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	<title>Shrifal Jain news &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Shrifal Jain news &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश एवं हरियाणा नें आर्यिका मां पूर्णमति माताजी राजकीय अतिथि घोषित : बद्रीनाथ अष्टापद में 22 अप्रैल को आर्यिका पूर्णमति माताजी ससंघ का मंगल प्रवेश </title>
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		<pubDate>Tue, 21 Apr 2026 08:37:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा सरकार की राजकीय अतिथि एवं दिल्ली विधानसभा की ओर से अति विशिष्ट अतिथि सम्मान से विभूषित आर्यिका श्री 105 पूर्णमति माताजी ससंघ का ’बद्रीनाथ (अष्टापद) जैन धर्मशाला में 22 अप्रैल को मंगल प्रवेश होगा। बद्रीनाथ/देहरादून से पढ़िए, यह रिपोर्ट&#8230;  बद्रीनाथ/देहरादून। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा सरकार की राजकीय अतिथि एवं [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा सरकार की राजकीय अतिथि एवं दिल्ली विधानसभा की ओर से अति विशिष्ट अतिथि सम्मान से विभूषित आर्यिका श्री 105 पूर्णमति माताजी ससंघ का ’बद्रीनाथ (अष्टापद) जैन धर्मशाला में 22 अप्रैल को मंगल प्रवेश होगा। <span style="color: #ff0000">बद्रीनाथ/देहरादून से पढ़िए, यह रिपोर्ट&#8230; </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बद्रीनाथ/देहरादून।</strong> उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा सरकार की राजकीय अतिथि एवं दिल्ली विधानसभा की ओर से अति विशिष्ट अतिथि सम्मान से विभूषित आर्यिका श्री 105 पूर्णमति माताजी ससंघ का ’बद्रीनाथ (अष्टापद) जैन धर्मशाला में 22 अप्रैल को मंगल प्रवेश होगा। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि 24 अप्रैल को अष्टापद स्थित जैन धर्मशाला में माताजी के विशेष जीवन दर्शन का विशेष आयोजन किया गया है। बद्रीनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष आदित्य कासलीवाल एवं महामंत्री कीर्ति पांड्या, कोषाध्यक्ष अमित कासलीवाल, जिनेंद्र कासलीवाल ने कहा कि यह ऐतिहासिक यात्रा बद्रीनाथ (अष्टापद) की ओर बढ़ते कदम के संकल्प के साथ हो रही है।</p>
<p>दद्दू ने कहा कि इस पुण्य यात्रा को आचार्य श्री विद्यासागर जी एवं आचार्य श्री समयसागर जी महाराज का मंगल आशीर्वाद प्राप्त है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी’, विधायक सविता कपूर एवं भाजपा राष्ट्रीय महिला मोर्चा महामंत्री दीप्ति रावत ने भी इस घोषणा की अनुमोदना की है। संपूर्ण जैन समाज ने माताजी के इस कदम की बहुत-बहुत अनुमोदना की है।</p>
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		<title>परतापुर के संजय भैया बनने जा रहे हैं जैन मुनि : आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी देंगे दीक्षा 26 अप्रैल को </title>
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		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 07:29:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नगर में जन्मे, हम सबके साथी, सेवानिवृत वीआरएस लिए समर्पित शिक्षक, महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर के पूर्व सदस्य 18000 दशा हूमड़ दिगंबर जैन समाज के समर्पित सदस्य, साधु सेवा संस्थान के समर्पित सदस्य जिन्होंने कोरोना काल ओर उसके बाद वागड़ क्षेत्र में जैन साधुओं-साध्वियों के आने जाने के प्रबंधन में सक्रिय युवा हस्ताक्षर दो प्रतिमाधारी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नगर में जन्मे, हम सबके साथी, सेवानिवृत वीआरएस लिए समर्पित शिक्षक, महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर के पूर्व सदस्य 18000 दशा हूमड़ दिगंबर जैन समाज के समर्पित सदस्य, साधु सेवा संस्थान के समर्पित सदस्य जिन्होंने कोरोना काल ओर उसके बाद वागड़ क्षेत्र में जैन साधुओं-साध्वियों के आने जाने के प्रबंधन में सक्रिय युवा हस्ताक्षर दो प्रतिमाधारी संजय दोसी भैयाजी 26 अप्रैल को आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज के कर कमलों से दिगंबर जैन मुनि दीक्षा लेने जा रहे हैं। <span style="color: #ff0000">परतापुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>परतापुर।</strong> नगर में जन्मे, हम सबके साथी, सेवानिवृत वीआरएस लिए समर्पित शिक्षक, महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर के पूर्व सदस्य 18000दशा हूमड़ दिगंबर जैन समाज के समर्पित सदस्य, साधु सेवा संस्थान के समर्पित सदस्य जिन्होंने कोरोना काल ओर उसके बाद वागड़ क्षेत्र में जैन साधुओं-साध्वियों के आने जाने के प्रबंधन में सक्रिय युवा हस्ताक्षर दो प्रतिमाधारी अनुज संजय दोसी भैयाजी 26 अप्रैल को आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज के कर कमलों से दिगंबर जैन मुनि दीक्षा लेने जा रहे हैं। 26 अप्रैल को धर्मनगरी में एक नया इतिहास बनने जा रहा है। वागड़ मेवाड़ का जन-जन, गांव-गांव हर्षित है दीक्षा के इन मांगलिक पलों का साक्षी बनने के लिए। गुरुवार को दिगंबर जैन मंदिर में पत्रकार वार्ता में आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने दीक्षार्थी संजय दोसी भैयाजी के त्याग और 30 वर्षों के समर्पण की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। संजय दोसी वागड़ क्षेत्र का धर्म के क्षेत्र में चर्चित वो नाम है, जो 26 अप्रैल को जैन मुनि दीक्षा ग्रहण इस क्षेत्र को पूरे जैन समाज ओर पूरे देश में गौरवान्वित करेंगे। संजय दोसी भैयाजी को सभी पत्रकारों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी। फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज के संस्थापक सदस्य अजीत कोठिया ने फेडरेशन के सभी, पांचों प्रोविंसेज की ओर से संजय दोसी भैयाजी को शुभकामनाएं दी।</p>
