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	<title>Namokar Tirtha &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Namokar Tirtha &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>णमोकार तीर्थ में 7 मुनिराजों को मिला आचार्य और 6 माताजी को गणिनी पद : चांदवड स्थित प्रसिद्ध णमोकार तीर्थ में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अटूट क्षण देखने में आया  </title>
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		<pubDate>Sat, 21 Feb 2026 12:52:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शनिवार को एक बार फिर स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। गणधराचार्य कुंथूसागरजी महाराज की प्रेरणा, आचार्य श्री देवनंदीजी और आचार्य श्री सुविधीसागरजी के सान्निध्य में 7 मुनिराजों को आचार्य एवं 6 आर्यिका माताजी को गणिनी पद प्रदान करने का संस्कार समारोह हुआ। औरंगाबाद (णमोकार तीर्थ चांदवड़) से पढ़िए, दीपक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>शनिवार को एक बार फिर स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। गणधराचार्य कुंथूसागरजी महाराज की प्रेरणा, आचार्य श्री देवनंदीजी और आचार्य श्री सुविधीसागरजी के सान्निध्य में 7 मुनिराजों को आचार्य एवं 6 आर्यिका माताजी को गणिनी पद प्रदान करने का संस्कार समारोह हुआ। <span style="color: #ff0000">औरंगाबाद (णमोकार तीर्थ चांदवड़) से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>औरंगाबाद (णमोकार तीर्थ चांदवड़)।</strong> महाराष्ट्र के चांदवड स्थित प्रसिद्ध णमोकार तीर्थ में पंचकल्याणक महोत्सव की अभूतपूर्व सफलता के बाद शनिवार को एक बार फिर स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाने वाला ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। गणधराचार्य कुंथूसागरजी महाराज की प्रेरणा, आचार्य श्री देवनंदीजी और आचार्य श्री सुविधीसागरजी के सान्निध्य में 7 मुनिराजों को आचार्य एवं 6 आर्यिका माताजी को गणिनी पद प्रदान करने का संस्कार समारोह हुआ। इस अवसर पर आचार्य श्री पद्मनंदीजी, आचार्य श्री कुमुदनंदीजी, आचार्य श्री कर्मविजयनंदीजी, आचार्य श्री वीरनंदीजी तथा बालब्रह्मचारी वैशाली दीदी सहित अनेक साधु-साध्वियों की उपस्थिति रही। शनिवार सुबह 7.30 बजे से समारोह का शुभारंभ हुआ। मंत्रोच्चार और जयघोष के वातावरण में दीक्षार्थियों को उच्च पदों पर प्रतिष्ठित किया गया। णमोकार तीर्थ में 6 से 13 फरवरी के दौरान पंचकल्याणक महोत्सव किया गया था। इसके बाद शनिवार को हुए इस पदग्रहण समारोह ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।</p>
<p><strong>इन साधु-साध्वियों को मिला नया पदभार विभूषण </strong></p>
<p>आचार्य श्री देवनंदीजी महाराज संघ के शिष्य मुनिश्री पावनकीर्ति जी, मुनिश्री अमोघकीर्ति जी, मुनिश्री अमरकीर्ति जी, मुनिश्री जयकीर्ति जी, मुनिश्री सकलकीर्ति जी, मुनिश्री शुभमकीर्ति जी और मुनिश्री आर्षकीर्ति जी इन सात मुनिराजों को आचार्य पद प्रदान किया गया। इसी प्रकार कीर्तिश्री माताजी, सुयोगमती माताजी, सम्यकश्री माताजी, स्वस्तीश्री माताजी, सुज्ञानश्री माताजी और प्रज्ञानश्री माताजीकृइन छह माताजी को गणिनी पद से विभूषित किया गया।</p>
<p><strong>जयकारों से गूंजता रहा णमोकार तीर्थ </strong></p>
