<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Muni Shri hitendra Sagar &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/muni-shri-hitendra-sagar/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Sun, 14 Sep 2025 09:08:45 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Muni Shri hitendra Sagar &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>मुनि श्री हितेंद्र सागर ने दिया मार्गदर्शन : दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर “सुसंस्कारों का शंखनाद” का आयोजन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/a_two_day_training_camp_the_conch_of_good_values_is_being_organized/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/a_two_day_training_camp_the_conch_of_good_values_is_being_organized/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 Sep 2025 09:08:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shanti Sagar Meditation Center]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vardhaman Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nasia]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri hitendra Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Tonk]]></category>
		<category><![CDATA[training camp श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य शांति सागर ध्यान केंद्र]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन नसिया]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[टोंक]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[प्रशिक्षण शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री हितेंद्र सागर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=90633</guid>

					<description><![CDATA[राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से 13 से 23 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए “सुसंस्कारों का शंखनाद” शीर्षक से दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 90 बालिकाओं ने भाग लिया। मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने बालिकाओं को जीवन मूल्य, अनुशासन और सही मित्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से 13 से 23 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए “सुसंस्कारों का शंखनाद” शीर्षक से दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 90 बालिकाओं ने भाग लिया। मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने बालिकाओं को जीवन मूल्य, अनुशासन और सही मित्र चुनने के बारे में मार्गदर्शन दिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजेश पंचोलिया की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टोंक।</strong> राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से 13 से 23 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए “सुसंस्कारों का शंखनाद” शीर्षक से दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 90 बालिकाओं ने भाग लिया।</p>
<p>मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने बालिकाओं को जीवन मूल्य, अनुशासन और सही मित्र चुनने के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा— “वही सच्चा मित्र है, जिसे आप निःसंकोच माता-पिता से मिलवा सकें और जिनसे घर-परिवार के सामने भी चर्चा कर सकें। जिन मित्रों को लेकर माता-पिता से छुपाना पड़े, वे सही मित्र नहीं होते।”</p>
<p>मुनि श्री ने आगे कहा कि जीवन में लाइफ पार्टनर का चयन परिवार की सहमति से होना चाहिए, तभी वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। उन्होंने पशु और मानव के अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया कि “पशु स्वच्छंद होता है, जबकि मानव संयमित रहता है। पुत्र लोहे के समान और पुत्री हीरे के समान होती है, इसलिए बालिकाओं को हमेशा सजग रहकर अपने आत्मसम्मान की रक्षा करनी चाहिए। स्वार्थी, चापलूस और दुष्ट व्यक्तियों से दूरी बनाए रखनी चाहिए तथा अनावश्यक उपहार स्वीकार नहीं करने चाहिए।”</p>
