम भी गलत हो सकते हैं। फिर देखो आपकी बात का वजन कैसे बढ़ता है और सामने वाले पर उसका कैसा अद्भुत प्रभाव पड़ता है। हम अपने जैसे लोगों को ही पसंद क्यों करते हैं? जब हम किसी को अपने कार्यों की नकल करते देखते हैं, तो अच्छा महसूस करते हैं। किसी को अपनी बात दोहराते हुए सुनते हैं तो मन खुश हो जाता है। हम अपने जैसे लोगों को पसंद करते हैं। जब आप किसी से बोलते हैं कि मै आपको बहुत पसंद करता हूँ, तब कहने वाले का मकसद होता है मैं आपके जैसा ही हूँ। खान-पान, रहन-सहन, वाणी-व्यवहार, विचारों की विराटता, मन की उदारता और अंतरात्मा से आपके जैसा ही हूँ। आपकी एक स्माइल लोगों की जिन्दगी बदल सकती है और मन की स्मेल को दूर भगा सकती है। यदि कोई बहुत तनाव में है या चिन्ताओं से घिरा हुआ है तो आपकी एक मुस्कुराहट बता सकती है कि तनाव और चिन्ता किसी समस्या का समाधान नहीं है। चेहरे की प्रसन्नता बतलाती है कि दुनिया खुश गवार है। क्योंकि मुस्कुराने से हमारा कुछ भी नहीं जाता, ना इन्कम टेक्स, ना सेल्स टेक्स, ना जी एस टी, ना इ.डी की रेड ये सब फ्री है, इसलिए अपनी मुस्कुराहट को मत मरने दो। कौन क्या कर रहा है, क्यों कर रहा है, कब कर रहा है, इन सब से हम जितना दूर रहेंगे, चेहरे की प्रसन्नता उतनी ही ऊर्जावान और ओजपूर्ण होती जायेगी।</p>
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		<title>परिणाम निर्मल तो जीवन भी निर्मल: आचार्य श्री विनिश्चयसागर के प्रवचनों से अपार धर्म प्रभावना  </title>
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		<pubDate>Sat, 02 Aug 2025 11:37:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री विनिश्चय सागर महाराज का ससंघ वर्षायोग विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ चल रहा है। अपार धर्म प्रभावना हो रही है। प्रवचनों में नगर के गणमान्य और गुरु भक्त यहां लाभार्जन कर रहे हैं। रामगंजमंडी से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; रामगंजमंडी। नगर में आचार्यश्री विनिश्चय सागर महाराज का ससंघ वर्षायोग [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री विनिश्चय सागर महाराज का ससंघ वर्षायोग विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ चल रहा है। अपार धर्म प्रभावना हो रही है। प्रवचनों में नगर के गणमान्य और गुरु भक्त यहां लाभार्जन कर रहे हैं। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> नगर में आचार्यश्री विनिश्चय सागर महाराज का ससंघ वर्षायोग विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ चल रहा है। अपार धर्म प्रभावना हो रही है। आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि परिणाम निर्मल होंगे तो जीवन भी निर्मल होगा और जीवन से बहुत सारी चीज डिलीट होंगी। आपका तनाव एवं डिप्रेशन अलग हो जाएगा। अपने आप पर विश्वास करें। दूसरों पर विश्वास करना हमारी आदत है। आत्मविश्वास सबसे बड़ा विश्वास है, लोग सब पर विश्वास करते हैंए लेकिन स्वयं पर नहीं। आचार्य श्री ने मंत्र शक्ति के बारे में कहा कि मंत्र की शक्ति निर्मल परिणामों में प्रकट होती है। दूषित परिणामों में मंत्र की शक्ति प्रकट नहीं होती।</p>
<p>यदि मंत्र को शक्ति बनाना है तो परिणामों को निर्मल करना होगा। धर्म ध्यान में पहुंचना होगा तब जाकर मंत्र की उपलब्धि होगी। उन्होंने मंत्र के विषय में कहा कि मंत्र को जपते समय निर्मल परिणाम बना लोगे तो उपलब्धि होगी, यदि निर्मल परिणाम नहीं बनाओगे तो वह उपलब्धि नहीं होगी जो तुम चाहते हो। यदि निर्मल परिणाम नहीं बना तो मंत्र वह नहीं दे सकता, जिसकी आपको जरूरत है। उन्होंने णमोकार मंत्र के विषय में कहा कि णमोकार मंत्र को पढ़ना आसान नहीं है।</p>
