<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Unity &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/unity/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Thu, 26 Jun 2025 07:54:25 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Unity &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>तीर्थ और मंदिरों की सुरक्षा के लिए एक होना होगा : एकजुटता का आह्वान किया </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/we_have_to_unite_to_protect_pilgrimage_sites_ad_temples/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/we_have_to_unite_to_protect_pilgrimage_sites_ad_temples/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Jun 2025 07:54:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Call]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Pilgrimage and Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Security]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Unity]]></category>
		<category><![CDATA[आह्वान]]></category>
		<category><![CDATA[एकजुटता]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[तीर्थ और मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सुरक्षा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=83809</guid>

					<description><![CDATA[यदि धर्म का मूल मंत्र अहिंसा है तो इसका मतलब यह नहीं है कि कोई कुछ भी अन्याय करे और उसका विरोध नहीं कर सकते। यह बात मुंबई निवासी मृगेंद्र जैन ने कही। मुंबई से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; मुंबई। अहिंसा और शाकाहार यह मूल सिद्धांत किस प्रमुख धर्म का है। इसको [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>यदि धर्म का मूल मंत्र अहिंसा है तो इसका मतलब यह नहीं है कि कोई कुछ भी अन्याय करे और उसका विरोध नहीं कर सकते। यह बात मुंबई निवासी मृगेंद्र जैन ने कही। <span style="color: #ff0000">मुंबई से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुंबई।</strong> अहिंसा और शाकाहार यह मूल सिद्धांत किस प्रमुख धर्म का है। इसको जानने से पहले यह समझना होगा कि यदि धर्म का मूल मंत्र अहिंसा है तो इसका मतलब यह नहीं है कि कोई कुछ भी अन्याय करे और उसका विरोध नहीं कर सकते। यह बात मुंबई निवासी मृगेंद्र जैन ने कही। उन्होंने कहा कि जैन धर्म का मूल सिद्धांत अहिंसा परमो धर्म है। जिस धर्म में यह शिक्षा दी जाती है, भाव भी आते हैं तो वो हिंसा की श्रेणी में आते हैं। वाणी भी यदि कटुता वैमनस्यता होती तो भी हिंसा कहलाएगी। ऐसा जैन धर्म है। अहिंसा को जिस गहराई और सुक्षा स्तर तक अपनाया है। जैन धर्म को मानने वाले किसी भी तरह की हिंसा नहीं करते, किसी के धार्मिक स्थल पर कब्जा नहीं करते। साधु संतों विहार के समय क्यों एक्सीडेंट करते है, क्यों मारपीट करते है । साधु संत के पास कुछ नहीं होता, वो किसी से कोई दुर्व्यवहार नहीं करते। अन्य लोग जैनों द्वारा बनाए गए तीर्थो, उनकी जमीनों पर क्यों कब्जा करते है । स्वयं अपने धार्मिक स्थलों का निर्माण क्यों नहीं करते। आज पुरानी से पुरानी सभ्यता मिलती है उसमें जैनों की मूर्ति शिलालेख मिलते है । यह इस बात का प्रमाण है कि जैन धर्म शाश्वत है।</p>
<p><strong>जैन अहिंसा को प्रमुखता से मानता है तो&#8230;</strong></p>
<p>जैनों को अल्पसंख्यक मानते है पर उनको उसका कितना लाभ मिलता या फिर जैन उसका उपयोग करते है यह भी विचारणीय है। जैन अहिंसा को प्रमुखता से मानता है तो अपनी सुरक्षा भी करना जनता है। जिस दिन सभी जैन एक हो गए उस दिन उनसे बड़ा कोई रक्षक नहीं होगा। अभी हमको पंथों में बाट रखा है और एक होने में बाधा डालते है कि यह एक नहीं होने चाहिए यदि इनमें एकता हो गई तो फिर यही राज करेंगे। देखो, जैन लोग देश की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या होते हुए भी अल्पसंख्यक बने है। सभी सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं लेते । सबसे अधिक रेवेन्यू दे रहे है । किस तरह से देश सुरक्षा और सेवा करते है यह सब दिखता है । लेकिन उनमें एकता है तो सभी उनके पीछे भागते हैं। अब समय आ गया है कि हम सब जैनों को एक हो जाना चाहिए। हमारे सभी तीर्थ किसी भी पंथ के हो पहले वो जैन तीर्थ है। उसकी रक्षा करना प्रत्येक जैन का धर्म होना चाहिए।</p>
