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	<title>religious events  श्रीफल जैन न्यूज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>अष्टमी तिथि पर किया गया विशेष धार्मिक आयोजन : अष्ट द्रव्यों से पूजन कर अर्घ्य समर्पित किए गए </title>
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		<pubDate>Sat, 15 Jun 2024 09:42:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड के जिनालय में पार्श्वनाथ बेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से अष्टमी तिथि पर विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। पढ़िए प्रणीत जैन की रिपोर्ट&#8230; रायपुर। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड के जिनालय में पार्श्वनाथ बेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से अष्टमी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड के जिनालय में पार्श्वनाथ बेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से अष्टमी तिथि पर विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए प्रणीत जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रायपुर।</strong> श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड के जिनालय में पार्श्वनाथ बेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से अष्टमी तिथि पर विशेष धार्मिक आयोजन किया जाता है। जिनालय के पूर्व उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने बताया कि गृहस्थ को आत्मकल्याण के लिये पंच-परमेष्ठी भगवान का अभिषेक शांति धारा स्तुति एवं पूजा प्रतिदिन करना चाहिये। देवपूजा, गुरुपास्ति स्वाध्याय, संयम, तप, और दान इन षट्कर्मों के आलम्बन नव देवता हैं। अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, सर्वसाधु, जिनागम, जिनधर्म, जिनमन्दिर और जिनप्रतिमा ये नव देवता हैं। प्रातः अपनी उपासना में श्रावक इनकी आराधना करके वीतरागिता और मानवता की शिक्षा ग्रहण करता है, जो इसके आध्यात्मिक और व्यवहारिक जीवन में उपयोगी है।</p>
<p><strong>अभिषेक बाद की गई शांतिधारा</strong></p>
<p>शुक्रवार को प्रात 8.30 बजे श्रावक गण सामुहिक रूप से एकत्रित होकर जिनालय की पार्श्वनाथ बेदी में भगवान पुष्पदंत भगवान को पांडुकशिला में विराजमान कर प्रासुक जल से अभिषेक उपरांत शांति धारा की गई। अष्ट द्रव्यों से पूजन कर अर्घ्य समर्पित किए गए। आज की रिद्धि सिद्धि सुख शांति प्रदाता शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रवीण जैन मामाजी को प्राप्त हुआ। आज की शांति धारा का शुद्ध उच्चारण राशु जैन द्वारा किया गया। आज के कार्यक्रम में विशेष रूप से सनत जैन, श्रेयश जैन, प्रवीण जैन मामाजी, कुमुद जैन, प्रणीत जैन, राशु जैन, पलक जैन, लोकेश जैन,अक्षत जैन विशेष रूप से उपस्थित थे।</p>
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		<title>आदिनाथ मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन : अष्टमी अष्ट कर्म के नाश का प्रतीक &#8211; प्रमाण सागर जी महाराज </title>
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		<pubDate>Fri, 31 May 2024 16:36:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, मालवीय रोड के जिनालय में पार्श्वनाथ वेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से 31 मई से को अष्टमी तिथि होने के कारण विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने अष्टमी-चतुर्दशी की महत्ता को लेकर शंका समाधान कार्यक्रम में बताया है [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, मालवीय रोड के जिनालय में पार्श्वनाथ वेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से 31 मई से को अष्टमी तिथि होने के कारण विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने अष्टमी-चतुर्दशी की महत्ता को लेकर शंका समाधान कार्यक्रम में बताया है कि अष्टमी को अष्ट कर्म के नाश का प्रतीक माना जाता है और चतुर्दशी को चौदह गुणस्थानों से पार उतरने का माध्यम भी माना जाता है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए प्रणीत जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रायपुर।