<p>उसे अंतस चेतना से जाप करना कठिन काम है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि हम नहीं कर सकते। णमोकार मंत्र को यदि शुद्ध परिणाम से जपा जाए तो व्यंतर आदि कष्ट पीड़ा इसके अक्षर मंत्र से दूर होती है। मंत्र में बहुत ऊर्जा होती है। णमोकार मंत्र की पात्रता भी होनी चाहिएए बिना पात्रता के णमोकार मंत्र का लाभ नहीं है।</p>
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		<title>मुनिश्री सुधासागर जी महाराज संसघ का मंगल प्रवेश 10 जुलाई को: भव्य अगवानी अशोक नगर में तैयारियों में जुटे समाजजन  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Jul 2025 12:13:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का इन दिनों मंगल विहार जारी है। 10 जुलाई गुरुवार को सुबह नगर में भव्य अगवानी होगी। गुरुवार गुरुपूर्णिमा के अवसर पर मुनि श्री सुधासागर जी महाराज, क्षुल्लक गंभीर सागर,जी, क्षुल्लक वरिष्ठ सागर एवं क्षुल्लक विदेह सागर जी का सुबह वर्षायोग के लिए नगर प्रवेश होगा। अशोकनगर से पढ़िए, राजेश [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का इन दिनों मंगल विहार जारी है। 10 जुलाई गुरुवार को सुबह नगर में भव्य अगवानी होगी। गुरुवार गुरुपूर्णिमा के अवसर पर मुनि श्री सुधासागर जी महाराज, क्षुल्लक गंभीर सागर,जी, क्षुल्लक वरिष्ठ सागर एवं क्षुल्लक विदेह सागर जी का सुबह वर्षायोग के लिए नगर प्रवेश होगा। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, राजेश जैन दद्दू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोकनगर।</strong> मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का इन दिनों मंगल विहार जारी है। 10 जुलाई गुरुवार को सुबह नगर में भव्य अगवानी होगी। गुरुवार गुरुपूर्णिमा के अवसर पर मुनि श्री सुधासागर जी महाराज, क्षुल्लक गंभीर सागर,जी, क्षुल्लक वरिष्ठ सागर एवं क्षुल्लक विदेह सागर जी का सुबह वर्षायोग के लिए नगर प्रवेश होगा। यहां गुरुवार दोपहर में गुरुपुर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। जिले के समग्र समाज की ओर से भव्यातीत अगवानी की तैयारियां की गई है। पहली बार किसी दिगंबर साधु के लिए ऐतिहासिक अगवानी भारत में होने जा रही हैं। अशोक नगर की पुण्य धरा पर 33 वर्षों बाद मुनि श्री सुधासागर संसघ का भव्य मंगल आगमन होने जा रहा है।</p>
<p><strong>इस तरह की गई हैं तैयारियां</strong></p>
<p>ऐतिहासिक अगवानी की तैयारियां इस तरह से की गई है। 121 चांदी की थालियों में गुरुदेव का पाद प्रक्षालन होगा। नगर में 60 स्वागत द्वार लगाए जा रहे हैं। इनमें 4 सिंह द्वार भी होंगे। 33 जेसीबी से पुष्पवर्षा की जाएगी। 60 ट्रालों से भी पुष्पवर्षा होगी। 2 ड्रोन भी पुष्पवर्षा करेंगे। 15 किमी की भव्य रंगोली सजाई जाएगी। शोभायात्रा में 21 घोड़े व 2 हाथी, 10 बैंड, 54 ढोल, 11 डीजे से महिला संगठन सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए शामिल होंगी। प्रदेश भर से बड़ी संख्या में भक्त अगवानी के लिए आएंगे। 108 बालिकाएं अभिनंदन नृत्य प्रस्तुत करेंगी। प्रवचन के लिए 77 गुणा 350 फीट का वाटरप्रूफ पंडाल बनाया जा रहा है। 33 वर्षाें से गुरु चरणों की प्रतीक्षा में श्री दिगंबर जैन पंचायत एवं सकल दिगंबर जैन समाज अशोकनगर ने सभी गुरुभक्तों से अगवानी में सम्मिलित होकर पुण्यलाभ लेने की अपील की है।</p>
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		<title>मुनिश्री अपूर्वसागर जी ससंघ का वर्षायोग स्थापना 9 जुलाई को: मांगलिक कार्यक्रमों की रहेगी धूम  </title>