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		<title>भगवान नमिनाथ का मोक्ष कल्याणक 16 अप्रैल को: सिद्धांचल पर्वत पर होगा विशेष कार्यक्रम और विधान  </title>
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		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 06:25:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्म के 21वें तीर्थंकर भगवान नमिनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस वैशाख कृष्ण चौदस को सिद्धांचल पर्वत कोटेश्वर रोड किले पर ग्वालियर में धूमधाम से मनाया जाएगा। समाजसेवी सौरभ जैन (वरेह वाले) अंबाह ने बताया कि भगवान नमिनाथ की विश्व की सबसे बड़ी अद्वितीय प्रतिमा का सुबह सात बजे महामस्तकाभिषेक किया जाएगा। मुरैना/ग्वालियर से पढ़िए, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन धर्म के 21वें तीर्थंकर भगवान नमिनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस वैशाख कृष्ण चौदस को सिद्धांचल पर्वत कोटेश्वर रोड किले पर ग्वालियर में धूमधाम से मनाया जाएगा। समाजसेवी सौरभ जैन (वरेह वाले) अंबाह ने बताया कि भगवान नमिनाथ की विश्व की सबसे बड़ी अद्वितीय प्रतिमा का सुबह सात बजे महामस्तकाभिषेक किया जाएगा। <span style="color: #ff0000">मुरैना/ग्वालियर से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>  मुरैना/ग्वालियर</strong>। जैन धर्म के 21वें तीर्थंकर भगवान नमिनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस वैशाख कृष्ण चौदस को सिद्धांचल पर्वत कोटेश्वर रोड किले पर ग्वालियर में धूमधाम से मनाया जाएगा। समाजसेवी सौरभ जैन (वरेह वाले) अंबाह ने बताया कि भगवान नमिनाथ की विश्व की सबसे बड़ी अद्वितीय प्रतिमा का सुबह सात बजे महामस्तकाभिषेक किया जाएगा। उसके बाद विधान, पूजन और निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा। देव शास्त्र गुरु भक्त वीरेंद्र जैन, सुनील जैन, सौरभ जैन, हिमांशु जैन, अंश जैन, चिराग जैन, बाबू जैन, नीति जैन, याना जैन, बाबा ने धूमधाम से मोक्ष कल्याणक मानने की बात कही। इस अतिशय क्षेत्र पर आए दिन अतिशय होता रहता है। नाग देवता भगवान के दर्शन और क्षेत्र की रक्षा के लिए आते रहते है। 2451 वर्ष के केवली काल के बाद, जब आयुकर्म एक माह शेष रह गया तब 21 वें तीर्थंकर श्री नमिनाथ जी पहुंच गए श्री सम्मेद शिखरजी और वैशाख कृष्ण की चतुर्दशी, जो इस वर्ष 16 अप्रैल को है, उसी दिन खड़गासन से 1000 मुनिराजों के साथ मित्रधर कूट से सिद्धालय गए। इनका तीर्थ प्रवर्तन काल 5 लाख, 1800 वर्ष का रहा। मित्रधर कूट की निर्मल भाव से वंदना करने से एक करोड़ उपवास का फल मिलता है और इसी कूट से 900 कोड़ाकोड़ी, एक अरब, 45 लाख, 7 हजार 940 मुनिराज सिद्धालय गए हैं।</p>
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		<title>नवागढ़ में प्राकृत भाषा त्रिदिवसीय प्रशिक्षण शिविर 12 से : प्राकृत भाषा के वरिष्ठ विद्वान देंगे शिक्षकों को प्रशिक्षण  </title>
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		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 09:54:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारत सरकार की ओर से शास्त्रीय भाषा के रूप में घोषित प्राकृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रसार के उद्देश्य से प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन एवं प्रागैतिहासिक तीर्थक्षेत्र नवागढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 12 से 14 अप्रैल तक त्रिदिवसीय प्राकृत भाषा प्रशिक्षण शिविर का भव्य आयोजन किया जा रहा है। ललितपुर से पढ़िए, यह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भारत सरकार की ओर से शास्त्रीय भाषा के रूप में घोषित प्राकृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रसार के उद्देश्य से प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन एवं प्रागैतिहासिक तीर्थक्षेत्र नवागढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 12 से 14 अप्रैल तक त्रिदिवसीय प्राकृत भाषा प्रशिक्षण शिविर का भव्य आयोजन किया जा रहा है। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर</strong>। भारत सरकार की ओर से शास्त्रीय भाषा के रूप में घोषित प्राकृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रसार के उद्देश्य से प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन एवं प्रागैतिहासिक तीर्थक्षेत्र नवागढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 12 से 14 अप्रैल तक त्रिदिवसीय प्राकृत भाषा प्रशिक्षण शिविर का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर प्रागैतिहासिक एवं पवित्र तीर्थस्थल नवागढ़ में आयोजित होगा। जहाँ देशभर से विद्वान, शिक्षक एवं साधक सहभागिता करेंगे। प्राकृत भाषा विकास फाउण्डेशन के महामंत्री डॉ. आशीष जैन आचार्य ने बताया कि 12 अप्रैल प्रातः 8 बजे उद्घाटन सत्र एवं 14 अप्रैल दोपहर 2 बजे समापन समारोह होगा। नवागढ़ तीर्थक्षेत्र के प्रचारमंत्री डॉ सुनील संचय ने बताया कि इस आयोजन में निदेशक ब्र. जयकुमार जैन निशांत, प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. ऋषभचंद फौजदार (दमोह), महामंत्री डॉ. आशीष जैन आचार्य (शाहगढ़) के साथश्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ के अध्यक्ष एड. सनतकुमार जैन (ललितपुर) एवं महामंत्री वीरचंद जैन नैकोरा की विशेष भूमिका रहेगी।</p>
