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	<title>Ravi Pushya Yoga &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Ravi Pushya Yoga &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>राशि अनुसार महानुष्ठान कर जीवन के समस्त कष्टों का किया निवारण : सहस्त्रनाम पाठ 24 तीर्थंकरों की महा शांतिधारा में श्रद्धा-भक्ति, आराधना और पूजन किया  </title>
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		<pubDate>Sun, 01 Mar 2026 08:50:01 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्रीफल गौरव दिवस पर नवग्रह शांति के लिए तथा ग्रह राशि परिवर्तन के प्रभाव से रक्षा के लिए विशेष अनुष्ठान किया गया। यह अनुष्ठान श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा में रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धियोग के अवसर पर रविवार को हुआ। यह कार्यक्रम पूर्ण भक्ति भाव से किया गया। इंदौर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्रीफल गौरव दिवस पर नवग्रह शांति के लिए तथा ग्रह राशि परिवर्तन के प्रभाव से रक्षा के लिए विशेष अनुष्ठान किया गया। यह अनुष्ठान श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा में रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धियोग के अवसर पर रविवार को हुआ। यह कार्यक्रम पूर्ण भक्ति भाव से किया गया। <span style="color: #ff0000">इंदौर ब्यूरो से प्रीतम लखवाल की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> श्रीफल गौरव दिवस पर नवग्रह शांति के लिए तथा ग्रह राशि परिवर्तन के प्रभाव से रक्षा के लिए विशेष अनुष्ठान किया गया। यह अनुष्ठान श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा में रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धियोग के अवसर पर रविवार को हुआ। यह कार्यक्रम पूर्ण भक्ति भाव से किया गया। अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा में रविवार को श्रद्धा, भक्ति, आराधना की ऐसी धारा बही कि इसमें शामिल सभी भक्तगण सराबोर हो गए। यह कार्यक्रम रवि पुष्य नक्षत्र, स्थिर लग्न कुंभ और अमृत चौघड़िया में किया गया। श्रीफल जैन न्यूज संपादक रेखा संजय जैन ने बताया कि यह कार्यक्रम आचार्यश्री 108 वर्धमानसागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद, अंतर्मुखी मुनिश्री 108 पूज्यसागर जी महाराज के सान्निध्य तथा जगतगुरु समत्व योगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामीजी श्रवणबेलगोला के विशेष मार्गदर्शन में किया गया। अनुष्ठान में विधानाचार्य पंडित नितेश जैन ने शांतिधारा, अभिषेक, शांतिपाठ सहित समस्त विधियां संपन्न करवाई। इस अवसर पर समाज श्रेष्ठी नरेंद्र वेद, टीके वेद, डीके जैन डीएसपी, संजय पापड़ीवाल, रेखा संजय जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे। रविवार को विशेष आयोजन में मुख्य पात्रों ने 1008 लौंग से सहस्त्रनाम एवं महाशांतिधारा को संपन्न किया।</p>
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<p><strong>राशियों में प्रभाव के लिए नक्षत्रों का बड़ा महत्व</strong></p>
<p>अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज ने कहा कि यह पावन अनुष्ठान आने वाले अशुभ कर्मों के प्रभाव को कम करने तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने सभी राशियों के अनुसार नक्षत्रों का विशेष महत्व विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि 12 राशियों के अलग-अलग नक्षत्र हैं। एक राशि में सवा दो नक्षत्र हैं। हर राशि के लिए तीन भगवानों का पूजन का नियम है। राशि में गलत नक्षत्र अनुसार पूजा करने से उसका उचित फल नहीं मिलता। उन्होंने आगे कहा कि