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		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 14:42:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[गींगला में आगामी 9 जुलाई को दोपहर 1 बजे से कलश स्थापना के कार्यक्रम शुरू होंगे। यहां पर मुनिश्री अपूर्वसागर जी, मुनिश्री अर्पितसागर जी, मुनिश्री अविवर्जित सागर जी का 2025 का वर्षायोग होने जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय समाजजनों में अपार उत्साह है। इस दौरान विभिन्न मांगलिक कार्यक्रम किए जाएंगे। गींगला से पढ़िए, यह [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>गींगला में आगामी 9 जुलाई को दोपहर 1 बजे से कलश स्थापना के कार्यक्रम शुरू होंगे। यहां पर मुनिश्री अपूर्वसागर जी, मुनिश्री अर्पितसागर जी, मुनिश्री अविवर्जित सागर जी का 2025 का वर्षायोग होने जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय समाजजनों में अपार उत्साह है। इस दौरान विभिन्न मांगलिक कार्यक्रम किए जाएंगे। <span style="color: #ff0000">गींगला से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>गींगला।</strong> गींगला में आगामी 9 जुलाई को दोपहर दो बजे से कलश स्थापना के कार्यक्रम शुरू होंगे। यहां पर मुनिश्री अपूर्वसागर जी, मुनिश्री अर्पितसागर जी, मुनिश्री अविवर्जित सागर जी का 2025 का वर्षायोग होने जा रहा है। गींगला के दसा-वीसा नागदा समाज का नोहरा में यह कार्यक्रम होंगे। 10 जुलाई गुरुवार को गुरुपूर्णिमा महोत्सव होगा। 11 जुलाई शुक्रवार को वीर शासन जयंती मनाई जाएगी। यहां वर्षायोग श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में होगा। 9 जुलाई को होने वाले मांगलिक कार्यक्रमों में दोपहर एक बजे ध्वरोहण, 1.15 बजे गुरु निमंत्रण, 1.30 बजे मंगलाचरण, 1.45 बजे चातुर्मास के लिए श्री फल भेंट, दोपहर 2 बजे पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट, शाम 6.10 बजे वर्षायोग स्थापना विधि, शाम 7.15 बजे मंगल प्रवचन आदि होंगे।</p>
<p>9 जुलाई को स्वामी वात्सल्य के पुण्यार्जक शाह हरेमल पुत्र छोगालाल, राजमल एवं मगनलाल केलावत परिवार रहेंगे। कार्यक्रम के आयोजक और निवेदक गींगला के सकल दिगंबर जैन समाज हैं। साथ ही युवा मंडल, महिला मंडल, बाल मंडल का भी सहयोग रहेगा। इसको लेकर स्थानीय समाजजनों में अपार उत्साह है। वर्षायोग के दौरान होने वाले कार्यक्रमों के लिए सकल दिगंबर गींगला की ओर से समाजजनों से अनुरोध किया गया है कि पुनीत कार्यक्रम में पधारकर पुण्यार्जन करें।</p>
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		<title>आर्यिका सुप्रज्ञ मति माताजी का वर्षायोग मंगल प्रवेश: समाजजनों ने बैंडबाजों के साथ पहुंचकर की अगवानी  </title>
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		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 14:35:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[खेरवाड़ा के नेमीनाथ जिनालय में तीन दशक बाद होने वाले चातुर्मास को लेकर आचार्य सुनीलसागर जी की शिष्या आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ने ससंघ सोमवार को नगर की सीमा में प्रवेश किया। उनके मंगल प्रवेश पर दशा हुमड़ जैन समाज ने पलक पांवड़े बिछाकर बैंडबाजे के साथ पुष्प वर्षा कर उनकी भव्य अगवानी की। खेरवाड़ा से [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>खेरवाड़ा के नेमीनाथ जिनालय में तीन दशक बाद होने वाले चातुर्मास को लेकर आचार्य सुनीलसागर जी की शिष्या आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ने ससंघ सोमवार को नगर की सीमा में प्रवेश किया। उनके मंगल प्रवेश पर दशा हुमड़ जैन समाज ने पलक पांवड़े बिछाकर बैंडबाजे के साथ पुष्प वर्षा कर उनकी भव्य अगवानी की। <span style="color: #ff0000">खेरवाड़ा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>खेरवाड़ा।