<p>भारतीय जैन संगठन द्वारा स्मार्ट गर्ल प्रोग्राम के अंतर्गत पाली से श्री राजेंद्र जैन (फिजिक्स लेक्चरर) और दिल्ली से श्री अरुण जैन (उद्योगपति) ने प्रशिक्षक के रूप में बालिकाओं को सरल भाषा में प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में बालिकाओं की सभी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।</p>
<p>13 सितंबर को तीन सत्रों में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक स्व-जागरूकता, रिश्ते, दोस्ती, संवाद, मासिक धर्म और स्वच्छता पर चर्चा हुई। बालिकाओं को मुक्तकंठ से अपने विचार रखने का अवसर दिया गया तथा लघु नाटिकाओं के माध्यम से भी उन्हें समझाया गया।</p>
<p>14 सितंबर को हुए चार सत्रों में आत्मसम्मान, स्व-सुरक्षा, निर्णय लेने की क्षमता और प्रलोभन से बचाव जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही बालिकाओं और उनके माता-पिता को संयुक्त सत्र में शामिल कर आपसी संवाद को मजबूत बनाने का प्रयास किया गया। निर्णय लिया गया कि माता-पिता प्रतिदिन अपने बच्चों से संवाद करेंगे और यदि नगर से बाहर हों तो फोन पर नियमित संपर्क बनाए रखेंगे।</p>
<p>पवन और विकास अनुसार कार्यक्रम की संयोजिकाएँ बीना जी छमुनिया और सरोज जी बंसल ने बताया कि इस कार्यशाला को सफल बनाने में सकल जैन समाज टोंक नगर के साथ सेवा भावी बहनें—रिंकी जैन, संतोष जैन, अंजना जैन सहित अनेक महिला कार्यकर्ताओं ने विशेष योगदान दिया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/a_two_day_training_camp_the_conch_of_good_values_is_being_organized/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सोनागिर सिद्धक्षेत्र पर आयोजन : पं. मनीष विद्यार्थी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/pandit_manish_vidyarthi_honored_with_national_award/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/pandit_manish_vidyarthi_honored_with_national_award/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Jun 2023 10:38:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Vardhaman Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri hitendra Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Plantation]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[udaipur]]></category>
		<category><![CDATA[World Environment Day]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री सौभाग्य सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[पंडित मनीष विद्यार्थी]]></category>
		<category><![CDATA[भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्री परिषद]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षण प्रशिक्षण शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[सोनगिर सिद्धक्षेत्र]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=45551</guid>

					<description><![CDATA[आचार्य श्री सौभाग्य सागर जी महाराज, मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज के मंगल सान्निध्य एवं आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी के निर्देशन में अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्री परिषद का शिक्षण प्रशिक्षण शिविर, अधिवेशन, पुरस्कार समर्पण समारोह, डॉ कपूर चंद्र जी खतौली स्मृति ग्रंथ लोकार्पण समारोह 29 मई से 4 जून तक सिद्धक्षेत्र सोनागिरि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री सौभाग्य सागर जी महाराज, मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज के मंगल सान्निध्य एवं आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी के निर्देशन में अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्री परिषद का शिक्षण प्रशिक्षण शिविर, अधिवेशन, पुरस्कार समर्पण समारोह, डॉ कपूर चंद्र जी खतौली स्मृति ग्रंथ लोकार्पण समारोह 29 मई से 4 जून तक सिद्धक्षेत्र सोनागिरि जी में संपन्न हुआ। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए मनीष जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागर।</strong> परम पूज्य आचार्य श्री सौभाग्य सागर जी महाराज, मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज के मंगल सान्निध्य एवं आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी के निर्देशन में अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्री परिषद का शिक्षण प्रशिक्षण शिविर, अधिवेशन, पुरस्कार समर्पण समारोह, डॉ कपूर चंद्र जी खतौली स्मृति ग्रंथ लोकार्पण समारोह 29 मई से 4 जून तक सिद्धक्षेत्र सोनागिरि जी में संपन्न हुआ।</p>
