<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Sakal Digamber Jain Samaj &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/sakal-digamber-jain-samaj/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Tue, 31 Dec 2024 10:38:30 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Sakal Digamber Jain Samaj &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>भरत मोदी, सेवा की सुवास से महकता व्यक्तित्व : डॉ. जैनेन्द्र जैन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/shri_bharat_kusum_modi_will_be_civic_reception_on_1st_january/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/shri_bharat_kusum_modi_will_be_civic_reception_on_1st_january/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Dec 2024 10:38:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[gunaytan pariwar]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[nagrik abhinandan]]></category>
		<category><![CDATA[New Year श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Sakal Digamber Jain Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[shri bharat kusum modi]]></category>
		<category><![CDATA[shri prman sagar ji maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[गुणायतन परिवार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[नववर्ष]]></category>
		<category><![CDATA[नागरिक अभिनंदन]]></category>
		<category><![CDATA[श्री प्रमाण सागरजी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्री भरत कुसुम मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[सकल दिगंबर जैन समाज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=71757</guid>

					<description><![CDATA[श्रमण संस्कृति के महामुनि श्री प्रमाण सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में गुणायतन परिवार और सकल दिगंबर जैन समाज इंदौर द्वारा श्री भरत कुसुम मोदी का 1 जनवरी 2025 बुधवार को नागरिक अभिनंदन किया जा रहा है। यह हम सबके लिए गौरव और गर्व की बात है। पढ़िए डॉ. जैनेंद्र जैन, राजेश जैन दद्दू की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्रमण संस्कृति के महामुनि श्री प्रमाण सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में गुणायतन परिवार और सकल दिगंबर जैन समाज इंदौर द्वारा श्री भरत कुसुम मोदी का 1 जनवरी 2025 बुधवार को नागरिक अभिनंदन किया जा रहा है। यह हम सबके लिए गौरव और गर्व की बात है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए डॉ. जैनेंद्र जैन, राजेश जैन दद्दू की एक रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> सत्कार्य की सराहना और सत्पुरुष का वंदन, नमन एवं अभिनंदन भारतीय संस्कृति की परंपरा रही है। राष्ट्र, समाज, धर्म, संस्कृति एवं व्यक्ति पर उपकार करने वाले व्यक्तियों के यशोगान और अभिनंदन की कृतज्ञ परंपरा भारतीय शिष्ट समाज में चिरकाल से गुणग्रहिता एवं कृतज्ञता का जय घोष करती आई है। मोदी जी का सम्मान कृतज्ञता, श्रद्धा व सद्भावना का समारोह है, बधाई!</p>
<p><strong>समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की चिकित्सा एवं शिक्षा में सहायता की</strong></p>
<p>हम सबके लिए आज नववर्ष का प्रथम दिन सौभाग्य का दिन है क्योंकि आज श्रावक शिरोमणी सर सेठ हुकुमचंद जी एवं लोक माता अहिल्या की धर्म नगरी इंदौर में धर्म, समाज, संस्कृति, तीर्थ एवं मंदिरों के उन्नयन के साथ समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की चिकित्सा एवं शिक्षा सहायता के रूप में अर्थ सहयोग प्रदान करने वाले उदार हृदय, दानवीर उद्योगपति और समाजसेवी एवं सेवा की सुवास से महकते श्री भरत कुसुम मोदी का उनके द्वारा धर्म, समाज एवं संस्कृति हित में किए गए सत कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए श्रमण संस्कृति के महामुनिश्री प्रमाण सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में गुणायतन परिवार और सकल दिगंबर जैन समाज इंदौर द्वारा 1 जनवरी 2025 बुधवार को नागरिक अभिनंदन किया जा रहा है। यह हम सबके लिए गौरव और गर्व की बात है।</p>
<p>यह अभिनंदन मोदी जी का नहीं बल्कि उस व्यक्तित्व का है जिसकी सोच में अर्जन के साथ विसर्जन का भाव है और जो समाज की खुशहाली और धर्म, समाज, संस्कृति एवं मानव सेवा के प्रति समर्पित रहते हुए जीवन के एवरेस्ट पर चढ़ते हुए अपनी कीर्ति ध्वजा फहरा रहे हैं। इस अवसर पर हम श्री भरत-कुसुम मोदी जी के सुदीर्घ जीवन की मंगल कामना करते हुए भावना भातें हैं कि आप हमेशा स्वस्थ, व्यस्त, मस्त एवं समाज सेवा में सक्रिय रहें, खुश रहें, खुशहाल रहें।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/shri_bharat_kusum_modi_will_be_civic_reception_on_1st_january/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उपाध्याय श्री विरंजन सागर महाराज के प्रवचन :  प्रभु भक्ति और उनके उपदेशों पर अमल करना होगा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/pravachan_upadhyay_shri_viranjan_sagar_maharaj_shreephal/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/pravachan_upadhyay_shri_viranjan_sagar_maharaj_shreephal/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Jul 2023 07:40:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas Samiti]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mangal Pravesh]]></category>
