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	<title>Siddhchakra Mahamandal Vidhan &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Siddhchakra Mahamandal Vidhan &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>विश्व शांति महायज्ञ के समापन दिवस पर भक्ति आराधना का रहा दौर : इंद्र-इंद्राणियो ने विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 00:27:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में गुरुवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के समापन दिवस की शुरुआत प्रातःकाल भगवान जिनेंद्र देव के अभिषेक, शांतिधारा हुई। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230; आगरा। नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में गुरुवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के समापन दिवस की शुरुआत प्रातःकाल भगवान जिनेंद्र देव के अभिषेक, शांतिधारा हुई। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में गुरुवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के समापन दिवस की शुरुआत प्रातःकाल भगवान जिनेंद्र देव के अभिषेक, शांतिधारा हुई। समापन दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय एवं उल्लासमय बन गया। बाल ब्रह्मचारी पीयूष शास्त्री एवं पंडित आशुतोष शास्त्री ने विधान पूजन और विधान के पूर्णाहुति अवसर पर श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, समाज की उन्नति एवं मानव कल्याण की मंगल कामना की। सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ प्राप्त किया। मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों एवं स्तुति वंदनाओं से मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। इसके पश्चात आयोजित होली मिलन समारोह में आपसी प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे का संदेश देते हुए एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के अंतर्गत समाज के वरिष्ठजनों, सहयोगकर्ताओं एवं आयोजन में विशेष योगदान देने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत एवं सम्मान भी किया गया।</p>
<p><strong>यह समाज श्रेष्ठिजन मौजूद रहे</strong></p>
<p>इस मौके संयोजक अशोक कुमार जैन, अध्यक्ष राजेश बैनाड़ा, मंत्री विजय जैन निमोरब, मगन कुमार जैन, अरुण जैन, महेश चंद जैन, सुशील जैन, अनिल आदर्श जैन, सतेंद्र जैन, राकेश जैन, रामप्रकाश जैन, अतुल जैन, प्रमोद जैन, विवेक जैन, अंकित जैन, संजीव जैन मीडिया प्रभारी राहुल जैन और सकल जैन समाज मौजूद था।</p>
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		<title>होली मिलन एवं सम्मान समारोह ने बढ़ाई शोभा : श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में हुई अपार भक्ति </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Mar 2026 06:52:17 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ग्रेटर कमला नगर जैन समाज एवं कमला नगर महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। पढ़िए, शुभम जैन की यह रिपोर्ट&#8230; आगरा। ग्रेटर कमला नगर जैन समाज एवं कमला नगर महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ग्रेटर कमला नगर जैन समाज एवं कमला नगर महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। <span style="color: #ff0000">पढ़िए, शुभम जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> ग्रेटर कमला नगर जैन समाज एवं कमला नगर महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डी-ब्लॉक कमला नगर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होली मिलन समारोह एवं स्वागत-सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय एवं उल्लासमय बन गया।समापन दिवस की शुरुआत प्रातःकाल भगवान जिनेंद्र देव के अभिषेक, शांतिधारा एवं विधान पूजन से हुई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ प्राप्त किया। मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों एवं स्तुति वंदनाओं से मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। महिला मंडल की सदस्यों ने मंगलाचरण एवं भक्ति प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी को भावविभोर कर दिया।