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	<title>Panch Kalyanak &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Panch Kalyanak &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>थोड़ी सी अनुकूलता मिलते ही मनुष्य अपने स्वभाव को भूल जाता है : मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने दिया आत्मजागरण का संदेश </title>
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		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 14:34:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[गुना में चल रहे पंचमुखी पंचकल्याणक महोत्सव में राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कर्म, धर्म, माता-पिता के उपकार और आत्मचिंतन पर प्रेरक प्रवचन दिए। साथ ही सर्व समाज सम्मेलन एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आगमन की जानकारी दी गई। पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट। गुना। पंचमुखी श्री मद् जिनेन्द्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>गुना में चल रहे पंचमुखी पंचकल्याणक महोत्सव में राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कर्म, धर्म, माता-पिता के उपकार और आत्मचिंतन पर प्रेरक प्रवचन दिए। साथ ही सर्व समाज सम्मेलन एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आगमन की जानकारी दी गई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>गुना।</strong> पंचमुखी श्री मद् जिनेन्द्र पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत आयोजित विशाल धर्मसभा में राष्ट्रसंत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कर्म, धर्म और जीवन मूल्यों पर आधारित ओजस्वी प्रवचन देते हुए श्रद्धालुओं को आत्मजागरण का संदेश दिया।</p>
<p><strong>कर्म और धर्म का अंतर समझाया</strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि धर्म और कर्म की व्यवस्था भिन्न होती है। कर्म के प्रभाव से मनुष्य ऊँचाइयों तक पहुंच सकता है, लेकिन उसका पतन भी निश्चित होता है। उन्होंने रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि थोड़ी सी अनुकूलता मिलते ही मनुष्य अपने स्वभाव और मर्यादा को भूल जाता है। इसी भूल को सुधारना ही धर्म का उद्देश्य है।</p>
<p><strong>आज होगी महाशांतिधारा एवं धर्मसभा</strong></p>
<p>मुनि सुब्रतनाथ जिनालय समिति के अध्यक्ष मनोज स्वराज एवं मंत्री तरुण जैन ने बताया कि मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ का तेलघानी मेन रोड स्थित मुनि सुब्रतनाथ जिनालय में आगमन होगा। दोपहर 3 बजे विशेष धर्मसभा आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों को गुरुदेव के पादप्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त होगा। साथ ही केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया के आतिथ्य में सर्व समाज सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।</p>
<p><strong>केंद्रीय मंत्री का होगा अभिनंदन</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि पंचकल्याणक महोत्सव समिति, अशोक नगर जैन समाज एवं मध्यप्रदेश महासभा द्वारा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का अभिनंदन किया जाएगा। कार्यक्रम में भव्य अगवानी, आहारचर्या तथा सर्व समाज सम्मेलन का आयोजन होगा।</p>
<p><strong>शीतलनाथ भगवान का महा मस्तकाभिषेक</strong></p>
<p>मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में भगवान श्री शीतलनाथ स्वामी का 108 रिद्धि मंत्रों से महा मस्तकाभिषेक संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान का सौभाग्य पुण्याजक परिवार अखिलेश जैन, डॉ. प्रीतेश जैन, डॉ. राहुल जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>माता-पिता के उपकार कभी न भूलें</strong></p>
<p>अपने प्रवचन में मुनिश्री ने कहा कि जीवन में कुछ ऐसे संबंध होने चाहिए जिनसे कभी असत्य न बोला जाए। उन्होंने माता-पिता, गुरु, भगवान और जिनवाणी के प्रति पूर्ण निष्ठा रखने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सबसे बड़े उपकारी माता-पिता होते हैं। जो संतान उनके उपकारों को भूल जाती है, वह अपने विनाश का मार्ग स्वयं प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि संतान को सदैव माता-पिता के काम आना चाहिए, न कि उनसे अपने काम लेने की अपेक्षा रखनी चाहिए।</p>
<p><strong>आत्मचिंतन का दिया संदेश</strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि धर्म केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का विषय है। सत्य, कृतज्ञता और आत्मचिंतन के साथ जीवन जीने वाला व्यक्ति संसार में रहते हुए भी कमल की भांति निर्मल बना रहता है।</p>