<p><strong>शिविर संचालन में इनकी भूमिका </strong></p>
<p>शिविर के संचालन के लिए प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. शैलेष जैन (उदयपुर), डॉ आशीष दमोह, शिविर समन्वयक अरुण शास्त्री (जबलपुर), शिविर संयोजक सुनील शास्त्री (बड़गाँव) एवं क्षेत्र मैनेजर प्रवीण जैन (नवागढ़) सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।</p>
<p>इस प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक, विद्वान देशभर में ग्रीष्मकालीन समय में आयोजित होने जा रहे प्राकृत शिविरों में शिक्षण प्रदान करेंगे।</p>
<p>निदेशक ब्र. जयकुमार निशांत ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राकृत भाषा केवल अध्ययन का विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। इस शिविर के माध्यम से हम नई पीढ़ी को इस अमूल्य धरोहर से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
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		<title>इंदौर के जितेंद्र जैन जीरभार परिवार ने उठाया 108 दिव्यांगों की संपूर्ण यात्रा का खर्च : मानवता की मिसाल, सम्मेद शिखरजी के करवाएंगे दर्शन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/jitendra_jain_of_indore_jirbharfamily_covered_the_entire_travel_expenses_for_108_differentlyabled_individuals/</link>
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		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 05:48:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सेवा परमो धर्म:&#8221; के सिद्धांत को चरितार्थ करते हुए इंदौर के प्रतिष्ठित समाजसेवी और आइरिस ग्रुप के संचालक जितेंद्र मोनिका हर्ष जैन (जीरभार परिवार) ने उदारता की एक अनुपम मिसाल पेश की है। इंदौर से पढ़िए, संपादक रेखा संजय जैन की विशेष यह खबर&#8230; इंदौर। सेवा परमो धर्म: के सिद्धांत को चरितार्थ करते हुए इंदौर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सेवा परमो धर्म:&#8221; के सिद्धांत को चरितार्थ करते हुए इंदौर के प्रतिष्ठित समाजसेवी और आइरिस ग्रुप के संचालक जितेंद्र मोनिका हर्ष जैन (जीरभार परिवार) ने उदारता की एक अनुपम मिसाल पेश की है। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, संपादक रेखा संजय जैन की विशेष यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> सेवा परमो धर्म: के सिद्धांत को चरितार्थ करते हुए इंदौर के प्रतिष्ठित समाजसेवी और आइरिस ग्रुप के संचालक जितेंद्र मोनिका हर्ष जैन जीरभार परिवार ने उदारता की एक अनुपम मिसाल पेश की है। उन्होंने &#8216;विकलांग सेवाभावी संस्था नांदणी&#8217; द्वारा आयोजित होने वाली पवित्र श्री सम्मेद शिखरजी की तीर्थ यात्रा में भाग लेने वाले 108 दिव्यांगों और उनके सहायकों का पूरा खर्च वहन करने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि रविवार को कोल्हापुर से रवाना होकर दिल्ली पहुंचे। यहां से मंगलवार को हस्तिनापुर के दर्शन किए। 10 अप्रैल को शिखर जी पहुंचेंगे तथा 11 अप्रैल को पहाड़ की वंदना करेंगे।</p>
<p><strong>एक व्हाट्सएप संदेश ने जगाई सेवा की भावना</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार जितेंद्र जैन को संस्था द्वारा दिव्यांगों की तीर्थ यात्रा के लिए किए गए आह्वान के बारे में मंदिर और व्हाट्सएप के माध्यम से पता चला। समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता और दानशीलता का परिचय देते हुए उन्होंने तुरंत इस पुण्य कार्य में अपना योगदान देने का निर्णय लिया।</p>
<p><strong>यात्रा का विवरण</strong></p>
<p>यह पावन यात्रा 5 से 15 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जा रही है। इस यात्रा में 108 अंध, अपंग और दिव्यांग व्यक्ति शामिल हैं। उनके साथ उनके परिवार के 108 सदस्य और अन्य सेवक-सेविकाएं भी रहेंगे। कुल मिलाकर 240 से अधिक यात्री इस पुण्य यात्रा का लाभ उठाएंगे।</p>
<p><strong>आशीर्वाद और प्रेरणा</strong></p>
<p>जितेंद्र जैन और उनके परिवार को यह सेवा कार्य करने की प्रेरणा वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज, मुनिश्री अर्पित सागर जी महाराज और अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद से प्राप्त हुई है। जीरभार परिवार ने अपनी न्यायोचित अर्जित संपत्ति का उपयोग इस धार्मिक और मानवीय कार्य में करके समाज के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है।</p>
<p><strong>संस्था ने जताया आभार</strong></p>
<p>पिछले 14 वर्षों से दिव्यांगों की सेवा में जुटी &#8216;विकलांग सेवाभावी संस्था नांदणी&#8217; ने जितेंद्र जैन के इस उदार निर्णय की सराहना की है। संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के दानवीर व्यक्तियों के सहयोग से ही ऐसे कठिन कार्य संपन्न हो पाते हैं। जितेंद्र जैन का यह कदम न केवल सराहनीय है, बल्कि अत्यंत प्रेरणादायक भी है।</p>
