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	<title>Panchkalyanak Pratishtha Mahotsav &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Panchkalyanak Pratishtha Mahotsav &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>पंचकल्याणक महोत्सव में गूंजा तीर्थंकर जन्म कल्याणक का उल्लास, हाथी पर निकली भव्य शोभायात्रा: सौधर्म इंद्र ने तीर्थंकर बालक को कराया नगर भ्रमण, पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने दिया धर्म और सत्य का संदेश </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jun 2026 06:15:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भिंड के निराला रंग विहार में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में तीर्थंकर जन्म कल्याणक का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। हाथी पर सवार तीर्थंकर बालक की शोभायात्रा निकाली गई और धर्मसभा में पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने प्रेरक उद्बोधन दिया। भिंड से पढ़िए ,सोनल जैन की यह खबर  भिंड। अयोध्या नगरी निराला [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भिंड के निराला रंग विहार में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में तीर्थंकर जन्म कल्याणक का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। हाथी पर सवार तीर्थंकर बालक की शोभायात्रा निकाली गई और धर्मसभा में पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने प्रेरक उद्बोधन दिया। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए ,सोनल जैन की यह खबर </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> अयोध्या नगरी निराला रंग विहार में पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में रविवार को तीर्थंकर जन्म कल्याणक का आयोजन बड़े ही भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। जैसे ही सौधर्म इंद्र बने देवेंद्र जैन ने तीर्थंकर बालक के जन्म की घोषणा की, पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।</p>
<p><strong>कुबेर इंद्र ने की रत्नों की वर्षा</strong></p>
<p>जन्म कल्याणक की खुशी में चारों ओर उत्सव जैसा वातावरण बन गया। कुबेर इंद्र बने मोहन जैन द्वारा रत्नों की वर्षा की गई। श्रद्धालुओं ने इस दिव्य दृश्य का आनंद लिया और भगवान के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।</p>
<p><strong>हाथी पर निकली भव्य शोभायात्रा</strong></p>
<p>सौधर्म इंद्र ने तीर्थंकर बालक को हाथी पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया। बैंड-बाजों और जयघोष के साथ निकली यह शोभायात्रा अयोध्या नगरी निराला रंग विहार से शुरू होकर महावीर गंज, देव नगर कॉलोनी, इटावा रोड, बताशा बाजार, सदर बाजार और गोल मार्केट होते हुए पुनः आयोजन स्थल पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह स्वागत किया।</p>
<p><strong>जन्माभिषेक का हुआ आयोजन</strong></p>
<p>नगर भ्रमण के बाद सौधर्म इंद्र द्वारा तीर्थंकर बालक का जन्माभिषेक किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति और श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।</p>
<p><strong>भगवान का जन्म विश्व कल्याण के लिए होता है</strong></p>
<p>धर्मसभा को संबोधित करते हुए पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने कहा कि तीर्थंकर भगवान का जन्म केवल एक परिवार या समाज के लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व के कल्याण के लिए होता है। जब तीर्थंकर भगवान जन्म लेते हैं तो चारों ओर खुशियां छा जाती हैं और एक पल के लिए नारकीय जीव भी सुख की अनुभूति करते हैं।</p>
<p><strong>माताओं से कराया गर्भपात न करने का संकल्प</strong></p>
<p>अपने उद्बोधन में पट्टाचार्यश्री ने मातृत्व की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि कौन जानता है किस गर्भ में कोई महापुरुष या भगवान बनने योग्य आत्मा पल रही हो। उन्होंने उपस्थित माताओं से गर्भपात न करने और न कराने का संकल्प दिलाया। सभा में मौजूद महिलाओं ने हाथ उठाकर इस संकल्प को स्वीकार किया।</p>
<p><strong>सत्य को जानने वाला ही पाता है मुक्ति</strong></p>
<p>पट्टाचार्यश्री ने कहा कि जन्म और मृत्यु तो संसार का नियम है, लेकिन जो व्यक्ति सत्य को जान लेता है वह जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो सकता है। सत्य त्रिकालिक है और उसे समझने वाला जीवन के वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त कर लेता है।</p>
<p><strong>पूर्व विधायक संजीव सिंह ने लिया आशीर्वाद</strong></p>
<p>जन्म कल्याणक के अवसर पर पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह भी महोत्सव में पहुंचे और पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर महाराजश्री ने उन्हें &#8220;विचार&#8221; नामक पुस्तक भेंट करते हुए नियमित स्वाध्याय का संदेश दिया।</p>
