<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Shwetambar Jain &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/shwetambar-jain/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Tue, 02 Jun 2026 13:21:33 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.2</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Shwetambar Jain &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>बोली नहीं, बदलाव श्वेताम्बर जैन समाज की नई परिभाषा : समाज का पैसा शिक्षा और स्वास्थ्य पर होगा खर्च </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/not_words_but_change_the_new_definition_of_the_shvetambar_jain_community/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/not_words_but_change_the_new_definition_of_the_shvetambar_jain_community/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Jun 2026 13:21:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Adinath Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[IIT Mumbai]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Janma Kalyanak]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Shwetambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Sojat]]></category>
		<category><![CDATA[आईआईटी मुंबई]]></category>
		<category><![CDATA[आदिनाथ मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जन्म कल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[श्वेताम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[सोजत]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=107661</guid>

					<description><![CDATA[जिले का छोटा सा कस्बा था सोजत। वहीं श्वेताम्बर जैन समाज का 400 साल पुराना आदिनाथ मंदिर था। संगमरमर की कारीगरी, सोने के कलश, चांदी के दरवाजे। हर साल महावीर जयंती पर आरती की बोली 7 लाख तक जाती थी। गांव वाले गर्व से कहते कि हमारे भगवान सबसे अमीर हैं। पाली से पढ़िए, यह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जिले का छोटा सा कस्बा था सोजत। वहीं श्वेताम्बर जैन समाज का 400 साल पुराना आदिनाथ मंदिर था। संगमरमर की कारीगरी, सोने के कलश, चांदी के दरवाजे। हर साल महावीर जयंती पर आरती की बोली 7 लाख तक जाती थी। गांव वाले गर्व से कहते कि हमारे भगवान सबसे अमीर हैं। <span style="color: #ff0000">पाली से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पाली।</strong> जिले का छोटा सा कस्बा था सोजत। वहीं श्वेताम्बर जैन समाज का 400 साल पुराना आदिनाथ मंदिर था। संगमरमर की कारीगरी, सोने के कलश, चांदी के दरवाजे। हर साल महावीर जयंती पर आरती की बोली 7 लाख तक जाती थी। गांव वाले गर्व से कहते कि हमारे भगवान सबसे अमीर हैं। उसी कस्बे में रहता था 22 साल का विपुल जैन। पिता पापड़-बड़ी का ठेला लगाते थे। विपुल ने बी.टेक किया था, केट में 99 पर्सेंट आई थी। आईआईटी मुंबई में एमटेक का एडमिशन पक्का था। फीस 1.2 लाख सालाना। स्कॉलरशिप नहीं मिली। विपुल के पिता सेठ मोहनलाल जैन के पास गए। मोहनलाल ट्रस्ट के अध्यक्ष थे। हर साल आरती की बोली वही लगाते थे। सेठजी, बस 50 हजार का लोन दे दो, ब्याज समेत लौटा दूंगा। बेटा पढ़-लिखकर नाम करेगा। मोहनलाल ने सिर हिलाया, बेटा, ट्रस्ट का पैसा भगवान का है। वो सिर्फ धर्म के काम में लगता है। मंदिर का जीर्णाेद्धार चल रहा है। 15 लाख की नई प्रतिमा आ रही है। समझा कर। उसी रात विपुल ने सोजत छोड़ दिया। अहमदाबाद में एक फैक्ट्री में 12 हजार की नौकरी पकड़ ली। आईआईटी का सपना वहीं दम तोड़ गया।</p>
<p>3 साल बाद, 2026 की चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को सोजत के मंदिर में महावीर जन्म कल्याणक था। आरती की बोली शुरू हुई। 1 लाख, 2 लाख, मोहनलाल खड़े हुए 5 लाख एक रुपया। तभी पीछे से आवाज आई, 5 लाख 11 हजार। सबने पलटकर देखा। कोट-पैंट में विपुल खड़ा था। साथ में 4 लड़के-लड़कियां। मोहनलाल चौंके, तू? विपुल हाथ जोड़कर बोला, सेठजी, बोली मैं नहीं लगाऊंगा। बस आपसे 2 मिनट मांगता हूं। सभा शांत हुई। विपुल ने माइक संभाला और कहा कि 3 साल पहले मैं इसी मंदिर में 50 हजार मांगने आया था। नहीं मिले। मैं टूट गया था। फिर अहमदाबाद में मुझे माहेश्वरी समाज के एजुकेशन लोन फाउंडेशन का पता चला। उन्होंने बिना ब्याज 1.5 लाख दिए। शर्त सिर्फ एक थी कि पढ़कर 2 और बच्चों को पढ़ाना। मैंने आईआईटी किया। कैंपस में 28 लाख का पैकेज मिला। आज मैं बेंगलुरु में हूं। मेरे साथ ये चारों बच्चे खड़े हैं। रेखा, इसके पिता हमारे मंदिर में सफाई करते हैं। रमेश, इसकी मां विधवा है, लोगों के घर बर्तन मांजती है। दोनों को मैंने केट की कोचिंग दिलवाई। आज रेखा आईआईएम अहमदाबाद में है, रमेश आईआईएम कलकत्ता में।</p>
<p>सभा में सन्नाटा था। विपुल रुका नहीं। श्वेताम्बर परंपरा ने हमें अपरिग्रह सिखाया- जरूरत से ज्यादा मत जोड़ो। अनेकांतवाद सिखाया- सबका दृष्टिकोण समझो। भगवान महावीर ने राजपाट छोड़कर सत्य खोजा, महल नहीं बनवाए। उन्होंने कहा था- जीवदया सबसे बड़ा धर्म है। तो बताइए सेठजी, क्या भगवान 15 लाख की मूर्ति से ज्यादा खुश होंगे या रेखा के आईआईएम जाने से? क्या सोने के कलश पर चढ़ा घी, रमेश की किताबों पर खर्च हुए पैसों से ज्यादा पवित्र है? मोहनलाल की आंखें झुकी थीं। विपुल ने जेब से चेक निकाला। ये 5 लाख 11 हजार की बोली मैं मंदिर में नहीं लगा रहा। आज हम 5 लोग मिलकर सोजत श्वेताम्बर शिक्षा निधि शुरू कर रहे हैं। इसमें पहला दान मेरा है। इसका ब्याज नहीं होगा। सिर्फ एक वचन होगा- लेने वाला कल 2 और को देगा। अग्रवाल समाज अस्पताल बनाता है। माहेश्वरी समाज स्टार्टअप फंड देता है। राजपुरोहित समाज यूपीएससी कोचिंग चलाता है। सीरवी समाज लॉजिस्टिक हब बना रहा है। तो हम जैन, जिनका मूल मंत्र ही जियो और जीने दो है, सिर्फ पत्थर पर पैसा क्यों लुटाएं? मैं आरती की बोली का विरोधी नहीं। पर जब मेरे समाज का बच्चा फीस के लिए रोए, और हम लाखों की प्रतिमा मंगवाएं- तो वो धर्म नहीं, दिखावा है। तीर्थंकरों ने हमें त्याग सिखाया था, तिजोरी भरना नहीं। सभा में सबसे पहले हाथ चौधरी साब ने उठाया। सीरवी समाज के मुखिया थे। विपुल बेटा, मेरी तरफ से 2 लाख इस निधि में। मेरा पोता भी तेरे साथ आईआईटी में पढ़ता है। फिर माहेश्वरी समाज के व्यापारी बोले कि हमारे कॉमर्स कॉलेज में जैन बच्चों को 50 प्रतिशत स्कॉलरशिप। मोहनलाल उठे। आंखें नम थीं। 