<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Shri Digambar Jain Temple &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/shri-digambar-jain-temple/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Fri, 29 May 2026 04:24:03 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Shri Digambar Jain Temple &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>150 से अधिक शिविरार्थियों ने प्रथम, द्वितीय, तृतीय भाग और द्रव्य संग्रह की परीक्षा दी : गायत्री नगर में श्रमण संस्कृति संस्कार शिविर संपन्न  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/more_than_150_campers_appeared_for_part_i_ii_iii_and_dravya_sangrah_examinations/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/more_than_150_campers_appeared_for_part_i_ii_iii_and_dravya_sangrah_examinations/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 04:24:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Shramana Culture Women's Mahasabha (India)]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Gayatri Nagar]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[jaipur]]></category>
		<category><![CDATA[Maharani Farm]]></category>
		<category><![CDATA[Sanganer]]></category>
		<category><![CDATA[Shramana Culture Sanskar Camp]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Shramana Culture Institute]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतीय श्रमण संस्कृति महिला महासमिति (भारत)]]></category>
		<category><![CDATA[जयपुर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सांगानेर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=107441</guid>

					<description><![CDATA[जयपुर। श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर,जयपुर और अखिल भारतीय श्रमण संस्कृति महिला महासमिति ( भारत ) की ओर से श्रमण संस्कृति संस्कार शिविर गायत्री नगर के श्री दिगम्बर जैन मन्दिर,महारानी फार्म में गुरुवार को संपन्न हुआ। प्रातः 8 बजे परीक्षा परिणाम घोषणा की गई सम्मान कर पुरस्कार प्रदान किए गए। शिविर संयोजिका अनिता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर</strong>। श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर,जयपुर और अखिल भारतीय श्रमण संस्कृति महिला महासमिति ( भारत ) की ओर से श्रमण संस्कृति संस्कार शिविर गायत्री नगर के श्री दिगम्बर जैन मन्दिर,महारानी फार्म में गुरुवार को संपन्न हुआ। प्रातः 8 बजे परीक्षा परिणाम घोषणा की गई सम्मान कर पुरस्कार प्रदान किए गए। शिविर संयोजिका अनिता जैन बडजात्या ने अवगत कराया कि संस्थान की शिक्षिका देशना दीदी ने प्रथम, द्वितीय, तृतीय भाग और द्रव्य संग्रह की परीक्षा में 150 से अधिक बैठे शिविरार्थियों का परिणाम घोषित किया। कार्यक्रम का संचालन संयोजिका मंजू सेवा वाली ने किया। सेवा वाली ने बताया कि कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण शाह, उपाध्यक्ष विजय सोगानी, मंत्री राजेश वोहरा, संयुक्त मंत्री संजय ठोलिया, कोषाध्यक्ष राकेश छाबडा,संयोजक पदम झांझरी, संतोष गंगवाल, गजेन्द्र छाबडा, राकेश पाटोदी आदि ने किया।</p>
<p><strong>समिति पदाधिकारी सम्मनित हुए</strong></p>
<p>मंगलाचरण मंजू सेवा वाली, अनिता बडजात्या, सुनीता काला ने किया। मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों का स्वागत महिला महासमिति और शिविर संयोजिकाओं ने किया। सभी संयोजिका का सम्मान संस्थान की ओर से किया गया। इस अवसर पर समाज के श्रेष्ठी पूर्व अध्यक्ष धूपचंद शाह, प्रकाश बडजात्या, जीतेन्द्र बाकलीवाल, अशोक रावका, अनिल पोल्याका एवं अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन आदि सम्मलित थे।</p>
<p><strong>शिविर की सराहना की</strong></p>
<p>इस अवसर पर सभी पुण्यार्जक परिवारों का सम्मान किया एवं प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कार दिए गए। साथ ही अन्य को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। शिविर संयोजिका मंजू, अध्यक्ष अरुण शाह, देशना दीदी एवं पं. अजित शास्त्री ने शिविर के बारे में बताया कि गायत्री नगर का शिविर बहुत ही उत्साह पूर्वक, धर्म प्रभावना के साथ संपन्न हुआ। श्रमण संस्कृति संस्थान की समस्त व्यवस्थाओं की भूरि भूरि प्रशंसा की। शिविर संयोजिका अनिता बडजात्या ने आभार माना।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/more_than_150_campers_appeared_for_part_i_ii_iii_and_dravya_sangrah_examinations/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुनिश्री सुधा सागरजी के आशीर्वाद से राज्यास गांव में वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव होगा : श्री दिगंबर जैन मंदिर राज्यास के स्कूल ग्राउंड में 17-18 मई को होगा आयोजन  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/with_the_blessings_of_munishri_sudha_sagarji_a_vedi_pratishtha_mahotsav_will_be_held_in_the_village_of_rajyas/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/with_the_blessings_of_munishri_sudha_sagarji_a_vedi_pratishtha_mahotsav_will_be_held_in_the_village_of_rajyas/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 13:53:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Munishree Sudha Sagarji]]></category>
		<category><![CDATA[Rajyas Village]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Vedi Pratishtha Festival]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिश्री सुधा सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[राज्यास गांव]]></category>
		<category><![CDATA[वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=106762</guid>