<p>पूरे कार्यक्रम के दौरान परिसर आचार्य श्री और णमोकार तीर्थ के जयघोष से गूंजता रहा। इस ऐतिहासिक क्षण को अपनी आंखों में संजोने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। णमोकार तीर्थ क्षेत्र समिति के नरेंद्र अजमेरा, पीयुष कासलीवाल ने बताया कि पदग्रहण संस्कारों के बाद अब तीर्थ पर महामस्तकाभिषेक और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की शृंखला प्रारंभ हो चुकी है। क्षेत्र में उमड़ा जनसैलाब इस तीर्थ की बढ़ती महिमा को दर्शा रहा है।</p>
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		<title>णमोकार तीर्थ पर वैश्विक शांति अहिंसा आध्यात्मिक चेतना का अंतरराष्ट्रीय महामहोत्सव : आचार्य श्री कुन्थुसागर जी महाराज के सानिध्य में होगा आयोजन </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Jan 2026 16:06:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[फरवरी 2026 में महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित श्री णमोकार तीर्थ एक ऐसे आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है, जो न केवल जैन समाज के लिए बल्कि समग्र वैश्विक मानवता के नैतिक और आत्मिक जीवन के लिए भी विशेष महत्व रखता है। नासिक से पढ़िए, पवन घुवारा की यह रिपोर्ट&#8230; नासिक। फरवरी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>फरवरी 2026 में महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित श्री णमोकार तीर्थ एक ऐसे आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है, जो न केवल जैन समाज के लिए बल्कि समग्र वैश्विक मानवता के नैतिक और आत्मिक जीवन के लिए भी विशेष महत्व रखता है। <span style="color: #ff0000">नासिक से पढ़िए, पवन घुवारा की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नासिक।</strong> फरवरी 2026 में महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित श्री णमोकार तीर्थ एक ऐसे आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है, जो न केवल जैन समाज के लिए बल्कि समग्र वैश्विक मानवता के नैतिक और आत्मिक जीवन के लिए भी विशेष महत्व रखता है। पावन पवित्र भूमि जो ऐतिहासिक दो सिद्ध क्षेत्रों की पर्वतीय श्रृंखला के मध्य पौराणिक मान्यता अनुसार इस क्षेत्र को रामटेकड़ी भी कहते हैं। जहां से प्रभु श्रीराम जी ने भी विचरण किया था। जहां अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक महा महोत्सव एवं महा मस्तकाभिषेक महोत्सव का भव्य आयोजन आचार्य श्री कुन्थुसागर जी महाराज के सानिध्य में होगा। विशेष आशीर्वाद आचार्य श्री देवनंदी जी महाराज का मिलेगा।</p>
<p><strong>विश्व में एकमात्र णमोकार मंत्र पर आधारित समवशरण</strong></p>
<p>बुंदेलखंड वसुन्धरा की शाहगढ़ नगरी में जन्मे गुरुवर की सामाजिक और धार्मिक उत्थान के लिए तीर्थ के विकास की परिकल्पना, विश्व में एकमात्र बोलता हुआ णमोकार मंत्र पर आधारित समवशरण 5.5 एकड़ में फैला, 108 फ़ीट सबसे ऊँचा सफेद संगमरमर से निर्मित 32 फ़ीट ऊँची चंद्रप्रभु भगवान की प्रतिमा, त्रिकाल चौबीसी, 24 जिनालय, नवदेवता, नंदीश्वर द्वीप, पंचमेरु, 24 स्वरूपों वाली पद्मावती माता की प्रतिमाएं,51 फ़ीट अरिहंत और 31 फ़ीट की शेष पंचपरमेष्ठी प्रतिमाएं- विश्व में प्रथम बार,नौका विहार व मिनी ट्रेन से दर्शन सुविधा,णमोकार आराधना केंद्र, डिजिटल प्रभावना केंद्र, गुरुमंदिर, प्राचीन तीर्थंकर प्रतिमाएं व ग्रंथालय,111 फीट ऊंचे स्तंभ का ध्वजदंड, संत भवन, धर्मशालाएं सामाजिक उपक्रम अचंभित अल्पसमय में साकार जो हो गई हैं।</p>