विधान के पूर्णाहुति अवसर पर श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, समाज की उन्नति एवं मानव कल्याण की मंगल कामना की।इसके पश्चात आयोजित होली मिलन समारोह में समाजजनों ने आपसी प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे का संदेश देते हुए एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम के अंतर्गत समाज के वरिष्ठजनों, सहयोगकर्ताओं एवं आयोजन में विशेष योगदान देने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत एवं सम्मान भी किया गया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति बनी रही। समस्त मांगलिक क्रियाएं पंडित राकेश जैन शास्त्री के निर्देशन में संपन्न हुईं।</p>
<p>इस अवसर पर मंगल प्रदीप जैन पीएनसी,जगदीश प्रसाद जैन, यशपाल जैन,मनोज जैन बाकलीवाल, दिलीप जैन,राकेश जैन बजाज, सुशील जैन,सुभाष जैन,जीवन जैन अहिंसा,विजय गोयल,अनिल रईस, सचिन जैन,अनिल जैन,नरेश जैन, रश्मि गोयल, शशि जैन,नीरू जैन, माधुरी जैन, वंदना जैन,अंकिता जैन,रुपाली जैन, सहित ग्रेटर कमला नगर जैन समाज के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।</p>
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		<title>श्रावक-श्राविकाओं ने की सिद्धों की आराधना कर 1024 अर्घ्य किए अर्पित : शालीमार एनक्लेव जैन मंदिर में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में भक्ति का दौर </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Mar 2026 11:07:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कमला नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, शालीमार एनक्लेव में अष्टानिका महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में हो रहा है। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह रिपोर्ट&#8230; आगरा। कमला नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, शालीमार एनक्लेव में अष्टानिका महापर्व के पावन अवसर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>कमला नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, शालीमार एनक्लेव में अष्टानिका महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में हो रहा है। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> कमला नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, शालीमार एनक्लेव में अष्टानिका महापर्व के पावन अवसर पर आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में हो रहा है। विधान पुण्यार्जक परिवार पारस जैन कंसल, संभव जैन कंसल एवं मधु जैन कंसल के संयोजन में चल रहे इस आयोजन के आठवें दिन सोमवार को श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं नित्य नियम पूजन श्रद्धा-भाव से किया। बाल ब्रह्मचारी आशीष जैन शास्त्री के निर्देशन में विधान में उपस्थित इंद्र-इंद्राणियों ने मंत्रोच्चारण के साथ मंडल पर सिद्धों के गुणों का गुणगान करते हुए श्रीजी के समक्ष 1024 अर्घ्य अर्पित किए तथा मांगलिक क्रियाएं संपन्न कीं। संगीतमय भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे और प्रभु आदिनाथ की आराधना की। सायंकाल 7 बजे संगीतमय कार्यक्रम के बीच प्रभु आदिनाथ की भव्य मंगल आरती आयोजित की गई। जिसमें श्रद्धालुओं ने 1008 दीपकों से आरती कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि 23 फरवरी से प्रारंभ हुआ यह विधान 4 मार्च को विश्व शांति महायज्ञ एवं होली मिलन समारोह के साथ संपन्न होगा। विधान में विनीत जैन, अभिषेक जैन,अजीत जैन, हर्ष जैन, गौरव जैन,मिथलेश जैन, राजकुमार गुड्डू,राजू गोधा,संजू गोधा, रूपचंद जैन, शैलेंद्र जैन, मुकेश जैन रपरिया सहित शालीमार एनक्लेव जैन समाज के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>सिद्धचक्र महामंडल विधान में 256 अर्घ्य समर्पित किए : सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/256_offerings_were_made_in_the_siddhachakra_mahamandal_ritual/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Mar 2026 06:06:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में रविवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तहत श्री शांतिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ और 256 अर्घ्य समर्पित किए गए। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230; आगरा। नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में रविवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तहत श्री शांतिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ और 256 अर्घ्य समर्पित किए गए। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में रविवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तहत श्री शांतिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ और 256 अर्घ्य समर्पित किए गए। पूजन में सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया। संगीतमय विधान में संगीतकार विमल जैन एण्ड पार्टी के द्वारा मधुर से संगीतकार ने साथी कलाकारों द्वारा संगीतमय पूजन और विधान कराया। अपनी मनमोहक आवाज से पूजन और विधान में इंद्र और इंद्राणियों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं।</p>
<p><strong>हमारे अच्छे कर्मों को आने का सहारा बन जाते हैं</strong></p>
<p>विधान के अंतर्गत बाल ब्रह्मचारी पीयूष भैया ने बताया कि कर्म सहित संसारी जीव हम सभी शुभ-अशुभ कर्मों के अधीन हैं। शुभ और अशुभ कर्म भी हमारे द्वारा उपार्जित किए जाते हैं। हम जैसे जैसे भाव करते हैं। वैसे-वैसे कर्मों का आगमन होता है। कर्मों का आना-जाना हमारे भावों पर ही आधारित है। यदि हम घर में दुकान अच्छे भाव करते हैं तो वह हमारे अच्छे कर्मों को आने का सहारा बन जाते हैं और यदि हम मंदिर में गुरु चरणों में बैठकर भाव करते हैं तो वह भाव हमारे पाप कर्मों को इकत्रित करते हैं। जैसे कर्म हम करते उसका वैसा ही फल भोगना पड़ता है।</p>
<p><strong>कर्म गरीब अमीर को नहीं देखते</strong></p>
<p>बाल ब्रह्मचारी पीयूष भैया ने कहा कि आप किसी से डरे या नहीं पर कर्मों से हमेशा डरना क्योंकि कर्मों के दरबार में पक्षपात नहीं होता l कर्म कभी छोटे बड़े जा भेद नहीं करते। जब कर्म उदय में आते हैं तो ग़रीब अमीर को नहीं देखते। श्री राम भगवान के जब कर्म उदय में आए तो राजपाठ को छोड़ चौदह वर्ष का वनवास भोगना पड़ा। जंगल-जंगल भटकना पड़ा। कितनी यातनाएँ पीड़ा सहन करनी पड़ी l जैन धर्म में ईसा आता है। भगवान प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ प्रभु ने पूर्व भव में खेत में हल चलाते समय छह घड़ी के लिए बैलों के मुख में रस्सी बाध दी थी ताकि वह हरि घास खेत की फसल ना खा पाए। जब कर्म बंधा तो तीर्थंकर पर्याय में उन्हें भी छह महीने भोजन नसीब नहीं हुआ। राजा श्रीपाल ने और सात सौ उप राजाओं ने एक मुनि का अनादर कर उनके शरीर पर थूक दिया था। जब बह कर्म उदय में आया तो सात सौ साथियों के साथ श्रीपाल को शरीर में कुष्ठ निकल आया। उन्होंने एक मुनि पर थूका था। सारी दुनिया ने उन सभी पर थूका। हमेशा अच्छे कर्म करते रहो। भगवान पल-पल आपका साथ देगा,आपके साथ रहेगा।</p>
<p>इस मौके संयोजक अशोककुमार जैन, अध्यक्ष राजेश बैनाड़ा, मंत्री विजय जैन निमोरब, अरुण जैन, महेश चंद जैन, अनिल आदर्श जैन, सतेंद्र जैन, राकेश जैन, सतेंद्र जैन राम प्रकाश जैन, अतुल जैन, प्रमोद जैन, विवेक जैन, अंकित जैन, संजीव जैन मीडिया प्रभारी राहुल जैन और सकल जैन समाज मौजूद था।</p>
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		<title>अर्घ्य 128 कर्म दोष रहित करने के लिए चढ़ाए जाते हैं : श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7 में चल रहा श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/arghya_is_offered_to_free_oneself_from_the_sins_of_128_karmas/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 13:39:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में शनिवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवे दिन विधान के अंतर्गत भगवान महावीर का अभिषेक हुआ एवं शांतिधारा हुई। आगरा से पढ़िए, यह खबर&#8230; आगरा। नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में शनिवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवे दिन विधान के अंतर्गत भगवान महावीर का अभिषेक हुआ एवं शांतिधारा हुई। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में शनिवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवे दिन विधान के अंतर्गत भगवान महावीर का अभिषेक हुआ एवं शांतिधारा हुई। बाल ब्रह्मचारी पीयूष भैया जी जबलपुर के निर्देशन में विधान में 128 अर्घ्य चढ़ाये गए l ये 128 अर्घ्य 128 कर्म दोष रहित करने के लिए चढ़ाये जाते हैं। पूजन में सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया l संगीतमय विधान में संगीतकार विमल जैन एंड पार्टी के द्वारा मधुर से संगीतकार ने साथी कलाकारों द्वारा संगीतमय पूजन और विधान कराया जा रहा है और वो अपनी मनमोहक आवाज से पूजन और विधान में इंद्रों और इंद्राणियों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं।</p>
<p><strong> भगवान की भक्ति कभी बेकार नहीं जाती</strong></p>
<p>बाल ब्रह्मचारी पीयूष शास्त्री ने बताया कि सिद्धचक्र विधान में विशेष रूप से सिद्धो की आराधना की जाती है सिद्ध भगवान आठ कर्मो से रहित होते है। संसारी जीव कर्मो के चक्र में फंसकर दुखी होता है और वह संसार में भटकता रहता है। प्रभु की आराधना प्रभु बनने के लिए की जाती है। भगवान की भक्ति कभी बेकार नहीं जाती। यदि नारकी जीव भी भगवान की भक्ति करता पशु पक्षी भी करते हैं। देवता भी करते हैं। किसकी भक्ति कभी निष्फल नहीं जाती। भक्ति में श्रद्धा ज्यादा और प्रर्दशन कम होना चाहिए। श्रद्धा हनुमान जी की तरह होनी चाहिए। श्रीराम के प्रति पूरा जीवन ही समर्पित कर दिया था। समर्पण का नाम ही श्रृद्धा है, कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। प्रभु को पाने के लिए अपना अहंकार खोना पड़ेगा।भक्ति करते रहो एक ना एक दिन प्रभु ज़रूर मिलेंगे l</p>
<p><strong>यह समाजजन मौजूद रहे</strong></p>
<p>इस मौके संयोजक अशोककुमार जैन, अध्यक्ष राजेश बैनाड़ा, मंत्री विजय जैन निमोरब, कोषाध्यक्ष मगन कुमार, अरुण जैन, महेशचंद जैन, अनिल आदर्श जैन, सतेंद्र जैन, राकेश जैन, सतेंद्र जैन, रामप्रकाश जैन, अतुल जैन, प्रमोद जैन, विवेक जैन, अंकित जैन, संजीव जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन और सकल जैन समाज मौजूद था। मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि एक मार्च को पीयूष भैया के सानिध्य में सुबह 8 बजे से शांतिधारा, सिद्धचक्र महामंडल विधान होगा l</p>
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		<title>आचार्य आर्जवसागर सभामंडप में सिद्धचक्र महामंडल विधान : आचार्य श्री आर्जवसागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में घटयात्रा ध्वजारोहण से हुआ विधान का शुभारंभ </title>
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		<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 08:04:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री आर्जवसागरजी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में अष्टान्हिका महापर्व के दौरान श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र कोठी, तारंगाजी में सिद्धों की आराधना का स्रोत सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव 24 फरवरी से 4 मार्च तक चलेगा। तारंगा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; तारंगा। आचार्य श्री [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री आर्जवसागरजी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में अष्टान्हिका महापर्व के दौरान श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र कोठी, तारंगाजी में सिद्धों की आराधना का स्रोत सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव 24 फरवरी से 4 मार्च तक चलेगा। <span style="color: #ff0000">तारंगा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>तारंगा।</strong> आचार्य श्री आर्जवसागरजी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में अष्टान्हिका महापर्व के दौरान श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र कोठी, तारंगाजी में सिद्धों की आराधना का स्रोत सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव 24 फरवरी से 4 मार्च तक चलेगा। सुंदर अरावली पर्वत मालाओं से सुशोभित वरदत्त, सायरदत्त, वरांग आदि साढ़े तीन करोड़ महामुनिराजों की निर्वाण भूमि सिद्धक्षेत्र में आचार्य श्री आर्जवसागरजी ससंघ के साथ आर्यिका श्री पवित्रमति माताजी ससंघ तथा आर्यिका श्री सुदृढ़‌‌मति माताजी ससंघ का सानिध्य भी प्राप्त हो रहा है। महामंडल विधान के प्रथम दिन घटयात्रा निकाली गई। इसके बाद ध्वजारोहण अनिला बेन कमलेश भाई दोशी ननानपुर ने किया। सभी क्रियाएं विधि पंडित शैलेंद्र शास्त्री के कुशल निर्देशन में हुई। ध्वजारोहण के बाद आचार्य श्री मंच पर आसीन हुए। संघस्थ बहन बाल ब्रह्मचारी ऋषिका दीदी दमोह ने आचार्य भगवन् की मांगलिक पूजन किया, जो भक्ति उल्लास के साथ संपन्न हुआ।</p>