</strong> नगर के नेमीनाथ जिनालय में तीन दशक बाद होने वाले चातुर्मास को लेकर आचार्य सुनीलसागर जी की शिष्या आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ने ससंघ सोमवार को नगर की सीमा में प्रवेश किया। उनके मंगल प्रवेश पर दशा हुमड़ जैन समाज ने पलक पांवड़े बिछाकर बैंडबाजे के साथ पुष्प वर्षा कर उनकी भव्य अगवानी की। समाज के उपाध्यक्ष विपिन बखारिया ने बताया कि चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष नरेद्र पंचोली के नेतृत्व में समाजजन नगर की सीमा संस्कृत स्कूल पहुंचे। जहां से आर्यिका संघ को निमंत्रण के साथ महावीर नगर के शांतिनाथ जिनालय तथा स्वस्तिक कॉलोनी में आदिनाथ मंदिर में ले जाया गया। शाह जी के कोठे पर महिला जैन बैंड की मधुर धुन, पुरुषों ने ग्यारह गन्ने की सेल दी। महिलाओं ने ग्यारह मंगल कलश के साथ मंगल गान किया। वहां से पुराने बस स्टैंड पर 31 जोड़ों द्वारा माताजी का पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी गई। पुरानी सब्जी मंडी में जुलूस के पहुंचने पर ड्रोन से पूरे मार्ग में गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की गई तथा महिला मंच द्वारा सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया।</p>
<p><strong>चातुर्मास में आत्म शुद्धि करे- आर्यिका सुप्रज्ञामति माताजी </strong></p>
<p>नेमीनाथ जिनालय पहुंचने पर आयोजित धर्म सभा में आर्यिका सुप्रज्ञामति माताजी ने कहा कि चातुर्मास के दौरान बहने वाली धर्म गंगा में स्नान कर अपनी आत्मा की शुद्धि करें। इससे पूर्व मंदिर पहुंचने पर आर्यिका संघ के सानिध्य में भगवान की शांतिधारा एवं अभिषेक किया गया। पूर्व आचार्यों के चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन तथा शास्त्र भेंट का लाभ वीरेंद्र बखारिया परिवार को प्राप्त हुआ जबकि, ध्वजारोहण करने का सौभाग्य बाबूलाल सर्राफ परिवार को प्राप्त हुआ। महिला मंच एवं युवा मंच के श्रावकों ने आकर्षक प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोह लिया। सबसे आगे घोड़े पर जैन ध्वज लिए तथा 4 जोड़े बुलेट मोटर मोटर साइकिल पर सवार होकर जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-84631" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250707-WA0034.jpg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250707-WA0034.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250707-WA0034-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250707-WA0034-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250707-WA0034-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250707-WA0034-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250707-WA0034-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250707-WA0034-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250707-WA0034-990x743.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />यह समाजजन भी रहे जुलूस में उपस्थित </strong></p>
<p>जुलूस में संरक्षक बाबूलाल सर्राफ, अध्यक्ष वीरेंद्र बखारिया, महामंत्री पंकज शाह, चातुर्मास कमेटी के मंत्री कुलदीप जैन, दिनेश जैन, बाबूलाल पारस कन्हाईलाल, रमन जैन, रमेश पंचोली, सतीश पंचोली, प्रवीण शाह, शांतिलाल पंचोली, हेवन जैन ,रोहित, कुशल जैन, राजेश शाह, रितेश जैन, सौरभ, विशाल, स्वराज पंचोली, लीना जैन, पीनल नीलम, रानू जैन, दीपिका शाह, जुगनू जैन, रोशन नागदा, रंजन जैन सहित बांसवाड़ा, सागवाड़ा, डूंगरपुर तथा अन्य गांवों से भारी संख्या में श्रावक उपस्थित थे।</p>
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		<title>मुनिश्री अपूर्वसागर जी ससंघ का वर्षायोग 9 जुलाई से: कलश स्थापना से आरंभ होंगे वर्षायोग के कार्यक्रम  </title>
