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	<title>Thuvonji &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Thuvonji &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>नगर में भव्य मंगल प्रवेश : सुख होने पर भी मन नहीं लगता, क्योंकि आप सुख की गहराई को पहचान नहीं रहे-मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Mar 2026 06:45:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य एवं दया भावना गौ चिकित्सालय के प्रेरक मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज प्रातःकालीन बेला में दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी से पदविहार करते हुए अशोक नगर पहुंचे। थूवोनजी रोड स्थित नवीन बस स्टैंड पर प्रमुख जनों ने मुनिश्री की अगवानी की। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230; अशोक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य एवं दया भावना गौ चिकित्सालय के प्रेरक मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज प्रातःकालीन बेला में दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी से पदविहार करते हुए अशोक नगर पहुंचे। थूवोनजी रोड स्थित नवीन बस स्टैंड पर प्रमुख जनों ने मुनिश्री की अगवानी की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य एवं दया भावना गौ चिकित्सालय के प्रेरक मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज प्रातःकालीन बेला में दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी से पदविहार करते हुए अशोक नगर पहुंचे। थूवोनजी रोड स्थित नवीन बस स्टैंड पर श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, विपिन सिंघई, सुलभ अखाई, हेमंत टडैया, सचिन एन.एस., टिकट जैन सहित अन्य प्रमुख जनों ने मुनिश्री की अगवानी की। इसके पश्चात मुनिश्री को बैंड-बाजे के साथ पार्श्वनाथ मंदिर ले जाया गया, जहाँ महिला मंडलों ने कलशों से उनका स्वागत किया।</p>
<p><strong>पार्श्वनाथ मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा</strong></p>
<p>श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी के तत्वावधान में पार्श्वनाथ मंदिर से मुनिश्री का भव्य मंगल प्रवेश शोभायात्रा के रूप में निकाला गया। शोभायात्रा में सबसे आगे श्री विद्यासागर सर्वोदय पाठशाला के बच्चे धर्म ध्वजा लेकर चल रहे थे। उनके पीछे युवा मंडल द्वारा दिव्य घोष वादन किया जा रहा था, तथा युवा वर्ग जय-जयकार के नारे लगाते हुए चल रहा था। यह शोभायात्रा पछाड़ीखेड़ा रोड, एफ.ओ.वी. पुल, गांधी पार्क, भगवान महावीर मार्ग, आचार्य श्री विद्यासागर द्वार होते हुए सुभाष गंज पहुँची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पाद-प्रक्षालन, आरती एवं पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।</p>
<p><strong>आदिश्वर धाम में धर्मसभा एवं महाशांति धारा</strong></p>
<p>शोभायात्रा आदिश्वर धाम, सुभाष गंज पहुँचकर धर्मसभा में परिवर्तित हो गई। मुनिश्री के सान्निध्य में जगत कल्याण की कामना से महाशांति धारा का आयोजन किया गया, जिसका सौभाग्य विजय धुर्रा परिवार—ओमप्रकाश, देवेंद्र कुमार, पवन कुमार धुर्रा, राजेश कासल सहित अन्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। मुनिश्री के पाद-प्रक्षालन का सौभाग्य जैन समाज के मंत्री चक्रवर्ती राकेश कुमार एवं विवेक कुमार अमरोद को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>महावीर जन्म जयंती तक घर-घर गूंजेंगे भजन</strong></p>
<p>इस अवसर पर जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि परम पूज्य मुनिश्री झांसी (उत्तर प्रदेश) से पदविहार करते हुए अशोक नगर पधारे हैं। वर्तमान में भगवान आदिनाथ से लेकर अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जन्म जयंती तक का मंगलमय वातावरण घर-घर में भजनों के रूप में गूंज रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी 30 तारीख को भगवान महावीर जन्म जयंती समारोह परम पूज्य मुनिश्री के सान्निध्य में मनाया जाएगा।</p>
<p><strong>नियमित धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा</strong></p>
<p>जैन समाज के मंत्री शैलेन्द्र श्रागर ने जानकारी दी कि अब प्रतिदिन प्रातः 8 बजे अभिषेक एवं महाशांति धारा का आयोजन होगा तथा उसके पश्चात मुनिश्री के मंगल प्रवचन होंगे। सायंकाल जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान जैन समाज के उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, प्रदीप तारई, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर संजय के.टी., संयोजक पार्श्वनाथ मंदिर मनोज रन्नौद, संयोजक गंज उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, विपिन सिंघई, टिंकल जैन, सुलभ अखाई, सचिन एन.एस., सौरव जैन, निर्मल मिर्ची, हेमंत टडैया, रवि ट्रेडिंग, विनोद मोदी, सौरव वाझल सहित अनेक प्रमुख जनों ने श्रीफल भेंट कर ग्रीष्मकालीन वाचन का निवेदन किया।</p>
<p><strong>मुनिश्री का संदेश: आत्मपरिवर्तन ही सच्चा मार्ग</strong></p>
<p>धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज ने कहा कि जब तक हमारे कर्म नहीं बदलेंगे, तब तक हम स्वयं नहीं बदल सकते। उन्होंने कहा कि हमारे सामने भी भगवान प्रत्यक्ष नहीं आए, लेकिन आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं मुनि श्री सुधासागर जी महाराज का सान्निध्य मिला और उसी के प्रभाव से जीवन में परिवर्तन संभव हुआ। उन्होंने कहा कि आज जो कुछ भी हम हैं, वह गुरुओं के आशीर्वाद का ही परिणाम है और यही आशीर्वाद वे सभी श्रद्धालुओं को देते हैं कि वे भी अपने जीवन में सच्चे सुख की अनुभूति करें।</p>
<p><strong>अशोक नगर के चातुर्मास की महिमा का किया स्मरण</strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि अशोक नगर में मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज का भव्य चातुर्मास हुआ था, जो यहां के श्रद्धालुओं के वर्षों के समर्पण और साधना का परिणाम था। उन्होंने कहा कि उस चातुर्मास की महक आज भी इस नगर की फिजाओं में व्याप्त है और यह यहां के धर्मप्रेम का प्रतीक है।</p>
