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	<title>Uttar Pradesh Government &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>मंदिरों के संरक्षण एवं विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध: विशेष योजना के तहत जीर्ण-शीर्ण मंदिरों का होगा रक्षण  </title>
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		<pubDate>Thu, 24 Jul 2025 13:42:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[उत्तरप्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों, मंदिरों के विकास, संरक्षण हेतु एक विशेष योजना चला रही है। राज्य सभा सांसद नवीन जैन ने उत्तरप्रदेश के जैन समाज के प्रबुद्धजन एवं मंदिर कमेटी के अध्यक्षों एवं मंत्रियों से संरक्षण के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। आगरा से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; आगरा। उत्तरप्रदेश सरकार धार्मिक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>उत्तरप्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों, मंदिरों के विकास, संरक्षण हेतु एक विशेष योजना चला रही है। राज्य सभा सांसद नवीन जैन ने उत्तरप्रदेश के जैन समाज के प्रबुद्धजन एवं मंदिर कमेटी के अध्यक्षों एवं मंत्रियों से संरक्षण के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> उत्तरप्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों, मंदिरों के विकास, संरक्षण हेतु एक विशेष योजना चला रही है। राज्य सभा सांसद नवीन जैन ने उत्तरप्रदेश के जैन समाज के प्रबुद्धजन एवं मंदिर कमेटी के अध्यक्षों एवं मंत्रियों को बताया कि उत्तरप्रदेश सरकार की ओर से धार्मिक स्थलों, मंदिरों के विकास संरक्षण के लिए विशेष योजना चलाई जा रही है। इसके तहत प्रदेश में जैन धर्म के ऐसे मंदिर, जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं अथवा मंदिर को जाने वाले मार्ग, उनके विकास के लिए आपकी नजर में कोई ऐसे मंदिर हो, जिनका विकास किया जाना आवश्यक है, ऐसे मंदिरों के विकास के लिए मंदिर कमेटी द्वारा एक प्रस्ताव बनाकर 15 दिवस’ में मेरे पीए शिवम् जैन के व्हाट्एप्स करें एवं हार्ड कॉपी मेरे आवास डी-53, कमला नगर आगरा पर भिजवाने का कष्ट करें। जिससे प्राप्त हुए प्रस्तावों को उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को अवगत कराया जा सके।</p>
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		<title>आचार्य विमर्श सागर जी ससंघ के चातुर्मास कलश की स्थापना : उत्तरप्रदेश सरकार शीघ्र देगी आचार्य श्री संघ को राज्य अतिथि का दर्जा </title>
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		<pubDate>Fri, 11 Jul 2025 13:28:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज का गुरुवार को 30 जैन संत और आर्यिकारत्न का श्री दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास कलश स्थापना दिवस भव्यता से धार्मिक परंपराओं और रीतियों के अनुरूप हुआ। सहारनपुर धरा वैसे तो उस समय ही पावन हो उठी जब एक साथ 30 मयूर पिच्छिका का पदार्पण सहारनपुर में हुआ। सहारनपुर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज का गुरुवार को 30 जैन संत और आर्यिकारत्न का श्री दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास कलश स्थापना दिवस भव्यता से धार्मिक परंपराओं और रीतियों के अनुरूप हुआ। सहारनपुर धरा वैसे तो उस समय ही पावन हो उठी जब एक साथ 30 मयूर पिच्छिका का पदार्पण सहारनपुर में हुआ। <span style="color: #ff0000">सहारनपुर से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सराहनपुर।