<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Negative Refractive Index &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/negative-refractive-index/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Tue, 23 Dec 2025 10:21:47 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Negative Refractive Index &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>टीएमयू में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्प्यूटिंग में वर्चुअली इंटरनेशनल सेमिनार : टैगिंग, सेंसरिंग, सिंकिंग और थिंकिंग सरीखे आधुनिक कम्प्यूटिंग के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डाला  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/virtual_international_seminar_in_electronics_and_computing_at_tmu/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/virtual_international_seminar_in_electronics_and_computing_at_tmu/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Dec 2025 10:21:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Antenna Structures Wire]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Dipole]]></category>
		<category><![CDATA[Electronics and Computing]]></category>
		<category><![CDATA[Gurukul Kangri University]]></category>
		<category><![CDATA[Haridwar]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Loop]]></category>
		<category><![CDATA[Metamaterials]]></category>
		<category><![CDATA[Monopole]]></category>
		<category><![CDATA[Moradabad]]></category>
		<category><![CDATA[Negative Refractive Index]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Split-Ring Resonator]]></category>
		<category><![CDATA[Tirthankara Mahavir University]]></category>
		<category><![CDATA[Virtually International Seminar]]></category>
		<category><![CDATA[इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्प्यूटिंग]]></category>
		<category><![CDATA[एंटीना संरचनाओं वायर]]></category>
		<category><![CDATA[गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[डाइपोल]]></category>
		<category><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[नेगेटिव रीफ्रेक्टिव इंडेक्स]]></category>
		<category><![CDATA[मुरादाबाद]]></category>
		<category><![CDATA[मेटामटेरियल्स]]></category>
		<category><![CDATA[मोनोपोल]]></category>
		<category><![CDATA[लूप]]></category>
		<category><![CDATA[वर्चुअली इंटरनेशनल सेमिनार]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[स्प्लिट-रिंग रेज़ोनेटर]]></category>
		<category><![CDATA[हरिद्वार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=96928</guid>

					<description><![CDATA[गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) विपुल शर्मा ने आधुनिक एंटीना तकनीक और वायरलेस संचार पर बोलते हुए वायरलेस ट्रांसमिशन के सिद्धांत, एंटीना संरचनाओं वायर, डाइपोल, लूप, मोनोपोल और उनके अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मेटामटेरियल्स, नेगेटिव रीफ्रेक्टिव इंडेक्स, स्प्लिट-रिंग रेज़ोनेटर और सियरपिंस्की गैस्केट जैसी फ्रैक्टल ज्योमेट्री जैसे उन्नत विषयों का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) विपुल शर्मा ने आधुनिक एंटीना तकनीक और वायरलेस संचार पर बोलते हुए वायरलेस ट्रांसमिशन के सिद्धांत, एंटीना संरचनाओं वायर, डाइपोल, लूप, मोनोपोल और उनके अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मेटामटेरियल्स, नेगेटिव रीफ्रेक्टिव इंडेक्स, स्प्लिट-रिंग रेज़ोनेटर और सियरपिंस्की गैस्केट जैसी फ्रैक्टल ज्योमेट्री जैसे उन्नत विषयों का परिचय कराया। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) विपुल शर्मा ने आधुनिक एंटीना तकनीक और वायरलेस संचार पर बोलते हुए वायरलेस ट्रांसमिशन के सिद्धांत, एंटीना संरचनाओं वायर, डाइपोल, लूप, मोनोपोल और उनके अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मेटामटेरियल्स, नेगेटिव रीफ्रेक्टिव इंडेक्स, स्प्लिट-रिंग रेज़ोनेटर और सियरपिंस्की गैस्केट जैसी फ्रैक्टल ज्योमेट्री जैसे उन्नत विषयों का परिचय कराते हुए डेटा रेट पर स्प्रेड और इम्पल्स के प्रभाव एवं हाई-फ्रीक्वेंसी स्विचिंग में माइक्रोवेव डायोड की भूमिका भी समझाई। प्रो. विपुल तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद में कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग की ओर से आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्प्यूटिंग में प्रगति पर ऑनलाइन आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी ने उद्घाटन भाषण में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई तीव्र गति से सभी इंजीनियरिंग क्षेत्र में अपने पैर जमा रही है। उन्होंने टैगिंग, सेंसरिंग, सिंकिंग और थिंकिंग सरीखे आधुनिक कम्प्यूटिंग के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को उभरती तकनीकों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>एचसीएल टेक्नोलॉजी, अमेरिका के सीनियर एआई आर्किटेक्ट सच्चिदानंद सेमवाल ने शैक्षणिक प्रयोगशालाओं में एआई की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एआई प्रयोगशालाओं में कार्यों को स्वचालित करके, शुद्धता बढ़ाकर और छात्रों की रचनात्मक क्षमता को उभारकर प्रयोगशालाओं को बदल रही है। उन्होंने एआई सुसज्जय प्रयोगशालाओं, अद्यतन पाठ्यक्रम और बहुविषयक अधिगम की आवश्यकता पर जोर दिया। छात्रों के एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने स्पष्ट किया कि जीपीटी सरीखे उपकरण जिम्मेदारी से उपयोग किए जाएं तो अत्यंत लाभप्रद सिद्ध होते हैं। जीसीईटी, ग्रेटर नोएडा के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अरुण राणा ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स आईओटी विकास, संरचना एवं शोध उपकरण पर अपने अनुभव साझा किए। डॉ. राणा ने आईओटी के विकास, डिवाइस नोड्स, सेंसर, गेटवे, हार्डवेयर इंटरफेस और लोकल प्रोसेसिंग यूनिट्स पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आईओटी की तीन-स्तरीय संरचना परसेप्शन लेयर, नेटवर्क लेयर और एप्लीकेशन लेयर को स्पष्ट रूप से समझाया। एलजी इलेक्टॉनिक्स, यूरोप के प्रोग्राम मैनेजमेंट-इंफोटेनमेंट अभिनव अग्रवाल ने बताया कि सॉफ्टवेयर डिफाइंड व्हीकल्स एसडीवीएस सॉफ्टवेयर आधुनिक परिवहन प्रणाली में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने पारंपरिक हार्डवेयर निर्भर वाहनों की तुलना निरंतर सॉफ्टवेयर अपडेट्स, बेहतर प्रदर्शन, अधिक सुरक्षा और उच्च कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले एसडीवीएस से की। गुस्टो आईएनसी, अमेरिका के सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर विकास विश्नोई ने स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स एसएलएमएस और एज-एआई क्रांति पर बोलते हुए कम कंप्यूटिंग संसाधनों वाले उपकरणों के लिए डिज़ाइन किए गए एसएलएमएस के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। आईआईटी बीएचयू के डॉ. श्याम कमल सिंह ने आधुनिक रोबोटिक प्रणालियों के मूल सिद्धांत पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने गणितीय प्रतिकरण, पैरामीटर पहचान, अवलोकन, नियंत्रण, स्थिरता विश्लेषण, डिजाइन और अनुकूलन सरीखे प्रमुख घटकों पर आधारित आधुनिक रोबोटिक्स की आधारभूत अवधारणाओं को समझाया। इंसिंकरो ऑस्ट्रेलिया प्रालि ऑस्ट्रेलिया के सॉल्यूशंस आर्किटेक्ट वर्घीस कोचुम्मेन ने आईओटी युग में प्रोजेक्ट नियंत्रण पर बोलते हुए कहा कि आईओटी रीयल-टाइम डेटा संग्रह, उपकरण उपयोग, सामग्री प्रवाह, कार्यबल गतिविधि और पर्यावरणीय स्थितियों की सतत निगरानी सक्षम करके प्रोजेक्ट प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है।</p>
<p>सेमिनार में ईसीई विभाग की एचओडी एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अलका वर्मा, राहुल विश्नोई, डॉ. विभोर कुमार भारद्वाज, प्रशांत कुमार, नीरज कौशिक के संग-संग छात्र समन्वयक- नवज्योत, अर्नव जैन, अभिषेक जैन, सक्षम जैन, विनिता और स्टाफ सदस्य अनुभव मेहरोत्रा, पुनीत एवं चंद्रपाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सेमिनार में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और सभी को ई-सर्टिफिकेट्स प्रदान किए गए। संचालन बीटेक ईसी की नवज्योत ने किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/virtual_international_seminar_in_electronics_and_computing_at_tmu/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