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		<title>अवस्था के अनुसार व्यवस्था की जाएगी : समन्वय ग्रुप और जैन युवा वर्ग का दर्शनोदय कमेटी ने किया सम्मान </title>
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		<pubDate>Sun, 30 Nov 2025 14:32:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[रिषभ देव ने सैनिक को तलवार दी और साधु को पिच्छिका दी। यदि सैनिक को पिच्छिका दे दी होती तो आप जो घर में बैठकर धर्म ध्यान कर रहे हैं, व्यापार खेती बाड़ी के साथ ठाट से रह रहे है। ये संभव नहीं होता। यह उद्गार दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी की धर्मसभा में मुनि श्री सुधा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>रिषभ देव ने सैनिक को तलवार दी और साधु को पिच्छिका दी। यदि सैनिक को पिच्छिका दे दी होती तो आप जो घर में बैठकर धर्म ध्यान कर रहे हैं, व्यापार खेती बाड़ी के साथ ठाट से रह रहे है। ये संभव नहीं होता। यह उद्गार दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी की धर्मसभा में मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज ने व्यक्त वक्त किए। <span style="color: #ff0000">थूवोनजी से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थूवोनजी।</strong> रिषभ देव ने सैनिक को तलवार दी और साधु को पिच्छिका दी। यदि सैनिक को पिच्छिका दे दी होती तो आप जो घर में बैठकर धर्म ध्यान कर रहे हैं, व्यापार खेती बाड़ी के साथ ठाट से रह रहे है। ये संभव नहीं होता। यह उद्गार दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी की धर्मसभा में मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज ने व्यक्त वक्त किए। उन्होंने कहा कि जैन दर्शन का अनेकांत तुम्हारी अवस्था को देखता है। अवस्था क्या है? ना पिच्छिका धर्म है ना तलवार धर्म है। अवस्था के अनुसार व्यवस्था की जाएगी। दुश्मन को पिच्छिका से नहीं रोका जा सकता दुश्मन को रोकने के लिए सैनिक के हाथ में बंदूक दी गई। तब ही तुम आज मंदिरों में बैठ कर धर्म कर रहे हो। इसमें सीमा पर तैनात सैनिकों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि आपको महसूस नहीं हो रहा। पहले जब राज तंत्र था तो राजा के समाप्त होते ही धर्म भी समाप्त हो जाता था। कभी-कभी मारना भी धर्म होता है। सैनिक की सभी जगह सद्गति कहीं क्योंकि, सैनिक के कारण देश सुरक्षित है।</p>
<p><strong>युवा वर्ग और समन्वय ग्रुप ने भोजन व्यवस्था बेहतर की</strong></p>
<p>क्षेत्र कमेटी के प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि मुनिश्री सुधासागरजी महाराज के आगमन से पहले चक्रवर्ती यात्रा से ही श्री दिगम्बर जैन युवा वर्ग यहां भोजन की व्यवस्था के साथ आतिथ्य सत्कार में लगा है। वहीं समन्वय ग्रुप के साथियों ने शिलान्यास समारोह व शुद्ध भोजन व्यवस्था की दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी कमेटी आपकी सेवा से अभिभूत होकर आपका अभिनन्दन कर रहे हैं। इस दौरान दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, मिल उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र रोकड़िया, संजीव श्रागर, संजीव जैन, महामंत्री मनोज भैसरवास, कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगल, दीप मंत्री शैलेन्द्र दद्दा, राजेन्द्र हलवाई, प्रदीप रानी जैन, प्रचार मंत्री विजय धुर्रा सहित अन्य प्रमुख जनों ने जैन युवा वर्ग व समन्वय ग्रुप के सभी कार्यकर्ताओं का पीत वस्त्र पगड़ी मालाओं से स्वागत किया कर सम्मान किया।</p>
<p><strong>यह निश्चित करना पड़ेगा तुम कौन हो तुम्हारी अवस्था क्या है</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि तुम कौन हो तुम्हारी अवस्था क्या है। जब भी कोई शुभ कार्य होता है तो दीप प्रज्वलन से शुभारंभ किया जाता है। तुम दीप प्रज्वलन को शुभ मानते हो लेकिन, मुनिराज से तुमने आज तक पांच महीने एक बार भी दीप प्रज्वलन नहीं कराया। मंत्री आ गये कलेक्टर एसपी आ गये तो सब लोग उनसे दीप प्रज्वलन कराते हैं। हम तो सबसे बड़े अतिथि है लेकिन, विजय ने एक भी दिन मुझ से दीप प्रज्जवलित नहीं कराया। न ही अवस्था के अनुसार व्यवस्था बनना है। हम मुनि है हम दीप नहीं जला सकते आपको क्रोध करने की छूट है आपको हिंसा करने की छूट है लेकिन, आप कौन हो तुम सैनिक हो दिन भर सीमा पर सैनिक बंदूक लिए बैठा है फिर भी सैनिक को हिंसक नहीं कहा गया। बल्कि शहीद व राष्ट्र भक्त के नाम से जाना जाता है। हिंसा में भी धर्म मुनि महाराज से एक चींटी मर गई तो महापाप लगने के कारण प्रायश्चित लेना होगा, यही अनेकांत दर्शन है।</p>
<p><strong>मंदिर में आप गंदगी करेंगे तो पाप लगेगा</strong></p>
<p>मुनि श्री कहा कि अवस्था के अनुसार व्यवस्था बनाओ मंदिर में गंदे काम करेंगे तो उसको पाप लगेगा। वहीं कार्य पशु पक्षियों करने पर पाप नहीं लगता। पक्षी मंदिर में बीट कर देते हैं, उन्हें कोई पाप नहीं लगता लेकिन, यदि आप ने गंदगी कर दी तो महा दोष लगेगा। प्रातःकाल की बेला मंदिर जाने की है। जिस समय आपको पूजा अर्चना करने है। उस समय दूसरा काम करोगे तो उसमें सफलता नहीं मिलेगी। यदि सफल होना है तो समय को जिसे आप काल कहते हैं उसे सिद्ध करना होगा।</p>
<p><strong>आप आर्य हो आप भारतीय हो तो आपको काल का ज्ञान होना चाहिये</strong></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि किस समय कौन सा काम करना है आप आर्य हो आप भारतीय हो तो आपको काल का ज्ञान होना चाहिए। कालातीचार एक बड़ा अतिचार है। किसान का खेल है। बीज भी वही है। यदि सही समय पर बीज का वपन समय पर नहीं किया तो फ़सल नहीं आएगी। समय पर बीज को बोने पर फसल मिलेगी। इसलिए काल का ज्ञान होना चाहिये इससे भी काम नहीं चलेगा आप कौन हैं। आप मनुष्य है, धार्मिक दृष्टि नहीं है। आपको मानव पर्याय मिलीं है तो आपके क्या कर्तव्य है फिर आपकी अवस्था क्या है। एक बालक एक श्रावक है एक साधु है सब का भाव एक सा है लेकिन, आप कौन हैं उसके अनुसार ही आ रहा है।</p>