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		<pubDate>Sat, 05 Jul 2025 07:17:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[गींगला में आगामी 9 जुलाई को दोपहर दो बजे से कलश स्थापना के कार्यक्रम शुरू होंगे। यहां पर मुनिश्री अपूर्वसागर जी, मुनिश्री अर्पितसागर जी, मुनिश्री अविवर्जित सागर जी का 2025 का वर्षायोग होने जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय समाजजनों में अपार उत्साह है। गींगला से पढ़िए, लक्ष्मीलाल चंपालाल जैन (बंबोरिया) की यह खबर&#8230; गींगला। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>गींगला में आगामी 9 जुलाई को दोपहर दो बजे से कलश स्थापना के कार्यक्रम शुरू होंगे। यहां पर मुनिश्री अपूर्वसागर जी, मुनिश्री अर्पितसागर जी, मुनिश्री अविवर्जित सागर जी का 2025 का वर्षायोग होने जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय समाजजनों में अपार उत्साह है। <span style="color: #ff0000">गींगला से पढ़िए, लक्ष्मीलाल चंपालाल जैन (बंबोरिया) की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>गींगला।</strong> गींगला में आगामी 9 जुलाई को दोपहर दो बजे से कलश स्थापना के कार्यक्रम शुरू होंगे। यहां पर मुनिश्री अपूर्वसागर जी, मुनिश्री अर्पितसागर जी, मुनिश्री अविवर्जित सागर जी का 2025 का वर्षायोग होने जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय समाजजनों में अपार उत्साह है। वर्षायोग के दौरान होने वाले कार्यक्रमों के लिए सकल दिगंबर गींगला की ओर से समाजजनों से अनुरोध किया गया है कि पुनीत कार्यक्रम में पधारकर पुण्यार्जन करे। हमें सेवा का अवसर प्रदान करें।</p>
<p><strong>इस तरह मिलते हैं आवागमन के साधन </strong></p>
<p>समाजजनों ने बताया कि मुम्बई से गीगंला के लिये पांच स्लीपर कोच बस प्रतिदिन चलती है। अहमदाबाद से गीगंला ट्रेवल्स की दो बसें चलती हैं। सूरत वाया गीगंला सीधी एक बस चलती है। जयपुर से वाया गींगला-सलुम्बर-बांसवाडा गोयल ट्रेवल्स की एक बस चलती है। ट्रेन मुम्बई-बांद्रा-उदयपुर निम्बाहेड़ा स्टेशन पर उतरकर डेढ़ घंटे में गीगंला पहुंचा सकते हैं।</p>
<p><strong>ट्रेन से भी इस तरह पहुंच सकते हैं गींगला </strong></p>
<p>मुम्बई अहमदाबाद से उदयपुर चलने वाली रेल गाड़ियों से आने पर डींगरी (जय समुद्र) स्टेशन पर उतरकर कर डेढ घंटे में गीगंला पहुंचा जा सकता है। उदयपुर से वाया कुराबड बम्बोरा हर एक घंटे बाद सूरज पोल से आगे हनुमान मन्दिर से बसें मीलती हैं जो ढाई घंटे में गींगला पहुंचा देती है। उदयपुर से वाया झामेश्वर महादेव जगत गींगला आने वाली बसें कृषि मंडी गेट के सामने से मिलती हैं। भींडर से वाया बंबोरा डेढ़ घंटे में पहुंचती है। सलुम्बर से गीगंला 22 किमी है। हर एक आधे घंटे में बस टेम्पो मिलते हैं। यहां भोजन, आवास, चाय, दूध, नाश्ते की समुचित व्यवस्था स्थानीय समाज ने की है। समाजजनों ने आह्वान किया कि चातुर्मास के दौरान पधारकर पुण्यार्जन प्राप्त करें।</p>
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		<title>बड़वाह की ओर से मुनिराजों का मंगल प्रवेश बुधवार को: चातुर्मास के लिए हो रहा है मंगल प्रवेश </title>
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		<pubDate>Tue, 01 Jul 2025 15:29:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[धर्म नगरी सनावद में वर्ष 2025 के वर्षायोग के लिए पधार रहे मुनिराजों का मंगल प्रवेश दो जुलाई को प्रातः 8 बजे बड़वाह की ओर से होगा। मुनि श्री विश्वसूर्य सागर जी व मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश बुधवार को प्रातः 8 बजे होगा। सभी समाजजन ट्राइएंगल चौराहे से द्वय मुनिराजों की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>धर्म नगरी सनावद में वर्ष 2025 के वर्षायोग के लिए पधार रहे मुनिराजों का मंगल प्रवेश दो जुलाई को प्रातः 8 बजे बड़वाह की ओर से होगा। मुनि श्री विश्वसूर्य सागर जी व मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश बुधवार को प्रातः 8 बजे होगा। सभी समाजजन ट्राइएंगल चौराहे से द्वय मुनिराजों की अगवानी करेंगे। