<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Muni Shri Samay Sagar Ji &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/muni-shri-samay-sagar-ji/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Sat, 13 Apr 2024 09:08:08 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Muni Shri Samay Sagar Ji &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>जैनधर्म में पांच परमेष्ठियों का है विशेष महत्त्व: 16 अप्रैल को कुंडलपुर में होगा आचार्य पद महोत्सव  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_teachers_are_the_promoters_of_the_jinn_rule/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_teachers_are_the_promoters_of_the_jinn_rule/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Apr 2024 09:08:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vidya Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Brahmachari Bhaiya]]></category>
		<category><![CDATA[Chandragiri Dongargarh]]></category>
		<category><![CDATA[Chandraprabha Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Damoh]]></category>
		<category><![CDATA[Didi]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[Drongiri Chhatarpur श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jaintirth Kundalpur]]></category>
		<category><![CDATA[Karnataka]]></category>
		<category><![CDATA[Kundalpur]]></category>
		<category><![CDATA[Lalitpur]]></category>
		<category><![CDATA[Mahasagar Adi Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Abhayasagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Pramansagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Pranamyasagar]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Samay Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Sambhavsagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Veer Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[muni sudhasagar ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Yog Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Niramay Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Prasad Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Pujya Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Sadalga]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Samata Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[कर्नाटक]]></category>
		<category><![CDATA[कुण्डलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्रगिरी डोंगरगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्रप्रभ सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[जैनतीर्थकुंडलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[दमोह]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[दीदी]]></category>
		<category><![CDATA[द्रोणगिरी छतरपुर]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[निरामय सागर]]></category>
		<category><![CDATA[पूज्यसागर]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[प्रसाद सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रह्मचारी भैया]]></category>
		<category><![CDATA[महासागर आदि महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि योग सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री अभयसागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री प्रणम्यसागर]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री प्रमाणसागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री वीरसागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री संभवसागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री समय सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि सुधासागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[ललितपुर]]></category>
		<category><![CDATA[श्री समता सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[सदलगा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=58686</guid>

