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	<title>Tarun Sagar Maharaj pravachan &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Tarun Sagar Maharaj pravachan &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>श्री सम्मेद शिखरजी बचाओ आंदोलन : पूर्व सांसद सालखम मुर्म की हो गिरफ्तारी </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Feb 2023 12:13:17 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने सर्वोच्च जैन तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी पर स्थित मंदिरों को तोडऩे की दी धमकी। उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही के लिए शिकायत दर्ज करवाने के साथ ही संपूर्ण भारत के थानों में जैन समाज की ओर से शिकायत कर पूर्व सांसद की गिरफ्तारी होने तक जारी रहेगा श्री सम्मेद [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने सर्वोच्च जैन तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी पर स्थित मंदिरों को तोडऩे की दी धमकी। उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही के लिए शिकायत दर्ज करवाने के साथ ही संपूर्ण भारत के थानों में जैन समाज की ओर से शिकायत कर पूर्व सांसद की गिरफ्तारी होने तक जारी रहेगा श्री सम्मेद शिखरजी बचाओ आंदोलन। <span style="color: #ff0000;">पढ़िये आकाश जैन की रिपोर्ट&#8230; </span></strong></p>
<hr />
<p style="text-align: left;"><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली पुलिस थाना फर्श बाजार, शाहदरा, दिल्ली-32 में पूर्व सांसद सालखन मुर्मू की ओर से सर्वोच्च जैन तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी पर स्थित मंदिरों को तोड़ने की धमकी देने पर उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही हेतु शिकायत दर्ज कराने के साथ सम्पूर्ण भारत के थानों में जैन समाज की ओर से शिकायत कर पूर्व सांसद की गिरफ्तारी होने तक &#8216;श्री सम्मेद शिखरजी बचाओ आंदोलन&#8217; जारी रहेगा।</p>
<p>पूर्व सांसद मुर्मू के विरुद्ध संजय जैन, अध्यक्ष &#8211; विश्व जैन संगठन द्वारा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को 14 फरवरी को दी गई शिकायत पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक, धनबाद (झारखंड) को एफआरआई दर्ज कर 15 दिन में आयोग को विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए 15 फरवरी 2023 को पत्र जारी किया। पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के द्वारा 9 फरवरी को धनबाद, झारखण्ड में प्रेस कांफ्रेंस में तुच्छ राजनीति के तहत &#8220;श्री सम्मेदशिखर जी पर स्थित जैन मंदिरों को बाबरी मस्जिद की तरह ध्वस्त करने की धमकी देना राष्ट्र, समाज और धर्म द्रोह है&#8221; जिससे समस्त जैन समाज की भावनाएं आहत और आक्रोशित है।</p>
<p><iframe title="श्री सम्मेद शिखरजी बचाओ आंदोलन | shreephal news |" width="1320" height="743" src="https://www.youtube.com/embed/OrTbe-YydDE?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" allowfullscreen></iframe></p>
<p>अत: केंद्र व झारखण्ड सरकार को त्वरित संज्ञान लेकर ऐसे नेता पर आवश्यक धाराओं में मुकदमे के साथ रासुका कानून के तहत कार्यवाही करनी चाहिए, इसी मांग को लेकर समस्त जैन समाज अपने-अपने क्षेत्रोँ में ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय और शिकायत पुलिस थानों में देगा।</p>
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		<title>प्रतिभा सम्मान समारोह : विरागोदय महामहोत्सव में राष्ट्रीय शोध प्रतिभा सम्मान समारोह हुआ सम्पन्न, शोधार्थियों को किया सम्मानित </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Feb 2023 12:20:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ श्री विराग सागर जी महाराज ससंघ की 300 से अधिक पिच्छीधारी साधु-साध्वियों के मंगल सानिध्य में आर्यिका विरम्याश्री माता जी एवं आर्यिका विसंयोजनाश्री माताजी के निर्देशन में राष्ट्रीय शोध प्रतिभा सम्मान समारोह एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह की कुलाधिपति डॉ.सुधा मलैया की अध्यक्षता में प्रतिभा सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ। पढ़िये राजेश रागी/रात्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट&#8230;  पथरिया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> श्री विराग सागर जी महाराज ससंघ की 300 से अधिक पिच्छीधारी साधु-साध्वियों के मंगल सानिध्य में आर्यिका विरम्याश्री माता जी एवं आर्यिका विसंयोजनाश्री माताजी के निर्देशन में राष्ट्रीय शोध प्रतिभा सम्मान समारोह एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह की कुलाधिपति डॉ.सुधा मलैया की अध्यक्षता में प्रतिभा सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ। <span style="color: #ff0000;">पढ़िये राजेश रागी/रात्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट&#8230; </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पथरिया (दमोह)।</strong> विरागोदय तीर्थ धर्मधाम पर विश्व के इतिहास में प्रथम बार विविध कार्यक्रम के साथ आयोजित महामहोत्सव के अवसर पर चौदहवें दिवस एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह के तत्वावधान में भारतगौरव गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज ससंघ की 300 से अधिक पिच्छीधारी साधु-साध्वियों के मंगल सानिध्य में आर्यिका विरम्याश्री माता जी एवं आर्यिका विसंयोजनाश्री माताजी के निर्देशन में राष्ट्रीय शोध प्रतिभा सम्मान समारोह एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह की कुलाधिपति डॉ.सुधा मलैया की अध्यक्षता में प्रतिभा सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ।</p>