					<description><![CDATA[शाहपुरा तहसील के समीप राज्यास गांव में मुनि श्री सुधा सागरजी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से श्री दिगंबर जैन मंदिर राज्यास के स्कूल ग्राउंड में 17-18 मई को श्रीमज्जिनेद्र जिन बिम्ब वेदी प्रतिष्ठा कलशारोहण, ध्वजारोहण महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया ‘सुयश’ अशोक नगर के सानिध्य में होगा। राज्यास से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>शाहपुरा तहसील के समीप राज्यास गांव में मुनि श्री सुधा सागरजी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से श्री दिगंबर जैन मंदिर राज्यास के स्कूल ग्राउंड में 17-18 मई को श्रीमज्जिनेद्र जिन बिम्ब वेदी प्रतिष्ठा कलशारोहण, ध्वजारोहण महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया ‘सुयश’ अशोक नगर के सानिध्य में होगा। <span style="color: #ff0000">राज्यास से पढ़िए, प्रकाश पाटनी भीलवाड़ा की अभिषेक जैन लुहाड़िया की कलम से&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>राज्यास</strong>। शाहपुरा तहसील के समीप राज्यास गांव में मुनि श्री सुधा सागरजी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद से श्री दिगंबर जैन मंदिर राज्यास के स्कूल ग्राउंड में 17-18 मई को श्रीमज्जिनेद्र जिन बिम्ब वेदी प्रतिष्ठा कलशारोहण, ध्वजारोहण महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ प्रतिष्ठाचार्य बा. ब्र. प्रदीप भैया ‘सुयश’ अशोक नगर के सानिध्य में होगा। समाज के कमल गोधा, राजकुमार गोधा ने बताया कि सन् 2001में धनोप में नंदी की खुदाई करते वक्त 1100 वर्षों पुरानी भगवान आदिनाथ, पारसनाथ भगवान, नंदीश्वर द्वीप की प्रतिमाएं निकली थी। इसके बाद 23 मई 2001 को गांव के छोटे मंदिर में इन प्रतिमाओं को वेदी प्रतिष्ठा की गई। वर्षों तक श्रद्धालुगण उस मंदिर में भगवान के दर्शन करते रहे लेकिन, समय के साथ मंदिर जीर्ण-शीर्ण होने लगा। तब गोधा परिवारजनों ने संकल्प लिया कि इन प्रतिमाओं के लिए ऐसा जिनालय बनाया जाए जो आने वाली पीढ़ियों तक धर्म और संस्कृति की पहचान बने। 5 फरवरी 2022 को निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के मार्गदर्शन में नव मंदिर का शिलान्यास की नींव रखी।</p>
<p><strong>मंदिर में महावीर स्वामी की मुख्य वेदी को विशेष स्वर्ण आभा से सजाया </strong></p>
<p>दिगंबर जैन मंदिर के संरक्षक श्री रतनलाल गोधा ,अध्यक्ष श्री भागचंद गोधा, राजकुमार गोधा ,कमल गोधा ,शशि गोधा ने बताया की गोधा परिवार के तीन घरों द्वारा संयुक्त रूप से ये पाषाण का नागर शैली निर्मित जिनालय बनकर तैयार हो गया। जिसमें वियतनाम के सफेद पत्थर और बंशीपुर पहाड़ के पाषाण से निर्मित मंदिर अपनी अद्भुत नक्काशी, शिखरों और स्थापत्य दर्शाता है। मंदिर में महावीर स्वामी की मुख्य वेदी को विशेष स्वर्ण आभा से सजाया गया है। गर्भ गृह में भगवान महावीर स्वामी के साथ भगवान आदिनाथ, पारसनाथ भगवान, नंदीश्वर द्वीप ,मनिसुव्रतनाथ भगवान सहित नौ देवताओं की धातु एवं पाषाण निर्मित प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी। ऐसा मानना है कि यह जिनालय आने वाले समय में क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक तीर्थ क्षेत्र बनेगा। कमल गोद ने बताया कि मंदिर कमेटी के सभी सदस्य महिलाएं मुंगावली पहुंचकर मुनिश्री सुधा सागर जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। मुनि श्री ने कहा कि मूल नायक 1008 श्री महावीर स्वामी की प्रतिमा चमत्कारी है। इसकी जितनी भक्ति श्रद्धा से करोगे उतना ही पुण्य मिलेगा। क्षेत्र पर पत्रिका का भी विमोचन किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/with_the_blessings_of_munishri_sudha_sagarji_a_vedi_pratishtha_mahotsav_will_be_held_in_the_village_of_rajyas/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भगवानी देवी के पुण्य स्मृति दिवस पर किया विशेष पूजन : अजमेरा परिवार ने किया अभिषेक और शांतिधारा की  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/special_worship_was_done_on_the_death_anniversary_of_bhagwani_devi/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/special_worship_was_done_on_the_death_anniversary_of_bhagwani_devi/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Apr 2026 05:33:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Amavasya Mahaparva]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[First Abhishek]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Parasnath]]></category>
		<category><![CDATA[Munishri Dharma Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अमावस्या महापर्व]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पारसनाथ भगवान]]></category>
		<category><![CDATA[प्रथम अभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिश्री धर्म सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=104988</guid>

					<description><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन मंदिर में शुक्रवार को मुनिश्री धर्म सागर जी के सानिध्य में अमावस्या महापर्व के शुभ अवसर पर देवाधिदेव 1008 श्री पारसनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक मुनि श्री भाव सागर जी के मुखारबिंद से हुआ।झूमरी तिलैया से पढ़िए, यह खबर&#8230; झूमरी तिलैया। श्री दिगम्बर जैन मंदिर में शुक्रवार को मुनिश्री धर्म सागर जी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री दिगम्बर जैन मंदिर में शुक्रवार को मुनिश्री धर्म सागर जी के सानिध्य में अमावस्या महापर्व के शुभ अवसर पर देवाधिदेव 1008 श्री पारसनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक मुनि श्री भाव सागर जी के मुखारबिंद से हुआ।<span style="color: #ff0000">झूमरी तिलैया से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span><del></p>
<hr />
<p></del>झूमरी तिलैया।</strong> श्री दिगम्बर जैन मंदिर में शुक्रवार को मुनिश्री धर्म सागर जी के सानिध्य में अमावस्या महापर्व के शुभ अवसर पर देवाधिदेव 1008 श्री पारसनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक मुनि श्री भाव सागर जी के मुखारबिंद से हुआ। उन्होंने शांतिधारा के मंत्रों का उच्चारण किया। शांतिधारा का सौभाग्य अजमेरा परिवार को प्राप्त हुआ। अशोक, विनोद, सुनील, मुकेश, राज कुमार अजमेरा की मातेश्वरी भगवानी देवी अजमेरा की पुण्यतिथि पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। साथ ही बेंगलोर में पुत्र अशोक मंजू जैन अजमेरा ने बेगुर जैन मंदिर में प्रथम अभिषेक और शांतिधारा की।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-104991" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260418-WA0001-264x300.jpg" alt="" width="264" height="300" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260418-WA0001-264x300.jpg 264w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260418-WA0001.jpg 514w" sizes="(max-width: 264px) 100vw, 264px" /></p>