<p>3 जून 2023 को आयोजित पुरस्कार सम्मान समारोह में विभिन्न विधाओं में काम करने वाले 10 विद्वानों का सम्मान किया गया, सभी को साल, श्रीफल, प्रतीक चिह्न, सम्मान पत्र एवं 11000 रुपए की राशि प्रदान की गई, पुरस्कार समर्पण समारोह में श्रुत संवर्धन ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविर समिति के संयोजक ,जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री, अहिंसा कारुणा समाचार पत्र के संपादक पं. मनीष विद्यार्थी शाहगढ़ को सम्मानित किया गया।</p>
<p>उपस्थित विद्वतवर्ग डॉ. श्रेयांश जैन बड़ोद, डॉ. शीतल चंद्र जी प्राचार्य जयपुर, ब्र. जय कुमार निशांत, डॉ. ब्र. अनिल भैया जी जयपुर, ब्र. मनीष भैया, ब्र. विनोद भैया, डॉ. जय कुमार मुजफ्फरनगर, डॉ. सुरेंद्र भारती बुरहानपुर, राजेंद्र महावीर सनावद, डॉ. सुनील संचय ललितपुर , डॉ विमल जी जयपुर, प्रतिष्ठाचार्य सनत विनोद जी रजवांस, डॉ अमित आकाश, इंजी. दिनेश भिलाई, पं. रमेश जोबनेर,पं. जयकुमार दुर्ग पं. हजारी पार्श्वनाथ श्रवणबेलगोला ने बधाई दी। सोशल मीडिया पर सुरेश जैन बीज निगम मकरोनिया, पंकज जैन छतरपुर, महेश जैन पीएचई सागर, मनीष जैन नेहानगर, प्रकाश जैन पत्रकार शाहगढ़, चेतन जैन बण्डा ने बधाई दी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/pandit_manish_vidyarthi_honored_with_national_award/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>घर के बुजुर्गों को दें सम्मान : रहन-सहन, वेशभूषा मर्यादित और खान-पान अहिंसक होना चाहिए &#8211; आचार्य श्री वर्धमान सागर </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/lifestyle_dress_modest_and_food_should_be_non_violent_acharya_shri_vardhman_sagar/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/lifestyle_dress_modest_and_food_should_be_non_violent_acharya_shri_vardhman_sagar/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Jun 2023 13:17:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Vardhaman Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri hitendra Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Plantation]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[udaipur]]></category>
		<category><![CDATA[World Environment Day]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य वर्धमान सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[उदयपुर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[पौधारोपण]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री हितेंद्र सागर]]></category>
		<category><![CDATA[विश्व पर्यावरण दिवस]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=45511</guid>

					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने युवाओं को संस्कारित किए जाने पर उपदेश में बताया कि कठोर अनुशासन से जीवन संस्कारित होता है।संस्कार से जीवन सुधरता है, निखरता है। आज परिवार में परिजन खंडित हो गए हैं। आचार्य श्री ने सूत्र बताया कि परिवार के बुजुर्गों को सम्मान देने से आपको सम्मान मिलेगा। पढ़िए राजेश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने युवाओं को संस्कारित किए जाने पर उपदेश में बताया कि कठोर अनुशासन से जीवन संस्कारित होता है।संस्कार से जीवन सुधरता है, निखरता है। आज परिवार में परिजन खंडित हो गए हैं। आचार्य श्री ने सूत्र बताया कि परिवार के बुजुर्गों को सम्मान देने से आपको सम्मान मिलेगा। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>उदयपुर।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने युवाओं को संस्कारित किए जाने पर उपदेश में बताया कि कठोर अनुशासन से जीवन संस्कारित होता है।