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	<title>Panch Kalyanak Festival &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Panch Kalyanak Festival &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>मुनि श्री आदित्य सागर जी ससंघ का हुआ मंगल प्रवेश : खंडवा से इंदौर की ओर चल रहा है विहार  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Apr 2026 18:24:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[खंडवा नगर में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव संपन्न करवाने के बाद पुनः इंदौर की ओर विहाररत मुनि श्री आदित्य सागर जी ससंघ का मंगल पर प्रवेश रविवार शाम को हुआ। सभी समाजजनों ने ढकलगांव फाटे खंडवा रोड पर पहुंचकर मुनि संघ की अगवानी कर मंगल प्रवेश करवाया। सनावद से पढ़िए, यह खबर&#8230; सनावद। निरंतर धर्म प्रभावना [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>खंडवा नगर में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव संपन्न करवाने के बाद पुनः इंदौर की ओर विहाररत मुनि श्री आदित्य सागर जी ससंघ का मंगल पर प्रवेश रविवार शाम को हुआ। सभी समाजजनों ने ढकलगांव फाटे खंडवा रोड पर पहुंचकर मुनि संघ की अगवानी कर मंगल प्रवेश करवाया। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> निरंतर धर्म प्रभावना का संकल्प लिए मुनि श्री आदित्य सागर जी 4 पिच्छी का मंगल प्रवेश रविवार शाम नगर में हुआ। सन्मति जैन काका ने बताया कि खंडवा नगर में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव संपन्न करवाने के बाद पुनः इंदौर की ओर विहाररत मुनि श्री आदित्य सागर जी ससंघ का मंगल पर प्रवेश रविवार शाम को हुआ। सभी समाजजनों ने ढकलगांव फाटे खंडवा रोड पर पहुंचकर मुनि संघ की अगवानी कर मंगल प्रवेश करवाया। मुनि श्री ने शाम को गुरु भक्ति की। साथ ही समाजजनों ने आरती भक्ति की। मुनि श्री का रात्रि विश्राम आचार्य शांति सागर वर्धमान देशना निलय में हुआ। इस अवसर पर सभी समाजजन उपस्थित थे।</p>
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		<title>जीवन में सुख पाने के तीन मूल मंत्र : समाजजनों ने घर-घर आरती, पाद प्रक्षालन और मुनि ससंघ की मंगल अगवानी की </title>
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		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 08:41:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जीवन में यदि सुख पाना है तो तीन मूल मंत्र याद करना बहुत जरूरी है। हर जीव सुख की चाह में है और सुख हर किसी को नहीं मिल रहा है लेकिन, जीव सुखी इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि, वो उपाय गलत कर रहा है। यह उदगार मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जीवन में यदि सुख पाना है तो तीन मूल मंत्र याद करना बहुत जरूरी है। हर जीव सुख की चाह में है और सुख हर किसी को नहीं मिल रहा है लेकिन, जीव सुखी इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि, वो उपाय गलत कर रहा है। यह उदगार मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज धर्मसभा में व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> जीवन में यदि सुख पाना है तो तीन मूल मंत्र याद करना बहुत जरूरी है। हर जीव सुख की चाह में है और सुख हर किसी को नहीं मिल रहा है लेकिन, जीव सुखी इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि, वो उपाय गलत कर रहा है। यह उदगार मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज धर्मसभा में कही। सन्मति जैन काका ने बताया की इंदौर से मंगल विहार कर खंडवा में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव में अपना सानिध्य प्रदान करने जा रहे विहाररत मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ससंघ चार पिच्छी का भव्य मंगल प्रवेश धर्म नगरी सनावद में हुआ। आप का सभी समाजजनों ने पाद प्रक्षालन किया। आप ने नगर के जिनमंदिरों के दर्शन किए। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर पहुंचे। जहां आप के सानिध्य में श्री जी का अभिषेक हुआ। आचार्य शांति सागर वर्धमान देशना निलय में भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समकक्ष इंदौर, मंडलेश्वर, बड़वाह, खंडवा,औरंगाबाद से पधारे अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। सभा का शुभारंभ संगीता पाटोदी के मंगलाचरण से हुआ।</p>