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		<title>जीवन में कम से कम ऐसा पाप मत करना जिसे तुम्हारी आत्मा गवाह न दे : मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:45:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[गुना में आयोजित पंचमुखी पंचकल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ के दौरान राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने आत्मसंयम, धर्म और सदाचार का संदेश दिया। महायज्ञ में सवा लाख मंत्रों की आहुतियां समर्पित की गईं। पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट। गुना। शीतल धाम में आयोजित पंचमुखी पंचकल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>गुना में आयोजित पंचमुखी पंचकल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ के दौरान राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने आत्मसंयम, धर्म और सदाचार का संदेश दिया। महायज्ञ में सवा लाख मंत्रों की आहुतियां समर्पित की गईं। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>गुना।</strong> शीतल धाम में आयोजित पंचमुखी पंचकल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ के दौरान राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन में ऐसा कोई पाप नहीं करना चाहिए, जिसे उसकी आत्मा स्वयं स्वीकार न करे। उन्होंने कहा कि यदि आत्मा, माता-पिता और गुरु किसी कार्य से रोकते हैं, तो उस कार्य से दूर रहना ही सच्चा धर्म है।</p>
<p><strong>आत्मा की आवाज सबसे बड़ा मार्गदर्शक</strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि जीवन में वही कार्य करें, जिसे करते समय आत्मा साक्षी बने। यदि किसी कार्य को करने में भीतर से भय या ग्लानि महसूस हो, तो उसे तत्काल छोड़ देना चाहिए। यही आत्मशुद्धि और धर्ममार्ग की पहली सीढ़ी है।</p>
<p><strong>भगवान शीतलनाथ जिनालय की प्रतिष्ठा संपन्न</strong></p>
<p>महोत्सव के दौरान भगवान श्री शीतलनाथ जिनालय की प्रतिष्ठा विधि-विधान से संपन्न हुई। प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भइया के निर्देशन एवं मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में सौधर्म इंद्र अखिलेश जैन, महायज्ञ नायक डॉ. प्रीतेश जैन तथा मुख्य यजमान डॉ. राहुल जैन ने पूजन एवं प्रतिष्ठा विधान में सहभागिता निभाई।</p>
<p><strong>28 जून को केंद्रीय मंत्री सिंधिया करेंगे दर्शन</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि 28 जून को दोपहर 4 बजे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुनि सुब्रतनाथ जिनालय पहुंचकर मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर महोत्सव समिति के अध्यक्ष एस.के. जैन, महामंत्री प्रदीप जैन एडवोकेट, कोषाध्यक्ष संजीव वगुल्या, मनोज स्वराज, तरुण जैन, अनिल जैन, अखिलेश जैन, अरविंद जैन, टीटू म्यान, शैलेन्द्र पाटई, महावीर वेल्कम सहित समाज के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।</p>
<p><strong>विश्व शांति महायज्ञ में सवा लाख मंत्रों की आहुतियां</strong></p>
<p>विश्व शांति महायज्ञ के अंतर्गत अरिहंत कुंड पर पंडित सुरेश शास्त्री, देवेन्द्र शास्त्री एवं अन्य विद्वानों के मंत्रोच्चार के बीच सवा लाख मंत्रों के साथ आहुतियां समर्पित की गईं। इस दौरान भगवान पर विशाल छत्र एवं चंवर अर्पित किए गए तथा श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया।</p>
<p><strong>धर्म के लिए एक दिन जीकर देखिए</strong></p>
<p>धर्मसभा में मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य को कम से कम एक दिन अपने जीवन को गुरु और भगवान की आज्ञा के अनुसार जीकर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन जीने की साधना है। जब व्यक्ति अपने जीवन में धर्म को सर्वोच्च स्थान देता है, तभी आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।</p>
<p><strong>श्रद्धालुओं से सहभागिता का आग्रह</strong></p>
<p>महोत्सव समिति ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया। पंचमुखी पंचकल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ निरंतर संपन्न हो रहा है।</p>
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		<title>22 जून को फुलेरा में आचार्य श्री का मंगल प्रवेश : 36 साधुओं के साथ होगा ऐतिहासिक आगमन </title>
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		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 15:31:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 36 साधु-साध्वी संघ सहित 22 जून को फुलेरा में मंगल प्रवेश करेंगे। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा की हीरक जयंती एवं आचार्य श्री धर्मसागर जी की छतरी के शिलान्यास को लेकर नगर में उत्साह का वातावरण है। रिपोर्ट: डॉ. राजेश पंचोलिया फुलेरा! वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश 108 आचार्य श्री वर्धमान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 36 साधु-साध्वी संघ सहित 22 जून को फुलेरा में मंगल प्रवेश करेंगे। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा की हीरक जयंती एवं आचार्य श्री धर्मसागर जी की छतरी के शिलान्यास को लेकर नगर में उत्साह का वातावरण है। <span style="color: #ff0000">रिपोर्ट: डॉ. राजेश पंचोलिया</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>फुलेरा</strong>! वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 36 साधु-साध्वी संघ के साथ 22 जून को फुलेरा नगर में भव्य मंगल प्रवेश करेंगे। उनका आगमन दो दिवसीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा की हीरक जयंती एवं आचार्य श्री धर्मसागर जी महाराज की छतरी के शिलान्यास समारोह के लिए हो रहा है।</p>