		<category><![CDATA[Sakal Digamber Jain Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shahgarh]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Viranjansagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास समिति]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मंगल प्रवेश]]></category>
		<category><![CDATA[शाहगढ़ विरंजनसागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सकल दिगंबर जैन समाज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=49675</guid>

					<description><![CDATA[प्रभु की भक्ति में मन लग गया और लीन हो गए तो जो चाहे मिल जाएगा। भगवान आपसे प्रसन्न होंगे। ऐसा भ्रम मत पालकर रखना। भगवान केवल उसे मानने से नहीं बल्कि उनके उपदेश अर्थात आज्ञा मानने से प्रसन्न होते हैं। यह प्रवचन शाहगढ़ बड़ा जैन मंदिर में उपाध्याय मुनिश्री विरंजन सागर महाराज ने दिए। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> प्रभु की भक्ति में मन लग गया और लीन हो गए तो जो चाहे मिल जाएगा। भगवान आपसे प्रसन्न होंगे। ऐसा भ्रम मत पालकर रखना। भगवान केवल उसे मानने से नहीं बल्कि उनके उपदेश अर्थात आज्ञा मानने से प्रसन्न होते हैं। यह प्रवचन शाहगढ़ बड़ा जैन मंदिर में उपाध्याय मुनिश्री विरंजन सागर महाराज ने दिए। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए मनीष सागर विद्यार्थी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>शाहगढ़।</strong> प्रभु की भक्ति में मन लग गया और लीन हो गए तो जो चाहे मिल जाएगा। भगवान आपसे प्रसन्न होंगे। ऐसा भ्रम मत पालकर रखना। भगवान केवल उसे मानने से नहीं बल्कि उनके उपदेश अर्थात आज्ञा मानने से प्रसन्न होते हैं। यह प्रवचन शाहगढ़ बड़ा जैन मंदिर में उपाध्याय मुनिश्री विरंजन सागर महाराज ने दिए। उन्होंने कहा कि भगवान तो वीतरागी हैं, उन्हें किसी से भी राग और दोष नहीं होता। आप उन्हें कुछ दे, मंदिर बनवाएं, पूजा करें, इससे उन्हें कोई अंतर नहीं पड़ता लेकिन उन्होंने जो उपदेश दिया, उनका जीवन जो स्वयं उपदेश बन जाता है। वही आज्ञा माने, आदेश जाने, उसी का पालन करें।</p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि पूजा, भक्ति तो वर्तमान में कर्मों को क्षय करने में सहायक होती है, आज का संसारी प्राणी दुख के समय हे भगवान हे राम कहता है। यदि सुख के समय भगवान को याद करें, दुख का होते हुए भी आभास नहीं हो पाता। उपाध्याय श्री ने कहा कि ज्ञान और चरित्र की चिंतन सम्यक दर्शन से आता है। मनुष्य और श्रमण में रत्नात्रय एक साथ या क्रमशः आ सकता है।</p>
<p>क्रम से या एक साथ भी आ सकता है। शब्द याद रहे या ना रहें पर प्रवचन में उसका सार -भाव जरूर याद बना रहता है। हमें संसारी कर्मों की वजह धर्म ध्यान को भी समय अनिवार्य रूप से देना चाहिए। केवल उपदेश पर या दर्शन पर आधारित नहीं, बल्कि वीतरागता का दर्शन और एकाग्र भावों से सुना उपदेश का आत्मिक रूप से अंगीकार करने से श्रावक भी श्रवण के बराबर अंक प्राप्त कर लेता है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/pravachan_upadhyay_shri_viranjan_sagar_maharaj_shreephal/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उपाध्याय श्री विरंजन सागर महाराज ने चातुर्मास समिति की बैठक ली :  अष्ट द्रव्य से पूजन व श्रीफल अर्पित कर लोगों ने आशीर्वाद लिया </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/upadhyay_shri_viranjan_sagar_maharaj_took_the_meeting_of_chaturmas_committee/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/upadhyay_shri_viranjan_sagar_maharaj_took_the_meeting_of_chaturmas_committee/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Jul 2023 07:35:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas Samiti]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mangal Pravesh]]></category>
		<category><![CDATA[Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Sakal Digamber Jain Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Viranjansagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास समिति]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मंगल प्रवेश]]></category>