					<description><![CDATA[जैनधर्म में पांच परमेष्ठियों का विशेष महत्त्व है । पांचों परमेष्ठियों में आचार्य तीसरे नंबर के परमेष्ठी हैं। जो पंचाचार का स्वयं पालन करते हैं और शिष्यों से करवाते हैं, संघ के नायक होते हैं और शिष्यों को दीक्षा एवं प्रायश्चित देते हैं वे आचार्य परमेष्ठी कहलाते हैं। आचार्य परमेष्ठी के 36 मूलगुण होते हैं। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैनधर्म में पांच परमेष्ठियों का विशेष महत्त्व है । पांचों परमेष्ठियों में आचार्य तीसरे नंबर के परमेष्ठी हैं। जो पंचाचार का स्वयं पालन करते हैं और शिष्यों से करवाते हैं, संघ के नायक होते हैं और शिष्यों को दीक्षा एवं प्रायश्चित देते हैं वे आचार्य परमेष्ठी कहलाते हैं। आचार्य परमेष्ठी के 36 मूलगुण होते हैं। 12 तप, 10 धर्म, 5 आचार, 6 आवश्यक एवं 3 गुप्ति। साधुओं को दीक्षा -शिक्षा दायक, उनके दोष निवारक तथा अन्य अनेक गुण विशिष्ट, संघ नायक साधु को आचार्य कहते हैं। वीतराग होने के कारण पंचपरमेष्ठी में उनका स्थान है।<span style="color: #ff0000">पढ़िए डॉ. सुनील जैन संचय की रिपोर्ट …… </span></strong></p>
<hr />
<p>जैनधर्म में पांच परमेष्ठियों का विशेष महत्त्व है । पांचों परमेष्ठियों में आचार्य तीसरे नंबर के परमेष्ठी हैं। जो पंचाचार का स्वयं पालन करते हैं और शिष्यों से करवाते हैं, संघ के नायक होते हैं और शिष्यों को दीक्षा एवं प्रायश्चित देते हैं वे आचार्य परमेष्ठी कहलाते हैं। आचार्य परमेष्ठी के 36 मूलगुण होते हैं। 12 तप, 10 धर्म, 5 आचार, 6 आवश्यक एवं 3 गुप्ति। साधुओं को दीक्षा -शिक्षा दायक, उनके दोष निवारक तथा अन्य अनेक गुण विशिष्ट, संघ नायक साधु को आचार्य कहते हैं। वीतराग होने के कारण पंचपरमेष्ठी में उनका स्थान है।</p>
<p><strong>आयारं पंचविहं चरदि चरावेदि जो णिरदिचारं। उवदिसदि य आयारं एसो आयारवं णाम।।</strong></p>
<p>जो मुनि पाँच प्रकार के आचार निरतिचार स्वयं पालता है और इन पाँच आचारों में दूसरों को भी प्रवृत्त करता है तथा आचार का शिष्यों को भी उपदेश देता है उसे आचार्य कहते हैं।</p>
<p><strong>आचार्य और पट्टाचार्य का है विशेष महत्व</strong></p>
<p>जैन परंपरा में आचार्य और पट्टाचार्य का विशेष महत्व है ऐसे ही महत्वपूर्ण पद पर 18 फरवरी को डोंगरगढ़ में संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज का समाधिमरण होने के बाद उनका आचार्य पद उनके प्रथम शिष्य परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि समयसागर जी महाराज को 16 अप्रैल 2024 को सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में विधि विधान के साथ सौंपा जा रहा है। यह भी संयोग है कि मुनि समयसागर महाराज आचार्यश्री के गृहस्थ जीवन के छोटे भाई हैं। मुनि श्री समयसागर जी महाराज छह भाई-बहनों में छठे नंबर पर के हैं। वर्तमान में वे 65 साल के हैं। आचार्यश्री का भी जन्म स्थल कर्नाटक का सदलगा है। मुनिश्री का जन्म 27 अक्टूबर 1958 को हुआ था। मुनिश्री ने ब्रह्मचर्य व्रत 2 मई 1975 को लिया था। 18 दिसंबर 1975 को उनकी छुल्लक दीक्षा हुई थी। 31 अक्टूबर 1978 को एलक दीक्षा नैनागिरी छतरपुर और मुनि दीक्षा 8 मार्च 1980 को जैन सिद्ध क्षेत्र द्रोणगिरी छतरपुर में हुई थी।</p>
<p><strong>हजारों श्रद्धालुओं ने बना दिया इतिहास </strong></p>
<p>आचार्यश्री जैसी छवि और ज्येष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण व प्रथम शिष्य का गौरव प्राप्त करने वाले निर्यापक मुनि श्री समय सागर जी महाराज में झलकती है। उनकी आचार्य पद प्रतिष्ठा का समाचार सुनकर उनकी आगवानी करने पहुँचे सभी हजारों श्रद्धालुओं ने इतिहास बना दिया ।यह आगवानी अब तक के सबसे पड़े और लंबे जलूस के इतिहास को लिखने में कायम हुई है। मुनि दीक्षा के 44 वर्ष बाद मुनि समयसागर जी महाराज आचार्य पद संभालने जा रहे हैं। कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आचार्य पद महोत्सव होगा। इसके लिए समय सागर जी महाराज मंगलवार को दमोह के कुंडलपुर पहुंचे। दमोह के कुंडलपुर में 16 अप्रैल को आयोजित होने जा रहे आचार्य पद महोत्सव में शामिल होने के लिए मुनि संघ कुंडलपुर पहुंच गए हैं। 480 किमी का विहार करते हुए आचार्य पद संभालने मुनि श्री समयसागर जी महाराज भी मंगलवार 9 अप्रैल को दोपहर कुंडलपुर पहुंच गए। सैकड़ों बसें, हजारों चार पहिया वाहन इस अगुवानी में हिस्सा लेने पहुंचे हुए थे। मुनि संघ का जगह-जगह रंगोली सजाकर भक्तों द्वारा एवं कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी, कुंडलपुर महोत्सव समिति द्वारा पाद प्रक्षालन किया गया ।</p>
<p><strong>ऐतिहासिक होगा आचार्य पदारोहण महोत्सव</strong></p>