70 साल के जीवन में पहली बार वो मंच पर लड़खड़ाए। विपुल, आज तूने मेरी आंखें खोल दी। 40 साल से मैं बोली लगाता आया। सोचा पुण्य मिल रहा है। पर असली पुण्य तो तेरे चेहरे पर है। उन्होंने माइक लिया, ष्आज से सोजत श्वेताम्बर ट्रस्ट का 60 प्रतिशत पैसा शिक्षा और स्वास्थ्य पर लगेगा। 40 प्रतिशत मंदिर रखरखाव पर और हां, श्जैन लोन फाउंडेशनश् आज से ही शुरू। पहला लोन रेखा की छोटी बहन को -एमबीबीएस की फीस के लिए। पूरी सभा खड़ी होकर ताली बजा रही थी। घंटियों की आवाज के बीच एक नई आरती शुरू हो चुकी थी &#8211; आत्मनिर्भरता की आरती।</p>
<p><strong>’6 महीने बाद का सोजत’</strong></p>
<p>मंदिर वही था। पर अब उसके पीछे महावीर कोचिंग सेंटर चलता था। 80 बच्चे फ्री में पढ़ते थे। 12 बच्चे नीट जेईई निकाल चुके थे। ट्रस्ट ने 3 परिवारों को बिजनेस लोन दिया था। एक पापड़ का कारखाना, एक केमिकल यूनिट, एक डिजिटल मार्केटिंग फर्म।</p>
<p>दीवाली पर मोहनलाल ने घोषणा कीरू ष्इस साल आरती की बोली नहीं होगी। बोली लगेगी संकल्पों की। कौन कितने बच्चों को पढ़ाएगा, कितने रोजगार देगा- उसकी बोली लगेगी। विपुल दिवाली पर सोजत आया। मंदिर में नई संगमरमर की पट्टिका लगी थी। लिखा था- न स देवेसु बंदामि, जे अन्नं न पहावए। जो दूसरों को आगे न बढ़ाए, मैं उस देव को नहीं पूजता। नीचे छोटा लिखा था-सोजत श्वेताम्बर शिक्षा निधिः 1.2 करोड़, लाभार्थी: 47 छात्र। मोहनलाल ने विपुल को गले लगाया। बेटा, तूने साबित कर दिया- भगवान मूर्ति में नहीं, मजबूर की मदद में बसते हैं। हमने सालों सोने के सिंहासन पर भगवान बिठाए। तूने भगवान को बच्चों की किताबों में बिठा दिया।</p>
<p><strong>श्वेताम्बर जैन दृष्टि से</strong></p>
<p>श्वेताम्बर आगमों में दान को 4 प्रकार का बताया है- आहार दान, औषध दान, ज्ञान दान, अभय दान। ज्ञान दान को सर्वश्रेष्ठ कहा गया है। भगवान महावीर स्वयं राजा के पुत्र थे। उन्होंने महल, हीरे, सेना सब त्यागकर श्केवलज्ञानश् चुना।</p>
<p>आज जब हम 10 लाख की बोली लगाकर क्षणिक अहंकार तुष्ट करते हैं, तब हम महावीर के ‘अपरिग्रह व्रत के उलट चलते हैं। मंदिर बनाना गलत नहीं- पर मंदिर के बाहर खड़ा भूखा, बेरोजगार, अशिक्षित जैन युवा, उस संगमरमर से ज्यादा महत्वपूर्ण है। श्वेताम्बर परंपरा संघ को महत्व देती है। संघ यानी साथ चलना। अगर संघ का एक सदस्य पीछे छूट जाए, तो पूरी यात्रा अधूरी है। बोली नहीं, बदलाव का मंत्र यही है- पैसा वहीं लगे जहां से अगला महावीर, अगला आर्य सुधर्मा, अगला वैज्ञानिक, अगला उद्यमी निकले। धर्म वो नहीं जो दीवारों को सोने से मढ़ दे। धर्म वो है जो इंसान के भविष्य को रोशन कर दे। क्योंकि अंत में तीर्थंकर भी यही पूछेंगे-मेरे नाम पर कितने दीप जलाए? नहीं। मेरे बताए रास्ते पर कितने जीवन संवारे? तो फैसला हमें करना है- पत्थर पूजने हैं या भविष्य गढ़ने है ? आरती की बोली लगानी है या आत्मनिर्भरता की नींव रखनी है? जवाब मंदिर की घंटियों में नहीं, एक बच्चे की मुस्कान में मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/not_words_but_change_the_new_definition_of_the_shvetambar_jain_community/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भगवान महावीर स्वामी की 1400 किलो की ब्रॉज प्रतिमा का जयपुर में हुआ भव्य अनावरण : भट्टारक जी की नसिया में गूंजे जयकारे, श्रद्धालुओं ने लिया दिव्य दर्शन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/mahavir_idol_unveiled_at_jaipur_bhattarak_ji_nasiya/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/mahavir_idol_unveiled_at_jaipur_bhattarak_ji_nasiya/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Nov 2025 15:28:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Bhattarak Ji Ki Nasiyan]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Gommateshwar]]></category>
		<category><![CDATA[Hemant Sogani]]></category>
		<category><![CDATA[Idol Unveiling]]></category>
		<category><![CDATA[jain culture]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Heritage]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[jain temple]]></category>
		<category><![CDATA[Jaipur jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jaipur news]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Idol]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Jayanti]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Ji Railway Station]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Swami]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Teachings जीओ और जीने दो]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Jain Gangapur]]></category>
		<category><![CDATA[PK Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Rajesh Jain Dadu]]></category>