<p><strong>इन्होंने दी श्रद्धांजलि</strong></p>
<p>इस अवसर परअजमेरा परिवार कोडरमा के साथ समाज के सह मंत्री राज जैन छाबड़ा, सुरेश जैन झांझरी, सुशील जैन छाबडा, प्रदीप जैन छाबड़ा, सुशील जैन पांड्या, मनीष जैन सेठी, वार्ड पार्षद पिंकी-नवीन जैन, संदीप जैन सेठी, पिंकी जैन सेठी, लालगोला से विजय जैन, राज कुमार जैन, विमल जैन, संतोष जैन के साथ छाबड़ा परिवार, दिल्ली से अरुण-संतोष जैन छाबडा, कोलकोत्ता से विभोर-रुचिका जैन सेठी, बैंगलोर से पुनीत निधि जैन अजमेरा, दिल्ली से सुमित नेहा, कथान्स जैन अजमेरा, गुवाहाटी से मनोज आशा जैन गंगवाल, बाराबंकी से धीरज सिंपी जैन सेठी, रांची से सुमेर माधुरी जैन अजमेरा, सुरेश कमोद जैन अजमेरा, महेंद्र कुकू जैन अजमेरा, दिलीप कीर्ति जैन अजमेरा, हजारीबाग समाज के महामंत्री संजय रश्मि जैन अजमेरा, अजित किरण जैन, सिधौली से सुरेश सरिता जैन और विशेष रूप से अर्हम और कथान्स जैन अजमेरा ने अपनी पर दादी को श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p><strong>भगवानी देवी को याद किया</strong></p>
<p>साथ ही कोडरमा समाज के उप मंत्री नरेंद्र झांझरी और पूर्व मंत्री ललित सेठी ने भी अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि श्रीमति अजमेरा बहुत ही धार्मिक महिला थीं। इनकी कमी को पूरा नही किया जा सकता है। इनका परिवार हमेशा समाज के सभी कार्यों में अग्रणी रहता है। इनकी माँ भगवानी देवी और पिताजी चिमनलाल जैन,चाचा हीरा लाल जैन के संस्कार इनके परिवार में सदैव दिखते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/special_worship_was_done_on_the_death_anniversary_of_bhagwani_devi/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आचार्य श्री विद्यासागर जी का द्वितीय समाधि दिवस मनाया&#039;: आचार्य छत्तीसी विधान कर आचार्यश्री के उपकारों पर प्रकाश डाला </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/celebrated_the_second_samadhi_day_of_acharya_shri_vidyasagar_ji/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/celebrated_the_second_samadhi_day_of_acharya_shri_vidyasagar_ji/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 13:54:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Abhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Chhattisi Vidhan]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vidyasagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Gayatri Nagar]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[jaipur]]></category>
		<category><![CDATA[Maharani Farm]]></category>
		<category><![CDATA[Pooja]]></category>
		<category><![CDATA[Second Samadhi Day]]></category>
		<category><![CDATA[Shantidhara]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य छत्तीसी विधान]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[गायत्री नगर]]></category>
		<category><![CDATA[जयपुर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[द्वितीय समाधि दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा]]></category>
		<category><![CDATA[महारानी फार्म]]></category>
		<category><![CDATA[शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=100236</guid>

					<description><![CDATA[जन-जन के हृदय सम्राट, प्राणी मात्र के प्रति दया के भाव सदैव रखने वाले, आचार्य श्री विद्यासागर जी के द्वितीय समाधि स्मृति दिवस पर श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर महारानी फार्म में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में बुधवार को प्रातः 8 बजे से नित्य प्रतिदिन अभिषेक शांतिधारा पूजा के बाद आचार्य छत्तीसी विधान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जन-जन के हृदय सम्राट, प्राणी मात्र के प्रति दया के भाव सदैव रखने वाले, आचार्य श्री विद्यासागर जी के द्वितीय समाधि स्मृति दिवस पर श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर महारानी फार्म में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में बुधवार को प्रातः 8 बजे से नित्य प्रतिदिन अभिषेक शांतिधारा पूजा के बाद आचार्य छत्तीसी विधान का आयोजन विधानाचार्य अजीत शास्त्री के निर्देशन में किया गया। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;   </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर</strong>। जन-जन के हृदय सम्राट, प्राणी मात्र के प्रति दया के भाव सदैव रखने वाले, आचार्य श्री विद्यासागर जी के द्वितीय समाधि स्मृति दिवस पर श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर महारानी फार्म में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में बुधवार को प्रातः 8 बजे से नित्य प्रतिदिन अभिषेक शांतिधारा पूजा के बाद आचार्य छत्तीसी विधान का आयोजन विधानाचार्य अजीत शास्त्री के निर्देशन में किया गया। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि विधान में सौधर्म इंद्र बनकर वीरेंद्र सुनंदा अजमेरा ने विधान पूजा करवाई। इस अवसर पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, उपाध्यक्ष अरुण शाह, मंत्री राजेश बोहरा, वरिष्ठ एडवोकेट विमल कुमार जैन, वरिष्ठ समाज सेवी अनिल गदिया, अशोक जैन विधानसभा वाले, अशोक जैन कासलीवाल एचपीसीएल वाले, बसंत बाकलीवाल, संतोष बाकलीवाल, सुनील जैन तिजारा वाले, कमल मालपुरा वाले आदि महिला-पुरुषों उपस्थित होकर विधान पूजा की। विधानाचार्य पंडित अजीत शास्त्री ने आचार्य श्री के उपकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूज्य आचार्य श्री जन-जन के परम आराध्य आचार्य थे, उन्होने जनजन के लिए अनेकों उपकार किए। सभी का आभार मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष अरुण शाह ने माना।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/celebrated_the_second_samadhi_day_of_acharya_shri_vidyasagar_ji/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सत्पुरुष गुणों एवं दोषों में से गुणों को ही ग्रहण करते हैं : रामकथा के आठवें दिन मुनिश्री जयकीर्ति ने सुनाए कई प्रभावी प्रसंग  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/a_good_man_accepts_only_the_good_from_both_the_good_and_the_bad/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/a_good_man_accepts_only_the_good_from_both_the_good_and_the_bad/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Nov 2025 14:10:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Akalnk School Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Distinguished Ram Kathakar]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Ram Katha]]></category>