<p>कुंडलपुर की पावन धरा पर पहुंचते ही कुंडलपुर में पूर्व से विराजमान निर्यापक संघ,मुनि संघों एवं आर्यिका संघों ने निर्यापक मुनि समयसागर जी महाराज की भव्य आगवानी की । सभी का भव्य मंगल मिलन हुआ। निर्यापक मुनिश्री योगसागर जी, मुनि श्री नियमसागर जी ,मुनि सुधासागर जी,मुनि समतासागर जी,मुनि श्री प्रसादसागर जी, मुनि श्री अभयसागर जी, मुनि श्री संभवसागर जी, मुनि श्री वीरसागर जी ,मुनि श्री प्रमाणसागर जी, मुनि श्री प्रणम्यसागर जी सहित सभी पूज्य मुनिराज, आर्यिका माता सहित सभी शिष्यों का भव्य मंगल मिलन का दृश्य अद्वितीय था। बड़ी संख्या में ब्रह्मचारी भैया एवं दीदी भी आगवानी में शामिल थीं।जानकारी के मुताबिक इस महोत्सव के लिए कुंडलपुर में 40000 वर्ग फीट का त्रिस्तरीय मंच होगा 12 फीट ऊंचा होगा आचार्य श्री का आसन। कुंडलपुर परिसर में 2,50,000 वर्ग फीट में लगभग 70,000 लोगों को बैठने का इंतजाम किया गया है और यहां पर 7 एकड़ जगह में पंडाल लगाया गया है।निश्चित ही कुण्डलपुर में 16 अप्रैल को आचार्य पदारोहण का यह महोत्सव अपने आपमें एक ऐतिहासिक महोत्सव होगा। पूज्य मुनि श्री समयसागर जी में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की प्रतिकृति नजर आती है। अब &#8216;आचार्या: जिनशासनोन्नतिकराः &#8216; को वे गौरवान्वित करने जा रहे हैं। उनके पावन चरणों में कोटिशः नमोस्तु!!</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_teachers_are_the_promoters_of_the_jinn_rule/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रदर्शन का नहीं जिनशासन में दर्शन और अंतरदर्शन का महत्व बड़ों के आदेश को टालना नही बल्कि पालना पड़ता है </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/in_jinshasan_philosophy_and_insight_are_important/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/in_jinshasan_philosophy_and_insight_are_important/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Apr 2024 15:35:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chandragiri Dongargarh श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Chandraprabh Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Damoh]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Tirth Kundalpur]]></category>
		<category><![CDATA[Kundalpur]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Samay Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Yoga Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Niramaya Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Ocean Adi Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Prasad Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Pujya Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Samta Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[कुण्डलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्रगिरी डोंगरगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्रप्रभ सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[जैनतीर्थकुंडलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[दमोह]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[निरामय सागर]]></category>
		<category><![CDATA[पूज्यसागर]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[प्रसाद सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[महासागर आदि महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि योग सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री समय सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[श्री समता सागर जी महाराज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=58674</guid>

					<description><![CDATA[दमोह जिले का सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में निर्यापक श्रमण मुनि श्री समता सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा यह बात सच है कि मैं अपने जेष्ठ श्रेष्ठ के प्रवचन सुनने के लिए यहां उपस्थित कल भी हुआ था आज भी हुआ। लेकिन पूज्यवर का आदेश टालने की कोशिश भी की लेकिन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>दमोह जिले का सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में निर्यापक श्रमण मुनि श्री समता सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा यह बात सच है कि मैं अपने जेष्ठ श्रेष्ठ के प्रवचन सुनने के लिए यहां उपस्थित कल भी हुआ था आज भी हुआ। लेकिन पूज्यवर का आदेश टालने की कोशिश भी की लेकिन टाल नहीं पाया ।गुरुवर आचार्य श्री ने मूकमाटी में लिखा है बड़ों के आदेश को टालना नहीं पड़ता बल्कि पालना पड़ता है ।पूत के लक्षण पालने में दिखाई देते हैं। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट …… </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुण्डलपुर ।</strong> दमोह जिले का सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में निर्यापक श्रमण मुनि श्री समता सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा यह बात सच है कि मैं अपने जेष्ठ श्रेष्ठ के प्रवचन सुनने के लिए यहां उपस्थित कल भी हुआ था आज भी हुआ। लेकिन पूज्यवर का आदेश टालने की कोशिश भी की लेकिन टाल नहीं पाया ।