<p>इस समारोह में देश के अनेक विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, असोसिएट प्रोफेसर एवं शोधार्थी सम्मिलित हुए और शोधार्थियों ने अपने शोधालेख प्रस्तुत किए, जिसमें कुलाधिपति डॉ सुधा मलैया ने सभी को मार्गदर्शन प्रदान किया। विरागोदय समिति एवं गुरु मां परिवार, मामा का बाजार ग्वालियर ने सभी शोधार्थियों को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में आचार्य गोपालदास बरैया संस्कृत महाविद्यालय मुरैना के प्राचार्य हरिशचन्द्र जैन शास्त्री, लोकेश खरे समन्वयक हिंदी राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल, डॉ आशीष कुमार जैन संस्कृत विभाग एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह , डॉ अभिषेक कुमार जैन हिंदी विभागाध्यक्ष एकलव्य विश्वविद्यालय की विशेष उपस्थिति रही।</p>
<p>इस सम्मान समारोह में डॉ. प्रफुल्ल जैन मथुरा, डॉ वीरेंद्र जैन व डॉ अल्पना जैन ग्वालियर, डॉ महेंद्र कुमार जैन मनुज इंदौर, डॉ. योगेश जैन , डॉ. भारती जैन व डॉ. श्वेता जैन भोपाल, नीतू जैन व डॉ. मनीषा जैन लाडनूं , ब्र. मंजू जौहरी, डॉ. अभिलाषा जैन , डॉ. रचना जैन व डॉ. किरण, सरिता सागर, डॉ. रामनरेश जैन व डॉ. प्रदीप जैन दमोह, डॉ. अभिषेक जैन विदिशा, डॉ. सुरभि जैन सतना, प्राचार्य राजेश जैन भिंड, राखी जैन बामोर, डॉ. ब्र. समता दीदी व सुबोध जैन इंदौर, निलेश कुमार जैन कुम्हारी, डॉ. मनोज जैन निर्लिप्त अलीगढ़, डॉ. सुदेश वाला जबलपुर, डॉ. वीरचंद्र जैन उदयपुर व श्रीमती रीना जैन उदयपुर, सचिन जैन व अभिषेक घुवारा टीकमगढ़, ऋषभ जैन ललितपुर, डॉ. निखिल चौरसिया, डॉ. धन्यकुमार जैन खुरई, अंकित जैन उदयपुर, अर्चना बरायठा सहित अनेक शोधार्थियों के शोध प्रबंध लेखन हेतु सम्मानित किया गया।</p>
<p>इस समारोह मे सम्मानित डॉ. प्रफुल्ल जैन मथुरा ने अपने शोध के बारे में प्रस्तुति दी, जिसे कुलाधिपति डॉ. सुधा मलैया ने प्रशंसा करते हुए प्रोत्साहित किया और एक प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए आमंत्रित भी किया। साथ ही डॉ. प्रफुल्ल की ओर से प्रस्तुत शोध कार्य के लिए समस्त उपस्थित महानुभावों ने सराहना की। डॉ. प्रफुल्ल अपने शोध कार्य में डीप लर्निंग और मशीन लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्निक को जैन धर्म के सिद्धांतों को समझने में और उन सिद्धांतों को विश्व तक पहुंचाने में अपना विशेष योगदान देना चाहते हैं। जिन्होंने एमटेक और पीएचडी का अध्ययन आईआईटी आईएसएम धनबाद से किया और वर्तमान में जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा में असि. प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। एकलव्य विश्वविद्यालय की कुलाधिपति सुधा मलैया ने सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशीष कुमार जैन (बम्होरी) जैन और प्राकृत अध्ययन विभाग एकलव्य विश्वविद्यालय ने किया तथा विरागोदय समिति के महामंत्री सत्यपाल जैन श्रमण, राजेश जैन रज्जन रायपुर ने आभार जताया।</p>
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		<title>मदद के लिए खूब उठे हाथ, मगर अनंत में विलीन हो गए निशांत: भीलूड़ा के युवा को बचाने जैन समाज ने चलाया था व्यापक अभियान </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Feb 2023 03:21:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वो निशांत था, निशा का अंत करने वाला…इसीलिए ज़िंदगी की रोशनी के लिए अपने आख़िरी वक्त तक लड़ता रहा। मगर शायद ईश्वर को उसकी असहनीय पीड़ा से निजात दिलाने का एक ही रास्ता नज़र आया कि उसे देह परिवर्तन दे दिया जाए। इस देह में उसका जीवन समाप्त हो गया। भीलूड़ा के युवा निशांत को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>वो निशांत था, निशा का अंत करने वाला…इसीलिए ज़िंदगी की रोशनी के लिए अपने आख़िरी वक्त तक लड़ता रहा। मगर शायद ईश्वर को उसकी असहनीय पीड़ा से निजात दिलाने का एक ही रास्ता नज़र आया कि उसे देह परिवर्तन दे दिया जाए। इस देह में उसका जीवन समाप्त हो गया।</p>
<p>भीलूड़ा के युवा निशांत को बचाने के लिए जैन समाज ने अथक प्रयास और सहयोग किया।श्रीफल जैन न्यूज़ भी व्यापक सोशल मीडिया अभियान चलाकर उनके ईलाज के लिए राशि इकठ्ठा कर सीधे उनके खाते में पहुंचाने में मददगार रहा था । लेकिन विधि को कुछ और ही मंज़ूर था । राजस्थान में डूंगरपुर जिले के भीलूड़ा निवासी राकेश जैन के पुत्र निशांत जैन का आज देह परिवर्तन हो गया। उनके निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया गया।</p>
<p><strong>गं</strong><strong>भीर बीमारी से ग्रस्त थे निशांत जैन</strong></p>
<p>भीलूडा निवासी निशांत जैन को मार्च 2022 में डॉक्टर ने एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया से ग्रस्त बताया। ये बीमारी ब्लड कैंसर का एक प्रकार है। निशांत को इस बीमारी से निजात दिलाने के लिए 25 लाख रूपए की आवश्यकता थी । श्रीफल जैन न्यूज़ की मुहिम के बाद समाज के कई आधुनिक भामाशाह आगे आए और अलग-अलग माध्यमों पर अपील के ज़रिए तीन लाख रूपए से ज्यादा की राशि इकठ्ठा भी हुई। अगर निशांत को कुछ दिनों की ज़िंदगी और मिलती तो 25 लाख जुटाना कोई बड़ा काम नहीं था। लेकिन ईश्वर के उनके लिए देह परिवर्तन का विधान लिख रखा था, जिसे कोई टाल नहीं पाया। सकल जैन समाज के लोगों में जैसे ही यह खबर फैली, सभी में दुख व्याप्त हो गया।</p>
