<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Rashi  श्रीफल जैन न्यूज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/rashi-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AB%E0%A4%B2-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%A8-%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%9C/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Fri, 03 May 2024 12:08:35 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Rashi  श्रीफल जैन न्यूज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>जानिए किन कार्यों से बचना चाहिए पंचक में : जानिए पंचक का महत्व, सालभर कब से कब तक आयेंगे पंचक </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/know_the_importance_of_panchak_from_when_will_panchak_come_throughout_the_year/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/know_the_importance_of_panchak_from_when_will_panchak_come_throughout_the_year/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 May 2024 12:08:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[astrologer Dr. Hukumchand Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Astrology]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[morena]]></category>
		<category><![CDATA[Panchak]]></category>
		<category><![CDATA[Rashi  श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[ज्योतिष]]></category>
		<category><![CDATA[ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[पंचक]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मुरैना]]></category>
		<category><![CDATA[राशि]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=59945</guid>

					<description><![CDATA[ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन के अनुसार, चन्द्र ग्रह का धनिष्ठा,शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद तथा रेवती नक्षत्र में भ्रमण काल पंचक काल कहलाता है, नक्षत्रों के मेल से बनने वाले विशेष योग को &#8216;पंचक&#8217; कहा जाता है। हर महीने में 27 दिनों के अंतराल पर पंचक नक्षत्र का चक्र बनता रहता है। चंद्रमा 27 दिनों में सभी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन के अनुसार, चन्द्र ग्रह का धनिष्ठा,शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद तथा रेवती नक्षत्र में भ्रमण काल पंचक काल कहलाता है, नक्षत्रों के मेल से बनने वाले विशेष योग को &#8216;पंचक&#8217; कहा जाता है। हर महीने में 27 दिनों के अंतराल पर पंचक नक्षत्र का चक्र बनता रहता है। चंद्रमा 27 दिनों में सभी नक्षत्रों का भोग कर लेता है, एक राशि में चंद्रमा ढाई दिन और दो राशियों में चंद्रमा पांच दिन रहता है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> पंचक क्या होते हैं, ये साल में कब आते हैं और इनका क्या महत्व है। ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन के अनुसार, चन्द्र ग्रह का धनिष्ठा,शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद तथा रेवती नक्षत्र में भ्रमण काल पंचक काल कहलाता है, नक्षत्रों के मेल से बनने वाले विशेष योग को &#8216;पंचक&#8217; कहा जाता है।</p>
<p>हर महीने में 27 दिनों के अंतराल पर पंचक नक्षत्र का चक्र बनता रहता है। चंद्रमा 27 दिनों में सभी नक्षत्रों का भोग कर लेता है, एक राशि में चंद्रमा ढाई दिन और दो राशियों में चंद्रमा पांच दिन रहता है। इन पांच दिनों के दौरान चंद्रमा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र से गुजरता है और इस कारण ये पांचों दिन पंचक कहलाते हैं।</p>
<p>पंचक 5 प्रकार के होते हैं। शास्त्रों में वार के हिसाब से पंचक के नाम का निर्धारण किया जाता है। हर पंचक का अलग-अलग अर्थ और प्रभाव है।</p>
<p><strong>किस वार को लगने पर क्या नाम होता है? :- </strong></p>
<p>रविवार &#8211; रोग पंचक</p>
<p>सोमवार &#8211; राज पंचक</p>
<p>मंगलवार &#8211; अग्नि पंचक</p>
<p>शुक्रवार &#8211; चोर पंचक</p>
<p>शनिवार &#8211; मृत्यु पंचक</p>
<p><strong>आगे कब-कब लगेंगे पंचक- </strong></p>
<p>मई में पंचक लगने का समय 2 मई, गुरुवार दोपहर 02:32 है और इसका समापन 6 मई, मंगलवार रात 05:43 मिनट पर हो जाएगा।</p>
<p>जून में पंचक की शुरुआत 26 तारीख, बुधवार सुबह 01:49 मिनट से होगी और पंचक का समापन 30 जून, रविवार सुबह 07:34 पर हो जाएगा।</p>
<p>जुलाई 23 जुलाई, मंगलवार की सुबह 09:20 पर एकबार फिर पंचक लग जाएंगे।</p>
<p>जुलाई में पंचक का अंत 29 जुलाई, शनिवार दोपहर 01:00 बजे हो जाएगा।</p>
<p>अगस्त के महीने में 19 अगस्त, सोमवार शाम 7:00 बजे पंचक लग जाएंगे और 23 अगस्त, शुक्रवार शाम 07:54 मिनट पर पंचक खत्म होंगे।</p>
<p>सितंबर 16 सितंबर, मंगलावर को शाम 05:44 मिनट पर पंचक लगेंगे और 20 सितंबर, शुक्रवार सुबह 05:15 मिनट पर पंचक खत्म होगा।</p>
<p>अक्टूबर में 13 अक्टूबर, रविवार दोपहर 3:44 मिनट पर पंचक शुरू होगा और 17 अक्टूबर, गुरुवार शाम 04:20 पर पंचक खत्म हो जाएगा।</p>
<p>नवंबर महीने में पंचक 9 नवंबर, शनिवार रात 11:27 मिनट पर लग जाएगा और 14 नवंबर, गुरुवार सुबह 03:11 मिनट पर खत्म होगा।</p>
<p>दिसंबर साल के अंत में 7 दिसंबर, शनिवार सुबह 05:07 पर पंचक लगेगा और इसका अंत 11 दिसंबर, बुधवार सुबह 11:48 पर हो जाएगा।</p>
<p><strong>पंचक के पांच नक्षत्र में कार्य प्रारम्भ करने से ये हानि होना संभव है।: &#8211; </strong></p>
<p>1.धनिष्ठा नक्षत्र में अग्नि का भय रहता है।</p>
<p>2. शतभिषा नक्षत्र में कलह होने की संभावना रहती है।</p>