<p><strong>इन साधु संतों की मौजूदगी में होगा कार्यक्रम</strong></p>
<p>यस्य वाणी में शांति, दृष्टि में करुणाऔर चाल में मोक्षमार्ग हो वो हैं आचार्य श्री देवनंदी जी। ज्ञानं यः प्रकाशयति स एव गुरु: जिन्होंने केवल उपदेश नहीं, जीवन जीने की राह दिखाई,अतिशय युक्त स्थली भी है, जहां नाग-नागिन युगल जोडी ने ऋषि पंचमी जैसे पावन दिवस पर पूज्य गुरुदेव के मंगल दर्शन और समीप आकर के मांगलिक क्रीडा करीब 35 मिनट तक करते हुए गुरुदेव से णमोकार महामंत्र सुनते हुए आशीर्वाद भी लिया। यह सब प्रत्यक्ष संघस्त सैकडों लोगों ने दर्शन किए।</p>
<p>विहार से विचार तक, हर क्षण दिव्य है मुनि अमोघकिर्ती जी,एवं मुनि अमरकीर्ति जी युगल मुनिराज का कुशल निर्देशन और वहीं चारों दिशाओं से चार सौ से अधिक आचार्य श्री पद्मनंदीजी महाराज ससंघ,आचार्य श्री सिद्धांतसागरजी महाराज ससंघ,आचार्यश्री सुविधिसागरजी महाराज ससंघ, आचार्य श्री गुणधरनंदी जी महाराज ससंघ, आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी महाराज ससंघ, आचार्य श्री पुष्पदंतसागरजी महाराज ससंघ,आचार्य श्री कुमुदनंदी जी महाराज, आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज ससंघ,आचार्य श्री तीर्थनंदी जी महाराज ससंघ,आचार्य श्री गुलाबभूषण जी महाराज ससंघ,आचार्य श्री श्रुतधरनंदीजी महाराज ससंघ,आचार्य श्री गुणभद्रनंदी जी मुनिराज ससंघ,आचार्य श्री सूर्यसागर जी महाराज ससंघ,आचार्य श्री प्रसन्नऋषि जी महाराज ससंघ,आचार्य श्री डॉ. प्रणाम सागर जी, आचार्य श्री सुयशगुप्तीजी महाराज ससंघ, आचार्य श्री दयाऋषी जी महाराज,आचार्य श्री विद्यानंदी जी महाराज ससंघ, उपाध्यायश्री विरंजनसागर जी,उपाध्याय श्री विभंजनसागर जी महाराज, मुनि श्री पावन कीर्ति जी ,मुनि श्री जयकीर्तिजी ,मुनि श्री सकलकीर्ति जी ,मुनि श्री शुभमकीर्तिजी, मुनि श्रीआर्शकीर्ति जी ,मुनि श्रीसिद्ध कीर्ति जी, मुनि ‌श्री शांतिकीर्तिजी, मुनिश्रीअध्यात्मकीर्तिजी, मुनि श्री महिमासागर जी ,मुनि श्री अर्चितसागर जी ससंघ,क्षुल्लक श्रीसमर्पण सागर जी , क्षुल्लक श्री ध्यानसागर जी,आर्यिका श्री कांतीश्री माताजी ससंघ, आर्यिका श्री प्रज्ञाश्री माताजी, आर्यिका श्री सौभाग्यमती माताजी ससंघ, आर्यिका श्री श्रष्टीभूषण माताजी ससंघ,आर्यिका सुयोगमति माताजी ससंघ, आर्यिका विमल प्रभा जी माताजी, आर्यिका जिनदेवी माताजी, आर्यिका क्षमश्री माता जी, आर्यिका चिन्मयश्री माताजी,आर्यिका विशाखा श्री माताजी,आर्यिका प्रज्ञाश्री माताजी, आर्यिका स्वस्तिश्री माता जी, सुज्ञान श्री माता जी ,ससंघ श्रमण, पूज्य आचार्यों और मुनिराजों के पावन सान्निध्य में ,बा.ब्र. वैशाली दीदी द्बारा वृहद प्रस्तावना के साथ तीर्थंकर भगवान के जन्म, दीक्षा,तप केवलज्ञान और निर्वाण जैसे जीवन-कल्याणकारी प्रसंग विधिपूर्वक होंगे। श्रमण संघीय साधु-संतों का सान्निध्य समाज के लिए नैतिक प्रेरणा का स्रोत बनेगा।</p>
<p><strong>इनके सहयोग से होगा आयोजन</strong></p>
<p>ट्रस्ट के अध्यक्षप्रतिष्ठा महोत्सव संयोजक नीलम अजमेरा ने वृहद प्रोजेक्ट तैयार किया। जहां संतोष पैंढारी नागपुर की अध्यक्षता, कमल ठोलियां महामंत्री, दिनेश सेठी कोषाध्यक्ष,सभी गुरुभक्त के साथ इस पूरे कालखंड में सैकड़ों श्रमण संघीय साधु-संतों का सान्निध्य समाज के लिए नैतिक प्रेरणा का स्रोत बनेगा। अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा पंचकल्याणक महामहोत्सव 6 से 13 फरवरी एवं महामस्तकाभिषेक 25 फरवरी तक होगा।</p>
<p><strong>इस तरह पहुंचा जा सकता है</strong></p>