<p><strong>समाज सेवा की मिसाल बनी जलपान सेवा</strong></p>
<p>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में गोलालारे समाज सेवा समिति भिंड के सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जलपान सेवा भी लगातार संचालित की जा रही है। सेवा कार्य में समाज के सदस्य पूरे समर्पण के साथ जुटे हुए हैं।</p>
<p><strong>बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु</strong></p>
<p>महोत्सव में प्रतिष्ठाचार्य अभिषेक जैन, आशीष जैन, विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह, मुकेश जैन बड़ेरी, रविसेन जैन, विनोद जैन, पार्षद मनोज जैन, यश जैन, जगदीश जैन, राजेंद्र जैन, महेंद्र जैन, मनीष जैन, मोनू जैन, कमलेश जैन, सोनू जैन, सचिन जैन, वैभव जैन सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे।</p>
<p>पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, उल्लास और धर्मभावना का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।</p>
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		<title>रत्नात्रयगिरि अतिशय क्षेत्र पावई का जारी है जीर्णोद्वार : नवम्बर में होगा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Jan 2026 13:47:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आगामी नवंबर में आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के सानिध्य में अद्वितीय अस्मरणीय ऐतिहासिक महापंचकल्याण का आयोजन होने जा रहा है। पावई कमेटी एवं गोलालारे समाज ने सकल जैन समाज से आग्रह किया। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की खबर&#8230; भिंड। नगर से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रत्नात्रयगिरि अतिशय क्षेत्र पावई अति प्राचीन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आगामी नवंबर में आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के सानिध्य में अद्वितीय अस्मरणीय ऐतिहासिक महापंचकल्याण का आयोजन होने जा रहा है। पावई कमेटी एवं गोलालारे समाज ने सकल जैन समाज से आग्रह किया। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> नगर से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रत्नात्रयगिरि अतिशय क्षेत्र पावई अति प्राचीन है। यहां से दिगंबर जैन समाज के दो गोत्र जिसमें गोलारारे और ख़रुआ उत्पत्ति का बताया गया है। यह क्षेत्र लगभग 2000 से ज्यादा वर्ष प्राचीन है और यहां पर दिगंबर जैन मंदिर था, जिसका प्रमाण यह है कि यहां वहां प्राचीन जिन मंदिरों के अवशेष मिलते हैं। जिनके दर्शन करने के लिए आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज जी ने बताया कि यह मंदिर जीर्णोद्धार के लिए हैं। इसका जीर्णोद्धार कराया जाए। इसी क्रम में पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज भी अति प्राचीन क्षेत्र के दर्शन के लिए पधारे उन्होंने भी यही बताया। आचार्य श्री विराग सागर महाराज ने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए कहा और उन्हीं के आदेश अनुसार यहां पर एक भव्य 5 शिखरों वाला भव्य जिनालय बनकर तैयार हो चुका है। जिसमें पांच अद्भुत वेदियां बनकर तैयार हो चुकी है। जिस पर श्रीजी की प्रतिमाएं विराजमान होगी और साथ में ही यहां पर अद्भुत अविस्मरणीय मान स्तंभ भी बनने जा रहा है, जो 24 प्रतिमाओं से युक्त होगा इसके साथ ही यहां पर जो अतिप्राचीन भगवान नमिनाथ की प्रतिमा है। वह दिन में तीन बार रंग बदलती है, ऐसा समाज के लोगों द्वारा बहुत बार देखा है इसके साथ ही आगामी नवंबर में आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के सानिध्य में अद्वितीय अस्मरणीय ऐतिहासिक महापंचकल्याण का आयोजन होने जा रहा है। पावई कमेटी एवं गोलालारे समाज ने सकल जैन समाज से आग्रह किया। इस आयोजन में भाग लेकर पुण्य लाभ कमाए।</p>
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		<title>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन प्रभु जन्म कल्याणक मनाया : स्वर्णमयी पांडुक शिला पर होने वाला यह जन्माभिषेक तीनों लोकों को आनंदित करता है </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/on_the_third_day_of_the_panchkalyanak_pratishtha_festival_the_birth_anniversary_of_lord_mahavira_was_celebrated/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Jan 2026 12:08:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[6 दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन प्रभु जन्म कल्याणक महोत्सव शोभायात्रा निकाली गई। मुनिश्री विनयसागरजी महाराज ने जनसमुदाय को संबोधित करते हुए तीर्थंकर जन्म की महानता पर प्रकाश डाला। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;. भिंड। यहां चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को प्रभु जन्म [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>6 दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन प्रभु जन्म कल्याणक महोत्सव शोभायात्रा निकाली गई। मुनिश्री विनयसागरजी महाराज ने जनसमुदाय को संबोधित करते हुए तीर्थंकर जन्म की महानता पर प्रकाश डाला। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;.</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> यहां चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को प्रभु जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर धर्मनगरी से एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। मुनिश्री विनयसागरजी महाराज ने जनसमुदाय को संबोधित करते हुए तीर्थंकर जन्म की महानता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तीर्थंकर शिशु के जन्म लेते ही स्वर्ग से नरक लोक तक प्रसन्नता की लहर दौड़ जाती है। उन्होंने बताया कि सौधर्म इंद्र अवधि ज्ञान से जन्म की सूचना पाकर अपनी इंद्राणी शची और देवगणों के साथ जन्माभिषेक के लिए सुमेरू पर्वत पर उतरते हैं। स्वर्णमयी पांडुक शिला पर क्षीरसागर के जल से होने वाला यह जन्माभिषेक तीनों लोकों को आनंदित करता है। महाराज ने भिंड की धार्मिकता, विनयशीलता और भक्ति की सराहना करते हुए कहा कि यह भूमि प्राचीन काल से ही विद्वानों और धर्मनिष्ठ जनों की रही है। यहां की जनता का उत्साह और भक्ति प्रेरणादायक है।</p>
<p><strong>यह तीसरा पंचकल्याणक है</strong></p>
<p>कार्यक्रम में पंचकल्याणक कमेटी संरक्षक नीतेश जैन समाज को अहिंसा और करुणा का जीवंत प्रतीक बताया। कमेटी अध्यक्ष सपना जैन ने कहा कि अपने सेवाकाल में यह तीसरा पंचकल्याणक है। जिसमें शामिल होकर वे स्वयं को धन्य मानते हैं। कमेटी उपाध्यक्ष सुनीता मोदी ने कहा कि विश्व शांति का मार्ग भगवान महावीर की सत्य, अहिंसा और करुणा की शिक्षाओं से ही निकलता है।</p>
<p><strong>रत्न वर्षा ने पूरे माहौल को दिव्य बना दिया</strong></p>
<p>धर्म नगरी भिंड में निकली शोभायात्रा में 3 बग्गियां, 1 हाथी और 1 डीजे शामिल रहे। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कार्यक्रम स्थल पहुंची। जहां सौधर्म इंद्र द्वारा जन्माभिषेक हुआ। शोभायात्रा के दौरान हुई रत्न वर्षा ने पूरे माहौल को दिव्य बना दिया। कार्यक्रम में सकल जैन समाज सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। नगर भर में प्रभु जन्म की जयध्वनि गूंजती रही और भिंड दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।</p>
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		<title>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिन घट यात्रा एवं ध्वजारोहण : नूतन वर्ष पर दादा गुरु समाधि सम्राट की 31 और 1 जनवरी को होगा महाअर्चना विधान  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 11:41:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नगर एक अदभुत और पवित्र अयोध्या नगरी में 31 दिसम्बर को महामहोत्सव का आगाज हुआ। महाअर्चना विधान एवं एक शाम गुरु के नाम कार्यक्रम आयोजित होगा। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230; भिंड। नगर एक अदभुत और पवित्र अयोध्या नगरी में 31 दिसम्बर को महामहोत्सव का आगाज हुआ। मुनि श्री विनय सागर जी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नगर एक अदभुत और पवित्र अयोध्या नगरी में 31 दिसम्बर को महामहोत्सव का आगाज हुआ। महाअर्चना विधान एवं एक शाम गुरु के नाम कार्यक्रम आयोजित होगा। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> नगर एक अदभुत और पवित्र अयोध्या नगरी में 31 दिसम्बर को महामहोत्सव का आगाज हुआ।</p>
<p>मुनि श्री विनय सागर जी एवं मुनि श्री अनुकरण सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में बुधवार को घट यात्रा की शुरुआत श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर किला गेट से प्रारंभ हुई। बजरिया, गोल मार्किट, सदर बाजार, परेड चोरहा, लश्कर रोड होते हुए कार्यक्रम स्थल श्री 1008 महावीर कीर्ति स्तम्भ जैन मंदिर परिसर पहुंची। मुनि श्री विनय सागर जी महामुनिराज के मंत्रोच्चारण द्वारा ध्वजारोहण किया गया। 31 दिसम्बर से 1 जनवरी तक गणचार्य श्री विराग सागर जी महामुनिराज की महाअर्चना विधान एवं एक शाम गुरु के नाम कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में भिंड जिले की सामाजिक संस्था सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</p>
