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	<title>Panchkalyan Pratishtha Mahotsav &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Panchkalyan Pratishtha Mahotsav &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>घटयात्रा ध्वजारोहण सकलीकरण से पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू : मुख्य पंडाल में श्री जी को विराजमान कर अभिषेक शांतिधारा की  </title>
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		<pubDate>Sat, 08 Nov 2025 09:58:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी के सानिध्य में पांच दिवसीय पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव ब्रह्मचारी नमन भैया के निर्देशन में हो रहा है। प्रातः की बेला से ही भक्तों का मंदिर आना शुरू हो गया था। सर्वप्रथम देव आज्ञा के बाद आचार्य श्री से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव निर्विघ्न संपन्न हो, इसके लिए देव आज्ञा ली गई। रामगंजमंडी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी के सानिध्य में पांच दिवसीय पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव ब्रह्मचारी नमन भैया के निर्देशन में हो रहा है। प्रातः की बेला से ही भक्तों का मंदिर आना शुरू हो गया था। सर्वप्रथम देव आज्ञा के बाद आचार्य श्री से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव निर्विघ्न संपन्न हो, इसके लिए देव आज्ञा ली गई। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी के सानिध्य में पांच दिवसीय पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव ब्रह्मचारी नमन भया के निर्देशन में हो रहा है। प्रातः की बेला से ही भक्तों का मंदिर आना शुरू हो गया था। सर्वप्रथम देव आज्ञा के बाद आचार्य श्री से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव निर्विघ्न संपन्न हो, इसके लिए देव आज्ञा ली गई। साथ ही नगर के प्रमुख मार्ग से होते हुए घटयात्रा भी निकली। घटयात्रा में भी अपार उत्साह देखने को मिल रहा था। इसके उपरांत मुख्य पंडाल में श्री जी को विराजमान कर अभिषेक शांतिधारा की गई। वेदी शुद्धि, मंडप शुद्धि आदि की क्रियाएं की गई।</p>
<p>आयोजन की शुरुआत में ध्वजारोहण किया गया। यह भगवान स्वरूप पदमकुमार नीरजकुमार देवरी खानपुर वाले परिवार की ओर से किया गया। मंदिर जी का वातावरण भक्ति से ओतप्रोत रहा। इसी क्रम में इंद्र प्रतिष्ठा सकलीकरण आदि की क्रियाएं की गई। साथ ही याग मंडल विधान किया गया। दोपहर की बेला में भगवान की माता की गोद भराई की गई एवं भगवान के गर्भ कल्याण की खुशियां मनाई गई। इस महोत्सव में भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य सुधा जयकुमार डूंगरवाल परिवार को प्राप्त हुआ है।</p>
<p><strong>हमें तीनों लोकों को ज्ञात कराना है तो विशेष बनना पड़ता है। </strong></p>
<p>आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का महत्व समझाया। उन्होंने कहा हम अपने परमात्मा का गर्भकल्याणक मना रहे हैं। इसकी विशेषता है यह सामान्य नहीं है, इन क्षणों में तीनों लोक क्षण-क्षण के लिए सुकून प्राप्त करते हैं। ऐसे महान जीवों का हम गर्भ कल्याणक मनाते हैं। तीनों लोकों का ज्ञात कराना है तो विशेष बनना पड़ता है। आचार्य श्री ने कहा यदि हमें तीनों लोकों को ज्ञात कराना है तो विशेष बनना पड़ता है। हमे ही नहीं बनना पड़ता जन्मदाता को और गर्भधारण करने वाले को भी विशेष बनना पड़ता है।</p>
<p><strong>गर्भ कल्याणक ही आज मदर्स डे है </strong></p>
<p>उन्होंने गर्भ कल्याणक के विषय में कहा कि आज मदर्स डे है क्योंकि, गर्भ कल्याणक ही मां दिवस है। तीर्थंकर को गर्भ में धारण करने की योग्यता चाहिए। यह सबके बस की बात नहीं होती जो तीर्थंकर भगवान की अनंत भक्ति करते हैं। ऐसे जीव तीर्थंकर भगवान को गर्भ में धारण कर पाते हैं। परमात्मा से गले मिलकर नहीं जोड़ा जाता, परमात्मा को अपनी आस्था को जोड़ा जाता है। इतनी गहराई से जुड़ जाता है कि मनुष्य बने तो तीर्थंकर बन जाए महापुरुष बन जाए और महिलाएं हैं तो तीर्थंकर की माता बन जाए ऐसे जुड़ना चाहिए। आचार्य श्री ने पंचकल्याणक महोत्सव के लिए कहा कि यह पंचकल्याणक के 5 दिन आपके लिए अनमोल हैं। यह क्षण अमूल्य है आपके लिए तीन लोकों की संपत्ति एक तरफ है यदि आपका भाव कल्याणक के प्रति है, तीर्थंकर भगवान के पांचों कल्याणक हमारे भावों में हमारी क्रियाओं में चलने-फिरने में मात्र उनके कल्याणक और कुछ भी नहीं चाहिए, फिर देखो आनंद।</p>