		<category><![CDATA[विरंजनसागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सकल दिगंबर जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[सागर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=49669</guid>

					<description><![CDATA[उपाध्याय श्री विरंजन सागर महाराज ने सकल दिगंबर जैन समाज और चातुर्मास समिति की बैठक ली और आगामी दिनों में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों पर चर्चा की। दोपहर में उपाध्याय श्री की धर्मसभा के पहले पूर्व विधायक सुनील जैन और आचरण संपादक निधि जैन ने अष्ठ दृव्य से पूजन कर श्रीफल अर्पित कर उनका आशीर्वाद [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>उपाध्याय श्री विरंजन सागर महाराज ने सकल दिगंबर जैन समाज और चातुर्मास समिति की बैठक ली और आगामी दिनों में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों पर चर्चा की। दोपहर में उपाध्याय श्री की धर्मसभा के पहले पूर्व विधायक सुनील जैन और आचरण संपादक निधि जैन ने अष्ठ दृव्य से पूजन कर श्रीफल अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए मनीष सागर विद्यार्थी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागर।</strong> उपाध्याय श्री विरंजन सागर महाराज ने सकल दिगंबर जैन समाज और चातुर्मास समिति की बैठक ली और आगामी दिनों में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों पर चर्चा की। दोपहर में उपाध्याय श्री की धर्मसभा के पहले पूर्व विधायक सुनील जैन और आचरण संपादक निधि जैन ने अष्ठ दृव्य से पूजन कर श्रीफल अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया। शाहगढ़ में उपाध्याय मुनि श्री के सानिध्य में 13 अगस्त को होने जा रहा महिला सम्मेलन महिलाओं की प्रेरणा स्त्रोत संपादक निधि जैन के निर्देशन में और 10 सितंबर को पत्रकार संमेलन पूर्व विधायक सुनील जैन के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>चातुर्मास समिति द्वारा आगंतुक सभी भक्तों कोपगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। पूजन में अष्टमंगल द्रव चढ़ाने के लिए बाहर से आए सभी भक्तों, महिला मंडल, बालिका मंडल, नवयुवक मंडल को मिला। इसके बाद बंडा पहुंचकर निर्यातक मुनि श्री अभय सागर महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।</p>
<p>मनीष सागर विद्यार्थी ने बताया कि सागर संभाग में लगभग 25 स्थानों पर दिगंबर जैन मुनि -आर्यिका संघ चातुर्मास कर रहे है और चातुर्मास से धर्म प्रभावना होती रहती है। लोगों में 4 महीने तक धर्म का वातावरण बना रहता है क्योंकि इस समय अधिकतर लोगों का व्यापार कम रहता है और लोगों का झुकाव धार्मिक आयोजन के प्रति बढ़ जाता है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/upadhyay_shri_viranjan_sagar_maharaj_took_the_meeting_of_chaturmas_committee/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान: ग्रीष्मकालीन शिक्षण शिविर का हुआ समापन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/shraman_culture_sanskar_education_camp_ends/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/shraman_culture_sanskar_education_camp_ends/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 May 2023 15:54:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[agra]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[morena]]></category>
		<category><![CDATA[prize distribution श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Sakal Digamber Jain Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Sanganer]]></category>
		<category><![CDATA[Shraman Culture Sanskar Education Camp]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digamber Jain Shraman Culture Institute]]></category>
		<category><![CDATA[Summer Education Camp]]></category>
		<category><![CDATA[ग्रीष्मकालीन शिक्षण शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[पुरस्कार वितरण]]></category>
		<category><![CDATA[मुरैना]]></category>
		<category><![CDATA[श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान]]></category>
		<category><![CDATA[सकल दिगम्बर जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[सांगानेर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=45232</guid>