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		<title>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए मुनिसंघ का मंगल प्रवेश : श्रद्धालुओं ने मार्ग में कई स्थानों पर मुनिसंघ की आरती उतारी </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 Nov 2024 10:09:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पाषाण से भगवान बनाने की मात्र एक क्रिया ही नहीं बल्कि भाव विशुद्धि के साथ भगवान की भक्ति करके भवसागर से पार उतरने का एक अतिउत्तम मार्ग है, उपरोक्त उद्गार मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज जी ने वैभवनगर में प्रातःकालीन धर्म सभा में व्यक्त किये। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट&#8230; इंदौर। पाषाण से भगवान [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पाषाण से भगवान बनाने की मात्र एक क्रिया ही नहीं बल्कि भाव विशुद्धि के साथ भगवान की भक्ति करके भवसागर से पार उतरने का एक अतिउत्तम मार्ग है, उपरोक्त उद्गार मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज जी ने वैभवनगर में प्रातःकालीन धर्म सभा में व्यक्त किये। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> पाषाण से भगवान बनाने की मात्र एक क्रिया ही नहीं बल्कि भाव विशुद्धि के साथ भगवान की भक्ति करके भवसागर से पार उतरने का एक अतिउत्तम मार्ग है, उपरोक्त उद्गार मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने वैभवनगर में प्रातःकालीन धर्म सभा में व्यक्त किये। मुनि श्री ने कहा कि भवसागर से पार उतने के लिये दो ही मार्ग हैं &#8220;साधना तथा आराधना&#8221;। साधना के मार्ग में चलने के लिये खुद अपना मार्ग बनाना पड़ता है। इस मार्ग पर दृढ़ इच्छा का धनी व्यक्ति ही चल सकता है। दूसरा मार्ग है भगवान की भक्ति आराधना का मार्ग, जिसमें &#8220;भाव विशुद्धि&#8221; के साथ भवसागर को पार किया जा सकता है। सभी को आशीर्वाद देते हुए उन्होंने कहा कि भले ही यह गोकुल नगर के जिनबिम्वों का पंचकल्याणक है, इसके साथ-साथ वैभव नगर, उदय नगर, गोयल नगर, तिलक नगर, ग्रेटर ब्रजेश्वरी, संविद नगर, सुखशांति नगर एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं का पुण्य एक साथ जाग्रत हुआ जो वैभवनगर तक आ गया।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-70482" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0023.jpg" alt="" width="1080" height="643" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0023.jpg 1080w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0023-300x179.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0023-1024x610.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0023-768x457.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241130-WA0023-990x589.jpg 990w" sizes="(max-width: 1080px) 100vw, 1080px" />मुनिसंघ का मंगल प्रवेश पंचकल्याणक स्थल वैभवनगर में हुआ</strong></p>
<p>धर्म प्रभावना समिति के प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी के अनुसार तय समय पर शंका समाधान एवं भावनायोग प्रवर्तक मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज मुनि श्री निर्वेग सागर महाराज, मुनि श्री सन्धानसागर महाराज, क्षु.श्री आदरसागर, समादरसागर, चिद्रूपसागर, स्वभावसागर, सुभगसागर महाराज के संघ सानिध्य में तथा प्रतिष्ठाचार्य अभय भैया, नितिन भैया, अनिल भैया तथा उदासीन आश्रम के सभी भैयाजी के साथ प्रारंभ हुआ। संविद नगर कनाडिया रोड़ से होते हुये वैभवनगर पहुंचा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन किया। सड़क पर सुंदर-सुंदर रांगोली बनाई गयी थी। मार्ग में कई स्थानों पर मुनिसंघ की मंगल आरती उतारी। मुनिसंघ का मंगल प्रवेश पंचकल्याणक स्थल वैभवनगर में हुआ तो सभी उत्साही कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर गुरूदेव की जयजयकार की एवं पाद प्रक्षालन कर सामूहिक आरती उतारी।</p>
<p><strong>ये सभी उपस्थित रहे</strong></p>
<p>महोत्सव के संयोजक हर्ष जैन धर्मप्रभावना समिति के अध्यक्ष अशोक डोसी, नवीन आनंद गोधा, पार्षद राजीव जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन, जुलूस संयोजक जिनेश झांझरी, पवन सिंघई सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रभावना समिति एवं सकल दिगंबर जैनसमाज के कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।</p>
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		<title>श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 19 से 25 मार्च तक   भव्य घटयात्रा जुलूस के साथ शुरू हुआ श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव  </title>