<p>क्योंकि सोशल मीडिया पर चली मुहिम की वजह से सभी इस बच्चे से जुड़ गए थे और भगवान से उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे। बडोदिया के समस्त दिगंबर जैन परिवारों ने श्रीफल जैन न्यूज़ को निशांत के देहावसान पर अपनी संवेदनाएं भेजी हैं । केसुभाई खोड़निया ने बडोदिया से अपने शोक संदेश में परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की बात कही । श्रीफल जैन न्यूज़ अपने लाखों पाठकों और दर्शकों की और से निशांत के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता है। ईश्वर उनकी दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे ।</p>
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		<title>यम सल्लेखना : श्री मेरु भूषण जी महाराज की उत्कृष्ट साधना समाधि सम्मेद शिखर जी में  </title>
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		<pubDate>Tue, 14 Feb 2023 13:10:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पूज्य मुनिराज मेरु भूषण जी ने अन्न-जल का हमेशा के लिए त्याग कर दिया है। इसे ही यम संल्लेखना कहते हैं। पढ़िये निर्मल डोशी की विशेष रिपोर्ट &#8230;  सम्मेद शिखर। परम पूज्य क्षपक मुनि श्री मेरु भूषण जी महाराज की उत्कृष्ट साधना समाधि सम्मेद शिखर जी में चल रही है, जिसमें परम पूज्य मुनिराज मेरु [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p>पूज्य मुनिराज मेरु भूषण जी ने अन्न-जल का हमेशा के लिए त्याग कर दिया है। इसे ही यम संल्लेखना कहते हैं। <span style="color: #ff0000;"><strong>पढ़िये निर्मल डोशी की विशेष रिपोर्ट &#8230; </strong></span></p>
<hr />
<p><strong>सम्मेद शिखर।</strong> परम पूज्य क्षपक मुनि श्री मेरु भूषण जी महाराज की उत्कृष्ट साधना समाधि सम्मेद शिखर जी में चल रही है, जिसमें परम पूज्य मुनिराज मेरु भूषण जी ने अन्न-जल का हमेशा के लिए त्याग कर दिया है। इसे ही यम संल्लेखना कहते हैं। जो व्यक्ति यम संल्लेखना करता है, वह व्यक्ति दो या तीन भाव में मोक्ष को प्राप्त कर लेता है। यदि दो या तीन भाव में मोक्ष नहीं जाता है तो अधिक से अधिक सात या आठ भव में मोक्ष चला जाता है।</p>
<p>परम पूज्य मुनिराज मेरु भूषण जी ने अपने जीवन में तप त्याग संयम की आराधना करते हुए दिगंबर जैन मुनि पद को प्राप्त किया। आचार्य पद से सुशोभित हुए इन्होंने अपने जीवन काल में संयम की आराधना करते हुए अपने जीवन को संयमित किया। जैन धर्म में संल्लेखना जीवन का अंतिम लक्ष्य होता है, जो परम आवश्यक होता है। साधु पद का महत्व संयम से और संल्लेखना से ही होता है। संल्लेखना में मन को इंद्रियों को कषाय को कृष करना संल्लेखना कहलाती है।</p>
<p>यह संल्लेखना पांच प्रकार की होती है और 17 तरह से होती है, जिसमें उत्कृष्ट संल्लेखना पांच प्रकार की मानी गई है। परम पूज्य आचार्य भूषण जी महाराज 12 वर्ष की संल्लेखना पहले से ले ली और उसमें अब जीवन के अंतिम पड़ाव की ओर यम संल्लेखना पूर्वक सभी प्रकार का रस, पानी, अन्न आदि का त्याग करके 3 दिन से सभी कुछ त्याग कर दिया है। वह आत्म ध्यान में लीन हैं, आत्म चिंतन में लीन हैं, आत्मा को निकट देख रहे हैं, जीते जागते संयम को पालन कर रहे हैं, अपने आपको मरण करते हुए देख रहे हैं, यह जैन धर्म में ही होता है। संल्लेखना बड़े पुण्य के उदय से कोई कोई व्यक्ति कर पाता है। मेरु भूषण जी महाराज जागृत अवस्था में संल्लेखना धारण करने वाले वर्तमान के प्रथम मुनिराज हैं, जिन्होंने सम्मेद शिखर की पावन धरा पर अनंतानंत परमेष्ठी जहां से मोक्ष को पधारे, उसी पावन स्थली को चुना है।</p>
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		<title>धर्म प्रभावना : परम पूज्य अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज का तीर्थराज सम्मेद शिखरजी से मंगल विहार </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Feb 2023 12:54:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अन्तर्मना आचार्य 108 प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ का महाराष्ट्र के लिए मंगल विहार करेंगे। हालांकि, इससे पहले वे निमियाघाट पहुंचेंगे। वहां आयोजित 10 दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद वहां से महाराष्ट्र के लिए पदविहार करेंगे। पढ़िये राज कुमार अजमेरा की विशेष रिपोर्ट&#8230;  सम्मेदशिखर जी। 557 दिनों की कठिन मौन साधना के समापन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p>अन्तर्मना आचार्य 108 प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ का महाराष्ट्र के लिए मंगल विहार करेंगे। हालांकि, इससे पहले वे निमियाघाट पहुंचेंगे। वहां आयोजित 10 दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद वहां से महाराष्ट्र के लिए पदविहार करेंगे। <span style="color: #ff0000;"><strong>पढ़िये राज कुमार अजमेरा की विशेष रिपोर्ट&#8230; </strong></span></p>
<hr />