गुरुवर आचार्य श्री ने मूकमाटी में लिखा है बड़ों के आदेश को टालना नहीं पड़ता बल्कि पालना पड़ता है ।पूत के लक्षण पालने में दिखाई देते हैं। हम जिस उद्देश्य से सभी यहां उपस्थित हैं हमारे निर्यापक श्रमण के लक्षण बचपन से उस तरह दिखाई दे रहे हैं, जो आज 55 की उम्र में भी हम सबको एहसास हो रहा है। मैंने एक जगह पढ़ा था अगर कहीं कोई ऊंचा पहाड़ पर्वत हो तो यह निश्चित मानकर चलिए आसपास गहरी नदी जरूर होगी ।क्योंकि गहराई को पाये बगैर कभी कोई ऊंचाई को प्राप्त नहीं कर सकता। कुंडलपुर के बड़े बाबा ऊंचाई पर विराजमान है आद्य शासन नायक हैं उनका सर्वोदयी शासन जो चल रहा है ऊंचाई से चल रहा है। लेकिन उस ऊंचाई का परिचय वर्धमान सागर की गहराई से भी हमें मिल रहा है ।आद्य तीर्थंकर भगवंत और उनका जिन शासन गणधरों और आचार्यों की परंपरा से यहां तक आया है । आचार्यों जिन शासनोन्नतिकरा आचार्य वह होते हैं जिन शासन की उन्नति को करते हैं जिन शासन के विस्तार को करते हैं।</p>
<p><strong>जैन शासन का रथ रुकता नहीं कभी </strong></p>
<p>आचार्य प्रवर को जो विरासत मिली थी अपने गुरुवर ज्ञान सागर महाराज से आचार्य श्री ने उस विरासत का विस्तार किया और अपने कठिन परिश्रम से कठोर साधना से अपनी निस्पृहता से निराभिमानता से उन्होंने जो विरासत में खोज मिली थी उसे समुद्र सागर बनाकर दिखा दिया है ।आज हम सबके बीच में हमारे गुरुवर नहीं है ।देह का परिवर्तन हुआ पर्याय का परिवर्तन हुआ। प्रकृति का नियम है हम और आप उसे चाहे उसे टाल नहीं सकते।लेकिन उन्होंने जो संघ की संयोजना की है संघ का संवर्धन किया है वह विरासत उस रूप में बल्कि उससे ज्यादा विस्तार पाकर यावतचंद्र दिवाकर बढ़ती रहेगी ।जैन शासन का रथ कभी रुकता नहीं है एक सारथी कहीं बदलता है तो दूसरा सारथी उस रथ को आगे बढ़ाता है ।हम सब का सहयोग अपने योग्यतम सारथी के लिए है ।पूर्ण निष्ठा पूरी ईमानदारी से पूरे संघ का है। हम सबके सर्वोच्च सारथी निर्यापक श्रमण मुनि श्री समय सागर जी हैं। सारी समाज सारा देश इस भावना से ओतप्रोत है ।गहराई को पाये बगैर कोई भी ऊंचाई दिखाऊ तो हो सकती है लेकिन टिकाऊ नहीं हो सकती ।हमारे गुरुवर ने यह सिखाया है कि हमें कोई भी कार्य दिखाऊ नहीं करना है टिकाऊ करना है ।बड़े-बड़े झाड़ गगनचुंबी जिनालय भव्यतम मंदिर जितने जितने ऊंचे दिखाई देते इतने उन्हें मजबूत बनाने के लिए नींव की गहराई की जाती है जब बड़े बाबा का मंदिर बन रहा था बनने का प्लान चल रहा था</p>
<p><strong>दर्शन और अंतरदर्शन का महत्व </strong></p>
<p>आचार्य श्री ने सभी को यही निर्देश दिया था ऊंचाई के अनुपात से अंदर पहाड़ी में नींव के रूप में गहराई में बहुत ज्यादा मजबूती तैयार करना चाहिए और आज बड़े बाबा का भव्यतम मंदिर आज सबको दिखाई दे रहा है ।सारांश यह है कि जिन शासन में दिखाने का महत्व नहीं है जिन शासन में प्रदर्शन का महत्व नहीं है जिन शासन में दर्शन और अंतरदर्शन का महत्व है ।पूत के लक्षण पालने में दिखाई देते हैं मूक माटी में गुरुवर ने दो अर्थ निकाले लौकिक एक छोटा सा बच्चा जाता है पालने में पड़ा रहता है तो पालने में उसकी एक्टिविटी गतिविधि देखकर यह अंदाज लगा लिया जाता है कि बच्चा किस स्वभाव का है पूत के लक्षण पालने में दिखाई देते यह भविष्य में क्या करेगा और फिर गुरुवर ने नया दिया सभी को पूत का लक्षण पालने में है और छोटे से शिशु या शिष्य का लक्षण वहीं से दिखाई देने लगता है कि वह गुरु की आज्ञा को कितना पाल रहा है आज्ञा पालन के रूप में जो अर्थ दिया गया वह परमार्थ का अर्थ है हम सभी का अर्थ है जैसे गुरु का स्मरण आप सबको होता है हमें भी बार-बार होता है ।उन क्षणों को कभी भूला नहीं जाता। जिन क्षणों को गुरुवर अपनी सर्वोत्कृष्ट साधना में थे उन क्षणों को जिन क्षणों में प्रतिकूलता होने पर भी समता का भाव उनके चेहरे पर दिखाई दे रहा था ।हमारे योग्य जेष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि योग सागर जी महाराज इसके साक्षी रहे हैं मैं स्वयं साक्षी रहा हूं ,प्रसाद सागर महाराज साक्षी रहे हैं, साथ रहने वाले चंद्रप्रभ सागर महाराज ,निरामय सागर ,पूज्यसागर, महासागर आदि महाराज इसके साक्षी रहे हैं। उन क्षणों में मन अधीर हो गया था हृदय कांप रहा था क्योंकि सारी स्थितियां समझ में आने लगी थी।</p>
<p><strong>समाधि का धैर्य रखो</strong></p>
