<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Thandla &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/thandla/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Sat, 31 Aug 2024 04:06:16 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Thandla &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>पर्युषण पर्व में कत्लखाने व मांस विक्रय बंद करवाने जैन समाज सह आईजा ने सौंपा ज्ञापन : पर्युषण पर्व में बंद हो कत्लखाने &#8211; आईजा संगठन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/slaughterhouses_to_be_closed_during_paryushan_festival_aija_organization/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/slaughterhouses_to_be_closed_during_paryushan_festival_aija_organization/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 31 Aug 2024 04:06:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[AIJA Organization]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Memorandum श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Paryushan]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Thandla]]></category>
		<category><![CDATA[आईजा संगठन]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[ज्ञापन]]></category>
		<category><![CDATA[थांदला]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[पर्युषण]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=65148</guid>

					<description><![CDATA[जीवदया प्रेमी सत्य अहिंसा प्रधान जैन धर्म के पवित्र पावन पर्युषण पर्व दिनों में थांदला सहित जिले में बूचड़खाने व मांस विक्रय पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने श्वेताम्बर जैन संघ व ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर व एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। पढ़िए जीवन लाल जैन की रिपोर्ट&#8230; थांदला। जीवदया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जीवदया प्रेमी सत्य अहिंसा प्रधान जैन धर्म के पवित्र पावन पर्युषण पर्व दिनों में थांदला सहित जिले में बूचड़खाने व मांस विक्रय पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने श्वेताम्बर जैन संघ व ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर व एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए जीवन लाल जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थांदला।</strong> जीवदया प्रेमी सत्य अहिंसा प्रधान जैन धर्म के पवित्र पावन पर्युषण पर्व दिनों में थांदला सहित जिले में बूचड़खाने व मांस विक्रय पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने श्वेताम्बर जैन संघ व ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर व एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जैन समाज से मूर्तिपूजक संघ अध्यक्ष कमलेश जैन (दायजी), तेरापंथ सभा अध्यक्ष दिनेश मेहता, अरविंद रुनवाल, स्थानकवासी संघ अध्यक्ष भरत भंसाली, सचिव प्रदीप गादिया, पुर्व अध्यक्ष जितेंद्र घोड़ावत, वरिष्ठ सदस्य यतीश छिपानी, पारस तलेरा आईजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन नाहर, तहसील प्रभारी समकित तलेरा, प्रवक्ता अजय सेठिया आदि मौजूद रहे।</p>
<p>ज्ञापन का वाचन करते हुए संघ अध्यक्ष भरत भंसाली ने बताया कि श्वेताम्बर समाज के पर्युषण 31 अगस्त से प्रारम्भ होकर 8 अगस्त तक चलेंगे। इस दौरान सभी प्रकार की मांस विक्रय व कत्लखानों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। आईजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन नाहर व कमलेश जैन ने कहा कि समग्र जैन समाज जिसमें श्वेताम्बर, तेरापंथ व दिगम्बर समाज आता है उनके पर्युषण पर्व 31 अगस्त से 15 सितंबर तक चलेंगें इस दौरान केंद्र व मध्यप्रदेश शासन के एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की एडवाइजरी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के साथ माननीय सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी है कि सभी स्थानों पर चलने वाले कत्लखाने व मांस विक्रय को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए।</p>
<p>एसडीएम तरुण जैन ने स्थानीय स्तर पर नगर परिषद को त्वरित निर्देश देते हुए ज्ञापन के पालन के लिए लिख दिया है। वहीं जिला कलेक्टर को भी आवेदन की कॉपी भेजने की बात कही है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अवैध बूचड़खाने व खुले में अवैध मांस विक्रय पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया हुआ है फिर भी नगर में अनेक स्थानों गली मोहल्लों यहां तक कि प्रमुख सड़कों पर भी खुले में मांस बिक रहा है व अवैध बूचड़खाने भी संचालित हो रहे है।</p>
<p>इसके पूर्व भी एसडीएम तहसीलदार व नगर परिषद के साथ ही जिले की टीम ने भी अनेक स्थानों को चिह्नित करते हुए दुकानों पर ताले लगाए थे। बावजूद इसके आज भी वैसी ही हालत है, जिसका सख्ती से पालन जरूरी है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/slaughterhouses_to_be_closed_during_paryushan_festival_aija_organization/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुनिश्री पुण्य सागर जी महाराज का 2 जून को होगा मंगल विहार रमता योगी और बहता पानी रोकने पर भी नही रुकते   </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/ramta_yogi_and_flowing_water_do_not_stop_even_if_stopped/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/ramta_yogi_and_flowing_water_do_not_stop_even_if_stopped/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Jun 2024 16:06:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Ajit Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Shanti Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vardhaman Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Punya Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Thandla]]></category>
		<category><![CDATA[Udepuriya श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री अजीत सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री शांति सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[उदेपुरिया]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[थांदला]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=61480</guid>

					<description><![CDATA[प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री अजीत सागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य परम प्रभावक थांदला गौरव मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज का 6 मई को थांदला 19 वर्षी के बाद प्रवेश हुआ था। ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी एवं ब्रह्मचारी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री अजीत सागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य परम प्रभावक थांदला गौरव मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज का 6 मई को थांदला 19 वर्षी के बाद प्रवेश हुआ था। ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी एवं ब्रह्मचारी विकास भैया अनुसार विगत 27 दिन में मुनि श्री द्वारा धर्म की बहुत महत्वपूर्ण धर्म प्रभावना की गई। <span style="color: #ff0000">पढि़ए विशेष रिपोर्ट—</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थांदला ।</strong> प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री अजीत सागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य परम प्रभावक थांदला गौरव मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज का 6 मई को थांदला 19 वर्षी के बाद प्रवेश हुआ था। ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी एवं ब्रह्मचारी विकास भैया अनुसार विगत 27 दिन में मुनि श्री द्वारा धर्म की बहुत महत्वपूर्ण धर्म प्रभावना की गई। नगर में प्रथम बार मुनि दीक्षा का समारोह हुआ। जिसमें नगर के ही क्षुल्लक श्री पूर्ण सागर को मुनि दीक्षा प्रदान कर मुनि श्री पूर्ण सागर जी नाम किया। समाज अध्यक्ष अरुण कोठारी ,इंद्रवर्धन मेहता अनुसार सिद्धचक्र महामंडल विधान का भी आयोजन मुनि श्री के संघ सानिध्य में हुआ। विगत दिनों में मुनि श्री पुण्य सागर जी के प्रवचन का लाभ समाज द्वारा प्राप्त किया गया ।रमता योगी और बहता पानी रोकने पर भी नही रुकते हैं क्योंकि योगी साधु मोह को त्याग कर निर्मोही बनते हैं ।</p>
