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	<title>Two Day &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>सफल दांपत्य जीवन के लिए समझदारी होना चाहिए : आचार्यश्री के सानिध्य में दो दिवसीय दाम्पत्य सेमिनार संपन्न </title>
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		<pubDate>Mon, 22 Sep 2025 09:58:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दो दिवसीय दंपति सेमिनार का समापन रविवार की बेला में हुआ। यह सेमिनार आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में हुआ। इस सेमिनार में बाहर से आए वक्ताओं ने गृहस्थी धर्म में सामंजस्य के साथ संस्कार एवं आपसी मेलजोल के विषय में सभी को समझाया। रामगंजमंडी से पढ़िए, यह खबर&#8230; रामगंजमंडी। दो दिवसीय दंपति सेमिनार [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दो दिवसीय दंपति सेमिनार का समापन रविवार की बेला में हुआ। यह सेमिनार आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में हुआ। इस सेमिनार में बाहर से आए वक्ताओं ने गृहस्थी धर्म में सामंजस्य के साथ संस्कार एवं आपसी मेलजोल के विषय में सभी को समझाया। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी</strong>। दो दिवसीय दंपति सेमिनार का समापन रविवार की बेला में हुआ। यह सेमिनार आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में हुआ। इस सेमिनार में बाहर से आए वक्ताओं ने गृहस्थी धर्म में सामंजस्य के साथ संस्कार एवं आपसी मेलजोल के विषय में सभी को समझाया। इसी के साथ आचार्य श्री के संघस्थ मुनि श्री प्रत्यक्ष सागरजी महाराज, मुनिश्री प्रांजल सागर महाराज ने भी अपनी वाणी से सभी को सफल दांपत्य जीवन के लिए उत्तम सीख दी। साथ ही सभी को आचार्य श्री से भी मोटिवेशन मिला। इस सेमिनार में 130 से अधिक युगलों ने भाग लिया।</p>
<p><strong> सच्चे प्रेम में प्रदर्शन की आवश्यकता नहीं</strong></p>
<p>रविवार की बेला में दोपहर के सत्र में बाहर से आए वक्ताओं ने धर्म और गृहस्थी के संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। दंपति शब्द के विषय में प्रकाश डाला और बताया कि विचारों में चिंतन होना चाहिए। वैमनस्य नहीं होना चाहिए, तब जाकर दंपति कहलाने के हम अधिकारी हैं। चार पुरुषार्थों के विषय में भी समझाया। यह भी समझाया कि विवाह एक संस्कार है और विवाह संस्कार के पुरोधा भगवान ऋषभदेव है। विवाह एक विचार है संस्कार है। इस विषय पर भी चिंता व्यक्त की गई कि समाज की संस्कृति अगर बिगड़ रही है तो विजातीय विवाह के कारण बिगड़ रही है। घर में माता-पिता का सम्मान नहीं है तो वह आदर्श घर नहीं हो सकता। यह बात भी दोहराई गई। दांपत्य जीवन में दिखावा नहीं होना चाहिए। सच्चे प्रेम में प्रदर्शन की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p><strong>समझदारी से प्रतिकूलता को अनुकूलता बनाएं</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने कहा कि जीवन में कोई भी व्यक्ति मांग से मुक्त नहीं हो सकता। व्यक्ति को सारी कला आनी चाहिए और मोक्ष जाने की कला भी आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में 100ः लोग समझदार हैं लेकिन, 99.9 प्रतिशत लोगों को समझदारी का प्रयोग करना नहीं आता। जैन दर्शन का उल्लेख करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि समझदारी के अलावा कुछ भी नहीं है। यह समझदारी भी होना चाहिए कि प्रतिकूलता आ जाए तो मैं अनुकूलता बनाऊंगा। यह समझदारी है यदि हम ऐसे समय में समझदारी का प्रयोग करते है तो हम आसानी से समस्या से निकल सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति में सुनने की क्षमता होनी चाहिए। जिसमें सुनने की ताकत होती है उसे क्रोध नहीं आता।</p>