					<description><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वाधान में सकल दिगम्बर जैन समाज मुरैना के सहयोग से आठ दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर का आयोजन विद्वत नवनीत जैन &#8216;शास्त्री&#8217; एवं आशीष जैन शास्त्री&#8217; (शिविर क्षेत्रीय प्रभारी प्रभारी) के नेतृत्व में किया गया। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230; मुरैना। ग्रीष्मकालीन आठ दिवसीय श्रमण संस्कृति [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वाधान में सकल दिगम्बर जैन समाज मुरैना के सहयोग से आठ दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर का आयोजन विद्वत नवनीत जैन &#8216;शास्त्री&#8217; एवं आशीष जैन शास्त्री&#8217; (शिविर क्षेत्रीय प्रभारी प्रभारी) के नेतृत्व में किया गया। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> ग्रीष्मकालीन आठ दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर का पुरस्कार वितरण के साथ समापन हुआ। श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वाधान में सकल दिगम्बर जैन समाज मुरैना के सहयोग से आयोजक संस्थान के 26 वर्षों की गरिमामयी संपूर्ती के अवसर पर मुरैना शहर में श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मंदिर मुरैना में 21 मई से 28 मई तक आठ दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर का आयोजन विद्वत नवनीत जैन &#8216;शास्त्री&#8217; एवं आशीष जैन शास्त्री&#8217; (शिविर क्षेत्रीय प्रभारी प्रभारी) के नेतृत्व में किया गया। संस्कार शिक्षण शिविर में 400 से अधिक शिविरार्थियों को विभिन्न विषयों के माध्यम से सांगानेर से पधारे हुए विद्वानों के द्वारा धार्मिक शिक्षा एवं संस्कारों व नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाया गया। शिविरार्थियों ने बड़े मनोयोग एवं उत्साह पूर्वक भाग लेकर जीवन को व्यवस्थित करने का तरीका सीखा।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-45237" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-30-at-9.21.09-PM.jpeg" alt="" width="1084" height="608" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-30-at-9.21.09-PM.jpeg 1084w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-30-at-9.21.09-PM-300x168.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-30-at-9.21.09-PM-1024x574.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-30-at-9.21.09-PM-768x431.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-30-at-9.21.09-PM-990x555.jpeg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-30-at-9.21.09-PM-470x264.jpeg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-30-at-9.21.09-PM-640x360.jpeg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-30-at-9.21.09-PM-215x120.jpeg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-30-at-9.21.09-PM-414x232.jpeg 414w" sizes="(max-width: 1084px) 100vw, 1084px" /></p>
<p><strong>इनका रहा सहयोग</strong></p>
<p>शिविर की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्थानीय मुख्य संयोजक वीरेन्द्र जैन (बाबा) एवं सह संयोजक डाॅ. मनोज कुमार जैन ,अजय कुमार जैन (गौसपुर), शुभम जैन (चिंटू), अनिल जैन (गढ़ी), मुकेश जैन,(नंदपुरा), अनूप भण्डारी, अभिषेक जैन (सोना क्रोकरी) एवं श्री विद्यासागर सर्वोदय पाठशाला के शिक्षक व शिक्षिकाओं ने अहम भूमिका निभाई। समाज के सधर्मी बन्धुओं ने इस शिविर में सहयोग देकर कार्यक्रम को सफल बनाया। शिविर समापन के पूर्व 28 मई को सभी शिविरार्थियों की परीक्षाएं ली गईं। पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान किये गए।</p>
<p><strong>मंगलाचरण से हुई शुरुआत</strong></p>
<p>काव्या जैन, नित्या जैन के मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम का प्रारम्भ किया गया। मुख्य अतिथि देवेन्द्र जैन (सी ओ) पोरसा एवं नेन्सी जैन (एफ डी ओ) द्वारा चित्र अनावरण व दीप प्रज्वलन किया गया। शिविर में जिन शिविरार्थियों ने प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त किया, उन सभी शिविरार्थियों को मुख्य अतिथियों एवं पुरस्कार पुण्यार्जक परिवार दिनेश जैन वरैया (एडवोकेट), राजकुमार जैन (वरैया) के द्वारा पुरस्कार वितरित किये गए। राजेन्द्र भण्डारी ने शिविर की उपलब्धियों के बारे में प्रकाश डाला एवं धर्मेन्द्र जैन (एडवोकेट)ने शिविर वर्ष भर लगते रहे इस पर अपना वक्तव्य प्रकट किया। सांगानेर से पधारे विद्वान अभिषेक जैन &#8216;शास्त्री&#8217; के द्वारा सांगानेर संस्थान का परिचय दिया गया। नितिन जैन &#8216;शास्त्री&#8217; व आशीष जैन (मबई) के द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया। शिविर के मुख्य संयोजक वीरेन्द्र कुमार जैन (बाबा) के द्वारा सभी शिविरार्थियों, मुख्य अतिथियों एवं सकल जैन समाज का आभार व्यक्त किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/shraman_culture_sanskar_education_camp_ends/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा प्राण महामहोत्सव: गाजे-बाजे संग निकली चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा, राज्याभिषेक व दीक्षा विधि संस्कार जयकारों के साथ हुआ  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/jinendra_panchkalyanak_pratishtha_pran_mahotsav/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/jinendra_panchkalyanak_pratishtha_pran_mahotsav/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 May 2023 15:07:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Mandir]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Jinendra]]></category>