संस्कार से जीवन सुधरता है, निखरता है। आज परिवार में परिजन खंडित हो गए हैं। आचार्य श्री ने सूत्र बताया कि परिवार के बुजुर्गों को सम्मान देने से आपको सम्मान मिलेगा। आचार्य श्री ने बताया कि अनेक समाज के व्यक्ति आकर कहते हैं कि बच्चे हमारी सुनते नहीं, बच्चे पढ़ाई करने के लिए विदेश जा रहे हैं आप आशीर्वाद दीजिए तब हम उन्हें वापस भारत लौटने के लिए संकल्पित कराते हैं। ब्रह्मचारी गजू भैया, राजेश पंचोलिया अनुसार आचार्य श्री ने वर्तमान के खान-पान, वेश-भूषा पर चिंता व्यक्त करते हुए उपदेश में कहा कि फैशन के नाम पर फटे चुस्त कपड़े नहीं पहनने चाहिए। धर्म स्थल, गुरुओं के सामने कपड़े मर्यादित शालीनता के होना चाहिए। खान-पान पर उपदेश में बताया कि आजकल भोजन टीवी देखते हुए, मोबाइल चलाते हुए करते हैं। टीवी मोबाइल से निकलने वाली किरणें आपके भोजन को दूषित करती हैं। इस कारण अनेक बीमारियां भी होती हैं। बच्चों को जब मोबाइल और टीवी के लिए मना करते हैं, तब बच्चे भी कहते हैं कि माता-पिता भी टीवी देखते हुए, मोबाइल चलाते हुए खाना खाते हैं। जब तक आप संस्कारित नहीं होंगे, बुजुर्ग संस्कारित नहीं होंगे, तब तक आप बच्चों को संस्कारित कैसे करेंगे?</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-45516" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0036.jpg" alt="" width="1280" height="577" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0036.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0036-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0036-1024x462.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0036-768x346.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0036-990x446.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong>बुजुर्गों को रखें आगे के कक्ष में</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने उपस्थित धर्म सभा में सभी को रहन-सहन , मर्यादित खान-पान को शाकाहारी अहिंसक करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन को संस्कारित करने से मनुष्य जीवन सार्थक होता है। इसके पूर्व शिष्य मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने परिवार के अनुभवी,समझदार ज्ञानी वृद्ध बुजर्ग को सम्मान देने की प्रेरणा उपदेश में दी। उन्होंने कहा कि परिवार के बुजुर्ग-वृद्ध आपके संकटमोचक हैं। अनुभवी हैं, ज्ञानवान हैं। परिवार में बुजुर्गों को सम्मानजनक मुख्य कक्ष में रखना चाहिए। मुनि श्री ने कर्नाटक के धर्म स्थल के समीप तीर्थहल्ली गांव का उदाहरण देकर बताया कि वहां के सभी मकानों में वृद्ध बुजुर्ग परिजनों को घर के मुख्य कक्ष में रखा जाता है। बुजुर्गों को इस सम्मान देने के कारण गांव पर कोई विपत्ति नहीं आती है। वृद्धों को तीर्थ रूपी संज्ञा दी है क्योंकि वृद्ध परिवार के शुभचिंतक होते हैं, संस्कार देते हैं और भला करते हैं।</p>
<p><strong>पर्यावरण दिवस पर वृहद वृक्षारोपण</strong></p>
<p>परम पूज्य प्रथमाचार्य 108 श्री शांतिसागर जी महाराज के आचार्य पदारोहण के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के क्रम में वात्सल्य वारिधि आचार्य 108 श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज की प्रेरणा से सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष शांतिलाल जी वेलावत के नेतृत्व में सरस डेयरी से बलीचा तक के सड़क मार्ग को समवशरण अनुसार विकसित करने के लिए णमोकर सेवा संस्थान ट्रस्ट के तत्वाधान में सघन वृक्षारोपण विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून को किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/lifestyle_dress_modest_and_food_should_be_non_violent_acharya_shri_vardhman_sagar/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जिनालय के ऊपर ध्वजा के लहराने से सुख समृद्धि और शांति होती है: आचार्य श्री वर्धमान सागर ने दिए प्रवचन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_hoisting_of_the_flag_over_the_jinalaya_brings_happiness_prosperity_and_peace/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_hoisting_of_the_flag_over_the_jinalaya_brings_happiness_prosperity_and_peace/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 16 Apr 2023 10:49:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Vardhman Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[flag hoisting]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri hitendra Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Panchkalyank]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[udaipur]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य वर्धमान सागर]]></category>