<p>योगसागर जी महाराज ने संकेत किया कहीं किसी को रोना नहीं आखिरी समय समाधि का धैर्य रखो,अपने सभी भावों को संभालकर सभी महाराज जी गुरुवर को क्या संबोधित करेंगे बल्कि एक छोटा बेटा पिता का जो भाव होता कर सकता है वह सभी हम शिष्यों ने किया। हम सब की परम चैतन्यता को लेकर रही है उसके अनेक स्मरण चंद्रगिरी डोंगरगढ़ में मैंने सुनाएं थे। आज भी वह संदर्भ हमारे मानस में घूमते रहते हैं ।ऐसे गुरुवर के प्रति जो प्राणपण से कर्तव्य बना वह किया आप सभी हृदय से जुड़े रहे उस समय तक बड़ा धैर्य रखा जिस समय जेष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण समयसागर जी का आगमन हुआ ।मुनिवर ने समाधि स्थल की वंदना की भक्ति पाठ संपन्न किया और हम सभी महाराज ,महाराज जी को लेकर आए तब तक बड़ा धैर्य रखा ।जब महाराज जी जाकर के कक्ष में विराजमान हुए और मैंने अपने पूज्यवर के चरणों में माथा रखा मेरी आंखों से आंसुओं की धार वह निकली क्योंकि अब हमारे लिए एक ही तो सहारा है संसार सागर से पार होने यही तो एक किनारा है। मुनि ने बड़ा धैर्य बंधाया और उस समय सारी परिस्थितियां मुनिवर के सामने रखी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/in_jinshasan_philosophy_and_insight_are_important/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आचार्य पद पदारोहण समारोह 16 को :  कल होगा निर्यापक मुनि समय सागर जी महाराज का कुंडलपुर में भव्य मंगल प्रवेश </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/muni_samay_sagar_ji_mangal_pravesh_will_be_held_in_kundalpur_tomorrow/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/muni_samay_sagar_ji_mangal_pravesh_will_be_held_in_kundalpur_tomorrow/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Apr 2024 08:50:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Padarohan Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[acharya shri vidyasagar]]></category>
		<category><![CDATA[Bundelkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Damoh]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmasabha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Kundalpur]]></category>
		<category><![CDATA[Mangal Pravesh श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Samay Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Varsha Yoga]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य पदारोहण समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर]]></category>
		<category><![CDATA[कुंडलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दमोह]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[बुंदलेखंड]]></category>
		<category><![CDATA[मंगल प्रवेश]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री समय सागर जी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=58459</guid>

					<description><![CDATA[इंदौर। निर्यापक मुनि समय सागर जी महाराज का कुंडलपुर में भव्य मंगल प्रवेश कल होगा। पटेरा से कुंडलपुर तक हजारों की संख्या में समाजजन भव्य मंगल अगवानी करेंगे। समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि आप विद्यासागर महाराज जी के वो अनमोल रत्न हैं, जिनको 350 पिच्छी धारी मुनि आर्यिका और लाखों भक्तों के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर।</strong> निर्यापक मुनि समय सागर जी महाराज का कुंडलपुर में भव्य मंगल प्रवेश कल होगा। पटेरा से कुंडलपुर तक हजारों की संख्या में समाजजन भव्य मंगल अगवानी करेंगे। समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि आप विद्यासागर महाराज जी के वो अनमोल रत्न हैं, जिनको 350 पिच्छी धारी मुनि आर्यिका और लाखों भक्तों के समक्ष 16 अप्रैल को आचार्य पद से सुशोभित हजारों समाज जन की उपस्थिति में किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/muni_samay_sagar_ji_mangal_pravesh_will_be_held_in_kundalpur_tomorrow/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आचार्य पदारोहण समारोह 16 को : मुनि श्री शैलसागर , श्री अचलसागर , श्री सहज सागर ससंघ का कुंडलपुर में हुआ प्रवेश </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/muni_shri_shailsagar_shri_achal_sagar_shri_sahaja_sagar_sanghas_entry_into_kundalpur/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/muni_shri_shailsagar_shri_achal_sagar_shri_sahaja_sagar_sanghas_entry_into_kundalpur/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Apr 2024 10:17:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Padarohan Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[acharya shri vidyasagar]]></category>
		<category><![CDATA[Bundelkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Damoh]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmasabha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Kundalpur]]></category>