<p>णमोकार तीर्थ,मुंबई-आगरा हाईवे नंबर 3, तालुका- चाँदवड़, नासिक. मोहाड़ी (मालसाने), तहसील चांदवड़, जिला नाशिक, महाराष्ट्र रेल मार्ग नाशिक रोड स्टेशन 45 किमी, मनमाड 35 किमी वायु मार्ग ओझर एयरपोर्ट 60 किमी मनमाड़, शिरडी और त्र्यंबकेश्वर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के समीप स्थित यह तीर्थ आत्मशुद्धि और अंतर्मुखी साधना का एक प्रभावशाली केंद्र बन चुका है। जहां यह महामहोत्सव भी होने जा रहा है। आइए आत्मीय इस अद्वितीय आध्यात्मिक अवसरों पर स्वागत है, ज़िंदगी सँवारने को तो ज़िंदगी पड़ी है ,चलो वो लम्हा सँवार लेते है,जहाँ ज़िंदगी खड़ी है, जुड़ना बड़ी बात नही,जुड़े रहना बड़ी बात है।</p>
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		<title>आचार्य श्री देवनंदी जी का णमोकार तीर्थ में 62वां जन्म जयंती समारोह : णमोकार तीर्थ अतिशय युक्त स्थली भी है </title>
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		<pubDate>Wed, 23 Jul 2025 13:24:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बुंदेलखंड की शाहगढ़ नगरी में आचार्य श्री देवनंदी जी महाराज का 15 अगस्त 1963 को जन्म हुआ। 62 वां जन्म जयंती महोत्सव एक अद्वितीय अवसर है। जहां भारत की आजादी का जश्न भी और जन्म जयंती समारोह एक साथ मनाया जाएगा। शाहगढ़ से पढ़िए, राजीव सिंघई की यह खबर&#8230; शाहगढ़। बुंदेलखंड की शाहगढ़ नगरी में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>बुंदेलखंड की शाहगढ़ नगरी में आचार्य श्री देवनंदी जी महाराज का 15 अगस्त 1963 को जन्म हुआ। 62 वां जन्म जयंती महोत्सव एक अद्वितीय अवसर है। जहां भारत की आजादी का जश्न भी और जन्म जयंती समारोह एक साथ मनाया जाएगा। <span style="color: #ff0000">शाहगढ़ से पढ़िए, राजीव सिंघई की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>शाहगढ़</strong>। बुंदेलखंड की शाहगढ़ नगरी में आचार्य श्री देवनंदी जी महाराज का 15 अगस्त 1963 को जन्म हुआ। 62 वां जन्म जयंती महोत्सव एक अद्वितीय अवसर है। जहां भारत की आजादी का जश्न भी और जन्म जयंती समारोह एक साथ मनाया जाएगा। यह णमोकार तीर्थ अतिशय युक्त स्थली भी है, जहां नाग-नागिन युगल जोडी ने ऋषि पंचमी जैसे पावन दिवस पर गुरुदेव के मंगल दर्शन व समीप आकर मांगलिक क्रीडा करीब 35 मिनट तक करते णमोकार महामंत्र सुनते हुए आशीर्वाद भी लिया। यह सब प्रत्यक्ष संघस्थ सैकडों लोगों ने दर्शन किए। ऐसी पवित्र भूमि जो ऐतिहासिक दो सिद्ध क्षेत्र की पर्वतीय श्रंखलाआंे के मध्य जहां पौराणिक मान्यता अनुसार इस क्षेत्र को ‘रामटेकड़ी’ भी कहते हैं। जहां से प्रभु श्रीराम जी ने भी विचरण किया था। णमोकार भूमि को गणाचार्य श्री कुन्थु सागर जी महाराज का विशेष आशीर्वाद उत्तराधिकारी श्री देवनन्दी जी को मिला। सामाजिक और धार्मिक उत्थान हेतु तीर्थ के विकास की परिकल्पना, विश्व में एकमात्र बोलता हुआ णमोकार मंत्र पर आधारित समवशरण 5.5 एकड़ में फैला है। सफेद संगमरमर से निर्मित 32 फ़ीट ऊँची चंद्रप्रभु भगवान की प्रतिमा, त्रिकाल चौबीसी, 24 जिनालय, नवदेवता, नंदीश्वर द्वीप, पंचमेरु, 24 स्वरूपों वाली पद्मावती माता की प्रतिमाएं, 51 फ़ीट अरिहंत और 31 फ़ीट की शेष पंचपरमेष्ठी प्रतिमाएं विश्व में प्रथम बार नौका विहार व मिनी ट्रेन से दर्शन सुविधा यहां की खासियत है।</p>