<p><strong>आचार्य श्री ने बताया सिद्धचक्र महामंडल का महत्व</strong></p>
<p>आचार्य भगवंत ने बताया कि सिद्धचक्र अर्थात् सिद्ध परमेष्टि के समूह की आराधना। इसी मांगलिक पलों में आचार्य श्री ने कहा कि वे पूर्व में 2012 में भी यहां आए थे और 2015 का चातुर्मास भी यहां हुआ था, जिसमें अनेक विधान, अनेक कार्यक्रम आदि बड़े ही हर्षाेल्लास पूर्वक हुए थे। उस समय 3 मुनि दीक्षा एवं 2 आर्यिका दीक्षा भी संपन्न हुई थी। सिद्ध चक्र महामंडल विधान के विषय में कहा कि यह सिद्धों की आराधना का बहुत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। यह महामंडल विधान करने से श्रीपाल जैसे 700 कुष्ठ रोगियों का कुष्ठ रोग दूर हुआ था। प्रभु की भक्ति के विषय में कहा कि प्रभु की भक्ति में वह शक्ति होती है, जो मुक्ति का कारण बनती है। इन पर्व के दिनों में यह अनुष्ठान करने का विशेष महत्व है, इसके द्वारा पुण्य वृद्धि और कर्म निर्जरा होती है।</p>
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		<title>जबरी बाग नसिया जी में सजा सिद्धों का दरबार : घटयात्रा, ध्वजारोहण, इंद्र प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठा, जाप, कलश स्थापन किया </title>
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		<pubDate>Tue, 24 Feb 2026 15:52:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जबरी बाग नसिया जी में मंगलवार को सिद्धों का दरबार सजा। फाल्गुन मास की अष्टानिक महा पर्व के प्रथम दिवस सिद्धचक्र महामंडल विधान प्रारंभ हुआ। इंदौर से पढ़िए, हरिहरसिंह चौहान की यह खबर&#8230; इंदौर। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जबरी बाग नसिया जी में मंगलवार को सिद्धों का दरबार सजा। फाल्गुन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जबरी बाग नसिया जी में मंगलवार को सिद्धों का दरबार सजा। फाल्गुन मास की अष्टानिक महा पर्व के प्रथम दिवस सिद्धचक्र महामंडल विधान प्रारंभ हुआ। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, हरिहरसिंह चौहान की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जबरी बाग नसिया जी में मंगलवार को सिद्धों का दरबार सजा। फाल्गुन मास की अष्टानिक महा पर्व के प्रथम दिवस सिद्धचक्र महामंडल विधान प्रारंभ हुआ। इसमें खानियादाना के पंडित संस्कार शास्त्री जी के निर्देशन में अभिषेक शांतिधारा के बाद से घटयात्रा, ध्वजारोहण, इंद्र प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठा, जाप, कलश स्थापन के साथ पूजन किया गया। यह जानकारी समाज के दीपक जैन ने दी।</p>
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		<title>सांवला परिवार ने तपोदय तीर्थ बिजौलिया में की सिद्धों की आराधना : महामंडल विधान में भक्ति आस्था श्रद्धा का समन्वय  </title>
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		<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 09:36:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[विगत दिनों तपोदय तीर्थ बिजौलिया में ब्रह्मचारी विनोद भैया के कुशल संयोजन स्वर लहरियों के बीच सिद्धों की भव्य आराधना हुई। यह पल थे रामगंजमंडी के श्री निर्मलकुमार राहुल सावला एवं सभी सांवला परिवार की ओर से आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के, जो 5 दिन चला। बिजौलिया से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>विगत दिनों तपोदय तीर्थ बिजौलिया में ब्रह्मचारी विनोद भैया के कुशल संयोजन स्वर लहरियों के बीच सिद्धों की भव्य आराधना हुई। यह पल थे रामगंजमंडी के श्री निर्मलकुमार राहुल सावला एवं सभी सांवला परिवार की ओर से आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के, जो 5 दिन चला। <span style="color: #ff0000">बिजौलिया से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बिजौलिया।