<p>मुनि श्री के प्रवास के दौरान अनेक नगर वासियों ने व्रत नियम अंगीकार किए। मुनि श्री पुण्य सागर जी का 18 शिष्यों सहित 2 जून को थांदला से 8 किलोमीटर उदेपुरिया में आहार चर्या होगी। कुशलगढ़ होते हुए बांसवाड़ा की ओर विहार होगा ।जहां पर वर्षो बाद पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के चरण वंदना हेतु मंगल मिलन होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/ramta_yogi_and_flowing_water_do_not_stop_even_if_stopped/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एकान्तर उपवास के सामूहिक होते है पारणे : भीषण गर्मी में सामूहिक वर्षीतप आराधना जारी </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/mass_varshapa_puja_continues_in_scorching_heat/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/mass_varshapa_puja_continues_in_scorching_heat/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 May 2024 13:09:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[fasting]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Adinath श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Parana]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Thandla]]></category>
		<category><![CDATA[Varshitap Aradhana]]></category>
		<category><![CDATA[उपवास]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[थांदला]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[पारणा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान आदिनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[वर्षीतप आराधना]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=61213</guid>

					<description><![CDATA[धर्म धरा थांदला में धर्म का अनूठा प्रभाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां सूर्य की तपिश शरीर में उष्णता पैदा कर मन को अशांत कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जैन धर्मावलंबी तन को तपा देने वाली भीषण गर्मी में भी दुष्कर वर्षीतप की आराधना कर रहे हैं। संघ अध्यक्ष भरत भंसाली, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>धर्म धरा थांदला में धर्म का अनूठा प्रभाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां सूर्य की तपिश शरीर में उष्णता पैदा कर मन को अशांत कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जैन धर्मावलंबी तन को तपा देने वाली भीषण गर्मी में भी दुष्कर वर्षीतप की आराधना कर रहे हैं। संघ अध्यक्ष भरत भंसाली, सचिव प्रदीप गादिया व प्रवक्ता पवन नाहर ने बताया कि तप प्रधान जिन शासन में धर्म तीर्थ प्रणेता प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ ऋषभदेव भगवान के जन्म व दीक्षा कल्याणक दिवस कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी से जैन धर्मावलंबी में वर्षीतप की आराधना प्रारम्भ करने का विधान है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए जीवन लाल जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थांदला।</strong> धर्म धरा थांदला में धर्म का अनूठा प्रभाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां सूर्य की तपिश शरीर में उष्णता पैदा कर मन को अशांत कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जैन धर्मावलंबी तन को तपा देने वाली भीषण गर्मी में भी दुष्कर वर्षीतप की आराधना कर रहे हैं। संघ अध्यक्ष भरत भंसाली, सचिव प्रदीप गादिया व प्रवक्ता पवन नाहर ने बताया कि तप प्रधान जिन शासन में धर्म तीर्थ प्रणेता प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ ऋषभदेव भगवान के जन्म व दीक्षा कल्याणक दिवस कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी से जैन धर्मावलंबी में वर्षीतप की आराधना प्रारम्भ करने का विधान है।</p>
<p>करीब 13 माह 13 दिन तक चलने वाले इस तप को करने वाले आराधक एक दिन के अंतर से केवल गर्म अथवा धोवन पानी के आधार पर निराहार रहकर उपवास तप करते हैं, जो दूसरे वर्ष वैशाख के शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया/ आखा तीज) के दिन पूर्ण होती है। ऐसे में जिन शासन गौरव जैनाचार्य पूज्य श्रीउमेशमुनिजी के शताब्दी वर्ष में करीब 72 आराधकों द्वारा समूहिक वर्षीतप की आराधना की जा रही है। ललित जैन नवयुवक मंडल अध्यक्ष रवि लोढ़ा, सचिव सन्दीप शाहजी व मीडिया प्रभारी समकित तलेरा ने बताया कि श्रीसंघ में वर्षीतप की पहली बार आराधना हो रही है, जिसको लेकर सभी आराधकों में जबरदस्त उत्साह है।</p>
<p>थांदला संघ के उदारमना दानदाताओं के सहयोग से व नित्य एक लाभार्थी परिवार के सहयोग से सबके सामूहिक पारणे महावीर भवन पर हो रहे हैं। आज 28वें पारणे का लाभ स्व. मनोहरलाल शाहजी की स्मृति में मालतिदेवी शाहजी परिवार द्वारा लिया गया। मालती देवी, प्रेमलता सेठिया, अंजू खारीवाल, सारिका मेहता, मौनिका चौधरी, सुशीला बहन चौरड़िया, पुष्पा नवलखा आदि शाहजी परिवार व इनकी बहन बेटियों ने सभी आराधकों को पारणा करवाते हुए तिलक निकालकर प्रभावना प्रदान की।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-61215" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240527-WA0012.jpg" alt="" width="899" height="1121" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240527-WA0012.jpg 899w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240527-WA0012-241x300.jpg 241w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240527-WA0012-821x1024.jpg 821w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240527-WA0012-768x958.jpg 768w" sizes="(max-width: 899px) 100vw, 899px" /><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-61216" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240527-WA0011.jpg" alt="" width="899" height="1245" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240527-WA0011.jpg 899w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240527-WA0011-217x300.jpg 217w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240527-WA0011-739x1024.jpg 739w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240527-WA0011-768x1064.jpg 768w" sizes="(max-width: 899px) 100vw, 899px" /> ये हैं वर्षीतप तपस्या में शामिल तप आरधक</strong></p>