		<category><![CDATA[Jinendra Panchkalyank Maha Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Panchkalyank Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Sakal Digamber Jain Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[udaipur]]></category>
		<category><![CDATA[उदयपुर]]></category>
		<category><![CDATA[जिनेन्द्र पंचकल्याणक महा महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[वर्धमान सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सकल दिगंबर जैन समाज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=43407</guid>

					<description><![CDATA[सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से आयोजित श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक महा महोत्सव के अवसर पर बुधवार को चक्रवती की दिग्विजय यात्रा के वर्धमान सभागार पहुंचने पर वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में राज्याभिषेक व दीक्षाविधि संस्कार जयकारों के बीच किया गया। पढ़िए राजेश पंचोलिया की विस्तृत रिपोर्ट&#8230; उदयपुर। सकल दिगम्बर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से आयोजित श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक महा महोत्सव के अवसर पर बुधवार को चक्रवती की दिग्विजय यात्रा के वर्धमान सभागार पहुंचने पर वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में राज्याभिषेक व दीक्षाविधि संस्कार जयकारों के बीच किया गया। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजेश पंचोलिया की विस्तृत रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>उदयपुर।</strong> सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से आयोजित श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक महा महोत्सव के अवसर पर बुधवार को चक्रवती की दिग्विजय यात्रा के वर्धमान सभागार पहुंचने पर वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में राज्याभिषेक व दीक्षाविधि संस्कार जयकारों के बीच किया गया।</p>
<p>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा प्राण महामहोत्सव के तीसरे दिन चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। बैड की मधुर ध्वनियों के बीच निकली यात्रा के दौरान जैन समाज के लोगों ने नृत्य करते हुए खुशियां मनाई। यात्रा फतह स्कूल स्थित वर्धमान सभागार पहुंची। वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में जयकारों के बीच भगवान के माता-पिता ने संहितासूरि पंडित हंसमुख जैन धरियावद के मंत्रोच्चार के बीच तीर्थंकर बालक का राज्याभिषेक करवाया गया। बाद में वैराग्य दर्शन व तीर्थंकर महाराज का गृह त्याग का मंचन किया गया। आचायश्री के सानिध्य में दीक्षा विधि संस्कार, तपकल्याणक पूजा व हवन का आयोजन किया गया।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-43413" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0073.jpg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0073.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0073-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0073-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0073-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0073-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0073-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0073-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0073-990x743.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong>तीर्थंकर राजकुमार ने संयम की ओर कदम बढ़ाए</strong></p>
<p>श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा प्राण महामहोत्सव के तहत वर्धमान सभागार में आयोजित प्रवचन सभा में आचार्यश्री वर्धमान सागर जी ने कहा कि तीर्थंकर राजकुमार ने भोगों से विरक्त होकर संयम की ओर कदम बढ़ाए। दीक्षा धारण की। साधक बने और आत्म साधना में लीन होकर महामुनिराज ऋषभदेव ध्यान मग्न हुए छह माह की साधना की मुनियों की आहार चर्या बताने के लिए वह आहार पर उठे संसारी प्राणी की तरह श्री ऋषभदेव महामुनिराज को भी कर्म बंघ था। अंतराय कर्म के उदय से 6 माह तक आहार नहीं हुआ क्योंकि श्रावक आहार विधि नहीं जानते थे। विहार करते हुए जब ऋषभदेव महामुनिराज हस्तिनापुर गए तब राजा श्रेयांश को पूर्व भव का जाति स्मरण हुआ और पिछली आहार चर्या नवधा भक्ति याद आई तब उन्होंने ऋषभदेव महामुनि राज को नवधा भक्ति से आहार दिया।</p>