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		<title>थूवोनजी में पहली बार — एक ही मंच पर 14 जैनेश्वरी ऐलक दीक्षा, इतिहास रच गया: “जब गुरु योग्यता देख लेते हैं तो उसे छिपाना अपराध है”—निर्यापकाचार्य श्री सुधासागरजी महाराज </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Nov 2025 16:19:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में आज पहली बार एक ही मंच पर 14 जैनेश्वरी ऐलक दीक्षाएँ सम्पन्न हुईं। हजारों लोगों की मौजूदगी में श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म की ऐसी लहर उठी कि पूरा तीर्थ भावविभोर हो गया। यह आयोजन जैन समाज के लिए गौरव का क्षण बन गया। — श्रीफल साथी : राजीव सिंघई मोनू थूवोनजी।आज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में आज पहली बार एक ही मंच पर 14 जैनेश्वरी ऐलक दीक्षाएँ सम्पन्न हुईं। हजारों लोगों की मौजूदगी में श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म की ऐसी लहर उठी कि पूरा तीर्थ भावविभोर हो गया। यह आयोजन जैन समाज के लिए गौरव का क्षण बन गया। — <span style="color: #ff0000">श्रीफल साथी : राजीव सिंघई मोनू</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थूवोनजी।</strong>आज दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में सचमुच इतिहास रच गया। परम पूज्य निर्यापकाचार्य श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के पवित्र कर-कमलों से एक ही मंच पर 14 जैनेश्वरी ऐलक दीक्षाएँ सम्पन्न हुईं। लगभग एक हजार साल पुराने इस पावन तीर्थ में ऐसा दिव्य दृश्य पहली बार देखने को मिला। जहाँ नजर जाती थी, वहाँ दर्शन, भक्ति और भावनाओं की लहर दिखाई दे रही थी। हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ इस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी।</p>
<p>समारोह में मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री ब्रजेन्द्र सिंह यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष नीरज मनोरिया सहित कई जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को और गरिमा दी।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-95125" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251123-WA0030.jpg" alt="" width="937" height="937" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251123-WA0030.jpg 937w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251123-WA0030-300x300.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251123-WA0030-150x150.jpg 150w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251123-WA0030-768x768.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251123-WA0030-65x65.jpg 65w" sizes="(max-width: 937px) 100vw, 937px" />प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भइया ने कहा —</strong></p>
<p>“सदियों के अंतराल के बाद आज थूवोनजी तीर्थ में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ रहा है। ऐलक दीक्षा का यह दृश्य श्रमण संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। यह केवल समाज के लिए नहीं, पूरे अध्यात्म जगत के लिए प्रेरणा है।”</p>
<p>इसके बाद निर्यापकाचार्य श्री सुधासागर जी महाराज ने अपने प्रेरक प्रवचनों से पूरा वातावरण शांत, गहन और ऊर्जावान बना दिया। उन्होंने कहा —</p>
<p>“आचार्य कुंदकुंद भगवान के बाद श्रमण संस्कृति को ऊँचाइयाँ देने का पवित्र कार्य आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज ने किया। जब गुरु योग्यता देख लेते हैं तो उसे छिपाना भी अपराध है। गुरु की आज्ञा के लिए मैं संसार में ही नहीं, आकाश में भी छेद कर दूँ — यही मेरे भाव हैं। आज तीज है और हम इन दीक्षार्थियों को मुक्ति का बीज प्रदान कर रहे हैं।”</p>
<p><strong>नव दीक्षार्थीयो के नामों की घोषणा की निर्यापकाचार्य ने</strong></p>
<p>जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि दीक्षा के संस्कार देने के बाद मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने नव दीक्षार्थी के नामों की घोषणा की</p>
<p><strong>निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज श्री के संघ में नवीन एलक जी</strong></p>
<p>(1). एलक श्री 105 वरिष्ठ सागर जी महाराज</p>
<p>(2)एलक श्री 105 विदेह सागर जीमहाराज</p>
<p>(3)एलक श्री 105 सुज्ञान सागर ज़ी महाराज</p>
<p>(4)एलक श्री 105 सुयोग सागर जी महाराज</p>
<p>(5)एलक श्री 105 सुमेर सागर ज़ी महाराज</p>
<p>(6)एलक श्री 105 सुबोध सागर जी</p>
<p>(7)एलक श्री 105 सुनय सागर ज़ी</p>
<p>(8)एलक श्री 105 सुधर्म सागर ज़ी महाराज</p>
<p>(9)एलक श्री 105 सुयश सागर ज़ी महाराज</p>
<p>(10)एलक श्री 105 सुदया सागर ज़ी</p>
<p>(11)एलक श्री 105 सुवर्ण सागर ज़ी महाराज</p>
<p>(12)एलक श्री 105 सुविवेक सागर जी महाराज</p>
<p>(13) एलक श्री 105 सुशांत सागर ज़ी महाराज</p>
<p>(14)एलक श्री 105 सूचेतन सागर ज़ी महाराज</p>
<p>यह दिव्य आयोजन केवल दीक्षा समारोह नहीं, बल्कि अध्यात्म की नई ऊर्जा, समाज के नए संदेश और गुरु-शिष्य की अनंत परंपरा की शक्ति का अद्भुत प्रमाण बनकर उभरा। श्रद्धालु कह रहे थे — “यादें मिटती हैं, लेकिन आज का दृश्य जीवन भर याद रहेगा।”</p>
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		<title>तीर्थाे से सिर्फ सामाजिक संबंध, इसे कुटुंबी संबंध बनाएं: मुनिश्री सुधासागर जी ने दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सम्मेलन को किया संबोधित  </title>
