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	<title>Sanawad &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Sanawad &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>अष्टानिका पर्व पर सनावद में नंदीश्वर द्वीप मंडल विधान सम्पन्न : 52 जिनालयों में श्रद्धापूर्वक समर्पित किए गए 52 अर्घ्य </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Jul 2026 16:18:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सनावद के श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में अष्टानिका पर्व के द्वितीय दिवस नंदीश्वर द्वीप मंडल विधान श्रद्धा, विनय और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने 52 जिनालयों में 52 अर्घ्य समर्पित कर धर्मलाभ अर्जित किया। पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट। सनावद। धर्म नगरी सनावद में अष्टानिका पर्व के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सनावद के श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में अष्टानिका पर्व के द्वितीय दिवस नंदीश्वर द्वीप मंडल विधान श्रद्धा, विनय और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने 52 जिनालयों में 52 अर्घ्य समर्पित कर धर्मलाभ अर्जित किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद</strong>। धर्म नगरी सनावद में अष्टानिका पर्व के द्वितीय दिवस आषाढ़ शुक्ल नवमी के अवसर पर श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में नंदीश्वर द्वीप मंडल विधान भक्ति एवं श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। मंदिर परिसर दिनभर जिनभक्ति, मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण से गुंजायमान रहा।</p>
<p><strong>पंचामृत अभिषेक से हुआ शुभारंभ</strong></p>
<p>सन्मति जैन काका ने बताया कि प्रातःकाल भगवान का पंचामृत अभिषेक एवं पूजन सम्पन्न हुआ। दोपहर में कुसुम कुमार–हेमंत कुमार सन्मति जैन काका परिवार तथा सुधीर कुमार–प्रशांत कुमार–पुलकित जैन &#8220;चौधरी&#8221; परिवार द्वारा विधान का पुण्यार्जन किया गया।</p>
<p><strong>52 जिनालयों में 52 अर्घ्य समर्पित</strong></p>
<p>विधान के दौरान श्रद्धालुओं ने नंदीश्वर द्वीप के 52 जिनालयों की भावना करते हुए 52 अर्घ्य अत्यंत विनय एवं श्रद्धा के साथ समर्पित किए। वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से ओत-प्रोत रहा।</p>
<p><strong>नंदीश्वर विधान की महिमा बताई</strong></p>
<p>आर्यिका ज्ञानमती माताजी द्वारा रचित विधान की महिमा का वर्णन करते हुए पंडित रिंकेश जैन एवं प्रशांत चौधरी ने बताया कि नंदीश्वर द्वीप के 52 चैत्यालयों में प्रत्येक में 108 रत्नमय जिनप्रतिमाएं विराजमान हैं। शुद्ध भाव से इस विधान की आराधना करने से आध्यात्मिक उन्नति, शांति एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है। जैन मान्यता के अनुसार देवगण भी नंदीश्वर द्वीप में भगवान जिनेन्द्र की पूजा-अर्चना करते हैं।</p>
<p><strong>संगीतमय आरती एवं प्रवचन</strong></p>
<p>सायंकाल श्रीजी की संगीतमय महाआरती, भक्तिमय कार्यक्रम एवं शास्त्र प्रवचन का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति में लीन होकर धर्म आराधना का लाभ प्राप्त किया।</p>
<p><strong>बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित</strong></p>
<p>कार्यक्रम में डिसेंटबला जैन, बाला पंचोलिया, महिमा जैन, अंजू पाटनी, मंजुला भूच, राजकुमारी बाई जैन, खुशकुंवर बाई जैन, सावित्री जटाले, अंकिता जैन, रूपल चौधरी, प्रतिभा जैन, कुसुम बाई जैन, विनय पंचोलिया, सुदेश जटाले, कमल केके, प्रदीप पंचोलिया, कांतिलाल जैन, अक्षय सराफ, लोकेंद्र जैन, रजत जैन, मुकेश जैन, मौसम जैन, अभिजीत जैन, गौतम जैन, राहुल स्वास्तिक, अरविंद जैन, अशोक पंचोलिया, सुनील मास्टर साहब सहित बहू मंडल एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।</p>