		<category><![CDATA[उदयपुर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[पताका ध्वजा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=42291</guid>

					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित केशव नगर उदयपुर में विराजित रहकर धर्म प्रभावना कर रहे हैं। श्री आदिनाथ जिनालय में शिखर पर ध्वजा परिवर्तन उनके संघ सानिध्य में हुआ। पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट&#8230; उदयपुर। प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवति आचार्य श्री शांति सागर की मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित केशव नगर उदयपुर में विराजित रहकर धर्म प्रभावना कर रहे हैं। श्री आदिनाथ जिनालय में शिखर पर ध्वजा परिवर्तन उनके संघ सानिध्य में हुआ। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>उदयपुर।</strong> प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवति आचार्य श्री शांति सागर की मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित केशव नगर उदयपुर में विराजित रहकर धर्म प्रभावना कर रहे हैं। श्री आदिनाथ जिनालय में शिखर पर ध्वजा परिवर्तन उनके संघ सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित कर आचार्य श्री वर्धमान सागर ने बताया कि ध्वजा अखंड होना चाहिए अर्थात फटी ,पुरानी ,छिद्र नही होना चाहिए। हवा के साथ लहराती ध्वजा समाज, नगर देश के लिए मंगलकारी होती है, इससे सुख,शांति एवं समृद्धि प्राप्त होती है।</p>
<p><strong>घरों व मंदिरों की नियमित सफाई जरूरी </strong></p>
<p>प्रो देवेंद्र, शांतिलाल कासलीवाल राजेश पंचोलिया ने बताया कि आचार्य श्री ने प्रवचन में आगे बताया कि आपके घरों और मंदिर की नियमित साफ-सफाई होनी चाहिए। कितने मंदिरों में छतों में सीढ़ियों के आसपास कचरा और जाले लगे होते हैं। इसमें अनेक जीवो का घात होता है। जिनालय के दर्शन से आत्म कल्याण होता है। जिनालय में देव शास्त्र गुरु के दर्शन से सम्यक दर्शन की प्राप्ति होती है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-42295" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022.jpg" alt="" width="1599" height="899" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022.jpg 1599w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022-1536x864.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022-1320x742.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230416-WA0022-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 1599px) 100vw, 1599px" /></p>
<p><strong>ईश्वर की अटूट श्रद्धा से पुण्य की प्राप्ति </strong></p>
<p>जिनेंद्र भगवान के दर्शन कैसे करना चाहिए इस पर आचार्य श्री ने बताया कि आप को भगवान के दर्शन कर भगवान को निहारना चाहिए कि वह किस प्रकार परमात्मा बने हैं भगवान की प्रतिमा देखकर यह विचार करना चाहिए कि मैं भी आपके जैसा कैसे व कब बनूंगा। जिस प्रकार घर चलाने के लिए आप धन कमाते हैं ,उसी प्रकार धर्म का पालन करके आप पुण्य कमा सकते हैं और धर्म की प्राप्ति आपको जिनालय देव शास्त्र गुरु से होगी। आचार्य श्री ने बताया कि भगवान की अटूट श्रद्धा भक्ति से पुण्य की प्राप्ति होती है।</p>
<p><strong>खराब होने पर पताका ध्वजा को तत्काल बदलें </strong></p>