<p><strong>उस दिशा में चलें जिस दिशा में रुचि हो</strong></p>
<p>संस्कारों के विषय में उन्होंने कहा कि जो कुछ भी आपके जीवन में अच्छा हुआ है। वह संस्कारों के कारण है और वह सब संस्कारों का खजाना है। ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। ज्यादा सोचने की आदत अच्छी नहीं होती। ज्यादा सोचेंगे तो परेशान होंगे। उन्होंने कहा कि उस दिशा में चलें जिस दिशा में आपको रुचि है और उसी की गहराई में जाएंगे तो बहुत कुछ कर पाएंगे। इसके संबंध में हम कुछ नहीं कर सकते। इसकी गहराई में यदि हम जाएंगे तो हम कुछ नहीं पा सकते।</p>
<p><strong>समझदारी इसी में है कि स्वयं का मालिक बनो</strong></p>
<p>जैन धर्म का उल्लेख करते हुए कहा कि जैन धर्म की शुरुआत होती है कि हम अपने ही मालिक हैं दूसरे के नहीं। जो व्यक्ति जागा हुआ है उसे ही जगाना चाहिए। यदि सोते को जगाओगे तो उसे क्रोध ही आएगा। उन्होंने कहा जरूरत नहीं है। धन कमाने और मकान और भगवान की भी नहीं है। जरूरत है समझदारी की यदि समझदारी आ जाती है तो इन चीजों की कोई जरूरत नहीं होगी। साथ ही गुरुदेव ने कहा कि परिवार, दुकान और घर कुछ भी चलाना हो तो समझदारी चाहिए। समझदारी इसी में है कि स्वयं का मालिक बनो। दूसरों का मालिक मत बनो। तुम अपने मालिक बनो और अपने अनुसार काम करो और भाव बनाओ। सीधे रोड चलते हैं और वास्तविकता चलते हैं तो हम बहुत कुछ पा सकते हैं। गुरुदेव ने कहा कि अगर हम अपने आप को समाधि तक पहुंचाएं तो यह सेमिनार की सार्थकता होगी।</p>
<p><strong>परिवार में सबसे पहले भरोसा होना चाहिए </strong></p>
<p>प्रातः बेला में मुनिश्री प्रत्यक्ष सागर जी महाराज ने जीवन में अहम और महत्वपूर्ण विवाह को बताया। गृहस्थ जीवन के दायित्व को बताते हुए कहा कि गृहस्थ जीवन के दायित्व मुनियों से ज्यादा होते हैं क्योंकि, इसमें मां-बाप बच्चों और समाज से जुड़ना और समाज का अस्तित्व समझाना होता है। उन्होंने कहा कि परिवार में सबसे पहले भरोसा होना चाहिए। उन्होंने दांपत्य जीवन में सबसे कीमती मुस्कान को बताया कि जब आप तस्वीर खींचते हैं तो आप मुस्कुराते है। इस तरह जीवन में भी मुस्कुराओ।</p>
<p><strong>जीवन में धर्म को भी साथ लेकर चले</strong></p>
<p>प्रातः के सत्र में आचार्य श्री ने दांपत्य जीवन के विषय में काफी कुछ समझाया और कहा कि जैन दर्शन कहता है कि मर्यादाएं समाप्त नहीं होने चाहिए एवं धर्म को छोड़कर अगर दांपत्य जीवन को जिएंगे तो सुकून नहीं मिलेगा। परंपरा मर्यादा और अनुशासन का पालन होना चाहिए और परंपराओं को कायम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म कहता है कि गृहस्थ को एक ओर नहीं झुकना चाहिए। दोनों पहियों को लेकर चलना चाहिए। यानी कि जीवन में धर्म को भी साथ लेकर चलना चाहिए। प्यार और प्रेम को भी गुरुजी ने समझाया। उन्होंने कहा कि प्यार में राग होता है और प्रेम में धर्म अनुराग होता है। साथ ही गुरुदेव सभी से प्रश्न किए और सभी से सेमिनार के अनुभव को समझा सभी को गुरुदेव ने मंगल आशीर्वाद भी प्रदान किया। इस अवसर पर समाज की ओर से सभी वक्ताओं का सम्मान किया गया।</p>
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		<title>स्वस्ति धाम जहाजपुर में दो दिवसीय जैन पत्रकार महासंघ का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्नः बड़े तीर्थ छोटे तीर्थों को गोद लेें-स्वस्ति भूषण माताजी </title>