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		<pubDate>Thu, 20 Nov 2025 08:43:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थ क्षेत्र कमेटियों की अगवानी से दर्शनोदय तीर्थ प्रसन्न है। तीर्थरक्षक हुकम काका को दिया तीर्थ सेनानी का दर्शनोदय कमेटी ने सम्मान किया। मुनिश्री सुधासागर जी ने दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सम्मेलन को संबोधित किया। थूवोन जी से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;  थूवोनजी। आज धर्म से सामाजिक संबंध [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थ क्षेत्र कमेटियों की अगवानी से दर्शनोदय तीर्थ प्रसन्न है। तीर्थरक्षक हुकम काका को दिया तीर्थ सेनानी का दर्शनोदय कमेटी ने सम्मान किया। मुनिश्री सुधासागर जी ने दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सम्मेलन को संबोधित किया। <span style="color: #ff0000">थूवोन जी से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> थूवोनजी।</strong> आज धर्म से सामाजिक संबंध रह गया है। समाजिक संबंधों में आपको ज्यादा कुछ नहीं मिलता। आप समाजिक कार्यों में कोई जिम्मेदारी नहीं निभाते, हर व्यक्ति कहता है कि तीर्थ हमारे हम जैन हैं। ये हमारे गुरु हैं, जब हमारे सामाजिक संबंध होगा तो आप कहेंगे क्या करें मंदिर में पानी चू रहा है। तीर्थ क्षेत्र पर अतिक्रमण हो रहा है, एक तीर्थ क्षेत्र लूट रहा है। एक तीर्थ क्षेत्र पर संकट आ रहा है तो हमें समाज की तरह नहीं कुटुम्ब की तरह मिलकर साथ देना चाहिए। यह उद्गार दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुनिश्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि तब कहीं जाकर तीर्थ क्षेत्र सुरक्षित हो सकेंगे। इस कलिकाल में एकता में ही बल है और आचार्याे ने 2 हजार साल पहले लिखा भी है। कलऊ एकता बलाऊ इस कलिकाल में एकता ही बल है। वंदे भरत भारत्म इन सूत्रों को लेकर हम आगे चलें।</p>
<p><strong>हुकम काका को प्रदान किया तीर्थ सेनानी सम्मान </strong></p>
<p>इसके पहले तीर्थ क्षेत्र के प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि आज भारत वर्ष की 20 कमेटी तीर्थ सम्मेलन में भाग ले रही हैं। हम सब का सौभाग्य है कि हमें मुनि पुंगवश्री सुधासागरजी महाराज का सतत् मार्ग दर्शन मिल रहा है। इस दौरान चंद्रोदय तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष हुकुम काका को तीर्थ सेनानी सम्मान से दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, मिल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र रोकड़िया, संजीव श्रागर, धर्मेंद्र रोकड़िया, संजीव जैन, महामंत्री मनोज भैसरवास, कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगल, दीप मंत्री शैलेंद्र दददा, राजेंद्र हलवाई, प्रदीप रानी जैन, अनिल बंसल, डॉ. जितेंद्र जैन, प्रचार मंत्री विजय धुर्रा, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर अक्षय अमरोद, समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद आदि ने सम्मानित किया और उन्हें शॉल, श्रीफल पीत वस्त्र, पगड़ी माला भेंट की।</p>
<p><strong>जिसका जन्म हुआ है उसे जाना पड़ेगा </strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य पर्याय भी धोखा दे सकता है। ये पर्याय भी मिटेगा। इसलिए ये दुर्लभ मानव जन्म मिला है तो कुछ ऐसा करो कि ये जन्म मरण का चक्कर ही समाप्त हो जाए। ये पर्याय भी तो मिटाना ही है, जो उत्पन्न हुआ वह जाएगा। जिस जिसका जन्म हुआ है तो वह एक दिन मरेगा। मरण कोई बीमारी नहीं है ना कोई बीमारी से मरता। ये तो आपकी पर्याय की पूर्णता का संकेत है। इस बात को तो आप भी जानते हैं कि मृत्यु तो निश्चित है, इसलिए भगवान पर्यायों को अपने ज्ञान का विषय बनाते ही नहीं हैं।</p>
<p><strong>जहां आंख उठाएं वह सब मेरे हो जाएं </strong></p>
<p>मुनिश्री ने आगे कहा कि जहां आंख उठाएं सब मेरी जमीन हो, जहां मैं देखूं सबकुछ मेरा हा।े ऐसा हो सकता है, ऐसा भी हो सकता है। आप मित्र बनना चाहते हैं। संसार में जितने जीव हैं, वे सारे मेरे मित्र हैं। सारा संसार मेरा है और सारी दुनिया से रिलेशन सिप बनाएं। सारा संसार मेरा दोस्त । सारा सांसार मेरा कुटुम्ब है। राग को गाढ़ा करो। जितना बढ़ा सको बढ़ाओ। अपने कुटुम्ब से, परिवार से सबसे ज्यादा राग होता है। जैसे अपने कुटुम्ब में दुःख को देखकर आंख में आंसू आ जाते है। ऐसे ही संसार में किसी को भी दुःख आ जाए तो आपकी आंख में आंसू आ जाए।</p>
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		<title>तीर्थ की रक्षा तुम करो, तीर्थ क्षेत्र तुम्हारी रक्षा करेंगे : मुनि श्री सुधासागरजी ने दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में दी देशना </title>
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		<pubDate>Sat, 15 Nov 2025 05:33:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में शुक्रवार को आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने तीर्थों की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि तीर्थ क्षेत्र मानव जीवन के रक्षक होते हैं। थुवोन जी से राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; थुवोन जी। दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में शुक्रवार को आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में शुक्रवार को आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने तीर्थों की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि तीर्थ क्षेत्र मानव जीवन के रक्षक होते हैं। <span style="color: #ff0000">थुवोन जी से राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थुवोन जी।</strong> दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में शुक्रवार को आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने तीर्थों की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि तीर्थ क्षेत्र मानव जीवन के रक्षक होते हैं। जब भक्त संकट में होता है तो वही तीर्थ उसकी रक्षा करते हैं। चौथे काल की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान आदिनाथ के पुत्र भरत चक्रवर्ती स्वयं अयोध्या के जिनालयों में अभिषेक के साथ-साथ तीर्थों से गंधोदक लेकर अपने नगर की रक्षा भावना को स्थापित करते थे। इसलिए तीर्थों का निर्माण और संरक्षण आध्यात्मिक एवं सामाजिक सुरक्षा दोनों प्रदान करता है</p>
<p><strong>16 नवंबर को होगा सिंहद्वार का शिलान्यास</strong></p>