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		<title>आचार्य वर्द्धमानसागर पाठशाला के पूर्व छात्रों का भव्य मैत्री मिलन सम्पन्न: वर्षों बाद एक मंच पर मिले सहपाठी </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:09:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य वर्द्धमानसागर पाठशाला के पूर्व छात्र-छात्राओं का भव्य मैत्री मिलन इंदौर के नखराली ढाणी में आत्मीय वातावरण में सम्पन्न हुआ। विभिन्न शहरों से पहुंचे पूर्व विद्यार्थियों ने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट। सनावद. आचार्य वर्द्धमानसागर पाठशाला के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य वर्द्धमानसागर पाठशाला के पूर्व छात्र-छात्राओं का भव्य मैत्री मिलन इंदौर के नखराली ढाणी में आत्मीय वातावरण में सम्पन्न हुआ। विभिन्न शहरों से पहुंचे पूर्व विद्यार्थियों ने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p>सनावद. आचार्य वर्द्धमानसागर पाठशाला के पूर्व छात्र-छात्राओं का भव्य मैत्री मिलन समारोह इंदौर स्थित नखराली ढाणी में हर्षोल्लास, आत्मीयता एवं पारिवारिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर भोपाल, इंदौर, सनावद, खंडवा, महेश्वर, मंडलेश्वर एवं पीथमपुर सहित विभिन्न नगरों से पूर्व विद्यार्थी वर्षों बाद एक मंच पर एकत्रित हुए।</p>
<p><strong>गुरुजनों के संस्कारों का किया स्मरण</strong></p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ नवकार महामंत्र एवं मंगलाचरण से हुआ। सभी पूर्व छात्र-छात्राओं ने अपने छात्र जीवन की मधुर स्मृतियों को साझा करते हुए आचार्य वर्द्धमानसागर पाठशाला में प्राप्त संस्कारों, अनुशासन तथा अपनी आदरणीय शिक्षिकाओं के स्नेह, मार्गदर्शन एवं समर्पण को भावपूर्वक याद किया। उपस्थित सभी ने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।</p>
<p><strong>ब्रह्मचारिणी सारिका दीदी का भावपूर्ण संदेश</strong></p>
<p>इस अवसर पर सभी ने अपनी प्रिय सहपाठी ब्रह्मचारिणी सारिका दीदी का विशेष रूप से स्मरण किया। आयोजन की जानकारी मिलने पर उन्होंने संदेश भेजा— &#8220;मैं तुम में हूँ।&#8221; उनके इन भावपूर्ण शब्दों ने उपस्थित सभी के हृदय को भावविभोर कर दिया और सभी ने उनके स्नेह एवं आशीर्वाद को अपने साथ महसूस किया।</p>
<p><strong>गीत-संगीत और स्मृतियों से सजा आयोजन</strong></p>
<p>मैत्री मिलन के दौरान मनोरंजक गतिविधियाँ, सामूहिक गीत-संगीत, फोटोग्राफी एवं स्वादिष्ट भोजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी सदस्यों को दिगंबर जैन बड़ा मंदिर के मूलनायक भगवान श्री 1008 पार्श्वनाथ का स्मृति-चित्र भेंट कर इस मिलन को चिरस्मरणीय बनाया गया।</p>
<p><strong>मित्रता और संस्कारों का प्रेरक उत्सव</strong></p>
<p>आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन केवल पुराने साथियों का पुनर्मिलन नहीं था, बल्कि गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, जैन संस्कारों के प्रति समर्पण, मित्रता की मधुरता और आजीवन बने रहने वाले आत्मीय संबंधों का प्रेरणादायी उत्सव बन गया।</p>
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		<title>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का 37वां आचार्य पद आरोहण दिवस हर्षोल्लास से मनाया : सनावद में आर्यिका लक्ष्मी भूषण माताजी का हुआ मंगल प्रवेश </title>
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		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 10:20:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सनावद के श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का 37वां आचार्य पद आरोहण दिवस श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आर्यिका लक्ष्मी भूषण माताजी का मंगल प्रवेश भी हुआ। पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट। सनावद। नगर के श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>सनावद के श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का 37वां आचार्य पद आरोहण दिवस श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आर्यिका लक्ष्मी भूषण माताजी का मंगल प्रवेश भी हुआ। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद</strong>। नगर के श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर जी में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के 37वें आचार्य पद आरोहण दिवस के अवसर पर विशेष पंचामृत अभिषेक, पूजन एवं धार्मिक आयोजन श्रद्धापूर्वक संपन्न हुए। इस पावन अवसर पर आर्यिका लक्ष्मी भूषण माताजी का मंगल प्रवेश भी समाजजनों के बीच उत्साह का केंद्र रहा।</p>