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		<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 11:25:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जहाजपुर में जैन पत्रकार महा सम्मेलन में पत्रकारों ने तीर्थ संरक्षण के बारे में सभी ने सकारात्मक विचार खुलकर अपने विचार रखे। महा सम्मेलन में आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने भी पत्रकारों और समाजजनों को संबोधित कर कहा-‘पत्रकार जब लिखता है तो उसे ऐसा लगना चाहिए कि किसी सागर में डुबकी लगाकर आया हो।‘ जहाजपुर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जहाजपुर में जैन पत्रकार महा सम्मेलन में पत्रकारों ने तीर्थ संरक्षण के बारे में सभी ने सकारात्मक विचार खुलकर अपने विचार रखे। महा सम्मेलन में आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने भी पत्रकारों और समाजजनों को संबोधित कर कहा-‘पत्रकार जब लिखता है तो उसे ऐसा लगना चाहिए कि किसी सागर में डुबकी लगाकर आया हो।‘ <span style="color: #ff0000">जहाजपुर से पढ़िए उदयभान जैन की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जहाजपुर (भीलवाड़ा)।</strong> श्री 1008 दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र स्वस्ति धाम जहाजपुर, भीलवाड़ा में परम पूज्य गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में 22-23 मार्च 2025 को दो दिवसीय जैन पत्रकार महासंघ का राष्ट्रीय अधिवेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया की अध्यक्षता में बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने अवगत कराया कि उक्त अधिवेशन में भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन गाजियाबाद, महेंद्र कुमार जैन गुड वाले कोटा, पारस चैनल डायरेक्टर विनोद जैन टोरड़ी, उर्मिला गांधी पत्नी हंसमुख गांधी इंदौर, बिजोलिया तीर्थ क्षेत्र कमेटी के मंत्री नरेंद्र जैन बिजौलिया, स्वस्ति धाम क्षेत्र कमेटी के महामंत्री ज्ञानेंद्र जैन आदि पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया।</p>
<p><strong>मंगलाचरण व अतिथियों का स्वागत</strong></p>
<p>मंगलाचरण डॉ कल्पना जैन नोएडा एवं सत्येंद्र जैन संगीतकार जहाजपुर द्वारा किया गया। अधिवेशन में अतिथियों का स्वागत महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र महावीर जैन सनावद, राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन, राष्ट्रीय संरक्षक हंसमुख गांधी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिलीप जैन, राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री अकलेश जैन, राष्ट्रीय मंत्री राकेश जैन चपलमन कोटा, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री महेंद्र बैराठी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री मनीष विद्यार्थी, सुरेंद्र प्रकाश जैन, कार्यक्रम संयोजक नवीन जैन जहाजपुर आदि ने किया।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-77489" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1.jpg" alt="" width="1040" height="694" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1.jpg 1040w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-1024x683.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-768x512.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-990x661.jpg 990w" sizes="(max-width: 1040px) 100vw, 1040px" />तीर्थ संरक्षण में पत्रकारों की भूमिका पर प्रकाश डाला</strong></p>
<p>22 मार्च को प्रथम सत्र में तीर्थ संरक्षण में पत्रकारों की भूमिका में योगदान विषय पर प्रकाश डालते हुए मुख्य वक्ता के रूप में राजेंद्र महावीर जैन सनावद ने कहा कि तीर्थों पर बाल संस्कृति संस्कार केन्द्रों की स्थापना हो जहां पर 8 वर्ष के बच्चों को संस्कारित किया जाए, तीर्थों के माध्यम से धर्मार्थ कार्य होने चाहिए। इसके अलावा रेखा जैन इंदौर, दिलीप जैन जयपुर, राजेश पंचोली ऋषभदेव ,महेंद्र बैराठी जयपुर, राजेश जैन कोटा, अभिषेक जैन रामगंज मंडी, मनीष जैन उदयपुर ,राजा बाबू गोधा, डॉक्टर कल्पना जैन नोएडा, शशांक सिंघई कोटा, आदेश सेठ गढ़ाकोटा, राजेश रागी बकस्वाहा, अकलेश जैन अजमेर, मनोज सोनी निंबाहेड़ा, विमल बज जयपुर, अतिशय क्षेत्र पदमपुरा के अध्यक्ष एडवोकेट सुधीर जैन दोसा, राजकुमार जैन कोठारी जयपुर आदि ने तीर्थ के संरक्षण में कहा कि तीर्थों पर सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, छोटे-छोटे उद्योगों की स्थापना हो, तीर्थ क्षेत्र आत्मनिर्भर बने, जैन कर्मचारी हों उनको उच्च शिक्षा मिले आदि चिंतन और मंथन हुआ।</p>
