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	<title>Shri Pushpadant Bhagwan &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Shri Pushpadant Bhagwan &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>सम्मेदशिखर जी की यात्रा कर 512 अर्घ्य चढ़ाए : कई समाजजनों ने श्री सिद्धचक्र विधान की भक्ति की  </title>
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		<pubDate>Thu, 27 Nov 2025 08:21:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[समाधिस्थ आचार्य विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा से पंडित प्रकाश छाबड़ा के निर्देशन में समाजजनों ने सम्मेदशिखर जी की यात्रा की। मीडिया प्रभारी प्रवीण जैन ने बताया कि तेरापंथी कोठी में श्री पुष्पदंत भगवान के सामने श्री सिद्धचक्र विधान के 512 अर्घ्य चढ़ाए। इंदौर से पढ़िए, साभार संकलित यह खबर&#8230; इंदौर। समाधिस्थ आचार्य विद्यासागर जी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>समाधिस्थ आचार्य विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा से पंडित प्रकाश छाबड़ा के निर्देशन में समाजजनों ने सम्मेदशिखर जी की यात्रा की। मीडिया प्रभारी प्रवीण जैन ने बताया कि तेरापंथी कोठी में श्री पुष्पदंत भगवान के सामने श्री सिद्धचक्र विधान के 512 अर्घ्य चढ़ाए। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, साभार संकलित यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> समाधिस्थ आचार्य विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा से पंडित प्रकाश छाबड़ा के निर्देशन में समाजजनों ने सम्मेदशिखर जी की यात्रा की। मीडिया प्रभारी प्रवीण जैन ने बताया कि तेरापंथी कोठी में श्री पुष्पदंत भगवान के सामने श्री सिद्धचक्र विधान के 512 अर्घ्य चढ़ाए। इस अवसर पर अशोक रेखा सेठी, आनंद नवीन गोधा, सुभद्रा गोधा, अंतिका गोधा, नरेंद्र गोधा, अतुल बघेरवाल आदि शामिल हुए।</p>
<p>दूसरी ओर महालक्ष्मी नगर जैन स्थानक भवन में श्रुतमुनि महाराज एवं रमणीक कुंवर के सानिध्य में साध्वी श्री शांतिकुंवर के 80वें दीक्षा पर गुणानुवाद सभा की गई। इस अवसर पर रमेश भंडारी, सुभाष विनायका, अशोक डांगी, रितेश कटकानी, अजीत चौधरी, राजकुमार पंजाबी, पारस कोठारी, नरेंद्र मूणत आदि मौजूद थे। वीरेंद्र नाहर ने स्वागत किया। संचालन भगवतीलाल भटेवरा ने किया। आभार राजकुमार जैन ने माना।</p>
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		<title>मुनि सुव्रतनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक गया मनाया जैसलमेर के पाषाण से तैयार होगा लघु तीर्थ </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 May 2024 16:00:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्म के 20 वे तीर्थंकर मुनि सुव्रतनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव , दिनाँक &#8211; 03 मई 2024 तिथि वैशाख कृष्ण दशमी, 2550 दिन ,शुक्रवार को राजधानी रायपुर के श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड में समाज के धर्मप्रेमी बंधुओ द्वारा उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन धर्म के 20 वे तीर्थंकर मुनि सुव्रतनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव , दिनाँक &#8211; 03 मई 2024 तिथि वैशाख कृष्ण दशमी, 2550 दिन ,शुक्रवार को राजधानी रायपुर के श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड में समाज के धर्मप्रेमी बंधुओ द्वारा उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर के जिनालयों में श्रद्धा की झलक देखने को मिली।<span style="color: #ff0000">पढि़ए प्रणीत जैन की रिपोर्ट ……</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> रायपुर ।</strong>जैन धर्म के 20 वे तीर्थंकर मुनि सुव्रतनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव दिनाँक &#8211; 03 मई 2024 तिथि वैशाख कृष्ण दशमी, 2550 दिन ,शुक्रवार को राजधानी रायपुर के श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड में समाज के धर्मप्रेमी बंधुओ द्वारा उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर के जिनालयों में श्रद्धा की झलक देखने को मिली। पूरा जिनालय परिसर 20 वे तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रत नाथ भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो गया। भक्तों ने पूजा-अर्चना के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर के अध्यक्ष संजय जैन नायक एवं उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने बताया की आज प्रातःकाल सुबह 8.30 बजे मंदिर की भगवान पार्श्वनाथ जी की बेदी के समक्ष पांडुक्षिला में श्री पुष्पदंत भगवान को विराजमान करके रजत कलशों से प्रासुक जल से अभिषेक किया गया।</p>