<p>डॉ. राजेश पंचोलिया, श्री निलेश बड़जात्या एवं श्री कमोद छाबड़ा ने बताया कि प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का यह आगमन फुलेरा के लिए ऐतिहासिक अवसर है।</p>
<p><strong>21 जून को यहां रहेगा रात्रि विश्राम</strong></p>
<p>21 जून को सायं लगभग 5 बजे मंगल विहार करते हुए आचार्य श्री का संघ शरण फार्म हाउस पहुंचेगा, जबकि आर्यिका संघ का रात्रि विश्राम राम रेस्टोरेंट के पास निर्माणाधीन भवन में होगा। इसके बाद 22 जून को फुलेरा नगर में भव्य मंगल प्रवेश होगा।</p>
<p><strong>37 पीछियों के साथ पहुंचेगा विशाल संघ</strong></p>
<p>मंगल प्रवेश में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के साथ मुनि श्री हितेंद्रसागर, मुनि श्री प्रभवसागर, मुनि श्री चिंतनसागर, मुनि श्री दर्शितसागर, मुनि श्री प्रबुद्धसागर, मुनि श्री मुमुक्षुसागर, मुनि श्री प्रणीतसागर, मुनि श्री ध्येयसागर, मुनि श्री भुवनसागर एवं मुनि श्री गुणोदयसागर शामिल रहेंगे।</p>
<p>आर्यिका संघ में आर्यिका श्री शुभमति, श्री चैत्यमति, श्री विलोकमति, श्री दिव्यांशुमति, श्री पूर्णिमामति, श्री मुदितमति, श्री विचक्षणमति, श्री समर्पितमति, श्री निर्मुक्तमति, श्री विनम्रमति, श्री दर्शनामति, श्री देशनामति, श्री महायशमति, श्री देवर्धिमति, श्री प्रणतमति, श्री निर्मोहमति, श्री पद्मयशमति, श्री दिव्ययशमति, श्री प्रेक्षामति एवं श्री जिनेशमति माताजी शामिल रहेंगी।</p>
<p>इसके अलावा ऐलक श्री हर्षसागर, क्षुल्लक श्री प्राप्तिसागर, क्षुल्लक श्री सुभगसागर, क्षुल्लक श्री सुगुप्तसागर, क्षुल्लक श्री प्रतिज्ञासागर तथा क्षुल्लिका श्री प्रदीप्तमति जी भी संघ के साथ रहेंगे। इस प्रकार 1 आचार्य, 10 मुनिराज, 20 आर्यिकाएं, 1 ऐलक, 4 क्षुल्लक एवं 1 क्षुल्लिका सहित कुल 36 साधु-साध्वी और 37 पीछियों का मंगल प्रवेश होगा।</p>
<p><strong>फुलेरा का ऐतिहासिक संबंध</strong></p>
<p>फुलेरा नगर का प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की परंपरा से विशेष संबंध रहा है। प्रथम पट्टाधीश आचार्य श्री वीरसागर जी महाराज का वर्ष 1952 में यहां चातुर्मास हुआ था। उसी दौरान आचार्य श्री शिवसागर जी तथा आचार्य श्री धर्मसागर जी महाराज ने भी फुलेरा में चातुर्मास किया था।</p>
<p><strong>धर्मसागर जी से जुड़ा अद्भुत संयोग</strong></p>
<p>फुलेरा के इतिहास में एक अनूठा कीर्तिमान भी दर्ज है। वर्ष 1952 में आचार्य श्री धर्मसागर जी महाराज क्षुल्लक अवस्था में यहां आए थे। इसी पंचकल्याणक महोत्सव में उन्हें ऐलक दीक्षा प्राप्त हुई और वर्षायोग के दौरान मुनि दीक्षा हुई। ऐसा दुर्लभ संयोग किसी अन्य पूर्वाचार्य के साथ किसी नगर में देखने को नहीं मिला।</p>
<p><strong>आचार्य श्री का फुलेरा से आत्मीय जुड़ाव</strong></p>
<p>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज मुनि अवस्था में अपने दीक्षा गुरु आचार्य श्री धर्मसागर जी महाराज के साथ लूणवा जाते समय कई बार फुलेरा पधारे। वर्ष 1999 में आचार्य पदारोहण के बाद भी 14 जुलाई 1999 को लूणवा जाते समय वे फुलेरा आए थे। इसी कारण फुलेरा की जनता का उनके प्रति विशेष श्रद्धा और आत्मीय भाव रहा है।</p>
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		<title>पंच कल्याणक में महामुनि आदिनाथ की प्रथम आहारचर्या: समवशरण की रचना कर जिज्ञासाओं का किया आचार्यश्री ने समाधान  </title>
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		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 09:29:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भिंड। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के ज्ञान कल्याणक के दिन महा मुनिराज आदिकुमार को इच्छुक रस (गन्ने का रस) की विधि मिलने पर आहारचर्या विधि विधान से हुई। दोपहर को समवशरण की रचना की गई। जिसमें जिज्ञासुओं द्वारा प्रश्न करने पर समवशरण में विराजमान पट्टाचार्य श्री ने उनके प्रश्नों का समाधान किया। पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भिंड।