राशि एवं ग्रहों की शांति के उद्देश्य से यह विशेष अनुष्ठान संपन्न हुआ। फरवरी, मार्च और अप्रैल माह में अनेक ग्रहों का राशि परिवर्तन हो रहा है। उनके संभावित अशुभ प्रभावों से बचाव एवं ग्रह शांति के लिए यह दिव्य अनुष्ठान किया गया है। उन्होंने बताया कि अनुष्ठान का जीवन पर बहुत प्रभाव होता है। स्वास्थ्य लाभ, शीघ्र एवं मंगलमय विवाह, धन लाभ, अध्ययन में सफलता तथा वर्तमान में चल रही पारिवारिक या मानसिक उथल-पुथल से शांति और स्थिरता प्राप्ति के लिए यह अनुष्ठान कारगर और सकारात्मक फल प्रदान करने वाला साबित होगा।</p>
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<p><strong>कार्यक्रम के लिए राशि अनुसार रहा ड्रेस कोड </strong></p>
<p>अनुष्ठान के लिए राशि के अनुसार ड्रेस कोड तय किया गया था। भक्तों ने उसी अनुसार वस्त्र धारण कर अनुष्ठान में भाग लिया। ड्रेसकोड के अनुसार मेष राशि वालों के लिए लाल, वृषभ और तुला वालों के लिए सफेद, मिथुन और कन्या राशि वालों के लिए हरा, कर्क राशि वालों के लिए सफेद और क्रीम, सिंह राशि वाले पात्रों के लिए केसरिया व सुनहरा, वृश्चिक राशि वालों के लिए स्लेटी या भूरा, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए काला और नीले रंग के वस्त्र पहनकर अनुष्ठान किया। कुंभ वालों के लिए विशेष विकल्प यह रहा कि वे घूसर या स्मोकी ग्रे रंग के वस्त्र में अनुष्ठान कर रहे थे। कार्यक्रम आयोजक श्रीफल गौरव दिवस महोत्सव समिति और संयोजक आरोहण फाउंडेशन रहा।</p>
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		<title>अपनी राशि अनुसार महानुष्ठान करने का स्वर्णिम अवसर : सहस्त्रनाम पाठ 24 तीर्थंकरों की महा शांतिधारा श्रीफल गौरव दिवस पर 1 मार्च को  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 09:14:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्रीफल गौरव दिवस पर नवग्रह शांति ग्रह राशि परिवर्तन के प्रभाव से रक्षा के लिए विशेष अनुष्ठान श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा में रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धियोग के अवसर पर 1 मार्च को आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रवि पुष्य नक्षत्र, स्थिर लग्न कुंभ और अमृत चौघड़िया [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्रीफल गौरव दिवस पर नवग्रह शांति ग्रह राशि परिवर्तन के प्रभाव से रक्षा के लिए विशेष अनुष्ठान श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा में रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धियोग के अवसर पर 1 मार्च को आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रवि पुष्य नक्षत्र, स्थिर लग्न कुंभ और अमृत चौघड़िया में 1 मार्च को सुबह 6.13 बजे आरंभ होगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए, इंदौर ब्यूरो की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> श्रीफल गौरव दिवस पर नवग्रह शांति ग्रह राशि परिवर्तन के प्रभाव से रक्षा के लिए विशेष अनुष्ठान श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा में रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धियोग के अवसर पर 1 मार्च को आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रवि पुष्य नक्षत्र, स्थिर लग्न कुंभ और अमृत चौघड़िया में 1 मार्च को सुबह 6.13 बजे आरंभ होगा। श्रीफल जैन न्यूज संपादक रेखा संजय जैन ने बताया कि यह कार्यक्रम आचार्यश्री 108 वर्धमानसागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद, अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज के सान्निध्य तथा जगतगुरु समत्व योगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामीजी श्रवणबेलगोला के विशेष मार्गदर्शन में संयोजित होगा। कार्यक्रम में विधानाचार्य पंडित नितेश जैन ग्रेटर बाबा रहेंगे। श्रीफल गौरव दिवस महोत्सव समिति के नरेंद्र वेद, संदीप सुनीता जैन, भरत रितु जैन, हंसमुख उर्मिला गांधी ने बताया कि एक मार्च को होने वाले विशेष आयोजन में 48 मुख्य पात्र 1008 लौंग से सहस्त्रनाम एवं महाशांतिधारा करेंगे। इसकी न्यौछावर राशि 5555 रुपए है। वहीं 108 पात्र 1008 लौंग से सहस्त्रनाम आराधना करेंगे। इसकी न्यौछावर राशि 2100रुपए रखी गई है।</p>