<p>संघ अध्यक्ष भरत भंसाली इस बार लगातार 19 वां व आशा झमकलाल श्रीमाल 13 वां वर्षीतप पवन नाहर के निरंतर 1008 एकासन सहित 4 एकासन वर्षीतप के बाद उपवास से वर्षीतप किया जा रहा है। वहीं वीर माता-पिता स्नेहलता अशोक मोदी, वीर माता द्वय अशुका लोढ़ा, आशा नाहटा, वीर पिता बाबूलाल छाजेड़, स्वाध्यायी सहित 4 जोड़े क्रमशः अनुपमा एवं मंगलेश संग पिता नानालाल श्रीश्रीमाल, रेखा एवं रवि लोढ़ा, कला व अभय खींमेसरा, मंजुला सूरजमल श्रीमाल, रानी विवेक लुणावत, गादिया परिवार की तीन बहुएं सुनीता लोकेश गादिया, रंजना श्रेणीक गादीया व अमिता प्रदीप गादीया, 6 देराणी जेठानी अनिता व मंगला लोढ़ा, मनोरमा व स्नेहलता चौधरी, राजल व इंदु कुवाड़, हेमा व रजनी मेहता, सरोज व सुधा शाहजी, रीटा, अलका व सपना व्होरा, मां-बेटे हंसा व अंशुल रुनवाल, कामिनी रुनवाल, श्वेता चौधरी, अर्चना गादीया, नीता छाजेड़, सुनीता घोड़ावत, राजल तलेरा, प्रीति चौरड़िया, शकुंतला शाहजी, स्नेहलता व्होरा, मंजूबाला नाहर, चंदा भंसाली, सुनीता श्रीश्रीमाल, प्रियंका डांगी, विनोद श्रीमाल, दीपक चौधरी, प्रवीणा सेठिया, किरण पावेचा, विभा श्रीमाल, शोभा नाग सेठिया, नम्रता कटारिया, अंगूरबाला लुणावत, संगीता लोढ़ा, कल्पना पालरेचा, स्मिता घोड़ावत, रीटा बोथरा, ममता तलेरा, विनोद श्रीमाल, भावना शाहजी, पिंकी पावेचा, ममता चौरड़िया, किरण शाहजी, सरिता लोढ़ा, मंजू चौरड़िया, अनिता पोरवाल नेहा लोढ़ा मंजू डुंगरवाल आदि तप आराधक दृढ़ भावों के साथ वर्षीतप की आराधना कर रहे हैं। सभी आराधकों के पारणें करवाने में पुष्पा घोड़ावत, प्रवीण पालरेचा, संजय व्होरा, मुकेश चौधरी, हेमंत श्रीमाल, महावीर घोड़ावत, राजेश सेठिया, विजय लोढ़ा, कमलेश कुवाड़, नीलेश पावेचा, हितेश शाहजी, राकेश श्रीमाल आदि नवयुवक मंडल की सेवा सराहनीय हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/mass_varshapa_puja_continues_in_scorching_heat/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ग्रीष्मकालीन जैन आवासीय धार्मिक संस्कार शिविर का आयोजन 14 से 19 तक धार्मिक शिक्षा के साथ संस्कारों को करेंगें ग्रहण </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/will_embrace_values_along_with_religious_education/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/will_embrace_values_along_with_religious_education/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 May 2024 06:52:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmdas Gannayak]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[Dungar Malwa Shri Dharmdas Gana Parishad श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jhabua]]></category>
		<category><![CDATA[Petlawad]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Dharmendramuniji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Jinendramuniji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Mahavir Jain Pathshala]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Sanyam Prabhaji]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Umeshmuniji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Thandla]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[झाबुआ]]></category>
		<category><![CDATA[डूंगर मालवा श्री धर्मदास गण परिषद]]></category>
		<category><![CDATA[थांदला]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मदास गणनायक]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[पेटलावद]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[श्री उमेशमुनिजी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्री जिनेन्द्रमुनिजी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्री धर्मेन्द्रमुनिजी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्री महावीर जैन पाठशाला]]></category>
		<category><![CDATA[श्री संयमप्रभाजी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=60502</guid>

					<description><![CDATA[जैनाचार्य पूज्य गुरुदेव श्री उमेशमुनिजी म.सा. &#8216;अणु&#8217; के सुशिष्य धर्मदास गणनायक, आगम विशारद, बुद्धपुत्र प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री जिनेन्द्रमुनिजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ पूज्य श्री धर्मेन्द्रमुनिजी म.सा. आदि ठाणा &#8211; 5 एवं संयम रुचिका पूज्य श्री संयमप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा &#8211; 9 के पावन सानिध्य में झाबुआ ज़िलें के पेटलावद शहर में ग्रीष्मकालीन जैन आवासीय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैनाचार्य पूज्य गुरुदेव श्री उमेशमुनिजी म.सा. &#8216;अणु&#8217; के सुशिष्य धर्मदास गणनायक, आगम विशारद, बुद्धपुत्र प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री जिनेन्द्रमुनिजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ पूज्य श्री धर्मेन्द्रमुनिजी म.सा. आदि ठाणा &#8211; 5 एवं संयम रुचिका पूज्य श्री संयमप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा &#8211; 9 के पावन सानिध्य में झाबुआ ज़िलें के पेटलावद शहर में ग्रीष्मकालीन जैन आवासीय धार्मिक संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है।थांदला के 60 बच्चों सहित 400 बच्चों के आने की संभावना है। <span style="color: #ff0000">पढि़ए जीवन लाल जैन की रिपोर्ट की ……</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थांदला।</strong> जैनाचार्य पूज्य गुरुदेव श्री उमेशमुनिजी म.सा. &#8216;अणु&#8217; के सुशिष्य धर्मदास गणनायक, आगम विशारद, बुद्धपुत्र प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री जिनेन्द्रमुनिजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ पूज्य श्री धर्मेन्द्रमुनिजी म.सा. आदि ठाणा &#8211; 5 एवं संयम रुचिका पूज्य श्री संयमप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा &#8211; 9 के पावन सानिध्य में झाबुआ ज़िलें के पेटलावद शहर में ग्रीष्मकालीन जैन आवासीय धार्मिक संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के संयोजक वीरेंद्र मेहता व अर्पित बुरड़ ने बताया कि श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ पेटलावद के तत्वावधान में श्री धर्मदास गण परिषद एवं अ.भा. श्री धर्मदास जैन युवा संगठन द्वारा आयोजित शिविर में डूंगर मालवा सहित देशभर के 12 वर्ष से ऊपर के करीब 400 बच्चें 14 मई से 18 मई तक अपने घर परिवार से दूर गुरुभगवंतों के सानिध्य में रहकर धार्मिक ज्ञानार्जन करेंगें। जिसका समापन 19 मई को किया जाएगा।</p>
<p><strong>नही करेंगें पंखा, कूलर एवं एसी का उपयोग </strong></p>
<p>शिविर के दौरान भीषण गर्मी में भी बच्चें पंखा, कूलर एवं एसी का उपयोग नही करेंगें। वही मोबाइल, टीवी से भी दूर रह कर धार्मिक शिक्षा के साथ संस्कारों को ग्रहण करेंगें। थांदला के श्री महावीर जैन पाठशाला के प्रभारी राजेन्द्र रुनवाल ने बताया कि थांदला से करीब 60 बच्चें, पाठशाला संचालिका साधना रुनवाल एवं प्रिया वोहरा के नेतृत्व में शिविर में शामिल होंगें । 14 मई की सुबह बच्चें थांदला से प्रस्थान करेंगें। थांदला संघ अध्यक्ष भरत भंसाली, सचिव प्रदीप गादिया, प्रवक्ता पवन नाहर, ललित जैन, नवयुवक मंडल अध्यक्ष रवि लोढ़ा, सचिव संदीप शाह,महिला मंडल अध्यक्ष पुष्पा घोड़ावत, सचिव गरिमा श्रीमाल, किरण श्रीमाल आदि संघ पदाधिकारियों के साथ पाठशाला संचालिका अनुपमा मंगलेश श्रीमाल, संध्या भंसाली, विनीता श्रीमाल ने पेटलावद में लगने वालें वृहद शिविर के लिए संघ व संगठन को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए सभी अभिभावकों को धन्यवाद देते हुए हर्ष व्यक्त किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/will_embrace_values_along_with_religious_education/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुनि श्री पुण्यसागर का हुआ ऐतिहासिक मंगल प्रवेश: मुनिश्री का जगह- जगह भक्तों किया पाद प्रक्षालन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/devotees_performed_foot_washing_of_munishree_at_various_places/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/devotees_performed_foot_washing_of_munishree_at_various_places/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 May 2024 07:08:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[108 Shri Punya Sagarji]]></category>