</strong> पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के ज्ञान कल्याणक के दिन महा मुनिराज आदिकुमार को इच्छुक रस (गन्ने का रस) की विधि मिलने पर आहारचर्या विधि विधान से हुई। दोपहर को समवशरण की रचना की गई। जिसमें जिज्ञासुओं द्वारा प्रश्न करने पर समवशरण में विराजमान पट्टाचार्य श्री ने उनके प्रश्नों का समाधान किया। पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी ने कहा कि महापुरुषों की महिमा निराली है। आत्मज्ञानी व्यक्ति के सामने क्रूर से क्रूर प्राणी शांत हो जाते हैं। जातिगत बैर भाव भी छोड़ देते हैं। देखो तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव से लेकर भगवान महावीर स्वामी पर्यंत का इतिहास सर्व जगत को ज्ञात है। जहां-जहां भगवान का विहार होता था। वहां-वहां सुभिक्ष हो जाता था। गाय एवं सिंह मैत्री भाव से सरिता के एक ही घाट पर पानी पीते थे। उनके समवशरण में धर्मसभा में तीन गति के जीव अपने-अपने कोटे में बैठकर दिव्य वाणी, श्री जिन देशना का श्रवण करते थे। महापुरुषों की यही महिमा है, बिना अस्त्र-शस्त्र उठाए सर्व लोक को अपना बना लेना। उपसर्गकर्ता भी चरणों में आकर सम्यकत्व निधि को प्राप्त कर लेते हैं। घर-घर में आत्म विद्या उदघोषित हो, ऐसा पवित्र भाव रखो। अपने कसाए वासना पूर्ण विचारों के कारण किसी भी न प्रियांशु का विघात मत करो तथा भावों से देव एवं नारकियों की भी हत्या मत करो, स्वयं के परिणाम को संभालो।</p>
<p><strong>मरना तुम्हारा धर्म नहीं समाधि मरण करना ही धर्म </strong></p>
<p>पट्टचार्य ने आगे कहा कि देश राष्ट्र समाज धर्म एवं स्वयं पर के प्राणों की रक्षा करने के भाव हैं तो प्रत्येक सूत्र को अनेक श्रेणियां में देखना चाहिए। सर्व जगत पूर्ण शुद्ध नहीं जी रहा है। यह धु्रव सत्य है पर जी रहा है, जीते-जीते शुद्ध अवस्था होते-होते एक क्षण परम शुद्ध में प्रवेश कोई बिरला साधु-पुरुष ही करता है तब वह कर्मशून्य कृतकृत्य परमात्मा पद को प्राप्त कर लेता है। उन्होंने कहा कि आपको लग सकता है कि इन सब जीवों की रक्षा से मुझे क्या लाभ आपको इनकी रक्षा से लाभ ही लाभ है। विवेक पूर्वक विचार करो बुद्धि खुल जाएगी। संसार का सर्व सुख तथा परमार्थ सब की रक्षा से ही संभव है। पंच स्थावर एवं त्रस जीवों की रक्षा के बिना मानव जीवन सुरक्षित नहीं है। सामान्य नागरिक जी रहे हैं। सभी के होने से पर उन्हें अपनी अल्प प्रक्रिया से समझ ही नहीं आ रहा है कि उनका जीवन किसके माध्यम से सुरक्षित है। पट्टाचार्य ने कहा कि आजकल लोग छोटी-छोटी बातों को लेकर आत्महत्या कर रहे हैं। मरना तुम्हारा धर्म नहीं समाधि मरण करना ही धर्म है। आज इस सभा में सभी को संकल्प लेना है कि हम आत्महत्या नहीं करेंगे, सभी लोगों ने हाथ उठाकर संकल्प लिया।</p>
<p><strong>यह समाजजन मौजूद रहे </strong></p>
<p>इस अवसर पर विधायक नरेंद्रसिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक संजीवसिंह कुशवाह, भारत चतुर्वेदी, विश्वप्रताप सिंह विष्णु, पूर्व जिला अध्यक्ष रविसेन जैन, धर्मेंद्र जैन पोस्ट ऑफिस, प्रमोद जैन डब्बू, पार्षद मनोज जैन, यश जैन, बिट्टू जैन, देवेंद्र जैन, नरेश जैन, चक्रेश जैन, विनोद जैन, रविंद्र जैन, राकेश जैन, मनीष जैन, मोहन जैन, राजेंद्र जैन, रमेश जैन, सचिन जैन, पिंकू जैन उपस्थित थे।</p>
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		<title>प्राचीन मंदिरों का संरक्षण जीर्णाेद्धार अधिक महत्वपूर्ण : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने तीर्थों और मंदिरों की सुरक्षा पर दिया बल  </title>
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		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 08:02:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने सोमवार को श्री आदिनाथ जिनालय में प्रवचन में कहा कि मंदिर बनाना निश्चित ही पुण्य का कार्य है,लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है मंदिर का संरक्षण और उसका सही उपयोग करना। जयपुर से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230; जयपुर। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने सोमवार को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने सोमवार को श्री आदिनाथ जिनालय में प्रवचन में कहा कि मंदिर बनाना निश्चित ही पुण्य का कार्य है,लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है मंदिर का संरक्षण और उसका सही उपयोग करना। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने सोमवार को श्री आदिनाथ जिनालय में प्रवचन में कहा कि मंदिर बनाना निश्चित ही पुण्य का कार्य है लेकिन, उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है मंदिर का संरक्षण और उसका सही उपयोग करना। देश के राज्यों और नगरों में मंदिरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वास्तव में वहां बैठकर आत्म चिंतन करना चाहिए। सुरेश सबलावत के अनुसार आचार्य श्री ने कहा कि भगवान मंदिर में विराजमान हैं। उन्होंने तप, त्याग और साधना से अपने कर्मों का नाश कर अनंत गुण प्राप्त किए लेकिन, हम 5 मिनट भी शांति से बैठकर यह विचार नहीं कर पाते कि हमें अपने जीवन को कैसे सुधारना है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-104664" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260412-WA0004-1-300x225.jpg" alt="" width="300" height="225" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260412-WA0004-1-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260412-WA0004-1-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260412-WA0004-1-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260412-WA0004-1-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260412-WA0004-1-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260412-WA0004-1-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260412-WA0004-1-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260412-WA0004-1.jpg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>सिर्फ मंदिर बनाना ही धर्म नहीं है,मंदिर में समय देकर धार्मिक क्रियाओं, अभिषेक, पूजन, स्वाध्याय, तप से आत्मा की ओर लौटना ही सच्चा धर्म है। इसके पूर्व मुनि श्री प्रभव सागर जी ने उपदेश में सुख और दुःख की विवेचना की। मध्यप्रदेश धार जिले के अतिशय क्षेत्र कागदीपुरा में पंच कल्याणक के लिए विहार करने के लिए विनय छाबड़ा, इंजीनियर आशीष जैन, अजित छाबड़ा, श्रेणिक गंगवाल सहित अनेक श्रावकों ने दर्शन कर श्रीफल भेंट किया।</p>
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		<title>पंच कल्याणक में प्रतिदिन 2500 आगंतुक कर रहे प्रसादी ग्रहण : दिगंबर जैन परवार सोशल ग्रुप इंदौर के 15 सदस्यों की टीम कर रही सेवा  </title>
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		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:15:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दलाल बाग छत्रपति नगर में 3 से 9 अप्रैल तक चल रहे पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में आने वाले आगंतुक श्रद्धालुओं के सम्मान में महोत्सव समिति ने प्रतिदिन दोपहर 11 से 2 बजे तक निःशुल्क वात्सल्य भोजन प्रसादी की व्यवस्था की है। महोत्सव स्थल पर निर्मित अस्थाई भोजन शाला में प्रतिदिन 2000 से अधिक आगंतुकप्रसादी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दलाल बाग छत्रपति नगर में 3 से 9 अप्रैल तक चल रहे पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में आने वाले आगंतुक श्रद्धालुओं के सम्मान में महोत्सव समिति ने प्रतिदिन दोपहर 11 से 2 बजे तक निःशुल्क वात्सल्य भोजन प्रसादी की व्यवस्था की है। महोत्सव स्थल पर निर्मित अस्थाई भोजन शाला में प्रतिदिन 2000 से अधिक आगंतुकप्रसादी ग्रहण कर अभिभूत हो रहे हैं। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> दलाल बाग छत्रपति नगर में 3 से 9 अप्रैल तक चल रहे पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में आने वाले आगंतुक श्रद्धालुओं के सम्मान में महोत्सव समिति ने प्रतिदिन दोपहर 11 से 2 बजे तक निःशुल्क वात्सल्य भोजन प्रसादी की व्यवस्था की है। महोत्सव स्थल पर निर्मित अस्थाई भोजन शाला में प्रतिदिन 2000 से अधिक आगंतुकप्रसादी ग्रहण कर अभिभूत हो रहे हैं। महोत्सव के दौरान 6 दिनों में 12 हजार से अधिक आगंतुक वात्सल्य भोज में प्रसादी ग्रहण कर चुके हैं। सुचारू भोजन व्यवस्था के लिए दिगंबर जैन परवार सोशल ग्रुप इंदौर के 15 सदस्यों की टीम लगी है। टीम के प्रमुख संयोजक पंकज पिंकी जैन एमके जैन सीए, देवेंद्र जैन जनता के निर्देशन में संदीप जैन गिन्नी, अरविंद सोधिया, डीके जैन, प्रदीप जैन, आलोक शरद कोल, सुनील जैन नवीन जैन, जितेंद्र जैन आगंतुकों को वात्सल्य से मनुहार पूर्वक भोजन सामग्री परोसने में महती भूमिका निभा रहे हैं। राजेश जैन दादू ने बताया कि त्यागी वृत्तियों एवं महोत्सव के पात्र एवं इंद्र-इंद्राणियों के लिए अलग से शोले के भोजन की व्यवस्था की गई है। जहां प्रतिदिन 200 से अधिक पात्र भोजन ग्रहण करते हैं। ग्रुप के अध्यक्ष दिनेश जैन चेतक, महोत्सव समिति के अध्यक्ष राजीव जैन बंटी भैया एवं परवार समाज के अध्यक्ष राजेश जैन लारेल एवं महामंत्री राजू अलबेला भी भोजन शाला में भोजन सामग्री आगंतुको को ग्रहण कराते हैं।</p>
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		<title>पंच कल्याणक महामहोत्सव जन्माभिषेक भव्य शोभायात्रा सोमवार को : शोभायात्रा महोत्सव स्थल दलाल बाग से प्रारंभ होगी </title>
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		<pubDate>Sun, 05 Apr 2026 16:28:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी ससंघ के सानिध्य में एवं वाणीभूषण, प्रतिष्ठा सम्राट विनय भैया के कुशल निर्देशन में 6 अप्रैल सोमवार को प्रातःकाल सुबह 6:40 बजे भगवान का अवतरण (जन्म) होगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। आचार्य श्री विद्यासागर जी, नवाचार्य श्री समय सागर जी महाराज के पावन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी ससंघ के सानिध्य में एवं वाणीभूषण, प्रतिष्ठा सम्राट विनय भैया के कुशल निर्देशन में 6 अप्रैल सोमवार को प्रातःकाल सुबह 6:40 बजे भगवान का अवतरण (जन्म) होगा। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> आचार्य श्री विद्यासागर जी, नवाचार्य श्री समय सागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद से मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी ससंघ के सानिध्य में एवं वाणीभूषण, प्रतिष्ठा सम्राट विनय भैया के कुशल निर्देशन में 6 अप्रैल सोमवार को प्रातःकाल सुबह 6:40 बजे भगवान का अवतरण (जन्म) होगा। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि तत्पश्चात नित्य क्रियाएं संपन्न होंगी। जन्म के बाद अतिभव्य जन्माभिषेक शोभायात्रा प्रातः ठीक 8 बजे महोत्सव स्थल दलाल बाग से प्रारंभ होगी। महोत्सव अध्यक्ष राजीव जैन बंटी ने बताया कि भव्य शोभायात्रा कालानी नगर चौराहे से होकर पुनः महोत्सव स्थल दलाल बाग पर समाप्त होगी। समाज अध्यक्ष राजेश लारेल ने कहा कि अति भव्य जुलूस में उदयपुर का बैंड, 6 बड़े रथ, 40 बग्गिया, 50 ढोल-नगाड़े,लवाजमा एवं सुप्रसिद्ध संगीतकार रोबिन जैन की स्वर लहरिया गुंजायमान होगी।</p>
