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	<title>Pavitramathi Mataji श्रीफल जैन न्यूज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>उत्तम त्याग धर्म पर की पूजा-अर्चना : भक्तामर विधान के बड़े भक्ति भाव से चढ़ाए गए अर्घ्य </title>
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		<pubDate>Mon, 16 Sep 2024 08:28:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दस लक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म पर पूजा अर्चना कर आराधना की गई। आर्यिका पवित्रमति माताजी ने कहा कि जो मनुष्य जितना त्याग करता है वह उतना ही ज्यादा सुखी रहता है। उन्होंने श्रद्धालुओं के मन में त्याग की और दान भावना जागृत की। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट&#8230; नौगामा। दस [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दस लक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म पर पूजा अर्चना कर आराधना की गई। आर्यिका पवित्रमति माताजी ने कहा कि जो मनुष्य जितना त्याग करता है वह उतना ही ज्यादा सुखी रहता है। उन्होंने श्रद्धालुओं के मन में त्याग की और दान भावना जागृत की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नौगामा।</strong> दस लक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म पर पूजा अर्चना कर आराधना की गई। आर्यिका पवित्रमति माताजी ने कहा कि जो मनुष्य जितना त्याग करता है वह उतना ही ज्यादा सुखी रहता है। उन्होंने श्रद्धालुओं के मन में त्याग की और दान भावना जागृत की। प्रातः परम पूज्य पवित्र मति माताजी के सानिध्य में चातुर्मास पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा बड़े भक्ति भाव से शांतिधारा और प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य सोहनलाल लुण और जैन मंदिरों में अभिषेक और शांतिधारा करने का धर्म लाभ गांधी अखिल कुमार प्रकाश चंद्र गांधी संजय विनोद कुमार जैन, संदीप विनोद पंचोरी, समवशरण मंदिरजी में अतिवीर अतिशय गांधी और डॉ अजीत गांधी के परिवार को मिला।</p>
<p>प्रतिदिन की भांति रविवार को माता जी के सानिध्य में भक्तामर विधान के अर्घ्य बड़े भक्ति भाव से वाद्य यंत्रों के मधुर स्वर लहरों के साथ नाचते गाते हुए भक्ति करते हुए चढ़ाए गए और 10 लक्षण विधान के अर्घ्य भगवान के जयकारों लगते हुए चढ़ाए। द्रव्य दान करने की पुण्य नानावटी अमित सुभाष चंद्र को प्राप्त हुआ। इंद्र बनने का सौभाग्य सुभाष चंद्र नानावटी पंचोली सुरेश चंद्र जीतमल, राजेश छगनलाल कुबेर इंद्र गांधी वैभव महेंद्र कुमार को प्राप्त हुआ दोपहर में माता जी द्वारा तत्व सूत्र का वाचन किया गया शाम को माता द्वारा प्रतिक्रमण कराया गया मोनू भैया मुंगावली व रमेश चंद्र गांधी वीना दीदी द्वारा भक्तामर के 48 दीप मंत्रों उच्चारण के साथ प्रज्वलित करवाए गए।</p>
<p>राशि दीदी द्वारा त्याग धर्म पर मंगल प्रवचन हुए। अभी 10 लक्षण धर्म के तहत संस्कार शिविर चल रहा है, जिसमें प्रतिदिन प्रातः 5:00 बजे प्रार्थना प्रतिक्रमण सामयिक शिविरार्थियों कराया जाता है एवं शिविरार्थियों द्वारा व्रत नियम के तहत पांच उपवास 10 उपवास एवं 16 उपवास चल रहे हैं। आज जैन पाठशाला के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटक का मंचन किया गया।</p>
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		<title>मनाया भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस : मुकुट सप्तमी का निवार्ण लाडू बड़े हर्ष और उल्लास के साथ चढ़ाया </title>