		<category><![CDATA[Mangal Pravesh श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Samay Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Varsha Yoga]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य पदारोहण समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर]]></category>
		<category><![CDATA[कुंडलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दमोह]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[बुंदलेखंड]]></category>
		<category><![CDATA[मंगल प्रवेश]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री समय सागर जी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=58405</guid>

					<description><![CDATA[सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुण्डलपुर में 16 अप्रैल को आचार्य पद पदारोहण महोत्सव आयोजित किया गया है। जहां पर संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के समस्त शिष्य मुनि आर्यिका ससंघों का निरंतर आगमन हो रहा है। आचार्यश्री के प्रभावक शिष्य मुनि श्री शैल सागर जी महाराज, श्री अचल सागर जी महाराज, श्री सहजसागर जी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुण्डलपुर में 16 अप्रैल को आचार्य पद पदारोहण महोत्सव आयोजित किया गया है। जहां पर संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के समस्त शिष्य मुनि आर्यिका ससंघों का निरंतर आगमन हो रहा है। आचार्यश्री के प्रभावक शिष्य मुनि श्री शैल सागर जी महाराज, श्री अचल सागर जी महाराज, श्री सहजसागर जी महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश रविवार के प्रातःकाल हुआ। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुण्डलपुर।</strong> सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुण्डलपुर में 16 अप्रैल को आचार्य पद पदारोहण महोत्सव आयोजित किया गया है। जहां पर संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के समस्त शिष्य मुनि आर्यिका ससंघों का निरंतर आगमन हो रहा है। आचार्यश्री के प्रभावक शिष्य मुनि श्री शैल सागर जी महाराज, श्री अचल सागर जी महाराज, श्री सहजसागर जी महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश रविवार के प्रातःकाल हुआ। इस अवसर पर मुनि संघ की गाजे-बाजे के साथ भव्य अगवानी की गई। कुंडलपुर में पूर्व से विराजित निर्यापक, मुनि, आर्यिका संघों का वात्सल्य मंगल मिलन हुआ। सभी मुनि संघ संत भवन स्थित पंडाल में विराजमान हुए, जहां आचार्यश्री का पूजन किया गया।</p>
<p><strong>निर्यापक श्री वीर सागर महाराज पुणे से आ रहे</strong></p>
<p>महोत्सव मीडिया समिति के जयकुमार जलज हटा तथा राजेश जैन रागी बकस्वाहा ने बताया कि आचार्य पद पदारोहण महोत्सव में शामिल होने के लिए निर्यापक श्रमण मुनि श्री वीर सागर जी महाराज के चरण पुणे से लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी तय करने के पश्चात छालों से भरे हैं।अभी भी दूरी 40 किलोमीटर शेष है। धन्य है दिगंबर साधु जो एक बार आहार पानी लेकर भीषण गर्मी में गुरु विरासत को संयोजने निरंतर बढ़ रहे हैं। मुनि श्री का आज दमोह आगमन हो गया है।</p>
<p><strong> श्री समय सागर आए बांदकपुर</strong></p>
<p>जेष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि श्री समय सागर जी महाराज रविवार को बांदकपुर आ चुके हैं। जहां पर एक साथ 28 आर्यिकारत्न माताओं ने उनके चरणों की वंदना। संघस्थ क्षुल्लक, महाराजों ने आर्यिका संघ की अगवानी की। एक साथ विहार करते हुये आर्यिकारत्न श्री अंतरमती माताजी, आर्यिका श्री अक्षयमति माताजी, आर्यिका श्री अपूर्वमति माताजी, 18 आर्यिकाओं और आर्यिकारत्न श्री दुर्लभमति माताजी ससंघ 10 आर्यिका माता जी ने दूसरे मार्ग से द्रुत गति से एक साथ पहुंचकर ज्येष्ठ मुनि राजों की वंदना कर पूज्य श्री समयसागर जी महाराज की प्रदक्षिणा कर वंदना की और नमोस्तु निवेदित कर आशीष प्राप्त किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/muni_shri_shailsagar_shri_achal_sagar_shri_sahaja_sagar_sanghas_entry_into_kundalpur/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आचार्य पदारोहण समारोह 16 को : श्री समय सागर जी का 9 अप्रैल को होगा कुण्डलपुर में प्रवेश </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/shri_samay_sagar_ji_to_enter_kundalpur_on_april_9/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/shri_samay_sagar_ji_to_enter_kundalpur_on_april_9/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Apr 2024 10:13:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Padarohan Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[acharya shri vidyasagar]]></category>
