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	<title>Muni Pungav Shrisudha Sagarji Maharaj Sansangh &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Muni Pungav Shrisudha Sagarji Maharaj Sansangh &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>मोजी बंधन करने वाले को रक्षा मंत्रों से किया वेष्टित : अष्टमूल गुणों सहित शब्द गामी मंत्रों से किया संस्कारित </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 03:30:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पहली बार चातुर्मास को छोड़कर मुंगावली में मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में भव्य मोजी बंधन समारोह किया गया। मुंगावली से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; मुंगावली। पहली बार चातुर्मास को छोड़कर मुंगावली में मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में भव्य मोजी बंधन समारोह किया गया। जिसमें उल्लास के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पहली बार चातुर्मास को छोड़कर मुंगावली में मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में भव्य मोजी बंधन समारोह किया गया। <span style="color: #ff0000">मुंगावली से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुंगावली।</strong> पहली बार चातुर्मास को छोड़कर मुंगावली में मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में भव्य मोजी बंधन समारोह किया गया। जिसमें उल्लास के साथ सैकड़ों बच्चों को मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज के साथ संघ में विराजमान 18 संतों ने विभिन्न मंत्रों को सभी के सिर पर एक साथ स्थापित कर संस्कारों का शंखनाद किया। इसके पहले समारोह का भव्य शुभारंभ दोपहर में आचार्य श्री का संगीत के साथ पूजन से हुआ। इसके बाद पूर्व दिशा के साथ उत्तर पश्चिम दक्षिण दिशाओं विराजमान जितने भी केवली भगवान पंच परमेष्ठि भगवान सहित सिद्ध क्षेत्र अतिशय क्षेत्र को साक्षी मान कर वंदना करते हुए सभी की अमृत स्नान करते शुद्धि की क्रिया की गई। इसके बाद नवतिलक की क्रिया की गई। वहीं सभी मोजी बंधन करने वाले को रक्षा मंत्रों से वेष्टित करते हुए आठों दिशाओं का वंदन किया गया। इसके बाद मुख्य पात्र राहुल अरविंदकुमार बजाज, दर्शन जैन, सुरेश कुमार ललितपुर, अलका जैन जबलपुर परिवार, प्रभादेवी गदियाना परिवार, कोषाध्यक्ष परिवार राहुल जैन मुंगावली को मुख्य यजमान के रूप में मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज के कर कमलों से सबसे पहले संस्कार कराने का सौभाग्य प्राप्त किया</p>
<p><strong>मौजी बंधन के दौरान यह क्रियाएं हुई</strong></p>
<p>इस दौरान पंच नमस्कार मंत्र के साथ ही चतारी दंडक के साथ ही सम्यक दर्शन के आठों अंग की स्थिति, क्रिया,</p>
<p>सम्य दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र के संस्कार स्थपित किए। सत्वतत्व सम्राज्य पद ग्रहण करवाया। वात्सल्य एवं प्रभावना, परम निर्माण पद ग्रहणकर अष्ट मद रहित अष्टमूल गुणों सहित शब्द गामी मंत्रों से संस्कारित किया गया। साथ ही परम निर्माण पद ग्रहण ग्रहण स्वहा अपने हाथों से केशर से एक-एक बीज मंत्र की मस्तक पर स्थापित किया। मयूर पिच्छिका से आशीर्वाद दिया।</p>
<p><strong>जब संघ भैया जी को भी किया गया मोजी बंधन संस्कार से संस्कारित</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि पहली बार संघ में विराजमान घर छोड़कर आए हुए सभी बाल ब्रह्मचारी भाईयों को भी मोजी बंधन समारोह में मुख्य यजमानों के बाद एक-एक कर मंच पर मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने अपने कर कमलों से भक्तों की तालियों एवं जय जयकार के बीच संस्कारित किया। इस दौरान सभी के मस्तक पर केशर से लेखन करते हुए मंत्रोच्चार किया गया।</p>
<p><strong>भेंट और पुरस्कार में मिली चीज को बेचना नहीं है</strong></p>
<p>इसके पहले आज सुबह धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि</p>