<p><strong>भगवान मुनिसुव्रतनाथ के जयकारों से गूंज उठा जिनालय</strong></p>
<p>विश्व में सुख-समृद्धि की कामना के साथ मंत्रोच्चारों के बीच शांतिधारा का उच्चारण कर जिनेन्द्र देव के चरणों में धारा प्रभावित की गई। साथ ही धर्म प्रेमी बंधुओ द्वारा आरती की गई । तत्पश्चात श्रावक-श्राविकाओं ने देव-शास्त्र-गुरू की पूजन के साथ अपनी निर्मल भक्ति समर्पित करते हुए मंदिर के 20 वे तीर्थंकर मुनिसुव्रतनाथ भगवान की अष्टद्रव्यों से पूजा की गई। सभी ने हाथों में अर्घ्य, दीपक, श्रीफल लेकर भाव-भीनी भक्ति करते हुए प्रभु चरणों में अर्पण कर श्रावकों के मन मुदित हो उठे और जिनालय परिसर भगवान मुनिसुव्रतनाथ के जयकारों से गूंज उठा ।भक्तों ने जन्म-मरण के चक्र से निकलकर मोक्ष को प्राप्त करने की भावना प्रकट की और भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का गुणगान कर पुण्य का संचय किया। कार्यक्रम के दौरान श्रेयश जैन बालू उपाध्यक्ष ,महेंद्र कुमार जैन ,राकेश जैन, प्रवीण जैन, कुमुद जैन,प्रणीत जैन सहित समाज के गणमान्य महिला-पुरूष मौजूद थे।</p>
<p><strong> 150 वर्ष पुराने मंदिर का होगा पुनर्निर्माण</strong></p>
<p>श्री दिगंबर जैन मंदिर मालवीय रोड में लगभग 150 वर्ष पुराने मंदिर का पुनर्निर्माण एवं भूमि पूजन का कार्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में उनके छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान दिसंबर 2023 को प्राप्त हुआ था। ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष संजय जैन नायक एवं उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने बताया कि मालवीय रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर में जैसलमेर के पीले पत्थरों से 171 फुट ऊंचे शिखर का 3 मंजिला मंदिर, त्रिकाल चौबीसी सस्त्रकुट जिनालय बनाना तय हुआ है।साथ ही संत निवास ,सर्व सुविधा युक्त धर्मशाला, पार्किंग एवं सुन्दर गार्डन का निर्माण कार्य भी किया जायेगा। लघु तीर्थ बनाने की भावना आचार्य श्री के समक्ष ट्रस्ट कमेटी ने रखी थी। आचार्य श्री के मंगल आशीर्वाद से कई जगहों पर जैन तीर्थ स्थलों का पुनर्निर्माण एवं नए मंदिरों का निर्माण व पुराने मंदिरों का नवीनीकरण वर्तमान में किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में चंद्रगिरी तीर्थ का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। एवं तिल्दा में कुछ माह पूर्व आचार्यश्री के सानिध्य एवं मार्गदर्शन पर पीले पत्थरो से निर्मित मंदिर का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हुआ है।</p>
<p><strong>अखंड ज्योति की गई स्थापना </strong></p>
<p>बड़े सौभाग्य की बात है की आचार्य श्री का विहार तिल्दा से सीधे बड़े मंदिर, मालवीय रोड, रायपुर में हुआ था। और आचार्य श्री की उत्कृष्ठ यम समाधि छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में हुई। आचार्य श्री अंतिम समय में नवीन जिनालय लघु तीर्थ के निर्माण का मंगल आशीर्वाद मिलना परम सौभाग्य की बात है। इसी संदर्भ में दिनाँक 25/01/2024 तिथि पौष कृष्ण पूर्णिमा, वीर निर्माण संवत 2250 गुरुवार को गुरु पुष्प नक्षत्र के पुण्य सुअवसर पर अखंड ज्योति स्थापना की गई है। परम पूज्य आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महा मुनिराज ने नवीन जिनालय लघु तीर्थ के लिए दिशा निर्देश देते हुए अखंड ज्योति प्रज्वलित करने हेतु कहा था। इस पर अमल करते हुए अखंड ज्योति की स्थापना मूल नायक 1008 श्री आदिनाथ भगवान की वेदी के समक्ष की गई है। यह अखंड ज्योत नवीन जिनालय लघु तीर्थ का कार्य जब तक प्रारंभ होकर पूर्ण नही होता तब तक प्रज्वलित रहेगी। अध्यक्ष संजय जैन नायक एवं उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने समस्त समाज के धर्म प्रेमी बंधुओ एवं सदस्यों को कहा है कि संत शिरोमणि 108 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज द्वारा बड़ा मंदिर के जिनालय का पुनःनिर्माण कर नवीन जिनालय बना कर राजधानी रायपुर में एक लघु तीर्थ स्थल बनाने का मंगल आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। उनके समक्ष सभी सदस्यों ने जल्द से जल्द निर्माण शुरू करने का संकल्प लिया था। संकल्प को सभी एक साथ मिलकर शीघ्र अति शीघ्र पूरा करें ।</p>
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