<p>3. पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में रोग बढ़ने की संभावना रहती है।</p>
<p>4. उतरा भाद्रपद में धन के रूप में दंड होता है।</p>
<p>5. रेवती नक्षत्र में धन हानि की संभावना रहती है।</p>
<p>पंचक में इन कार्यों को करने से बचना चाहिए</p>
<p>1.लकड़ी एकत्र करना या खरीदना या पलंग बनाना फर्नीचर लगाना।</p>
<p>2. मकान पर लकड़ी लोहे की छत डलवाना</p>
<p>3. दाह संस्कार (शव जलाना) में कुछ विशेष क्रिया करके ही करना।4. चारपाई बनवाना कंड़े , काष्ट घर लाकर इकट्ठा करना।</p>
<p>5. दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करना।</p>
<p>6. अन्य कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/know_the_importance_of_panchak_from_when_will_panchak_come_throughout_the_year/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चंबल संभाग में 50 स्थानों पर लगाए जाएंगे शिक्षण शिविर : शिक्षण कार्यक्रम में संस्कार शिविरों का होगा आगाज : नवनीत जैन शास्त्री </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/sanskar_camps_will_be_started_in_the_educational_program_navneet_jain_shastri/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/sanskar_camps_will_be_started_in_the_educational_program_navneet_jain_shastri/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 May 2024 12:04:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[astrologer Dr. Hukumchand Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Astrology]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[morena]]></category>
		<category><![CDATA[Panchak]]></category>
		<category><![CDATA[Rashi  श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[ग्रीष्मकालीन अवकाश]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जयपुर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक शिक्षण प्रशिक्षण शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मुरैना]]></category>
		<category><![CDATA[श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान]]></category>
		<category><![CDATA[सांगानेर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=59942</guid>

					<description><![CDATA[ ग्रीष्मकालीन अवकाश में धार्मिक शिक्षण प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से संस्कार प्रदान करते हुए संस्कारित किया जायेगा। शिविरों के क्षेत्रीय प्रभारी नवनीत जैन शास्त्री मुरैना ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से बुजुर्ग, युवा, बच्चों को धार्मिक शिक्षा प्रदान की जाती है। साथ ही उन्हें अपनी संस्कृति से परिचित कराया जाता है। पढ़िए मनोज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> ग्रीष्मकालीन अवकाश में धार्मिक शिक्षण प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से संस्कार प्रदान करते हुए संस्कारित किया जायेगा। शिविरों के क्षेत्रीय प्रभारी नवनीत जैन शास्त्री मुरैना ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से बुजुर्ग, युवा, बच्चों को धार्मिक शिक्षा प्रदान की जाती है। साथ ही उन्हें अपनी संस्कृति से परिचित कराया जाता है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> मुरैना।</strong> ग्रीष्मकालीन अवकाश में धार्मिक शिक्षण प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से संस्कार प्रदान करते हुए संस्कारित किया जायेगा। शिविरों के क्षेत्रीय प्रभारी नवनीत जैन शास्त्री मुरैना ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से बुजुर्ग, युवा, बच्चों को धार्मिक शिक्षा प्रदान की जाती है। साथ ही उन्हें अपनी संस्कृति से परिचित कराया जाता है। श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर द्वारा आयोजित श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविरों का वृहत् स्तर पर आयोजन परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्यश्री 108 विद्यासागरजी महाराज के जीवन्त जीवन की फलश्रुति के रूप में विद्यागुरु उपकार महोत्सव के रूप में आयोजित किए जा रहे हैं।</p>
<p>आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के आशीर्वाद एवं निर्यापक मुनिपुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज की पावन प्रेरणा से इन शिविरों आयोजन चम्बल संभाग के आसपास के 50 स्थानों पर आयोजित किए जाने हेतु श्री पार्श्वनाथ दि.जैन मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अनिल जैन प्राचार्य एवं मंत्री विनोद कुमार जैन (तार वाले), टिकटोली क्षेत्र के अध्यक्ष राजेन्द्र भण्डारी, क्षेत्रीय प्रभारी नवनीत जैन &#8216;शास्त्री&#8217; मुख्य संयोजक वीरेन्द्र कुमार जैन (बाबा) एवं संयोजक राजकुमार जैन वरैया, अजय कुमार जैन (गोसपुर वाले), डाॅ. मनोज कुमार जैन, सुरेशचन्द्र जैन, शुभम जैन (चीन्टू), अनिल नायक (गढ़ी वाले), विमल कुमार जैन, अनिरुद्ध कुमार जैन ने शिविर संबंधी नियमावली पर चर्चा की। साथ में शिविर आयोजन हेतु तिथि के निर्धारण संबंधी जानकारियां प्रदान कीं।</p>
<p>शिक्षण शिविरों का आयोजन 19 मई से 26 मई 2024 तक चलेगा। शिविर मुरैना, भिण्ड,ग्वालियर चम्बल संभाग के आसपास के समस्त स्थानों में लगाए जायेगे। जिनमें नवाचार्य श्री समयसागर जी व निर्यापक श्रमण श्री सुधासागर का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु समस्त मुरैना कमेटी एवं शिविर के मुख्य संयोजक व संयोजक क्षेत्रीय प्रभारी ने यह निर्णय एकमत से लिया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/sanskar_camps_will_be_started_in_the_educational_program_navneet_jain_shastri/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
