<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Prathvipur &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/prathvipur/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Fri, 21 Apr 2023 03:00:17 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Prathvipur &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>जो अपने अंदर की तपन और त्याग को जीत लेता है, वह जीवन जीत लेता है: जैन मुनि निर्वेग सागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/jain_muni_nirveg_sagar_maharaj_grand_auspicious_entry/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/jain_muni_nirveg_sagar_maharaj_grand_auspicious_entry/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Apr 2023 03:00:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Jhumaritilaya]]></category>
		<category><![CDATA[Koderma]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Prathvipur]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[कोडरमा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[झुमरीतिलैया]]></category>
		<category><![CDATA[मंगलप्रवेश]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=42601</guid>

					<description><![CDATA[मुनि श्री 108 निर्वेग सागर महाराज, मुनिश्री 108 शीतलसागर महाराज, ऐलक श्री 105 निजानंदसागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश गुरुवार को झुमरीतिलैया की कोडरमा धर्म नगरी में हुआ। पढ़िए नवीन जैन व राज कुमार अजमेरा की रिपोर्ट&#8230; झुमरीतिलैया। जैन धर्म के सबसे बड़े तपस्वी जिनकी चर्या तप और त्याग झलकता है ऐसे संत शिरोमणि आचार्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मुनि श्री 108 निर्वेग सागर महाराज, मुनिश्री 108 शीतलसागर महाराज, ऐलक श्री 105 निजानंदसागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश गुरुवार को झुमरीतिलैया की कोडरमा धर्म नगरी में हुआ। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए नवीन जैन व राज कुमार अजमेरा की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>झुमरीतिलैया।</strong> जैन धर्म के सबसे बड़े तपस्वी जिनकी चर्या तप और त्याग झलकता है ऐसे संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 निर्वेग सागर महाराज, मुनिश्री 108 शीतलसागर महाराज ऐलक श्री 105 निजानंदसागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश गुरुवार को झुमरीतिलैया की कोडरमा धर्म नगरी में हुआ।</p>
<p>आपको बता दें, इस भीषण गर्मी में जहां लोग धूप में निकलने के बारे में सोचते हैं। वैसे समय में जैन मुनि खाली पैर पद गया नगरी से पद विहार करते हुए राजगीर पावापुरी, नवादा होते हुए लगभग 200 किलोमीटर की पद यात्रा करते हुए यहां पहुंचे हैं। जहां शहर के मुख्य द्वार पर समाज के सभी पदाधिकारी गणों और महिला समाज के पदाधिकारी गणों ने गाजे-बाजे के साथ अगवानी की।</p>
<p><strong>यह कोडरमा वालों का सौभाग्य है </strong></p>
<p>गुरुदेव ससंघ नगर भ्रमण करते हुए बड़ा जैन मंदिर जी पहुंचे, जहां देवाधिदेव 1008 आदिनाथ भगवान की प्रतिमा पर मुनि श्री के मुखारबिंद से विश्व शांतिधारा कराई गयी। शांति धारा करने का सौभाग्य जैन अजित गंगवाल, जैन संजय गंगवाल के परिवार को प्राप्त हुआ। इसके बाद मंगलाचरण जैन सुबोध गंगवाल ने किया और दीप प्रज्वलन समाज के पदाधिकारी गण ने किया और मुनि संघ को ग्रीष्म कालीन प्रवास के लिए श्रीफल चढ़ाया। इसके बाद मुनि श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि गर्मी की तपिश से ज्यादा जो शरीर में अंदर की तपन और त्याग को जीत लेता है, वह अपने जीवन को जीत लेता है। उन्होंने आगे कहा कि यह कोडरमा एक धर्म नगरी है, जहां बहता योगी रमता पानी कहावत के अनुसार गुरुवर जैन संत सम्मेद शिखर जाने के क्रम में यहां पर आगमन हो जाता है। यह कोडरमा वालों का बहुत सौभाग्य है। गुरुदेव के आहार सौभाग्य सुरेश-नरेंद्र झांझरी और प्रदीप-मीरा छाबड़ा के परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/jain_muni_nirveg_sagar_maharaj_grand_auspicious_entry/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ऐतिहासिक जीवन जीने के बारे में विचारें: जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर ने धर्मसभा को किया संबोधित  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/munipungav_sudhasagar_addressed_the_dharamsabha/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/munipungav_sudhasagar_addressed_the_dharamsabha/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Apr 2023 07:54:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Prathvipur]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Sudhasagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[पृथ्वीपुर]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिपुंगव सुधासागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सुधासागर महाराज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=42554</guid>