<p><strong>सम्मेदशिखर जी।</strong> 557 दिनों की कठिन मौन साधना के समापन के बाद सोमवार को सम्मेद शिखरजी की से अन्तर्मना आचार्य 108 प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ का महाराष्ट्र के लिए मंगल विहार करेंगे। हालांकि, इससे पहले वे निमियाघाट पहुंचेंगे। वहां आयोजित 10 दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद वहां से महाराष्ट्र के लिए पदविहार करेंगे। इसलिए कहा गया है कि रमता योगी बहता पानी, जिस प्रकार कहते हुए नदी का जल निर्मल होता है, ठीक उसी प्रकार रमते हुए योगी के भाव भी निर्मल होते हैं।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-38010" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230214-WA0015.jpg" alt="" width="1066" height="652" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230214-WA0015.jpg 1066w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230214-WA0015-300x183.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230214-WA0015-1024x626.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230214-WA0015-768x470.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230214-WA0015-990x606.jpg 990w" sizes="(max-width: 1066px) 100vw, 1066px" /></p>
<p><strong>हुए कई कार्य</strong></p>
<p>ज्ञात हो की अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज का तीर्थ राज में 21 जून 2021 में भव्य मंगल प्रवेश हुआ था। तीर्थराज में दो चातुर्मास के साथ कई ऐतिहासिक काम किए जिसमें सबसे महत्वपूर्ण सिंह निष्क्रिय व्रत 557 दिन की मौन एकांत उपवास साधना थी, जो तीर्थराज की सबसे ऊंची चोटी स्वर्णभद्र कूट पर रहकर की। स्वर्णभद्र टोंक को स्वर्णमयी बनाते हुए पूरे टोंक को नए रूप दिए इसके बाद पहाड़ पर विराजमान चोपड़ा कुंड (दिगंबर जैन मंदिर) जो कई वर्षों से बंद था, उसे खुलवा कर उसे भी नए रूप आचार्य श्री का मंगल आशीर्वाद से संपन्न हुआ। साथ ही मधुबन के तलहटी में आचार्य श्री के आशीर्वाद से बिषपंथी कोठी का कायाकल्प किया गया। कोठी में एक अन्तर्मना निलय बनाया गया, जिसे आधुनिक धर्मशाला का रूप दिया गया है। इसके बाद 24 समवशरण मंदिर में तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर जी मुनिराज का धातु के प्रतिमा विराजमान कर समाधि स्थल बनाया गया, जो अपने गुरु के प्रति समर्पित भाव दिखा। मधुबन के तीनमूर्ति मंदिर के पास एक स्वर्णमयी मंदिर नया बनाया गया, जो अपने आप मे सोने का मंदिर दिख रहा है, जिसका महापारणा और पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव आचार्य श्री के सानिध्य में संपन्न हुआ।</p>
<p>इसी क्रम में सिद्धायतन में 1008 आदिनाथ भगवान की मंदिर के साथ भक्तामर के 48 कड़ा का मंदिर बनाया गया, जो शिखर जी के लिए एक नया रूप दिखा। आचार्य श्री के सानिध्य में महापारणा महोत्सव में प्रथम बार 7 दिनों तक पूरे शिखर जी मे जैन के अलावा अजैनों के लिए भी खाने की व्यवस्था की गई, जो यह समय शिखर के इतिहास में प्रथम बार हुआ। उपाध्याय मुनि श्री पीयूष सागर जी महाराज के सानिध्य में सम्मेद शिखर में कई अनूठे कार्य हुए, जो आचार्य श्री के जाने के बाद जन-जन को याद रहेंगे। मंगल विहार में जैन और अजैनों को आचार्य श्री की कमी खलेगी। अन्तर्मना ने सभी धर्मावलम्बी को अपना खूब-खूब आशीर्वाद दिया और कहा कि मेरी पहाड़ पर साधना इन कर्मचारियों और वहां के आदिवासी लोगों के सहयोग से पूरी हुई।</p>
<p><strong>दिए आशीष वचन</strong></p>
<p>मंगल विहार की बेला को आभार बनाने की तैयारी में जुटे मधुबनवासियों की उपस्थिति मैं अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज ने आशीष वचन सुनाया। अन्तर्मना के आशीर्वचनों को सुनकर ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो जगत के लिए कल्याणकारी दिव्य ध्वनि का उद्बोधन किया जा रहा हो, पूरा पंडाल आचार्य महाराज के चरणों में पड़ा। अन्तर्मना ने आगे कहा कि लोग परमात्मा पर राजनीति करना बंद करो। पारसनाथ पर्वत को परमात्मा का स्थान बताते हुए अन्तर्मना कहते हैं यह किसी की जागीर नहीं है, जो पूजे उसका है। परमात्मा हर किसी के हैं।</p>
<p>पारसनाथ को लेकर टिप्पणी करने वाले नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि परमात्मा पर राजनीति करना बंद करो। सिरफिरे लोग हैं जो धार्मिक आस्था को राजनीति का अड्डा बना रहे हैं। पारसनाथ सम्मेद शिखरजी शाश्वत है, पृथ्वी पर दो ही स्थान शाश्वत है एक अयोध्या और दूसरा शिखरजी । पारसनाथ पर्वत के 12 योजन तक निवास करने वाले सभी जीव नियम से स्वर्गवासी हैं उनका स्थान परमात्मा के चरणों में है। कोई नदी नहीं पूछती कि तुम क्या हो, वह तो सबकी प्यास बुझाती है। इसी तरह पारसनाथ के पर्वत को पूजने वाले आदिवासी समुदाय भी पर्वत को उतना ही पवित्र मानते हैं जितना जैन मानते हैं।</p>
<p>आगे अन्तर्मना ने कहा कि जो साक्षात भूमि तीर्थराज के पर्वत और कण कण को पूजता है, तीर्थराज ओर पारसनाथ उसी के हो जाते हैं। इस विहार के संघपति दिलीप जी हुम्मड के साथ सेकड़ो भक्त मधुबन से विहार कर निमियाघाट पहुंचे। आकाश जैन, कोडरमा के मनीष सेठी, संजय, टुन्नू अजमेरा, कोलकोत्ता के विवेक गंगवाल आदि साथ चल रहे थे।</p>