		<category><![CDATA[108श्री पुण्यसागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Ajit Sagarji]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Shantisagarji]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vardhaman Sagarji]]></category>
		<category><![CDATA[Brahmacharini Veenadidi श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Kshullak Purna Sagarji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Shri Mahavir Swami]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Thandla]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमानसागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री शांतिसागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्रीअजितसागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[क्षुल्लक पूर्णसागरजी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[थांदला]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रह्मचारिणी वीणादीदी]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान श्री महावीर स्वामी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=60106</guid>

					<description><![CDATA[प्रथमाचार्य चरित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागरजी की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी, पट्ट परम्परा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री अजितसागरजी के शिष्य मुनि ,नगर गौरव वात्सल्यमूर्ति 108 श्री पुण्यसागरजी का 19 वर्षो बाद 19 शिष्यों सहित मंगल प्रवेश हुआ। गुरुदेव के मंगल प्रवेश में जहाँ दिगम्बर संघ एक जैसी वेशभूषा में था वही जेनेत्तर समाज ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>प्रथमाचार्य चरित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागरजी की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी, पट्ट परम्परा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री अजितसागरजी के शिष्य मुनि ,नगर गौरव वात्सल्यमूर्ति 108 श्री पुण्यसागरजी का 19 वर्षो बाद 19 शिष्यों सहित मंगल प्रवेश हुआ। गुरुदेव के मंगल प्रवेश में जहाँ दिगम्बर संघ एक जैसी वेशभूषा में था वही जेनेत्तर समाज ने भी थांदला के नन्दन का अभूतपूर्व नगर प्रवेश कराया। 3 माह में 1200 किमी चलकर मुनि श्री पुण्यसागर ने थांदला में अभूतपूर्व आगमन किया । <span style="color: #ff0000">पढि़ए जीवन लाल जैन की रिपोर्ट ……</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थांदला।</strong> प्रथमाचार्य चरित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागरजी की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी, पट्ट परम्परा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री अजितसागरजी के शिष्य मुनि ,नगर गौरव वात्सल्यमूर्ति 108 श्री पुण्यसागरजी का 19 वर्षो बाद 19 शिष्यों सहित मंगल प्रवेश हुआ। गुरुदेव के मंगल प्रवेश में जहाँ दिगम्बर संघ एक जैसी वेशभूषा में था वही जेनेत्तर समाज ने भी थांदला के नन्दन का अभूतपूर्व नगर प्रवेश कराया। बैंड-बाजों पर मधुर गीत, कलश लेकर चलती महिलाएं । कुछ महिलाओं ने बैंड भी बजा रही थी ।नन्हें नन्हें हाथों में धर्म ध्वजा व बैंड, पारंपरिक ढोल ताशों के साथ ग्रामीण दल,गुरुदेव का जयकारा करता हुआ विशाल जन समूह गुरुदेव के मंगल प्रवेश की शोभा बढ़ा रहा था। अनेक स्थानों पर महानुभावों ने गुरुदेव का पाद प्रक्षालन किया व पुष्प वर्षा की तो गुरुदेव का अंतर्मन अभिभूत हो गया। पूरा करवां नगर के मुख्य चौराहे से होता हुआ नयापुरा पहुँचा और धर्म सभा में परिवर्तित हो गया ।जहाँ क्षुल्लक पूर्णसागरजी महाराज की जैनेश्वरी दीक्षा समारोह भी आयोजित हुआ। कार्यक्रम का मंगलाचरण संघस्थ बाल ब्रह्मचारिणी वीणादीदी ने किया वही थांदला अध्यक्ष अरुण कोठारी व संघ के मुख्य पदाधिकारियों ने आगंतुक महानुभावों का स्वागत किया।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-60108" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0014.jpg" alt="" width="1280" height="720" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0014.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0014-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0014-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0014-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0014-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0014-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0014-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0014-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0014-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />दीक्षा का अर्थ है इच्छाओं का दमन</strong></p>
<p>आयोजन में भगवान श्री महावीरस्वामी तथा प्रथमाचार्य चरित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागरजी एवं पूर्वाचार्यो को विभिन्न नगरों से पधारे समाज द्वारा अर्ध्य समर्पित किया गया। वही सौभाग्यशाली परिवार की 7 महिलाओं द्वारा चौक पूरण की क्रिया की गई। मुनि श्री का प्रवचन हुआ । जिसमें उन्होंनें थांदला से निकलते हुए अपने संयमी जीवन यात्रा के दौरान पूरे देश की स्पर्शना के स्मरण सुनाए।मुनिश्री ने कहा कि 3 माह में 1200 किमी की है ।यह यात्रा आचार्य श्री वर्धमानसागरजी के दर्शन करने के साथ पूर्ण होगी। जिसका हम बहुत दिनों से इंतज़ार कर रहे है, यही कारण है कि इस दौरान हमने कही विराम नही लिया। इस बेला में मुनि श्री के द्वारा दीक्षार्थी क्षुल्लक पूर्णसागरजी के वस्त्र परित्याग के पश्चात पंच मुष्ठी केशलोच करते हुए दीक्षा संस्कार मस्तक तथा हाथों पर कर दीक्षा प्रदान करते हुए क्षुल्लक से मुनि ने पूर्वोक्त नामकरण किया। दीक्षा का अर्थ है इच्छाओं का दमन, दीक्षा याने लंच और मंच का बदल जाना,दीक्षा मतलब ड्रेस और एड्रेस का परिवर्तन हो जाना,विचारों में क्रांति और आमूलचूल परिवर्तन को दीक्षा कहते हैं। आपने नगर से हुई 50 दीक्षित आत्माओं का जिक्र करते हुए कहा कि जैनियों की दीक्षा राग द्वेष निवृत्ति के लिए होती है, दीक्षा पूर्व संस्कार को तोड़ने का नाम है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-60109" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0013.jpg" alt="" width="648" height="1152" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0013.jpg 648w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0013-169x300.jpg 169w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/IMG-20240507-WA0013-576x1024.jpg 576w" sizes="auto, (max-width: 648px) 100vw, 648px" />दीक्षा संसार से मुख मोड़ कर अंतर्मुखी दृष्टि हो जाने को कहते हैं, अलौकिकता से दूर ,आध्यात्मिक नगर के नजदीक रहना दीक्षा है।