<p>तीर्थ क्षेत्र समिति के प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि गुरुदेव की प्रेरणा से दर्शनोदय तीर्थ में भव्य पाषाण-निर्मित विशाल सिंहद्वार का निर्माण होने जा रहा है। इसका शिलान्यास 16 नवंबर को श्रावक श्रेष्ठी पद्मकुमार वाझल एवं सौरभकुमार वाझल परिवार द्वारा किया जाएगा। विजय धुर्रा ने बताया कि इस अवसर पर पंचमुखी रुद्राक्ष विशाल मंदिर, नन्दीश्वर दीप जिनालय, पांच और जिनालयों सहित गगन विहारी रचना का भी शिलान्यास प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भाई के कुशल निर्देशन में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परिकल्पना आने वाली पीढ़ियों के लिए सौभाग्य का कारण बनेगी।</p>
<p><strong>पत्थर में फूल खिला दिए : कलेक्टर आदित्य सिंह</strong></p>
<p>जिला कलेक्टर आदित्यसिंह दोपहर में दर्शनोदय तीर्थ पहुंचे और परम पूज्य गुरुदेव श्री सुधासागरजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने क्षेत्र कमेटी की सराहना करते हुए कहा कि यह पूरा इलाका पथरीला था, लेकिन कमेटी ने अथक परिश्रम से इसमें हरियाली और सौंदर्य स्थापित कर पत्थरों में फूल खिला दिए। उन्होंने सभी से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण हेतु हर व्यक्ति अपने माता-पिता की स्मृति में एक-एक पौधा अवश्य लगाए। कलेक्टर सिंह का थूवोनजी समिति द्वारा शॉल, श्रीफल, पगड़ी एवं मालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया।</p>
<p><strong>चौरासी की जैन समाज आपकी प्रतीक्षा कर रही है: पूर्व डीजीपी शांतकुमार</strong></p>
<p>दिल्ली पुलिस के पूर्व डीजीपी शांत कुमार ने आज दर्शनोदय तीर्थ में पहुंचकर मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि संपूर्ण चौरासी क्षेत्र खनियांधाना, बामौर, करवाया, रन्नौद, अकाझारी और गोला कोट से सैकड़ों भक्त गुरुदेव के दर्शनार्थ पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गुरुदेव के आशीर्वाद से गोला कोट तीर्थ क्षेत्र का कायाकल्प हो रहा है। भक्तों की इस भावना को उन्होंने अद्भुत आध्यात्मिक एकता बताया।</p>
<p><strong>मुनि श्री के प्रेरक उद्गार</strong></p>
<p>धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने जीवन के मूलभूत संस्कारों पर प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को सप्ताह में एक दिन उपवास अवश्य करना चाहिए। अमीर हो या राजा सभी को सेवा, श्रम और सादगी का अभ्यास सीखना चाहिए। अहंकार मनुष्य का सर्वनाश करता है, विनम्रता जीवन की शक्ति है। भीषण गर्मी में भी एक दिन साधकों जैसी वंदना अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने पांडवों का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन समय में उन्हें भी नौकरी करनी पड़ी थी, इसलिए कोई भी कार्य छोटा नहीं होता।</p>
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		<title>थूवोनजी में होगा भव्य शिलान्यास समारोह: मुनिश्री सुधासागर जी के मंगल सान्निध्य में नवीन जिनालयों की रखी जाएगी आधारशिला  </title>
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		<pubDate>Tue, 11 Nov 2025 13:49:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि दुनिया में गरीब बने रहो, लेकिन भगवान के द्वार पर अमीरी दिखाना। उन्होंने समझाया कि यदि अमीरी दिखानी है तो वह केवल भगवान के सामने दिखाओ। दुनिया में गरीब बनकर रहो, परंतु प्रभु के दर पर अमीर बनकर जाओ। प्रभु अंतर्यामी हैं, वे सब कुछ जानते हैं। थूवोनजी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि दुनिया में गरीब बने रहो, लेकिन भगवान के द्वार पर अमीरी दिखाना। उन्होंने समझाया कि यदि अमीरी दिखानी है तो वह केवल भगवान के सामने दिखाओ। दुनिया में गरीब बनकर रहो, परंतु प्रभु के दर पर अमीर बनकर जाओ। प्रभु अंतर्यामी हैं, वे सब कुछ जानते हैं। <span style="color: #ff0000">थूवोनजी से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थूवोनजी।</strong> मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि दुनिया में गरीब बने रहो, लेकिन भगवान के द्वार पर अमीरी दिखाना। उन्होंने समझाया कि यदि अमीरी दिखानी है तो वह केवल भगवान के सामने दिखाओ। दुनिया में गरीब बनकर रहो, परंतु प्रभु के दर पर अमीर बनकर जाओ। प्रभु अंतर्यामी हैं, वे सब कुछ जानते हैं। यदि संसार के सामने अमीरी दिखाई तो लुट जाओगे और यदि पड़ोसी को अमीरी दिखाई तो सबसे पहले वही शत्रु बन जाएगा। इसलिए पड़ोसी के सामने गरीब बने रहो, उसे केवल ऊपर-ऊपर की जानकारी हो पर भीतर की समृद्धि केवल प्रभु को ज्ञात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम भगवान के समक्ष अमीर बनकर जाते हैं, तो भले ही वास्तव में अमीर न हों, एक दिन ऐसा अवश्य आता है जब हम अमीर बन जाते हैं कृ यही अमीरी पाने की सबसे सरल विधि है।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-94243" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251111-WA0034.jpg" alt="" width="1045" height="1151" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251111-WA0034.jpg 1045w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251111-WA0034-272x300.jpg 272w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251111-WA0034-930x1024.jpg 930w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251111-WA0034-768x846.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251111-WA0034-990x1090.jpg 990w" sizes="(max-width: 1045px) 100vw, 1045px" />16 नवंबर को होगा नवीन जिनालयों का शिलान्यास</strong></p>
<p>प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि वर्षों की प्रतीक्षा और सतत प्रयासों के बाद मध्य भारत के सबसे बड़े तीर्थ क्षेत्र श्री दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में भव्य पाषाण निर्मित पंचमुखी विशाल जिनालयों एवं सिंहद्वार के साथ-साथ श्री नंदीश्वर दीप के बावन जिनालयों का शिलान्यास 16 नवंबर को मुनिश्री सुधासागर जी ससंघ के पावन सान्निध्य में होगा। इस अवसर पर उनके साथ क्षुल्लक श्री गंभीर सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री वरिष्ठ सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री विदेह सागर जी महाराज ससंघ एवं बाल ब्रह्मचारी प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया भी उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन गुरुदेव के निर्देशन में पूरे विधि-विधान के साथ होगा। शिलान्यास का सौभाग्य पूर्व निर्धारित पुण्यशाली परिवार को प्राप्त होगा। इस अवसर पर सभी श्रद्धालु अपने परिवार, मित्रों सहित तीर्थ क्षेत्र पहुँचकर धर्म की प्रभावना में सहभागी बनने का आग्रह किया गया है।</p>
