<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Manjinendra Panch Kalyanak Pratishtha Mahotsav &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/manjinendra-panch-kalyanak-pratishtha-mahotsav/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Fri, 06 Mar 2026 00:30:05 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Manjinendra Panch Kalyanak Pratishtha Mahotsav &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>तीर्थंकरों द्वारा होती है धर्म तीर्थ की स्थापना : मुनि श्री सुधासागर जी ने बताई धर्म की महिमा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_tirthankaras_establish_the_pilgrimage_sites/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_tirthankaras_establish_the_pilgrimage_sites/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 00:30:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Manjinendra Panch Kalyanak Pratishtha Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Sudhasagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Satodaya Tirtha Seron]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सतोदय तीर्थ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=101185</guid>

					<description><![CDATA[जनपद के सतोदय तीर्थ सेरोन में श्री मञ्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का गुरुवार को मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के ससंघ सानिध्य ध्वजारोहण के साथ आगाज हुआ। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। जनपद के सतोदय तीर्थ सेरोन में श्री मञ्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का गुरुवार को मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के ससंघ सानिध्य ध्वजारोहण के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जनपद के सतोदय तीर्थ सेरोन में श्री मञ्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का गुरुवार को मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के ससंघ सानिध्य ध्वजारोहण के साथ आगाज हुआ। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> जनपद के सतोदय तीर्थ सेरोन में श्री मञ्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का गुरुवार को मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के ससंघ सानिध्य ध्वजारोहण के साथ आगाज हुआ। प्रारम्भ में भव्य कलश यात्रा जिसमें आगे आगे ध्वजपताकाएं लिए हुए प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रमुख पात्र सुसज्जित हाथियों पर सवार होकर आगे आगे चल रहे थे। उनके पीछे महिलाएं मंगल कलश लेकर चल रही थीं। निर्धारित मार्गों से होते हुए मंगल कलशयात्रा आयोजन स्थल पर पहुंची, जहां मुनिसंघ के सान्निध्य में ध्वजारोहण पुण्यार्जक परिवार विकास जैन प्रियंका जैन सीए द्वारा किया जबकि, मंडल का शुभारंभ नीतेश जैन विलौआ जखौरा ने किया।</p>
<p><strong>पांचों कल्याणकों को सौधर्म इंद्र आकर मनाते हैं</strong></p>
<p>इस मौके पर धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने धर्म की महिमा बताते हुए कहा कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के माध्यम से जीवन में जहां परिणामों में विशुद्धि बढती वहीं आत्मा पवित्र और निर्मल होती है पंचकल्याणक में तीर्थंकर के पांचों कल्याणकों को स्वर्ग से सौधर्म इन्द्र आकर मनाते हैं। उन्होने कहा कि नारी में स्वयं का अस्तित्व नहीं रहता और कोई भी नारी नहीं बनना चाहता लेकिन, एक सामान्य मां भी धन्य हो जाती है जब यह पंचकल्याणक में तीर्थंकर की मां बनती है वह सर्व वंदनीय जो जाती है। जैन धर्म अनादि काल से है हर तीर्थंकर अपने अपने समय में धर्म तीर्थ की स्थापना करते हैं। तीर्थंकर ऐसी आत्मा होती है जो तीनों लोकों में सभी के सुख की भावना और कल्याण की भावना आती है। आज उन्हीं तीर्थकरों के कल्याणकों को मना रहे हैं।</p>