		<category><![CDATA[religious event]]></category>
		<category><![CDATA[shrifal news]]></category>
		<category><![CDATA[Shwetambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Shyam Sharma]]></category>
		<category><![CDATA[Statue Installation]]></category>
		<category><![CDATA[Subhash Chand Jain Johri]]></category>
		<category><![CDATA[Sudhanshu Kasliwal]]></category>
		<category><![CDATA[Sunil Bakshi]]></category>
		<category><![CDATA[Umraomal Sanghi]]></category>
		<category><![CDATA[Vivek Kala]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य सुंदर सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[गंगापुर सिटी समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जयपुर जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन संस्कृति]]></category>
		<category><![CDATA[दिगम्बर जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक आयोजन]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान महावीर]]></category>
		<category><![CDATA[भट्टारक जी की नसियां]]></category>
		<category><![CDATA[मूर्ति अनावरण]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=93499</guid>

					<description><![CDATA[जयपुर की भट्टारक जी की नसिया में शनिवार को भगवान महावीर स्वामी की 1400 किलोग्राम वजन की 3.5 फीट ऊंची ब्रॉज मेटल प्रतिमा का अनावरण हुआ। प्रतिमा श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन पर स्थापित की जाएगी। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान महावीर के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। पढ़िए राजेश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जयपुर की भट्टारक जी की नसिया में शनिवार को भगवान महावीर स्वामी की 1400 किलोग्राम वजन की 3.5 फीट ऊंची ब्रॉज मेटल प्रतिमा का अनावरण हुआ। प्रतिमा श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन पर स्थापित की जाएगी। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान महावीर के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p>भारत सरकार और रेल मंत्रालय की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन पर स्थापित की जाने वाली भगवान महावीर स्वामी की ब्रॉज प्रतिमा का जयपुर की भट्टारक जी की नसिया में अनावरण हुआ।</p>
<p>समारोह में समाज श्रेष्ठी गजेन्द्र बडजात्या, प्रवीण, विकास, प्रिया, मेनका बडजात्या ने प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में एडवोकेट सुधांशु कासलीवाल, सुभाष चंद जैन जौहरी, रेल्वे एक्स ई एन अनिल जैन, राजकुमार कोठ्यारी, नरेंद्र जैन गंगापुर, डॉ. कमल सोगानी, हेमंत सोगानी, अनिल दीवान, सुरेश सबलावत, विवेक काला, एन.के. सेठी, जस्टिस एन.के. जैन सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।</p>
<p>धर्म प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि भगवान महावीर स्वामी की यह प्रतिमा 3.5 फीट ऊंची और 42 इंच चौड़ी है, जिसे रेलवे स्टेशन पर 22.5 फीट ऊंची छतरी पर स्थापित किया जाएगा। आचार्य श्री सुंदर सागर जी संसंघ ने भी प्रतिमा के दर्शन कर प्रसन्नता व्यक्त की।</p>
<p>दोपहर में श्रद्धालुओं ने प्रतिमा का अवलोकन किया, तत्पश्चात यह प्रतिमा जयकारों के बीच गंगापुर होते हुए श्री महावीर जी के लिए रवाना हुई।</p>
<p>संयोजक नरेन्द्र जैन गंगापुर, विनोद जैन कोटखावदा, भारतभूषण जैन अजमेरा, प्रवीण बडजात्या एवं राजेश बडजात्या ने आयोजन की सफलता में विशेष भूमिका निभाई। मंच संचालन मनीष बैद ने किया और अंत में संयुक्त मंत्री उमरावमल संघी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।</p>
<p>यह आयोजन भगवान महावीर स्वामी के “जीओ और जीने दो” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने वाला एक प्रेरणादायी क्षण बन गया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/mahavir_idol_unveiled_at_jaipur_bhattarak_ji_nasiya/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ जैन फोरम का जैन सितारे अवार्ड समारोह सम्पन्न : 65 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान, जैन एकता पर दिया गया जोर </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/jain_stars_award_ceremony_by_international_association_of_jain_forum/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/jain_stars_award_ceremony_by_international_association_of_jain_forum/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Sep 2025 05:02:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Ashok Mehta]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[indore news]]></category>
		<category><![CDATA[International Association of Jain Forum]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Acharya]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Achievements]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Awards]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Doctors]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Ekta]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Event]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Function]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Identity]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Journalists]]></category>