		<category><![CDATA[Bundelkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Damoh]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmasabha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Kundalpur]]></category>
		<category><![CDATA[Mangal Pravesh श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Samay Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Varsha Yoga]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य पदारोहण समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर]]></category>
		<category><![CDATA[कुंडलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दमोह]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[बुंदलेखंड]]></category>
		<category><![CDATA[मंगल प्रवेश]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री समय सागर जी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=58401</guid>

					<description><![CDATA[पूज्य गुरु श्रेष्ठ आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की पावन परम्परा के संवाहन हेतु प्रस्तावित &#8221; भावी आचार्यश्री &#8221; पद पदारोहण महामहोत्सव हेतु पूज्य ज्येष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 समय सागर जी महाराज का मंगलवार 09 अप्रैल 2024 को देश के सुविख्यात श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर जिला दमोह मप्र बुन्देलखण्ड मे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पूज्य गुरु श्रेष्ठ आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की पावन परम्परा के संवाहन हेतु प्रस्तावित &#8221; भावी आचार्यश्री &#8221; पद पदारोहण महामहोत्सव हेतु पूज्य ज्येष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 समय सागर जी महाराज का मंगलवार 09 अप्रैल 2024 को देश के सुविख्यात श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर जिला दमोह मप्र बुन्देलखण्ड मे भव्य मंगल प्रवेश होगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुण्डलपुर।</strong> पूज्य गुरु श्रेष्ठ आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की पावन परम्परा के संवाहन हेतु प्रस्तावित &#8221; भावी आचार्यश्री &#8221; पद पदारोहण महामहोत्सव हेतु पूज्य ज्येष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 समय सागर जी महाराज का मंगलवार 09 अप्रैल 2024 को देश के सुविख्यात श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर जिला दमोह मप्र बुन्देलखण्ड मे भव्य मंगल प्रवेश होगा , जिसको लेकर देश के भक्त , श्रध्दालु व श्रावकों में उत्साह उमंग की लहर दौड़ रही है।</p>
<p>कुण्डलपुर में पूज्य महामुनिराज की अगवानी एक नये इतिहास के सृजन का परिचायक होगी। शहर नगर गाँव &#8211; गांव से हजारो हजार भक्त श्रध्दालु कुण्डलपुर अगवानी के इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिये तैयारी कर चुके हैं। वहीं विभिन्न समितियां व्यवस्थाओं को अंजाम देने हेतु तैयारी कर चुके हैं ।</p>
<p><strong> समितियों को सौंपा कार्यभार </strong></p>
<p>महामहोत्सव की मीडिया समिति के जयकुमार जलज हटा तथा राजेश जैन रागी बकस्वाहा ने बताया कि कुण्डलपुर के बड़े बाबा की छत्रछाया में आगामी मंगलवार 16 अप्रैल 2024 को आयोजित होने जा रहे आचार्य पद पदारोहण महामहोत्सव हेतु कुंडलपुर कमेटी ने 45 समितियों के बीच कार्य विभाजन कर उनके प्रभारी को कार्य सौंप कर निरन्तर समीक्षा कर रही है। समितियां अपने कार्य को सक्रियता व समर्पित भाव से निर्वहन कर रही हैं।</p>
<p><strong>यातायात व्यवस्था हुई सक्रिय</strong></p>
<p>महोत्सव हेतु यातायात व्यवस्था का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है। दमोह से नियमित बसों द्वारा यात्रियों को सुविधा अनुसार कुंडलपुर पहुंचने की व्यवस्था की गई हैं। रेलवे स्टेशन दमोह से प्रातः होते ही यात्रियों को स्टेशन पर बस उपलब्ध कराई जा रही है । दमोह से आहार चर्या में सहयोग करने वाले श्रावकों को बस उपलब्ध की जा रही हैं।</p>