<p><strong>तीर्थ कमेटी की अपील</strong></p>
<p>दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी के अध्यक्ष अशोक जैन टींगू मिल, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र रोकड़िया, महामंत्री मनोज भैसरवास, कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगल दीप, मंत्री शैलेंद्र दद्दा, राजेंद्र हलवाई, प्रदीप रानी जैन, अनिल बंसल, डॉ. जितेंद्र जैन, प्रचार मंत्री विजय धुर्रा, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर अक्षय अमरोद, समाज अध्यक्ष राकेश कासंल तथा महामंत्री राकेश अमरोद सहित सभी पदाधिकारियों ने जन-जन से उपस्थिति का निवेदन किया है।</p>
<p><strong>सृष्टि नहीं, दृष्टि बदलनी है </strong></p>
<p>मुनिश्री सुधासागर जी ने अपने प्रेरक प्रवचन में कहा सृष्टि नहीं, दृष्टि बदलनी है। हमारी उम्मीद है कि दुनिया सुधर जाएगी। उन्होंने बताया कि दुनिया को अपने हिसाब से बदलने का प्रयास व्यर्थ है। जो व्यक्ति स्वयं को बदल लेता है, वही सच्चा सुधारक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि गुटखा-तंबाकू छोड़ने की बात करने से लोग उल्टा उसका सेवन करने लगते हैं। इसलिए दूसरों को सुधारने की बजाय स्वयं की दृष्टि सुधारो। संसार में जो वायरस फैलते हैं, उन्हें तो नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन जो बीमारी भीतर से उत्पन्न होती है। उसे समाप्त करना कठिन होता है।</p>
<p><strong>अपने गुणों को ढंककर रखो</strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि धर्मशास्त्रों में लिखा है कि दूसरों की बुराइयां मत देखो और अपने गुणों को छिपाओ। हमें एक छोटी-सी सफलता मिल जाए तो हम अत्यधिक उल्लसित हो जाते हैं, परंतु विवेकवान व्यक्ति अपनी सफलता और गुणों को कभी प्रकट नहीं करता। जैसे धनवान व्यक्ति अपने धन को छिपाकर रखता है ताकि वह सुरक्षित रहे, वैसे ही अपने गुणों को भी विनम्रता से ढाँकना चाहिए। उन्होंने हंसते हुए कहा कि दुश्मन को अमीरी मत दिखाना, रिश्तेदारों को अमीरी मत दिखाना, सरकार को अमीरी मत दिखाना, और पत्नी को अमीरी मत दिखाना वरना वो तुरंत पर्ची पकड़ा देंगी।</p>
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		<title>मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज बोले – रास्ते साफ़ होंगे तो मन्दिर गंदगी से मुक्त रहेंगे : सात नवम्बर को परम पूज्य के करकमलों से होगा मौजी बंधन संस्कार समारोह – विजय धुर्रा </title>
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		<pubDate>Thu, 06 Nov 2025 04:14:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में आयोजित धर्मसभा में मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि जब रास्ते स्वच्छ होंगे, तभी मंदिर गंदगी से मुक्त रहेंगे। साथ ही उन्होंने सात नवंबर को मौजी बंधन संस्कार समारोह होने की घोषणा की। पढ़िए राजीव सिंघई की पूरी रिपोर्ट… थूवोनजी — धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुंगव श्री [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में आयोजित धर्मसभा में मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि जब रास्ते स्वच्छ होंगे, तभी मंदिर गंदगी से मुक्त रहेंगे। साथ ही उन्होंने सात नवंबर को मौजी बंधन संस्कार समारोह होने की घोषणा की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजीव सिंघई की पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थूवोनजी</strong> — धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि धर्म दो प्रकार का होता है — नैतिक धर्म (निश्श्रेयस) और उभयद सुख धर्म। संसार चलाने के लिए धन-दौलत की आवश्यकता होती है, इसलिए पहले संसार की चर्चा आवश्यक है। भूखे भजन नहीं हो सकते, पहले पेट की आग बुझाना जरूरी है।</p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि “मंदिर तक जाने वाले रास्ते साफ़ होंगे तो मंदिर भी गंदगी से मुक्त रहेंगे।” उन्होंने बताया कि धर्म में माल और चालाकी की चर्चा जहां होती है, वहीं गृहस्थ पहले धन की आवश्यकता पूरी कर प्रभु के चरणों में पहुंचता है।</p>
<p><strong>कल होगा मौजी बंधन संस्कार समारोह</strong></p>
<p>प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज के करकमलों से 7 नवंबर को दोपहर 1 बजे मौजी बंधन संस्कार समारोह आयोजित होगा। इस अवसर पर शांतिधारा एवं गंधोदक का आयोजन भी होगा।</p>
<p><strong>जगत कल्याण की कामना हेतु महा शांतिधारा </strong></p>
<p>प्रातःकाल की बेला में परम पूज्य गुरुदेव के श्रीमुख से जगत कल्याण की कामना हेतु महा शांतिधारा संपन्न हुई। इसका सौभाग्य इंदौर से आए जिनेश झांझरी, रमेश गदिया सहित अन्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। समारोह के दौरान थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टिंगू, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र रोकड़िया, संजीव जैन, महामंत्री मनोज भैसरवास, कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगल, दीप मंत्री शैलेन्द्र दददा, समाज अध्यक्ष राकेश कासंल, महामंत्री राकेश अमरोद, मंत्री विजय धुर्रा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।</p>
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		<title>1008 कलशों से दर्शनोदय के खड़े बाबा का महा मस्तिकाभिषेक: चक्रवर्ती की भव्य रजत रथयात्रा का थूवोनजी में किया भव्य स्वागत  </title>