		<category><![CDATA[Jain monks]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Pride]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Recognition]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Respect जैन न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Scientists]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Soldiers]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Stars Award]]></category>
		<category><![CDATA[Jain talent]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Unity]]></category>
		<category><![CDATA[Kirti Ratna Vijay Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Organ Donation]]></category>
		<category><![CDATA[Oswal]]></category>
		<category><![CDATA[Rajesh Jain Daddoo]]></category>
		<category><![CDATA[Rajesh Muni]]></category>
		<category><![CDATA[shrifal news]]></category>
		<category><![CDATA[Shwetambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Social harmony]]></category>
		<category><![CDATA[Terapanth]]></category>
		<category><![CDATA[Vipranat Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Vishwratna Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[अंगदान]]></category>
		<category><![CDATA[अशोक मेहता]]></category>
		<category><![CDATA[इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ जैन फोरम]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[ओसवाल]]></category>
		<category><![CDATA[कीर्ति रत्न विजय महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन आचार्य]]></category>
		<category><![CDATA[जैन आयोजन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन उपलब्धियां]]></category>
		<category><![CDATA[जैन एकता]]></category>
		<category><![CDATA[जैन गौरव]]></category>
		<category><![CDATA[जैन डॉक्टर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन पत्रकार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन पहचान]]></category>
		<category><![CDATA[जैन पुरस्कार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन प्रतिभा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन प्रतिष्ठा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन फंक्शन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन वैज्ञानिक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन संगठन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सम्मान]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साधु]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सितारे अवार्ड]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सैनिक]]></category>
		<category><![CDATA[तेरापंथ]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[राजेश जैन दद्दू]]></category>
		<category><![CDATA[राजेश मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[विप्रणत सागर]]></category>
		<category><![CDATA[विश्वरत्न सागर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[श्वेतांबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[सामाजिक सद्भाव]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=90454</guid>

					<description><![CDATA[इंदौर के दलाल बाग एरोड्रम रोड पर इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ जैन फोरम द्वारा जैन सितारे अवार्ड समारोह आयोजित हुआ। सभी सम्प्रदायों के आचार्य, साधु-संतों और समाज के लोगों की उपस्थिति में 65 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। संतों और समाज के नेताओं ने जैन एकता को समय की आवश्यकता बताया। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>इंदौर के दलाल बाग एरोड्रम रोड पर इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ जैन फोरम द्वारा जैन सितारे अवार्ड समारोह आयोजित हुआ। सभी सम्प्रदायों के आचार्य, साधु-संतों और समाज के लोगों की उपस्थिति में 65 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। संतों और समाज के नेताओं ने जैन एकता को समय की आवश्यकता बताया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p>इंदौर के दलाल बाग एरोड्रम रोड पर आज इतिहास रचता हुआ दृश्य देखने को मिला जब इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ जैन फोरम द्वारा जैन सितारे अवार्ड समारोह का आयोजन हुआ। पहली बार दिगंबर, श्वेतांबर, तेरापंथ और ओसवाल सभी जैन सम्प्रदायों के आचार्य और साधु-संत एक मंच पर एकत्र हुए।</p>
<p>समारोह में पधारे परम पूज्य आचार्य विश्वरत्न सागर सूरीश्वर महाराज, परम पूज्य राजेश मुनि महाराज, कीर्ति रत्न विजय महाराज, दिगंबर आचार्य विप्रणत सागर जी, मुनि श्री अध्ययन रत्न सागर और मुनि श्री शुद्धात्म सागर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “समाज की पहचान एकजुट होकर जैन कहलाने से होगी।” सभी संतों ने एक स्वर में समाज को अपनी परंपराओं का पालन करने के साथ-साथ सामूहिक पहचान को “जैन” के रूप में स्वीकारने की प्रेरणा दी।</p>
<p>आयोजन के प्रमुख सूत्रधार अशोक मेहता ने अपने संबोधन में कहा – “जैन समाज का प्रभाव तभी बढ़ेगा जब हम सब एकजुट रहेंगे। बंटोगे तो कटोगे, एक रहोगे तो नेक रहोगे।”</p>