<p><strong>आचार्य श्री शांतिसागर ने जिनवाणी का संरक्षण कराया </strong></p>
<p>आचार्य श्री ने प्रवचन में आगे बताया कि ऋषभदेव महामुनिराज जन्म से मति ज्ञान श्रुतज्ञान, तथा अवधिज्ञान के धारी होते हैं। तथा जब मुनिराज बनते हैं तब उन्हें मंनपर्यय ज्ञान भी हो जाता है। नीलांजना की मृत्यु को देखकर राजा ऋषभदेव को वैराग्य हुआ दीक्षा के बाद अंतरंग एवं बहिरंग तप के द्वारा ध्यान करते हुए कर्मों की निर्जरा कर केवल ज्ञान प्राप्त करेंगे। 20 वी सदी में उसी मार्ग का अनुसरण कर निर्वाह आगम अनुसार निर्दोष चर्या का पालन कर प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी ने सन 1920 में मुनि दीक्षा ली। सन 1924 में आचार्य बने । वर्ष 2024 को आचार्य पद का शताब्दी वर्ष अखिल भारतीय स्तर पर महासभा आयोजन कर रही हैं अनुकरणीय प्रयास के लिए आशीर्वाद। आचार्य श्री ने बताया कि आचार्य श्री शांति सागर जी ने धर्म संस्कृति की रक्षा के लिए 1105 दिनो तक आहार में अन्न का त्याग किया। जिनवाणी का संरक्षण कराया। आचार्य श्री ने समाज को जागरूक एवम् संगठित होकर सभी को जनगणना,शिक्षा,तीर्थ रक्षा तथा आचार्य श्री के यश कीर्ति के गुणानुवाद करने की प्रेरणा दी</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-43412" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0075.jpg" alt="" width="1600" height="1200" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0075.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0075-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0075-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0075-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0075-1536x1152.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0075-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0075-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0075-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0075-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230503-WA0075-1320x990.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></p>
<p><strong>पंचकल्याणक पाषाण को भगवान बनाने की क्रिया</strong></p>
<p>आचार्य श्री के मंगल देशना के पूर्व संघस्थ शिष्या आर्यिका श्री महायशमति माताजी के प्रवचन हुए । प्रवचन में उदयपुर के पुण्य की सराहना कर बताया कि यह आयोजन केवल सर्व ऋतु विलास मंदिर का नहीं होकर संपूर्ण उदयपुर नगरी का है । उदयपुर नगरी न केवल झीलों की नगरी है वरन धर्म की नगरी है। पंचकल्याणक का महत्व बताते हुए माताजी ने बताया कि पंचकल्याणक पाषाण को भगवान बनाने की क्रिया है यह अनुष्ठान प्रेरणा देता है कि हमें धार्मिक क्रियाओं पालन करना चाहिए।</p>
<p>पंचकल्याणक आत्मा को परमात्मा बनाने , पतित को पावन बनाने, तीर्थंकर प्रभु की कथा सुनने और धर्म की महिमा बताने का माध्यम है। पंचकल्याणक में अभी तक आपने गर्भ कल्याणक और जन्म कल्याणक देखा है। आज दीक्षा तप कल्याणक होगा, कल केवल ज्ञान कल्याणक और अंतिम दिवस मोक्ष कल्याणक होगा पंचकल्याणक से आपको छोटे-छोटे नियम लेकर जीवन को धर्म पर मार्ग पर चलने के लिए प्रयास करना चाहिए इसके लिए छोटे बच्चों को संस्कारित करना बहुत जरूरी है।</p>
<p><strong>5 मई तक खुली रहेगी वात्सल्यमय जीवन दर्शन प्रदर्शनी</strong></p>
<p>वात्सल्यमय जीवन दर्शन प्रदर्शनी 5 मई तक आमजन के लिए भी सुबह 8 से रात्रि 9 बजे तक खुली रहेगी श्रीमद जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महा महोत्सव के तीसरे दिन बुधवार को विभिन्न कार्यक्रम हुए। जन्मकल्याणक के तहत प्रतिष्ठाचार्य संहितासूरि हंसमुख जैन के निर्देशन में सुबह जिनाभिषेक एवं नित्यार्जन और बाल क्रीडा का आयोजन किया गया। वर्धमान सभागार में वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ के मंचासीन होने के बाद चित्र अनावरण दिगम्बर जैन महासभा के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। दीप प्रवज्जलन और शास्त्र भेंट करने सौभाग्य सेक्टर 11 पंच कल्याणक प्रतिष्ठा समिति को मिला वही पाद प्रशालन करने का सौभाग्य डागरिया परिवार को प्राप्त हुआ। सेक्टर 11 में 21 मई से 25 मई तक होने वाली पंच कल्याणक पत्रिका का आचार्य श्री ने विमोचन किया</p>
<p>शास्त्र सभा के बाद स्थानीय महिलाओं के द्वारा आचार्य वर्धमान सागर गौरव गाथा सुंदर नाटिका मंचन को देखने के लिए जैन समाज के लोगों का सैलाब उमड़ा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/jinendra_panchkalyanak_pratishtha_pran_mahotsav/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रतिमा को साक्षात भगवान मानकर भक्ति करने से पाप का नाश होता है पुण्य में वृद्धि होती है - आचार्य श्री वर्धमान सागर जी: आचार्य ने कहा भगवान वीतरागी है, सर्वज्ञ है और हितोपदेशी है  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/by_worshiping_the_idol_considering_it_as_a_real_god_sins_are_destroyed_and_virtues_increase/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/by_worshiping_the_idol_considering_it_as_a_real_god_sins_are_destroyed_and_virtues_increase/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Mar 2023 11:27:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Agvani]]></category>