पुण्यार्जक परिवार द्वारा नवः दीक्षित को संयम उपकरण भेंट किये गए। कार्यक्रम का सुंदर एव प्रभावशाली संचालन वीणा दीदी ने किया। नगर में यह पहला अवसर है जब नगर के ही रत्न की भव्य दीक्षा का नजारा ,हर किसी को भाव व आंनद विभोर कर गया। इस दौरान स्थानीय बालिका मण्डल व महिला मंडल ने सुंदर प्रस्तुतियां दी, व बाहर से आये संगीतकारों ने एक से बढ़कर एक गुरुदेव व वैराग्यमय भजनों से वातावरण का आनंदित कर दिया। आयोजन में बाल ब्रम्हचारिणी वीणा दीदी व थांदला के युवा ब्रम्ह्चारी विकास भैया का उनकी अनुत्तर सेवाओं के लिए विशेष सम्मान किया गया। वही दिगम्बर हूमड़ समाज अध्यक्ष दिनेशकुमार खोड़निया, कमल कुमार गंगवाल, भागचंद चूड़ीवाल, विजय कुमार चूड़ीवाल, नरेंद्र कुमार पाटनी, सुधीर कुमार सेठी, प्रवीण कुमार चूड़ीवाल, सुरेश कुमार कासलीवाल, अशोक कुमार छाबड़ा, अजित कुमार छाबड़ा गुवाहाटी (असम) आदि अनेक स्थानों से आकर गुरुदेव के पाद प्रक्षालन, दीक्षार्थी के माता-पिता, पीछी आदि धमोपकरण देने का लाभ लेने वालें लाभार्थी परिवारों का थांदला संघ अध्यक्ष अरुण कोठारी, पारस मेहता, इन्द्रवर्धन मेहता, विजय भिमावत, अनूप मिंडा, संदेश बोबड़ा, संजय कोठारी आदि ने शाल एवं माला पहनाकर बहुमान किया। इस दौरान थांदला नगर के सभी समाज के प्रतिनिधि, समाजसेवी, भाजपा व कांग्रेस आदि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।सकल आयोजन में प्रशासनिक व्यवथा सुचारू रूप से बनी रही। अंत में लाभार्थी उषादेवी प्रकाशचंद्र मेहता परिवार ने समस्त महानुभावों का आभार व्यक्त किया। धर्म सभा में संघजनों ने गुरुदेव के चातुर्मास की भावभरी विनती प्रस्तुत की। नन्दनवन धरियावद से पधारें शिंतासुरि प्रतिष्ठाचार्य पंडित हँसमुख जैन ने गुरुदेव की विहार चर्या व जिन शासन के प्रति अप्रमत्त साधना व समर्पण का मंत्रमुग्ध उच्चारण किया ।वही आयोजन में पधारें अतिथियों के साथ संचालिका वीणा दीदी,व विकास भैया से संघ सेवा की भावना से परिचय करवाते हुए धर्म सभा की सफलता के लिए नवयुवक मंडल सहित सकल संघ को धन्यवाद दिया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/devotees_performed_foot_washing_of_munishree_at_various_places/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शांति जाप करते हुए नन्ही मिष्टी ने मनाया अपना जन्मदिन सभी जीवों को सुखी करों </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/little_mishti_celebrated_her_birthday_by_chanting_peace/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/little_mishti_celebrated_her_birthday_by_chanting_peace/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 May 2024 12:52:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Nagda Junction]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Sadhvi Pujya Shri Nikhilshilaji श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Thandla]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[थांदला]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[नागदा जंक्शन]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[साध्वी पूज्या श्री निखिलशीलाजी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=60040</guid>

					<description><![CDATA[बच्चों में संस्कार जन्म से आते है, परिवार से मिलते है, या कुछ में पूर्व जन्म के अच्छे कर्मों की वजह से जन्म-जात भी होते है। कुछ बच्चों में मानव सेवा व सकल विश्व मैत्री के गुण आ जाते है। थांदला नगर की स्वाध्यायी पायल नाहर की लाड़ली बेटी को संस्कार विरासत में ही मिलें [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>बच्चों में संस्कार जन्म से आते है, परिवार से मिलते है, या कुछ में पूर्व जन्म के अच्छे कर्मों की वजह से जन्म-जात भी होते है। कुछ बच्चों में मानव सेवा व सकल विश्व मैत्री के गुण आ जाते है। थांदला नगर की स्वाध्यायी पायल नाहर की लाड़ली बेटी को संस्कार विरासत में ही मिलें हैं ,तभी उसमें विश्व में शांति स्थापित हो ऐसी भावना ने जन्म ले लिया है,जिसकी आज आवश्यकता भी है ।<span style="color: #ff0000">पढि़ए जीवन लाल जैन की रिपोर्ट ……</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थांदला।</strong> बच्चों में संस्कार जन्म से आते है, परिवार से मिलते है, या कुछ में पूर्व जन्म के अच्छे कर्मों की वजह से जन्म-जात भी होते है। कुछ बच्चों में मानव सेवा व सकल विश्व मैत्री के गुण आ जाते है। थांदला नगर की स्वाध्यायी पायल नाहर की लाड़ली बेटी को संस्कार विरासत में ही मिलें हैं ,तभी उसमें विश्व में शांति स्थापित हो ऐसी भावना ने जन्म ले लिया है,जिसकी आज आवश्यकता भी है। पायल- सुमित चौपड़ा की लाड़ली बिटिया, स्वाध्यायी पवन नाहर की भांजी तोषानी चोपड़ा (मिष्टी) ने अपना 9 वाँ जन्मदिन शांति जाप का आह्वान करते हुए मनाया। उसकी भावना को मूर्त रूप देते हुए सकल जैन श्री संघ ने ओम शांति जिनेश्वर शांति करों ,सभी जीवों को सुखी करों, के लयबद्ध जाप करते हुए मनाया। इस दौरान संघ अध्यक्ष पुष्पा घोड़ावत व पूर्व अध्यक्ष सुधा शाह सहित सभी ने मिष्टी को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।</p>
<p>वही मिष्टी ने अपना जन्मदिन यादगार बनाते हुए यहाँ विराजित साध्वी पूज्या श्री निखिलशीलाजी म.सा. आदि ठाणा से सप्त कुव्यसन के आजीवन प्रत्याख्यान ग्रहण किये। उसके जन्मदिन पर नन्ही बहन क्विना चोपड़ा व मासी बरखा रानी नाहर ने सभी को प्रभावना वितरित कर धर्म लाभ लिया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/little_mishti_celebrated_her_birthday_by_chanting_peace/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दीक्षार्थी भाई श्रेयांश की निकली जयकार यात्रा : संयम जीवन में प्रवेश करो &#8211; साध्वी निखिलशीलाजी </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/deekshathi_bhai_shreyanshs_jai_yatra/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/deekshathi_bhai_shreyanshs_jai_yatra/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 Mar 2024 07:07:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmasabha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Deeksha]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jaineshwari Deeksha श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Ratlam]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Sadhvi Nikhilsheelaji]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shreyansh Chauradia]]></category>
		<category><![CDATA[Thandla]]></category>
		<category><![CDATA[Varsha Yoga]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन दीक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[जैनेश्वेरी दीक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[थांदला]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[रतलाम]]></category>
		<category><![CDATA[श्रेयांश चौरड़िया]]></category>
		<category><![CDATA[साध्वी निखिलशीलाजी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=57519</guid>

					<description><![CDATA[ जैन दर्शन में संयम को मोक्ष पाने का राज मार्ग कहा गया है। हालांकि इस राज मार्ग पर चलने की हिम्मत कुछ विरले आत्मा कर पाती है। ऐसी ही एक मुमुक्षु आत्मा रतलाम निवासी श्रेयांश चौरड़िया के सत्कार बहुमान का शुभवस अर थांदला श्रीसंघ को प्राप्त हुआ। थांदला संघ ने सामूहिक नवकारसी के बाद श्रेयांश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> जैन दर्शन में संयम को मोक्ष पाने का राज मार्ग कहा गया है। हालांकि इस राज मार्ग पर चलने की हिम्मत कुछ विरले आत्मा कर पाती है। ऐसी ही एक मुमुक्षु आत्मा रतलाम निवासी श्रेयांश चौरड़िया के सत्कार बहुमान का शुभवस अर थांदला श्रीसंघ को प्राप्त हुआ। थांदला संघ ने सामूहिक नवकारसी के बाद श्रेयांश भैया की जय-जयकार करते हुए जयकार यात्रा निकाली <span style="color: #ff0000">पढ़िए जीवन लाल जैन की रिपोर्ट..</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थांदला।</strong> जैन दर्शन में संयम को मोक्ष पाने का राज मार्ग कहा गया है। हालांकि इस राज मार्ग पर चलने की हिम्मत कुछ विरले आत्मा कर पाती है। ऐसी ही एक मुमुक्षु आत्मा रतलाम निवासी श्रेयांश चौरड़िया के सत्कार बहुमान का शुभवस अर थांदला श्रीसंघ को प्राप्त हुआ। थांदला संघ ने सामूहिक नवकारसी के बाद श्रेयांश भैया की जय-जयकार करते हुए जयकार यात्रा निकाली जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई स्थानीय पौषध भवन पर विराजित साध्वी मंडल के सानिध्य में संयम अनुमोदना सभा में परिवर्तित हो गई।</p>