<p><strong>सनावद हमारा दीक्षा के बाद प्रथम बार आना हुआ</strong></p>
<p>मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने अपनी ओजस्वी वाणी का रसपान करवाते हुए कहा कि जीवन सुख पाना है तो ये तीन मूल मंत्र अपनाना जरूरी है। पहला मंत्र है समय सूचकता, प्रतिक्रिया विचार, भावुकता से परहेज़। समय सूचकता जिसने टाइम मैनेजमेंट समय सूचकता को समझ लिया वो अपने जीवन में दुःख कभी भी नहीं प्राप्त करेगा। दूसरा मंत्र प्रतिक्रिया विचार जब भी विचार करो की कौन सी प्रतिक्रिया आप के जीवन में मंगल दे और कौन सी प्रतिक्रिया अमंगल दे इसलिए जब भी प्रतिक्रिया दे सोच समझ कर दे। तीसरा मंत्र भावुकता से परहेज़ कर सकते। जिन्हें सुख चाहिए वो भावुकता से परहेज़ करते हैं। मुनि श्री ने कहा कि सनावद हमारा दीक्षा के बाद प्रथम बार आना हुआ। हम 2014 में गुरुदेव पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के साथ आना हुआ था। जो भक्ति आस्था समर्पण उस समय था वो आज भी नगरवासियों का वैसा ही है। आज के इस अवसर पर मुनि श्री को आहारदान देने का सौभाग्य सावित्री बाई कैलाशचंद जटाले परिवार, सौभाग्य चंद जैन बडुद परिवार एवं पाटनी ब्रदर्स परिवार को प्राप्त हुआ। दोपहर में मुनि श्री ने तत्व चर्चा की। इसके खंडवा की ओर मंगल विहार हुआ। इस अवसर पर सभी समाजजन उपस्थित थे।</p>
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		<title>मोक्ष कल्याणक के साथ पंच कल्याणक महोत्सव की पुर्णाहुति : तीर्थकर भगवान की प्रतिमा दिगंबर जैन मंदिर के नव निर्मित मान स्तंभ में विराजित </title>
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		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 08:54:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[लार श्री दिगंबर जैन समाज समिति के तत्वावधान में चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव गुरुवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक भक्ति भाव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। लार से पढ़िए, यह खबर&#8230; लार (टीकमगढ़)। लार श्री दिगंबर जैन समाज समिति के तत्वावधान में चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव गुरुवार [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>लार श्री दिगंबर जैन समाज समिति के तत्वावधान में चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव गुरुवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक भक्ति भाव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। <span style="color: #ff0000">लार से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>लार (टीकमगढ़)।</strong> लार श्री दिगंबर जैन समाज समिति के तत्वावधान में चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव गुरुवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक भक्ति भाव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। समापन के साथ तीर्थंकर भगवान की प्रतिमाओं को दिगंबर जैन मंदिर के नव निर्मित मान स्तंभ में विराजमान किया गया। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में आदिनाथ भगवान का अभिषेक,रिद्धि सिद्धि मंत्रों से विश्व शांति के लिए महाशांतिधारा, नित्य नियम पूजन, दस भक्ति पाठ, मोक्ष गमन, निर्वाण कल्याणक की पूजा हुई। साथ ही विश्व शांति महायज्ञ में आहुति दी गईं। आचार्य के सानिध्य में भगवान आदिनाथ को कैलाश पर्वत पर निर्वाण प्राप्ति, अग्नि कुमार देवों द्वारा अग्नि प्रज्ज्वलित कर नख और केश विसर्जन की क्रियाएं संपन्न की गईं। महोत्सव में सौधर्म इन्द्र मनीष जैन,चक्रेश जैन उज्जैन, यज्ञनायक संयम जैन आकाश जैन, ईशान इंद्र डॉ.अरविन्द्र जैन, सानत इंद्र खुशाल चन्द्र जैन, महेंद्र इंद्र नितिन जैन उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>श्रद्धालु रथयात्रा सहित मंदिर पहुंचे</strong></p>