		<category><![CDATA[Ritual Expert Munishri Jayakirti Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अकलंक स्कूल परिसर]]></category>
		<category><![CDATA[अनुष्ठान विशेषज्ञ मुनिश्री जयकीर्ति जी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[रामकथा]]></category>
		<category><![CDATA[विशिष्ट रामकथाकार]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=95573</guid>

					<description><![CDATA[मुनिश्री जय कीर्ति जी ससंघ रामपुरा स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। मुनिश्री यहां पद्म पुराण पर आधारित रामकथा का संगीतमय वाचन कर रहे हैं। कथा 30 नवंबर तक चलेगी। कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230; कोटा। मुनिश्री जय कीर्ति जी ससंघ रामपुरा स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मुनिश्री जय कीर्ति जी ससंघ रामपुरा स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। मुनिश्री यहां पद्म पुराण पर आधारित रामकथा का संगीतमय वाचन कर रहे हैं। कथा 30 नवंबर तक चलेगी। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> मुनिश्री जय कीर्ति जी ससंघ रामपुरा स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। मुनिश्री यहां पद्म पुराण पर आधारित रामकथा का संगीतमय वाचन कर रहे हैं। कथा 30 नवंबर तक चलेगी। कई जन्मों का पुण्य उदय जब जीवन में आता है तब जाकर ऐसा स्वर्णिम सुअवसर मिल पाता है। अकलंक संस्थान के अध्यक्ष पीयूष बज और सचिव अनिमेष जैन ने बताया कि आज मां जिनवाणी को मंदिर से पालकी में विराजमान करके मुनिश्री के कर कमलों में भेंट करने का सौभाग्य मैना जैन प्रतीक, विनीता, अनाया, तनीषा, वेद परिवार जन को मिला। राजा श्रेणिक बनने का अवसर पीयूष बज, कविता बज, प्रशस्त रिम्पी बज, विजय पाड़ा को मिला। उन्होंने प्रथम प्रश्न पूछा। महेश गंगवाल गुलाबबाड़ी’ ने बताया कि सकल दिगंबर जैन समाज समिति के अध्यक्ष विमल गोधा, नांता, विनोद टोरड़ी, जेके जैन, नरेश वेद, श्री दिगंबर जैन महासमिति कोटा संभाग की अध्यक्ष मधु शाह, आशा श्रीमाल, आशा सेठी, कविता बज, साधना मुवासा, इंदौर से पधारे किशोरकुमार, राजकुमार, चिन्मय जैन, देहरादून के पोमिल जैन आदि समाज श्रेष्ठी उपस्थित हुए।</p>
<p><strong>प्रभु का वह जिनबिम्ब कलुषता को नष्ट करने वाला था</strong></p>
<p>मुनिश्री जयकीर्ति जी ने धर्मसभा में कहा कि जिस प्रकार हंस दूध एवं जल से दूध ही ग्रहण करता है। उसी प्रकार सत्पुरुष गुणों एवं दोषों में से गुणों को ही ग्रहण करते हैं,। जिस प्रकार कौआ हाथियों के गंड स्थल में से मोतियों को छोड़कर मांस को ही ग्रहण करता है, उसी प्रकार दुर्जन गुणों को छोड़कर दोषों को ही ग्रहण करता है। जिस प्रकार उल्लू सूर्य को काला-काला ही देखता है, उसी प्रकार दुर्जन सबको दोषयुक्त ही देखता है। सरोवर के उपर की जाली कूड़ा-करकट रोक लेती है। राम-लक्ष्मण-सीता सहित सभी ने विभीषण के भवन में प्रवेश किया। जिसमें पाप को नष्ट करने वाले जिनालय मे पद्मरागमणि से निर्मित तेजवंत पद्म प्रभु भगवान का जिन बिम्ब था। सभी उस अनुगम प्रतिमा के दर्शन एवं स्तुति करते हैं, प्रभु का वह जिनबिम्ब कलुषता को नष्ट करने वाला था। ,राम लंका का राज्य संचालन विभीषण को ही सौंप देते हैं। राम आदि को लंका में सुखपूर्वक रहते हुए छः वर्ष व्यतीत हो जाते हैं।</p>
<p><strong>पुण्य कर्म से प्राणियों के अचिंतित कार्य सुंदरता को प्राप्त होते हैं</strong></p>
<p>इधर कौशल्या के दुःख निवारण के उद्देश्य से नारद राम की खोज करते हुए लंका में आए एवं माता की व्यथा सुनाते हैं।राम कहते हैं कि मां की सेवा पुण्यात्मा ही कर सकते हैं। सोलह दिनों में विभीषण हजारों विद्याधर कारीगर कुमारों द्वारा अयोध्या में अनेक जिनालय, नए-नए भवन, सरोवर, वापिकाओं, उद्यानों का निर्माण करवा देता है। वहां रत्नों की वर्षा करा देते हैं, सभी घर धन धान्य से भर दिए जाते हैं, पूरी अयोध्या की अदभुत सजावट कर दी जाती है। उस अयोध्या की सुंदरता का वर्णन सौ वर्षों में भी नहीं किया जा सकता है। पूर्वभव में किए हुए पुण्य कर्म से प्राणियों के समस्त अचिन्तित कार्य सुन्दरता को प्राप्त होते हैं। इसलिए पुण्य कार्य करते रहो जिससे संताप न भोगना पड़े।</p>
<p><strong>वे भोग उपभोग छोडने का निश्चय करते</strong></p>
<p>राम लक्षमण-सीता सहित सभी विद्याधर अयोध्या में पहुंचे। वहां माताओं एवं पुत्रों का सुखद मिलन व संवाद होता है। समस्त सुख सुविधाओं एवं अनुकूलता में रहते हुए भी भरत वैराग्य से परिपूर्ण है। वे धर्मफल का विचार करते हैं कि मैं कब इस राज्य से मुक्त होऊंगा। धर्म ही परम शरण है मैं इसकी उपासना कब करूँगा। वे भोग उपभोग छोडने का निश्चय करते। इधर त्रिलोक मंडन हाथी अयोध्या में उत्पात मचा देता है। किसी के रोकने पर भी वह नहीं रुकता है किंतु भरत के समीप आते ही वह शांत हो जाता है। उसे पूर्वभवों का स्मरण हो जाता है तभी अयोध्या नगरी में देशभूषण कुभूषण केवली भगवान का आगमन होता है। चारों भाई अपने परिजन पुरजनसह केवली भगवान् के दर्शनार्थ जाते हैं। वहा सभी धर्माेपदेश सुनते हैं।</p>
<p><strong>अपने सारे कार्य आत्म- हितकारी विचार पूर्वक ही करना</strong></p>
<p>वैरागी भरत एक हजार राजाओं के साथ जिनदीक्षा लेते हैं, कैकयी तीन सौं रानियों के साथ आर्यिका बन जाती है। हाथी अणुव्रत ग्रहण करता है। राजमहल में आने पर राम का राज्याभिषेक होता है, भामण्डल आदि के लिए राज्य विभाजन किया राजा है, शत्रुधन राज्य हेतु मथुरा का चयन करता है, मथुरा के राजा मधु एवं शत्रुध्न के मध्य भीषण युद्ध होता है, घायल मधु मन में विचारता है कि अब में विष्य-भोग- राज्य हेतु संसार में फंसने वाला कोई कार्य नहीं करूंगा। आज तक मैंने निराकुलता को नहीं पाया है। मैंने मोह में फंसकर धर्म में बुद्धि नहीं लगाई। समाधि मरणकर वे सानत स्वर्ग में देव बनते है, मित्र मधु की मृत्यु से क्षुभित चमरेन्द्र मथुरा में भयंकर महामारी फैलता है, सप्तऋषियों के तप के प्रभाव से महामारी दूर हो जाती है।कदाचित् मूर्ख की तो सेवा की जा सकती है किन्तु कृतघ्न को दूर से ही छोड देना चाहिए।</p>