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		<pubDate>Mon, 12 Aug 2024 08:09:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[परम पूज्य पवित्र मति माताजी के सानिध्य में मुकुट सप्तमी के शुभ अवसर पर प्रातः सुखोदय तीर्थ नसियां जी, 1008 भगवान महावीर समवशरण मंदिर, 1008 आदिनाथ मंदिर जी में आर्यिका पवित्रमति माता जी के सानिध्य में विशेष शांति धारा अभिषेक पिंडारमिया, राजेंद्र द्वारा किया गया। अभिषेक के बाद भगवान पारसनाथ की प्रतिमा गाजो- बाजों के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>परम पूज्य पवित्र मति माताजी के सानिध्य में मुकुट सप्तमी के शुभ अवसर पर प्रातः सुखोदय तीर्थ नसियां जी, 1008 भगवान महावीर समवशरण मंदिर, 1008 आदिनाथ मंदिर जी में आर्यिका पवित्रमति माता जी के सानिध्य में विशेष शांति धारा अभिषेक पिंडारमिया, राजेंद्र द्वारा किया गया। अभिषेक के बाद भगवान पारसनाथ की प्रतिमा गाजो- बाजों के साथ पंडाल में लाकर गंनगोटी में विराजमान की गई, जहां पर मुकुट सप्तमी के उपलक्ष में विशेष शांति धारा अभिषेक किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नौगामा।</strong> परम पूज्य पवित्र मति माताजी के सानिध्य में मुकुट सप्तमी के शुभ अवसर पर प्रातः सुखोदय तीर्थ नसियां जी, 1008 भगवान महावीर समवशरण मंदिर, 1008 आदिनाथ मंदिर जी में आर्यिका पवित्रमति माता जी के सानिध्य में विशेष शांति धारा अभिषेक पिंडारमिया, राजेंद्र द्वारा किया गया। अभिषेक के बाद भगवान पारसनाथ की प्रतिमा गाजो- बाजों के साथ पंडाल में लाकर गंनगोटी में विराजमान की गई, जहां पर मुकुट सप्तमी के उपलक्ष में विशेष शांति धारा अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य गांधी किरीट कुमार जयंतीलाल को प्राप्त हुआ।</p>
<p>इस अवसर पर विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी अभिषेक शास्त्री सागर के सानिध्य में सम्मेद शिखर विधान की क्रियाएं प्रारंभ हुईं। इस अवसर पर विशेष माडला बनाया गया था, जहां पर मंगल कलश स्थापित किए गए। मंगल कलश गांधी जयंतीलाल मगनलाल, पिंडरमिया नरेश शांतिलाल दोसी विनोद अमृतलाल पंचोरी संजय रमलाल पिंडारमिया नीतेश मीठालाल द्वारा मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य प्राप्त हुआ एवं सोधर्म में इंद्र किरीट गांधी कुबेर इंद्र पंचोरी सुभाष लक्ष्मीलाल बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर महिला मंडल बालिका मंडल बहु मंडल द्वारा विभिन्न प्रकार के लाडू बनाए गए थे।</p>
<p>लाडू चढ़ाने का सौभाग्य गांधी अमित कुमार, सुरेश दलीचंद बागीदौरा, संजय रमलाल सुभाष चंद्र नानावटी पंचोरी कमल केसरीमल को चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर बड़े भक्ति भाव से वाद्य यंत्रो के मधुर स्वर लहरों के साथ सम्मेद शिखर विधान के 72 अर्घ्य चढ़ाए गए। इस अवसर पर पंचोली गीतांश विपुल कुमार द्वारा चांदी लॉन्ग भेंट किए गए। चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष निलेश जैन ने बताया कि सखोदय तीर्थ नसिया जी में निर्वाण महोत्सव मेले पर 24 टोक पर पीतल की ध्वजाएं लगाई जाएंगी। उन ध्वजाओं परआज पंडाल चंदन से स्वास्तिक बनाए गए।</p>
<p>बाहर से पधारे हुए यात्रियों का एवं किरीट गांधी के परिवार का चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष निलेश जैन, उपाध्यक्ष राजेंद्र गांधी, नरेश जैन, खुशपाल जैन, नीतेश जैन द्वारा पगड़ी पहना कर दुपट्टा उड़ा कर माला पहनकर स्वागत अभिनंदन किया गया। बौछारो के बीच महिलाओं द्वारा वाद्य यंत्रों मधुर स्वरों के साथ पारसनाथ भगवान के गीतों पर गरबे किये गये।</p>
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