</strong> श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, मालवीय रोड के जिनालय में पार्श्वनाथ वेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला के माध्यम से 31 मई से को अष्टमी तिथि होने के कारण विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। इसमें सर्वप्रथम जिनप्रतिमाओं का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, अर्घ्य समर्पित किए गए। जिनालय के पूर्व उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने बताया कि प्रतिदिन की तरह प्रातः 8.30 बजे श्रावक गणों ने सामूहिक रूप से एकत्रित होकर जिनालय की पार्श्वनाथ वेदी में भगवान पुष्पदंत भगवान को पांडुक शिला में विराजमान किया। मंगलाष्टक पाठ प्रारंभ कर 4 रजत कलशों में शुद्ध प्रासुक जल भरकर श्री जी का समता भाव पूर्वक अभिषेक किया। आज रिद्धि सिद्धि सुख शांति प्रदाता शांतिधारा भी की गई, जिसे करने का सौभाग्य पलक जैन (बाबूलाल टाकीज) को प्राप्त हुआ। आज की शांति धारा का शुद्ध उच्चारण लोकेश जैन द्वारा किया गया। शांतिधारा पश्चात सभी ने श्री जी की आरती भक्ति भाव से की विनय पाठ पढ़ सभी ने अभिषेक के दौरान उच्चारित मंत्रों से भक्ति और जिनबिम्ब के स्पर्श से पवित्र गन्धोदक को अपने संचित पापों को क्षय करने की उत्तम भावना से नेत्र और ललाट पर धारण किया। तत्पश्चात अष्ट द्रव्य से सामूहिक पूजा में सर्वप्रथम नवदेवता पूजन एवं भगवान पुष्पदंत भगवान की पूजन कर अष्ट द्रव्य से निर्मित अर्घ्य समर्पित किए । अंत में विसर्जन पाठ पढ़ कर पूजन विसर्जन किया गया।</p>
<p><strong>शंका समाधान कार्यक्रम हुआ</strong></p>
<p>श्रेयश जैन बालू ने बताया कि आचार्य श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने अष्टमी-चतुर्दशी की महत्ता को लेकर शंका समाधान कार्यक्रम में बताया है कि अष्टमी को अष्ट कर्म के नाश का प्रतीक माना जाता है और चतुर्दशी को चौदह गुणस्थानों से पार उतरने का माध्यम भी माना जाता है। एक शोध लेख के अनुसार जैसे इस धरती पर दो तिहाई जल भाग और एक तिहाई स्थल भाग है, वैसे ही हमारे शरीर के भीतर भी दो-तिहाई ठोस तत्व और एक-तिहाई जल तत्व है। आप मेडिकल से जुड़े इस बात को अच्छी तरीके से समझते होंगे। जिस प्रकार चंद्रमा की कलाओं से समुद्र का जल स्तर घटता बढ़ता है, वैसे ही चंद्रमा की कलाओं से हमारा मन प्रभावित होता और हमारे शरीर के अंदर रहने वाले जल तत्व में हीन-अधिकता होती है। उसमें एक डायग्राम बनाया हुआथा – अष्टमी, चतुर्दशी, पंचमी, एकादश और प्रन्दहस। इन तिथिओं में हमारे शरीर के जल तत्व पर उफान आता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में शोध हुआ व अमेरिका में सर्दी के शिकार लोग बहुत ज्यादा हैं। तो जो सर्दी से ग्रसित लोग हैं, उनसे बचने के लिए कहा गया कि इन दिनों में यदि आप उपवास रखें तो आप सर्दी पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। माने इन दिनों आपके शरीर में जल तत्व एक्स्ट्रा है। तो मैंने इसका सार निकाला कि इसका मतलब इन तिथियों में अगर आप उपवास करते हैं तो आप की गर्मी कम बढ़ेगी पानी की कमी कम होगी। हमारे आचार्यों ने एक ऐसी व्यवस्था की कि हम साधना अपनी करें तो किन तिथियों में करें ? तो ऐसी स्थितियों में करो, जिससे साधना भी हो जाए और शरीर पर उसका दुष्प्रभाव भी ना पड़े। इसलिए अष्टमी, चतुर्दशी तिथियों पर उपवास और संयम से रहने की बात जैन धर्म के आचार्य, मुनिराज और सभी लोग कहते हैं। आज के इस कार्यक्रम में विशेष रूप से ट्रस्टी संजय जैन प्रेमी परिवार सतना, श्रेयश जैन बालू,पूर्व अध्यक्ष संजय नायक जैन, महेंद्र जैन, प्रवीण जैन (जैनम ज्वलर्स) राशु जैन समता कॉलोनी, प्रणीत जैन, पलक जैन, कुमुद जैन, जितेंद्र जैन, उपाध्यक्ष लोकेश जैन उपस्थित थे।</p>