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		<pubDate>Tue, 19 Mar 2024 11:43:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 19 मार्च को दलाल बाग छत्रपति नगर में शुरू हो गया है, जो 25 मार्च तक चलेगा। प्रथम दिन श्री आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर इंदौर से दलाल बाग के लिए भव्य घटयात्रा जुलूस निकाला गया। पढि़ए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट&#8230;   इंदौर। श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 19 [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 19 मार्च को दलाल बाग छत्रपति नगर में शुरू हो गया है, जो 25 मार्च तक चलेगा। प्रथम दिन श्री आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर इंदौर से दलाल बाग के लिए भव्य घटयात्रा जुलूस निकाला गया। <span style="color: #ff0000">पढि़ए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट&#8230;  </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> श्री 1008 मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 19 मार्च को दलाल बाग छत्रपति नगर में शुरू हो गया है, जो 25 मार्च तक चलेगा। संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज चर्या शिरोमणि आचार्य विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के पावन आशीर्वाद एवं पूज्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ससंघ प्रतिष्ठाचार्य वाणी भूषण बाल ब्रह्मचारी विनय भैया बंडा के पावन सानिध्य में यह महोत्सव आयोजित हुआ। पहले दिन घट यात्रा जुलूस निकाला गया। प्रात: 7:30 बजे श्री आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर इंदौर से दलाल बाग के लिए निकली संपूर्ण भव्य घटयात्रा में ऊंट-घोड़े-बग्गी-सुमधुर बेंड की धुन-ढोल-नगाड़े-लवाजमो से सुशोभित थी।</p>
<p>घट यात्रा जुलूस कॉलोनी के विभिन्न मार्गो से होता हुआ दलाल बाग पहुंचा। जहां पर पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम सोपान मंडप उद्घाटन, मंडप प्रतिष्ठा तत्पश्चात अभिषेक शांति धारा पूजन एवं ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस घट यात्रा जुलूस में दिगंबर जैन समाज समाजिक सांसद के मंत्री डॉ जैनेन्द्र जैन ट्रस्ट अध्यक्ष कैलाश चंद नेताजी, कमल जैन चेलेंजर, प्रकाशचंद जैन, भुपेंद्र जैन, राकेश नायक, अखिलेश सोधीया, अरविंद सौधीया, सचिन जैन, समता सोधीया, मुक्ता जैन, मीना जैन, पद्मजा नायक आदि समाज जन उपस्थित हुए।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-57374" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/IMG-20240319-WA0029.jpg" alt="" width="960" height="1280" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/IMG-20240319-WA0029.jpg 960w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/IMG-20240319-WA0029-225x300.jpg 225w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/IMG-20240319-WA0029-768x1024.jpg 768w" sizes="(max-width: 960px) 100vw, 960px" />सभी पुरुष वर्ग सफेद वस्त्र, सभी महिला मंडल अपने मंडल की ड्रेसकोड एवं अन्य महिलाएं पीली साड़ी में घटयात्रा में शामिल हो कर भक्ति करते हुए चल रही थी। इस पंचकल्याणक महामहोत्सव मे ध्वजारोहण का सौभाग्य सुंदर लाल, सुशील कुमार, सतीश कुमार, सजल, परयुल डबडेरा परिवार को प्राप्त हुआ है।</p>
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		<title>10 से 15 मार्च होगा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव : सौधर्म ईन्द्र- ईंद्राणी बनने वालों का हुआ अभिनंदन समारोह  </title>
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		<pubDate>Mon, 04 Mar 2024 15:23:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के कटिहार में नवनिर्मित मंदिर का आगामी 10 से 15 मार्च तक होने वाले श्री 1008 आदिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मे सुशील कुमार- संगीता देवी गंगवाल (गुवाहाटी) को सौधर्म ईन्द्र- ईंद्राणी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर रविवार को पचार समाज, गुवाहाटी द्वारा उनके निवास स्थल में एक अभिनंदन समारोह [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पश्चिम बंगाल के कटिहार में नवनिर्मित मंदिर का आगामी 10 से 15 मार्च तक होने वाले श्री 1008 आदिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मे सुशील कुमार- संगीता देवी गंगवाल (गुवाहाटी) को सौधर्म ईन्द्र- ईंद्राणी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर रविवार को पचार समाज, गुवाहाटी द्वारा उनके निवास स्थल में एक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए एक रिपोर्ट ।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>गुवाहाटी।</strong> पश्चिम बंगाल के कटिहार में नवनिर्मित मंदिर का आगामी 10 से 15 मार्च तक आर्यिका 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ के सानिध्य में आयोजित होने वाले श्री 1008 आदिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मे सुशील कुमार- संगीता देवी गंगवाल (गुवाहाटी) को सौधर्म ईन्द्र- ईंद्राणी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर रविवार को पचार समाज, गुवाहाटी द्वारा उनके निवास स्थल में एक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमे विजय कुमार गंगवाल, विनय छाबड़ा, टिकम चंद बड़जात्या, मुकेश पाटनी, सोनु काला, विजय कुमार पाटनी आदि ने सौधर्म इंद्र का तिलक लगाकर, व माला &#8211; दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया।व ममता छाबड़ा, प्रियंका गंगवाल , प्रियंका पाटनी, संगीता पाटनी, आदि ने सौधर्म-इंद्राणी का अभिनंदन किया। मालूम हो कि सुशील कुमार-संगीता देवी गंगवाल ने सूर्य पहाड़ के पंचकल्याणक महोत्सव मे भी एक प्रतिमा विराजमान करने का सौभाग्य प्राप्त किया था।</p>