<p><strong>झोली फैला रहे तो छोटी क्यों फैला रहे?</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने एक कथन के माध्यम से कहा कि यदि हम झोली फैला रहे हैं तो छोटी क्यों फैला रहे हैं ? इस विषय पर गुरुजी ने कहा कि इतनी बड़ी फैलाओं की देने वाला थक जाए, ऐसा मांगों की देने वाला सोच में पड़ जाए। लोग भगवान शांतिनाथ के समक्ष आकर कहते हैं कि मेरी दुकान नहीं चल रही, मेरी दुकान चल जाए। भगवान के समक्ष झोली इतनी बड़ी कर दो कि जैसे आप हो वैसा ही होना हमें जो आपके पास है वैसा का वैसा ही हमें चाहिए। उसमें सुई की नोक के बराबर भी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं भगवान के सामने छोटा भिखारी बनकर नहीं जाता। मैं बड़ा भिखारी बनकर जाता हूं। भावना ही भा रहे हो तो ऐसी भाव की अदभुत हो। वह भावना अपनी आत्मा में ऐसी दस्तक दे दे ऐसा हस्ताक्षर दे दे कि आप भी तीर्थंकर हो, आप भी केवली हो। ऐसी भावना भाओ कमजोर भावना भाने से मतलब क्या है।यदि कमजोर भावना भाएंगे तो धराशाई हो जाएंगे। रामगंजमंडी के लोग कमजोर नहीं है। 5 दिनों में यही काम करना है कि अपनी भावनाओं को इतना ऊपर ले जाना है कि हमें अगर इच्छा हो तो भावना हो तो मोक्ष की हो तीर्थंकर पद की हो, मोक्ष की हो, अनंत चतुष्टय की हो।</p>
<p><strong>आज जो मैं हूं आचार्य श्री विराग सागर जी की वजह से हूं </strong></p>
<p>आचार्य श्री के गुरु आचार्य श्री विराग सागर महाराज के आचार्य</p>
<p>पदारोहण दिवस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज में जो कुछ भी हूं आचार्य श्री विराग सागर की वजह से हूं। अगर गुरुदेव नहीं होते तो मैं भी नहीं होता। मैं नहीं होता तो मेरे पास भी कुछ भी नहीं होता। सारी की सारी कृपा उनकी है और यह सारा आशीर्वाद उन्हीं का है। मनुष्य पर्याय को सार्थक करने के लिए आचार्यश्री विराग सागर जी ने मुझे वरदान दिया कि मुझे दिगंबर बनाया। उनके उपकारों को हम सिर्फ स्मरण कर सकते हैं। रविवार की बेला में जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। जन्म की खुशियां मनाई जाएगी। जन्म कल्याण की शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्ग से होते हुए कृषि उपज मंडी पहुंचेगी, जहां बनी पांडुक शिला पर श्रीजी का अभिषेक होगा।</p>
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		<title>उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजन :  मोक्ष कल्याणक महोत्सव के साथ संपन्न हुआ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Nov 2024 06:23:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शमशाबाद रोड स्थित बरौली अहीर बगदा के आर.पी. जैन फार्म हाउस में 12 नवंबर से चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव का समापन 17 नवंबर को मोक्ष कल्याणक के साथ हुआ। इस आयोजन में मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में महोत्सव के अंतिम दिन मोक्ष कल्याणक की विधि संपन्न हुई। पढ़िए शुभम जैन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>शमशाबाद रोड स्थित बरौली अहीर बगदा के आर.पी. जैन फार्म हाउस में 12 नवंबर से चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव का समापन 17 नवंबर को मोक्ष कल्याणक के साथ हुआ। इस आयोजन में मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में महोत्सव के अंतिम दिन मोक्ष कल्याणक की विधि संपन्न हुई।<span style="color: #ff0000"> पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> शमशाबाद रोड स्थित बरौली अहीर बगदा के आर.पी. जैन फार्म हाउस में 12 नवंबर से चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव का समापन 17 नवंबर को मोक्ष कल्याणक के साथ हुआ। इस आयोजन में मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में महोत्सव के अंतिम दिन मोक्ष कल्याणक की विधि संपन्न हुई। महोत्सव का शुभारंभ प्रतिष्ठाचार्य डॉ. अभिषेक जैन शास्त्री और सह प्रतिष्ठाचार्य डॉ. आकाश जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में हुआ। इंद्रों ने श्रीजी का अभिषेक और शांतिधारा के साथ पूजा की।