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		<title>भगवान आदिनाथ मंदिर की प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां तेज : श्वेताम्बर समाज तैयारियों में जुटा </title>
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		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 12:37:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शहर के बाजार नंबर 3 में बने सफेद संगमरमर से 42 फिट ऊंचे शिखर वाले भगवान आदिनाथ के मंदिर की प्रतिष्ठा महोत्सव को भव्य बनाने के लिए तैयारिया जोरो पर है।रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; रामगंजमंडी। शहर के बाजार नंबर 3 में बने सफेद संगमरमर से 42 फिट ऊंचे शिखर वाले [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>शहर के बाजार नंबर 3 में बने सफेद संगमरमर से 42 फिट ऊंचे शिखर वाले भगवान आदिनाथ के मंदिर की प्रतिष्ठा महोत्सव को भव्य बनाने के लिए तैयारिया जोरो पर है।<span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी</strong>। शहर के बाजार नंबर 3 में बने सफेद संगमरमर से 42 फिट ऊंचे शिखर वाले भगवान आदिनाथ के मंदिर की प्रतिष्ठा महोत्सव को</p>
<p>भव्य बनाने के लिए तैयारिया जोरो पर है। कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरा श्वेताम्बर समाज तैयारियों में जुटा है। इसके लिए वरिष्ठ साध्वी लयस्मिता श्रीजी को आमंत्रण पत्रिका सौंपी। ग्वालियर से चातुर्मास करके लौट रही छत्तीसगढ़ रत्न शिरोमणि मनोहर श्रीजी की शिष्या जैन समाज की वरिष्ठ साध्वी लयस्मिता श्रीजी आदि ठाणा पाँच को रायपुर पहुँच कर श्री आदिनाथ जैन श्वेताम्बर श्री संघ के दिलीप तिल्लानी, रवि बापना, सुशील गोखरु, गौरव बापना ने प्रतिष्ठा महोत्सव की आमंत्रण पत्रिका भेंट की। साध्वी लयस्मिता श्रीजी ने गत माह नरसिंहगढ़ में प्रतिष्ठा महोत्सव में आने की स्वीकृति प्रदान की थी। इसी प्रकार वरिष्ठ साध्वी भक्तामर प्रसारिका को आमंत्रण पत्रिका भेंट की।</p>
<p>मालपुरा से विहार करके छत्तीसगढ़ रत्न शिरोमणि मनोहर श्रीजी की शिष्या जैन समाज की वरिष्ठ साध्वी भक्तामर प्रसारिका साध्वी मृगावती श्रीजी ठाणा तीन वर्तमान में कोटा की दानबाड़ी दादाबाड़ी में विराजित हैं। उनको श्रीसंघ ट्रस्ट के सुरेन्द्र रांका और पूर्व पार्षद साक्षी पारख ने आमंत्रण दिया। साध्वी मृगावती श्रीजी ने मालपुरा में प्रतिष्ठा में आने की स्वीकृति प्रदान की थी।समाजबंधुओं ने बताया कि मृगावती श्रीजी एवं लयस्मिता श्रीजी ने वर्ष 1984 में रामगंजमंडी में ऐतिहासिक चातुर्मास किया था। जिसकी यादें आज भी रामगंजमंडी के जैन समाज के लोगों में है। इतना ही नहीं रामगंजमंडी के आसपास रायपुर, झालावाड़, झालरापाटन, भानपुरा, गरोठ और कोटा तक प्रतिष्ठा महोत्सव की आमंत्रण पत्रिका श्रीसंघ ट्रस्ट के विजय कुमार छाजेड़, सुभाष बापना, दिलीप तिल्लानी, सुशील गोरख, सुरेन्द्र रांका, गौरव बापना, साक्षी पारख ने जाकर वहां के संघ अध्यक्षों को सौंपी।</p>
<p><strong>घर-घर जाकर दिया जा रहा आमंत्रण </strong></p>
<p>रामगंजमंडी में पिछले 10 दिनों से ढोल के साथ पूरे सकल दिगंबर समाज, मेड़तवाल समाज, पोरवाल समाज, पंजाबी समाज के अलावा अधिकारियों, पत्रकारों एवं सम्मानीय नागरिकों को घर-घर जाकर तिलक लगाकर पत्रिका बांटी जा रही है। श्रीआदिनाथ जैन श्वेतांबर श्रीसंघ अध्यक्ष राजकुमार पारख ने बताया कि इस कार्य को पूर्व पार्षद श्रेयांस पारख, अक्षत डांगी, प्रखर पारख, विजय चोपड़ा, विकास छाजेड़, कमल छाजेड़, संकेत बापना, प्रशांत बापना, अभिषेक डांगी, संदीप मोरावाल, सुशील गोखरु, महेन्द्र डांगी, गौरव बापना, सुधीर पारख, राजेश लोढ़ा, विजय छाजेड़, मोहित छाजेड़, संजय मेहता, विनोद दोषी समेत अन्य समाजबंधुओं ने कार्य में सहयोग किया।</p>
<p><strong>बाजार नं. 6 में डोम प्रवेशद्वार बनना शुरू</strong></p>
<p>प्रतिष्ठा महोत्सव में आने वाले राष्ट्रीय रत्न खरतरगच्छाधिपति के आगमन के स्वागत एवं की तैयारिया की जा रही है, वहीं बाजार नं. 6 में स्थित राजकमल ऑइल मील में बड़ा विशाल डोम, 40 फुट का स्टेज, 40 फुट का प्रवेश द्वार बनना शुरू हो गया है। जैसलमेर से 9 अप्रैल को रामगंजमंडी की प्रतिष्ठा करवाने आने वाले आचार्य जिनमणिप्रभ सूरीश्वरजी मंगलवार को सिंगोली पहुँचेंगे। सिंगोली से रामगंजमंडी तक की विहार व्यवस्था के लिये रामगंजमंडी से पूर्व पार्षद साक्षी पारख, मधु राजेश डांगी, शशि बापना, सोनिका गांधी सिंगोली पहुँचीं। उन्होंने सिंगोली, रावतभाटा के जैन समाज के लोगों से भेंट कर व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी।</p>
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		<title>मोक्ष कल्याणक के साथ पंच कल्याणक महोत्सव की पुर्णाहुति : तीर्थकर भगवान की प्रतिमा दिगंबर जैन मंदिर के नव निर्मित मान स्तंभ में विराजित </title>