<p>समारोह में समाज की 65 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इनमें अंगदान करने वाले, भारतीय सैनिक, वरिष्ठ डॉक्टर, पत्रकार, वैज्ञानिक और विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शामिल रहे। यह सम्मान जैन समाज की गौरवमयी पहचान को और सशक्त करने का प्रतीक बना।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-90457" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1.jpg" alt="" width="2560" height="1706" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1.jpg 2560w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-1024x682.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-768x512.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-1536x1024.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-2048x1365.jpg 2048w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-990x660.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250908-WA0006-1-1320x880.jpg 1320w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" />संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान</strong></p>
<p>जैन सितारे अवार्ड के संस्थापक अशोक मेहता और कांतिलाल बंम ने वर्षों से जैन एकता के लिए किए जा रहे अपने प्रयासों का संदेश दिया। उनके साथ भगवंत सिंह नागौरी, राजीव भांडावत और प्रदीप बम्बोरी का विशेष सहयोग रहा। समारोह के विशेष अतिथि कृष्ण मुरारी मोघे ने भी जैन समाज को संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन डॉ. जैनेन्द्र जैन, कैलाश वेद, निर्मल कासलीवाल, इन्द्रर सेठी, प्रदीप बड़जात्या, मंयक जैन, मनोज बाकलीवाल, अनामिका बाकलीवाल, साधना मदाभत, विजया जैन सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित हुए। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ जिसे जयेश कोठारी ने व्यक्त किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/jain_stars_award_ceremony_by_international_association_of_jain_forum/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुरैना जिले के जैन छात्र-छात्राएं भी कर सकेंगे आवेदन : अखिल भारतीय स्तर पर होगा जैन समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/jain_talents_award_ceremony_ambah/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/jain_talents_award_ceremony_ambah/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Aug 2025 17:23:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Gyansagar]]></category>
		<category><![CDATA[Ambah Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Aryika Shri 105 Aarshmati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Community श्रीफल_न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Education]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Event 2025]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Future]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Motivational]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society Progress]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Student Honour]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Students]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Students Success]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Talent Award]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Talent Respect]]></category>
		<category><![CDATA[M.P. Jain Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Morena Education]]></category>
		<category><![CDATA[Morena jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Muraina Jain]]></category>
		<category><![CDATA[National Jain Event]]></category>
		<category><![CDATA[Shrifal Media]]></category>
		<category><![CDATA[shrifal news]]></category>
		<category><![CDATA[Shrifal News Update]]></category>
		<category><![CDATA[Shripal_News]]></category>
		<category><![CDATA[Shwetambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल_भारतीय_जैन_छात्र_सम्मान]]></category>
		<category><![CDATA[अंबाह_जैन_समाज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य_ज्ञानसागर]]></category>
		<category><![CDATA[आदिनाथपुरम]]></category>
		<category><![CDATA[आर्यिका_आर्षमति]]></category>
		<category><![CDATA[आर्षमति_माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[छात्र_सम्मान]]></category>
		<category><![CDATA[छात्रा_सम्मान]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_आयोजन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_छात्र]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_छात्रा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_धार्मिक_समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_प्रतिभा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_प्रतिभा_सम्मान]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_महासभा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_विद्यार्थी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_संत]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_सम्मान_समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_सम्मेलन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_संस्कार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_संस्कृति]]></category>
		<category><![CDATA[दिगम्बर_जैन_समाज]]></category>
		<category><![CDATA[मुरैना_जैन_समाज]]></category>
		<category><![CDATA[रानीला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=88025</guid>