<p><strong>ये रहे मौजूद </strong></p>
<p>कार्यक्रम में सुनील कुमार सेठी, मनोज पाटनी, सुमित सेठी, जितेंद्र जैन, प्रमोद जैन, मनोज पाटनी, मुकेश सेठी आदि लोगों के अलावा काफी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे। यह जानकारी सुनील कुमार सेठी द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।</p>
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		<title>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव मे शांति कुमार की हुई दीक्षा :  पसीना बहाओगे तो स्वस्थ रहोगे नहीं तो अस्वस्थ रहोगे &#8211; आचार्य सुनील सागर </title>
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		<pubDate>Sun, 03 Mar 2024 09:48:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थंकर वही बनते हैं जो जग के कल्याण की भावना रखते हैं। जीवों के प्रति करुणा रखते हैं। अयोध्या में पांच तीर्थकरों ने जन्म लिया वही बीसवें तीर्थंकर के काल मे राम ने जन्म लिया। उनका भी वंश इक्ष्वाकु ही था। उक्त उदगार जैन आचार्य सुनील सागर महाराज ने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में दीक्षा कल्याणक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>तीर्थंकर वही बनते हैं जो जग के कल्याण की भावना रखते हैं। जीवों के प्रति करुणा रखते हैं। अयोध्या में पांच तीर्थकरों ने जन्म लिया वही बीसवें तीर्थंकर के काल मे राम ने जन्म लिया। उनका भी वंश इक्ष्वाकु ही था। उक्त उदगार जैन आचार्य सुनील सागर महाराज ने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में दीक्षा कल्याणक के अवसर पर व्यक्त किये।<span style="color: #ff0000"> पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कामां।</strong> तीर्थंकर वही बनते हैं जो जग के कल्याण की भावना रखते हैं। जीवों के प्रति करुणा रखते हैं। अयोध्या में पांच तीर्थकरों ने जन्म लिया वही बीसवें तीर्थंकर के काल मे राम ने जन्म लिया। उनका भी वंश इक्ष्वाकु ही था। उक्त उदगार जैन आचार्य सुनील सागर महाराज ने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में दीक्षा कल्याणक के अवसर पर व्यक्त किये। आचार्य ने कहा कि वर्तमान में व्यक्ति बड़ा आलसी हो गया है। पसीना बहाओगे तो स्वस्थ रहोगे नहीं तो अस्वस्थ ही रहोगे। सभी अपना कार्य स्वयं करो। आचार्य ने समझाते हुए कहा कि व्यक्ति की चमड़ी की पूजा नहीं, गुणों की पूजा होती है। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के चौथे दिन भगवान के दीक्षा कल्याण की क्रियाओं से युवराज शांति कुमार के विवाह उत्सव आदि के आयोजन हुए तो धूमधाम के साथ युवराज शांति कुमार की बारात निकाली गई। इस अवसर पर युवराज शांति कुमार के भाई बनने का सौभाग्य आकिंचन जैन बल्लभगढ़ को प्राप्त हुआ।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-56594" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-03-at-3.09.22-PM.jpeg" alt="" width="1152" height="864" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-03-at-3.09.22-PM.jpeg 1152w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-03-at-3.09.22-PM-300x225.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-03-at-3.09.22-PM-1024x768.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-03-at-3.09.22-PM-768x576.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-03-at-3.09.22-PM-74x55.jpeg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-03-at-3.09.22-PM-111x83.jpeg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-03-at-3.09.22-PM-215x161.jpeg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-03-at-3.09.22-PM-990x743.jpeg 990w" sizes="(max-width: 1152px) 100vw, 1152px" /><br />
<strong>अब संतों का काम प्रारंभ</strong></p>