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		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 08:54:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[लार श्री दिगंबर जैन समाज समिति के तत्वावधान में चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव गुरुवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक भक्ति भाव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। लार से पढ़िए, यह खबर&#8230; लार (टीकमगढ़)। लार श्री दिगंबर जैन समाज समिति के तत्वावधान में चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव गुरुवार [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>लार श्री दिगंबर जैन समाज समिति के तत्वावधान में चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव गुरुवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक भक्ति भाव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। <span style="color: #ff0000">लार से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>लार (टीकमगढ़)।</strong> लार श्री दिगंबर जैन समाज समिति के तत्वावधान में चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव गुरुवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक भक्ति भाव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। समापन के साथ तीर्थंकर भगवान की प्रतिमाओं को दिगंबर जैन मंदिर के नव निर्मित मान स्तंभ में विराजमान किया गया। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में आदिनाथ भगवान का अभिषेक,रिद्धि सिद्धि मंत्रों से विश्व शांति के लिए महाशांतिधारा, नित्य नियम पूजन, दस भक्ति पाठ, मोक्ष गमन, निर्वाण कल्याणक की पूजा हुई। साथ ही विश्व शांति महायज्ञ में आहुति दी गईं। आचार्य के सानिध्य में भगवान आदिनाथ को कैलाश पर्वत पर निर्वाण प्राप्ति, अग्नि कुमार देवों द्वारा अग्नि प्रज्ज्वलित कर नख और केश विसर्जन की क्रियाएं संपन्न की गईं। महोत्सव में सौधर्म इन्द्र मनीष जैन,चक्रेश जैन उज्जैन, यज्ञनायक संयम जैन आकाश जैन, ईशान इंद्र डॉ.अरविन्द्र जैन, सानत इंद्र खुशाल चन्द्र जैन, महेंद्र इंद्र नितिन जैन उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>श्रद्धालु रथयात्रा सहित मंदिर पहुंचे</strong></p>
<p>संगीतकार रामकुमार दोराहा ने मोक्ष कल्याणक के अवसर पर सुंदर भजन प्रस्तुत किए। आचार्य के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य हुकुम, ज्ञान चंद्र,जिनेश,आशीष चौधरी के परिवार को प्राप्त हुआ। इसके बाद भक्ति भाव से आदिनाथ भगवान और चौबीस तीर्थांकर भगवान की प्रतिमाओं को रथ, पालकी और सिर पर विराजमान करके श्रद्धालु रथयात्रा के साथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे। आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य और पं.बा.ब्र. जयकुमार निशांत,बा.ब्र.संजय जैन गुणाधीश अहार, और पंडित मनीष जैन के निर्देशन में मंत्रोच्चार के मध्य जिनेंद्र भगवान की जिन प्रतिमाओं को चैत्य वृक्ष पर विराजमान किया गया।</p>
<p><strong>प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव हुआ</strong></p>
<p>दोपहर में आयोजन स्थल अयोध्या नगरी से गजरथ शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें प्रभु के तीन रथ, घोड़ा, बग्गी राजस्थान का दिव्य घोष एवं पारस म्यूजिकल ग्रुप का दिव्य घोष मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। मार्ग पर केसरिया धर्म ध्वजाएं विश्व शांति और बंधुत्व का संदेश दे रही थीं। विभिन्न युवा मंडल &#8216;जय अरिहंत&#8217; और &#8216;जय जिनेंद्र&#8217; के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। भव्य रथ यात्रा निकली गई, जिसमें विशाल जन सैलाब उमड़ा इंद्र-इन्द्राणी के साथ श्रद्धालु नृत्य कर रहे थे। सात परिक्रमा के साथ पंच कल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव हुआ। रात्रि महा आरती के बाद नव दीक्षार्थियों की गोदभराई की गई एवं उदयपुर से आए जैन जादूगर द्वारा एक से बढ़कर एक जादू प्रस्तुत किए गए।</p>
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		<title>हम सुख की कामना करते हैं यहीं हमारी यात्रा पूरी हो जाती है : मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वचनों का मिला लाभ </title>
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		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 08:52:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[देवताओं द्वारा जिनके लिए दिव्य सिंहासन स्थापित किया गया है। जिसके लिए विशेष रत्नों से धर्म सभा का निर्माण किया गया था। ऐसे महाप्रभु से भी हम अपने सुख की कामना करते हैं। यह उद्गार सुभाषगंज में धर्मसभा में मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज ने व्यक्त किए। अशोक नगर से पढ़िए, यह खबर&#8230; अशोक नगर। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>देवताओं द्वारा जिनके लिए दिव्य सिंहासन स्थापित किया गया है। जिसके लिए विशेष रत्नों से धर्म सभा का निर्माण किया गया था। ऐसे महाप्रभु से भी हम अपने सुख की कामना करते हैं। यह उद्गार सुभाषगंज में धर्मसभा में मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">अशोक नगर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर</strong>। देवताओं द्वारा जिनके लिए दिव्य सिंहासन स्थापित किया गया है। जिसके लिए विशेष रत्नों से धर्म सभा का निर्माण किया गया था। ऐसे महाप्रभु से भी हम अपने सुख की कामना करते हैं। यह उद्गार सुभाषगंज में धर्मसभा में मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हर पवित्र स्थल पर पहुंचकर भी हमारी खोज सुख पर जाकर पूरी हो जाती है। किसी भी महा पुरुष को नमस्कार करना, वंदन करना, उनके चरणों में बैठना बहुत आसान होता है। उनके चरणों में बैठकर मेरी आधी व्याधि संकट दूर हो मुझे सुख मिले। मेरे विचारों की अभिलाषा की पूर्ति हो, ये हमारे स्वयं की इच्छा है। ये मन को अच्छा लगता है। थोड़ा स्तोत्र पढ़ लो। थोड़ी वंदना दर्शन कर लो तो पाप कट जाएंगे।</p>