<p><strong>सरकार को 24 प्रतिशत तक रेवेन्यू देते हैं</strong></p>
<p>जिस दिन यह भावना आ गई तब अपने तीर्थ और धार्मिक स्थल क्या देश की भी सुरक्षा करने में समर्थ होंगे। सरकार को 24 प्रतिशत तक रेवेन्यू देते हैं। सबसे ज्यादा शिक्षित होने के बाद भी शांति पूर्वक देश की प्रगति और नियमों का पालन करने में तत्पर आगे रहते है । जैनों के सिद्धांतों को अपनाते हैं। अपरिग्रह, यदि जैन धर्म की सिद्धांतों को थोड़ा सा भी अपना ले तो बहुत सी समस्याओं का समाधान स्वयं हो जाएगा। आज का मूल मंत्र बंटेंगे तो कटेंगे एक है तो सैफ हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/we_have_to_unite_to_protect_pilgrimage_sites_ad_temples/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैन उपनाम को अपनाने का समाज से आग्रह : धर्म जागृति मंच ने की अपील </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/society_urged_to_adopt_jain_surname/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/society_urged_to_adopt_jain_surname/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Jun 2025 16:52:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Dharma Jagrukti Sansthan]]></category>
		<category><![CDATA[Census]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain Nagauri Temple Trust Old Dhan Mandi]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Foundation Stone Laying of New Altar and World Peace Mahayagna]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Surname]]></category>
		<category><![CDATA[Kuchaman City]]></category>
		<category><![CDATA[Shared Heritage]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Strength]]></category>
		<category><![CDATA[Unity]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान]]></category>
		<category><![CDATA[एकता]]></category>
		<category><![CDATA[कुचामन सिटी]]></category>
		<category><![CDATA[जनगणना]]></category>
		<category><![CDATA[जैन उपनाम]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[दिगम्बर जैन नागौरी मंदिर ट्रस्ट पुरानी धानमंडी]]></category>
		<category><![CDATA[नवीन वेदी शिलान्यास एवं विश्व शांति महायज्ञ]]></category>
		<category><![CDATA[शक्ति]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सांझा विरासत]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=82417</guid>

					<description><![CDATA[भारत सरकार के आंकड़ों में जैन समाज की संख्या काफी कम अंकित है । इसका मूल कारण जैन समाज बंधुओं द्वारा स्वयं के नाम के साथ जैन न लिखते हुए अपने गोत्र आदि लिखना है। अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान की ओर से अपील की गई है। नईदिल्ली से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भारत सरकार के आंकड़ों में जैन समाज की संख्या काफी कम अंकित है । इसका मूल कारण जैन समाज बंधुओं द्वारा स्वयं के नाम के साथ जैन न लिखते हुए अपने गोत्र आदि लिखना है। अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान की ओर से अपील की गई है। <span style="color: #ff0000">नईदिल्ली से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत सरकार के आंकड़ों में जैन समाज की संख्या काफी कम अंकित है । इसका मूल कारण जैन समाज बंधुओं द्वारा स्वयं के नाम के साथ जैन न लिखते हुए अपने गोत्र आदि लिखना है। दिगंबराचार्य वसुनंदी जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से संचालित संस्था अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान के महामंत्री इंजीनियर भूपेंद्र जैन ने बताया कि सरकार द्वारा की जाने वाली जनगणना में हमारे अधिकांशतः भाई बंधु जैन नहीं लिखाते बल्कि जैन के स्थान पर अपना गोत्र आदि लिखाते हैं। जिससे सरकारी आंकड़ों में जैन बंधुओं की संख्या हकीकत से काफी कम अंकित है। आगामी जनगणना में हम सभी को धर्म और जाति के खाने में जैन अवश्य लिखना होगा।</p>