<p>राजु अलबेला ने समस्त समाज से आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी समाज जन की सहभागिता इस जुलूस को भव्यता में परिवर्तित करेगी। साथ ही आपके पुण्य का वर्धन भी करेगी। शोभायात्रा संयोजक संजय अहिंसा, नवनीत जैन, प्रदीप बल्ला, सुदीप जैन, अखिलेश सोधिया, मुकेश जैन यसबोस, प्रदीप मामा हैं। आयोजक श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन परवार समाज धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट इंदौर हैं।</p>
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		<title>प्राचीन प्रतिमा का होगा पंचकल्याणक नई भव्य प्रतिमा की होगी स्थापना : श्री 1008 शांतिनाथ शान्तोदय तीर्थक्षेत्र चांदपुर जहाजपुर में 8 से 13 अप्रैल तक पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव </title>
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		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 10:27:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य और मंगल आशीर्वाद में आगामी अप्रैल में जनपद ललितपुर की पावन धरा पर भव्य, नव्य और दिव्य श्री पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। यह महा महोत्सव 8 से 13 अप्रैल तक चलेगा। ललितपुर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; ललितपुर। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य और मंगल आशीर्वाद में आगामी अप्रैल में जनपद ललितपुर की पावन धरा पर भव्य, नव्य और दिव्य श्री पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। यह महा महोत्सव 8 से 13 अप्रैल तक चलेगा। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं नवाचार्य श्री समयसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य और मंगल आशीर्वाद में आगामी अप्रैल में जनपद ललितपुर की पावन धरा पर भव्य, नव्य और दिव्य श्री पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। यह महा महोत्सव 8 से 13 अप्रैल तक प्राचीन एवं मूर्तिकला के केंद्र श्री शांतोदय तीर्थक्षेत्र, चांदपुर जहाजपुर (ललितपुर) में होगा। जिसमें प्राचीन प्रतिमा का पंच कल्याणक तथा नवीन भव्य प्रतिमा की स्थापना होगी। संचालन प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया जी सुयश (अशोकनगर) के निर्देशन तथा श्री जैन समाज पंचायत समिति ललितपुर के संयोजन में किया जाएगा।</p>
<p><strong>इन समाज जनों का पात्र के रूप में चयनित किया</strong></p>
<p>इसी क्रम में 16 मार्च, सोमवार को श्री अभिनंदनोंदय तीर्थक्षेत्र क्षेत्रपाल जैन मंदिर, ललितपुर में मुनि श्री के सानिध्य में पंचकल्याणक महामहोत्सव के लिए मुख्य पात्रों का चयन किया गया। नवीन मंदिर निर्माण, भगवान की प्रतिमा विराजमान एवं तिलक दानकर्ता के रूप में श्री सुनीलकुमार समैया, नीलेश कुमार (नीलू) समैया तथा समस्त रंग वाले समैया परिवार को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान के माता-पिता की भूमिका देवेन्द्र जैन सराफ, गुलशन सराफ, गौरव जैन, दक्ष जैन तथा समस्त निहारिका साड़ी सराफ परिवार को मिली।</p>
<p><strong>इन पात्रों का चयन किया</strong></p>
<p>सौधर्म इन्द्र के रूप में उमादेवी धन्य कुमार एड़, अमित जैन चंदन, आलोक जैन, प्रियंका जैन एवं श्रद्धा जैन (सैदपुर परिवार) को चयनित किया गया। महायज्ञ नायक के रूप में विकास जैन, मालती देवी, रुबी जैन, डॉ. वर्षा एवं हिमांशी जैन (करमई परिवार) को जिम्मेदारी सौंपी गई। धनपति कुबेर इन्द्र के रूप में सेठ अनुपम जैन (अंतू अनौरा) तथा समस्त अनौरा परिवार को चयनित किया गया।</p>
<p><strong>इनको भी मिला यह दायित्व</strong></p>
<p>भरत चक्रवर्ती इन्द्र के रूप में कीर्तिशेष राजेन्द्र जैन चौधरी के सुपुत्र आलोक कुमार, नीलेश कुमार एवं समस्त चौधरी परिवार को यह दायित्व मिला।</p>
<p>बाहुबली इन्द्र के रूप में प्रेमचंद्र जैन, नीरज जैन, अमित जैन, आशीष जैन तथा समस्त चड़रऊ परिवार को चयनित किया गया। राजा श्रेयांस की भूमिका श्री राजेन्द्र जैन थनवारा के सुपुत्र अंकित जैन (मोनू) को तथा राजा सोम के रूप में राजकुमार, आनंद कुमार, अरविन्द कुमार, अंकुर (सतपुरिया कुम्हैड़ी परिवार) को चयनित किया गया।</p>
<p><strong>इनका भी हुआ है चयन</strong></p>
<p>इसके अतिरिक्त ध्वजारोहणकर्ता के रूप में चंद्रकला जैन, डॉ. रमेशचंद्र एवं डॉ. सौरभ जैन (धौर्रा वाले), विधि नायक के रूप में मनोरमा जैन, डॉ. अरविन्द जैन (अध्यक्ष), अलका जैन, अमित प्रिय जैन, अनु जैन एवं अंश जैन (ऑप्टिकल्स परिवार) को जिम्मेदारी दी गई।</p>