</strong> आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज का गुरुवार को 30 जैन संत और आर्यिकारत्न का श्री दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास कलश स्थापना दिवस भव्यता से धार्मिक परंपराओं और रीतियों के अनुरूप हुआ। सहारनपुर धरा वैसे तो उस समय ही पावन हो उठी जब एक साथ 30 मयूर पिच्छिका का पदार्पण सहारनपुर में हुआ। उनके दर्शनों का पुण्य अर्जन करने के लिए लाखों की संख्या में लोग उमड पड़े। हर कोई उनकी आरती कर पद प्रक्षालण कर पुण्य को अर्जन कर लेना चाहता था। महिलाओं ने तो नृत्य कर संतों का अभिनंदन किया। वहीं चातुर्मास कलश स्थापना दिवस पर श्रद्धालुओं की ही नहीं बल्कि नौ राज्यों से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी। दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब आदि कई राज्यों से श्रद्धालु सुबह से ही आना शुरू हो गए थे और आचार्य श्री के जयकारों से वातावरण गूंजायमान हो उठा था। मुख्य कलश विमर्श सागर दिल्ली परिवार ने जबकि अन्य तीन कलश जैन समाज के अध्यक्ष राजेश कुमार जैन, उपाध्यक्ष विपिन जैन और तीसरा कलश अविनाश जैन नाटी उपमंत्री ने लिया।</p>
<p>विधायक राजीव गुंबर, महापौर डॉ. अजयसिंह ने अपने पार्षदों के साथ कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई और आचार्य श्री से आशीर्वाद लिया। बता दें कि सहारनपुर के इतिहास में यह पहली बार है जब 30 मयूर पिच्छिका एक साथ सहारनपुर के जैन मंदिर में विराजमान हैं। 30 जैन संत और आर्यिका रत्न का जैन बाग स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास कलश स्थापना का भव्य कार्यक्रम का प्रारंभ जैन संत के अगवानी तथा ध्वजारोहण से हुआ। गुरु पूर्णिमा महापर्व के साथ सहारनपुर धर्मनगरी को विशाल संघ के साथ आचार्य श्री 108 विमरसागर जी (ससंघ 30 पिच्छी) का वर्ष 2025 का मंगलमय चातुर्मास कराने का महासौभाग्य प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>दो बालिकाओं ने त्याग तपस्या का संकल्प लिया</strong></p>
<p>जैनबाग प्रांगण में प्रातःकाल की मंगल बेला में गुरुपूर्णिमा महापर्व के साथ आचार्यसंघ के मंगलमय चातुर्मास की मंगलमय कलश स्थापना हुई। विशाल धर्म सभा के मध्य मंगलाचरण द्वारा सभा आरंभ हुई। चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के साथ आचार्य गुरुवर के चरण कमलों का प्रक्षालन छिंदवाड़ा मप्र से पधारे ‘जिनागम पंथी यमन जैन’ द्वारा एवं शास्त्र भेंट दिल्ली से पधारे जिनागम पंथी टीनू जैन द्वारा किया गया। आचार्यश्री के संघ अनुशासन, वात्सल्य एवं निर्दाेष चर्या से प्रभावित होकर दिल्ली कृष्णा नगर के जैन परिवार मूलचंद जैन की सुपुत्री सिद्धि जैन एवं उपेन्द्र जैन की सुपुत्री ईशा जैन इन दोनों ने अपने घर-परिवार संसार से मोह त्यागकर आचार्य श्री की शरण में आत्म-समर्पण किया। गुरुपूर्णिमा महापर्व से ये दोनों ही बालिकाएं त्याग-साधना पूर्वक अपना आगामी जीवन सार्थक करते हुए आध्यात्मिक ऊंचाईयों को प्राप्त करेंगी।</p>
<p><strong>विधायक और मेयर ने की कलश स्थापना की अनुमोदना </strong></p>
<p>मंगल कलश स्थापना की अनुमोदना करने सहारनपुर नगर के मेयर डॉ. अजयसिंह एवं नगर विधायक राजीव गुंबर ने आचार्य श्री के चरणों में उपस्थित होकर गुरुवर के श्री चरणों में अपनी भावांजलि समर्पित की। आचार्य श्री ने दोनों ही राजनेताओं को अपना शुभाशीष प्रदान किया। नगर विधायक राजीव गुंबर ने कहा कि आचार्य श्री का आशीर्वाद मिलना ही अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य है और वह इसके लिए अपने भाग्य को सराहते हैं। महापौर अजय सिंह ने आचार्य श्री के चरणों में श्रीफल भेंट करते हुए कहा कि आचार्य श्री अपने त्याग ज्ञान के साथ-साथ अहिंसा परमो धर्म के लिए पूरे विश्व में पूजनीय है। जैन समाज के अध्यक्ष राजेश कुमार जैन ने कहा कि सहारनपुर के इतिहास में पहली बार जैन संतों का संघ सहारनपुर नगर मे आगमन हुआ है। यह निश्चित ही यहां के प्रत्येक व्यक्ति के पुण्य का फल है कि हमें अपने ज्ञान की पिपासा शांत करने का अवसर मिला है। उन्होंने बाहर से आए सभी व्यक्तियों का सभी श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। जैन समाज के संरक्षक और भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि यह बहुत बड़ा सौभाग्य है कि हमें अपने चक्षुओं से जैन संतों का त्याग तपस्या उनकी जीवनचर्या देखने को मिलती है।</p>
<p><strong>महागुरु के रूप में तीर्थंकर प्रभु महावीर स्वामी को प्राप्त किया</strong></p>
