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	<title>Shri Nawagarh Gurukulam &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Shri Nawagarh Gurukulam &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>सच्चा देशप्रेम शब्दों में नहीं ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा में निहित : श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में गणतंत्र दिवस समारोह में बिखरे देशभक्ति के रंग  </title>
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		<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:50:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में 77 वां गणतंत्र दिवस समारोह हर्षाेल्लास, अनुशासन एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में गुरुकुलम् के मार्गदर्शक जय निशांत भैयाजी के सानिध्य एवं निर्देशन तथा गुरुकुलम् के शिक्षक ब्र. संध्या दीदी, अनुराग सर, विनीत सर, संजय सर की उपस्थिति रही। नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में 77 वां गणतंत्र दिवस समारोह हर्षाेल्लास, अनुशासन एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में गुरुकुलम् के मार्गदर्शक जय निशांत भैयाजी के सानिध्य एवं निर्देशन तथा गुरुकुलम् के शिक्षक ब्र. संध्या दीदी, अनुराग सर, विनीत सर, संजय सर की उपस्थिति रही। <span style="color: #ff0000">नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़</strong>। श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में 77 वां गणतंत्र दिवस समारोह हर्षाेल्लास, अनुशासन एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में गुरुकुलम् के मार्गदर्शक जय निशांत भैयाजी के सानिध्य एवं निर्देशन तथा गुरुकुलम् के शिक्षक ब्र. संध्या दीदी, अनुराग सर, विनीत सर, संजय सर की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अतिथियों की भी सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम में ब्र. मानी दीदी जी, उमा जी, सविता मेरठ, वीरचंद्र नैकोरा, अशोक मैनवार, किरण जैन शिक्षिका, आशा जैन शिक्षिका बड़ागांव, हेमलता जैन कैशली सहित नवाई ग्राम के रहवासी, बच्चे एवं ग्राम में संचालित शासकीय विद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुकुलम् के संस्थापक पंडित गुलाबचंद्र जी पुष्प के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद झंडा वंदन किया गया। जैसे ही तिरंगा लहराया, पूरा गुरुकुल परिसर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से गूंज उठा। झंडावंदन के बाद राष्ट्रगान हुआ। जिससे वातावरण और अधिक राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। इसके बाद भारत माता एवं देश के समस्त महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के चित्रों के समक्ष पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। सभी उपस्थित जनों ने मौन रखकर राष्ट्र के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों को नमन किया।</p>
<p><strong>संविधान अनगिनत बलिदानों और संघर्षों की देन </strong></p>
<p>झंडावंदन के बाद गुरुकुलम् के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, कविताएं, भाषण तथा लघु नाटिकाओं सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति दीं। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में देशप्रेम, त्याग, एकता और संविधान के महत्व का सशक्त संदेश देखने को मिला। जिसे उपस्थितजनों ने करतल ध्वनि के साथ सराहा। इस अवसर पर शिक्षक विनीत जी ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि हमारे देश का संविधान अनगिनत बलिदानों और संघर्षों की देन है। उन्होंने कहा कि सच्चा देशप्रेम केवल शब्दों में नहीं, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से अपने दायित्व निभाने में निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। गुरुकुलम् के मंत्री अशोक मैनवार’ ने कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति, संस्कार और एकता में है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल परंपरा भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो विद्यार्थियों को चरित्रवान और राष्ट्रभक्त बनाती है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।</p>
<p><strong>गणतंत्र केवल अधिकार नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी भी</strong></p>
<p>कार्यक्रम के अंतर्गत गुरूकुलम् निर्देशक जयकुमार निशांत ने कहा कि संविधान हमें स्वतंत्रता देता है, परंतु उस स्वतंत्रता की रक्षा करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, सेवा, परिश्रम और अनुशासन को अपने जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी तथा शिक्षकों के योगदान की सराहना की। इस अवसर पर शिक्षिका संध्या दीदी ने कहा कि स्वतंत्रता और गणतंत्र केवल अधिकार नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति संवेदनशील नागरिक तैयार करना होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।</p>
<p><strong>मन में देश के प्रति गर्व और कर्तव्यबोध की भावना सुद्</strong></p>