					<description><![CDATA[जैन समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए आगामी नवम्बर में आचार्य ज्ञानसागर अखिल भारतीय प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन होगा। इसमें मुरैना जिले के विद्यार्थी भी आवेदन कर सकेंगे…। पढ़िए अजय जैन की खास रिपोर्ट… जैन समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और उज्ज्वल भविष्य की राह प्रशस्त करने के उद्देश्य से आगामी माह नवम्बर में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैन समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए आगामी नवम्बर में आचार्य ज्ञानसागर अखिल भारतीय प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन होगा। इसमें मुरैना जिले के विद्यार्थी भी आवेदन कर सकेंगे…। <span style="color: #ff0000">पढ़िए अजय जैन की खास रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p>जैन समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और उज्ज्वल भविष्य की राह प्रशस्त करने के उद्देश्य से आगामी माह नवम्बर में आचार्य ज्ञानसागर अखिल भारतीय जैन छात्र-छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन गुरु माँ गणिनि आर्यिका श्री 105 आर्षमति माताजी के पावन सान्निध्य एवं निर्देशन में 15 और 16 नवम्बर 2025 को श्री भगवान आदिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र आदिनाथपुरम रानीला में सम्पन्न होगा।</p>
<p>समिति ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितम्बर 2025 है। पात्रता शर्तों के अनुसार केवल वही विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने 10वीं या 12वीं में 90% से अधिक अंक प्राप्त किए हों, साथ ही NEET, CLAT, JEE Advanced, CA Final या लोकसेवा आयोग में चयनित अभ्यर्थी भी इसमें भाग ले सकेंगे। अम्बाह जैन समाज के कुलदीप जैन व मुरैना के सोनू जैन बराहना ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर है। चयनित प्रतिभाओं को संतों और समाज के विद्वानों की उपस्थिति में सम्मानित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य केवल मेधावी प्रतिभाओं का सम्मान करना ही नहीं बल्कि युवाओं को यह संदेश देना है कि शिक्षा और संस्कारों से ही समाज की प्रगति सम्भव है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/jain_talents_award_ceremony_ambah/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आईजा में सक्रिय भूमिका का मिला पुरुस्कार : पवन नाहर बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/pawan_nahar_became_the_national_vice_president/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/pawan_nahar_became_the_national_vice_president/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Jul 2023 02:30:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Aija]]></category>
		<category><![CDATA[All India Jain Journalist Association]]></category>
		<category><![CDATA[Digambara Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Hardik Hundia  श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain saint]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Pawan Nahar]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shwetambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Terapanth]]></category>
		<category><![CDATA[Thandla]]></category>
		<category><![CDATA[आईजा]]></category>
		<category><![CDATA[ऑल इण्डिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन पत्रकार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साधु]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[तेरापंथ]]></category>
		<category><![CDATA[थांदला]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पवन नाहर]]></category>
		<category><![CDATA[श्वेतांबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[हार्दिक हुण्डिया]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=47260</guid>

					<description><![CDATA[ऑल इण्डिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुण्डिया ने पवन नाहर को मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्र झाबुआ जिले से सक्रिय पत्रकारिता कर संघ समाज की सेवा करने व संतों में बढ़ते शिथिलाचार पर अपनी प्रखर आवाज बुलंद करने के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्थान देते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। थांदला। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>ऑल इण्डिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुण्डिया ने पवन नाहर को मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्र झाबुआ जिले से सक्रिय पत्रकारिता कर संघ समाज की सेवा करने व संतों में बढ़ते शिथिलाचार पर अपनी प्रखर आवाज बुलंद करने के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्थान देते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है।</strong></p>
<hr />
<p><strong>थांदला।</strong> श्वेताम्बर स्थानकवासी, मूर्तिपूजक, दिगम्बर, तेरापंथ के सबसे बड़े जैन पत्रकारों के संगठन ऑल इण्डिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुण्डिया ने पवन नाहर को मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्र झाबुआ जिले से सक्रिय पत्रकारिता कर संघ समाज की सेवा करने व संतों में बढ़ते शिथिलाचार पर अपनी प्रखर आवाज बुलंद करने के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्थान देते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। नाहर इससे पूर्व आईजा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि वर्तमान समय में आईजा के मुख्य परामर्शदाता बनकर संगठन को मजबूत करने के प्रयास करते रहते हैं। उनके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाये जाने पर थांदला पत्रकार संघ व आईजा सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त कर बधाई देते हुए संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुण्डिया सहित राष्ट्रीय कार्यकारिणी व चयन समिति का आभार माना है।</p>