<p>इसी प्रकार ईशान इन्द्र के रूप में वीणा जैन, डॉ. अजय जैन, काजल जैन, डॉ. अनिमेष जैन (गौना परिवार), सानतकुमार इन्द्र के रूप में धर्मेन्द्र जैन, संजीव जैन, सजल जैन (गुड़ वाले परिवार), माहेन्द्र इन्द्र के रूप में अजय कुमार, सुनील कुमार, सुधीर कुमार जैन परिवार तथा ब्रह्मेन्द्र इन्द्र के रूप में जितेन्द्र जैन, रागिनी जैन, सम्यक जैन (शिवाजी परिवार) को चयनित किया गया।</p>
<p><strong>देशभर से आएंगे श्रद्धालु</strong></p>
<p>महोत्सव में सम्पूर्ण पूजन द्रव्य सामग्री भेंटकर्ता के रूप में सेठ सुमंत चंद्र एवं श्रीमती संतोष सराफ, विशाल जैन, सोनिया जैन, सौरभ जैन, रूही जैन सहित समस्त सत्यवादी सराफ परिवार को पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वहीं भोजनशाला के पुण्यार्जक के रूप में सेवानिवृत्त सीएमओ डॉ. महेन्द्र जैन (धौर्रा वाले) तथा ईख रस वितरण की सेवा सेठ वीरेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र कुमार, प्रदीप कुमार (बल्लू जैन), राजीव (राजू) एवं अभिषेक कुमार (अनौरा परिवार) द्वारा की जाएगी।</p>
<p>समाज के लोगों ने बताया कि यह महामहोत्सव पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत गौरव और श्रद्धा का विषय है तथा इसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।</p>
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		<title>तीर्थंकर भगवान के माता-पिता की हुई गोद भराई : महिलाओं ने भजन-कीर्तन और मंगल गीत गाए </title>
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		<pubDate>Tue, 10 Mar 2026 13:40:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[समीपस्थ दिगंबर जैन मंदिर लार में आयोजित होने वाले श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंच कल्याणक मानस्तम्भ प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के तत्वावधान में स्थानीय जैन समाज द्वारा भगवान तीर्थंकर के माता-पिता की गोद भराई की रस्म पूरी की गई। बड़ागांव धसान से पढ़िए, मुकेश जैन लार की यह खबर&#8230; बड़ागांव धसान। समीपस्थ दिगंबर जैन मंदिर लार में आयोजित [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>समीपस्थ दिगंबर जैन मंदिर लार में आयोजित होने वाले श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंच कल्याणक मानस्तम्भ प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के तत्वावधान में स्थानीय जैन समाज द्वारा भगवान तीर्थंकर के माता-पिता की गोद भराई की रस्म पूरी की गई। <span style="color: #ff0000">बड़ागांव धसान से पढ़िए, मुकेश जैन लार की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>बड़ागांव धसान</strong>। समीपस्थ दिगंबर जैन मंदिर लार में आयोजित होने वाले श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंच कल्याणक मानस्तम्भ प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के तत्वावधान में स्थानीय जैन समाज द्वारा भगवान तीर्थंकर के माता-पिता की गोद भराई की रस्म पूरी की गई।</p>
<p>पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान तीर्थंकर के माता-पिता बनने का परम सौभाग्य शोभा जैन, सवाई चौधरी ज्ञानचन्द्र जैन को प्राप्त हुआ। जैन समाज की महिलाओं ने भजन-कीर्तन के साथ मंगल गीत गाए। साथ ही नारियल, काजू, बादाम, किशमिश, मखाने एवं मावा से भगवान के माता-पिता की गोद भराई की। रस्म बड़े ही भक्ति भाव उल्लासपूर्वक की गई एवं तिलक, पगड़ी व शॉल पहनाकर सम्मान किया गया। यह कार्यक्रम स्थानीय जैन मंदिर में किया गया।</p>
<p><strong>यह मौजूद रहे</strong></p>
<p>इस मौके पर नरेन्द्र जैन, दिनेश जैन, कमलकुमार शास्त्री, वीरेंद्र जैन, पवन जैन, संतोष सेठ, महेन्द्र दद्दा, डॉ शिखरचंद्र जैन, पुष्पेंद्र सिंघई, दयाचंद्र जैन, नीरज वेद सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे। प्रचारमंत्री मुकेश जैन ने बताया कि 28 मार्च से 2 अप्रैल तक होने वाले श्रीमज्जिनेन्द्र जिन बिम्ब पंच कल्याणक मानस्तम्भ प्रतिष्ठा, गजरथ महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ की तैयारी जोरों पर शुरू हो गई है।</p>
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		<title>शीतलधाम में नए जिनबिम्बों का पंचकल्याणक अगले माह संभव: आचार्य गुरुदेव की जयजयकार के साथ घोषणा का स्वागत </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 13:38:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागरजी एवं आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के आशीर्वाद से शीतलधाम में विराजमान बर्राे वाले बड़े बाबा को उच्चस्थान पर विराजमान कराने एवं नवीन जिनबिम्बों का पंचकल्याणक कराने के लिए मार्च माह की संभावना है। विदिशा से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; विदिशा। आचार्य श्री विद्यासागरजी एवं आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री विद्यासागरजी एवं आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के आशीर्वाद से शीतलधाम में विराजमान बर्राे वाले बड़े बाबा को उच्चस्थान पर विराजमान कराने एवं नवीन जिनबिम्बों का पंचकल्याणक कराने के लिए मार्च माह की संभावना है। <span style="color: #ff0000">विदिशा से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>विदिशा।