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> धर्म नगरी सनावद में वर्ष 2025 के वर्षायोग के लिए पधार रहे मुनिराजों का मंगल प्रवेश दो जुलाई को प्रातः 8 बजे बड़वाह की ओर से होगा। वर्ष 2025 के वर्षायोग (चातुर्मास) के लिए गणाचार्य श्री विराग सागर जी, आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के शिष्य मुनि श्री विश्वसूर्य सागर जी व मुनिश्री साध्य सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश बुधवार को प्रातः 8 बजे बड़वाह की ओर से होगा। सभी समाजजन ट्राइएंगल चौराहे से द्वय मुनिराज की अगवानी करेंगे। मुनि सेवा समिति अध्यक्ष मुकेश जैन ने सभी समाजजनों से आग्रह किया है कि सभी समाजजन अपने अपने घरों पर रंगोली बनाकर द्वय मुनिराज के पाद प्रक्षालन कर पुष्पवृष्टि करें। द्वय मुनिराज नगर के प्रमुख मार्गाें से होकर जैन मंदिरों के दर्शन कर आजाद रोड स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर पहुंचेंगे। जहां जुलूस का समापन होकर संत निलय में धर्मसभा में परिवर्तित होगा। जहां द्वय मुनिराजों के मंगल प्रवचन होंगे। तत्पश्चात आहार चर्या होगी।</p>
<p><strong>मुनिराजों ने किए नमोकार धाम पोदनपुरम के दर्शन</strong></p>
<p>निरंतर इंदौर से पद विहार कर सनावद की ओर विहाररत मुनिराजो ने सनावद नगर के पास स्थित नमोकार धाम एवं सिद्धाचल पोदनपुरम क्षेत्र के दर्शन कर रात्रि विश्राम भी पोदनपुरम में किया। इस अवसर पर राकेश जैन, मुकेश जैन, अखिलेश जैन, सुधीर जैन, वारिश जैन, रौनक जैन अमित जैन, कविता जैन सहित अनेक समाजजन उपस्थित थे।</p>
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		<title>आचार्यश्री विहर्ष सागर महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश बुधवार को: आचार्य विराग सागरजी के प्रथम समाधि दिवस पर पूजन विनयांजलि सभा होगी </title>
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		<pubDate>Tue, 01 Jul 2025 10:03:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विहर्ष सागर महाराज ससंघ का राजस्थान में प्रथम बार आगमन हो रहा है। इसके बाद सलूंबर में वर्षायोग के लिए मंगल प्रवेश बुधवार सुबह होने जा रहा है। इनके स्वागत-अगवानी के लिए समाज की ओर से तैयारियां की जा रही है। 3 जुलाई से अष्टानिक पर्व प्रारंभ हो रहे हैं एवं 4 जुलाई [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री विहर्ष सागर महाराज ससंघ का राजस्थान में प्रथम बार आगमन हो रहा है। इसके बाद सलूंबर में वर्षायोग के लिए मंगल प्रवेश बुधवार सुबह होने जा रहा है। इनके स्वागत-अगवानी के लिए समाज की ओर से तैयारियां की जा रही है। 3 जुलाई से अष्टानिक पर्व प्रारंभ हो रहे हैं एवं 4 जुलाई को गणाचार्य विराग सागरजी महाराज के प्रथम समाधि दिवस पर विशेष पूजन एवं विनयांजलि सभा भी होगी। <span style="color: #ff0000">सलूंबर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p>सलूंबर गणाचार्य विरागसागर जी के शिष्य आचार्य श्री विहर्ष सागर महाराज ससंघ का राजस्थान में प्रथम बार आगमन हो रहा है। इसके बाद सलूंबर में वर्षायोग के लिए मंगल प्रवेश बुधवार सुबह होने जा रहा है। मुनि सेवा समिति के सचिव गजेंद्र शाह ने बताया कि बुधवार प्रातः अनेकांत कॉलेज से विहार करके मालवी कॉम्प्लेक्स दुदर पर जैन समाज ने आचार्यश्री की भव्य अगवानी की जाएगी। इसके बाद नगर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा निकाली जाएगी। जगह-जगह आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन किया जाएगा। सभी जिनालयों के दर्शन के बाद नागदा बाजार में स्थित धर्मसागर श्रमण भवन में धर्मसभा होगी। इसमें आचार्य श्री के मंगल प्रवचन होंगे।</p>