<p>पूरे कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अनुराग जैन ने किया। कार्यक्रम के समापन पर शिक्षक संजय ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।उपस्थित जन समूह को मिष्ठान वितरित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। समारोह शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। जिसने सभी के मन में देश के प्रति गर्व और कर्तव्यबोध की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।</p>
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		<title>मोरा जी सागर के छात्रों का श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के छात्रों से मिलन: सामूहिक भोजन एवं आपस में एक दूसरे से परिचय किया  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Jan 2026 12:10:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं संस्कारमय धार्मिक कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर श्री गणेश प्रसाद वर्णी भवन, मोरारजी सागर से पधारे बच्चों ने श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों के साथ मिलकर सामूहिक भोजन एवं आपस में एक दूसरे से परिचय स्थापित किया। आचार्य श्री उदार सागर जी के पावन दर्शन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं संस्कारमय धार्मिक कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर श्री गणेश प्रसाद वर्णी भवन, मोरारजी सागर से पधारे बच्चों ने श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों के साथ मिलकर सामूहिक भोजन एवं आपस में एक दूसरे से परिचय स्थापित किया। आचार्य श्री उदार सागर जी के पावन दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाया। <span style="color: #ff0000">नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़/ललितपुर।</strong> अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं संस्कारमय धार्मिक कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर श्री गणेश प्रसाद वर्णी भवन, मोरारजी सागर से पधारे बच्चों ने श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों के साथ मिलकर सामूहिक भोजन एवं आपस में एक दूसरे से परिचय स्थापित किया। आचार्य श्री उदार सागर जी के पावन दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाया। आचार्य श्री के सान्निध्य से बच्चों में धर्म, संयम एवं आत्मिक उन्नति की भावना प्रबल हुई। साथ ही मुनि श्री उपशांत सागर जी महाराज के ओजस्वी एवं सारगर्भित प्रवचनों को श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने अहिंसा, सदाचार, अनुशासन एवं संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर बच्चों के साथ पधारे श्री सौरभ जैन ने अपने भाव रखते हुए बताया कि आज के इस संस्कारमय कार्यक्रम में उपस्थित होकर मन अत्यंत आनंदित है। गुरुकुल एवं तीर्थ क्षेत्र बच्चों के चरित्र निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। यहाँ आकर बच्चों को जो शांति, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है, वह जीवन भर साथ रहती है। जैन संस्कारों के साथ आधुनिक कंप्यूटर एवं अंग्रेजी माध्यम से जो शिक्षा प्रदान की जा रही है, यह बच्चों के भविष्य के निर्माण के साथ-साथ उनके जीवन को मंगलमय बनाने का एक महत्वपूर्ण उपक्रम ब्रह्मचारी जय निशांत भैया जी द्वारा संपादित किया जा रहा है जो अनुकरणीय है।</p>
<p><strong>श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया </strong></p>
<p>नवागढ़ गुरुकुलम द्वारा किया जा रहा यह प्रयास वास्तव में समाज और भविष्य की पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है। मैं आयोजकों को हृदय से बधाई देता हूँ। अनिल जैन ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुकुल एवं तीर्थ क्षेत्रों का वातावरण बच्चों के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने नवागढ़ गुरुकुलम की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों को भावी पीढ़ी के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम के दौरान श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों ने मंगलाचरण एवं स्वागत गीत के माध्यम से सभी का बहुमान किया। शिक्षकों द्वारा सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का सम्मान किया गया। मुनि श्री ने सभी छात्रों को डायरी एवं पेन देकर मंगलमय जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया।</p>
<p>ब्र. जय निशांत जी भैया जी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परम पूज्य साधु भगवंतों के चरणों में कोटि-कोटि नमन।</p>
<p><strong>यह कार्यक्रम अविस्मरणीय बना </strong></p>
<p>आज के इस पावन एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम को सफल बनाने में जिन-जिन महानुभावों का सहयोग प्राप्त हुआ, मैं सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। श्री गणेश प्रसाद वर्णी भवन से पधारे बच्चों, उनके अभिभावकों, गुरुकुल के शिक्षकों एवं सभी अतिथियों का विशेष धन्यवाद। आप सभी की उपस्थिति से यह कार्यक्रम अविस्मरणीय बन गया। प्रभु से प्रार्थना है कि हम सभी सदैव धर्म और संस्कार के मार्ग पर अग्रसर रहें। नवागढ़ गुरुकुलम के अध्यापकों एवं नवागढ़ समिति के पदाधिकारियों ने पूज्य श्री के प्रति नमोस्तु निवेदन करते हुए सभी छात्रों से पुनः नवागढ़ आकर भगवान अरनाथ स्वामी के दर्शन बंदन एवं जैन इतिहास के साक्ष्यों का दिग्दर्शन करने हेतु निवेदन करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।</p>
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