<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-57521" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/IMG-20240322-WA0012.jpg" alt="" width="1200" height="1103" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/IMG-20240322-WA0012.jpg 1200w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/IMG-20240322-WA0012-300x276.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/IMG-20240322-WA0012-1024x941.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/IMG-20240322-WA0012-768x706.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/IMG-20240322-WA0012-990x910.jpg 990w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" />धर्मसभा को किया संबोधित</strong></p>
<p>दीक्षार्थी भाई के संयम अनुमोदना में उपस्थित धर्मात्माओं को सम्बोधित करते हुए पूज्या श्री निखिलशीलाजी म.सा. ने कहा कि भव्य वातावरण में हाथी घोड़ों के साथ धूम धाम से दूल्हे राजा की बारात निकल रही थी तभी दूल्हे के कानों में मरण भय से पीड़ित मूक पशुओं का आक्रन्दन सुनाई दिया। उसका विवेक जागृत हुआ कि संसार की शुरुआत आश्रव से हो रही है तो आगे क्या होगा &#8230;? बस वही से उसने सभी प्राणियों को अभयदान देते हुए छःकाय प्रतिपाल बनने का निर्णय ले लिया। अनुपम साधना मार्ग को अपना कर वासुदेव श्रीकृष्ण के चचेरे भाई वे हमारे 22वें तीर्थंकर परम आराध्य भगवान अरिष्ट नेमिनाथ बन गए और धर्म की प्रभावना करते हुए यही मार्ग सबको बताया। श्रेयांस भैया को भी परिवार ऐसे ही बंधन में बांधनें के प्रयास कर रहे थे किंतु जिनके मन में दृढ़ वैराग्य भाव होते हैं, वे बंधन से निकल जाते हैं। जैनाचार्य पूज्य श्री उमेश मुनिजी की प्रार्थना अब जय हो अपनी अपनी भी का आलम्बन लेते हुए पूज्याश्री ने कहा कि अपने को जो व्यवहार प्रिय लगे वैसा ही व्यवहार हमें सबसे करना चाहिए। जीवन में जब भी वैराग्य भाव आये, उसे पुष्ट करते रहे तो एक दिन हम भी ऐसी ही भव्यता को प्राप्त कर सकते हैं व फिर अपनी भी जयजयकार होने लगती है। पूज्या श्री प्रियशीलाजी म.सा. ने कहा कि आध्यात्म सार में वैराग्य भाव आने के तीन कारण बताए हैं, जो मिथ्यात्व आदि 5 कारण रूप भव भ्रमण के जंतुओं से अरुचि, विषयों से अरुचि व संसार की असारता का ज्ञान है। संसार की तुलना शमशान से करते हुए पूज्याश्री ने कहा कि श्मसान कि तरह संसार में तृष्णा का गड्ढा कभी भरता नही, यहां ही शोक रूपी अग्नि जलती ही रहती है फिर अपयश की राख भी आपकी कितनी भी अच्छाई हो उड़ती ही रहती है। ऐसे में ज्ञानी जनों ने वैराग्य भाव को प्राप्त कर मोक्ष के सुख को शाश्वत बतलाया है। इस अवसर पर पूज्याश्री दीप्तिजी म.सा. ने मंगल स्तवन के माध्यम से संयम की अनुमोदना की।</p>
<p><strong>भेंट किया अभिनन्दन पत्र</strong></p>
<p>धर्म सभा में श्रीसंघ अध्यक्ष भरत भंसाली ने सकल संघ की ओर से दीक्षार्थी भाई श्रेयांश को उनके आगामी संयम जीवन की खूब खूब अनुमोदना कर मंगल कामना व्यक्त की। थांदला संघ की ओर से संघ के पूर्वाध्य नगीनलाल शाहजी, रमेशचन्द्र चौधरी, प्रकाशचंद्र घोड़ावत, महेश व्होरा, जितेंद्र घोड़ावत, भरत भंसाली, कोषाध्यक्ष संतोष चपड़ौद, ललित जैन नवयुवक मंडल अध्यक्ष रवि लोढ़ा, चर्चिल गंग, संदीप शाहजी व धर्मलता महिला मंडल की ओर से अध्यक्ष पुष्पा घोड़ावत, गरिमा श्रीमाल, किरण श्रीमाल, मूर्ति पूजक संघ की ओर से कमल पीचा, तेरापंथ सभा से अरविंद रुनवाल आदि सहित अन्य संस्थाओं ने मुमुक्षु को शाल माला व अभिनन्दन पत्र व गुरुदेव का साहित्य भेंट कर बहुमान किया। सभा का संचालन संघ सचिव प्रदीप गादिया ने व प्रवक्ता पवन नाहर ने आभार माना।</p>
<p><strong> संयम अनुमोदना के लिए दिया धन्यवाद</strong></p>
<p>दीक्षार्थी भाई श्रेयांश ने संयम अनुमोदना में उनके बहुमान के लिए सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि धर्म नगरी थांदला में अनेक महापुरुषों ने दीक्षा ली है व आगे भी लेंगे। ऐसे में उनके आगे कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। फिर भी कई लोग मुझसे पूछते हैं कि आपको वैराग्य कैसे आया तो मुझे समझ नहीं आया कि इसका क्या जवाब दू क्योंकि वैराग्य तो आत्मा का स्वभाव ही है। एक रूपक प्रस्तुत करते हुए मुमुक्षु भाई ने कहा कि यदि आपको पता चले कि आपके रास्ते में आगे चोर है जो आपको मारपीट कर आपके पास की सभी धन सामग्री चुरा लेंगे जिससे बचने के लिए सब पहले ही रख दो तो आगे वह सुरक्षित मिल जाएगी तो आप क्या करेंगे। यह धन &#8211; वैभव &#8211; परिवार सब छूटने ही वाला है इसलिए इसका स्वेच्छा से त्याग बाद के दुःख से बचने का सरल उपाय है फिर भगवान की वाणी पर भरोसा ही वैराग्य भाव को दृढ़ बनाता है। श्रेयांश ने कहा कि आप सभी इसी मार्ग पर चले व मुझे भी 28 अप्रैल को रतलाम में जिन शासन गौरव पूज्य श्री उमेश मुनिजी &#8220;अणु&#8221; के अंतेवासी शिष्य बुद्ध पुत्र पूज्य श्री जिनेन्द्र मुनि जी व अन्य संतों के सानिध्य में मेरी दीक्षा में आकर मेरे आत्म लक्ष्य प्राप्ति का मंगल आशीर्वाद प्रदान करें।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/deekshathi_bhai_shreyanshs_jai_yatra/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पटाखे नहीं फोड़ने का लिया था संकल्प : जीवदया से जुड़े बच्चों को किया पुरुस्कृत </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/children_associated_with_kindness_awarded/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/children_associated_with_kindness_awarded/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Dec 2023 14:42:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Shri Rajendra Jain Youth and Women's Council श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[animal mercy]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmasabha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[firecrackers]]></category>
		<category><![CDATA[fireworks]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain rituals]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Swami]]></category>
		<category><![CDATA[Nirvana Kalyanak]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[resolution]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Thandla]]></category>
		<category><![CDATA[Varsha Yoga]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक एवं महिला परिषद]]></category>
		<category><![CDATA[आतिशबाजी]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जीव दया]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन संस्कार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[थांदला]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[निर्वाण कल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[पटाखे]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[महावीरस्वामी]]></category>
		<category><![CDATA[संकल्प]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=53356</guid>