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-69969" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1.jpeg" alt="" width="1600" height="1066" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1.jpeg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1-300x200.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1-1024x682.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1-768x512.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1-1536x1023.jpeg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1-414x276.jpeg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1-470x313.jpeg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1-640x426.jpeg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1-130x86.jpeg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1-187x124.jpeg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1-990x660.jpeg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/WhatsApp-Image-2024-11-18-at-11.50.05-AM-1-1320x879.jpeg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />इसके बाद श्री चंद्रप्रभु भगवान को श्री सम्मेद शिखरजी से निर्वाण की प्राप्ति के पश्चात अग्नि कुमार देवों ने नख केश का अग्नि संस्कार करते हुए मोक्ष कल्याणक की मांगलिक क्रियाएं संपन्न कीं। आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज और भगवान चंद्रप्रभु के चित्र का अनावरण आचार्य विद्यासागर नवयुवक मंडल के अध्यक्ष रोहित जैन और राहुल जैन &#8220;राहुल विहार&#8221; द्वारा किया गया। दीप प्रज्ज्वलन निर्मल जैन &#8220;मोठया&#8221; और अशोक जैन द्वारा किया गया। तत्पश्चात सभी उपस्थित इंद्र-इंद्राणियों ने प्रतिष्ठाचार्य जी के निर्देशन में विश्व शांति के लिए हवन में आहुति दी और विश्व शांति महायज्ञ की कामना की।</p>
<p>इस प्रकार, छह दिवसीय महोत्सव का समापन हुआ। महोत्सव के दौरान, उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज ने प्रभु के मोक्ष कल्याणक के महत्व को सभी भक्तों को समझाया। इसके बाद सौभाग्यशाली परिवारों ने आर.पी. जैन फार्म हाउस से 37 प्रतिमाओं को नवनिर्मित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, बगदा में लाया। यहां, उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज के मंत्रोच्चारण के साथ सभी प्रतिमाओं को नवीन वेदी पर विधिपूर्वक विराजमान किया गया। महोत्सव के समापन पर, भक्तों ने भगवान चंद्रप्रभु और भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान कर श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर बगदा से उपाध्याय श्री के सानिध्य में बैंड बाजों के साथ श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर राहुल विहार तक शोभायात्रा निकाली।</p>
<p>इस अवसर पर सुधीर कुमार जैन, अनंत कुमार जैन, महेशचंद जैन, प्रदीप जैन, सुरेशचंद जैन, मनोज जैन, सुमन जैन, विवेक जैन, विशाल जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, राहुल जैन सहित बेलनगंज, छीपीटोला, कमला नगर, सेक्टर 4, मोती कटरा और सकल जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</p>
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		<title>पंच कल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव एक मई से : आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज के सानिध्य में होगा </title>
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		<pubDate>Tue, 14 Mar 2023 08:29:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[उदयपुर। एक से पांच मई तक उदयपुर में पंच कल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव 108 श्री आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज के सानिध्य में सर्व ऋतु विलास में हो रहा है। उसमें महायज्ञ नायक बनने का सौभाग्य राजेश शाह &#38; विमला शाह को प्राप्त हुआ।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उदयपुर।</strong> एक से पांच मई तक उदयपुर में पंच कल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव 108 श्री आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज के सानिध्य में सर्व ऋतु विलास में हो रहा है।</p>
<p>उसमें महायज्ञ नायक बनने का सौभाग्य राजेश शाह &amp; विमला शाह को प्राप्त हुआ।</p>
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