<p><strong>कार्यक्रम के लिए राशि अनुसार ड्रेस कोड रहेगा </strong></p>
<p>समिति के नवीन शिवानी गोधा, नकुल प्रमिला पाटोदी, टीके मंजू वेद, तल्लीन निशा बड़जात्या, संजय पापड़ीवाल ने बताया कि अनुष्ठान के लिए राशि के अनुसार ड्रेस कोड तय है। इसमें मेष राशि वालों के लिए लाल, वृषभ और तुला वालों के लिए सफेद, मिथुन और कन्या राशि वालों के लिए हरा, कर्क राशि वालों के लिए सफेद और क्रीम, सिंह राशि वाले पात्रों के लिए केसरिया व सुनहरा, वृश्चिक राशि वालों के लिए स्लेटी या भूरा, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए काला और नीले रंग के वस्त्र पहनना अनिवार्य है। कुंभ वालों के लिए विशेष विकल्प यह है कि वह घूसर या स्मोकी ग्रे रंग का भी उपयोग कर सकते हैं। कार्यक्रम के आयोजक श्रीफल गौरव दिवस महोत्सव समिति और संयोजक आरोहण फाउंडेशन हैं।</p>
<p><strong>आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश </strong></p>
<p>आयोजन समिति के रिटायर्ड डीएसपी डीके माला जैन, निखिल नेहा छाबड़ा, कमलेश जैन, जितेंद्र मोनिका जैन ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर कुछ महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए गए हैं। इनमें 48 मुख्य पात्र अपनी राशि अनुसार निर्धारित वस्त्र अनिवार्य रूप से पहनकर आएं। 22 फरवरी तक नाम देने पर समिति की ओर से वस्त्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है। 108 पात्रों के पास यदि राशि के अनुसार वस्त्र उपलब्ध नहीं हैं तो वे महिलाएं पीली साड़ी, सूट, पुरुष सफेद कुर्ता पायजामा पहन सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि आप अनुष्ठान में नहीं आ पा रहे तो आपके नाम से अनुष्ठान किया जाएगा। अनुष्ठान में भाग लेने वालों की भोजन व्यवस्था समिति की ओर से रहेगी।</p>
<p><strong>राशि अनुसार इनसे किया जा सकता है संपर्क</strong></p>
<p>श्रीफल मीडिया हाउस के डायरेक्टर दीपक रश्मि जैन, नमीष ऋतु जैन, अनुराग प्राशी वेद ने बताया कि मेष और वृषभ राशि वाले कमलेश जैन, मिथुन और कर्क्र राशि वाले पिंकी कासलीवाल, सिंह और कन्या राशि वाले दीपक जैन, तुला और वृश्चिक वर्णित जैन, धनु और मकर राशि वाले संजय पापड़ीवाल तथा कुंभ और मीन राशि वाले रेखा जैन से संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p><strong>दिव्य अनुष्ठान से जुड़ना अत्यंत लाभकारी: अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज</strong></p>
<p>अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज ने कहा कि यह पावन अनुष्ठान आने वाले अशुभ कर्मों के प्रभाव को कम करने तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए किया जा रहा है। राशि एवं ग्रहों की शांति के उद्देश्य से यह विशेष अनुष्ठान होगा। उन्होंने बताया कि फरवरी, मार्च और अप्रैल माह में अनेक ग्रहों का राशि परिवर्तन हो रहा है। उनके संभावित अशुभ प्रभावों से बचाव एवं ग्रह शांति के लिए इस दिव्य अनुष्ठान से जुड़ना अत्यंत लाभकारी रहेगा। यह अनुष्ठान रविपुष्य नक्षत्र में किया जा रहा है, जो मंत्र साधना, सिद्धि और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी एवं फलदायी माना जाता है।</p>