<p>भगवान की हुई दीक्षा कार्यक्रम में दोपहर की क्रियाओं में युवराज शांति कुमार को वैराग्य हुआ और आचार्य द्वारा दीक्षा प्रदान की तो दीक्षा महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर पिच्छी कमण्डल भेंट कर मुनि दीक्षा कराई गई तो आचार्य ने कहा कि अब गृहस्थों का काम खत्म अब संतों का काम प्रारंभ हो गया है। अब यह पाषाण भगवान बनने की ओर अग्रसर है आप सभी को मर्यादित रहते हुए आगे की क्रियाएं करनी चाहिए। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में दूर दराज से हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन पधार रहे हैं और जैन समाज के द्वारा उनका स्वागत अभिनंदन भी किया जा रहा है।</p>
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		<title>हेलीकॉप्टर से होगी पुष्प वृष्टि : पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव 28 फरवरी से 4 मार्च तक </title>
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		<pubDate>Sat, 10 Feb 2024 09:11:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[परम पूज्य समाधिस्थ प्रथम गणिनी श्री विजयमति माताजी की पावन जन्मभूमि कामां जिला डीग (राजस्थान) में देवाधिदेव 1008 श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर दीवान जी व गुरु मंदिर का भव्यतम पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ 28 फरवरी से 4 मार्च कामसैन स्टेडियम कोटि ऊपर, कामां, राजस्थान में आचार्य श्री सुनील सागर जी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>परम पूज्य समाधिस्थ प्रथम गणिनी श्री विजयमति माताजी की पावन जन्मभूमि कामां जिला डीग (राजस्थान) में देवाधिदेव 1008 श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर दीवान जी व गुरु मंदिर का भव्यतम पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ 28 फरवरी से 4 मार्च कामसैन स्टेडियम कोटि ऊपर, कामां, राजस्थान में आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में होगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>कामां।</strong> परम पूज्य समाधिस्थ प्रथम गणिनी श्री विजयमति माताजी की पावन जन्मभूमि कामां जिला डीग (राजस्थान) में देवाधिदेव 1008 श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर दीवान जी व गुरु मंदिर का भव्यतम पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ 28 फरवरी से 4 मार्च कामसैन स्टेडियम कोटि ऊपर, कामां, राजस्थान में आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में होगा। महोत्सव प्रतिष्ठाचार्य पंडित महावीर गींगला, उदयपुर, सहप्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी विनय भैया प्रतापगढ़ ,पंडित सनत कुमार जैन जयपुर, संजय भैया सागर के निर्देशन में होगा।</p>
<p><strong>कवि सम्मेलन-भजन संध्या सहित कई कार्यक्रम</strong></p>
<p>महोत्सव समिति के अध्यक्ष गजेंद्र बडजात्या ने बताया कि 26 फरवरी को प्रतिष्ठा पूर्व की विधि, 27 फरवरी को हल्दी, मेहंदी व संगीत संध्या का आयोजन रखा गया है। कलश स्थापनकर्ता दुलीचंद शीतल कुमार बेनाडा कामां, चित्र अनावरणकर्ता दिनेश कुमार नवीन कुमार ठेकेदार कामां, दीप प्रज्वलनकर्ता रेवती लाल अनिल कुमार जैन लहसरिया कामां होंगे। महोत्सव समिति के महामंत्री संजय बडजात्या ने बताया कि महोत्सव में ध्वजारोहणकर्ता बाबा ज्ञानचंद (अगोन वाले) फिरोजपुर झिरका, पांडाल उद्घाटनकर्ता सुभाष पुष्पा बिजली वाले कामां होंगे। इसके बाद 29 फरवरी को मैजिक मिस्टिशिया मैजिशियन विलशन केरल के द्वारा विशेष प्रस्तुति, 2 मार्च को कवि सम्मेलन, 3 मार्च को विक्की डी पारेख मुंबई द्वारा भजन संध्या आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए हैं। जन्म कल्याणक के अवसर पर हेलीकॉप्टर से प्रथम पुष्प वृष्टि परमानंद मुकेश पेंट वाले कामां परिवार द्वारा की जाएगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-55512" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/02/WhatsApp-Image-2024-02-10-at-2.37.11-PM-1.jpeg" alt="" width="307" height="360" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/02/WhatsApp-Image-2024-02-10-at-2.37.11-PM-1.jpeg 307w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/02/WhatsApp-Image-2024-02-10-at-2.37.11-PM-1-256x300.jpeg 256w" sizes="auto, (max-width: 307px) 100vw, 307px" /><br />
<strong>होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम</strong></p>
<p>कार्यक्रम के मुख्य संयोजक विकास बडजात्या वैशाली नगर जयपुर ने बताया कि 28 फरवरी को गर्भकल्याणक (पूर्वार्द्ध) क्रियाएं रात्रि को सौधर्म इंद्रसभा, तीर्थंकर माता के 16 स्वप्न दर्शन, 29 फरवरी को गर्भकल्याणक (उत्तरार्द्ध) क्रियाएं, दोपहर में माता की गोद भराई , 1 मार्च को जन्म कल्याण क्रियाएं , प्रातः भगवान का जन्म, 11:00 बजे जन्म कल्याण की विशाल शोभायात्रा, जन्माभिषेक, हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा, रात्रि में तीर्थंकर बालक का पालना झुलाना, बाल क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, 2 मार्च को दीक्षा कल्याणक, 3 मार्च को केवल ज्ञान कल्याणक क्रियाएं, प्रातः आहारचर्या की क्रियाएं, 4 मार्च को मोक्ष कल्याणक क्रियाएं होंगी। दोपहर को प्रतिष्ठा समापन समारोह का आयोजन रखा गया है।</p>