<p>संगीतकार रामकुमार दोराहा ने मोक्ष कल्याणक के अवसर पर सुंदर भजन प्रस्तुत किए। आचार्य के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य हुकुम, ज्ञान चंद्र,जिनेश,आशीष चौधरी के परिवार को प्राप्त हुआ। इसके बाद भक्ति भाव से आदिनाथ भगवान और चौबीस तीर्थांकर भगवान की प्रतिमाओं को रथ, पालकी और सिर पर विराजमान करके श्रद्धालु रथयात्रा के साथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे। आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य और पं.बा.ब्र. जयकुमार निशांत,बा.ब्र.संजय जैन गुणाधीश अहार, और पंडित मनीष जैन के निर्देशन में मंत्रोच्चार के मध्य जिनेंद्र भगवान की जिन प्रतिमाओं को चैत्य वृक्ष पर विराजमान किया गया।</p>
<p><strong>प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव हुआ</strong></p>
<p>दोपहर में आयोजन स्थल अयोध्या नगरी से गजरथ शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें प्रभु के तीन रथ, घोड़ा, बग्गी राजस्थान का दिव्य घोष एवं पारस म्यूजिकल ग्रुप का दिव्य घोष मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। मार्ग पर केसरिया धर्म ध्वजाएं विश्व शांति और बंधुत्व का संदेश दे रही थीं। विभिन्न युवा मंडल &#8216;जय अरिहंत&#8217; और &#8216;जय जिनेंद्र&#8217; के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। भव्य रथ यात्रा निकली गई, जिसमें विशाल जन सैलाब उमड़ा इंद्र-इन्द्राणी के साथ श्रद्धालु नृत्य कर रहे थे। सात परिक्रमा के साथ पंच कल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव हुआ। रात्रि महा आरती के बाद नव दीक्षार्थियों की गोदभराई की गई एवं उदयपुर से आए जैन जादूगर द्वारा एक से बढ़कर एक जादू प्रस्तुत किए गए।</p>
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		<title>तीर्थंकर माता की हुई गोद भराई : पंचकल्याणक महोत्सव में गर्भ कल्याणक की विधियां सम्पन्न </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_rituals_of_garbha_kalyanak_were_completed_in_the_panch_kalyanak_mahotsav/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Mar 2026 10:22:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन मंदिर, लार के तत्वाधान में चर्या शिरोमणि, आध्यात्मिक संत आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के विशाल संघ सान्निध्य में ब्र. जय कुमार जी निशांत एवं ब्र. संजय भैया गुणाशीष के प्रतिष्ठाचार्यत्व में आयोजित श्री 1008 जिनेन्द्र पंचकल्याणक, मानस्तंभ जिनबिम्ब प्रतिष्ठा, विश्वशांति महायज्ञ एवं रथोत्सव महोत्सव के अंतर्गत रविवार को गर्भ कल्याणक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री दिगम्बर जैन मंदिर, लार के तत्वाधान में चर्या शिरोमणि, आध्यात्मिक संत आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के विशाल संघ सान्निध्य में ब्र. जय कुमार जी निशांत एवं ब्र. संजय भैया गुणाशीष के प्रतिष्ठाचार्यत्व में आयोजित श्री 1008 जिनेन्द्र पंचकल्याणक, मानस्तंभ जिनबिम्ब प्रतिष्ठा, विश्वशांति महायज्ञ एवं रथोत्सव महोत्सव के अंतर्गत रविवार को गर्भ कल्याणक की उत्तरार्द्ध विधियां भव्यता के साथ सम्पन्न हुईं। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मुकेश जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टीकमगढ़।</strong> श्री दिगम्बर जैन मंदिर, लार के तत्वाधान में चर्या शिरोमणि, आध्यात्मिक संत आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के विशाल संघ सान्निध्य में ब्र. जय कुमार जी निशांत एवं ब्र. संजय भैया गुणाशीष के प्रतिष्ठाचार्यत्व में आयोजित श्री 1008 जिनेन्द्र पंचकल्याणक, मानस्तंभ जिनबिम्ब प्रतिष्ठा, विश्वशांति महायज्ञ एवं रथोत्सव महोत्सव के अंतर्गत रविवार को गर्भ कल्याणक की उत्तरार्द्ध विधियां भव्यता के साथ सम्पन्न हुईं।</p>
<p><strong>पूजन, अभिषेक और हवन से हुआ शुभारंभ</strong></p>
<p>प्रातःकाल से ही पात्र शुद्धि, अभिषेक, शांतिधारा, नित्य महापूजन एवं गर्भ कल्याणक पूजन सम्पन्न हुआ। विश्व शांति की कामना से हवन का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।</p>
<p><strong>सीमंतनी क्रिया में हुई माता की गोद भराई</strong></p>
<p>दोपहर में सीमंतनी क्रिया के अंतर्गत तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की माता की गोद भराई की रस्म पूर्ण की गई। इस अवसर पर महोत्सव समिति एवं सैकड़ों महिलाओं ने भक्ति भाव से गोद भराई कर धर्म लाभ प्राप्त किया। यह दृश्य देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। मानस्तंभ की भी विधि-विधान से शुद्धि की गई।</p>