<p>कहीं से भी भेंट मिले उसे स्वीकार करने में संकोच नहीं करना चाहिए। भेंट एक सम्मान है जब आप लोग ससुराल जाते हैं तो आपकी सासु मां कुछ देती है। उसे आप लोग लेते हैं या वह हेकड़ी दिखाकर सौ रुपए के नोट को वापस कर देते हैं। ये राशि सम्मान निधि कहलाती है। आप इसको वसीयत बनाकर रख सकते हैं। रखना ही चाहिए है। भेंट और पुरस्कार में मिली चीज को बेचना नहीं है। उसका सदुपयोग करना वह सीख पूज्य पुरुष देते हैं। उसे खर्च मत करना,उसे सुरक्षित कर लेना।</p>
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		<title>श्रीमद् पंच कल्याणक महोत्सव में निकलेगी गजरथ की फेरी : सवा करोड़ मंत्रो के साथ आहुतियां समर्पित की जाएगी </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Dec 2025 07:43:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में चल रहे श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रातः काल भगवान के तप कल्याणक का महा पूजन हुआ। अशोक नगर से पढ़िए, यह खबर&#8230; अशोक नगर। मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में चल रहे श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रातः काल भगवान के तप कल्याणक का महा पूजन हुआ। <span style="color: #ff0000">अशोक नगर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में चल रहे श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रातः काल भगवान के तप कल्याणक का महा पूजन हुआ। मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में महामुनि आदि सागर जी की पडगाहन विधि की गई।आज महा मुनि राज की आहार चार्य हो रही है। आज से ही दान तीर्थ का प्रवर्तन हुआ था। जब स्वयं भरत चक्रवर्ती ने राजा सोम श्रेयांस के दान की प्रशंसा करते हुए उनका हस्तिनापुर पहुंच कर बहुमान किया था।</p>
<p>मुझे याद आ गया वो पल जब आचार्य श्री को आहार देने अभाना का दृश्य आचार्य श्री के करकमलों में ग्रास रखा। आठ दिन के त्याग में तीन चार ग्रास लिए। आचार्य श्री ने क्या देखा उनकी दृष्टि में क्या चमत्कार मेरे समान वह दृश्य आज तक मेरी आंखों में झलक रहा है। आठ दिन से आगे नियम लिया ही हर समय आनंद उमड़ता मन आनंद से भरा रहता। इस समय इस पंचम काल में मुनि पद में जो आनंद है उसका कहना ही क्या। चतुर्थ काल जंगलों में मुनि महाराज को शेर खा जाये तो पता नहीं आज तो संत शाला में मच्छर भी नहीं आ सकता। कमेटी ने जालियां लगा रखी है। आज संयम लेने का सबसे अच्छा मौका है। आज महा मुनि को केवल ज्ञान की प्राप्ति हो गई। अब उन्ही से दिव्य ध्वनि सुनने को मिल रही है। इस दौरान जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में चल रहे विश्व शांति महायज्ञ में सवा करोड़ मंत्रो के साथ आहुति समर्पित की जाएगी। इसके बाद दोपहर में भगवान जिनेन्द्र देव की भव्य अति भव्य गजरथ यात्रा की सात फेरियां पूरे अयोध्या नगरी की होगी। जहां बेदी पर प्रभु विराजमान हैं। इस भव्य शोभायात्रा में सबसे आगे आगे मुनि संघ के साथ गजरथ और अन्य रथ बैन्ड वाज़े इन्द्र इन्द्रणी सहित मुख्य पात्र रथों पर सवार होकर चलेंगे। जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, प्रदीप तारई, राजेन्द्र अमन, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर संजय केटी संयोजक मनोज रन्नौद, उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, श्रेयांस घैला, थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू मिल महामंत्री मनोज भैसरवास ने सभी से सभी कार्यक्रमों में शामिल होने का निवेदन किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong> पुण्य का छट्टा भाग सीमा पर सैनिकों को मिलता है</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस दौरान मुनिश्री ने कहा कि मैं पहले भी कह चुका हूं कि आज जो आप धर्म कर रहे हैं। शांति से यज्ञ-हवन कर रहे हैं। इसमें सीमा पर बैठ सैनिकों का सबसे ज्यादा योगदान है। उन्हें भी इन महोत्सवों का छः भाग पुण्य का मिलता है। शादी में भी चमत्कार शास्त्रों में आया है। मैनासुन्दरी ने माता-पिता के पसंद से शादी को चाहती तो मना कर सकती थी लेकिन, नहीं माता-पिता, संसार के कार्य वहीं करना जो माता पिता कह देगा। जो मां खिलाने की इच्छा होगी। माताओं से कहना है कि अपने बेटे की इच्छा से नहीं है अपनी इच्छा से करना। आप को भारत में जन्म लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।</p>
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