<p>कुंडलपुर में भी यात्रियों को बड़े बाबा मंदिर तक पहुंचाने में बसों का संचालन किया जा रहा है। 13 अप्रैल से 24 घंटे बसों का संचालन किया जाएगा। दमोह स्टेशन पर पंडाल लगाकर यात्रियों को प्रतीक्षालय की सुविधा चाय पानी की निशुल्क व्यवस्था की जाएगी। यातायात व्यवस्था समिति अपनी सेवाएं दे रही हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/shri_samay_sagar_ji_to_enter_kundalpur_on_april_9/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चरणों में अर्पित किया श्रीफल :  मुनि श्री समय सागर जी व श्री सुधा सागर जी ससंघ को कुंडलपुर पधारने का किया निवेदन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/muni_shri_samay_sagar_ji_and_shri_sudha_sagar_ji_requested_to_visit_kundalpur/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/muni_shri_samay_sagar_ji_and_shri_sudha_sagar_ji_requested_to_visit_kundalpur/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Mar 2024 06:32:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Damoh]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmasabha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain Siddhkshetra श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Kundalpur]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Samay Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Sudha Sagar ji]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Varsha Yoga]]></category>
		<category><![CDATA[कुंडलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दमोह]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री समय सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री सुधा सागर जी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=57730</guid>

					<description><![CDATA[दमोह जिले के श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर की कमेटी व महामहोत्सव समिति के पदाधिकारी व सदस्यगण ने संतशिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि संघों को श्रीफल अर्पित कर कुण्डलपुर पधारने हेतु निवेदन किया। रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230; कुंडलपुर। दमोह जिले के श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर की कमेटी व [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>दमोह जिले के श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर की कमेटी व महामहोत्सव समिति के पदाधिकारी व सदस्यगण ने संतशिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि संघों को श्रीफल अर्पित कर कुण्डलपुर पधारने हेतु निवेदन किया।<span style="color: #ff0000"> रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुंडलपुर।</strong> दमोह जिले के श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर की कमेटी व महामहोत्सव समिति के पदाधिकारी व सदस्यगण ने संतशिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि संघों को श्रीफल अर्पित कर कुण्डलपुर पधारने हेतु निवेदन किया। महामहोत्सव मीडिया समिति के जयकुमार जलज हटा व राजेश रागी बकस्वाहा ने बताया कि श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र कोनीजी पाटन (जबलपुर) में विराजमान परम पूज्य जेष्ठ श्रेष्ठ प्रथम निर्यापक श्रमणमुनि श्री समय सागर जी महाराज ससंघ तथा उनके संघस्थ दमोह गौरव श्री अनाप सागर जी , श्री स्वास्तिक सागर जी, श्री आगत सागर जी महाराज के दर्शन कर श्रीफल अर्पित कर कुंडलपुर पधारने का निवेदन किया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-57733" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-27-at-11.51.50-AM.jpeg" alt="" width="1152" height="648" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-27-at-11.51.50-AM.jpeg 1152w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-27-at-11.51.50-AM-300x168.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-27-at-11.51.50-AM-1024x576.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-27-at-11.51.50-AM-768x432.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-27-at-11.51.50-AM-990x557.jpeg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-27-at-11.51.50-AM-470x264.jpeg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-27-at-11.51.50-AM-640x360.jpeg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-27-at-11.51.50-AM-215x120.jpeg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/03/WhatsApp-Image-2024-03-27-at-11.51.50-AM-414x232.jpeg 414w" sizes="(max-width: 1152px) 100vw, 1152px" /> इसके साथ ही कुंडलपुर महामहोत्सव समिति ने बिजावर तहसील के ग्राम किशनगढ़ पहुंचकर पूज्य निर्यापक श्रमणमुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के चरणों में श्रीफल अर्पित कर ससंघ कुंडलपुर पधारने का निवेदन किया और ग्राम अभाना पहुंचकर पूज्य मुनि श्री सौम्यसागर जी महाराज के दर्शन कर दमोह होते हुए कुंडलपुर ससंघ आगमन हो, इस आशय का निवेदन किया। ‌</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/muni_shri_samay_sagar_ji_and_shri_sudha_sagar_ji_requested_to_visit_kundalpur/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