<p><strong>आर्यिका माताजी ने बताए संत परंपरा के महत्व</strong></p>
<p>समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि आचार्य श्री सन्मति सागर जी महाराज की परम शिष्या आर्यिका लक्ष्मी भूषण माताजी ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि &#8220;जिस नगरी में साधु-संतों का उद्भव होता है, वह नगरी स्वयं ही पावन-पवित्र हो जाती है। ऐसी ही नगरी आपकी सनावद नगरी है।&#8221;</p>
<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की परंपरा का गौरव</strong></p>
<p>आर्यिका माताजी ने कहा कि वर्तमान युग में भी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की महान परंपरा का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। अपने विशाल संत संघ के माध्यम से वे धर्म प्रभावना एवं आत्मकल्याण के पथ को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>मंडलेश्वर चातुर्मास के लिए विहाररत</strong></p>
<p>आर्यिका लक्ष्मी भूषण माताजी का नगर में मंगल प्रवेश प्रातः खंडवा मार्ग से हुआ। वे मंडलेश्वर में चातुर्मास हेतु विहाररत हैं। सनावद में संत भवन में उनकी निरंतराय आचार्य चर्या सम्पन्न हुई तथा सायंकाल उनका मंगल विहार बड़वाह की ओर हुआ।</p>
<p><strong>समाज की रही श्रद्धापूर्ण सहभागिता</strong></p>
<p>कार्यक्रम में सकल दिगंबर जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने आचार्य श्री के आचार्य पद आरोहण दिवस पर धर्मलाभ प्राप्त करते हुए आर्यिका माताजी के दर्शन एवं मंगल प्रवचन का लाभ लिया।</p>
<p><strong>धर्म और संयम का संदेश</strong></p>
<p>धार्मिक आयोजन के माध्यम से समाज में संयम, साधना, गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा तथा आत्मकल्याण की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।</p>
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		<title>जैन मुक्ति धाम सनावद में दाह संस्कार शेड का जीर्णोद्धार पूर्ण : पुण्यराजक परिवार ने धर्मार्थ दान से कराया सेवा कार्य </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 12:11:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सनावद के जैन मुक्ति धाम में जीर्ण-शीर्ण दाह संस्कार शेड का जीर्णोद्धार एवं नवीन रंग-रोगन कार्य पूर्ण हो गया। यह सेवा कार्य पुण्यराजक परिवार ने अपने स्वजनों की पावन स्मृति में धर्मार्थ दान स्वरूप कराया। पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट। सनावद। नगर के जैन मुक्ति धाम में वर्षों से जर्जर हो [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>सनावद के जैन मुक्ति धाम में जीर्ण-शीर्ण दाह संस्कार शेड का जीर्णोद्धार एवं नवीन रंग-रोगन कार्य पूर्ण हो गया। यह सेवा कार्य पुण्यराजक परिवार ने अपने स्वजनों की पावन स्मृति में धर्मार्थ दान स्वरूप कराया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद</strong>। नगर के जैन मुक्ति धाम में वर्षों से जर्जर हो चुके दाह संस्कार टीन शेड का जीर्णोद्धार एवं नवीन रंग-रोगन का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इस कार्य से मुक्ति धाम की सुविधाओं में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।</p>
<p><strong>पावन स्मृति में कराया सेवा कार्य</strong></p>
<p>समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि यह पुण्य कार्य स्वर्गीय श्रीमती नाजुक बाई, स्वर्गीय सेठ श्री सोनचरण जी सा. एवं स्वर्गीय सेठ श्री सुरेशचंद जी सा. की पावन स्मृति में पुण्यराजक परिवार द्वारा धर्मार्थ दान स्वरूप कराया गया।</p>
<p><strong>परिवार ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी</strong></p>
<p>दानदाता राजा जैन, ऋषभ जैन, सौरभ जैन, सुकेश जैन, राहुल जैन एवं अम्बरीश जैन ने बताया कि अपने स्वजनों की स्मृतियों को चिरस्थायी एवं समाजोपयोगी बनाने की भावना से यह सेवा कार्य कराया गया है।</p>
<p><strong>समाज ने किया आभार व्यक्त</strong></p>
<p>सकल दिगम्बर जैन समाज सनावद ने इस पुण्य कार्य की मुक्तकंठ से अनुमोदना करते हुए पुण्यराजक परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के धर्मार्थ कार्य समाज में सेवा, सहयोग और संस्कार की प्रेरणा देते हैं।</p>
<p><strong>सेवा का प्रेरक उदाहरण</strong></p>