<p><strong>ीता को सिंहनाद अटवी में छोडने का आदेश दे दिया</strong></p>
<p>जो मुनि को देखकर आसन नहीं छोड़ता,सम्मान नहीं करता है वह घोर मिथ्यादृष्टि, दीर्घ &#8211; संसारी होता है।जो सप्तऋषयों के आश्यर्यकारी प्रभाव को कहता व सुनता है वह शीघ्र ही चारों प्रकार मंगल को प्राप्त होता है, जो साधु समागम में तत्पर रहते हैं वे अपने सम्पूर्ण मनोरथ सिद्ध करते हैं।राम द्वारा पृथ्वी के समस्त जिनालयों को सझाने हेतु आज्ञा दी जाती है, महेन्दोदय उद्यान में प्रति दिन पुजनादि सम्पन्न ही ही रहे थे कि एक दिन उद्यान में स्थित राम के समीप प्रजा सीता के अपवाद की सूचना लेकर आयी। लक्ष्मण द्वारा राम को बार-बार सीता को नहीं त्यागने हेतु निवेदन करने पर भी राम नहीं माने एवं कृतान्त वक्त्र सेनापति को बुलाकर सीता को सिंहनाद अटवी में छोडने का आदेश दे दिया।</p>
<p><strong>सम्यग्दर्शन स्थिर सुख देना वाला है </strong></p>
<p>सेनापति सीता को दुःखी मन से वन में छोडकर राम द्वारा परित्याग करने की सुचना देता है,सीता सेना पति को राम के लिए संदेश देती है कि राम मेरे त्याग से विषाद मत करना, धैर्यपूर्वक न्याय &#8211; वत्सल हो प्रजा का पालन करना, जिस सम्यक्त्व के द्वारा भव्य जीव संसार से तिर जाते है उसकी भलीकार आरधना करना, साम्राज्य की अपेक्षा वह सम्यक्त्व ही श्रेष्ठ है क्योंकि साम्राज्य तो नष्ट हो जाता है परन्तु, सम्यग्दर्शन स्थिर सुख देना वाला है अभव्यों द्वारा की गई घृणा के कारण सम्यग्दर्शन मत छोड़ना वह दुर्लभ रत्न है वह अत्यन्त बड़ा अमृत फल है, संसार में बोलने से कौन किसको रोक सकता है अपने सारे कार्य आत्म- हितकारी विचार पूर्वक ही करना, मेरी उचित या अनुचित प्रवृत्ति को क्षमा कर देना&#8230;आदि प्रसंगों का अद्भुत विस्तृत वर्णन संगीतमय एवं कलापूर्ण शैली में गुरुदेव केमुखारविन्द से हुआ।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/a_good_man_accepts_only_the_good_from_both_the_good_and_the_bad/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जीवन क्रियाशील बनाने के लिए रामचंद्र जी का चरित्र अवश्य ही सुनना चाहिए: मुनिश्री जयकीर्ति जी की रामकथा में उमड़े श्रावक-श्राविकाएं  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/to_make_life_active_one_must_listen_to_the_chracter_of_ramchandr_ji/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/to_make_life_active_one_must_listen_to_the_chracter_of_ramchandr_ji/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Nov 2025 14:44:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Akalnk School Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Distinguished Ram Kathakar]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Ram Katha]]></category>
		<category><![CDATA[Ritual Expert Munishri Jayakirti Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अकलंक स्कूल परिसर]]></category>
		<category><![CDATA[अनुष्ठान विशेषज्ञ मुनिश्री जयकीर्ति जी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[रामकथा]]></category>
		<category><![CDATA[विशिष्ट रामकथाकार]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=95506</guid>

					<description><![CDATA[विशिष्ट रामकथाकार अनुष्ठान विशेषज्ञ मुनिश्री जयकीर्ति जी रामपुरा स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। मुनिश्री के मुख से 30 नवंबर तक अकलंक स्कूल परिसर में भव्य रामकथा संगीत की सुमधुर धुनों के साथ चल रही है। कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230; कोटा। विशिष्ट रामकथाकार अनुष्ठान विशेषज्ञ मुनिश्री जयकीर्ति जी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>विशिष्ट रामकथाकार अनुष्ठान विशेषज्ञ मुनिश्री जयकीर्ति जी रामपुरा स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। मुनिश्री के मुख से 30 नवंबर तक अकलंक स्कूल परिसर में भव्य रामकथा संगीत की सुमधुर धुनों के साथ चल रही है। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> विशिष्ट रामकथाकार अनुष्ठान विशेषज्ञ मुनिश्री जयकीर्ति जी रामपुरा स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। मुनिश्री के मुख से 30 नवंबर तक अकलंक स्कूल परिसर में भव्य रामकथा संगीत की सुमधुर धुनों के साथ चल रही है। श्रद्धालु भाव विभोर हो झूम उठते हैं। गुरुवार को रामकथा का सातवां दिन था। अकलंक संस्थान के अध्यक्ष पीयूष बज, सचिव अनिमेष जैन बताया कि मां जिनवाणी को पालकी में विराजमान कर गुरुदेव के कर कमलों में देने का सौभाग्य राजेश शर्मीला, भावी विपुल दिनेश पाटनी परिवार को मिला। महेश जैन गंगवाल ने बताया कि राजा श्रेणिक बनने का अवसर दिनेश कुमार नीलू, चिराग स्वेता, पराग श्रुति, रक्ष, नेहा, ऐरा, स्वर्ण मड़ि़या, कनवास वाले को मिला। मुनिश्री जय कीर्ति जी ने धर्मसभा में कहा कि जो मनुष्य कल्याणकारी वचनों को कहता अथवा सुनता है। वास्तव में वहीं मनुष्य है अन्य तो शिल्पकार द्वारा बनाए हुए मनुष्याकार पुतलों के समान है अर्थात जीवन में जीवंतता लाने के लिए एवं जीवन को क्रियाशील बनाने के लिए यह रामचंद्र जी का चरित्र निश्चित ही अवश्य ही सुनना चाहिए। अमृत समान आरोग्य प्रदायी सुगंधित जल को लाने के लिए हनुमान भामंडल एवं अंगद को भेजा जाता है। वे भरतादि के साथ द्रोणमेघ राजा से लक्षमण के जीवन रक्षार्थ विशल्या की याचना करने पर राजा मना करता है किन्तु कैकयी द्वारा समझाने पर वह कन्या को भेजता है, युद्ध भूमि में विशल्या का बहुमान, कन्या के समीप आते ही लक्ष्मण सचेत हो जाते हैं, संपूर्ण सेना के पास अमृतसम जल भेजा जाता है। जिससे समी स्वस्थ हो जाते हैं।</p>
<p><strong>रावण की दृढ़ता देख मणिभद्र-पूर्णभद्र देव उपद्रव दूर करते हैं</strong></p>
<p>राम द्वारा लक्ष्मण को विशल्या का संपूर्ण वृत्तांत वर्णन, लक्ष्मण का विशल्या के साथ वैभवपूर्ण विवाहोत्सव, रावण को नीति शास्त्र अनुसार मृगांक आदि मंत्रियों द्वारा सीता को लौटाने के लिए संबोधन, अष्टाह्निक पर्व में युद्ध विराम करके रावण अपने हजार स्वर्णखंभांे युक्त श्री शांतिनाथ जिनालय में दिव्य द्रव्यों से पूजन आदि करता है एवं बहुरुपिणी विद्या सिद्धि हेतु अचलासन में जाप में स्थित हो जाता है। इधर, रावण की विद्या सिद्धि की सूचना सुनकर धर्मयुक्त श्री राम के मना करने पर विद्याधर कुमार लंका में जाकर अनेक तोड फोड एवं उपद्रव करते हैं। रावण की दृढ़ता देख मणिभद्र-पूर्णभद्र देव उपद्रव दूर करते हैं, लक्ष्मण द्वारा निवेदन करने पर दोनों देव धर्म एवं नीति की रक्षार्थ मात्र रावण को विचलित करने का अनुमति देते हैं। कुमारों द्वारा अनेकानेक प्रकार से विचलित करने पर भी अटल रावण ने बहुरुपिणी विद्या सिद्ध कर ही ली। रावण द्वारा भय एवं स्नेह से सीता को आकर्षित करने के अनेक प्रयास किए गए। किंतु रामनिष्ठ सीता अटल रही।</p>