<p>णमोकार आराधना केंद्र, डिजिटल प्रभावना केंद्र, गुरु मंदिर, प्राचीन तीर्थंकर प्रतिमाएं व ग्रंथालय, संत भवन, धर्मशाला, मंगल कार्यालय व सामाजिक उपक्रम अचंभित अल्पसमय में साकार जो हो गई है। यस्य वाणी में शांति, दृष्टि में करुणा, और चाल में मोक्षमार्ग हो वो हैं आचार्य श्री देवनंदी जी ज्ञानं यः प्रकाशयति। एवं गुरु ,जिन्होंने केवल उपदेश नहीं, जीवन जीने की राह दिखाई। विहार से विचार तक, हर क्षण दिव्य है के कुशल निर्देशन में एवं श्रीअमोघ कीर्ति जी, श्रीअमर कीर्ति जी युगल मुनिराज का मार्गदर्शन, वहीं चारों दिशाओं से चार सौ से अधिक आचार्य परमेष्ठी महाश्रमण जनों का सानिध्य, बा.ब्र. वैशाली दीदी द्वारा प्रस्तावना के साथ ट्रस्ट के अध्यक्ष, प्रतिष्ठा महोत्सव संयोजक नीलम अजमेरा ने वृहद प्रोजेक्ट तैय्यार किया। संतोष पैंढारी नागपुर की अध्यक्षता में णमोकार तीर्थ अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा पंचकल्याणक महा महोत्सव 6 से 13 फरवरी 2026 एवं महामस्तकाभिषेक 25 फरवरी 2026 तक णमोकार तीर्थ, मुंबई-आगरा हाईवे नंबर 3, तालुका- चाँदवड़, नासिक. मोहाड़ी (मालसाने), तहसील चांदवड़, जिला नासिक, महाराष्ट्र रेल मार्गः नासिक रोड स्टेशन (45 किमी), मनमाड (35 किमी) वायु मार्गः ओझर एयरपोर्ट (60 किमी) पर स्थित है।</p>
<p>जहां यह महा महोत्सव भी होने जा रहा है। आइए आत्मीय इस अद्वितीय आध्यात्मिक अवसरों पर स्वागत है, ज़िंदगी सँवारने को तो ज़िंदगी पड़ी है ,चलो वो लम्हा सँवार लेते है,जहाँ ज़िंदगी खड़ी है, जुड़ना बड़ी बात नही, जुड़े रहना बड़ी बात है।</p>
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		<title>उपनगरों से आए रथों ने की मुंबई में धर्म प्रभावना: मुनिद्वय की अनोखी अगवानी में नतमस्तक मुंबई </title>
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		<pubDate>Thu, 17 Jul 2025 08:19:24 +0000</pubDate>
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<p><strong>आचार्य श्री देवनंदी जी के शिष्य़ मुनिराज अमोघकीर्ति जी एवं अमरकीर्ति जी का चातुर्मास मुंबई में हो रहा है। उनकी मंगल अगवानी यहां ने अनोखे तरीके से की गई। मुंबई में अनेक उपनगर है। हर उपनगर से अलग-अलग रथों पर मंगल कलश सजाकर पूरे मुंबई में सफऱ कर गुलालवाड़ी पहुंचे। जहां इन रथों का स्वागत युगल मुनिराज के सानिध्य में दिल्ली के उद्योगपति नवीन जैन ने श्रीफल फोड़कर किया। <span style="color: #ff0000">मुंबई से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>मुंबई।</strong> आचार्य श्री देवनंदी जी के शिष्य़ मुनिराज अमोघकीर्ति जी एवं अमरकीर्ति जी का चातुर्मास मुंबई में हो रहा है। उनकी मंगल अगवानी यहां ने अनोखे तरीके से की गई। मुंबई में अनेक उपनगर है। हर उपनगर से अलग-अलग रथों पर मंगल कलश सजाकर पूरे मुंबई में सफऱ कर गुलालवाड़ी पहुंचे। जहां इन रथों का स्वागत युगल मुनिराज के सानिध्य में दिल्ली के उद्योगपति नवीन जैन ने श्रीफल फोड़कर किया। इस अवसर पर मानों ऐसा लग रहा था कि जैसे पूरा मुंबई गुरुदेव की अगवानी कर रहा है। गौरतलब है कि इस बार पूरे मुंबई में एक ही संघ का चातुर्मास है। इस समय णमोकार तीर्थ के अध्यक्ष नीलम अजमेरा, तीर्थक्षेत्र कमेटी के महामंत्री संतोष पेंढारी एवं गुलालवाड़ी के अध्यक्ष अशोक दोशी, ग्लोबल महासभा के अध्यक्ष जमनालाल हपावत सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे। गौरतलब है कि यह अनोखे रथ 50 किमी से भी ज्यादा मुंबई में घूमे। उन्होंने पूरी मुंबई में धर्म की प्रभावना की और वे गुलालवाड़ी पहुंचे।</p>