<p>जैन समाज ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के जनहितकारी कार्य अन्य परिवारों को भी समाजोपयोगी सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करेंगे तथा सामाजिक सहभागिता की भावना को और मजबूत करेंगे।</p>
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		<title>साधना का नाम ही सच्ची भक्ति है : आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी के सान्निध्य में मुनिसुव्रतनाथ विधान संपन्न </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 14:56:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सनावद के नवकार नगर जैन मंदिर में आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी के सान्निध्य में मुनिसुव्रतनाथ मंडल विधान का आयोजन हुआ। विधान में चांदी के आठ प्रातिहार्य एवं आठ मंगल द्रव्यों की स्थापना की गई। माताजी ने कहा कि सच्ची भक्ति साधना और आत्मशुद्धि का मार्ग है। पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट। सनावद/खंडवा। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>सनावद के नवकार नगर जैन मंदिर में आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी के सान्निध्य में मुनिसुव्रतनाथ मंडल विधान का आयोजन हुआ। विधान में चांदी के आठ प्रातिहार्य एवं आठ मंगल द्रव्यों की स्थापना की गई। माताजी ने कहा कि सच्ची भक्ति साधना और आत्मशुद्धि का मार्ग है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद/खंडवा।</strong> जैन धर्म में भगवान की भक्ति का अर्थ किसी चमत्कार की अपेक्षा करना नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर छिपी पूर्ण शुद्ध आत्मा को जागृत करने का पुरुषार्थ करना है। यह संदेश विद्याभूषण आचार्य सन्मति सागर जी की सुशिष्या आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी ने नवकार नगर स्थित जैन मंदिर में मुनिसुव्रतनाथ मंडल विधान के अवसर पर दिया।</p>
<p><strong>भक्ति का स्वरूप साधना है</strong></p>
<p>आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी ने कहा कि भक्ति केवल मंदिर जाने, माला जपने या ऊंचे स्वर में पूजा करने तक सीमित नहीं है। भगवान के गुणों का स्मरण कर अपने मन, विचार और चरित्र को पवित्र बनाने का प्रयास ही वास्तविक भक्ति है। साधना के माध्यम से ही आत्मा को मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर किया जा सकता है।</p>
<p><strong>मुनिसुव्रतनाथ विधान का आयोजन</strong></p>
<p>जैन समाज प्रवक्ता प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि पूज्य माताजी विगत एक सप्ताह से नवकार नगर संत निवास में विराजमान होकर धर्म प्रभावना कर रही हैं। रविवार को उनके सान्निध्य में मुनिसुव्रतनाथ मंडल विधान का भव्य आयोजन किया गया।</p>
<p>इस अवसर पर सौधर्म इंद्र-इंद्राणी बनने का सौभाग्य रेखा जी एवं महेश जी जैन को प्राप्त हुआ। मंडल की चारों दिशाओं में मंगल कलश की स्थापना रश्मि जैन, अरुणा पाटनी, कनक पाटनी एवं अंजली छाबड़ा द्वारा की गई। रुचि दिलीप जैन ने जिनवाणी विराजमान की तथा माधुरी अक्षय जैन ने अखंड ज्योत की स्थापना की।</p>
<p><strong>चांदी के प्रातिहार्य और मंगल द्रव्यों की स्थापना</strong></p>
<p>अविनाश जैन ने बताया कि माताजी एवं संघस्थ ब्रह्मचारिणी रिम्पी दीदी तथा उषा दीदी की प्रेरणा से मूलनायक श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान की वेदी पर साधर्मी भक्तों के सहयोग से चांदी के आठ प्रातिहार्य एवं आठ मंगल द्रव्यों की स्थापना की गई।</p>
<p>इसके साथ ही भक्तों ने रजत भामंडल के लिए भी अपनी श्रद्धा अनुसार सहयोग प्रदान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।</p>
<p><strong>धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सहभागिता</strong></p>
<p>संगीतमय विधान में 108 अर्घ्य समर्पित किए गए। माताजी के मुखारविंद से वाचित शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रकाशचंद जैन, पवन पाटनी, अतुल जैन एवं कुश-कुंजन जैन को प्राप्त हुआ। आहारदान का पुण्यार्जन पवन प्रतीक गदिया परिवार ने किया।</p>
<p><strong>समाजजनों की उपस्थिति</strong></p>
<p>कार्यक्रम में विजय सेठी, अविनाश जैन, अतुल जैन, विलास साखरे, पंकज छाबड़ा, अजय पाटनी, राजेंद्र छाबड़ा, सुभाष सेठी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>धर्म संदेश</strong></p>