<p>इसके पूर्व संघस्थ शिष्य मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने प्रवचन में बताया कि जिस प्रकार आप शरीर पर फटा हुआ कपड़ा नहीं पहनते हैं उसे तत्काल बदल लेते हैं उसके लिए आप किसी नियत तिथि, जन्म तिथि का इंतजार नहीं करते हैं, ठीक उसी प्रकार आपको भी मंदिर में शिखर पर जो ध्वजा लगी है वह यदि फट जाती है, गल जाती है, खराब हो जाती है तो उसके लिए वर्ष की नियत तिथि का इंतजार नहीं कर, पताका ध्वजा को तत्काल बदलना चाहिए। इसी प्रकार अभिषेक के बारे में भी मुनि श्री ने बताया कि भगवान के अभिषेक के लिए धोती और दुपट्टे भी कटे-फटे छिद्र वाले नहीं होना चाहिए। अगर आप इन कपड़ों से अभिषेक करते हैं तो पुण्य नहीं मिलेगा। अभिषेक की पात्रता सोधर्म इंद्र को होती है। आप प्रमाद के कारण भगवान का अभिषेक नहीं करते हैं आपको अभिषेक अवश्य करना चाहिए।</p>
<p><strong>एक बूंद में 36 हजार जीव</strong></p>
<p>मुनि श्री ने बताया कि जो आगम अनुसार पूर्व आचार्यों ने लिखा है उस अनुसार जो श्रावक चलते हैं वह परम पद को प्राप्त होते हैं जो पूर्व आचार्यों के कहे अनुसार नहीं चलते वह अधोगति को प्राप्त करते हैं। अभिषेक करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मुनि श्री ने बहुत ही द्रवित होकर बताया कि पानी की एक बूंद में जैन शास्त्र अनुसार असंख्यात जीव होते हैं, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से एक बूंद में 36000 से अधिक जीव होते हैं। एक मिली में 16 बूंद होती है। एक लीटर पानी में 16000 बूंदे होती है। अर्थात 1 लीटर अनछने पानी में 58 करोड़ 32 लाख से भी अधिक जीव होते हैं। इसलिए पानी छान कर पीना चाहिए। यह जानकारी देते हुए दशा नरसिंहपुरा चैरिटेबल ट्रस्ट केशव नगर आदिनाथ दिगंबर मंदिर के अध्यक्ष धनपाल जेतावत एवं आयड़ मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष खूबी लाल चित्तौड़ा ने संयुक्त रूप से बताया कि आज आचार्य शांति सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन एवम शास्त्र दान कालू लाल चितोड़ा ,सुरेश वेलावत, मदललाल हाथी परिवार द्वारा संपन्न किया गया। यह जानकारी देते हुए ट्रस्ट के मंत्री कुंथु कुमार गणपतोत ने बताया कि रविवार को आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर केशव नगर के शिखर पर ध्वजा परिवर्तन आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज के सानिध्य में अशोक, प्रतीक, श्रेया डागरिया परिवार द्वारा की गई ।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_hoisting_of_the_flag_over_the_jinalaya_brings_happiness_prosperity_and_peace/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दुर्जनों की संगति से जीवन खराब होता है, सज्जनों की संगति से जीवन सुधरता है: मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने धर्मसभा में दिया प्रेरक उद्बोधन  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/muni_shri_hitendra_sagar_gave_an_inspiring_speech_in_the_assembly/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/muni_shri_hitendra_sagar_gave_an_inspiring_speech_in_the_assembly/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Apr 2023 16:49:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Vardhman Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri hitendra Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Panchkalyank]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[udaipur]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य वर्धमान सागर]]></category>
		<category><![CDATA[उदयपुर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=42264</guid>

					<description><![CDATA[संसार में आप सभी भ्रमण कर रहे है। जितना ब्राह्य पदार्थों में ममत्व बढ़ता है संबंध में जान-पहचान बढ़ती है , एक से अनेक होते जाते हैं ,जबकि जैन धर्म अनेक से एक होने का संदेश देते हैं। पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट&#8230; उदयपुर। संसार में आप सभी भ्रमण कर रहे है। जितना ब्राह्य पदार्थों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>संसार में आप सभी भ्रमण कर रहे है। जितना ब्राह्य पदार्थों में ममत्व बढ़ता है संबंध में जान-पहचान बढ़ती है , एक से अनेक होते जाते हैं ,जबकि जैन धर्म अनेक से एक होने का संदेश देते हैं। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>उदयपुर।