<p><strong>इन्हें मिला सौभाग्य</strong></p>
<p>कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक उदयभान जैन बडजात्या जयपुर ने बताया कि इस विशाल प्रतिष्ठा महोत्सव में तीर्थंकर के माता-पिता बनने का सौभाग्य वीरचंद उषा बडजात्या कामां वाले, दिल्ली को, सौधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य रिंकेश &#8211; दीपा बडजात्या को, धनपति कुबेर बनने का सौभाग्य वैभव रिया जैन तेल वाले कामां को, महायज्ञ नायक बनने का सौभाग्य पारस -मीरा बडजात्या, कामां वाले जयपुर को मिला है। ईशान इंद्र बनने का सौभाग्य दीपक दीपाली बिजली वाले, सनत कुमार इंद्र बनने का सौभाग्य मुकेश स्नेह लता जैन को, माहेंद्र बनने का सौभाग्य रवि अंजलि बडजात्या को, महामंडलेश्वर बनने का सौभाग्य धर्मचंद अंजना जैन को, मंडलेश्वर बनने का सौभाग्य सुभाष पुष्पा जैन बिजली वाले को, ब्रह्मेंद्र बनने का सौभाग्य वैभव पूजा बडजात्या को, लान्तव इंद्र बनने का सौभाग्य नीरज वंदना सराफ को, शुक्र इंद्र बनने का सौभाग्य राजेंद्र सीमा जैन को तथा शतार इन्द्र बनने का सौभाग्य ज्ञानचंद मीना अजमेरा पाली को, तीर्थंकर की बुआ बनने का सौभाग्य कविता जैन बल्लभगढ़ को, स्वर्ण सौभाग्यवती बनने का सौभाग्य शिखा जैन अगोनिया को, अखंड सौभाग्यवती बनने का सौभाग्य नीतू चंद्र कुमार बडजात्या को, सौभाग्यवती बनने का सौभाग्य संजना बडजात्या, मनीषा जैन, इंदिरा कानूनगो, मिनी बडजात्या, सीमा बडजात्या, नेहा बडजात्या, पायल बडजात्या दिल्ली, सीमा जैन जयपुर, प्रिया बडजात्या जयपुर, मेनका बडजात्या जयपुर, चंद्रप्रभा बडजात्या जयपुर, अंशु जैन पंसारी, सलोनी अगोनिया, नेहा सराफ, वरखा सराफ एवं अनीता बडजात्या जयपुर को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>ये रहेंगे पुण्यार्जक</strong></p>
<p>महोत्सव के कोषाध्यक्ष अशोक बडजात्या जयपुर ने बताया कि महोत्सव में सामग्री पुण्यार्जक परिवार गिरनारी लाल भगवान दास पंसारी परिवार, भोजन पुण्यार्जक अजित रेडीमेड वाले, अजीत प्रसाद अगोनिया, महावीर प्रसाद पथरारी वाले, गिरनारी लाल मुकेश कुमार जैन, विनोद लाल राजेंद्र कुमार कानूगो, जमनादास भागचंद लुहारिया, तिलकमती, राकेश सीमा भीलवाड़ा वाले एवं बडजात्या परिवार रहेंगे। मुख्य कलश स्थापनाकर्ता दुलीचंद चंद शीतल कुमार बेनाडा, चित्र अनावरणकर्ता दिनेश कुमार नवीन कुमार ठेकेदार, दीप प्रज्वलनकर्ता रेवती लाल अनिल कुमार जैन लहसरिया कामां होंगे।</p>
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		<title>आचार्य श्री प्रमुख सागर के सानिध्य में चर्चा के लिए होगी सभा :  पंचकल्याणक प्रतिष्ठा तथा महामस्तकाभिषेक महोत्सव 22 फरवरी से </title>
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		<pubDate>Tue, 19 Dec 2023 13:38:48 +0000</pubDate>
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<p><strong>आचार्य 108 श्री योगीन्द्र सागर जी महाराज की प्रेरणा से एवं परम्परा के महान एवं‌ बहुश्रुत आचार्य, अध्यात्म योगी, चर्या शिरोमणि आचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में श्री दिगम्बर जैन धर्मस्थल शीतलतीर्थ, रतलाम (म.प्र.) में आगामी 22 फरवरी से 28 फरवरी 2024 तक भगवान आदिनाथ जिनबिम्ब एवं 72 जिनालय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा तथा महामस्तकाभिषेक का आयोजन होने जा रहा है। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रतलाम।</strong> आचार्य 108 श्री योगीन्द्र सागर जी महाराज की प्रेरणा से एवं परम्परा के महान एवं‌ बहुश्रुत आचार्य, अध्यात्म योगी, चर्या शिरोमणि आचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में श्री दिगम्बर जैन धर्मस्थल शीतलतीर्थ, रतलाम (म.प्र.) में आगामी 22 फरवरी से 28 फरवरी 2024 तक भगवान आदिनाथ जिनबिम्ब एवं 72 जिनालय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा तथा महामस्तकाभिषेक का आयोजन होने जा रहा है।</p>
<p>इस महोत्सव के अध्यक्ष कमल ठोलिया एवं संयोजक नरेन्द्र रारा ने बताया कि आगामी 22 से 26 फरवरी 2024 तक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा तदुपरांत 26 से 28 फरवरी के मध्य महामस्तकाभिषेक भव्य रूप में संपन्न होगा। इस पंचकल्याणक एवं‌ महामस्तकाभिषेक महोत्सव की विस्तृत जानकारी अवगत कराने के लिए आचार्य श्री प्रमुख सागर जी महाराज के सानिध्य में रतलाम से पधारे महोत्सव के‌ पदाधिकारियों की‌ उपस्थिति में बुधवार को फैन्सी बजार‌ स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर के‌ मुनिसुव्रतनाथ वेदी प्रांगण में प्रातः 8:00 बजे विशेष धर्मसभा का आयोजन किया गया है।</p>
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