<p>आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी ने संदेश दिया कि भगवान की भक्ति आत्मा के विकास और शुद्धि का माध्यम है। साधना, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलकर ही जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।</p>
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		<title>नगर के एकांश जैन को अमेरिकी पेटेंट की स्वीकृति : वाई-फाई तकनीक में नवाचार से बढ़ेगी स्मार्ट सेवाओं की सटीकता </title>
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		<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:27:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सनावद के युवा प्रतिभावान एकांश जैन को वाई-फाई सिग्नलों की त्रुटियां दूर करने संबंधी शोध पर अमेरिकी पेटेंट की स्वीकृति मिली है। यह तकनीक स्मार्ट होम, स्वास्थ्य निगरानी और सुरक्षा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी। पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट। सनावद। नगर के प्रतिभाशाली युवा एकांश जैन ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>सनावद के युवा प्रतिभावान एकांश जैन को वाई-फाई सिग्नलों की त्रुटियां दूर करने संबंधी शोध पर अमेरिकी पेटेंट की स्वीकृति मिली है। यह तकनीक स्मार्ट होम, स्वास्थ्य निगरानी और सुरक्षा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> नगर के प्रतिभाशाली युवा एकांश जैन ने वायरलेस तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अपने शोध पर अमेरिकी पेटेंट प्राप्त किया है। उनकी इस सफलता से नगर सहित जैन समाज में हर्ष का वातावरण है।</p>
<p><strong>अमेरिकी पेटेंट को मिली स्वीकृति</strong></p>
<p>एकांश जैन द्वारा पूर्व में &#8220;Aliasing Removal for Wireless Channel Captures&#8221; विषय पर पेटेंट आवेदन किया गया था, जिसे 30 जून 2026 को U.S. Patent No. 12,671,610 के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई।</p>
<p><strong>क्या है इस तकनीक की विशेषता</strong></p>
<p>यह तकनीक वाई-फाई सिग्नलों में आने वाली त्रुटियों को दूर कर उन्हें अधिक सटीक बनाती है। इससे सामान्य वाई-फाई डिवाइस बिना अतिरिक्त महंगे हार्डवेयर के आसपास की गतिविधियों और वातावरण में होने वाले परिवर्तनों को बेहतर तरीके से पहचान सकेंगे। इसे धुंधली तस्वीर को स्पष्ट करने जैसी तकनीक बताया जा रहा है।</p>
<p><strong>स्मार्ट सेवाओं को मिलेगा लाभ</strong></p>
<p>इस नवाचार का उपयोग स्मार्ट होम, लोगों की उपस्थिति का पता लगाने, स्वास्थ्य निगरानी, सुरक्षा प्रणाली तथा कम लागत वाली स्मार्ट सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में किया जा सकेगा। यह तकनीक भविष्य की वायरलेस तकनीकों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।</p>
<p><strong>परिवार भी अनुसंधान से जुड़ा</strong></p>
<p>एकांश जैन के छोटे भाई रिश्विक जैन भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए सौंदर्य प्रसाधन एवं ध्यान के माध्यम से स्वास्थ्य और मानसिक शांति से जुड़े विषयों पर शोध कर रहे हैं। उनकी जीवनसंगिनी दीपांशी, जो एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं, अनुसंधान कार्यों में निरंतर सहयोग प्रदान कर रही हैं।</p>
<p><strong>समाज ने दी शुभकामनाएं</strong></p>
<p>एकांश जैन के पिता राजेश, जो भारतीय रेलवे में परिवहन निरीक्षक के पद पर सनावद में पदस्थ हैं, ने पुत्र की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर नगर एवं जैन समाज के अनेक लोगों ने एकांश जैन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</p>