<p>इंजीनियर भूपेंद्र जैन के मुताबिक बहुतायत संख्या में हमारे भाई बंधु अपने नाम के साथ जैन न लिखते हुए गोत्र आदि लिखते हैं। जो कि किसी भी दृष्टि से उचित नहीं हैं। हम अपने सम्मानित जैन समुदाय के सभी सदस्यों से विनम्रतापूर्वक और गर्व के साथ आग्रह करते हैं कि वे अपने नाम में &#8220;जैन&#8221; उपनाम जोड़ने पर विचार करें। यह केवल एक नाम नहीं, बल्कि हमारी एकता, शक्ति और सांझा विरासत का प्रतीक है।</p>
<p><strong>सशक्तिकरण के लिए एक जुटता दिखानी होगी</strong></p>
<p>आज के विविधतापूर्ण समाज में, जहाँ अन्य समुदाय अपनी सांस्कृतिक पहचान और एकजुटता से सशक्त होते जा रहे हैं। वहीं हम जैन लोग उपजातियों में बंटे होकर सशक्त नहीं हो पा रहे हैं। हमें सशक्तिकरण के लिए एक जुटता दिखानी होगी । &#8220;जैन&#8221; उपनाम को अपनाना हमें एकजुट होकर गर्व के साथ यह दर्शाने का अवसर देता है कि हम उस दर्शन के अनुयायी हैं जो अहिंसा, सत्य और करुणा पर आधारित है। यह हमारी एकता को प्रकट करता है। हमारे पूर्वजों को सम्मान देता है और समाज में हमारी उपस्थिति को और सशक्त बनाता है।</p>
<p><strong>संस्था की ओर से जारी किया पत्र</strong></p>
<p>हम सभी समाज बंधु एकता और पहचान के इस कदम में एकजुटता के साथ आंगे आएँ। &#8220;जैन&#8221; उपनाम को अपनाकर हम न केवल यह बताते हैं कि हम कौन हैं, बल्कि यह भी कि हम किन अमूल्य मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। धर्म जागृति मंच के राष्ट्रीय महामंत्री इंजीनियर भूपेंद्र जैन ग्रीनपार्क दिल्ली ने संस्था की ओर से जारी पत्र में सभी साधर्मी बंधुओं से अपने नाम और गोत्र के साथ जैन लिखने की अपील की है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/society_urged_to_adopt_jain_surname/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ज्ञान तीर्थ क्षेत्र का विकास और सभी आवश्यकता पूरी की जाएगी: कलेक्टर सहित अधिकारियों ने विश्व शांति और जनकल्याण की कामना की </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/development_of_gyan_teerth_kshetra_and_all_the_requirements_will_be_fulfilled/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/development_of_gyan_teerth_kshetra_and_all_the_requirements_will_be_fulfilled/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 08:41:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Additional Collector CB Prasad]]></category>
		<category><![CDATA[BJP former District President Yogesh Pal Gupta]]></category>
		<category><![CDATA[Collector Ankit Asthana]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Indore श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Integrity and World Peace]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[morena]]></category>
		<category><![CDATA[Municipal Corporation Commissioner Satendra Singh Dhakare]]></category>
		<category><![CDATA[Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Gyan Tirtha Kshetra]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Tirtha Kshetra Committee]]></category>
		<category><![CDATA[Unity]]></category>
		<category><![CDATA[Worship]]></category>
		<category><![CDATA[Worship of the Lord]]></category>
		<category><![CDATA[अखंडता और विश्व शांति]]></category>
		<category><![CDATA[अपर कलेक्टर सीबी प्रसाद]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[एकता]]></category>