		<category><![CDATA[Dharamsabha]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Sakal Digamber Jain Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[udaipur]]></category>
		<category><![CDATA[Vardhaman SagarJi Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[वर्धमान सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सकल दिगंबर जैन समाज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=41197</guid>

					<description><![CDATA[पर्व जीवन में परिवर्तन लाते हैं। परिवर्तन कैसे आए इसके लिए भक्ति करो वितराग भगवान की भक्ति स्तुति करने से जीवन में परिवर्तन आएगा। आचार्य श्री बताते हैं की भक्ति भगवान की कैसे करना चाहिए भगवान के गुणों का स्तुति भक्ति कर अनंत गुणों का जाप करना चाहिए भगवान वीतरागी है,सर्वज्ञ हैं और हितोपदेशी हैं। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पर्व जीवन में परिवर्तन लाते हैं। परिवर्तन कैसे आए इसके लिए भक्ति करो वितराग भगवान की भक्ति स्तुति करने से जीवन में परिवर्तन आएगा। आचार्य श्री बताते हैं की भक्ति भगवान की कैसे करना चाहिए भगवान के गुणों का स्तुति भक्ति कर अनंत गुणों का जाप करना चाहिए भगवान वीतरागी है,सर्वज्ञ हैं और हितोपदेशी हैं। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजेश पंचोलिया की विशेष रिपोर्ट-</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>उदयपुर।</strong> जो धर्म का श्रवण करते हैं वह भव्य जीव होते हैं। धर्म का श्रवण करने के लिए उदयपुर के विभिन्न उप नगरों से श्रद्धालु पधारे हैं। संक्रांति का अर्थ परिवर्तन होता है बहुत वर्षों की प्रतीक्षा के बाद प्रार्थना सुनकर लक्ष्य बनाकर संघ का विहार उदयपुर के लिए हुआ है। वह मंगल देशना वात्सल्य वारिघि पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने आयड उदयपुर की धर्मसभा में प्रकट किए आचार्य श्री ने आगे बताया</p>
<p>कि सन 2002 में चातुर्मास के लिए उदयपुर आए थे। सेक्टर 11 में भी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा थी गर्मी का उपाय श्रावक लोग एसी कूलर से करते हैं किंतु संघ का गर्मी में विहार हुआ । प्राणी सुख का अभिलाषी है अनेक प्रयास करते हैं किंतु धर्म से ही सुख की प्राप्ति होगी, धर्म ही सबसे बड़ा साधन है। प्राणी जो सुख चाहते हैं चाहे वह लौकिक सुख हो या धार्मिक सुख हो, रत्नत्रय रूपी धर्म से सुख प्राप्त होगा।</p>
<p>संसार में सुख नहीं है आप दुखी हैं आपको दुखी देखकर हमने भी कम उम्र में दीक्षा ली है जिन्होंने शाश्वत सुख प्राप्त किया है वह रत्नत्रय धर्म से प्राप्त किया है। पर्यूषण पर्व वर्ष में तीन बार आते हैं। माघ चैत्र और भादो में धर्म की आराधना का पर्व पर्यूषण पर्व एवं अष्टांहिका महापर्व है। यह अनादि काल के पर्व है। पर्व जीवन में परिवर्तन लाते हैं। परिवर्तन कैसे आए इसके लिए भक्ति करो वितराग भगवान की भक्ति स्तुति करने से जीवन में परिवर्तन आएगा। आचार्य श्री बताते हैं की भक्ति भगवान की कैसे करना चाहिए भगवान के गुणों का स्तुति भक्ति कर अनंत गुणों का जाप करना चाहिए भगवान वीतरागी है ,सर्वज्ञ हैं ,और हितोपदेशी हैं । ऐसे अनेक गुण हैं प्रतिमा धातु की या पाषाण की प्रतिमा में प्राण प्रतिष्ठा भगवान के गुणों की होती है इसलिए प्रतिमा को साक्षात भगवान मान करी भक्ति करें इससे पाप का नाश होगा और पुण्य में वृद्धि होगी।</p>
<p><strong>भगवान का अभिषेक सर्वांग होना चाहिए ः </strong></p>
<p>भक्ति अभिषेक पूजन विनय द्वारा होती है भगवान का अभिषेक आप केवल मस्तक पर करते हैं जबकि भगवान का अभिषेक सर्वांग होना चाहिए प्रतिमा के प्रति विनय भाव होना चाहिए अविनय से गुणों की विराधना होती है ।आप श्रावक लोग भगवान के अभिषेक के बाद अभिषेक के जल का प्रक्षालन करने के लिए प्रतिमा को तिरछी करते हैं उल्टी करते हैं,प्रतिमा से कलश टकरा जाता है या आपके कपड़े छूते हैं ।यह भगवान के प्रति अविनय है इन दोषों को दूर करने के लिए शांति धारा की जाती है ।शांति धारा के बीज मंत्रों से भगवान के प्रति हुए अविनय दूर होकर गुणों की स्थापना होती है।</p>
<p><strong>णमोकार मंत्र मंगलस्वरूप है ः</strong></p>
<p>पारस चितोड़ा राजेश पंचोलिया ने बताया कि इसके पूर्व संघस्थ शिष्या आर्यिका श्री महायशमति माताजी ने अपने उद्बोधन में णमोकार मंत्र का महत्व बताया। जीवन में आमूलचूल परिवर्तन गुरु के उपदेश से होता है। णमोकार मंत्र मंगल मंत्र है इसी से अन्य मंत्रों की उत्पत्ति होती है। यह षटखडागम का प्रथम सूत्र है। णमोकार मंत्र मंगल स्वरूप है सब विघ्न दूर होते हैं कर्मों की निर्जरा होती है। णमोकार मंत्र का भाव पूर्वक शुद्ध उच्चारण करने से पापों का नाश होता है और पुण्य में वृद्धि होती है सब जन्म जरा के दुख से दुखी हैं ।सुख चाहते हैं तो भाव पूर्वक प्रभु की भक्ति करें स्तुति करें ।आर्यिका श्री महायश मति जी ने अनेक उदाहरण से बताया कि बैल को मरते समय णमोकार मंत्र सुनाने से वह वृषभ ध्वज राज पुत्र के रूप में उसने जन्म लिया श्रद्धा विश्वास के साथ णमोकार मंत्र का जाप करने से पुण्य का उदय होता है सभी को नियम संयम धारण करना चाहिए छोटा सा नियम जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन लाता है। आचार्य श्री शांति सागर जी की चातुर्मास स्थली आयड उदयपुर में आयोजित धर्म सभा में आचार्य श्री शांति सागर जी के चित्र के समक्ष दीप प्रवज्जलन कमेटी एवम् अप नगरों से पधारे समाज जन ने किया। मंगलाचरण श्रीमती इंदू अजमेरा ने किया कार्यक्रम का सुंदर संचालन पवन चितोड़ा ने किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/by_worshiping_the_idol_considering_it_as_a_real_god_sins_are_destroyed_and_virtues_increase/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश: भव्य अगवानी के साथ निकेलगी शोभायात्रा, होगी धर्मसभा  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/grand_auspicious_entry_of_acharya_108_shri_vardhaman_sagar_ji_maharaj_sangh/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/grand_auspicious_entry_of_acharya_108_shri_vardhaman_sagar_ji_maharaj_sangh/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Mar 2023 08:59:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Agvani]]></category>
		<category><![CDATA[Dharamsabha]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Sakal Digamber Jain Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[udaipur]]></category>
		<category><![CDATA[Vardhaman SagarJi Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[वर्धमान सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन दसा हुमड़ समाज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सकल दिगंबर जैन समाज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=41178</guid>

					<description><![CDATA[वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधिश आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश दो अप्रेल रविवार को होने जा रहा है। इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज उदयपुर की ओर से दो दिवसीय कार्यक्रम होंगे। पढ़िए शांतिलाल वेलावत व सुरेश पद्मावत की रिपोर्ट&#8230; उदयपुर। वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधिश आचार्य 108 श्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधिश आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश दो अप्रेल रविवार को होने जा रहा है। इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज उदयपुर की ओर से दो दिवसीय कार्यक्रम होंगे। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए शांतिलाल वेलावत व सुरेश पद्मावत की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>उदयपुर।</strong> वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधिश आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश दो अप्रेल रविवार को होने जा रहा है। इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज उदयपुर की ओर से दो दिवसीय कार्यक्रम होंगे। श्री दिगम्बर जैन दसा हुमड़ समाज, उदयपुर के अध्यक्ष रमेशचन्द्र जी वगेरिया ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे ससंघ की भव्य अगवानी के बाद रा. फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय से सुबह 8.00 बजे शोभायात्रा प्रारम्भ फतह स्कूल से सुरजपोल, मार्शल चौराहा, धानमण्डी, देहली गेट, बापू बाजार होते हुए नगर निगम प्रांगण टाउन हॉल तक निकाली जाएगी। उसके बाद सुबह नौ बजे विशाल धर्मसभा टाउन हॉल पर आयोजित होगी। सुबह दस बजे आचार्य श्री का ससंघ टाउन हॉल से महावीर जिनालय सर्वऋतु विलास में मंगल प्रवेश होगा। तीन अप्रेल को दोपहर दो बजे वात्सल्य वारिधी आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज</p>
<p>का उदयपुर शहर की ओर से भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह नगर निगम प्रांगण, टाउन हॉल, उदयपुर में होगा। यह जानकारी अध्यक्ष शांतिलाल वेलावत और महामंत्री सुरेश पद्मावत ने दी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/grand_auspicious_entry_of_acharya_108_shri_vardhaman_sagar_ji_maharaj_sangh/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