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		<title>ग्राम गौरव : न्यायमूर्ति विमला देवी जैन शा.स्कूल में हुआ प्रतिभा सम्मान समारोह </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Feb 2023 15:00:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[धार्मिक कार्यक्रम के उपरांत न्यायमूर्ति श्रीमतीविमला जैन एकीकृत शासकीय हाई स्कूल विदवास में शिला पट्टिका का लोकार्पण एवं अलंकरण व प्रतिभा सम्मान समारोह किया गया, जिसमें न्यायमूर्ति श्रीमती विमला देवी जैन को ग्राम गौरव की उपाधि से सम्मानित किया गया। पढ़िये राजेश रागी/रत्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट&#8230;  सागर। जिले की सुरखी विधानसभा अंतर्गत शासकीय हाई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p>धार्मिक कार्यक्रम के उपरांत न्यायमूर्ति श्रीमतीविमला जैन एकीकृत शासकीय हाई स्कूल विदवास में शिला पट्टिका का लोकार्पण एवं अलंकरण व प्रतिभा सम्मान समारोह किया गया, जिसमें न्यायमूर्ति श्रीमती विमला देवी जैन को ग्राम गौरव की उपाधि से सम्मानित किया गया। <span style="color: #ff0000;"><strong>पढ़िये राजेश रागी/रत्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट&#8230; </strong></span></p>
<hr />
<p><strong>सागर।</strong> जिले की सुरखी विधानसभा अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल विदवास का नाम यहां पर पढ़ने वाली एक छात्रा के नाम मध्य प्रदेश शासन द्वारा विगत वर्ष 2022 मे संशोधित नामकरण अधिसूचित कर न्यायमूर्ति श्रीमती विमला देवी जैन एकीकृत शासकीय हाई स्कूल विदवास किया गया। इस गौरवशाली उपलब्धि के परिपेक्ष मे प्रतिभा सम्मान एवं शिलालेख लोकार्पण समारोह विविध कार्यक्रमों के साथ सम्पन्न कराया गया।</p>
<p>इस अवसर पर प्रात: धार्मिक कार्यक्रम के उपरांत न्यायमूर्ति श्रीमतीविमला जैन एकीकृत शासकीय हाई स्कूल विदवास में शिला पट्टिका का लोकार्पण एवं अलंकरण व प्रतिभा सम्मान समारोह किया गया, जिसमें न्यायमूर्ति श्रीमती विमला देवी जैन को ग्राम गौरव की उपाधि से स्थानीय ग्राम व जनपद पंचायत, जैन तीर्थ नैनागिरि कमेटी सहित अनेक संगठनों जनप्रतिनिधि, उपस्थित अतिथि व ग्रामवासियों ने अलंकृत कर प्रशस्ति पत्र, शॉल, श्रीफल, वस्त्र, उपहार भेंट किया। इसके साथ ही इस विदवास विद्यालय के शिक्षकों व प्रतिभाशाली छात्रों के अलावा अनेक जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र, शॉल, वस्त्र श्रीफल भेंट किये गए। इस समारोह मे न्यायमूर्ति विमला जैन के स्कूल नामकरण व गौरवशाली व्यक्तित्व पर आधारित शिलापट्ट का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37958" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0077.jpg" alt="" width="1008" height="506" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0077.jpg 1008w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0077-300x151.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0077-768x386.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0077-990x497.jpg 990w" sizes="(max-width: 1008px) 100vw, 1008px" /></p>
<p><strong>संविधान को गीता के समान सम्मान दें</strong></p>
<p>इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्रीमती विमला जैन ने अपनी जन्म भूमि एवं स्कूल के रोचक संस्मरण तथा बिदवास स्कूल से न्यायमूर्ति का सफर की संक्षिप्त गाथा बताते हुए शिक्षक व छात्र उपस्थित जन को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति संविधान को गीता के समान सम्मान देकर पालन करें ,मर्यादा और अनुशासन का पालन करते हुए चरित्रवान बने, माता-पिता व बड़ों के प्रति विनम्रता आदर और छोटों को स्नेह करें, वेटियों से कहा कि स्वतंत्र रहें लेकिन स्वच्छंद नहीं बनें। इस मौके पर सुरेश जैन आईएएस ने मप्र.शासन , स्कूल शिक्षा विभाग के प्रति धन्यवाद व आभार एवं उपस्थित समस्त अतिथि व गणमान्य नागरिकों का स्वागत भाषण , उदवोधन करते हुए धन्यवाद आभार व्यक्त किया। सुप्रीम कोर्ट दिल्ली की अधिवक्ता चारु मोदी ने इस स्कूल को प्रतिवर्ष पांच हजार रुपये नगद के साथ ही अन्य योगदान और विमला जी ने भी इस स्कूल के लिए कई तरह से योगदान समर्पित करने की घोषणा की।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37960" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0078-1.jpg" alt="" width="1069" height="726" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0078-1.jpg 1069w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0078-1-300x204.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0078-1-1024x695.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0078-1-768x522.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0078-1-990x672.jpg 990w" sizes="auto, (max-width: 1069px) 100vw, 1069px" /></p>
<p><strong>पहली कक्षा से लेकर जज तक का सफर</strong></p>