<p><strong>नैमेतिक पूजन के उपरान्त यागमंडल विधान हुआ</strong></p>
<p>मध्यान्ह में प्रतिष्ठाचार्य ब्रहमचारी प्रदीप भैया सुयश के मार्गदर्शन में शान्ति मंत्र पात्र शुद्धि सकलीकरण की मांगलिक क्रियाए मुख्य पात्र भगवान के माता पित्ता महाराजा नाभिराय मरूदेवी मालतीदेवी महेन्द्र सर्राफ, अनुपमा जैन-सतीश जैन चंटी बजाज सौधर्म इन्द्र सुमन विमल जैन सराफ महायज्ञनायक, सीमा जैन सिंघई मनोज जैन बबीना धनपत्ति कुबेर, ममता अमित जैन बल्ली डौगरा,भरत चक्रवर्ती, विजय जैन लागौन वाहुवलि, नीतेश जैन विलौआ जखौरा राजा सौम, देवेन्द्रकुमार मंजू जैन राजा श्रयांस, पवन जैन बाबा मार्वल ईशान इन्द्र, समता जैन आनंद जैन साइकिल सानत इन्द्र, विधिनायक राजू जैन मडावरा समेत इन्द्र इन्द्राणियों की हुई। इसके उपरान्त नैमेतिक पूजन के उपरान्त यागमंडल विधान हुआ। जिसमें उपस्थित इंद्र-इंद्राणियों ने भक्तिपूर्वक प्रभु के सम्मुख अर्घ समर्पित किए। सायकाल जिज्ञासा समाधान के दौरान मुनि श्री ने श्रावकों द्वारा की गई जिज्ञासाओं का सम्यक समाधान किया। इसके उपरान्त महाआरती भव्य शोभायात्रा के साथ पहुंची। जहां इंद्र-इंद्राणियों ने प्रभु की भक्ति की। इसके बाद अयोध्यापुरी में सौधर्म इंद्र की सभा में तत्वचर्चा के दौरान आसन कंपायमान हुआ। अवधिज्ञान द्वारा धनपति कुबेर का आगमन एवं रत्नों की दृष्टि हुई। देवियों द्वारा माता मरूदेवी को सोलह स्वप्न इन्द्र दर्शन तथा अष्टकुमारियों ने माता की सेवा कर भेंट समर्पित की।</p>
<p><strong>संयोजक सनत खजुरिया समेत पूरी टीम की संयोजना</strong></p>
<p>व्यवस्थाओं को सतोदय तीर्थ सेरोन अध्यक्ष सतीश जैन वंटी, महामंत्री सिंघई मनोज जैन, कोषाध्यक्ष विजय जैन लागौन, अरविन्द जैन बरोदा, अजय जैन जखौरा, आनंद जैन साइ‌किल, नीतेश विलौआ, अमितेश जैन, मुकेश जैन नेता, राजेन्द्र मिठया, श्रयांस जैन गदयाना, अरूण जैन, अजय जैन, अभय जैन, अमित जैन, प्रदीप जैन बरौदा, रवि जैन, अवध किशोर जैन के अतिरिक्त जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टड़या, महामंत्री आकाश जैन, संयोजक सनत खजुरिया समेत पूरी टीम द्वारा संयोजित की जा रही हैं।</p>
<p><strong>प्रतिष्ठा महोत्सव में जन्मकल्याणक 6 मार्च को</strong></p>
<p>प्रतिष्ठा महोत्सव में आज 6 मार्च को प्रातःकाल नित्यमह अभिषेक पूजन के उपरान्त प्रातः 7-11 बजे तीर्थकर बालक का जन्म, अयोध्या में बधाइयां सौधर्म इन्द्र शचि तीर्थंकर बालक को लेकर ऐरावत हाथी पर आरुढ होकर अयोध्यानगरी की परिक्रमा के बाद प्रतिष्ठामंच पर शचि सौधर्म इन्द्र की वार्ता का अलौकिक दृश्य होगा। मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के प्रवचन के बाद सौधर्म इन्द्र सचि इन्द्राणि का ऐरावत हाथी पर सवार होकर वन प्रस्थान जन्माभिषेक जलूस प्रमुख मार्गों से होते हुए पाण्डुकशिला पर पहुंचेगा। जहां 1008 कलशों द्वारा तीर्थंकर बालक का अभिषेक होगा। मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने बताया कि सायंकाल आचार्य भक्ति जिज्ञासा समाधान के उपरान्त आरती के बाद महाराजा नाभिराय का राजदरवार तीर्थंकर बालक का पालना झूला एवं बाल क्रीड़ा का मंचन होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_tirthankaras_establish_the_pilgrimage_sites/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