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		<pubDate>Tue, 04 Nov 2025 13:43:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[चक्रवर्ती रथयात्रा, रजत विमान, देव शास्त्र गुरु यात्रा का मंगलवार को सुबह दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी पहुंचने पर अंचल से पहुंचे हजारों भक्तों ने कमेटी के साथ भव्य स्वागत किया। इसके बाद खड़े बाबा भगवान आदिनाथ स्वामी का 1008 कलशों से महामस्तिकाभिषेक किया गया। अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; अशोक नगर। अशोक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>चक्रवर्ती रथयात्रा, रजत विमान, देव शास्त्र गुरु यात्रा का मंगलवार को सुबह दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी पहुंचने पर अंचल से पहुंचे हजारों भक्तों ने कमेटी के साथ भव्य स्वागत किया। इसके बाद खड़े बाबा भगवान आदिनाथ स्वामी का 1008 कलशों से महामस्तिकाभिषेक किया गया। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> अशोक नगर से दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी के लिए मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज, क्षुल्लक श्री गंभीर सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री वरिष्ठ सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री विदेह सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में चल रही चक्रवर्ती रथयात्रा, रजत विमान, देव शास्त्र गुरु यात्रा का मंगलवार को सुबह दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी पहुंचने पर अंचल से पहुंचे हजारों भक्तों ने कमेटी के साथ भव्य स्वागत किया। इसके बाद खड़े बाबा भगवान आदिनाथ स्वामी का 1008 कलशों से महामस्तिकाभिषेक किया गया। जिसका सौभाग्य क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन टींगू मिल एवं विकास कुमार आनंद जैन ठौरा परिवार कोटा को मिला।</p>
<p><strong>रथयात्रा का ग्रामीण क्षेत्र में भी हुआ भव्य स्वागत</strong></p>
<p>इसके पहले चक्रवर्ती की भव्य रथयात्रा रजत रथयात्रा का प्रातः काल की बेला में दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में भव्य प्रवेश हुआ। जहां इस दौरान थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू मिल, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र रोकड़िया, संजीव श्रागर, धर्मेंद्र रोकड़िया, संजीव जैन, महामंत्री मनोज भैसरवास, कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगलदीप, मंत्री शैलेंद्र दद्दा राजेंद्र हलवाई, प्रदीप रानी जैन, समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, उपाध्यक्ष अजीत बरोदिया, प्रदीप तारई, राजेंद्र अमन, मंत्री शैलेंद्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, यात्रा संयोजक नितिन बज, नीलेश बड़कुल, कपिल मिर्ची, विपिन सिंघई उपस्थित रहे। इस विशाल रथयात्रा का ग्रामीण जन अपने द्वार पर गोबर से लीपकर चौक पूर कर पाद प्रक्षालन की प्रतीक्षा कर रहे थे। इनको सौभाग्य प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-93738" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034.jpg" alt="" width="1280" height="863" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034-300x202.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034-1024x690.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034-768x518.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034-990x667.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />अधिकारी और राजनेता भी रहे मौजूद </strong></p>
<p>इस अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया ने कहा कि अशोकनगर वालों को इस रथयात्रा को चलाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ लेकिन, पूरे अंचल के भक्तों ने अपने नगरों से रथों के साथ बैंडबाजे सहित भाग लेकर खुशियों को बढ़ा रहे थे। इस दौरान जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि इस रथयात्रा के प्रारंभ कलेक्टर आदित्यसिंह, एसपी राजीव मिश्रा, पूर्व मंत्री ब्रजेंद्र सिंह यादव, नपं अध्यक्ष नीरज मनोरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष अजयसिंह यादव सहित अन्य प्रमुख जनों ने अभिनंदन किया।</p>
<p><strong>सत इंद्रों से पूजित होने पर बड़े बाबा का अतिशय बढ़ेगा- मुनि श्री सुधासागरजी </strong></p>
<p>इसके पहले विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि इतनी विशाल चक्रवर्ती रजत रथयात्रा लेकर आप लोग आए। इससे भगवान को कुछ भी नहीं होगा। सत इंद्रों से पूजित हो जाने पर भगवान का अतिशय तो बढ़ेगा ही आप सभी भक्त लोगांे के भंडार भरेंगे।</p>
<p><strong>आज भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भौतिकता से मुक्त  </strong></p>
<p>इसके पहले शाम को ललोई ग्राम में रजत रथ पदयात्रा का पड़ाव हुआ। जहां विशाल किसान सभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। ग्रामीण व्यवस्था कल भी साफ सुथरी थी, आज भी यहां भौतिकता हावी नहीं हुई। यदि हम सब मिलकर अपने देश को व्यसनों से मुक्त करने में सफल हो गए तो भारत को विश्व महा शक्ति बनने में समय नहीं लगेगा क्योंकि, हमारे पास युवा शक्ति बहुत है। प्रकृति संसाधनों भरपूर है। सब कुछ होते हुए यदि व्यक्ति व्यसनों में चला जाता है तो कार्य क्षमता समाप्त हो जाती है। हमें अपने राष्ट्र के निर्माण में योगदान के लिए आगे आना होगा।</p>
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		<title>अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ निकली चक्रवर्ती रजत रथयात्रा : कलेक्टर आदित्य सिंह और एसपी राजीव मिश्रा ने किया मुनिश्री के साथ 10 किलोमीटर का पदविहार </title>