<p>इस स्कूल में पढ़ने वाली इस छात्रा की सफलता की कहानी ने न सिर्फ पूरे प्रदेश बल्कि देश मे झंडे गाडे। 16 साल की उम्र में शादी हो जाने और एक के बाद एक चार बच्चों को जन्म देने के बाद भी लक्ष्य पाने को मेहनत रुकी नहीं और उस मेहनत का अंजाम है कि वह मप्र हाई कोर्ट की जज बनी, आज इसी छात्रा के नाम पर इस स्कूल का नामकरण किया गया। इसकी दास्तां मे इस गांव विदवास में कभी सुन्दर लाल जैन रहा करते थे जो ग्राम के न्यायप्रिय सरपंच लम्बे समय तक रहें जिनकी बेटी विमला देवी जैन जुलाई 1957 में इसी शासकीय स्कूल में दाखिला लिया और अप्रैल 1962 तक कक्षा पांचवी पास की क्योंकि उस समय स्कूल कक्षा पांचवी तक ही था लेकिन विमला देवी जैन एक होनहार छात्रा थी जिसके बाद पढ़ाई करने वह सागर पहुंची, जहां जैन मोराजी स्कूल और जैन महिला आश्रम में आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए 16 वर्ष की उम्र में ही उनकी शादी नैनागिरि निवासी सुरेश जैन के साथ हो गई, उनके जीवन साथी सुरेश जैन भी एक होनहार छात्र थे, अब वह समय भी आया जब 1978 में विमला देवी जैन का चयन व्यवहार न्यायाधीश के पद पर हो गया और उनके पति सुरेश जैन भी आईएएस के पद पर चयनित हो गए और विमला देवी जैन ने अनेकों जिलों में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दी तो वही उनके पति सुरेश जैन ने भी अनेकों जिलों में कलेक्टर के रूप मे अपनी सेवाएं दी । वर्ष 2010 में आप मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की न्यायाधीश बनी और 4 वर्षों तक इस पद पर कार्यरत रही और पूरी निष्ठा पूर्वक अपनी सेवाएं प्रदान की है।</p>
<p><strong>इन विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थित</strong></p>
<p>आयोजन समिति के सुमति प्रकाश प्राचार्य ने बताया कि इस समारोह में मुख्य अतिथि मप्र शासन के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत व सागर विधायक शैलेंद्र जैन के प्रतिनिधि के साथ ही विशिष्ट अतिथि सीता ओंकार सिंह राजपूत अध्यक्ष नगर परिषद सुरखी, ममता बहादुर लोधी उपाध्यक्ष , परमा गुड्डू पटेल पार्षद व प्रवेश रानी उम्मेद लोधी पार्षद बिदवास, गंगासरण त्रिपाठी जिला एवं सत्र न्यायाधीस (सेनि.) नई दिल्ली , डॉ.मनीष वर्मा संयुक्त संचालक (सम्भागीय शिक्षा अधिकारी) सागर, सुमन मलिक इंदौर , वसुधा वाष्णेय बेंगलूर उपस्थित रहे । इस मौके पर न्यायमूर्ति श्रीमती विमला जी के पति सुरेश जैन आईएएस भोपाल, विकास डॉ. बीनू लंदन, विधान निधि सिंघई बेंगलूर, डॉ. विधि राजेश इंदौर , विजय जैन, मुन्नी डॉ. ऋषभ देवास, पुष्पा विनोद भोपाल, देवेश व चारु एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली, कम्पनी सेक्रेटरी एड.विधु मोदी इन्दौर, किरण मोदी तेंदूखेड़ा , डॉ.विनोद मोदी फार्मर सीईओ बीडीए, प्रो.डा.चन्दा मोदी की विशेष उपस्थित रहेगी। इस समारोह में पूर्व विधायक सुनील जैन, श्रीमंत सेठ सुरेश जैन, संतोष बैटरी, संतोष घड़ी, देवेन्द्र लुहारी, प्रमोद बारदाना, जयकुमार राजश्री पात्र हाउस, श्रीमती निधि संपादक आचरण, कैलाश सिंघई, विकास सराफ, एड अरविंद रवि, एड पेट्रिस फुसकेले, पं.राजकुमार शास्त्री सागर, राजेश रागी बकस्वाहा, पं.महेन्द्र कुमार मनुज इंदौर, राजेन्द्र महावीर सनावद, राजेंद्र जैन पीए, सुरेन्द्र जैन, मनोज जैन भोपाल, मोतीलाल सांधेलिया, सत्येंद्र लोहिया दलपतपुर, सुखानंद शाह शाहगढ़ ,सुरेश गूगरा ,राकेश बण्डा, एस.के जैन प्राचार्य भगवां , पं. अशोक बम्होरी, सुरेश सिंघई सुनवाहा, अजय अहिंसा बाकल आदि अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी अतिथि एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए।</p>
<p><strong>समारोह का संचालन प्रो.महेन्द्र सिंघई भोपाल ने किया एवं संयोजन व आभार विनोद मोदी भोपाल, सुमति प्रकाश जैन प्राचार्य नैनागिरि / सागर , पं.विमल कुमार, डॉ.राकेश जैन बिदवास ने किया।</strong></p>
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		<title>महामहोत्सव : 1008 श्री मज्जिनेंद्र पंचकल्चाणक महा महोत्सव 17 फरवरी से 23 फरवरी तक </title>
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		<pubDate>Mon, 13 Feb 2023 15:00:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि श्री ने अपने मांगलिक प्रवचनों में कहा कि मुनिराज सूर्य की भांति होते हैं। सूर्य यह नहीं देखता की कोई उनके निकट संबंधी है, प्रशंसक है या हमारी निंदा करने वाला है। सूर्य सभी को समान रूप से अपना प्रकाश फैलाता है। इसी तरह मुनि श्री की ओर से खुले मंच उिया गया मंत्र [&#8230;]]]></description>
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<p>मुनि श्री ने अपने मांगलिक प्रवचनों में कहा कि मुनिराज सूर्य की भांति होते हैं। सूर्य यह नहीं देखता की कोई उनके निकट संबंधी है, प्रशंसक है या हमारी निंदा करने वाला है। सूर्य सभी को समान रूप से अपना प्रकाश फैलाता है। इसी तरह मुनि श्री की ओर से खुले मंच उिया गया मंत्र सर्वशक्तिमान, ताकतवर और आत्मा का कल्याण करने वाला होता है। <span style="color: #ff0000;"><strong>राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट&#8230; </strong></span></p>
<hr />
<p><strong>टीकमगढ़। </strong>शहर की हृदय स्थली नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदि नाथ धाम त्रिकाल चौबीसी का 1008 श्री मज्जिनेंद्र पंचकल्याणक महामहोत्सव 17 फरवरी से 23 फरवरी तक होगा। निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज एवं छुल्लक धैर्य सागर जी महाराज की रविवार को आगवानी हो चुकी है। यह अनुष्ठान प्रदीप भैया जी सुयश के की ओर से संपन्न कराया जाएगा। मीडिया संयोजक प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि सोमवार को सुबह 7:00 मुनि श्री ढोंगा मैदान पहुंचें एवं वहां स्थित आदिनाथ मंदिर के दर्शन भी किए। सुबह 9:00 मुनि श्री नंदीश्वर कॉलोनी स्थित मंच पर पधारें। मुनि श्री का पाद प्रक्षालन गुना बालों के द्वारा किया गया। आचार्य श्री विद्यासागर एवं बड़े बाबा के चित्र का अनावरण लुइस चौधरी, जिनेंद्र जैन की ओर से किया गया। दीप प्रज्वलन का सौभाग्य निखिल जैन, एवं चंचल जैन, संजय मोदी को प्राप्त हुआ।</p>