<p><strong> विशेष उद्देश्य</strong></p>
<p>स्वास्थ्य लाभ, शीघ्र एवं मंगलमय विवाह, धन लाभ, अध्ययन में सफलता तथा वर्तमान में चल रही पारिवारिक या मानसिक उथल-पुथल से शांति और स्थिरता प्राप्ति के लिए यह अनुष्ठान समर्पित है। आप सभी श्रद्धालुजन इस पावन अवसर का लाभ अवश्य लें।</p>
<p>सम्पर्क नंबर 9827794634</p>
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		<title>रविपुष्य, सर्वार्थ सिद्धि योग में 6 अप्रैल को मनेगी रामनवमी: रामनवमी पर दान और पूजा का बहुत फल मिलेगा </title>
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		<pubDate>Fri, 04 Apr 2025 13:06:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान राम का जन्म हुआ था। भारतीय संस्कृति में इस दिन का अपूर्व पुण्य माना जाता है। इस दिन सरयू नदी में स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत, दान और पूजा करने से पुण्य लाभ मिलेगा। इस दिन विशेष संयोग भी बन रहा है। मुरैना से पढ़िए [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान राम का जन्म हुआ था। भारतीय संस्कृति में इस दिन का अपूर्व पुण्य माना जाता है। इस दिन सरयू नदी में स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत, दान और पूजा करने से पुण्य लाभ मिलेगा। इस दिन विशेष संयोग भी बन रहा है। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए मनोज जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>मुरैना</strong>। चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को कौशल्या की कोख से पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म हुआ था। भारतीय जीवन में यह दिन पुण्य पर्व माना जाता है। इस दिन पुण्य सलिला सरयू नदी में स्नान करके लोग पुण्य लाभ कमाते हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ.हुकुमचंद जैन ने बताया कि इस साल रामनवमी 6 अप्रैल रविवार को मनाई जाएगी और इस दिन सुकर्मा योग, रवि योग, रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि और पुष्य नक्षत्र का संयोग है। रविवार और रविपुष्य नक्षत्र के कारण इस बार रविपुष्य योग बन रहा है। इसलिए इस बार राम नवमी खास है। साथ ही दान और पूजा का बहुत फल मिलेगा। इस साल अष्टमी तिथि 5 अप्रैल शनिवार शाम को 7.26 मिनट तक रहेगी और इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। इसलिए उदया तिथि को नवमी तिथि होने के कारण 6 अप्रैल राम नवमी मनाई जाएगी। जैन ने कहा नवमी के इस व्रत को करने से हमें मर्यादा पुरुषोत्तम राम के चरित्र के आदर्शों को पहचाने का अवसर मिलता है। हमें उन आदर्शों को अपनाना चाहिए। भगवान की गुरु सेवा, जाति, पाति का भेदभाव मिटाना, शरणागत की रक्षा करना, भाइयों का प्रेम, मातृ-पितृ भक्त, एक पत्नी व्रत, पवनसुत हनुमान तथा अंगद की स्वामी भक्ति, गिद्धराज की कर्तव्यनिष्ठता तथा केवट आदि के चरित्रों की महानता को हमें पढ़ना चाहिए और उसका अनुसरण करना चाहिए।</p>
<p><strong> रामनवमी पूजन मुहूर्त</strong></p>
<p>रामनवमी पूजा अनुष्ठान आदि करने हेतु मध्यान्ह का समय सर्वाधिक शुभ होता है। मध्यान्ह काल 6 घटी अर्थात लगभग 2 घंटे 24 मिनट तक रहता है। मध्यान्ह के मध्य का समय श्रीराम जी के जन्म के क्षण को दर्शाता है तथा मंदिरों में इस क्षण को भगवान श्रीराम के जन्म काल के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान भगवान श्रीराम के नाम का जाप और जन्मोत्सव अपने चरम पर होता है। पूजन मुहूर्त रामनवमी मध्यान्ह समय में 11.08 बजे से दोपहर 1.36 बजे तक इसका कुल समय 2 घंटे 28 मिनट। रामनवमी मध्यान्ह का क्षण दोपहर 12.22बजे रहेगा।</p>
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