<p><strong>पंद्रह आर्यिका माता जी का हुआ नगर प्रवेश</strong></p>
<p>मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि गणनी आर्यिका रत्न श्री विशाश्री माता ससंघ 15 आर्यिका माताजी बड़नगर से पद विहार करते हुए अशोक नगर पधार रही है। गत दिवस राजपुर पहुंच कर जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित बरोदिया,महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, संयोजक उमेश सिंघई सहित अन्य भक्तों ने श्रीफल भेंटकर अशोक नगर पधारने का निवेदन किया है। माता जी का मंगल प्रवेश श्री शांतिनाथ त्रिकाल चौबीस जिनालय शांतिनगर मंदिर में हुआ। गुरुदेव की प्रेरणा से संचालित आचार्य श्री विद्यासागर गौ चिकित्सालय में एक्स-रे मशीन स्थापित हो रही है। आचार्य के सान्निध्य में हम इसे बहुत शीघ्र गौ चिकित्सालय में समारोह पूर्वक स्थापित करने जा रहे हैं।</p>
<p><strong>आप अपने मन का निर्माण करें</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने कहा कि विश्व में लाखों लोग नियम धर्म पूजा पाठ स्तोत्र सब एक जैसे ही करते हैं। धर्म करने का तरीका लगभग एक सा होता है। जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है। इसमें आपको मन लग जाता है फिर भी सबको अलग-अलग फल की प्राप्ति होती है। ऐसा क्यों होता है? आपने कभी विचार किया। उपदेश भी कहते है कि आपका मन लगना चाहिए। इससे कोई बहुत बड़ी उपलब्धि होने वाली नहीं है। ये बहुत छोटी सी साधना है इसकी कोई उपलब्धि नहीं है। ये मन का भ्रम है, माया जाल है। सामाने वाला इससे बस उलझता रहता है। इससे मुझे एक प्रतिशत भी बेनिफिट मिलने वाला नहीं है। इसलिए मैं मन लगाने की कोशिश नहीं करता। मैं जाप करता हूं स्तुति करना, ध्यान करना प्रभु की इच्छा है कि आप अपने मन का निर्माण करे।</p>
<p>एक ऐसा मन हमें निर्माण करना है। जिसे दया करना क्षमा करना आना चाहिए। हमारा मन संयमित हो हमें एक ऐसे मन निमार्ण करना है। जो ये कहे कि ये सब कुछ मेरा नहीं है। क्षमावान मन बनने के लिए अलग से बैठना पड़ता है अपने भाग्य को बनने के लिए अपने मन में स्वप्न देखना चाहिए।</p>
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		<title>टीएमयू नर्सिंग की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस केयरकॉन 2.0 3 अप्रैल से : विदेशों से भी एक्सपर्ट ब्लेंडेड मोड में विचार साझा करेंगे </title>
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		<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 12:37:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के नर्सिंग कॉलेज में देश के करीब 12 राज्यों के संग-संग टीएमयू नर्सिंग की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस केयरकॉन 2.0 का शंखनाद 3 अप्रैल से होगी।  मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के नर्सिंग कॉलेज में देश के करीब 12 राज्यों के संग-संग विदेशों से भी एक्सपर्ट ब्लेंडेड मोड में विचार साझा करेंगे, कॉन्फ्रेंस के तकनीकी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के नर्सिंग कॉलेज में देश के करीब 12 राज्यों के संग-संग टीएमयू नर्सिंग की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस केयरकॉन 2.0 का शंखनाद 3 अप्रैल से होगी। </strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के नर्सिंग कॉलेज में देश के करीब 12 राज्यों के संग-संग विदेशों से भी एक्सपर्ट ब्लेंडेड मोड में विचार साझा करेंगे, कॉन्फ्रेंस के तकनीकी सत्रों में 30 रिसर्च पेपर्स भी प्रस्तुत होंगे, आईएनएस इंडिया की सीईओ एंड लॉन स्टार की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर रिटायर्ड कर्नल बिनु शर्मा बतौर मुख्य अतिथि, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी मेंडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के नर्सिंग डीन डॉ. अशोक कुमार विश्नोई बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर शामिल होंगे।</p>
<p>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में देश और दुनिया के नामचीन नर्सिंग एक्सपर्ट्स जुड़ेंगे। कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से प्रोस्पैक्ट एंड चैलेंजेज़ फॉर अर्ली एंड एडवांस हेल्थकेयर रिसर्चर्स पर दो दिनी कॉन्फ्रेंस- केयरकॉन-2.0 का शंखनाद 3 अप्रैल से होगा। देश के करीब 12 राज्यों के संग-संग विदेशों से भी एक्सपर्ट ब्लेंडेड मोड में अपने-अपने विचार साझा करेंगे। कॉन्फ्रेंस के तकनीकी सत्रों में 30 रिसर्च पेपर्स भी प्रस्तुत होंगे। ऑडी में कॉन्फ्रेंस केयरकॉन में आईएनएस इंडिया की सीईओ एंड लॉन स्टार की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर रिटायर्ड कर्नल बिनु शर्मा बतौर मुख्य अतिथि, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी मेंडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के डीन नर्सिंग डॉ. अशोक कुमार विश्नोई बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर शामिल होंगे। विला कॉलेज मालद्वीप की फैकल्टी ऑफ हेल्थ साइंसेज़ की डिप्टी डीन डॉ. मनो प्रिया विजयान, योनसी यूनिवर्सिटी- साउथ कोरिया के डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट ग्रेजुएट स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की डॉ. वासुकी आर., जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी- नई दिल्ली के स्कूल ऑफ नर्सिंग साइंसेज़ एंड एलाइड हेल्थ की फाउंडर डीन प्रो. मंजु, चुगानी, एम्स- कॉलेज ऑफ नर्सिंग- नई दिल्ली की प्रोफेसर-कम-प्रिसिपल डॉ. लता वेंकटेशन, एम्स-ऋषिकेश की प्रोफेसर-कम-प्रिसिपल डॉ. स्मृति अरोरा, पीजीआई एनआईएनई- चंडीगढ़ की प्रोफेसर-कम-प्रिसिपल डॉ. सुखपाल कौर, समर्पण इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज लखनऊ की प्रिंसिपल डॉ. दीप्ति शुक्ला की गरिमामयी मौजूदगी रहेगी। कॉन्फ्रेंस में टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन, डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, नर्सिंग कॉलेज की डीन प्रो. एसपी. सुभाषिनी, प्रिंसिपल्स- प्रो. एम. जेसलीन, प्रो. श्योली सेन, वाइस प्रिंसिपल प्रो. रामनिवास भी मौजूद रहेंगे।</p>
<p>सिमबायोसिस कॉलेज ऑफ नर्सिंग पुणे की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. शीला उपेन्द्र, राजकीय अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी मंडी के फैकल्टी ऑफ नर्सिंग साइंसेज़ की डीन प्रो. वंदना, राजकीय नर्सिंग कॉलेज सिद्धपुर के प्रोफेसर-कम-प्रिंसिपल डॉ. राकेश कुमार पाटीदार, टीएमयू नर्सिंग कॉलेज के रिसर्च कोर्डिनेटर प्रो. योगेश कुमार, पीजीआईएमईआर- चंडीगढ़ की डॉ. सुषमा कुमारी सैनी, एसजीटी यूनिवर्सिटी- गुरूग्राम के फैकल्टी ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ. सुनील के दुलार, निमस यूनिवर्सिटी-जयपुर के कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्रोफेसर-कम-प्रिसिपल डॉ. महाराज सिंह, श्री बीएम पाटिल इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंसेज़- विजयपुर की वाइस प्रिंसिपल-कम-एचओडी डॉ. सुचित्रा ए रति, नर्सिंग नेक्सट लाइव- नई दिल्ली के चीफ एकेडमिक आफिसर सुश्री प्रियंका बंसल, बॉम्बे हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग- इंदौर की प्रोफेसर-कम-प्रिसिपल डॉ. एमएस विंसी, कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंसेज़- महाराष्ट्र की प्रोफेसर-कम-डीन डॉ. वैशाली आर मोहिते, निमहांस- बैंगलोर के फैकल्टी एंड नर्सिंग कंसल्टेंट डॉ. गोपीचंद्रन एल. आदि भी अपने-अपने व्याख्यान देंगे।, कॉन्फ्रेंस के तकनीकी सत्रों में 30 रिसर्च पेपर्स भी प्रस्तुत होंगे, आईएनएस इंडिया की सीईओ एंड लॉन स्टार की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर रिटायर्ड कर्नल बिनु शर्मा बतौर मुख्य अतिथि, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी मेंडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के नर्सिंग डीन डॉ. अशोक कुमार विश्नोई बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर होंगे शामिल</p>
<p>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में देश और दुनिया के नामचीन नर्सिंग एक्सपर्ट्स जुड़ेंगे। कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से प्रोस्पैक्ट एंड चैलेंजेज़ फॉर अर्ली एंड एडवांस हेल्थकेयर रिसर्चर्स पर दो दिनी कॉन्फ्रेंस- केयरकॉन-2.0 का शंखनाद 03 अप्रैल से होगा। देश के करीब 12 राज्यों के संग-संग विदेशों से भी एक्सपर्ट ब्लेंडेड मोड में अपने-अपने विचार साझा करेंगे। कॉन्फ्रेंस के तकनीकी सत्रों में 30 रिसर्च पेपर्स भी प्रस्तुत होंगे। ऑडी में आयोजित कॉन्फ्रेंस केयरकॉन में आईएनएस इंडिया की सीईओ एंड लॉन स्टार की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर रिटायर्ड कर्नल बिनु शर्मा बतौर मुख्य अतिथि, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी मेंडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के डीन नर्सिंग डॉ. अशोक कुमार विश्नोई बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर शामिल होंगे। विला कॉलेज मालद्वीप की फैकल्टी ऑफ हेल्थ साइंसेज़ की डिप्टी डीन डॉ. मनो प्रिया विजयान, योनसी यूनिवर्सिटी- साउथ कोरिया के डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट ग्रेजुएट स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की डॉ. वासुकी आर., जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी- नई दिल्ली के स्कूल ऑफ नर्सिंग साइंसेज़ एंड एलाइड हेल्थ की फाउंडर डीन प्रो. मंजु, चुगानी, एम्स- कॉलेज ऑफ नर्सिंग- नई दिल्ली की प्रोफेसर-कम-प्रिसिपल डॉ. लता वेंकटेशन, एम्स-ऋषिकेश की प्रोफेसर-कम-प्रिसिपल डॉ. स्मृति अरोरा, पीजीआई एनआईएनई- चंडीगढ़ की प्रोफेसर-कम-प्रिसिपल डॉ. सुखपाल कौर, समर्पण इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज लखनऊ की प्रिंसिपल डॉ. दीप्ति शुक्ला की गरिमामयी मौजूदगी रहेगी। कॉन्फ्रेंस में टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन, डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, नर्सिंग कॉलेज की डीन प्रो. एसपी. सुभाषिनी, प्रिंसिपल्स- प्रो. एम. जेसलीन, प्रो. श्योली सेन, वाइस प्रिंसिपल प्रो. रामनिवास भी मौजूद रहेंगे।</p>