<p>मुनि श्री ने अपने मांगलिक प्रवचनों में कहा कि मुनिराज सूर्य की भांति होते हैं। सूर्य यह नहीं देखता की कोई उनके निकट संबंधी है, प्रशंसक है या हमारी निंदा करने वाला है। सूर्य सभी को समान रूप से अपना प्रकाश फैलाता है। मुनि श्री ने कहा कि मैं किसी को बंद कमरे में कोई मंत्र नहीं देता, जो भी दूंगा खुले मंच से दूंगा। मेरे दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं। खुले मंच से दिया हुआ मंत्र सर्वशक्तिमान, ताकतवर और आपकी आत्मा का कल्याण करने वाला होगा। मुनि श्री ने कहा कि दुनिया किसी को सुखी नहीं देख सकती, वे पापी दानव राक्षस होते हैं, जो दूसरों को दुखी देखकर खुश होते है। रामचंद्र जी महान थे, लेकिन उनके जीवन में भी उपसर्ग हुए हैं। उनको भी अपने जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ा है, लेकिन सत्य कभी हारता नहीं सत्य को भले ही सूली लग जाए पर सत्य कभी सूली पर नहीं चढ़ता। हमारे जीवन में भी उपसर्ग आते हैं, कठिन उपसर्ग आते हैं और उनका निर्माण करना भी कठिन होता है लेकिन सत्य उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। आप लोगों ने फिल्म देखी होगी, उमसें हीरो कई बार पिटाई खाता है। कई बार लगता है कि अब हीरो नहीं बचेगा, लेकिन हीरो अंत तक सुरक्षित रहता है पूरी फिल्म में खलनायक का तांडव नृत्य होता रहता है अंत में जीत सत्य की होती है उसी को सत्यमेव जयते कहा गया है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37945" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0075.jpg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0075.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0075-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0075-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0075-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0075-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0075-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0075-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230213-WA0075-990x743.jpg 990w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि हमें अपने जीवन में कैसा परिवर्तन करना है वस्तु में आनंद नहीं वस्तु के धर्म में आनंद है। वस्तु भिन्न चीज होती है। वस्तु का धर्म भिन्न चीज है। ज्ञान भिन्न चीज है। ज्ञान का स्वरूप भिन्न चीज है। आत्मा अलग है। आत्मा का स्वरूप अलग चीज है। हमारा ज्ञान अच्छा नहीं, हमारा मन अच्छा नहीं, हमारे संस्कार अच्छे नहीं, हम अनादि काल से संसार में अच्छाइयों की तरफ कम हैं।</p>
<p>कार्यक्रम में पंडित सुनील शास्त्री दीपचंद जी सनत कुमार जी कमेटी की तरफ से बाबा नायक विमल जैन डीके जैन विमल इलेक्ट्रिकल्स राजीव जैन पार्षद, सुधीर जैन अनुज जैन आदि लोग शामिल हुए। शाम को 6:00 बजे मुनि श्री मंच पर विराजमान हुए। मुनि श्री की ओर से जिज्ञासा समाधान का कार्यक्रम हुआ। इस जिज्ञासा समाधान में सभी लोग धर्म के संबंध में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करते हैं। मुनि श्री से प्रश्न करते हैं, मुनि श्री उत्तर के माध्यम से जिज्ञासा का समाधान करते हैं।</p>
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		<title>पद प्रतिष्ठा एवं जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव : आगमनुकूल पद प्रतिष्ठा एवं जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव संपन्न  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Feb 2023 12:39:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री विरागोदय क्षेत्र, पथरिया में युग प्रतिक्रमण प्रवर्तक गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी यतिराज के कर कमलों से आगमनूकुल पद प्रतिष्ठा एवं जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव संपन्न किया गया। पढ़िये राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट&#8230;  पथरिया। श्री विरागोदय क्षेत्र, पथरिया में फाल्गुन कृष्ण सप्तमी 13 फरवरी, 2023 को युग प्रतिक्रमण प्रवर्तक गणाचार्य श्री 108 विराग [&#8230;]]]></description>
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<p>श्री विरागोदय क्षेत्र, पथरिया में युग प्रतिक्रमण प्रवर्तक गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी यतिराज के कर कमलों से आगमनूकुल पद प्रतिष्ठा एवं जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव संपन्न किया गया। <span style="color: #ff0000;"><strong>पढ़िये राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट&#8230; </strong></span></p>
<hr />
<p><strong>पथरिया।</strong> श्री विरागोदय क्षेत्र, पथरिया में फाल्गुन कृष्ण सप्तमी 13 फरवरी, 2023 को युग प्रतिक्रमण प्रवर्तक गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी यतिराज के कर कमलों से आगमनूकुल पद प्रतिष्ठा एवं जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव संपन्न किया गया।</p>
<p><strong>1)</strong> पूज्य श्रमण रत्न श्री 108 विहर्ष सागर जी मुनिराज &#8211; आचार्य पद</p>
<p><strong>2)</strong> श्रमण श्री विहित सागर जी मुनिराज &#8211; स्थविर पद</p>
<p><strong>3)</strong> श्रमण श्री विशोक सागर जी मुनिराज &#8211; उपाध्याय पद</p>
<p><strong>4)</strong> श्रमण श्री विनिश्चल सागर जी मुनिराज &#8211; उपाध्याय पद</p>