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		<title>भारत वर्षीय दिगंबर जैन युवा महासभा, जिला खरगोन की नई कार्यकारिणी घोषित : युवाओं को संगठन से जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:21:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारत वर्षीय दिगंबर जैन युवा महासभा के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष विकेश मेहता ने खरगोन जिले की नई कार्यकारिणी की घोषणा की। विभिन्न पदों पर युवा एवं वरिष्ठ समाजजनों को जिम्मेदारी सौंपी गई। पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट। सनावद। भारत वर्षीय दिगंबर जैन युवा महासभा के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष श्री विकेश मेहता द्वारा खरगोन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भारत वर्षीय दिगंबर जैन युवा महासभा के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष विकेश मेहता ने खरगोन जिले की नई कार्यकारिणी की घोषणा की। विभिन्न पदों पर युवा एवं वरिष्ठ समाजजनों को जिम्मेदारी सौंपी गई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सन्मति जैन काका की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> भारत वर्षीय दिगंबर जैन युवा महासभा के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष श्री विकेश मेहता द्वारा खरगोन जिले की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गई। प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों की उपस्थिति में घोषित कार्यकारिणी से संगठन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई गई।</p>
<p><strong>नई कार्यकारिणी का गठन</strong></p>
<p>महासभा के प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि जिला अध्यक्ष पद पर पारस कासलीवाल (भीकनगांव) तथा जिला महामंत्री पद पर आशीष जैन लोनारा को मनोनीत किया गया। इसके साथ ही संरक्षक अशोक जैन झांझरी, मनीष जैन पांड्या, पंकज जैन जटाले, देवेंद्र जैन, कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद जैन, उपाध्यक्ष अविनाश जैन एवं कमलेश जैन मंडलोई को दायित्व सौंपा गया।</p>
<p><strong>कई पदों पर हुई नियुक्तियां</strong></p>
<p>कार्यकारिणी में मीडिया प्रवक्ता सन्मति जैन काका (सनावद), संगठन मंत्री सचिन जैन, परिमल जैन, जवाहर जैन, सौरभ जैन, सह मंत्री निलेश जैन, राहुल जैन, कपिल जैन एवं निलेश जैन को मनोनीत किया गया। वहीं राष्ट्रीय प्रतिनिधि अतुल जैन तथा प्रदेश प्रतिनिधि प्रवीण जैन बनाए गए।</p>
<p><strong>युवाओं को मिलेगा नेतृत्व का अवसर</strong></p>
<p>संगठन मंत्री सचिन जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश के अनेक शहरों एवं जिलों में कार्यकारिणियों का गठन किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी देकर उन्हें जैन समाज की एकता, साधु-संतों की सेवा तथा सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।</p>
<p><strong>देशभर में चल रहा संगठन विस्तार अभियान</strong></p>
<p>महासभा के अनुसार पूरे देश के लगभग 600 जिलों एवं जैन बाहुल्य कस्बों में नई कार्यकारिणियों का गठन किया जा रहा है, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया जा सके।</p>
<p><strong>समाजजनों ने दी शुभकामनाएं</strong></p>
<p>नई कार्यकारिणी के गठन पर समाज अध्यक्ष मनोज जैन, सुधीर चौधरी, कुसुम कुमार काका, सोनू जैन, मुकेश जैन, लोकेंद्र जैन, आशीष चौधरी, सुरेश चंद पांड्या, राजेश जैन, सुनील जैन, कैलाश चंद जटाले, जिला महिला अध्यक्ष उर्मिला जैन, नपा उपाध्यक्ष नैना मनीष चौधरी, आचार्य वर्धमान सागर युवा संघ, बहु मंडल, महासमिति, महिला मंडलों सहित बेड़ियां, खरगोन, लोनारा, बालसमुद, भीकनगांव, कसरावद, महेश्वर, बबलाई, मंडलेश्वर, धरगांव, खामखेड़ा और पीपलगांव के समाजजनों ने नवगठित कार्यकारिणी को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।</p>
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		<item>
		<title>श्रुत पंचमी पर निकली माँ जिनवाणी की भव्य पालकी यात्रा, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हुआ सनावद : पोदनपुरम में रजतमय जिनवाणी का हुआ पंचामृत अभिषेक </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:07:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सनावद में दिगंबर जैन समाज ने श्रुत पंचमी महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया। माँ जिनवाणी की भव्य पालकी यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, वहीं विभिन्न जिनालयों में विधान, पूजन एवं आराधना के कार्यक्रम आयोजित हुए। पढ़िए सन्मति जैन ‘काका’ की यह रिपोर्ट सनावद। दिगंबर जैन समाज द्वारा ज्ञान, स्वाध्याय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>सनावद में दिगंबर जैन समाज ने श्रुत पंचमी महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया। माँ जिनवाणी की भव्य पालकी यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, वहीं विभिन्न जिनालयों में विधान, पूजन एवं आराधना के कार्यक्रम आयोजित हुए। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सन्मति जैन ‘काका’ की यह रिपोर्ट</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> दिगंबर जैन समाज द्वारा ज्ञान, स्वाध्याय और शास्त्र आराधना के महापर्व श्रुत पंचमी को बड़े भक्तिभाव एवं उत्साह के साथ मनाया गया। नगर के विभिन्न जैन मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए तथा माँ जिनवाणी की भव्य पालकी यात्रा आकर्षण का केंद्र रही।</p>
<p><strong>श्रुत परंपरा का स्मरण</strong></p>
<p>मीडिया प्रभारी सन्मति जैन &#8216;काका&#8217; ने बताया कि जैन परंपरा के अनुसार भगवान महावीर के उपदेशों को उनके गणधरों ने श्रवण कर सुरक्षित रखा। बाद में गुजरात के गिरनार पर्वत स्थित चंद्रगुफा में आचार्य धरसेन से प्राप्त सैद्धांतिक देशना के आधार पर आचार्य पुष्पदंत एवं आचार्य भूतबलि ने ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी के दिन षट्खण्डागम ग्रंथ की रचना की। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में श्रुत पंचमी पर्व मनाया जाता है।</p>
<p><strong>माँ जिनवाणी की निकली भव्य पालकी यात्रा</strong></p>
<p>अचित्य जैन ने बताया कि श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से माँ जिनवाणी को आकर्षक पालकी में विराजमान कर नगर के प्रमुख मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए और जिनवाणी माता के जयघोषों से वातावरण धर्ममय बना दिया। नगर भ्रमण के बाद यात्रा पुनः मंदिर पहुंची, जहां सामूहिक जिनवाणी पूजन सम्पन्न हुआ।</p>
<p><strong>विभिन्न मंदिरों में हुए धार्मिक आयोजन</strong></p>
<p>श्रुत पंचमी महोत्सव के अंतर्गत श्री सुपार्श्वनाथ मंदिर में श्रुत स्कंध मंडल विधान आयोजित किया गया। वहीं पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में शांतिनाथ विधान का आयोजन हुआ। इसके अलावा श्री मंदर जिनालय एवं महावीर जिनालय में भी श्रद्धा और भक्ति के साथ श्रुत पंचमी पर्व मनाया गया।</p>
<p><strong>शाम को हुई आरती</strong></p>
<p>दिनभर चले धार्मिक कार्यक्रमों के बाद सायंकाल श्रीजी एवं माँ जिनवाणी की आरती की गई। श्रद्धालुओं ने जिनवाणी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए नियमित स्वाध्याय एवं धर्म अध्ययन का संकल्प लिया।</p>
<p><strong>पोदनपुरम में रजतमय जिनवाणी का अभिषेक</strong></p>
<p>नगर से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित पोदनपुरम क्षेत्र में भी श्रुत पंचमी पर्व विशेष श्रद्धा के साथ मनाया गया। यहां परम पूज्य विदुषी आर्यिका प्रशांतमति माताजी द्वारा संकलित तथा आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज द्वारा प्रतिष्ठित विश्व की अनूठी रजतमय माँ जिनवाणी का पंचामृत अभिषेक एवं पूजन सम्पन्न हुआ।</p>
<p>इस पुण्य कार्य का सौभाग्य वारिस जैन एवं संदीप जैन को प्राप्त हुआ। अभिषेक एवं पूजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और जिनवाणी माता की आराधना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।</p>
<p><strong>समाजजनों की रही उल्लेखनीय सहभागिता</strong></p>
<p>इस अवसर पर महेंद्र मुशी, सुनील पावणा, मनोज जैन, विशाल सराफ, सरल जटाले, अभिजीत जैन, राजू जैन, हर्षित जैन, सुनील मास्टर साहब, कांतिलाल जैन, पुष्पेंद्र जैन, संजय जैन, सुधीर जैन, प्रीति जटाले, राजश्री जैन, पुष्पा जैन, गरिमा जैन, अंशिता जैन, विनीता बाकलीवाल, रेखा जैन, संगीता बाकलीवाल, नीलू जैन, मधु भूच, हीरामणी भूच, साधना जैन, सरोज जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।</p>
<p>श्रुत पंचमी महापर्व के माध्यम से समाज ने जिनवाणी के अध्ययन, संरक्षण और ज्ञान आराधना का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।</p>
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		<title>सनावद सहित विश्व में गूंजेगा महामंत्र नवकार : विश्व नवकार दिवस पर में 9 अप्रैल को होगा आयोजन </title>
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		<pubDate>Mon, 06 Apr 2026 12:14:57 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[विश्व नवकार महामंत्र दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