<p>राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाये जाने पर पवन नाहर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आईजा में पैसे व स्थान से ज्यादा सेवा समर्पण के साथ जिन शासन की प्रभावना को महत्व दिया जाता है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुण्डिया ने बड़े शहर के नामी पत्रकारों के बजाय आदिवासी जिले के छोटे से शहर थांदला से मुझ जैसे साधारण पत्रकार को असाधारण बना कर फर्श से अर्श पर पहुंचा दिया है। इसके लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/pawan_nahar_became_the_national_vice_president/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>श्वेतांबर पक्ष द्वारा मूर्ति का स्वरूप-चरित्र बदलने का विरोध : दिगंबर जैन समाज की महा मौन रैली 24 अप्रैल को </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/maha_silent_rally_of_digambar_jain_samaj_on_24_th_april/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/maha_silent_rally_of_digambar_jain_samaj_on_24_th_april/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Apr 2023 02:53:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Vidya Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Alak Siddhant Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[protest]]></category>
		<category><![CDATA[rally श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shwetambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Washim]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य विद्या सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[ऐलक सिद्धांत सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[रैली]]></category>
		<category><![CDATA[वाशिम]]></category>
		<category><![CDATA[विरोध]]></category>
		<category><![CDATA[श्वेतांबर जैन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=42589</guid>

					<description><![CDATA[वाशिम (राजेश जैन दद्दू)। श्वेतांबर पक्ष द्वारा मूर्ति का स्वरूप- चरित्र बदलने के विरोध में दिगम्बर जैन समाज की महा मौन रैली 24 अप्रैल को वाशिम में निकाली जाएगी। रैली आचार्य श्री 108 विद्या सागर जी महाराज के आशीर्वाद व ऐलक श्री 105 सिद्धांत सागर जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित होगी।रैली दोपहर तीन बज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिम (राजेश जैन दद्दू)।</strong> श्वेतांबर पक्ष द्वारा मूर्ति का स्वरूप- चरित्र बदलने के विरोध में दिगम्बर जैन समाज की महा मौन रैली 24 अप्रैल को वाशिम में निकाली जाएगी। रैली आचार्य श्री 108 विद्या सागर जी महाराज के आशीर्वाद व ऐलक श्री 105 सिद्धांत सागर जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित होगी।रैली दोपहर तीन बज खंडेलवाल दिगम्बर जैन मंदिर से शुरू होकर जिला कलेक्टर कार्यालय जाएगी।</p>
<p>इंदौर दिगंबर जैन महासभा के प्रचार प्रमुख राजेश जैन दद्दू ने सकल दिगंबर जैन समाज से अधिक से अधिक संख्या में रैली में शामिल होने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि इस दिन समस्त भारत वर्ष के दिगंबर जैन बंधु अपने प्रतिष्ठान दोपहर 12 से 5 तक बंद रखें।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/maha_silent_rally_of_digambar_jain_samaj_on_24_th_april/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>श्री दिगम्बर जैन अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर : आंदोलन में शामिल होने के लिए सकल दिगम्बर जैन समाज को आह्वान </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/call_to_sakal_digambar_jain_samaj_to_join_the_movement/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/call_to_sakal_digambar_jain_samaj_to_join_the_movement/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Mar 2023 07:09:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Antriksh Parshwanath Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Controversy]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Movement श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Shirpur]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shwetambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<category><![CDATA[अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[आंदोलन श्री दिगम्बर जैन अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर : आंदोलन में शामिल होने के लिए सकल दिगम्बर जैन समाज को आह्वान]]></category>
		<category><![CDATA[जैन धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[विवाद]]></category>
		<category><![CDATA[शिरपुर]]></category>
		<category><![CDATA[श्वेतांबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=39947</guid>