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		<pubDate>Sun, 02 Nov 2025 14:37:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अशोकनगर में राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में तीर्थ दर्शनोदय थूवोनजी से जुड़ी चक्रवर्ती रजत रथयात्रा अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ निकली। प्रशासनिक अधिकारियों, समाज के पदाधिकारियों और हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता से नगर धर्ममय हो उठा। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट… अशोकनगर। परम पूज्य राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अशोकनगर में राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में तीर्थ दर्शनोदय थूवोनजी से जुड़ी चक्रवर्ती रजत रथयात्रा अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ निकली। प्रशासनिक अधिकारियों, समाज के पदाधिकारियों और हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता से नगर धर्ममय हो उठा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोकनगर।</strong> परम पूज्य राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में, तीर्थ दर्शनोदय थूवोनजी से जुड़ी भव्य चक्रवर्ती रजत रथयात्रा शनिवार को सुभाषगंज मैदान से अभूतपूर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारंभ हुई। इस ऐतिहासिक आयोजन में कलेक्टर आदित्य सिंह, पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा सहित जिला प्रशासन के अधिकारीगण भी शामिल हुए और मुनिश्री के साथ लगभग 10 किलोमीटर का पदविहार किया।</p>
<p>सभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा — “अगर रावण ने पति पुराण के साथ पड़ोसी पुराण भी पढ़ी होती, तो वह दशहरा मैदान तक नहीं पहुँचता। जहाँ मंदिर पास में हो, जहाँ संतों का आगमन हो सके, और सज्जन लोगों का वास हो — वही स्थान शुभ है।” उन्होंने आगे कहा कि “गाड़ी का आशीर्वाद ऐसा लो कि किसी जीव की हिंसा न हो। धर्म से जुड़ा कार्य ही सफलता का मार्ग बनता है।”</p>
<p><strong>भव्य शोभायात्रा और झांकियों का आकर्षण</strong></p>
<p>भरत चक्रवर्ती के रथ पर भव्य सजावट की गई थी, जिसमें रजत विमान पर विराजमान भगवान का दिव्य रूप मनमोहक था। चौबीस वाघियों पर इंद्र-इंद्राणियों की आकर्षक झांकियां नगरवासियों के आकर्षण का केंद्र बनीं। मध्यप्रदेश के शाढ़ौरा, पिपरई, ईसागढ़, मुंगावली और उत्तरप्रदेश के ललितपुर, करैरा, महरौनी सहित कई तीर्थों से श्रद्धालुओं की टोलियां पहुंचीं। पुष्पवृष्टि, भक्ति संगीत और जयघोषों से नगर का वातावरण धर्ममय हो उठा।</p>
<p><strong>जैन समाज का संगठनात्मक सहयोग</strong></p>
<p>रथयात्रा के सफल आयोजन में जैन समाज अध्यक्ष राकेश कासंल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, उपाध्यक्ष अजित बरोडिया, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार सहित अनेक गणमान्य जनों ने सेवा दी। इस अवसर पर थूवोनजी के प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। भक्ति, शांति और धर्म के रंगों में रँगी यह चक्रवर्ती रजत रथयात्रा अशोकनगर के धार्मिक इतिहास में सदा के लिए स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गई।</p>
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		<title>बुंदेलखंड तीर्थ वंदना के साथ होगा एपीपीएस का राष्ट्रीय अधिवेशन : 16 को तीर्थ वंदना, 17 को होगा गोलाकोट में अधिवेशन </title>
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		<pubDate>Tue, 12 Aug 2025 12:17:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह (एपीपीएस) का तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन 16-17 अगस्त को बुंदेलखंड तीर्थ वंदना के साथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गोलाकोट में आयोजित होगा। पढ़िए मनोज जैन की खास रिपोर्ट… अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह का तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन इस वर्ष धार्मिक और सामाजिक संगम का अद्भुत उदाहरण बनने जा रहा है। एपीपीएस के राष्ट्रीय [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह (एपीपीएस) का तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन 16-17 अगस्त को बुंदेलखंड तीर्थ वंदना के साथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गोलाकोट में आयोजित होगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज जैन की खास रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p>अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह का तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन इस वर्ष धार्मिक और सामाजिक संगम का अद्भुत उदाहरण बनने जा रहा है। एपीपीएस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मनोज जैन नायक ने बताया कि 16-17 अगस्त को यह आयोजन बुंदेलखंड तीर्थ वंदना के साथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गोलाकोट (खनियांधाना) में होगा। इस अधिवेशन में संपूर्ण भारतवर्ष से 250 से अधिक क्षेत्रीय संयोजकों की उपस्थिति संभावित है, जिसमें पुरुषों के साथ महिलाओं की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया गया है। पहले दिन शनिवार 16 अगस्त को सभी प्रतिनिधि ललितपुर स्थित श्री क्षेत्रपाल जैन मंदिर में एकत्र होकर पूजन अर्चना करेंगे। इसके बाद बुंदेलखंड जैन तीर्थ यात्रा प्रारंभ होगी, जिसमें श्रीसैरोंनजी, चंदेरी, खंदारगिरी, थूवोनजी, अशोकनगर और पचराई जैसे ऐतिहासिक व आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन होंगे। अशोकनगर में प्रतिनिधिगण चातुर्मासरत मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के दर्शन व आशीर्वाद प्राप्त करेंगे तथा ‘जिज्ञासा समाधान’ कार्यक्रम में भाग लेकर अपने प्रश्नों का समाधान पाएंगे। रात्रि विश्राम गोलाकोट में होगा।</p>
<p><strong>पूजन और विधान के बाद राष्ट्रीय अधिवेशन का होगा शुभारंभ </strong></p>
<p>दूसरे दिन रविवार 17 अगस्त की सुबह गोलाकोट में जिनेंद्र प्रभु के अभिषेक, शांतिधारा, पूजन और विधान के बाद राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ होगा। इसमें अविवाहित युवाओं के सगाई संबंधों को प्रोत्साहित करने, अखिल भारतीय परिचय पुस्तिका के नए संस्करण के प्रकाशन और जैन परिचय एप के सुधार पर विस्तृत चर्चा होगी। सभी प्रतिनिधियों के आवास, भोजन, परिवहन आदि की संपूर्ण व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई हैं। समापन समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिनिधियों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजन समिति ने प्रत्येक कार्य के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि किसी भी प्रतिनिधि को कोई असुविधा न हो।</p>
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