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					<description><![CDATA[विश्व नवकार महामंत्र दिवस के उपलक्ष में जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो)के आह्वान पर 9 अप्रैल को एक वैश्विक कार्यक्रम किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करना है। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर&#8230; सनावद। विश्व नवकार महामंत्र दिवस के उपलक्ष में जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>विश्व नवकार महामंत्र दिवस के उपलक्ष में जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो)के आह्वान पर 9 अप्रैल को एक वैश्विक कार्यक्रम किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करना है। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>सनावद।</strong> विश्व नवकार महामंत्र दिवस के उपलक्ष में जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो)के आह्वान पर 9 अप्रैल को एक वैश्विक कार्यक्रम किया जा रहा है। इस</p>
<p>कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करना है। जिसमें भारत सहित विश्व</p>
<p>के 108 देश के 6 हजार से अधिक स्थानों पर एक साथ निर्धारित समय में एक स्वर में नमस्कार महामंत्र का सामूहिक जाप किया जाएगा। सकल जैन समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम मे सकल जैन समाज के साथ अनेक धर्मावलंबीजन भी अपनी सहभागिता दर्ज करवाएंगे। स्थानीय स्तर पर सकल जैन समाज के तत्वाधान में श्री दिगंबर जैन पोरवाड़ धर्मशाला सनावद में गुरुवार को प्रातः 8:30 से 9:45 तक नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप का कार्यक्रम होगा। सभी समाजजन से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर विश्व शांति और प्राणी मात्र के कल्याण हेतु नवकार महामंत्र जाप के इस पवित्र आयोजन में सहभागिता करने हेतु सकल जैन समाज ने आह्वान किया गया है।</p>
<p><strong>नवकार महामंत्र का वैज्ञानिक आध्यात्मिक महत्व </strong></p>
<p>सामूहिक जाप केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम बनेगा बल्कि विश्व शांति और प्राणी मात्र के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा जो अनुमोदनीय होकर सभी के लिए अनुकरणीय होगा।नवकार महामंत्र केवल जैन धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का महामंत्र है। यहां प्रेम, शांति और अहिंसा का संदेश देता है, जिसे आज के युग में सभी को अपनाने की आवश्यकता है। नवकार महामंत्र का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व है, यह मंत्र सकारात्मक ऊर्जा, शांति और विश्व कल्याण का प्रतीक है। विश्व स्तर पर आयोजित नवकार महामंत्र के इस कार्यक्रम में सकल जैन समाज के प्रमुखों ने अन्य समाज के धर्मावलंबियों से जुड़ने का आग्रह किया है।</p>
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		<title>मुनि श्री आदित्य सागर जी ससंघ का हुआ मंगल प्रवेश : खंडवा में मुनि श्री के सानिध्य में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव में होगा </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 13:48:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज 4 पिच्छी ससंघ का मंगल प्रवेश आज शुक्रवार चार अप्रैल को प्रातः 8 बजे बड़वाह से सनावद नगर में हुआ। सनावद से पढ़िए, यह खबर&#8230; सनावद। पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज 4 पिच्छी ससंघ का मंगल प्रवेश आज शुक्रवार चार अप्रैल को प्रातः 8 बजे बड़वाह से सनावद नगर में हुआ। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज 4 पिच्छी ससंघ का मंगल प्रवेश आज शनिवार 4 अप्रैल को प्रातः 8 बजे बड़वाह से सनावद नगर में हुआ। सन्मति काका ने बताया कि सभी समाजजन ट्रेंगल चौराहे पर पहुंच कर मुनि संघ की मंगल आगवानी करने पहुंचे। मुनि श्री निरन्तर इंदौर से मंगल पद विहार कर खंडवा में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव में अपना सानिध्य प्रदान करने के लिए विहाररत हैं। आप की मंगल देशना एवंआहार चर्या भी नगर सनावद में ही संपन्न हुई।</p>
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