<p><strong>5)</strong> श्रमण श्री विवर्धन सागर जी मुनिराज &#8211; गणधर पद</p>
<p><strong>6)</strong> श्रमण श्री विश्रुत सागर जी मुनिराज &#8211; उपाध्याय पद</p>
<p><strong>7)</strong> श्रमण श्री विहसंत सागर जी मुनिराज &#8211; उपाध्याय पद</p>
<p><strong>8)</strong> श्रमण श्री विभंजन सागर जी मुनिराज &#8211; उपाध्याय पद</p>
<p><strong>9)</strong> श्रमण श्री विकसंत सागर जी मुनिराज &#8211; उपाध्याय पद</p>
<p><strong>10)</strong> श्रमण श्री विश्व नायक सागर जी मुनिराज &#8211; प्रवर्तक पद</p>
<p>11) श्रमण श्री विरंजन सागर जी मुनिराज &#8211; उपाध्याय पद</p>
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		<title>प्रतिष्ठा : 16 से 18 फरवरी तक चलेगा देरोल देवपुरी में वेदी शुद्धि प्रतिष्ठा महोत्सव </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Feb 2023 12:08:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[श्री 108 कुमुनंदी जी एवं 108 मुनि श्री आर्ष कीर्ति महाराज के सानिध्य में होगी वेदी शुद्धि । पढ़िये एक रिपोर्ट&#8230;  देरोल देवपुरी । देरोल देवपुरी मनोकामना पाश्र्वनाथ अतिशय क्षेत्र में 16 फरवरी से 18 फरवरी तक त्रिदिवसीय भूगर्भ से प्राप्त मूर्तियां वेदी पर बिराजमान एवं वेदी शुद्धि प्रतिष्ठा महा महोत्सव श्री 108 कुमुदनंदी जी [&#8230;]]]></description>
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<p>श्री 108 कुमुनंदी जी एवं 108 मुनि श्री आर्ष कीर्ति महाराज के सानिध्य में होगी वेदी शुद्धि । <strong><span style="color: #ff0000;">पढ़िये एक रिपोर्ट&#8230; </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>देरोल देवपुरी ।</strong> देरोल देवपुरी मनोकामना पाश्र्वनाथ अतिशय क्षेत्र में 16 फरवरी से 18 फरवरी तक त्रिदिवसीय भूगर्भ से प्राप्त मूर्तियां वेदी पर बिराजमान एवं वेदी शुद्धि प्रतिष्ठा महा महोत्सव श्री 108 कुमुदनंदी जी व 108 मुनि श्री आर्ष कीर्ति महाराज के सानिध्य में रखा गया है, जिसमें 16 फरवरी दोपहर 2 बजे मुनिश्री 108 आर्ष कीर्ति महाराज का पांचवे संयम दिवस समारोह में तारक मेहता का उल्टा चश्मा के कलाकार अय्यर (तनुज महाशब्दे) आशीर्वाद लेने पधार रहे हैं।</p>
<p>प्रतिष्ठा महोत्सव अध्यक्ष राजेश बी. शाह व देरोल देवपुरी समस्त ट्रस्टी गण की ओर से आमंत्रित किया कि सभी सपरिवार इस प्रतिष्ठा महोत्सव में पधारकर धर्म लाभ प्राप्त कर उत्साह बढ़ाएं। साथ ही अपने इष्ट मित्रों को सूचित करें एवं साथ लेकर पधारें। यहां आपके भोजन एवं निवास की सुव्यवस्था है। निवेदन है कि आने की पूर्व में सूचना भिजवाएं, ताकि सुव्यवस्थित व्यवस्था कर सकें।</p>
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		<title>समारोह : सुपाश्र्वनाथ भगवान लड्डू चढ़ाकर मनाया गया मोक्ष कल्याणक </title>
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		<pubDate>Mon, 13 Feb 2023 12:01:30 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[श्रीफल न्यूज]]></category>
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					<description><![CDATA[सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से सातवें तीर्थंकर भगवान सुपाश्र्वनाथ के मोक्ष कल्याणक तथा चंद्रप्रभु भगवान का ज्ञान कल्याणक मनाया गया। पढ़िये सन्मति जैन काका की रिपोर्ट&#8230;  सनावद । फाल्गुन कृष्णा सप्तमी सोमवार 13 फरवरी को सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से सातवें तीर्थंकर भगवान सुपाश्र्वनाथ के मोक्ष कल्याणक तथा चंद्रप्रभु भगवान का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p>सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से सातवें तीर्थंकर भगवान सुपाश्र्वनाथ के मोक्ष कल्याणक तथा चंद्रप्रभु भगवान का ज्ञान कल्याणक मनाया गया। <span style="color: #ff0000;"><strong>पढ़िये सन्मति जैन काका की रिपोर्ट&#8230; </strong></span></p>
<hr />
<p><strong>सनावद ।</strong> फाल्गुन कृष्णा सप्तमी सोमवार 13 फरवरी को सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से सातवें तीर्थंकर भगवान सुपाश्र्वनाथ के मोक्ष कल्याणक तथा चंद्रप्रभु भगवान का ज्ञान कल्याणक मनाया गया। इस अवसर पर दिनेश पाटनी ने बताया कि सनावद स्थित सुपाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिरजी में श्रद्धालुओं की ओर से मंदिर के मूलनायक भगवान सुपाश्र्वनाथ की विशेष पूजा कर श्री सम्मेद शिखरजी का विधान किया गया।</p>
<p>इस दौरान सामूहिक अभिषेक के पश्चात् शांति धारा संतोष बाकलीवाल की ओर से की गई। मोक्ष कल्याणक का अध्र्य तथा निर्वाण लड्डू प्रभु के चरणों में समर्पित कर चंद्रप्रभु भगवान के ज्ञान कल्याणक की पूजा कर उनके प्रति श्रद्धा प्रकट की गई। इस अवसर पर रात्रि में आरती एवं भजन का कार्यक्रम रखा गया है। साथ ही संगीता बाकलीवाल, संगीता पाटोदी, सुरेखा पाटनी, मीना बाकलीवाल, विनीता बाकलीवाल, जयश्री जैन, मंजू भुंच, रेखा जैन, किरण लश्करे, खुशखबर पांड्या, चेतना गोधा, कनक पहाडय़िा, गरिमा पाटनी, नरेश पाटनी, जंगलेश जैन, निलेश बाकलीवाल, कमलेश भुच, सत्येंद्र जैन, राजेश चौधरी, जिनेश्वर जैन, गजेंद्र बाकलीवाल, राकेश जैन, धीरेंद्र बाकलीवाल सहित समाज के गणमान्य महिला-पुरुष काफी संख्या में मौजूद थे।</p>
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