					<description><![CDATA[देश के प्रमुख सांस्कृतिक पर्व दीपावली पर जब वीर प्रभु महावीरस्वामी का निर्वाण कल्याणक व गौतम स्वामी का केवलज्ञान कल्याणक पर बच्चों को जीवदया का महत्व समझाते हुए स्थापना नहीं फोड़ने का संकल्प लिया गया था। इन बच्चों को छोड़ दिया गया। यह रिपोर्ट पढ़ें&#8230; थांदला। जीवदया के संस्कार जैन दर्शन के प्राण हैं, जो [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong><span style="vertical-align: inherit;"><span style="vertical-align: inherit;">देश के प्रमुख सांस्कृतिक पर्व दीपावली पर जब वीर प्रभु महावीरस्वामी का निर्वाण कल्याणक व गौतम स्वामी का केवलज्ञान कल्याणक पर बच्चों को जीवदया का महत्व समझाते हुए स्थापना नहीं फोड़ने का संकल्प लिया गया था। </span><span style="vertical-align: inherit;">इन बच्चों को छोड़ दिया गया। </span></span><span style="color: #ff0000;"><span style="vertical-align: inherit;"><span style="vertical-align: inherit;">यह रिपोर्ट पढ़ें&#8230;</span></span></span></strong></p>
<hr />
<p><strong><span style="vertical-align: inherit;"><span style="vertical-align: inherit;">थांदला। </span></span></strong><span style="vertical-align: inherit;"><span style="vertical-align: inherit;">जीवदया के संस्कार जैन दर्शन के प्राण हैं, जो परम्परागत तरीके से जैन धार्मिक मठ व समय-समय पर होने वाले धार्मिक-सांस्कृतिक व पारपार्थिक उत्सव को जीव दया से युक्त दीक्षा की प्रेरणा गुरुभगवन्तों व स्थानीय संप्रदाय द्वारा दी जाती है। </span><span style="vertical-align: inherit;">ऐसे ही देश के प्रमुख सांस्कृतिक पर्व दीपावली पर जब वीर प्रभु महावीरस्वामी का निर्वाण कल्याणक एवं गौतम स्वामी का एकमात्र ज्ञान कल्याणक पर बच्चों को जीवदया का महत्वपूर्ण अर्थ समझाते हुए टूटे नहीं फोड़ने का संकल्प लिया। </span><span style="vertical-align: inherit;">क्वीना चोपड़ा में तोशानी चोपड़ा समेत 15 से ज्यादा बच्चों ने दिवाली पर जीवदया धर्म अपनाते ऐसे बोल्ट नहीं फोड़ने का संकल्प लिया।</span></span></p>
<p><span style="vertical-align: inherit;"><span style="vertical-align: inherit;">अखिल भारतीय एवं श्री राजेंद्र जैन नवयुवक महिला परिषद द्वारा बच्चों का सम्मान कर उन्हें पुरस्कृत किया गया। </span><span style="vertical-align: inherit;">सभी बच्चों को राष्ट्रीय कार्यालय से उपहार भी दिए गए। </span><span style="vertical-align: inherit;">इस अवसर पर परिषद के वरिष्ठ मोटौल पीचा, रमनलाल मुथा, तेजेश कटारिया महिला परिषद के क्षेत्रीय सदस्य पूर्णिमा मुथा, प्रतिभा लोढ़ा आदि ने संस्कारित बच्चों की प्रशंसा करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।</span></span></p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/children_associated_with_kindness_awarded/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उग्र तपस्वी पुष्पा बहना करते अभिनन्दन आज तुम्हारा :  दीर्घ मासक्षमण तपस्वी पुष्पा पगारिया की निकली जयकार यात्रा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/long_monthly_massakshman_tapasvi_pushpa_pagaria_cheering_yatra/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/long_monthly_massakshman_tapasvi_pushpa_pagaria_cheering_yatra/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Aug 2023 12:04:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmasabha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Javra]]></category>
		<category><![CDATA[Massakshman Tapa]]></category>
		<category><![CDATA[Nikhilshilaji Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Shivgarh श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Thandla]]></category>
		<category><![CDATA[Varsha Yoga]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जावरा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[थांदला]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[निखिलशीलाजी माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मासक्षमण तप]]></category>
		<category><![CDATA[वर्षायोग]]></category>
		<category><![CDATA[शिवगढ़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=50310</guid>

					<description><![CDATA[पूज्य श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन सम्प्रदाय के प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेन्द्रमुनिजी महाराज की आज्ञानुवर्ती पूज्या श्री निखिलशीलाजी माताजी आदि ठाणा &#8211; 4 के पावन सानिध्य में दूसरा मासक्षमण थांदला की बेटी जावरा (शिवगढ़) निवासी पुष्पा पुखराजजी पगारिया के 36 उपवास के दीर्घतम तप के रूप में आज पूर्ण हुए। उनके उग्र तप की पूर्णाहुति पर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पूज्य श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन सम्प्रदाय के प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेन्द्रमुनिजी महाराज की आज्ञानुवर्ती पूज्या श्री निखिलशीलाजी माताजी आदि ठाणा &#8211; 4 के पावन सानिध्य में दूसरा मासक्षमण थांदला की बेटी जावरा (शिवगढ़) निवासी पुष्पा पुखराजजी पगारिया के 36 उपवास के दीर्घतम तप के रूप में आज पूर्ण हुए। उनके उग्र तप की पूर्णाहुति पर थांदला संघ ने जयकार यात्रा का आयोजन किया।<span style="color: #ff0000;"> पढ़िए पवन नाहर की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थांदला।</strong> पूज्य श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन सम्प्रदाय के प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेन्द्रमुनिजी महाराज की आज्ञानुवर्ती पूज्या श्री निखिलशीलाजी माताजीआदि ठाणा &#8211; 4 के पावन सानिध्य में दूसरा मासक्षमण थांदला की बेटी जावरा (शिवगढ़) निवासी पुष्पा पुखराजजी पगारिया के 36 उपवास के दीर्घतम तप के रूप में आज पूर्ण हुए। उनके उग्र तप की पूर्णाहुति पर थांदला संघ ने जयकार यात्रा का आयोजन किया, जो कमलेश बाबूलाल छाजेड़ के निज निवास से निकलकर मुख्य मार्गों से होती हुई आजाद चौक स्थित पौषध भवन पर तपस्वी गुणानुवाद सभा के रूप में परिवर्तित हो गई।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-50315" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/08/WhatsApp-Image-2023-08-05-at-4.26.59-PM-1.jpeg" alt="" width="772" height="931" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/08/WhatsApp-Image-2023-08-05-at-4.26.59-PM-1.jpeg 772w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/08/WhatsApp-Image-2023-08-05-at-4.26.59-PM-1-249x300.jpeg 249w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/08/WhatsApp-Image-2023-08-05-at-4.26.59-PM-1-768x926.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 772px) 100vw, 772px" /></p>
<p><strong>जीवन गुजरा संस्कारमय वातावरण में</strong></p>
<p>धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए पूज्या श्री निखिलशीलाजी माताजी ने कहा कि पुष्पा बहन का जीवन संस्कारमय वातावरण में गुजरा है। इनकी माता जी ने बचपन में ही तपस्या के बीज अंकुरित कर दिए थे। उन्होंने अंतिम समय संयम के साथ संथारा लेकर सुलीनाजी माताजी के रूप में देवलोक का वरण कर लिया। आपके ही परिवार से प्रेमलता बहन प्रतिज्ञा जी माताजी के रूप में संघ में धर्म प्रभावना कर रही हैं। आपने स्वयं इसके पूर्व 51 उपवास की घोर तपस्या के साथ 5 मासक्षमण पूर्ण कर अनेक प्रकार की तपस्या भी की है।</p>