<p><strong> विद्वानों का बैर केवल मरण पर्यंत ही होता है</strong></p>
<p>राम के प्रति सीता का अदूट प्रेम देखकर रावण को अपनी गलती का एहसास हुआ फिर भी मोही रावण ने सीता की पाने अपनी विनाशकारी हठ नहीं छोडी एवं अनेक अपशकुनों को अनदेखा करके युद्ध भूमि में पहुंचा। रावण एवं लक्ष्मण का दस दिन तक बिना हार-जीत के युद्ध चलता है, अंत में क्रोधित हो रावण लक्ष्मण पर चक्ररत्न चला देता लेकिन, चक्र तीन परिक्रमा कर लक्ष्मण के हाथ में आ जाता है। लक्ष्मण कहता है &#8211; हे! रावण अब भी सीता को लौटाकर अपने राज्य का उपभोग करो किन्तु रावण अपने दुराग्रह को नहीं छोड़ता है। लक्ष्मण का चक्ररत्न रावण के वक्षस्थल को भेद देता है,</p>
<p>त्रिखंडाधिपति रावण जैसे पर्वत दूटकर गिरता है वैसे भूमि पर गिर जाता है। रावण की मृत्यु से विभिषण एवं मंदोदरी आदि समस्त रानियां का करुण विलाप सुनकर राम सबको सांत्वना देते हुए कहते है कि विद्वानों का बैर केवल मरण पर्यंत ही होता है। अतः हमारा कोई बैर नहीं है। राम लक्ष्मण सहित सभी पद्म सरोवर जाकर रावण का दाह संस्कार करते हैं, इंद्रजीत, मेघवाहन, कुंभकर्ण को भी दाह संस्कार में लाया जाता है वे तीनों विचार करते हैं। महामोह महादुःख देनेवाला है। राज्य एवं भोगों की आशा में कैसे जीवन का अंत हो जाता है।</p>
<p><strong>देवों द्वारा केवल ज्ञान का महोत्सव मनाया जाता है </strong></p>
<p>संसार में धर्म ही सार है अतः सुखदायी निर्ग्रंथ पद ही हमारे लिये श्रेय है। इधर, दिन के अंतिम प्रहर में 56 हजार मुनियों के साथ अनंतवीर्य मुनिराज आकाश मार्ग सें लंका में प्रवेश करते है, रात्रि के अंतिम प्रहर में अनंत वीर्य मुनिराज को केवल ज्ञान की प्राप्ति होती है, देवों द्वारा केवल ज्ञान का महोत्सव मनाया जाता है। इंद्रजीत मेघवाहन कुंभकरण जिन दीक्षा धारण करते हैं एवं मंदोदरी चंद्रनखा सहित 48 रानियां आर्यिका दीक्षा ग्रहण करती है। इधर राम, लक्ष्मण, विभीषण आदि लंका में प्रवेश करते हैं, उन्नत प्रीति युक्त राम सीता का मिलन एवं संवाद, राम सीता का देवताओं द्वारा प्रशंसा एवं बहुमान..आदि कथानकों का अत्यन्त नवरसयुक्त मनमोहक शैली से श्रीरामभक्तों को गुरुदेव ने मंत्रमुग्ध कर दिया। संपूर्ण सभा आनंद में सराबोर हो गई।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/to_make_life_active_one_must_listen_to_the_chracter_of_ramchandr_ji/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दीपावली मिलन समारोह में मेधावी व्यक्तित्व सम्मानित : श्रीमाल जैन समाज संस्था ने सामाजिक एकता पर बल दिया </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/meritorious_personalities_honored_in_deepawali_milan_ceremony/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/meritorious_personalities_honored_in_deepawali_milan_ceremony/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Oct 2025 09:15:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Brilliant Personality]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Diwali Milan Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shrimal Jain Samaj Sanstha]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Talwandi Sector-A Kota]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[तलवंडी सेक्टर-ए कोटा]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[दीपावली मिलन समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[मेधावी व्यक्तित्व]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीमाल जैन समाज संस्था]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=93212</guid>

					<description><![CDATA[श्रीमाल जैन समाज संस्था का दीपावली मिलन समारोह श्री दिगम्बर जैन मंदिर तलवंडी सेक्टर-ए कोटा में हुआ। इस कार्यक्रम में महिलाओं के गेम्स का आयोजन किया गया। जिसके प्रथम विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230; कोटा। श्रीमाल जैन समाज संस्था का दीपावली मिलन समारोह श्री दिगम्बर जैन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्रीमाल जैन समाज संस्था का दीपावली मिलन समारोह श्री दिगम्बर जैन मंदिर तलवंडी सेक्टर-ए कोटा में हुआ। इस कार्यक्रम में महिलाओं के गेम्स का आयोजन किया गया। जिसके प्रथम विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> श्रीमाल जैन समाज संस्था का दीपावली मिलन समारोह श्री दिगम्बर जैन मंदिर तलवंडी सेक्टर-ए कोटा में हुआ। इस कार्यक्रम में महिलाओं के गेम्स का आयोजन किया गया। जिसके प्रथम विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीए धर्मचंद जैन शाह रहे एवं विशिष्ट अतिथि अशोक पहाड़िया और प्रकाशचंद सामरिया रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेन्द्र जैन श्रीमाल ( नैनवां वाले )ने की। मंगल वाचन अभिषेक भैया जी ने किया। पूर्व महासचिव एवं समाज के अग्रणी शिखरचंद जैन ने समाज की एकजुटता पर प्रकाश डालते हुए उसकी आवश्यकता और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर बल दिया।</p>
<p>कार्यक्रम में तप और उपवास करने के साथ विशिष्ट मेधावी व्यक्तियों और बच्चों को सम्मानित किया गया।</p>
<p>इस अवसर पर नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह भी हुआ। संचालन धर्मेश जैन ने किया।</p>