</strong> विगत दिनों तपोदय तीर्थ बिजौलिया में ब्रह्मचारी विनोद भैया के कुशल संयोजन स्वर लहरियों के बीच सिद्धों की भव्य आराधना हुई। यह पल थे रामगंजमंडी के श्री निर्मलकुमार राहुल सावला एवं सभी सांवला परिवार की ओर से आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के, जो 5 दिन चला। इस महामंडल विधान में भक्ति आस्था श्रद्धा का समन्वय देखने को मिला। निश्चित रूप से सिद्ध क्षेत्र अतिशय क्षेत्र पर धार्मिक अनुष्ठान करना सौभाग्य का क्षण था। दूर दराज से आए भक्तों ने भी इसमें बढ़चढ़कर भाग लिया अपने कर्मों की निर्जरा की।</p>
<p><strong>पूजा के समापन पर शोभायात्रा निकाली</strong></p>
<p>दिगंबर जैन पार्श्वनाथ तीर्थ क्षेत्र में सोमवार को पांच दिवसीय सिद्ध चक्र मंडल विधान पूजा का समापन शोभायात्रा के साथ हुआ। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। 24 जिनालय में जबलपुर के ब्रह्मचारी विनोद भैया महुआ के पंडित बृजेश शास्त्री के सानिध्य में संगीत के साथ सामूहिक पूजा हुई और रविवार को 1008 श्रीफल समर्पित किए गए। सुबह हवन पूर्णाहुति के साथ हुआ और क्षेत्र पर बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इसमें दिगंबर जैन महिला मंडल और सांवला परिवार रामगंजमंडी की महिलाओं ने धार्मिक भजनों पर नृत्य किया।</p>
<p><strong>सांवला परिवार का सम्मान किया </strong></p>
<p>धनोपिया परिवार की ओर से निर्मल सांवला परिवार को इस आयोजन के लिए अभिनंदन पत्र भेंटकर सम्मान किया गया। सांवला परिवार की तरफ से ब्रह्मचारी विनोद भैया का भी सम्मान किया गया और कोटा के राजेश जैन की ओर से भी उनका अभिनंदन किया गया।</p>
<p><strong>इन स्थानों से भी पहुंचे श्रद्धालुगण </strong></p>
<p>इस कार्यक्रम में बिजौलिया के अलावा रामगजमंडी, कोटा, इंदौर, भानपुरा, गेरोठ, भीलवाड़ा, भवानी मंडी, जयपुर, सिंगोली, रावतभाटा से काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महा अनुष्ठान संपन्न कर रामगंजमंडी आने पर सांवला परिवार के निर्मल सांवला काफी गदगद दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि अनंत जन्मों का कोई पुण्य संयोग उदय हुआ, जो हमें सिद्धचक्र महामंडल विधान करने का स्वर्णिम अवसर तपोदय तीर्थ बिजौलिया में मिला।</p>
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		<title>पूर्ण आहुति देने के बाद निकाली भव्य रथयात्रा : भक्ति भाव से की भगवान के 1008 सहस्त्र नाम की वृहद शांतिधारा         </title>
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		<pubDate>Thu, 25 Dec 2025 13:39:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र अहार जी में छह दिवसीय महोत्सव के तहत आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान विश्वशांति महायज्ञ की पूजा का समापन भक्ति भाव से किया गया। अहारजी से पढ़िए, यह खबर&#8230; अहार जी। श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र अहार जी में छह दिवसीय महोत्सव के तहत आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान विश्वशांति महायज्ञ की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र अहार जी में छह दिवसीय महोत्सव के तहत आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान विश्वशांति महायज्ञ की पूजा का समापन भक्ति भाव से किया गया। <span style="color: #ff0000">अहारजी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>अहार जी।