<p>इन सभी रथों पर युगल मुनिराजों की फोटो, श्रीजी का कट-आऊट, मंगल कलश, जैन धर्म की पताका लगाकर फूलों से सजाया गया था। जिसे बनाने के लिए संघस्थ ब्र. सुमन दीदी एवं सभी उपनगरों के युवाओं ने विशेष मेहनत की। जुलूस-रैली के बाद हुई सभा में चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना की और युगल मुनिराज का पिच्छी परिवर्तन हुआ। साथ ही णमोकार तीर्थ पर होनेवाले भव्य अंतराष्ट्रीय पंचकल्याणक महोत्सव एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव के कलश आवंटन समिति का उद्घाटन हुआ।</p>
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		<title>अनोखे तरीके से मनाई शादी की सालगिरह: आचार्यश्री को 800 वर्ष पुरानी प्रतिमा भेंट की </title>
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		<pubDate>Thu, 29 May 2025 16:47:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[इंदौर की श्रेया धवल सेठी ने अपनी शादी की सालगिरह अनोखे तरीके से मनाई। श्रेया ने शादी की 10 वी सालगिरह के दिन अपने गुरु आचार्य श्री देवनंदीजी को णमोकार तीर्थ पर लगभग 800 वर्ष पुरानी प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर उनका पूरा परिवार मौजूद रहा। णमोकार तीर्थ से पारस लुहाडिया की पढ़िए, यह [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>इंदौर की श्रेया धवल सेठी ने अपनी शादी की सालगिरह अनोखे तरीके से मनाई। श्रेया ने शादी की 10 वी सालगिरह के दिन अपने गुरु आचार्य श्री देवनंदीजी को णमोकार तीर्थ पर लगभग 800 वर्ष पुरानी प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर उनका पूरा परिवार मौजूद रहा। <span style="color: #ff0000">णमोकार तीर्थ से पारस लुहाडिया की पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>णमोकार तीर्थ ।</strong> एक और जहाँ लोग शादी की सालगिरह में रिसोर्ट में या किसी पिकनिक स्पाट पर चकाचौंध के बीच मनाना पसंद करते हैं वहीं इंदौर की श्रेया धवल सेठी ने अपनी शादी की सालगिरह अनोखे तरीके से मनाई। श्रेया ने शादी की 10 वी सालगिरह के दिन अपने गुरु आचार्य श्री देवनंदीजी गुरुदेव को णमोकार तीर्थ पर लगभग 800 वर्ष पुरानी प्रतिमा भेंट की और उसके लिए उनके पति, बच्चे, सास ससुर सहित पूरा परिवार गुरु चरणों में पहुंचा। वहां उन्होंने इंदौर के पानेगांव क्षेत्र पर अलग-थलग पड़ी यह प्रतिमा गुरुदेव को भेंट की।</p>
<p>गौरतलब है कि श्रेया णमोकार तीर्थ के अध्यक्ष नीलम अजमेरा की सुपुत्री हैं। श्रेया का कहना है कि इसके लिए उन्हें गुरुदेव से प्रेरणा मिली। कुछ वर्ष पहले गुरुदेव के कुछ शब्द उन के कान पर पड़े थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक उत्कृष्ठ श्रावक वही कहलाता है, जो अपने जीवन में 3 काम कर लेता है, पहला काम एक तीर्थंकर प्रतिमा के लिए निर्माण या दान देना, दूसरा सिद्धचक्र विधान में सौधर्म इंद्र बनना, तीसरा सम्मेदशिखरजी की वंदना करवाना। बस, उस दिन से उन्होंने ठान लिया कि वो अपने जीवन में यह 3 काम जरुर करेंगी&#8230; और लग गई काम पर.. 6 माह से वो इसकी तैय्यारी कर रही थी। उन्होंने अनेकों जगह पर प्रतिमा ढूंढी, लेकिन कहीं मिली नही, एक दिन इंदौर के पास पानेगांव क्षेत्र पर एक नदी के किनारे प्रतिमा दिखी।