</strong> संसार में आप सभी भ्रमण कर रहे है। जितना ब्राह्य पदार्थों में ममत्व बढ़ता है संबंध में जान-पहचान बढ़ती है , एक से अनेक होते जाते हैं ,जबकि जैन धर्म अनेक से एक होने का संदेश देते हैं । यह प्रेरक उद्बोधन आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के संघस्थ शिष्य मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने केशव नगर की धर्म सभा में श्रद्धालुओं को संबोधित कर प्रकट किए। मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने एक उदाहरण के माध्यम से बताया कि एक लकड़ी को कपड़े पीटने की मोगरी बनाने के लिए उसे छिलना पड़ता है तब वांछित स्वरूप प्रकट होता है। मुनि श्री ने बताया कि जैन धर्म पश्चिम से पूर्व की ओर ,गंगासागर से गंगोत्री की यात्रा का संदेश देता है जीवन में सुगंध महकेगी तो आपका मोक्ष मार्ग प्रशस्त होगा जिस प्रकार नदी बहती है। बहती नदी कचरे को एक किनारे कर देती है और जीवन को सुगंधित करती है इसी प्रकार तालाब में रुका, ठहरा पानी बदबू देता है इसलिए ठहरने ज्यादा समय रुकने से बदबू आती है साधु का जीवन बहते पानी के समान है वह एक स्थान पर अधिक दिन नहीं रुकते हैं वह जगह-जगह भ्रमण कर धर्म की महक बहाते हैं । रुकने ठहरने से पतन होता है और बहने से धर्म रूपी पुण्य होता है।</p>
<p><strong>बच्चों को बनाएं संस्कारित </strong></p>
<p>ब्रह्मचारी गजू भैय्या ,राहुल गनोदिया, राजेश पंचोलिया अनुसार मुनि श्री ने आगे बताया कि जिस प्रकार कमंडल में संग्रहण शक्ति होती है तथा पानी के निकास के लिए टूटी रहती है जिससे धीमे धीमे पानी निकलता है उसी प्रकार आप जो भी संग्रहित करें उसे चार प्रकार के दान के माध्यम से प्रवाहित करते रहें धन रूपी पानी को प्रभावित करते रहे मुनि श्री ने एक सेठ ने तिजोरी में धन संग्रहण किया एक राजकुमार के बुरी संगति की कथा के माध्यम से यह बताया का कि दुर्जन, दुष्टों की संगति से जीवन बर्बाद होता है , जबकि सज्जन की संगति से आत्मा पावन पवित्र होती है इसलिए बच्चों को संस्कारित करना बहुत जरूरी है</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-42268" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056.jpg" alt="" width="1599" height="899" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056.jpg 1599w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056-1536x864.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056-1320x742.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230415-WA0056-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 1599px) 100vw, 1599px" /></p>
<p><strong>सर्व ऋतु विलास मंदिर में पंचकल्याणक 21 मई से </strong></p>
<p>दशा नरसिंहपुरा चैरिटेबल ट्रस्ट केशव नगर आदिनाथ दिगंबर मंदिर के अध्यक्ष धनपाल जेतावत एवं आयड़ मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष खूबी लाल चित्तौड़ा ने संयुक्त रूप से बताया कि शनिवार को आचार्य शांति सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन एवम शास्त्र दान बाबूलाल भदावत ,देवेंद्र मेहता, मांगीलाल नावडीया ,महेंद्र दामावत परिवार द्वारा संपन्न किया गया। मंगलाचरण आशा संगावत द्वारा किया गया ।</p>
<p>यह जानकारी देते हुए ट्रस्ट के मंत्री कुंथु कुमार गणपतोत ने बताया कि रविवार को सुबह 9:15 प्रवचन के बाद आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर केशव नगर के शिखर पर ध्वजा परिवर्तन आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज के सानिध्य में संपन्न की जाएगी । प्रतिदिन आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज के प्रवचन प्रातः 8:00 शांति सागर सभागार पांडाल में किए जा रहे हैं तथा सायं कालीन आरती शाम 6:30 बजे की जा रही है ।</p>
<p>सकल दिगम्बर जैन समाज उदयपुर के यशस्वी अध्यक्ष शांतिलाल वेलावत ने बताया कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सानिध्य में आगामी माह में एक मई से पांच मई तक सर्व ऋतु विलास मंदिर का एवम् 21 मई से 25 मई तक सेक्टर 11 जैन मंदिर का पंच कल्याणक होगा</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/muni_shri_hitendra_sagar_gave_an_inspiring_speech_in_the_assembly/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