<p>सिमबायोसिस कॉलेज ऑफ नर्सिंग पुणे की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. शीला उपेन्द्र, राजकीय अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी मंडी के फैकल्टी ऑफ नर्सिंग साइंसेज़ की डीन प्रो. वंदना, राजकीय नर्सिंग कॉलेज सिद्धपुर के प्रोफेसर-कम-प्रिंसिपल डॉ. राकेश कुमार पाटीदार, टीएमयू नर्सिंग कॉलेज के रिसर्च कोर्डिनेटर प्रो. योगेश कुमार, पीजीआईएमईआर- चंडीगढ़ की डॉ. सुषमा कुमारी सैनी, एसजीटी यूनिवर्सिटी- गुरूग्राम के फैकल्टी ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ. सुनील के दुलार, निमस यूनिवर्सिटी-जयपुर के कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्रोफेसर-कम-प्रिसिपल डॉ. महाराज सिंह, बीएम पाटिल इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंसेज़- विजयपुर की वाइस प्रिंसिपल-कम-एचओडी डॉ. सुचित्रा ए रति, नर्सिंग नेक्सट लाइव- नई दिल्ली के चीफ एकेडमिक आफिसर सुश्री प्रियंका बंसल, बॉम्बे हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग- इंदौर की प्रोफेसर-कम-प्रिसिपल डॉ. एमएस विंसी, कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंसेज़- महाराष्ट्र की प्रोफेसर-कम-डीन डॉ. वैशाली आर मोहिते, निमहांस- बैंगलोर के फैकल्टी एंड नर्सिंग कंसल्टेंट डॉ. गोपीचंद्रन एल. आदि भी अपने-अपने व्याख्यान देंगे।</p>
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		<title>अहिंसा के पथ पर चलकर ही भारत बना विश्वगुरु : आज भगवान महावीर के अहिंसा सिद्धांत की सर्वाधिक आवश्यकता- मुनि श्री विलोकसागर जी  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Mar 2026 16:28:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सकल जैन समाज ग्रेटर कमलानगर के तत्वावधान में शनिवार को भगवान महावीर जन्मकल्याणक की पूर्व बेला में “वर्तमान परिदृश्य में अहिंसा की प्रासंगिकता” विषय पर वैचारिक गोष्ठी का आयोजन श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर के संत निलय सभागार में किया गया। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230; आगरा। सकल जैन समाज ग्रेटर कमलानगर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सकल जैन समाज ग्रेटर कमलानगर के तत्वावधान में शनिवार को भगवान महावीर जन्मकल्याणक की पूर्व बेला में “वर्तमान परिदृश्य में अहिंसा की प्रासंगिकता” विषय पर वैचारिक गोष्ठी का आयोजन श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर के संत निलय सभागार में किया गया। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> सकल जैन समाज ग्रेटर कमलानगर के तत्वावधान में शनिवार को भगवान महावीर जन्मकल्याणक की पूर्व बेला में “वर्तमान परिदृश्य में अहिंसा की प्रासंगिकता” विषय पर वैचारिक गोष्ठी का आयोजन श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर के संत निलय सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आगरा दिगम्बर जैन परिषद के उपाध्यक्ष राजेन्द्र जैन एडवोकेट ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री लघु उद्योग विभाग राकेश गर्ग उपस्थित रहे। सह-अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी नीरू जैन ने सहभागिता की। कार्यक्रम मुनि विलोक सागर जी एवं मुनि विबोध सागर जी के मंगल सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं ने अहिंसा के विविध आयामों पर अपने विचार रखे। प्रवक्ता गणतंत्र जैन ने समाज में छोटे-बड़े के भेद को मिटाकर अहिंसा को आत्मसात करने का संदेश दिया। प्राचार्य डॉ. राजीव जैन ने कहा कि अहिंसा केवल क्रिया और वाणी तक सीमित नहीं, बल्कि विचारों में भी होनी चाहिए। प्रवक्ता निलय शास्त्री ने कहा कि भगवान महावीर की अहिंसा “आउट ऑफ डेट” नहीं, बल्कि “अप टू डेट” है। आरबीएस. कॉलेज से पधारीं प्रो. डॉ. पूनम तिवारी ने कहा कि अहिंसा हमारी जीवनशैली है और इसे जन-जन तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है।मुख्य अतिथि राकेश गर्ग ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज जब विश्व युद्ध जैसी परिस्थितियों से जूझ रहा है,तब अहिंसा के सिद्धांत को वैश्विक स्तर पर अपनाने की आवश्यकता है।</p>
<p><strong>मनुष्य को मनुष्य से ही भय लगने लगा</strong></p>
<p>मुनि विलोक सागर ने अपने प्रवचन में कहा कि आज मनुष्य को मनुष्य से ही भय लगने लगा है। उन्होंने कहा कि हिंसा-मुक्त सोच से हम स्वयं आदर्श बन सकते हैं, जिससे आदर्श परिवार, समाज और राष्ट्र का निर्माण होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमें घर के वास्तु से अधिक “मन के वास्तु” को बदलने की आवश्यकता है। आज हर व्यक्ति तनावग्रस्त है और इस मानसिक स्थिति से बाहर निकलना ही सच्ची अहिंसा की दिशा है।कार्यक्रम अध्यक्ष राजेन्द्र जैन एडवोकेट ने कहा कि भगवान महावीर जन्मकल्याणक जैसे अवसरों पर केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बजाय ऐसे चिंतनशील आयोजनों की अत्यंत आवश्यकता है। मंदिर के मुख्य संयोजक जगदीशप्रसाद जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में सहयोग मनोज जैन बाकलीवाल, अनिल जैन रईस,अनिल जैन,नरेश लुहाड़िया, सुशील मोहन,राकेश बजाज एवं अभिषेक जैन ने प्रदान किया। संचालन मनोजकुमार जैन बाकलीवाल ने किया।</p>
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