<p>इस महोत्सव में भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य सवाई चौधरी ज्ञानचंद्र जैन एवं शोभा जैन को प्राप्त हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माता-पिता को गोद में उठाकर भक्ति नृत्य किया। बड़ागांव, खरगापुर, दरगुवा, लार सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए महिला मंडलों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।</p>
<p><strong>पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट और संगीतमयी भक्ति</strong></p>
<p>आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य शांतकुमार-विजय जैन परिवार को तथा शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य अजित जैन वैसा परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
<p>राम कुमार एंड पार्टी की संगीतमयी प्रस्तुतियों के बीच पूजन, भक्ति एवं नृत्य का वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर महाआरती भी सम्पन्न हुई।</p>
<p><strong>पंचकल्याणक आत्मा से परमात्मा बनने की प्रक्रिया &#8211; आचार्य श्री</strong></p>
<p>धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज ने कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव आत्मा से परमात्मा बनने की पवित्र प्रक्रिया का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अरिहंत परमात्मा के दर्शन और वंदना से पूर्व जन्मों के कर्मों का क्षय होता है तथा गुरु सेवा से पाप कर्म नष्ट होकर पुण्य की वृद्धि होती है।उन्होंने आगे कहा कि समर्पण से बीज वृक्ष बनता है और बूंद सागर बन जाती है, उसी प्रकार जीव भी तप और साधना से परमात्मा बनता है। आचार्य श्री ने कहा कि सच्चा भक्त और गुरु का सच्चा सेवक सम्मान की इच्छा नहीं रखता, लेकिन उसकी भक्ति और सेवा के कारण वह स्वयं ही सम्मानित हो जाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भक्ति से मुक्ति मिलती है और सेवा का फल अवश्य प्राप्त होता है।</p>
<p><strong>रात्रि में सजे महाराजा नाभिराय का दरबार</strong></p>
<p>रात्रि में भगवान के माता-पिता का दरबार सजाया गया। इस दौरान 16 स्वप्नों का फल कथन, अष्ट देवियों एवं छप्पन कुमारियों द्वारा सेवा अर्पण, महाराजा नाभिराय का भव्य दरबार तथा राज्य व्यवस्था से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस भव्य आयोजन में शाहगढ़, ललितपुर, टीकमगढ़, बंडा, बुडेरा, हटा, इंदौर, बेंगलुरु, भोपाल, छतरपुर, घुवारा, बड़ागांव, बकस्वाहा, खरगापुर सहित विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में महोत्सव समिति एवं उपसमितियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समागत अतिथियों एवं समाज के गणमान्यजनों का स्वागत किया गया तथा पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई।</p>
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		<title>विश्व शांति की कामनार्थ किया शांतिनाथ महामंडल विधान : वेदी में मौजूद जिन प्रतिमाओं की शांतिधारा की </title>
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		<pubDate>Tue, 17 Mar 2026 13:23:56 +0000</pubDate>
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<p><strong>समीपवर्ती श्री दिगम्बर जैन मंदिर लार में अनुनयमति बालिका मंडल द्वारा विश्व शांति एवं जन कल्याण के लिए एवं पंच कल्याणक महोत्सव निर्विघ्न होने के लिए श्री शांतिनाथ महामंडल विधान श्रद्धा भक्ति भाव से किया।