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		<title>तीर्थंकर भगवान विमल नाथ का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव : तीन दिन जैन मंदिरों में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन </title>
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		<pubDate>Mon, 12 Feb 2024 16:18:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीन दिन जैन मंदिरों में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन होंगे ।13 फरवरी को तेरहवें तीर्थंकर भगवान विमल नाथ का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा । बुधवार 14 फरवरी को आचार्य कुन्द कुन्द की जन्म जयन्ती और गुरुवार 15 फरवरी को तेरहवें तीर्थंकर भगवान विमल नाथ का ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया जायेगा । पढ़िए [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीन दिन जैन मंदिरों में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन होंगे ।13 फरवरी को तेरहवें तीर्थंकर भगवान विमल नाथ का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा । बुधवार 14 फरवरी को आचार्य कुन्द कुन्द की जन्म जयन्ती और गुरुवार 15 फरवरी को तेरहवें तीर्थंकर भगवान विमल नाथ का ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया जायेगा । <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट ।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>फागी ।</strong> कस्बे सहित परिक्षेत्र के चकवाडा, चौरू, नारेडा, मंडावरी, मेहंदवास, निमेडा, लसाडिया एवं लदाना सहित कस्बे के आदिनाथ मंदिर, बीचला मंदिर,मुनि सुव्रतनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ,पार्श्वनाथ दिगंबर जैन सहित सभी जिनालयों में 13 फरवरी को तेरहवें तीर्थंकर भगवान विमल नाथ का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा । बुधवार 14 फरवरी को आचार्य कुन्द कुन्द की जन्म जयन्ती, गुरुवार 15 फरवरी को तेरहवें तीर्थंकर भगवान विमल नाथ का ज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया जायेगा । जैन महासभा के प्रतिनिधि राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि जैन समाज के श्रावक श्राविकाएं लगातार तीन दिन तक जैन तीर्थंकरों के कल्याणक दिवस तथा दिगम्बर जैन आचार्य का जन्म जयन्ती महोत्सव बडी धूमधाम से मनाएंगें ।</p>
<p>कार्यक्रम में अग्रवाल मंदिर समिति के अध्यक्ष महावीर झंडा एवं सरावगी समाज के अध्यक्ष महावीर कुमार अजमेरा ने संयुक्त रूप से अवगत कराया कि इन सभी आयोजनों में दिगम्बर जैन मन्दिरों में पूजा अर्चना के विशेष आयोजन किए जाएंगे, मंदिर समिति के महामंत्री कमलेश चौधरी ने बताया कि इस मौके पर णमोकार महामंत्र के जाप्य, महाआरती भक्ति संध्या के कार्यक्रम आयोजित किये‌ जायेंगें ।</p>
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		<title>बावनगजा का वार्षिक मेला 7 और 8 फरवरी को : महामस्तकाअभिषेक और विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/annual_fair_of_bavangaja_on_7th_and_8th_february_mahamastaka_abhishek_and_various_religious_events_will_be_held/</link>
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		<pubDate>Wed, 31 Jan 2024 06:51:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आर्यिका विज्ञान मति माताजी संसघ के सानिध्य में आगामी 7 एवं 8 फरवरी को दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र बावनगजा पर भगवान आदिनाथ स्वामी के मोक्ष कल्याण माघ चतुर्दशी के अवसर पर वार्षिक मेले का आयोजन किया जा रहा है । जिसमें विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे । पढ़िए राजेश जैन दद्दू की विशेष रिपोर्ट [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आर्यिका विज्ञान मति माताजी संसघ के सानिध्य में आगामी 7 एवं 8 फरवरी को दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र बावनगजा पर भगवान आदिनाथ स्वामी के मोक्ष कल्याण माघ चतुर्दशी के अवसर पर वार्षिक मेले का आयोजन किया जा रहा है । जिसमें विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे । <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजेश जैन दद्दू की विशेष रिपोर्ट ।  </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर ।</strong> आर्यिका विज्ञान मति माताजी संसघ के सानिध्य में आगामी 7 एवं 8 फरवरी को दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र बावनगजा पर भगवान आदिनाथ स्वामी के मोक्ष कल्याण माघ चतुर्दशी के अवसर पर वार्षिक मेले का आयोजन किया जा रहा है । जिसमें विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे । ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष विनोद दोशी और कार्य अध्यक्ष शेखर पाटनी ने बताया कि संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी के गुरु भाई आचार्य विवेक सागर जी एकमात्र शिष्य आर्यिका विज्ञान मति माताजी ससंघ 13 आर्यिका माता जी का मंगल सानिध्य प्राप्त होगा ।</p>
<p><strong>7 फरवरी के आयोजन </strong></p>
<p>इस अवसर पर 7 फरवरी की सुबह ऋषभनाथ भगवान के अभिषेक, शांति धारा, नित्य नियम की पूजन, त्यागी व्रतियों की आहर चर्या एवं यात्रियों के भोजन पश्चात दोपहर को आर्यिका संसघ के मंगलमय सानिध्य में भक्तांबर महामंडल विधान आयोजित किया जाएगा । विधान के पुण्यर्जक तारा देवी दिनेश भाई जैन गुजरात हैं । विधान पश्चात आर्यिका माताजी के द्वारा धर्म सभा को संबोधित किया जाएगा । शाम को महा आरती एवं निमाड़ अचल महिला मंडल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ।</p>
<p><strong>8 फरवरी के आयोजन </strong></p>
<p>दिनांक 8 फरवरी को सुबह तलहटी के मंदिर में अभिषेक, शांति धारा, नित्य नियम की पूजन एवं ध्वजारोहण किया जाएगा। ध्वजारोहण का सौभाग्यशाली परिवार, विमला देवी बिलाल परिवार इंदौर है । दोपहर में तलहटी से बड़े भगवान तक शोभायात्रा निकल जाएगी जिसमें आर्यिका संसघ अपना सानिध्य प्रदान करेगा । ट्रस्ट के महामंत्री नरेश बढ़ जातियां मनावर ने कहा कि विज्ञान मतीजी माता जी के प्रवचन होंगे साथ ही सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा उसके पश्चात विश्व के सबसे बड़े भगवान आदिनाथ स्वामी की 84 फीट उत्तंग प्रतिमा के महामस्तकाभिषेक होकर शांति धारा मंत्रोच्चार के साथ होगी । यहां पर निमाड़ अचल महिला मंडल द्वारा निर्माण लाडू सजाने की प्रतियोगिता आयोजित की गई है जिसमें माताजी द्वारा चयन किए गए लाडू को प्रथम लाडू के पूण्यर्जक परिवार द्वारा एवं समाज जन के द्वारा चढ़ाया जाएगा । इस कार्यक्रम में विधानाचार्य शुभम जैन बड़ा मलहरा और मौसम जैन शास्त्री के निर्देशन में और विद्या पूर्ण म्यूजिकल ग्रुप कमल जैन एंड पार्टी द्वारा संगीत का कार्यक्रम संपन्न होगा । प्रथम कलश के पुण्यार्जक सुरेश चंद जी जैन काला परिवार बड़वानी वाला, द्वितीय कलश के पुण्यार्जक महेंद्र कुमार जैन बडजात्या परिवार इंदौर, भगवान को निर्वाण लाडू चढ़ाने के पुण्यर्जक रानी जी अशोक जी दोशी जैन परिवार इंदौर हैं । इस कार्यक्रम में भोजन और स्वल्पाहार के पूण्यार्जक आजाद कुमार रवी देवी जैन बीड़ी वाला परिवार इंदौर, सावन जैन सुनीता महेंद्र जैन परिवार मनावर हैं ।</p>
<p>मेला कमेटी के संयोजक डॉक्टर नीलेश जैन रावका मनावर, जितेंद्र जैन बड़वानी, डॉक्टर चक्रेश पहाड़िया बड़वानी, विपिन जैन गंगवाल मनावर, धर्मेंद्र जैन अंजड, मनीष जैन बड़वानी को बनाया गया है । मेले के लिए विभिन्न कमेटियों का भी गठन किया गया है एवं बाहर से आने वाले यात्रियों के आवास एवं भोजन की व्यवस्था मेला कमेटी एवं ट्रस्ट कमेटी ने क्षेत्र पर की है ।</p>
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