<p><strong>बड़े तीर्थ को छोटे 5 तीर्थों को गोद लेना चाहिए </strong></p>
<p>पूज्य गणिनी आर्यिका रत्न स्वस्ति भूषण माताजी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि पत्रकार जब लिखता है तो उसे ऐसा लगना चाहिए कि किसी सागर में डुबकी लगाकर आया हो, पूज्य माताजी ने निर्भीक, निष्पक्ष पत्रकारिता पर जोर दिया, तीर्थ संरक्षण के संबंध में पूज्य माताजी ने कहा कि बड़े तीर्थ को छोटे 5 तीर्थों को गोद लेना चाहिए ताकि प्राचीनता, ऐतिहासिकता कायम रह सके, तीर्थ का संरक्षण व संवर्धन हो सके।</p>
<p><strong>महासंघ जैन पत्रकारों को सम्मानित कर हितों का ध्यान रखता है</strong></p>
<p>23 मार्च को जैन पत्रकार महासंघ के परम संरक्षक विनोद जैन टोरड़ी कोटा सहित नवीन सदस्यों का सम्मान किया गया। युवा परिषद बुलेटिन, जैन गजट, श्रीफल न्यूज़ समाचार-पत्र, महासंघ का परिचय फोल्डर का विमोचन एवं विभिन्न जैन पत्र-पत्रिकाओं का विमोचन किया गया। राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने महासंघ का वार्षिक प्रतिवेदन 2025 पढ़ा। रमेशजी तिजारिया ने स्वागत उद्बोधन में कहां की महासंघ जैन पत्रकारों के अपने कार्य कर रहा है, श्रेष्ठ व विशिष्ट पत्रकारों को सम्मानित करता है उनके हितों के लिए सदैव समाज में राज्य के स्तर पर प्रयास करता है।</p>
<p><strong>गुल्लक योजना का प्रचार-प्रसार करें</strong></p>
<p>राष्ट्रीय संरक्षक हंसमुख गांधी ने कहा कि पत्रकारों का निर्भीक होकर काम करना चाहिए। संत और पंथवाद के बिना सकारात्मक व प्रमाणित समाचार प्रकाशित करवाने चाहिए। उन्होंने तीर्थ संरक्षण में चल रही गुल्लक योजना का प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर भारतवर्षीय दिगम्बर जैन संघ मथुरा का पाक्षिक पत्र जैन संदेश को सर्वाधिक प्राचीन जैन समाचार पत्र होने पर अविराम कर्मयोगी जैन रत्न, समाज भूषण राजेंद्र के गोधा स्मृति जैन पत्रकारिता पुरस्कार से महासंघ द्वारा नकद राशि, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके प्रदाता शैलेंद्र-निशांत गोधा समाचार जगत परिवार जयपुर है। प्रशस्ति व परिचय का वाचन दिलीप जैन जयपुर ने किया।</p>
<p><strong>भारतीय संस्कृति के उन्नयन में अतुल्य योगदान </strong></p>
<p>द्वितीय पुरस्कार प्रज्ञा पुंज, चतुर्थ पट्टाचार्य योगीन्द्र सागर स्मृति में जैन पत्रकारिता पुरस्कार ब्र. डॉ सविता जैन अधिष्ठात्री दिगंबर जैन धर्म स्थल शीतल तीर्थ रतलाम को जैन जगत में भारतीय संस्कृति के उन्नयन पर प्रचार-प्रसार में अतुल्य योगदान, सामाजिक क्षेत्र में लेखन, अध्ययन, मनन, चिंतन आदि कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए नकद राशि शाल व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्रदाता डॉ. अनुपम जैन इन्दौर परिवार।</p>
<p><strong>तीर्थों के संरक्षण हेतु योगदान पर जोर</strong></p>
<p>तृतीय पुरस्कार बागड़ गौरव, कलिंजरा रत्न, देहदानी श्री सोहनलाल गांधी स्मृति पुरस्कार जैन पत्रकारिता पुरस्कार से अभिषेक जैन रामगंज मंडी व राजेश जैन रागी वरिष्ठ पत्रकार बकस्वाहा, मध्यप्रदेश को नकद राशि, शाल, प्रशस्ति देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्रदाता हंसमुख गांधी इन्दौर परिवार। इस अवसर पर तीर्थ कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन गाजियाबाद ने तीर्थों के संरक्षण में जो कार्य किये जा रहे हैं उन पर प्रकाश डाला। शरद जैन महालक्ष्मी दिल्ली ने सभी पत्रकारों से कहा कि तीर्थाे के संरक्षण में अपना योगदान दें।</p>