					<description><![CDATA[शिरपुर के अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर में सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे ताले खोलने के आदेश, उसके बावजूद नहीं सुलझा मामला। श्वेतांबर जैन समाज ने यहां अपने ताले लगा दिए हैं, जिससे दिगंबर समाज में रोष है। इसी को लेकर यहां आंदोलन की शुरुआत की जा रही है। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की विशेष रिपोर्ट&#8230; इंदौर। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>शिरपुर के अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर में सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे ताले खोलने के आदेश, उसके बावजूद नहीं सुलझा मामला। श्वेतांबर जैन समाज ने यहां अपने ताले लगा दिए हैं, जिससे दिगंबर समाज में रोष है। इसी को लेकर यहां आंदोलन की शुरुआत की जा रही है।<span style="color: #ff0000;"> पढ़िए राजेश जैन दद्दू की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> शिरपुर के भगवान पार्श्वनाथ के मंदिर को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के बीते 22 फरवरी 2023 के अंतरिम आदेश के अनुसार को खोल दिया गया है और श्वेतांबर और दिगंबर संप्रदाय के लोगों को दर्शन करने का अधिकार दिया गया है। अंतरिम आदेश में इसके लिए कोई समय सीमा नहीं दी गई है लेकिन पूजन अभिषेक के लिए 3-3 घंटे का स्लॉट दिया गया है। बीते 11 मार्च को पुलिस प्रशासन ने श्वेतांबर जैन समाज के प्रतिनिधि को मंदिर की चाबी सौंपी, लेकिन पुलिस ने दिगंबर जैन समाज से कोई अनुमति नहीं ली। श्वेतांबर समाज ने सरकारी ताले हटाकर खुद के ताले लगवा लिए हैं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश की अवमानना करते हुए लेप के नाम पर 50 से 60 दिनों तक दिगम्बर समाज को मंदिर प्रवेश और दर्शन पूजा के कोर्ट द्वारा प्रदत्त दिगंबर जैन समाज के अधिकारों को श्वेताम्बर समाज द्वारा छीना जा रहा है।</p>
<p><strong>यह भी था निर्णय</strong></p>
<p>कोर्ट द्वारा यह भी निर्णय दिया जा चुका है कि अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर में 16 अन्य वेदियां दिगंबर जैनियों की हैं। फिर भी उन वेदियों दर्शन पूजन से रोका जा रहा है, जिनकी पूजा और अभिषेक का पूरा अधिकार दिगंबरों को है।</p>
<p><strong>सौंपा ज्ञापन</strong></p>
<p>बीते 13 मार्च को जैन समाज के प्रतिनिधियों द्वारा शिरपुर पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपकर तदुपरांत मंदिर जी का ताला खोलने के लिए धरना आंदोलन किया गया। तदुपरांत एसपी और डीएसपी से मीटिंग करके दिगम्बर जैन समाज का पक्ष रखा गया। पुलिस के कहने पर श्वेतांबर समाज से समन्वय मीटिंग करने का प्रयास किया गया लेकिन श्वेताम्बर समाज ने सहकार्य नहीं किया और मीटिंग के लिए नहीं आए।</p>
<p><strong>आंदोलन की शुरुआत</strong></p>
<p>दिगम्बर समाज का अधिकार सुरक्षित रखने के लिए 14 मार्च सुबह प्रातः 10.00 बजे को दिगम्बर समाज अंतरिक्ष पार्श्वनाथ क्षेत्र पर धरना आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं। हमारे पूर्वजों ने अंतरिक्ष पार्श्वनाथ की इसी प्रकार आन्दोलन करके रक्षा की है। पूर्वजों द्वारा सुरक्षित रखी गई इस विरासत की सुरक्षा के लिए महिलाओं, पुरुषों, युवाओं, लड़कियों और बच्चों सभी को इस आंदोलन में आना होगा। राजेश जैन दद्दू ने कहा कि हम अपने तीर्थ रक्षा के लिए अपने अधिकार के लिए जैन एकता के साथ आंदोलन को सब की सहभागिता से सफल बनाना है। परम् पूज्य महामहिम संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज जी के आशीर्वाद के साथ ही निर्यापक श्रमण मुनि श्री योगसागरजी महाराज ससंघ शिरपुर की ओर विहार कर रहे हैं एवं उनके दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा। यह आंदोलन ऐलक श्री 105 सिद्धांतसागरजी महाराज के मार्गदर्शन में हो रहा है।</p>
<p><strong>इसके चलते संस्थान पर ताला लगा रहा</strong><br />
शिरपुर जैन में विश्व प्रसिद्ध अंतरिक्ष पार्श्वनाथ मंदिर है। इस मंदिर को लेकर दिगंबर जैन और श्वेतांबर जैन संप्रदायों के बीच विवाद था। नतीजतन, इस मंदिर को 22 अप्रैल, 1981 को बंद कर दिया गया था। भक्तों को एक छोटी सी खिड़की से दर्शन लेने पड़ते थे। अदालती लड़ाई चल रही थी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। आखिरकार 22 फरवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर के कपाट खोलने और मूर्ति पर रंग लगाने का आदेश दिया।</p>
<p><strong>जानें अंतरिक्ष पार्श्वनाथ के बारे में</strong></p>
<p>यह क्षेत्र शिरपुर में है, मुम्बई-नागपुर रेलमार्ग पर अकोला से 70 कि.मी. दूर है। ग्राम के मध्य में अंतरिक्ष पार्श्वनाथ अतिशय क्षेत्र है। यहीं पर राजा ऐल श्रीपाल का कुष्ठ रोग यहां के कुएंके जल में स्नान करने से ठीक हुआ था। इस कुएं में से ही उसने अन्तरिक्ष पार्श्वनाथकी मूर्ति निकाली थी और राजा ने यहीं पर मंदिर का निर्माण कराया था। कहा जाता है कि इस मंदिर के शिखर में ऐसी ईंटों का प्रयोग किया गया था, जो जल में तैरती हैं। यह मंदिर अष्टकोण आकार का है और अत्यन्त कलापूर्ण है। इस पाषाण मंदिर के नीचे ईंटों का चबूतरा बना। ये ईंटें भी आकार में बड़ी और अधिक प्राचीन हैं। लगता है, वर्तमान पाषाण मंदिर के निर्माण के पहले यहां ईंटों का कोई प्राचीन मंदिर था। यह मंदिर गांव के बाहर पश्चिम की ओर वृक्षों की पंक्ति के मध्य खड़ा हुआ है। इस मंदिर में पूर्व, उत्तर और दक्षिण की ओर पत्थर के द्वार बने हुए हैं। द्वार के सिरदल पर पद्मासन दिगम्बर मूर्तियां बनी हुई हैं। इसी प्रकार द्वारों के दोनों ओर खड्गासन दिगम्बर जैन मूर्तियाँ और आम्रपत्रों से वेष्टित कलशों का अंकन बड़ा भव्य प्रतीत होता है। दक्षिण द्वार पर तीर्थंकरों के जीवन से संबंधित अत्यन्त कलापूर्ण चित्रांकन है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/call_to_sakal_digambar_jain_samaj_to_join_the_movement/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