<span style="color: #ff0000">बड़ागांव धसान से मुकेश जैन लार की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बड़ागांव धसान</strong>। समीपवर्ती श्री दिगम्बर जैन मंदिर लार में अनुनयमति बालिका मंडल द्वारा विश्व शांति एवं जन कल्याण के लिए एवं पंच कल्याणक महोत्सव निर्विघ्न होने के लिए श्री शांतिनाथ महामंडल विधान श्रद्धा भक्ति भाव से किया। इसके बाद वेदी में मौजूद जिन प्रतिमाओं की शांतिधारा की गई। इसके बाद मंत्रोच्चारण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में भगवान जिनेन्द्र देव का भावपूर्वक अभिषेक और शांतिधारा की गई, पूजन में सिद्ध परमात्मा के गुणों का स्मरण करते हुए उनको श्रीफल सहित अर्घ्य समर्पित किए गए। इस दौरान मन्त्रोच्चारण एवं सु-मधुर स्वरों के बीच पूजा-आराधना के कार्यक्रम में शामिल सभी लोग भक्तिपूर्ण माहौल में सराबोर थे। विश्व शांति एवं जगत कल्याण के रिद्धि सिद्धि मंत्रों द्वारा महाशांति धारा की गई। सौभाग्य चौधरी संतोष जैन व्याख्यायता टीकमगढ़,प्राशु अरविंद्र सेठ लार को एवं सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य चौधरी नितांत जैन टीकमगढ़ को प्राप्त हुआ। सभी भक्तों ने बहुत ही भक्ति से नाचते-झूमते भगवान की महा-आराधना की। विधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पंडित कमल कुमार शास्त्री ने कहा कि यह विधान स्वयं के कल्याण के लिए है। इस विधान को करने से अशुभ कर्मो का नाश होता है और यह सभी के लिए के शुभ फलदायी होता है एवं विश्व में शांति-भाईचारा स्थापित करने के लिये भी प्रेरित करता है। इस महा मंडल विधान की आराधना का लक्ष्‌य यही है कि हम अपने अशुभ कर्मो का नाशकर सिद्धप्रभु के बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन का कल्याण करें। सुधांशु जैन, यश जैन,राज जैन,दीपू,अरहम जैन श्रेयांश सुबोध जैन सहित बालिका मंडल,महिला मंडल सम्मलित हुए।</p>
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		<title>मुनि श्री विमल सागर जी को छत्रपति नगर पधारने के लिए श्रीफल भेंट : 3 से 9 अप्रैल तक दलाल बाग परिसर में होगा पंच कल्याणक  </title>
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		<pubDate>Tue, 17 Mar 2026 09:14:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जिनालय के प्रथम मंजिल पर नवनिर्मित बेदी पर विराजित होने वाली 24 तीर्थंकरों की रजत प्रतिमाओं का मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ससंघ के मंगलमय सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव होगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। नगर में दिगंबर जैन परवार समाज की ओर से मल्हारगंज में स्थापित एकमात्र श्री दिगंबर जैन चंदा प्रभु [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जिनालय के प्रथम मंजिल पर नवनिर्मित बेदी पर विराजित होने वाली 24 तीर्थंकरों की रजत प्रतिमाओं का मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ससंघ के मंगलमय सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव होगा। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> नगर में दिगंबर जैन परवार समाज की ओर से मल्हारगंज में स्थापित एकमात्र श्री दिगंबर जैन चंदा प्रभु जिनालय का नवीनीकरण कार्य किया गया है। काम पूर्ण होने के बाद जिनालय के प्रथम मंजिल पर नवनिर्मित वेदी पर विराजित होने वाली 24 तीर्थंकरों की रजत प्रतिमाओं का मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ससंघ के मंगलमय सानिध्य में पंचकल्याणक महोत्सव होगा। यह आयोजन 3 से 9 अप्रैल तक दलाल बाग परिसर में (छत्रपति नगर के समीप) होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागरजी एवं मुनिश्री अनंत सागर जी का गंजबासौदा से इंदौर के लिए विहार चल रहा है।</p>
<p><strong>इन्होंने किया श्रीफल भेंट</strong></p>
<p>विहार के दौरान मंगलवार को प्रातः सोनकच्छ आष्टा के बीच मुनि श्री के आहार स्थल पर छत्रपति नगर दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष भूपेंद्र जैन के नेतृत्व में ट्रस्टीगण श्रुत जैन, नीलेश जैन टैलेंट, जिनेश जैन एवं वीरेंद्र देवरी, अजय मामा, सुरेश पड़ोसी, अभिषेक जैन और गुड्डू गढ़ाकोटा आदि समाज श्रेष्ठियों ने मुनि श्री से सौजन्य भेंटकर एवं श्रीफल समर्पित कर छत्रपति नगर में पधारने निवेदन किया।</p>
<p><strong>मुनि श्री ने आशीर्वाद देकर स्वीकृति प्रदान की</strong></p>
<p>मुनि श्री से प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय परिसर छत्रपति नगर में निर्मित संत सदन में प्रवास एवं विश्राम करने का भी अनुरोध किया। इस निवेदन पर मुनि श्री ने मुस्कुराते हुए अपने दोनों हाथों से आशीर्वाद देकर स्वीकृति प्रदान की। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि मुनि श्री का आशीर्वाद मिलने से छत्रपति नगर के रहवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। मुनि संघ के 22 मार्च तक मां अहिल्या की नगरी इंदौर में मंगल प्रवेश की संभावना है।</p>