<p><strong>विभिन्न प्रांतों से पत्रकारों की उपस्थिति दर्शनीय</strong></p>
<p>कार्यक्रम का संचालन राकेश जैन चपलमन कोटा, राजेंद्र महावीर जैन सनावद द्वारा किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रांतों व स्थानों से यथा जयपुर, अजमेर, कोटा, सनावद ,छतरपुर, इंदौर, गढ़ाकोटा ,ऋषभदेव, खैरवाड़ा, फलासिया, भीलवाड़ा, उदयपुर, बिजोलिया, विजयनगर, शाहपुरा, रामगंज मंडी, ललितपुर, फागी, नोएडा, दिल्ली ,बड़नगर, सागर, बंडा, शाहपुर (मप्र), फिरोजाबाद, नैनवा, बूंदी, इटावा आदि अनेकों स्थानों से पत्रकारों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल कराया। सभी उपस्थित पत्रकारों को स्वस्ति धाम समिति द्वारा सुंदर स्वस्ति धाम प्रतीक के रूप में गिफ्ट, दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संयोजक नवीन जैन, जहाजपुर ने आभार व्यक्त किया।</p>
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		<title>जैन राजनीतिक चेतना मंच का वृहद राष्ट्रीय अधिवेशन चांदखेड़ी तीर्थ पर आयोजितः पुनः सदस्यता अभियान प्रारंभ किया जाएगा। </title>
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		<pubDate>Fri, 21 Feb 2025 08:47:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन राजनीतिक चेतना मंच का वृहद राष्ट्रीय अधिवेशन माह मई 2025 में अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी तीर्थ पर आयोजित किया जा रहा है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि संभावित तिथियों में दो दिवसीय अधिवेशन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश कमेटी के पुनर्गठन की घोषणा भी की जाएगी। पढ़िए राजेश जैन दद्दू द्वारा इंदौर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन राजनीतिक चेतना मंच का वृहद राष्ट्रीय अधिवेशन माह मई 2025 में अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी तीर्थ पर आयोजित किया जा रहा है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि संभावित तिथियों में दो दिवसीय अधिवेशन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश कमेटी के पुनर्गठन की घोषणा भी की जाएगी। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजेश जैन दद्दू द्वारा इंदौर की पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> जैन राजनीतिक चेतना मंच का वृहद राष्ट्रीय अधिवेशन माह मई 2025 में अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी तीर्थ पर आयोजित किया जा रहा है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष काला ने बताया कि संभावित तिथि शनिवार रविवार 10 एवं 11 मई को दो दिवसीय अधिवेशन किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश कमेटी के पुनर्गठन की घोषणा भी की जाएगी।</p>
<p><strong>पदाधिकारियों की भी घोषणा होगी</strong></p>
<p>प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र तथा संभागीय समितियों के पदाधिकारियों की भी घोषणा की जाएगी। मंच के प्रदीप गंगवाल, होलास सोनी, कमलेश कासलीवाल ने कहा कि पुनः सदस्यता अभियान प्रारंभ किया जाएगा।</p>
<p><strong>अधिवेशन में 2000 सदस्यों के आने की संभावना </strong></p>
<p>अधिवेशन में मंच के लगभग 2000 सदस्यों के आने की संभावना है। यह अधिवेशन के संयोजक मध्यप्रदेश, राजस्थान जैन राजनीतिक चेतना मंच की प्रदेश समितियां होगी।</p>
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