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-81887" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250529-WA0023.jpg" alt="" width="899" height="1599" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250529-WA0023.jpg 899w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250529-WA0023-169x300.jpg 169w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250529-WA0023-576x1024.jpg 576w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250529-WA0023-768x1366.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/05/IMG-20250529-WA0023-864x1536.jpg 864w" sizes="(max-width: 899px) 100vw, 899px" /> वहां समाज ना होने से प्रतिमाजी की देखरेख नहीं हो पा रही थी. उन्होंने तुरंत क्षेत्र कमेटी से संपर्क किया। उनकी रजामंदी प्राप्त की और पूरे विधि विधान के साथ इस प्रतिमा को वह अपनी शादी के सालगिरह के दिन णमोकार तीर्थ पर लेकर आए। श्रेया आज बहुत खुश है कि इस प्रतिमा का अब पूरा रखरखाव अच्छे तरीके से होगा। जहां गुरुदेव के सानिध्य में उसका भव्य पंचामृत अभिषेक संपन्न हुआ। गुरुदेव ने उनके इस कार्य की प्रशंसा करते हुए उन्हें आगामी जीवन के लिए मंगल आशीर्वाद दिया।</p>
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		<title>भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी : णमोकार तीर्थ पर हुआ राष्ट्रीय अधिवेशन  </title>
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		<pubDate>Mon, 29 Jan 2024 07:28:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[णमोकार तीर्थ पर भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ । इसमें भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमिटी का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए घोषित जंबू प्रसाद जैन जी को सभी ने बधाई दी और तीर्थ सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही । पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट । इंदौर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>णमोकार तीर्थ पर भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ । इसमें भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमिटी का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए घोषित जंबू प्रसाद जैन जी को सभी ने बधाई दी और तीर्थ सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही । <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट ।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर ।</strong> णमोकार तीर्थ पर भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ । इसमें भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमिटी का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए घोषित जंबू प्रसाद जैन जी को सभी ने बधाई दी और तीर्थ सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही । इस अवसर पर देवनन्दी जी महाराज के सनिध्य में रविन्द्र क्रीति स्वामी जी भी उपस्थित थे ।</p>
<p>अधिवेशन में निर्वाचित अध्यक्ष जंबू प्रसाद,आदीश जैन, स्वराज जी (टाइम्स), शरद जी (सांध्य महालक्ष्मी) और कमल जैन (मदरलैंड मेडिकेयर इंडिया) इंदौर दिगंबर जैन समाज समाजिक सांसद के मंत्री डॉ जैनेन्द्र जैन, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश विनायका, हंसमुख गांधी टीके वेद, पीयूष जैन, संजीव जैन संजीवनी, राजेश जैन दद्दू, परवार समाज महिला संगठन की अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन सारिका जैन आदि ने बधाई दी ।</p>
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