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		<title>नरीमन सिटी में भरत कुसुम मोदी संत सदन का भूमि पूजन : मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने कहा संत निवास का निर्माण केवल एक भवन का निर्माण नहीं यह संतों की सेवा और साधना का पवित्र स्थान  </title>
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		<pubDate>Tue, 17 Mar 2026 06:31:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नरीमन सिटी में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में भरत-कुसुम मोदी संत निवास का भूमि पूजन हुआ। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;  इंदौर। नरीमन सिटी में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन एक अत्यंत पुण्य और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। मुनि श्री [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नरीमन सिटी में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में भरत-कुसुम मोदी संत निवास का भूमि पूजन हुआ। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> इंदौर</strong>। नरीमन सिटी में चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन एक अत्यंत पुण्य और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में भरत-कुसुम मोदी संत निवास का भूमि पूजन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। इस पावन अवसर पर समाज के प्रतिष्ठित जन भरत मोदी, संजय पाटौदी एवं राहुल सेठी द्वारा विधिवत भूमि पूजन किया गया। इस धार्मिक और ऐतिहासिक कार्यक्रम में नरीमन सिटी जैन मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें प्रदीप बिलाला, प्रवीण जैन, ऋषभ जैन, नीलेश मोदी, राजेश जैन, राहुल जैन और गौरव जैन सहित अनेक समाजजन उपस्थित थे। भूमि पूजन के बाद अपने आशीर्वचन में मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने कहा कि संत निवास का निर्माण केवल एक भवन का निर्माण नहीं है, बल्कि यह संतों की सेवा और साधना के लिए समर्पित एक पवित्र स्थान होगा। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर में यह संत निवास संतों की सेवा और उनके निवास के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, जिससे साधु-संतों को साधना और प्रवास के समय उत्तम सुविधा प्राप्त होगी तथा समाज को भी धर्म श्रवण का अधिक अवसर मिलेगा।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-102193" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260317-WA0006-200x300.jpg" alt="" width="200" height="300" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260317-WA0006-200x300.jpg 200w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260317-WA0006-682x1024.jpg 682w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260317-WA0006-768x1153.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260317-WA0006-1023x1536.jpg 1023w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260317-WA0006-990x1486.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260317-WA0006.jpg 1066w" sizes="(max-width: 200px) 100vw, 200px" /></p>
<p><strong>संतों की सेवा और धर्म कार्य में योगदान सौभाग्य</strong></p>
<p>इस अवसर पर उपस्थित समाजजनों ने भरत-कुसुम मोदी परिवार के इस सहयोग और धर्मप्रेम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। सभी ने कहा कि इंदौर शहर में भरत मोदी द्वारा समाज और धर्म के क्षेत्र में जो सेवाएँ और कार्य किए जा रहे हैं, वे वास्तव में प्रेरणादायी हैं और समाज के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। अपने उद्बोधन में भरत मोदी ने कहा कि संतों की सेवा और धर्म कार्य में योगदान देना हम सभी का सौभाग्य है।</p>
<p><strong>आदर्श धार्मिक केंद्र बनाएं</strong></p>