</strong> श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र अहार जी में छह दिवसीय महोत्सव के तहत आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान विश्वशांति महायज्ञ की पूजा का समापन भक्ति भाव से किया गया। श्रावक श्रेष्ठी मुकेश जैन लार ने बताया की सिद्ध चक्र महामंडल विधान के समापन पर गुरुवार को पांडु शिला पर भगवान आदिनाय को विराजमन कर रजत कलशों से अभिषेक एवं शांतिधारा कर नित्य नियम पूजा की गई। आज की वृहद सुख शांति प्रदाता शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रेमचंद्र विमल जैन हटा वाले दिल्ली परिवार, अशोक जैन अनुराग जैन आकाश जैन लार परिवार को प्राप्त हुआ। भगवान के 1008 सहस्त्र नाम की वृहद शांतिधारा मुनिश्री श्रुतेश सागर जी, मुनिश्री सुश्रुत सागर जी महाराज के मंत्रोचार के साथ की गई। इसके बाद संपूर्ण विश्व में शांति सौहार्द रहे इसलिए विश्वशांति महायज्ञ किया गया था। जिसमे चौबीस तीर्थंकर कुंड, गौतम गणधर कुंड एवं पंच परमेष्ठी कुंड बनाए गए। हवन कुंडों में अग्नि प्रज्वलित कर ऋषि मंडल, पंच परमेष्ठी, चौबीस तीर्थंकर, विदेह क्षेत्र के बीस तीर्थंकर, चौसठ ऋद्धि मंत्रों की आहुतियां दी गई। हवन कुंड में घी, धूप, कपूर, समिधा, गोला आदि डालकर आहुतियां दी गई। हवन कुंड से निकली सुगंध से पांडाल का संपूर्ण क्षेत्र भक्ति भाव से महक उठा। इस महा आयोजन में टीकमगढ़ से आए युगल संगीतकार प्रवीण जैन प्रियंका जैन ने शानदार भक्ति और संगीतमय भजनों से सबको मंत्र मुग्ध कर दिया।</p>
<p><strong>रथयात्रा के साथ श्रीजी पहुंचे जिनालय</strong></p>
<p>पूर्णाहुति देने के उपरांत श्रीजी की भव्य रथयात्रा निकाली गई। जिसमें श्रीजी रथ पर सवार होकर घोड़ा बगगी बच्चों, महिलाओं और पुरुष श्रद्धालुओं ने मार्ग में भक्ति नृत्य कर महावीर स्वामी के जयकारे लगाए। रथ यात्रा में श्रीजी को लेकर चल रहे श्रावकों के माथे पर स्थित रेखाएं अपने भाग्य पर इठलाती हुई प्रतीत हो रही थीं। रथयात्रा क्षेत्र की परिक्रमा लगाते हुए पुनः श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर जी पहुंची। जहां श्रीजी के अभिषेक-प्रक्षाल के बाद उन्हें वेदी पर विराजमान किया गया।</p>
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		<title>अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी कार्यक्रम की पत्रिका का विमोचन: मुनि श्री समत्व सागर जी के सान्निध्य में चल रहा सिद्धचक्र महामंडल विधान  </title>
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		<pubDate>Tue, 23 Dec 2025 12:30:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि श्रीसमत्व सागर जी महाराज, मुनि श्री शीलसागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में मड़ावरा नगर में सिद्धचक्र महामंडल विधान अगाध श्रद्धा भक्ति के साथ चल रहा है। अतिशय क्षेत्र गिरार गिरी में 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक होने वाले त्रिदिवसीय कार्यक्रम की पत्रिका का विमोचन किया गया। मडावरा से पढ़िए, यह खबर&#8230; मड़ावरा, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनि श्रीसमत्व सागर जी महाराज, मुनि श्री शीलसागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में मड़ावरा नगर में सिद्धचक्र महामंडल विधान अगाध श्रद्धा भक्ति के साथ चल रहा है। अतिशय क्षेत्र गिरार गिरी में 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक होने वाले त्रिदिवसीय कार्यक्रम की पत्रिका का विमोचन किया गया। <span style="color: #ff0000">मडावरा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>मड़ावरा, ललितपुर।</strong> मुनि श्रीसमत्व सागर जी महाराज, मुनि श्री शीलसागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में मड़ावरा नगर में सिद्धचक्र महामंडल विधान अगाध श्रद्धा भक्ति के साथ चल रहा है। गिरारगिरी अतिशय क्षेत्र के मीडिया प्रभारी डॉ. सुनील संचय ने बताया कि इस अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य, अतिशय क्षेत्र नवागढ़ के निर्देशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया, डॉ. सनतकुमार जैन जयपुर, पंडित जयकुमार जैन दुर्ग, पंडित संतोष शास्त्री आदि विद्वतवर्ग ने अतिशय क्षेत्र गिरार गिरी में 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक होने वाले त्रिदिवसीय कार्यक्रम की पत्रिका का विमोचन किया। गिरार गिरी अतिशय क्षेत्र के महामंत्री प्रदीप कुमार जैन मड़ावरा ने बताया कि अतिशय क्षेत्र गिरार गिरी में 16 से 23 जनवरी तक होने जा रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज और मुनि श्री शीलसागर जी महाराज के सान्निध्य में किया जाएगा।</p>
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