		<category><![CDATA[कलेक्टर अंकित अस्थाना]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[तीर्थ क्षेत्र कमेटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[नगर निगम कमिश्नर सतेंद्रसिंह धाकरे]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा-अर्चना]]></category>
		<category><![CDATA[प्रभु की वंदना]]></category>
		<category><![CDATA[भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष योगेश पाल गुप्ता]]></category>
		<category><![CDATA[मुरैना]]></category>
		<category><![CDATA[श्री ज्ञान तीर्थ क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[साधु]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=77064</guid>

					<description><![CDATA[श्री ज्ञान तीर्थ क्षेत्र में बुधवार को कलेक्टर अंकित अस्थाना, अपर कलेक्टर सीबी प्रसाद, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष योगेश पाल गुप्ता और नगर निगम कमिश्नर सतेंद्रसिंह धाकरे ने दर्शन किए। प्रभु की वंदना की। कलेक्टर ने क्षेत्र के विकास और सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर सभी अधिकारी अतिथियों का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री ज्ञान तीर्थ क्षेत्र में बुधवार को कलेक्टर अंकित अस्थाना, अपर कलेक्टर सीबी प्रसाद, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष योगेश पाल गुप्ता और नगर निगम कमिश्नर सतेंद्रसिंह धाकरे ने दर्शन किए। प्रभु की वंदना की। कलेक्टर ने क्षेत्र के विकास और सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर सभी अधिकारी अतिथियों का अभिनंदन किया गया। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए अजय जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<p><strong><del></p>
<hr />
<p></del>मुरैना।</strong> एबी रोड़ स्थित श्री ज्ञान तीर्थ क्षेत्र में बुधवार को कलेक्टर अंकित अस्थाना, अपर कलेक्टर सीबी प्रसाद, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष योगेश पाल गुप्ता और नगर निगम कमिश्नर सतेंद्रसिंह धाकरे ने पहुंचकर वीतरागी प्रभु की वंदना की और आचार्यश्री ज्ञान सागर जी के चित्र के दर्शन किए। इस दौरान सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने तीर्थ क्षेत्र परिसर का भ्रमण किया और विकास कार्यों की जानकारी ली। तीर्थ पर सभी अधिकारियों को अंग वस्त्र भेंटकर, केसर तिलक लगाकर सम्मानित किया गया। सम्मान करने वालों में भूपेंद्र जैन ग्वालियर केट अध्यक्ष, महेशचंद जैन ठेकेदार, नीलेश जैन, विजय जैन गहना ज्वैलर्स, पंकज जैन, मनीष जैन, आयु जैन वंदना साड़ी, जिनेश जैन तेल वाले, राहुल जैन दूध वाले, मुकेश जैन आदि शामिल रहे।</p>
<p><strong>जिनेंद्र भगवान की प्रतिमाएं देख अभिभूत हुए अतिथि</strong></p>
<p>कलेक्टर ने क्षेत्र का निरीक्षण कर क्षेत्र के विकास और सभी आवश्यकता पूरी करने का तीर्थ क्षेत्र कमेटी को आश्वासन दिया। इस दौरान भूपेंद्र जैन ने बताया कि आचार्य श्री ज्ञानसागर जी द्वारा स्थापित यह तीर्थ क्षेत्र धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ आगामी दिनों में समाज सेवा का भी बड़ा केंद्र बनेगा। कलेक्टर ने मुख्य मंदिर में श्रीजी के दर्शन कर देश की एकता, अखंडता और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। मंदिर में उन्होंने करीब 25 मिनट तक तीर्थकर भगवान की प्रतिमा की विशेष पूजा की। मंदिर के मुख्य पुजारी ने मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा-अर्चना करवाई। योगेश पाल गुप्ता ने भगवान जिनेंद्र के उपदेशों को आमजन तक पहुंचाने के साथ उनके सिद्धांतों पर चलने की बात कही। सभी अतिथि जिनेंद्र भगवान की प्रतिमाएं देखकर अभिभूत हुए। साथ ही मंदिर की आकर्षक बनावट से वह मंत्रमुग्ध हो गए। सभी ने जिनेंद्र प्रभु की प्रतिमाओं को भावपूर्ण निहारा और कहा कि वर्तमान में विश्व में शांति लाने के लिए भगवान महावीर के सिद्धांतों को अपनाना आवश्यक है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/development_of_gyan_teerth_kshetra_and_all_the_requirements_will_be_fulfilled/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
