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	<title>Offering of Arghya &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Offering of Arghya &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>कलशा ढारों रे, ढारों रे, जल भरकर से गूंजा अतिशय क्षेत्र टिकटोली: भगवान श्री शांतिनाथ विधान अनुष्ठान में अर्घ्य समर्पित किए </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Dec 2025 13:45:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[एक हजार वर्ष से अधिक प्राचीन जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र टिकटोली में मूलनायक भगवान शांतिनाथ स्वामी, कुंथनाथ स्वामी एवं अरहनाथ स्वामी के महामस्तकाभिषेक के लिए संपूर्ण भारतवर्ष से आए हुए हजारों जैन धर्मावलंबियों का समूह एकत्रित हुआ। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; मुरैना। एक हजार वर्ष से अधिक प्राचीन जैन तीर्थ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>एक हजार वर्ष से अधिक प्राचीन जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र टिकटोली में मूलनायक भगवान शांतिनाथ स्वामी, कुंथनाथ स्वामी एवं अरहनाथ स्वामी के महामस्तकाभिषेक के लिए संपूर्ण भारतवर्ष से आए हुए हजारों जैन धर्मावलंबियों का समूह एकत्रित हुआ। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> एक हजार वर्ष से अधिक प्राचीन जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र टिकटोली में मूलनायक भगवान शांतिनाथ स्वामी, कुंथनाथ स्वामी एवं अरहनाथ स्वामी के महामस्तकाभिषेक के लिए संपूर्ण भारतवर्ष से आए हुए हजारों जैन धर्मावलंबियों का समूह एकत्रित हुआ। विमानोत्सव, महामस्तकाभिषेक एवं वार्षिक मेले के पावन अवसर पर हजारों हजारों की संख्या में मौजूद साधर्मी बंधुओं की उपस्थिति में प्रातःकालीन बेला में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया गया। भगवान श्री शांतिनाथ विधान अनुष्ठान में अर्घ्य समर्पित किए गए। विधानाचार्य नमन भैया सागर ने मंत्रोच्चारण के साथ सभी क्रियाओं को विधिविधान पूर्वक कराया। श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन त्रिमूर्ति परमोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र टिकटोली के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार शांतिधारा करने का सौभाग्य चौधरी मोहित जैन चीकू पटेल नगर दिल्ली को प्राप्त हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि सुनील जैन (उप पुलिस महानिरीक्षक) चम्बल संभाग सपत्नीक सहभागिता प्रदान की। समारोह की अध्यक्षता पवन जैन (से.नि. डीजी भोपाल) ने की। समारोह के शुभारंभ में डिप्टी कलेक्टर ग्वालियर श्रीमती वंदना जैन ने मंगलाचरण किया। तत्पश्चात पवन पिंकी जैन पालम दिल्ली ने उप पुलिस महा निरीक्षक सुनील जैन एवं पूर्व डीजी भोपाल पवन जैन के साथ ध्वजारोहण, सीए अजय शिल्पी जैन नोएडा ने मंच उद्घाटन किया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-97324" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251230-WA0033-262x300.jpg" alt="" width="262" height="300" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251230-WA0033-262x300.jpg 262w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251230-WA0033-894x1024.jpg 894w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251230-WA0033-768x880.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251230-WA0033.jpg 899w" sizes="(max-width: 262px) 100vw, 262px" /></p>
<p><strong>इन अतिथियों की रही मौजूदगी</strong></p>
<p>समारोह में सुनील जैन (उप महानिरीक्षक पुलिस) चम्बल संभाग, पूर्व डीजी पवन जैन भोपाल, चम्बल संभाग के कमिश्नर सुरेशकुमार शर्मा, मुरैना सीईओ कमलेश भार्गव, डिप्टी कलेक्टर वंदना जैन, सुनील जैन सूरत, महेशचंद्र बंगाली, पवन जैन मुरैना, आलोक जैन बैंगलोर, मोहित जैन चीकू दिल्ली, सीए अजय जैन नोएडा, गिरीश जैन गुरुग्राम, नवीन जैन राजा बाजार, अजय जैन बॉबी, सतेंद्र जैन इंदौर सहित जैसवाल जैन युवाजन के सभी सदस्य उपस्थित थे।</p>