<p>आभार राजेंद्र जैन श्रीमाल (नैनवां वाले) अध्यक्ष एवं महासचिव संजय जैन( बगलाई वाले )एवं कोषाध्यक्ष अमित जैन ने माना।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/meritorious_personalities_honored_in_deepawali_milan_ceremony/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भगवान पारसनाथ जी का प्रथम अभिषेक और विश्व शांतिधारा किया: उत्तम संयम धर्म और धूप दशमी का त्योहार मनाया  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/first_abhishekam_of_lord_parasnath_ji_and_vishwa_shantidhara_was_done/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/first_abhishekam_of_lord_parasnath_ji_and_vishwa_shantidhara_was_done/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Sep 2025 11:33:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Dashlakshan Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Dhoop Dashami]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[excellent restraint religion]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Parasnath Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[World Peace Dhara]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तम संयम धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दशलक्षण पर्व]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धूप दशमी]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान पारसनाथ जी]]></category>
		<category><![CDATA[विश्व शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=89533</guid>

					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को दशलक्षण पर्व का छठा दिन उत्तम संयम धर्म एवं धूप दशमी के रूप में मनाया गया। पंडित अभिषेक शास्त्री और डॉ. निर्मला दीदी ने प्रवचन में कहा कि मन, वचन, काय को काबू में रखना ही संयम धर्म है। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; श्री दिगंबर जैन मंदिर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को दशलक्षण पर्व का छठा दिन उत्तम संयम धर्म एवं धूप दशमी के रूप में मनाया गया। पंडित अभिषेक शास्त्री और डॉ. निर्मला दीदी ने प्रवचन में कहा कि मन, वचन, काय को काबू में रखना ही संयम धर्म है। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p>श्री दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को दशलक्षण पर्व का छठा दिन उत्तम संयम धर्म एवं धूप दशमी के रूप में मनाया गया। पंडित अभिषेक शास्त्री और डॉ. निर्मला दीदी ने प्रवचन में कहा कि मन, वचन, काय को काबू में रखना ही संयम धर्म है। संयम ही मोक्ष मार्ग की सीढ़ी है। संयम को अपने जीवन में उतारकर भविष्य को प्रकाशमय किया जा सकता है। मन बहुत चंचल है और वह हमेशा गलत राह में भटकता रहता है। इस पर संयम से कंट्रोल किया जा सकता है। हमें अपने जीवन के प्रतिदिन के खानपान बोलचाल रहन सहन में संयम रखना चाहिए। तभी जीवन महान बन सकता है। प्रातः मूलवेदी 1008 पारसनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक और विश्व शांतिधारा मुन्ना-रीता जैन, दिलीप आरती जैन बाकलीवाल परिवार को मिला। भगवान का मंगल विहार और प्रथम अभिषेक का सौभाग्य कमल राजीव जैन छाबड़ा परिवार को मिला। भगवान महावीर प्रभु की शांतिधारा सुरेंद-सौरभ सरिता जैन काला दूसरी ओर से नवीन सम्यक जैन गंगवाल के परिवार ने किया। आदिनाथ भगवान के समक्ष 1008 शांतिनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक और शांतिधारा, इंदु, अनूप-सार्थक जैन सेठी परिवार ने किया। नया मंदिर में श्रीजी पर प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य शांतिलाल-राजेश देवी जैन छाबड़ा के परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
<p>दोपहर में जैन समाज के सभी भक्तजनों ने धूप दशमी का पर्व मनाया और अपने खराब कर्मों को नाश करने के लिए दोनों मंदिरों में अग्नि में धूप खेने डालने का काम किया। महिलाओं ने लाल और पीले साड़ी में धूप दशमी की पूजा की और धूप विसर्जन किया। सह मंत्री राज् जैन छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला और समाज के पदाधिकारी के मार्गदर्शन में सभी पूजा विधान के कार्य किया जा रहे हैं। संध्या में महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। महिला समाज बालिका समाज और जैन युवक समिति की ओर से किया जाएगा। यह जानकारी समाज के मीडिया प्रभारी राजकुमार जैन अजमेरा और नवीन जैन ने दी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/first_abhishekam_of_lord_parasnath_ji_and_vishwa_shantidhara_was_done/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दशलक्षण धर्म के प्रथम दिन अभिषेक शांतिधारा और विविध विधान हुए : समाजजनों ने श्री जी की भक्ति में दिन बीता, सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मन मोहा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/on_the_first_day_of_daslakshan_dharma_abhishek_shantidhara_and_various_rituals_were_performed/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/on_the_first_day_of_daslakshan_dharma_abhishek_shantidhara_and_various_rituals_were_performed/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Aug 2025 09:08:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Abhishek]]></category>
		<category><![CDATA[daduka]]></category>
		<category><![CDATA[Dashlakshan Dharma]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Parvadhiraj Paryushan]]></category>
		<category><![CDATA[Shantidhara]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[डडुका]]></category>
		<category><![CDATA[दशलक्षण धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पर्वाधिराज पर्युषण]]></category>
		<category><![CDATA[शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=88889</guid>

					<description><![CDATA[दिगम्बर जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण में दशलक्षण धर्म के प्रथम दिन श्री दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम क्षमा धर्म पर दिपांक भैय्याजी के निर्देशन में दिनभर विविध अनुष्ठान हुए। डडुका से पढ़िए, यह खबर&#8230; डडुका। दिगम्बर जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण में दशलक्षण धर्म के प्रथम दिन श्री दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम क्षमा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>दिगम्बर जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण में दशलक्षण धर्म के प्रथम दिन श्री दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम क्षमा धर्म पर दिपांक भैय्याजी के निर्देशन में दिनभर विविध अनुष्ठान हुए। <span style="color: #ff0000">डडुका से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>डडुका।</strong> दिगम्बर जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण में दशलक्षण धर्म के प्रथम दिन श्री दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम क्षमा धर्म पर दिपांक भैय्याजी के निर्देशन में दिनभर विविध अनुष्ठान हुए। मीडिया प्रभारी राकेश शाह ने बताया कि प्रातः मूलनायक भगवान का अभिषेक और शांतिधारा तुभ्यम रॉकी गांधी परिवार ने की। आदिनाथ भगवान को विधान स्थल तक विहार का लाभ प्रदीप सेठ परिवार को मिला। यंत्रजी विराजमान धनपाल सेठ, चंवर ढूराना कदम राकेश शाह एवं चाहत दिनेश शाह, छत्र नमन अनिल कोठिया, विधान स्थल पर आदिनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा धनपाल शांतिलाल शाह परिवार, विधान में मंडप पर मुख्य कलश स्थापना चेष्टा चिराग शाह, ईशान कलश पूनम नितेश शाह,आग्नेय कलश सीमा जिनेन्द्र गांधी, नेऋत्य कलश रजनी अनिल कोठिया, वायव्य कलश जयश्री कांतिलाल शाह, दीप प्रज्वलन एवं आचार्य श्री के चित्र का अनावरण सेठ धनपाल देवीलाल परिवार ने किया।</p>