<p>भरत मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि संत निवास का निर्माण शीघ्र पूर्ण होगा और आने वाले समय में इसका सदुपयोग समाज और संतों की सेवा के लिए होगा। उन्होंने समाजजनों से भी आग्रह किया कि सभी मिलकर इस पुण्य कार्य को आगे बढ़ाएँ और इसे एक आदर्श धार्मिक केंद्र बनाने में सहयोग करें। कार्यक्रम का वातावरण भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से परिपूर्ण रहा। सभी ने मिलकर यह मंगल कामना की कि यह भरत-कुसुम मोदी संत निवास आने वाले समय में संतों की सेवा, धर्म साधना और समाज के आध्यात्मिक उत्थान का एक प्रमुख केंद्र बने।</p>
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		<title>डी-ब्लॉक जैन मंदिर में पंच कल्याणक महोत्सव के अस्थायी कार्यालय का उद्घाटन : पीएनसी इंफ्राटेक के एमडी प्रदीप जैन ने फीता खोला।  </title>
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		<pubDate>Mon, 09 Mar 2026 11:31:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री सर्वतोभद्र जिनालय, बल्केश्वर में 23 से 27 अप्रैल तक होने वाले आदिनाथ पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारियों के क्रम में पंचकल्याणक महोत्सव के अस्थायी कार्यालय का उद्घाटन सोमवार प्रातः 8 बजे श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर डी-19 कमला नगर में संपन्न हुआ। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230; आगरा। श्री सर्वतोभद्र जिनालय, बल्केश्वर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री सर्वतोभद्र जिनालय, बल्केश्वर में 23 से 27 अप्रैल तक होने वाले आदिनाथ पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारियों के क्रम में पंचकल्याणक महोत्सव के अस्थायी कार्यालय का उद्घाटन सोमवार प्रातः 8 बजे श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर डी-19 कमला नगर में संपन्न हुआ। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> श्री सर्वतोभद्र जिनालय, बल्केश्वर में 23 से 27 अप्रैल तक होने वाले आदिनाथ पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारियों के क्रम में पंचकल्याणक महोत्सव के अस्थायी कार्यालय का उद्घाटन सोमवार प्रातः 8 बजे श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर डी-19 कमला नगर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के गौरवाध्यक्ष एवं पीएनसी इंफ्राटेक के एमडी प्रदीप जैन ने फीता काटकर तथा भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने उन्हें मालाएं पहनाकर शाल ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। समारोह के दौरान पंच कल्याणक महोत्सव की तैयारियों तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की गई। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस अस्थायी कार्यालय के माध्यम से महोत्सव से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का संचालन किया जाएगा तथा समाजजनों को कार्यक्रमों की जानकारी भी यहीं से उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने समाज के सभी श्रद्धालुओं से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाने का आग्रह किया। संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया।</p>
<p><strong>प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया</strong></p>
<p>इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, सहयोगियों तथा व्यवस्थाओं में योगदान देने वाले कार्यकर्ताओं को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सभी ने आगामी पंच कल्याणक महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। इस मौके पर मनोज बाकलीवाल, जगदीश प्रसाद जैन, राजीव जैन, अनिरुद्ध जैन, रजत जैन,अनंत जैन, पंकज जैन राकेश जैन, दीपक जैन, बंटी जैन, कमल जैन, मनीष जैन, आकाश जैन, शुभम जैन समस्त पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</p>
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		<title>सलेहा में सजा धर्म का विराट महाकुंभ : पंचकल्याणक महोत्सव में केवलज्ञान कल्याणक मनाया  </title>
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		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 13:32:57 +0000</pubDate>