<p><strong>’कर्नाटक की पंचमी जैन की प्रस्तुति को सभी ने सराहा</strong></p>
<p>समारोह में कर्नाटक के मुलबद्री से आई हुई भरत नाट्य कलाकार पंचमी मरूर जैन ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष प्रस्तुति की सभी ने सराहना की। पंचमी जैन ने कर्नाटक की विशेष पारंपरिक वेशभूषा में आचार्यश्री ज्ञानसागर, आचार्यश्री विद्यासागर एवं आचार्यश्री समय सागर महाराज पर विशेष नाट्य प्रस्तुति पर सभी की वाहवाही एवं तालिया बटोरी। इस क्षेत्र पर अपनी प्रथम प्रस्तुति के लिए वे एक दिवसीय अल्प प्रवास पर कर्नाटक से यहां आईं हुईं थीं।</p>
<p><strong>गाजे बाजे के साथ निकाला गया भव्य विमानोत्सव</strong></p>
<p>क्षेत्र कमेटी के महामंत्री ओमप्रकाश जैन ने बताया कि वार्षिक मेले के अवसर पर गाजे बाजे के साथ श्रीजी की भव्य नालकी शोभायात्रा निकाली गई। श्री आदिनाथ जिनालय से श्री भगवान शांतिनाथ स्वामी को चांदी की पालकी में सिंहासन पर सवार किया गया । हार, मुकुट मणिमाला से सुसज्जित इन्द्रों ने पालकों को अपने कंधों पर लेकर संपूर्ण टिकटोली क्षेत्र परकोटे की परिक्रमा लगाई । साधर्मी बंधुओं, माता बहिनों ने भक्तिरस से ओतप्रोत जैन भजनों पर भक्ति नृत्य किए । सभी युवा साथी अपने अपने हाथों में पचरंगीन ध्वजा को लेकर आसमान की ओर लहराकर अपनी खुशी को प्रदर्शित कर रहे थे । भव्य शोभायात्रा में पुरुषवर्ग श्वेत बस्त्रों में एवं महिलाएं केसरिया साड़ी में शोभायमान थीं।</p>
<p><strong>’पुण्यशाली 16 बंधुओं ने किया महामस्तकाभिषेक’</strong></p>
<p>आयोजन समिति के मुख्य संयोजक सतेंद्र जैन मुरैना ने जानकारी देते हुए बताया कि लकी ड्रॉ के माध्यम से सौभाग्यशाली 16 साधर्मी बंधुओं को मूलनायक भगवान शांतिनाथ स्वामी के महामस्तिकाभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । सागर से आए विधानाचार्य पंडित नमन भैया शास्त्री सागर द्वारा जैसे ही मंत्रोच्चारण किया ष्कलशा ढारों रे, ढारों रे जल भरकरष् भजनों की स्वर लहरी के साथ स्वर्ण एवं रजत कलशों से प्रासुक जल की धार प्रभु के सिर पर आई, संपूर्ण पंडाल करतल ध्वनि एवं भगवान के जय जय कारों से गूंज उठा।</p>
<p><strong>’जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली ने सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी’</strong></p>
<p>युवाओं की सेवाभावी संस्था जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली ने टिकटोली अतिशय क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया । सभी युवा साथियों ने तन मन धन से टिकटोली क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए समुचित अर्थ सहयोग की घोषणा की।</p>
<p><strong>’मित्र मंडलों की रही विशेष भूमिका’</strong></p>
<p>इस भव्य आयोजन में जैन मित्र मण्डल मुरैना ने सभीजनों के लिए कूपनों के माध्यम से स्वल्पाहार एवं टिकटोली पहुंचने के लिए मुरैना से निःशुल्क बसों की व्यवस्था की । अतिशय मित्र मंडल जौरा ने समारोह में सम्मिलित होने वाले सभीजनों के लिए वात्सल्य भोज की व्यवस्था कर समाजसेवा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया । दोनों ही मित्र मण्डल के सेवा कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा की ।</p>
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		<title>जीवन कर्म उदय के अनुसार चलता है: आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान का हुआ शुभारभ   </title>