<p>धर्मसभा में आचार्यश्री ने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा महापर्व है। आज के दिन वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर स्वामी को एक महान शिष्य इंद्रभूति गौतम की गणधर परमेष्ठी के रूप में प्राप्ति हुई थी। तीर्थकर भगवान की दिव्य वाणी मुख्य गणधर के नहीं खिरती है। वहीं दूसरी दृष्टि से देखें तो एक महा मिथ्यात्वी अज्ञानी जीव ने अपने अज्ञानता को छोड़कर, मिथ्यात्व को त्यागकर जगत् के महागुरु के रूप में तीर्थंकर प्रभु महावीर स्वामी को प्राप्त किया था। इसीलिए मैं कहता हूं कि आज तो यथार्थ में शिष्य पूर्णिमा है क्योंकि, श्आज एक भव्य प्राणी परमगुरु, महागुरु को पाकर पूर्णता को प्राप्त हुआ था। वे महागुरु महावीर स्वामी तो पूर्व से ही पूर्ण थे। आज तीर्थकर भगवान महावीर स्वामी, गुरु एवं हमारे दीक्षा-शिक्षा प्रदाता आचार्यश्री विरागसागर जी के चरण कमलों में अनंत गुण भक्ति सहित वंदन आराधन करते हैं।</p>
<p><strong>इन्होंने लिया कलश स्थापना का सौभाग्य </strong></p>
<p>आचार्य संघ के मंगल चातुर्मास का मुख्य कलश राजधानी दिल्ली के अनुभव-अनुराग जैन ‘अहिंसा विमर्श परिवार’ ने एक बड़ी राशि दान में लेकर स्थापित करने का महासौभाग्य प्राप्त किया जबकि, अन्य तीन कलश पांच लाख पचपन हजार के हिसाब से जैन समाज के अध्यक्ष राजेश कुमार जैन, उपाध्यक्ष विपिन जैन चांदी वाले और तीसरा कलश अविनाश जैन नाटी लेने वाले सौभाग्य शाली बने। जबकि अन्य 40 कलश 1 लाख 21 हजार के हिसाब से समाज के अन्य प्रमुख लोगों ने लिए। आचार्य श्री ने अपने चार माह के प्रवास की सीमा 50 किमी की निर्धारित की। आगामी चार माह में सहारनपुर के श्रावक-श्राविकाएं विभिन्न प्रकार से ज्ञान-तप-आराधना में संलग्न रहेंगे।</p>
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		<title>उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने किया विमोचनः सहज पथगामी ग्रंथ का भव्य विमोचन हुआ </title>
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		<pubDate>Tue, 04 Mar 2025 09:56:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज के ससंघ सानिध्य में मैनपुरी के मुनिश्री सहज सागरजी महाराज के जीवनवृत्त पर आधारित ग्रंथ ‘सहज पथगामी‘ का भव्य विमोचन उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के करकमलों से हुआ। इस मौके पर विद्वानों ने मुनिश्री सहज सागरजी महाराज का गुणानुवाद करते हुए कहा कि मुनिश्री सहज [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज के ससंघ सानिध्य में मैनपुरी के मुनिश्री सहज सागरजी महाराज के जीवनवृत्त पर आधारित ग्रंथ ‘सहज पथगामी‘ का भव्य विमोचन उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के करकमलों से हुआ। इस मौके पर विद्वानों ने मुनिश्री सहज सागरजी महाराज का गुणानुवाद करते हुए कहा कि मुनिश्री सहज सागरजी महाराज ने दिगम्बर मुनि दीक्षा लेकर मैनपुरी को गौरवान्वित किया है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मैनपुरी की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मैनपुरी।</strong> श्री प्रसन्न सहज सभा मंडप में आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज के ससंघ सानिध्य में मैनपुरी के मुनिश्री सहज सागरजी महाराज (गृहस्थ अवस्था के डॉ. सुशील जैन मैनपुरी) के जीवनवृत्त पर आधारित ग्रंथ ‘सहज पथगामी‘ का भव्य विमोचन उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के साथ ही आयोजन में पधारे विद्वानों ने किया। देश प्रमुख विद्वानों में प्रोफेसर फूलचंद्र ‘प्रेमी‘, वाराणसी, प्रोफेसर अशोक कुमार जैन, वाराणसी, डॉ सुरेन्द्र कुमार जैन ‘भारती‘, बुरहानपुर, एडवोकेट अनूपचंद्र जैन, फिरोजाबाद, डॉ. पंकज जैन, इंदौर, डॉ सुनील जैन ‘संचय‘, ललितपुर, ग्रंथ के संपादक डॉ. कमलेश जैन, वाराणसी, डॉ. सौरभ जैन, मैनपुरी, डॉ. स्वाति जैन मैनपुरी, डॉ सुशील जैन, कुरावली ने किया।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-75821" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250304-WA0013.jpg" alt="" width="1152" height="524" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250304-WA0013.jpg 1152w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250304-WA0013-300x136.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250304-WA0013-1024x466.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250304-WA0013-768x349.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250304-WA0013-990x450.jpg 990w" sizes="(max-width: 1152px) 100vw, 1152px" />मुनि दीक्षा लेकर मैनपुरी को गौरवान्वित किया </strong></p>