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<p><strong>त्रिनेत्रोदय अतिशय क्षेत्र श्री 1008 शातिनाथ दिगंबर जैन मंदिर की पावन एवं गौरवशाली धरती सलेहा (मध्यप्रदेश), जहां मुनि श्री अनुपम सागर जी, मुनि श्री विनिशोध सागर जी, मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी महाराज तथा आर्यिका विन्ध्यश्री माताजी का जन्म हुआ, वहीं अब धर्म का विराट महाकुंभ साकार हुआ है। <span style="color: #ff0000">सलेहा से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>सलेहा (मध्यप्रदेश)।</strong> त्रिनेत्रोदय अतिशय क्षेत्र श्री 1008 शातिनाथ दिगंबर जैन मंदिर की पावन एवं गौरवशाली धरती सलेहा (मध्यप्रदेश), जहां मुनि श्री अनुपम सागर जी, मुनि श्री विनिशोध सागर जी, मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी महाराज तथा आर्यिका विन्ध्यश्री माताजी का जन्म हुआ, वहीं अब धर्म का विराट महाकुंभ साकार हुआ है।</p>
<p>इस अवसर पर भव्यातिभव्य श्री 1008 आदिनाथ जिनबिम्ब के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन किया गया। यह आयोजन इस भूमि की तप, त्याग, साधना और आध्यात्मिक परंपरा का गौरवपूर्ण प्रतीक बनेगा। यह महा-महोत्सव आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं सान्निध्य में हो रहा है। सलेहा पंचकल्याणक महोत्सव में शनिवार को केवलज्ञान कल्याणक महोत्सव मनाया। भगवान की आहारचर्या हुई, नवीन वेदियों में आज भगवान विराजमान होंगे।</p>
<p>विशेष रूप से मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी महाराज की विचित्र बातों ने धर्म को सरल, प्रभावशाली और जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी वाणी ने असंख्य श्रद्धालुओं के जीवन में आत्मचिंतन और जागृति का संचार किया है। पंचकल्याणक के विधिविधान, धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचनमाला एवं विश्वशांति महायज्ञ के माध्यम से समूचा क्षेत्र धर्ममय वातावरण से आलोकित हो रहा है। सभी समाजजनों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा व्याप्त है। श्रद्धालुजन अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक महोत्सव के साक्षी बन रहे हैं।</p>
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		<title>सलेहा में तप कल्याणक महोत्सव में हुए पूजन विधान: तप और त्याग की आराधना कर किए पूजन विधान  </title>
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		<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 07:43:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी के शिष्य मुनि श्री सर्वार्थ सागरजी महाराज के अनुराग जैन ने कहा कि सलेहा नगर की पावन धरा पर शुक्रवार पंच कल्याणक महोत्सव के अंतर्गत तप कल्याणक महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। सलेहा से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230; सलेहा (मप्र)। आचार्य श्री विशुद्ध [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी के शिष्य मुनि श्री सर्वार्थ सागरजी महाराज के अनुराग जैन ने कहा कि सलेहा नगर की पावन धरा पर शुक्रवार पंच कल्याणक महोत्सव के अंतर्गत तप कल्याणक महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। <span style="color: #ff0000">सलेहा से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>सलेहा (मप्र)</strong>। आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी के शिष्य मुनि श्री सर्वार्थ सागरजी महाराज के अनुराग जैन ने कहा कि सलेहा नगर की पावन धरा पर शुक्रवार पंच कल्याणक महोत्सव के अंतर्गत तप कल्याणक महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान के महान तप और त्याग की आराधना करते हुए विशेष पूजन-विधान एवं धार्मिक कार्यक्रम किए गए। आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी के मंगल आशीर्वाद में संपन्न होने वाले इस आयोजन को लेकर संपूर्ण नगर में उत्साह का वातावरण है। तप कल्याणक भगवान के उस दिव्य चरण का स्मरण कराता है, जब उन्होंने कठोर तपस्या कर आत्मशुद्धि का आदर्श प्रस्तुत किया। धर्मप्रेमी बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। सलेहा नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर है और यह महोत्सव निश्चित ही समाज के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा एवं प्रेरणा का स्रोत बनेगा।</p>
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