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		<pubDate>Tue, 23 Sep 2025 14:33:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज सानिध्य में मंगलवार की बेला में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। प्रातः की बेला में श्री जी का अभिषेक शांतिधारा की गई। उसके उपरांत सभी क्रियाएं विधि विधान से संपन्न की गई एवं मंडल पर सिद्धों की आराधना करते हुए अर्घ्य समर्पित किए गए। रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज सानिध्य में मंगलवार की बेला में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। प्रातः की बेला में श्री जी का अभिषेक शांतिधारा की गई। उसके उपरांत सभी क्रियाएं विधि विधान से संपन्न की गई एवं मंडल पर सिद्धों की आराधना करते हुए अर्घ्य समर्पित किए गए। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज सानिध्य में मंगलवार की बेला में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। प्रातः की बेला में श्री जी का अभिषेक शांतिधारा की गई। उसके उपरांत सभी क्रियाएं विधि विधान से संपन्न की गई एवं मंडल पर सिद्धों की आराधना करते हुए अर्घ्य समर्पित किए गए। यह महामंडल विधान 28 सितंबर तक चलेगा। यह महामंडल विधान संघस्थ सभी ब्रह्मचारियों भैया बहनों द्वारा किया जा रहा है। आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज ने मंगल प्रवचन में सिद्धचक्र महामंडल विधान का महत्व समझाया और कहा कि ऐसे कर्म के उदय आते हैं कि हमारी सारी अनुकूलताएं समाप्त हो जाती हैं। आचार्य श्री ने कर्म के विषय में कहा कि कर्म आते समय दिखाई नहीं देते लेकिन, फल देते समय अनुभव में आते हैं। यह संसार में नीति नियम है जो करेगा वहीं भोगेगा और जैन दर्शन तो स्पष्ट रूप से ऐसा ही कहता है।</p>
<p><strong>अच्छा बोया है तो अच्छा काटोगे </strong></p>
<p>आचार्यश्री ने कहा कि परेशानी तकलीफ और अभाव में यही सोचना चाहिए कि यह कर्म किसने किए हैं। जब हम सोचते उत्तर यही आएगा यह कर्म आपने ही किए हैं। अगर हम दूसरों के कर्म भोगने लग जाए तो हमारी क्रिया और भाव का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। इसका भावार्थ समझते हुए गुरुदेव ने कहा कि जो बोएगा वही काटेगा। बोया बाजरा है तो गेहूं कैसे काटोगे। अगर आपने अच्छा बोया है तो अच्छा काटोगे और अपने कम अच्छा बोया है तो कम अच्छा काटोगे और यदि बहुत बुरा बोया है तो बहुत बुरा ही काटना पड़ेगा। उन्होंने कहा यह रूल्स है। उन्होंने कहा कि दुनिया ने जिन्हें दुनिया से लेना देना नहीं है उन्हें व्यवस्थापक बना दिया। भगवान को कोई लेना-देना नहीं है। लेना देना तो हमें है। उन्होंने कहा कि मोहनीय कर्म आता है तब हमारी इच्छाएं होती हैं।</p>
<p><strong>कर्म फल को समझना होगा </strong></p>
<p>सिद्ध चक्र विधान सिर्फ सिद्धों की आराधना के लिए नहीं होता। यह कर्म और कर्म के फल को समझने के लिए होता है। यह समझने की जरुरत है। वर्तमान में कुछ नहीं किया है लेकिन, पहले इतना कुछ करके आए हैं। उनके फलों के कारण व्यक्ति को रोना पड़ता है, तकलीफ देखनी पड़ती है। कष्ट भोगना पड़ता है। जो कर्म हमने पहले किए हैं वह तो भोगना ही पड़ेगा। हमें समझने की जरूरत है। हमारा जीवन ऐसे ही नहीं चल रहा है, गाड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई गाड़ी नहीं है जो स्टार्ट कर दी और आगे बढ़ गई। जीवन है यह कर्म के उदय के अनुसार चलता है। हमारी विशुद्धि में ही ताकत है जो पाप को पुण्य में बदल सकती है।</p>
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		<title>गुरु की महिमा वर्णी ना जाए : गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गुरु से लिया आशीर्वाद  </title>
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		<pubDate>Thu, 10 Jul 2025 14:08:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया।पूर्वाचार्यों को अर्घ्य समर्पण किया गया तथा आचार्य श्री की बड़े भक्ति भाव से भक्ति नृत्य करते हुए पूजन हुआ। टोंक से पढ़िए, यह खबर&#8230; टोंक। आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया।पूर्वाचार्यों को अर्घ्य समर्पण किया गया तथा आचार्य श्री की बड़े भक्ति भाव से भक्ति नृत्य करते हुए पूजन हुआ। <span style="color: #ff0000">टोंक से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टोंक।