<p><strong>आकर्षक झांकी का प्रदर्शन </strong></p>
<p>दोपहर में पूजन और विधान हुआ रात्रि में सांस्कृतिक प्रभारी वीरेंद्र जैन और रॉकी गांधी के निर्देशन और रोहिता शाह के संयोजन में धार्मिक प्रश्न मंच सीनियर और जूनियर वर्ग की प्रतियोगिता हुई। दिगंबर जैन पाठशाला के बच्चों ने पाठशाला प्रेरक अजीत कोठिया के निर्देशन में उत्तम क्षमा धर्म पर आकर्षक झांकी का प्रदर्शन किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/on_the_first_day_of_daslakshan_dharma_abhishek_shantidhara_and_various_rituals_were_performed/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भगवान नेमिनाथ निर्वाण महोत्सव भक्ति भाव से मनाया: अभिषेक, शांतिधारा और निर्वाण लाडू चढ़ाने का किया पुण्यार्जन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/lord_neminath_nirvana_mahotsav_celebratedwith_devotion/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/lord_neminath_nirvana_mahotsav_celebratedwith_devotion/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Jul 2025 14:06:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Abhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vivek Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jhumritalaiya]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Neminath Nirvana Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Musical Worship]]></category>
		<category><![CDATA[Nirvana Laddu]]></category>
		<category><![CDATA[Shantidhara]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विवेक सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[झुमरीतलैया]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[निर्वाण लाडू]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान नेमिनाथ निर्वाण महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[संगीतमय पूजन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=84263</guid>

					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन समाज के नेतृत्व में श्री दिगंबर जैन मंदिर में 22 वें तीर्थंकर श्री नेमिनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव भक्ति भाव से मनाया गया। बुधवार को आचार्य श्री विवेक सागर जी के मंगल आशीर्वाद से नेमिनाथ भगवान की बड़ी प्रतिमा पर अभिषेक किया गया। भक्तों ने भगवान के समक्ष निर्वाण लाडू चढ़ाया। झुमरी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री दिगंबर जैन समाज के नेतृत्व में श्री दिगंबर जैन मंदिर में 22 वें तीर्थंकर श्री नेमिनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव भक्ति भाव से मनाया गया। बुधवार को आचार्य श्री विवेक सागर जी के मंगल आशीर्वाद से नेमिनाथ भगवान की बड़ी प्रतिमा पर अभिषेक किया गया। भक्तों ने भगवान के समक्ष निर्वाण लाडू चढ़ाया। <span style="color: #ff0000">झुमरी तलैया से पढ़िए, जैन राज अजमेरा और नवीन जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>झुमरीतलैया।</strong> श्री दिगंबर जैन समाज के नेतृत्व में श्री दिगंबर जैन मंदिर में 22 वें तीर्थंकर श्री नेमिनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव भक्ति भाव से मनाया गया। नेमिनाथ भगवान का निर्वाण गुजरात जूनागढ़ के गिरनार पर्वत से कई हजार वर्ष पूर्व आषाढ़ सुदी सप्तमी के दिन हुआ था, तब से जैन समाज के लोग पूरे विश्व में पूरी भक्ति भाव से भगवान का निर्वाण महोत्सव मनाते हैं और साथ ही गिरनार पर्वत पर 10 हज़ार सीढ़ी चढ़कर हज़ारों भक्त निर्वाण लड्डू चढ़ाने पहुंचे हैं। बुधवार को प्रातः आचार्य श्री विवेक सागर जी के मंगल आशीर्वाद से नेमिनाथ भगवान की बड़ी प्रतिमा पर अभिषेक किया गया। प्रथम अभिषेक पवन जैन खड़कपुर और शांतिधारा महावीर प्रसाद इंदु जैन सेठी परिवार ने किया। सुरेंद्र शैलेश जैन छाबड़ा परिवार को भगवान की शांतिधारा आचार्य मुख से विशेष मंत्रोच्चार के साथ सौभाग्य मिला। सुबोध आशा जैन गंगवाल के संगीतमय पूजन के साथ भगवान का निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य सुरेंद्र सरिता जैन काला, ललित-नीलम जैन सेठी, सुबोध आशा जैन गंगवाल, शशि रीता जैन सेठी, सुमित निशु जैन सेठी के परिवार को मिला। दूसरा कमल कुसुम जैन गंगवाल और नया मंदिर में प्रदीप-प्रेम जैन पांड्या को सौभाग्य प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>आचार्यश्री ने बताया भगवान नेमिनाथ तीर्थ का महत्व </strong></p>
<p>समाज के लोगों ने सभी कार्यक्रम में सहभागी बने। इस अवसर पर विशेष रूप से जैन समाज के उप मंत्री राज जैन छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, सुनील जैन सेठी, महिला संगठन की अध्यक्ष नीलम जैन, मंत्राणी आशा जैन गंगवाल शामिल हुए। इस अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि आज के दिन गिरनार पर्वत से जैन धर्म के 22 वंे तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान का निर्वाण हुआ था। वहां आज भी जैन तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान के चरण स्थापित हैं। जिनके दर्शन कर लोग अपने जीवन को धन्य मान रहे हैं और पुण्य अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में गिरनार की यात्रा क्यों की? हम सभी निर्वाण कल्याणक तीर्थंकर भगवान का मनाते हैं। इस अवसर पर समाज के सभी वर्ग शामिल हुए।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/lord_neminath_nirvana_mahotsav_celebratedwith_devotion/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