<p>कोषाध्यक्ष मणिलाल मालवी ने बताया कि आचार्य श्री के संघ में कुल 15 साधु संत हैं, जो इंदौर से पद विहार करते हुए प्रथम बार सलूंबर आ रहे हैं। इनके स्वागत-अगवानी के लिए समाज की ओर से तैयारियां की जा रही है। शोभायात्रा में समाज के युवा मंडल एवं महिला मंडलों की ओर से विशेष आयोजन किए जाएंगे। 3 जुलाई से अष्टाह्निक पर्व प्रारंभ हो रहे हैं एवं 4 जुलाई को गणाचार्य विराग सागरजी महाराज के प्रथम समाधि दिवस महोत्सव पर विशेष पूजन एवं विनयांजलि सभा भी होगी।<span id="more-84108"></span></p>
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		<title>आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी का 53 वां अवतरण दिवस मनाया: गुरु भक्तों ने भक्तिभाव से आशीर्वाद प्राप्त किया  </title>
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		<pubDate>Fri, 27 Jun 2025 08:43:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री विनिश्चयसागर जी का 53वां अवतरण दिवस भवानीमंडी में मनाया गया। रामगंजमंडी सकल दिगंबर जैन समाज ने पहुंचकर आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के अवतरण दिवस पर अपनी सहभागिता दी। रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;   रामगंजमंडी। आचार्य श्री विराग सागरजी के शिष्य आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी का 53 वां अवतरण [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री विनिश्चयसागर जी का 53वां अवतरण दिवस भवानीमंडी में मनाया गया। रामगंजमंडी सकल दिगंबर जैन समाज ने पहुंचकर आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के अवतरण दिवस पर अपनी सहभागिता दी। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>  रामगंजमंडी।</strong> आचार्य श्री विराग सागरजी के शिष्य आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी का 53 वां अवतरण दिवस भवानीमंडी मेडतवाल धर्मशाला में मनाया गया। आयोजन में उल्लास भक्ति भाव भरपूर दिखा। रामगंजमंडी सकल दिगंबर जैन समाज ने भी अपनी सहभागिता दी एवं गुरु चरणों में भक्ति भाव समर्पित किए। समारोह के शुभारंभ पर मंगलाचरण के बाद आचार्य श्री विराग सागरजी के चित्र का अनावरण सकल दिगंबर जैन समाज रामगंजमंडी संरक्षक अजीत सेठी, अध्यक्ष दिलीप विनायका, उपाध्यक्ष चेतन बागड़िया, मंत्री राजीव बाकलीवाल, पदम सुरलाया आदि ने किया। इस अवसर भवानीमंडी सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से इनका स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। रामगंजमंडी के महिला समूह एवं युवाओं में भी उत्साह भरपूर था।</p>
<p><strong>वर्षायोग के लिए श्रीफल भेंटकर निवेदन </strong></p>
<p>सकल दिगंबर जैन समाज रामगंजमंडी की ओर से विशेष श्रीफल सजाकर लाकर गुरुवर के चरणों में वर्षायोग के लिए श्रीफल भेंटकर निवेदन किया। 2 जुलाई को होने वाले प्रवेश पत्रिका का विमोचन भी किया गया। समाज की ओर से महावीर दिगंबर जैन महामंत्री पदम सुरलाया ने सभी से 2 जुलाई को रामगंजमंडी में होने जा रहे गुरुवर के प्रवेश में पधारने के लिए एवं 13 जुलाई को होने जा रही वर्षायोग कलश स्थापना में पधारने के लिए निवेदन किया। आचार्य श्री ने भी सभी को मंगल आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम के बाद आचार्यश्री का मंगल विहार भानपुरा की ओर हुआ।</p>
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