					<description><![CDATA[जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के सानिध्य में पृथ्वीपुर मप्र में 22 अप्रैल से पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित किया जा रहा है जिसकी तैयारी जोरशोर से चल रही हैं। पढ़िए राजीव सिघाई की रिपोर्ट&#8230; पृथ्वीपुर। आध्यात्म जगत के सूर्य कहे जाने वाले आचार्य भगवन विद्यासागर महाराज के परमप्रभावक शिष्य जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के सानिध्य में पृथ्वीपुर मप्र में 22 अप्रैल से पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित किया जा रहा है जिसकी तैयारी जोरशोर से चल रही हैं। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिघाई की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पृथ्वीपुर।</strong> आध्यात्म जगत के सूर्य कहे जाने वाले आचार्य भगवन विद्यासागर महाराज के परमप्रभावक शिष्य जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के सानिध्य में पृथ्वीपुर मप्र में 22 अप्रैल से पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित किया जा रहा है जिसकी तैयारी जोरशोर से चल रही हैं। मुनिसंघ का कस्बे में मंगल प्रवेश हो गया मुनिश्री की भव्य आगवानी नगरवासियों द्वारा की गई। निवाड़ी विधायक अनिल जैन एवं पृथ्वीपुर विधायक शिशुपाल यादव सहित जनसमूह ने आगवानी की और पादपक्षालन कर आशीर्वाद लिया।</p>
<p>मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में पात्र चयन किया गया जिसमे भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य रविन्द्र सुषमा जैन झांसी को प्राप्त हुआ। पंचकल्याणक महोत्सव मे ध्वजारोहण कमलेश बुखारिया करेंगे । सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य दिनेश जैन, धनपति कुबेर महेंद्र जैन सिमरा, महायज्ञ नायक कमलेश बुखारिया,भरत चक्रवर्ती दयाचंद ककावनी, बाहुबली रविन्द्र जैन बल्ली,राजा श्रेयांस सुमत मोदी ,राजा सोम पद्म बुखारिया, ईशान इंद्र प्रदीप मोदी,सानत इंद्र प्रकाश बुखारिया,माहेद्र रिंकू फतेहपुर वाले, ब्रह्म इंद्र अजय ,लान्तव इंद्र मनोज मोदी ,शुक्र इंद्र सुरेंद्र मिन्नी,शतार इंद्र प्रसन्न,आणत इंद्र अजित जतारा वाले,प्राणत इंद्र विजय बुखारिया,आरण इंद्र रचित,अच्युत इंद्र राहुल, महामंडलेश्वर प्राशुल,आयुष,सम्यक, संजीव,विधिनायक पुरूषोत्तम जैन को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>जीवन ऐसे व्यतीत करो कि कहानी बन जाए</strong></p>
<p>बुधवार को मुनिश्री के सानिध्य में जिन अभिषेक पूजन किया गया और शांति धारा की गई। मुनिश्री सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य योनि में जीवन मिला है तो प्रकृति का उद्धार मानो। जिंदगी को ऐसा व्यतीत करो कि कहानी बन जाए। आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज ने सुलोचना की कहानी को 3000 श्लोक में रचना कर दी थी ऐसे ही हमें अपनी जिंदगी की कहानी को बहुत ऊंचाइयों पर ले जाना चाहिए। एक ऐतिहासिक जीवन जीना चाहिए केवल हमारा जन्म लोगों के लिए नहीं हुआ हमारा जन्म तो सुधार के लिए हुआ है। भोजन संसार तो पशुओं का भी है। पशु भी अपने बच्चों को जन्म और भोजन दे देता है परंतु मनुष्य इन सभी वस्तुओं से ऊपर उठा हुआ है। जो व्यक्ति यह सोच कर जीवन जी रहा है कि मैं तो इस संसार में आया हूं अपने बच्चों को कमा कर खिलाकर चला जाऊंगा तो यह उस व्यक्ति के लिए सबसे बड़ा अपशकुन है। मनुष्य योनि में जन्म मिला है तो अपना उद्धार कर इस संसार से तर जाओ और उस बच्चे को भी यह सोचना चाहिए कि मैं अपने बड़ों का कमाया हुआ उपयोग नहीं करना क्योंकि निर्माल्य है।</p>
<p>पूज्य गुरुदेव ने कहा की अगर इस संसार में ऊंचाइयां चाहते हो तो हमेशा प्रभु से एक ही वरदान मांगो कि अपने बड़ों का सहारा बनो ना कि वह आपका सहारा बनें। जिस दिन यह ऐसा वरदान मिल गया समझ लो उद्धार हो गया। क्योंकि जो यह सोच रहा है कि इस संसार में मुझे सहारा मिलता रहे तो वह व्यक्ति एक विकलांगता का जीवन जी रहा है और जो व्यक्ति दूसरों का सहारा बन रहा है समझ लो वह कभी विकलांग नहीं होगा। पंचकल्याणक महोत्सव में सभी धार्मिक क्रियाएं ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश के दिशा-निर्देश में संपन्न होगी ।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/munipungav_sudhasagar_addressed_the_dharamsabha/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