</strong> आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। चातुर्मास समिति प्रवक्ता पवन कंटान एवं विकास जागीरदार ने बताया कि धर्म उपदेश के पूर्व आदिनाथ भगवान एवं आचार्य शांति सागर जी सहित सभी आचार्यों के चित्रों के सम्मुख दीप प्रवज्लन पूर्व सांसद टोंक-सवाई माधोपुर सुखबीरसिंह जौनपुरिया, टोंक जिला प्रमुख सरोज नरेश बंसल, पूर्व चेयरमैन नगरपरिषद लक्ष्मी देवी, बीना जैन छामुनिया,निवाई चेयरमैन दिलीप इसरानी, निवाई विधायक रामसहाय वर्मा, विष्णु शर्मा, प्रभु बाडोलिया, विनायक जैन, सुमित जैन जयपुर, अमित छामुनिया द्वारा किया गया।</p>
<p>आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कैलाश चंद, सुरेशचंद, नंदलाल, भागचंद, संजय कुमार, पारस कुमार, उमेश कुमार संघी परिवार द्वारा किया गया एवं जिनवाणी भेंट अंकित जैन जोबनेर परिवार द्वारा किया गया। पूर्वाचार्यों को अर्घ्य समर्पण किया गया तथा आचार्य श्री की बड़े भक्ति भाव से भक्ति नृत्य करते हुए पूजन जैन वूमेंस ग्रुप, बहुरानी महिला मंडल, आदिनाथ महिला मंडल, जिनवाणी महिला मंडल, आचार्य धर्मासागर पाठशाला, चंद्रप्रभु महिला मंडल काफला बाजार,पारसनाथ महिला मंडल आदर्श नगर, हाउसिंग बोर्ड महिला मंडल, पटेल सर्कल महिला मंडल, पांच मंदिर पुरानी टोंक महिला मंडलों ने बारी बारी से अष्ट द्रव्य जल चंदन अक्षत पुष्प नैवेद्य दीप धूप फल और अर्घ्य समर्पित कर पूजन किया। इसके पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुपूर्णिमा के साथ हुआ । आचार्य श्री ने अपने पूर्व आचार्यों का स्मरण करते हुए उनकी महिमा पर प्रकाश डाला।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-84836" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1703" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-scaled.jpg 2560w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-1024x681.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-768x511.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-1536x1022.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-2048x1362.jpg 2048w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-990x658.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-1320x878.jpg 1320w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" />शिष्य में कृतज्ञता, विनय का गुण होना चाहिए </strong></p>
<p>भगवान श्री महावीर स्वामी की देशना केवल ज्ञान प्राप्त होने के बाद भी अनेक दिनों तक मुखरित नहीं हुई तब सोधर्म इन्द्र के माध्यम से इंद्रभूति गोतम को भगवान का समवशरण में मानस्तंभ देखकर उनका मान ओर मिथ्यात्व दूर हुआ और उन्होंने अंतिम शासन नायक श्री महावीर स्वामी से दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा लेते ही श्री गौतम स्वामी को मनपर्ययज्ञान तथा 64 में से 63 रिद्धि प्राप्त हुई और 66 दिन बाद प्रथम गणधर श्री गौतम स्वामी ने भगवान की दिव्य देशना को ग्रहण कर शास्त्रों में लिपिबद्ध किया। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित धर्म सभा में प्रगट की। गुरुभक्त राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने बताया कि श्री गौतम स्वामी ने चार प्रथमानुयोग, करुणानुयोग,द्रव्यानुयोग,ओर चरणानुयोग की रचना की।आचार्य श्री ने बताया कि गुरु ज्ञान देते हैं इसलिए उपकार कारण गुरुपूर्णिमा मनाई जाती हैं गुरुभक्त राजेश पंचोलिया इंदौर के अनुसार आचार्य श्री ने गुरु ओर शिष्य के बारे बताया कि शिष्य ने कृतज्ञता, नम्रता विनय शिष्टाचार सहित अनेक गुण होना चाहिए शिष्य को सद आचारणवान और पाप से भीरू होना चाहिए क्योंकि पाप संसार रूपी समुद्र में डूबा देता हैं इसलिए 6 द्रव्य,सात तत्वों धर्म का सहारा लेकर पुण्य का उपार्जन करना चाहिए। सभी को व्यसन और फैशन से बचना चाहिए।</p>