<p>इसी परिवार से कमलेश, विमलेश, अल्केश भाई भी मासक्षमण तप कर चुके हैं। पिछले चातुर्मास में तनीषा के मासक्षमण तप पूर्णाहुति में आपने ही मासक्षमण तप की बोली लेकर तप का बहुमान किया था, जो संकल्प आज पूर्ण हुआ है। पूज्या श्री ने आपकी तप अनुमोदना में कहा कि जैसे पक्षी के पंखों पर धूल जम जाने पर वह पंखों को फड़फड़ाते हुए धूल झटक देते हैं, जिस प्रकार दियासलाई का अग्र भाग माचिस के स्पर्श से जल उठता है, वैसे ही आत्मा में लगी हुई कर्म रज तप की रगड़ से आत्मज्योति के रूप में प्रज्वलित हो जाती है।</p>
<p><strong>राग-द्वेष घटाने वाले वचन सुनें</strong></p>
<p>पूज्या श्री ने वेगा वेगा मोक्ष में जाने के तीसरे बोल पर प्रवचन देते हुए कहा कि जीव को विषय, राग-द्वेष व तृष्णा घटाने वाले जिन वचनों को सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसार में बेइंद्रिय से लगाकर पंचेन्द्रिय तक सभी जीव बोलने में समर्थ हैं लेकिन सुनने में केवल पंचेन्द्रिय जीव ही समर्थ होते हैं। पंचेन्द्रिय में नारकी व अधिकांश तिर्यंच पराधीनता के कारण सुन नहीं सकते जबकि देवता भी भोगवृत्ति के कारण सुन नहीं पाते, कदाचित सुन लें तो उसे आचरण में नहीं ला पाते।</p>
<p>इसलिए जीव को मनुष्य भव में भी गुरु मुख से सूत्र सिद्धांत सुनने का सुंदर योग मिला है, जिसे अंतिम समय तक सुनते हुए भव को सार्थक करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंनें तपस्वी रीता महेश व्होरा के धर्मचक्र की दीर्घ तप आराधना पर व अन्य तपस्वियों के तप की भी अनुमोदना की। साध्वी प्रियशीलाजी माताजी ने सामयिक के भावों पर प्रवचन देते हुए दर्शनाचार के पांचवें बोल उपब्रहण का विवेचन करते हुए कहा कि गुणीजनों के गुण ग्रहण कर उनकी प्रसंशा करने से जीव हल्का बनता है। ऐसा ही अवसर तपस्या की अनुमोदना में भी उपस्थित हुआ है इसलिए सभी को तप की अनुमोदना करनी चाहिए।</p>
<p><strong>भजन गा कर की तप की अनुमोदना</strong></p>
<p>धर्म सभा में पूज्या दीप्तिजी माताजी ने धन-धन धन्यवाद प्यारी-प्यारी तपसन को तथा सभी महासतियों ने मिलकर उग्र तपस्वी पुष्पा बहना अभिनन्दन तुम्हारा गाकर सभी तपस्वियों के तप की अनुमोदना की। थांदला संघ से पूर्वाध्यक्ष भरत भंसाली ने संघ की ओर से तपस्वियों का शाब्दिक बहुमान किया। परिवार की ओर से धर्मदास जैन युवा संगठन के पूर्वाध्यक्ष देवेंद्र गादिया ने भाव व्यक्त किये। प्रतीक बाफना ने स्तवन के माध्यम से तपस्या का माहौल बना दिया।</p>
<p>रीता बहन व पुष्पा बहन, दोनों ही तपस्वियों के लिए तप की बोलिया आमंत्रित की गईं, जिसमें क्रमशः अलका गादिया 21, देवेन्द्र गादिया 18, महावीरजी 11 सहित अन्य जनों ने विविध तप की बोली ली। सर्वाधिक बोली लेने वाले अनुमोदन कर्ताओं ने संघ की शाल माला से तपस्वियों का बहुमान किया। संघ के सभी पूर्वाध्यक्ष द्वारा अभिनन्दन पत्र भेंट किया गया। इस अवसर पर धर्मलता महिला मंडल, अखिल भारतीय चन्दना श्राविका मण्डल, श्री ललित जैन नवयुवक मंडल, मूर्तिपूजक संघ, तेरापंथ सभा, घोड़ावत परिवार, भंसाली परिवार व गादिया परिवार द्वारा भी तपस्वियों का बहुमान किया गया। गुणानुवाद सभा का संचालन संघ सचिव प्रादीप गादिया ने किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/long_monthly_massakshman_tapasvi_pushpa_pagaria_cheering_yatra/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आईजा में सक्रिय भूमिका का मिला पुरुस्कार : पवन नाहर बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/pawan_nahar_became_the_national_vice_president/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/pawan_nahar_became_the_national_vice_president/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Jul 2023 02:30:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Aija]]></category>
		<category><![CDATA[All India Jain Journalist Association]]></category>
		<category><![CDATA[Digambara Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Hardik Hundia  श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain saint]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Pawan Nahar]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shwetambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Terapanth]]></category>
		<category><![CDATA[Thandla]]></category>
		<category><![CDATA[आईजा]]></category>
		<category><![CDATA[ऑल इण्डिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन पत्रकार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साधु]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[तेरापंथ]]></category>
		<category><![CDATA[थांदला]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पवन नाहर]]></category>
		<category><![CDATA[श्वेतांबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[हार्दिक हुण्डिया]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=47260</guid>

					<description><![CDATA[ऑल इण्डिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुण्डिया ने पवन नाहर को मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्र झाबुआ जिले से सक्रिय पत्रकारिता कर संघ समाज की सेवा करने व संतों में बढ़ते शिथिलाचार पर अपनी प्रखर आवाज बुलंद करने के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्थान देते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। थांदला। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>ऑल इण्डिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुण्डिया ने पवन नाहर को मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्र झाबुआ जिले से सक्रिय पत्रकारिता कर संघ समाज की सेवा करने व संतों में बढ़ते शिथिलाचार पर अपनी प्रखर आवाज बुलंद करने के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्थान देते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है।</strong></p>
<hr />
<p><strong>थांदला।</strong> श्वेताम्बर स्थानकवासी, मूर्तिपूजक, दिगम्बर, तेरापंथ के सबसे बड़े जैन पत्रकारों के संगठन ऑल इण्डिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुण्डिया ने पवन नाहर को मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्र झाबुआ जिले से सक्रिय पत्रकारिता कर संघ समाज की सेवा करने व संतों में बढ़ते शिथिलाचार पर अपनी प्रखर आवाज बुलंद करने के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्थान देते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। नाहर इससे पूर्व आईजा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि वर्तमान समय में आईजा के मुख्य परामर्शदाता बनकर संगठन को मजबूत करने के प्रयास करते रहते हैं। उनके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाये जाने पर थांदला पत्रकार संघ व आईजा सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त कर बधाई देते हुए संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुण्डिया सहित राष्ट्रीय कार्यकारिणी व चयन समिति का आभार माना है।</p>
<p>राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाये जाने पर पवन नाहर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आईजा में पैसे व स्थान से ज्यादा सेवा समर्पण के साथ जिन शासन की प्रभावना को महत्व दिया जाता है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुण्डिया ने बड़े शहर के नामी पत्रकारों के बजाय आदिवासी जिले के छोटे से शहर थांदला से मुझ जैसे साधारण पत्रकार को असाधारण बना कर फर्श से अर्श पर पहुंचा दिया है। इसके लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/pawan_nahar_became_the_national_vice_president/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