</strong> आचार्य श्री विद्यासागरजी एवं आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के आशीर्वाद से शीतलधाम में विराजमान बर्राे वाले बड़े बाबा को उच्चस्थान पर विराजमान कराने एवं नवीन जिनबिम्बों का पंचकल्याणक कराने के लिए मार्च माह की संभावना है। सकल दि. जैन समाज के प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया नगर में विराजमान मुनिश्री संभव सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में श्री सकल दि. जैन समाज एवं श्री शीतलविहार न्यास के समस्त ट्रस्टियों एवं विभिन्न जिनालयों के पदाधिकारियों तथा मुनिसेवक संघ एवं समस्त महिला मंडलों की बैठक में जैसे ही मुक्तागिरी से पधारे प्रतिष्ठाचार्य विनय भैया ने यह घोषणा की कि अगले माह मार्च में पंचकल्याणक एवं नवीन बेदी पर बर्राे बाले बाबा विराजमान हो सकते हैं। हर्ष ध्वनि के साथ आचार्य गुरुदेव की जयजयकार के साथ घोषणा का स्वागत किया गया गुरुदेव से आशीर्वाद लेने हेतु तुरंत मुक्तागिरी जाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर मुनि श्री सम्भवसागर महाराज एवं मुनि श्री निस्सीम सागर महाराज, मुनि श्री संस्कार सागरजी महाराज के सानिध्य में हुई इस बैठक में सभी पदाधिकारियों ने नवीन जिनबिंब के पंचकल्याणक हेतु आचार्य श्री एवं विराजमान मुनिसंध से निवेदन किया तथा समाज ने संयुक्त रूप से इस कार्य को वृहद रूप से कराने का संकल्प लिया।</p>
<p><strong>आचार्य गुरुदेव का आशीर्वाद तो आपके पर बरस ही रहा</strong></p>
<p>मुनि श्री सम्भवसागर महाराज ने कहा कि जिस प्रतिमा की स्वयं गुरुदेव ने आकर मंगल अगवानी की है। वह प्रतिमा कोई साधारण प्रतिमा नहीं है। भगवान श्री आदिनाथ बर्राे वाले बाबा आपके नगर के इष्ट देवता है और उनको अपने नये आसन पर विराजमान करने के लिये पूरे विदिशा जिले को कमर कसकर तैयार हो जाना चाहिए। उन्होंने स्मरण कराते हुए कहा कि जैसे विदिशा वालों ने 2006 में कुंडलपुर में जाकर जिस प्रकार से बड़े बाबा को नये आसन पर विराजमान कराने में प्रमुख भूमिका निभाई थी तो यह तो आपके अपने विदिशा नगर के ही बर्राे वाले बड़े बाबा की बात है। अतः सभी को तन मन और धन से अपने आपको तैयार करना है। आचार्य गुरुदेव का आशीर्वाद तो आपके पर बरस ही रहा है।</p>
<p><strong>पंचकल्याणक हेतु निवेदन हेतु भक्तगण मुक्तागिरी के लिये रवाना हुए</strong></p>
<p>साथ ही साथ मुक्तागिरी में विराजमान वर्तमान आचार्यश्री समयसागर जी महाराज ने भी विदिशा वालों पर अपनी करुणा को बरसाई है। इस अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य विनय भैया ने कहा कि बर्राे वाले बाबा का जो रूप हम सभी के सामने है। वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। आचार्य गुरुदेव के सामने जब 2008 में नये मंदिर में बड़े बाबा को विराजमान करने के लिये मुक्तागिरी में विराजमान आचार्य श्री समयसागर महाराज से आशीर्वाद के लिए यह निश्चय किया गया कि श्री शीतलविहार न्यास कमेटी तथा श्री सकल दि. जैन समाज आचार्य गुरुदेव से पंचकल्याणक हेतु निवेदन हेतु भक्तगण मुक्तागिरी के लिये रवाना हुए।</p>
<p><strong>जितने संसाधन बढे़ है वह दुःख को बढाने वाले हैं</strong></p>
<p>प्रातः प्रवचन सभा में मुनि श्री ने कहा कि संसार के मकरजाल से ऊपर उठोगे तभी आप अपने जीवन का उद्धार कर सकते है। उन्होंने कहा कि काम भोग में क्षणिक सुख है, लेकिन बहु काल तक दुःख ही दुःख है। जिसको संसार अच्छा लगता है वह परिग्रह को बढाने में ही लगा रहता है। उन्होंने कहा कि कितनी भी धन संपत्ति बढ़ा लो वह आपके काम आने वाली नहीं है और जिनके लिये आप बड़ा रहे हो वह भी उसका उपभोग कर पायेंगे यह भी पक्का नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मशीनी युग है। हमारा वैभव हमारा दिखावा ही दूसरों को चोरी करने के लिये उकसा रहे हैं। सभी अनर्थों का मूल्य यह परिग्रह ही है। जितने संसाधन बढे़ है वह दुःख को बढाने वाले हैं।</p>
<p><strong>हम रील लाइफ में अपनी रियल लाइफ को ही भूल चुके</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि हम रील लाइफ में अपनी रियल लाइफ को ही भूल चुके हैं। आजकल तो यह पता ही नहीं चलता कि कौन का किससे क्या संबंध है? मुनि श्री ने एक सत्य घटना बताते हुए कहा कि मेरे संपर्क में एक लड़का था। उसकी सगाई हो गई वह लड़का परेशान था। उसने आकर अपनी परेशानी बताई और कहा है कि जिससे हमारी सगाई हुई वह मेरा फोन नहीं उठाती। उसका फोन हमेशा बिजी आता है। हमने उसको समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन, उसके मन में जो संदेह का जन्म हुआ। उससे उनकी सगाई टूट गई। मुनि श्री ने कहा कि जितने संसाधन बढ़े हैं। उनकी भौतिक चकाचौंध में दुःख के कारण इतने अधिक हो गए है कि सुख कहीं दिखाई ही नहीं देता।</p>
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