<p>इस अवसर पर भिंडर,किशनगढ़ पारसोला ,इंदौर,सनावद, जयपुर ,बंगलौर, बोली, निवाई, ओर निकट के अनेक नगरों से गुरुभक्त उपस्थित हुए प्रातः आचार्य श्री के दर्शन भक्ति की समस्त संघ ने आचार्य भक्ति पूर्वक वंदना की।</p>
<p><strong>वीर शासन जयंती मनाई जाएगी</strong></p>
<p>11 जुलाई शुक्रवार को प्रातः काल 8 बजे श्री दिगंबर जैन नसिया में वीर शासन जयंती मनाई जाएगी जिसके अंतर्गत जैन नसिया परिसर में प्रभात फेरी निकाली जाएगी उसके पश्चात आचार्य श्री के सानिध्य में भगवान महावीर स्वामी की पूजा अर्चना की जाएगी तत्पश्चात आचार्य श्री के मंगल प्रवचन होंगे।</p>
<p>समाज के मंत्री राजेश सर्राफ नें बताया कि प्रतिदिन अभिषेक, शांतिधारा की क्रियाएं संपन्न की जाती है। उसके बाद आचार्य श्री की मंगल प्रवचन दिन में आचार्य श्री द्वारा स्वाध्याय,शास्त्र ज्ञान संघ को दिए जाता है शाम को आरती की जाती है।</p>
<p><strong>यह रहे मौजूद </strong></p>
<p>इस मौके पर चतुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष भागचंद फूलेता, धर्मचंद दाखिया, मंत्री राजेश सराफ, धर्मेंद्र पासरोटियां, कमल सराफ,पप्पू नमक,टोनी आंडरा,ज्ञानचंद छामुनिया, आशु दाखिया, नीटू छामुनिया, पुनीत जागीरदार, दिनेश छामुनिया, रमेश काला, बेनी प्रसाद कल्ली, आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>सिद्धचक्र महामंडल विधान में 512 श्रीफल युक्त अर्घ्य समर्पित: समापन रविवार को विविध विधानों के साथ होगा  </title>
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		<pubDate>Fri, 23 May 2025 12:38:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन गांधियों के मंदिर सागवाड़ा में सकल दिगम्बर जैन समाज के संयोजन में शशिकांत हुक्मीचंद बोबडा परिवार की ओर से प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया ‘विरल’ के तत्वावधान में 8 दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान हो रहा है। शांतिनाथ भगवान और सिद्धचक्र यंत्र का अभिषेक किया गया। विश्व शांति कामनार्थ मूलनायक आदिनाथ भगवान [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन गांधियों के मंदिर सागवाड़ा में सकल दिगम्बर जैन समाज के संयोजन में शशिकांत हुक्मीचंद बोबडा परिवार की ओर से प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया ‘विरल’ के तत्वावधान में 8 दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान हो रहा है। शांतिनाथ भगवान और सिद्धचक्र यंत्र का अभिषेक किया गया। विश्व शांति कामनार्थ मूलनायक आदिनाथ भगवान की प्रतिमा पर चंद्रप्रभा केसरीमल शाह ने शांतिधारा की। विधान मंडप पर अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त 512 अर्घ्य समर्पित किए गए। <span style="color: #ff0000">सागवाड़ा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागवाड़ा</strong>। नगर के श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन गांधियों के मंदिर में सकल दिगम्बर जैन समाज के संयोजन में शशिकांत हुक्मीचंद बोबडा परिवार की ओर से प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया ‘विरल’ के तत्वावधान में 8 दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के छठे दिन शुक्रवारको प्रातः सौधर्म इंद्र शशिकांत रुची बोबडा परिवार ने शांतिनाथ भगवान और सिद्धचक्र यंत्र का अभिषेक किया गया। साथ ही विश्व शांति कामनार्थ मूलनायक आदिनाथ भगवान की प्रतिमा पर चंद्रप्रभा केसरीमल शाह ने शांतिधारा की। कांतिलाल बोबडा ने श्रीफल फट् किया। नवदेवता पूजा, शीतलनाथ भगवान की पूजा के बाद शुक्रवार को सिद्धचक्र विधान की पूजा के तहत इंद्र इंद्राणी समूह द्वारा विधान मंडप पर अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त 512 अर्घ्य समर्पित किए गए। सांयकाल कीर्तिकुमार प्रकाश कोठारी परिवार पुनर्वास कॉलोनी द्वारा आरती उतारी गई।</p>
<p><strong>कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित </strong></p>