<p>इस मौके पर विद्वानों ने मुनिश्री सहज सागरजी महाराज का गुणानुवाद करते हुए कहा कि मुनिश्री सहज सागरजी महाराज ने दिगम्बर मुनि दीक्षा लेकर मैनपुरी को गौरवान्वित किया है। वे श्रमण संस्कृति के दैदीप्यमान नक्षत्र के रूप में श्रमण परंपरा को गौरवान्वित कर रहे है। नगर गौरव मुनिश्री सहज सागरजी महाराज ने अपनी पीयूष देशना में मैनपुरी में बिताए अपने जीवन के बहुमूल्य पलों के अनेक संस्मरण सुनाकर उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।</p>
<p><strong>संसार को मन में बसा लेना बुरा है</strong></p>
<p>इस मौके पर अंतर्मना आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने कहा कि व्यक्ति का धन नहीं व्यक्ति के व्यवहार, उसकी वाणी को लोग याद रखते हैं। उन्होंने कहा कि अप्रभावना नहीं करना ही प्रभावना है। उन्होंने कहा कि संसार में रहना बुरा नहीं है, संसार को मन में बसा लेना बुरा है। सरस्वती पुत्र, जिनवाणी के लालों से खूब प्रभावना हो रही है। स्वाध्याय के साथ चारित्र का भी ध्यान रखें। जीवन में परिवर्तन तभी संभव है जब भीतर से अटैचमेंट हो। जब तक विचारों को छानकर नहीं पीएंगें तब तक मन पवित्र नहीं हो सकता। उतना कमाओ जिससे जीवन आनन्दपूर्वक जी सको। मुनिश्री सहज सागरजी ने अपनी साधना से गौरवान्वित किया है।</p>
<p><strong>अनेक कृतियों का विमोचन किया </strong></p>
<p>इस मौके पर मुनिश्री पीयूष सागरजी महाराज एवं मुनिश्री नवपदम सागरजी महाराज ने भी अपने प्रवचनों में आचार्य प्रवर प्रसन्न सागरजी महाराज एवं नगर गौरव मुनिश्री सहज सागरजी महाराज के व्यक्तित्व-कृतित्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज का पूजन संगीत व अगाध श्रद्धा के साथ किया गया। इस मौके पर आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज की कृति मेरी बिटिया सहित अनेक कृतियों का विमोचन किया।</p>
<p><strong>ज्योति आमगे रही आकर्षक का केंद्र</strong></p>
<p>आयोजन में दुनिया की सबसे छोटी महिला ज्योति आमगे नागपुर की आकर्षण की केंद्र रहीं। 32 वर्षीय ज्योति दुनिया की सबसे छोटी महिला होने का यह अवार्ड गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज है।</p>
<p><strong>आचार्य श्रीसंघ को साहित्य भेंट </strong></p>
<p>परम पूज्य आचार्यश्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं संघ को विद्वत्रत्न प्रो.अशोककुमार जैन अभिनन्दन ग्रन्थ, डॉ. सुरेन्द्र जैन भारती द्वारा लिखित मुक्तक त्रिशतक, आचार्य समन्तभद्र और रत्नकरण्डक श्रावकाचार, अ.भा.दि.जैन विद्वत्परिषद् पत्रिका-विद्वद्-वार्ता प्रदान की गयी। इसी कड़ी में प्रो. फूलचन्द जैन प्रेमी ने मूलाचार भाषा वचनिका, डॉ. सुनील जैन संचय ने अपने द्वारा सम्पादित सुरभित मैत्री तथा शास्त्री परिषद् बुलेटिन आचार्यश्री को भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कमलेश जैन वाराणसी, डॉ. सौरभ जैन मैनपुरी ने संयुक्त रूप से किया।</p>
<p><strong>गणमान्य अतिथिगण मौजूद रहे </strong></p>
<p>आयोजन समिति की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह मुख्य अतिथि, समागत विद्वानों एवं सभी अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जम्बूप्रसाद जैन, गाजियाबाद, पूर्व विधान परिषद एमएलसी श्री पुष्पराज पम्मी, कन्नौज आदि प्रमुखता से उपस्थित रहे। इस मौके पर अनेक गणमान्य अतिथिगण मौजूद रहे। सैकड़ों की संख्या में आयोजन में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल रहे।</p>
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