<p>इस अवसर पर सेठ महेश नोगमिया, पवनकुमार गोवाडिया, अमित गोवाडिया, खुशपाल बोबडा, राजेंद्र दोसी, भावेश गांधी, कमल संघवी, प्रेरणा शाह, नैना सारागिया, सरोज गोवाडिया, विमला दोसी, मेघा गोवाडिया, पूजा पगारिया, दिया गोवाडिया समेत चीतरी, ठाकरडा, मांडव, भीलूडा, अरथूना, आजना सहित अनेक गांव के श्रद्धालु उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>विधान की पूर्णाहूति रविवार को</strong></p>
<p>विधान महोत्सव के अंतिम दिन रविवार 25 मई को प्रातः जिनेन्द्र भगवान के अभिषेक के बाद नवदेवता पूजा, सरस्वती पूजा के बाद सर्व शांति महायज्ञ के तहत तीर्थंकर, कैवली तथा गणधर हवन कुंड में जैन आगम में वर्णित विविध मंत्रोच्चारण के साथ इंद्र इंद्राणी समूह द्वारा दंशाग धूप घी की आहूति के साथ श्रीफल की पूर्णाहुति की जाएगी। पुण्याहवाचन, आरती व विसर्जन विधि होगी। इसके बाद शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा को रजत गंधकुटी में विराजित कर बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। जो कंसारा चौक, पारसनाथ चौक, मांडवी चौक होते हुए पुनः मंदिर पहुंचेगी। जहा प्रतिमा को पुनः गर्भगृह मंे वेदी पर विराजमान करने के साथ विधान होगा।</p>
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		<title>शालीमार एन्क्लेव जैन मंदिर में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान : श्रीजी की रथयात्रा घटयात्रा के शुरु हुआ आयोजन </title>
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		<pubDate>Fri, 07 Mar 2025 13:45:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कमला नगर स्थित शालीमार एन्क्लेव के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 7 से 14 मार्च तक होने वाले श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान आरंभ हुआ। विधान का शुभारंभ प्रभु के अभिषेक के बाद निकाली गई श्रीजी की रथयात्रा और घटयात्रा से हुआ। इसका शुभारंभ पार्षद ने झंडी दिखाकर किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>कमला नगर स्थित शालीमार एन्क्लेव के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 7 से 14 मार्च तक होने वाले श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान आरंभ हुआ। विधान का शुभारंभ प्रभु के अभिषेक के बाद निकाली गई श्रीजी की रथयात्रा और घटयात्रा से हुआ। इसका शुभारंभ पार्षद ने झंडी दिखाकर किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे और प्रभु की भक्ति की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए आगरा से शुभम जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> कमला नगर स्थित शालीमार एन्क्लेव के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सौभाग्यशाली परिवार राकेश जैन एवं गौरव जैन की ओर से 7 से 14 मार्च तक होने वाले श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का आगाज हो चुका है। मांगलिक विधान का शुभारंभ प्रभु के अभिषेक के बाद निकाली गई श्रीजी की रथयात्रा एवं घटयात्रा के साथ हुआ। श्रीजी की रथयात्रा का शुभारंभ कमलानगर के पार्षद ने झंडी दिखाकर किया। श्रावक-श्रविकाओं ने घटयात्रा के साथ इस मांगलिक आयोजन की गतिविधियों का शुभारंभ कर भक्ति की। भव्य रथयात्रा एवं घटयात्रा के मंदिर पहुंचने पर विधान का ध्वजारोहण मानिकचंद जैन और प्रभा जैन परिवार, दीप प्रज्वलन डॉ. अरिजय जैन परिवार ने किया।</p>
<p><strong>प्रभु भक्ति में लीन भक्तों ने शुभ तत्वों के अर्घ्य अर्पित किए</strong></p>
<p>इसके बाद विधानाचार्य बाल ब्रह्मचारी भैया जी के निर्देशन में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान की मांगलिक गतिविधियों को संपादित किया गया और प्रभु भक्ति में लीन भक्तों ने शुभ तत्वों के अर्घ्य अर्पित कर सिद्धों की आराधना की। इस दौरान पूरे मंदिर प्रांगण में शुभ मंत्र गूंज रहे थे। इस अवसर पर राजकुमार गुड्डू, राजू गोधा, संजू गोधा, अनिल अहिंसा सहित कमला नगर जैन समाज के लोग उपस्थित रहे।</p>
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