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	<title>Mangal Agwani &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Mangal Agwani &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>मुनि श्री प्रणुत सागर जी विहार कर श्री तालनपुर जी तीर्थ पहुंचे: मुनिश्री के चरण पखारकर उनकी भव्य मंगल अगवानी  </title>
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		<pubDate>Sat, 31 Jan 2026 14:20:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नगर में विराजित मुनि श्री प्रणुतसागर जी महाराज ने विहार कर शनिवार सुबह 8 बजे ने श्री तालनपुर अतिशय तीर्थ में मंगल प्रवेश किया। कुक्षी से पढ़िए, यह खबर&#8230; कुक्षी। नगर में विराजित मुनि श्री प्रणुतसागर जी महाराज ने विहार कर शनिवार सुबह 8 बजे ने श्री तालनपुर अतिशय तीर्थ में मंगल प्रवेश किया। क्षेत्र [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नगर में विराजित मुनि श्री प्रणुतसागर जी महाराज ने विहार कर शनिवार सुबह 8 बजे ने श्री तालनपुर अतिशय तीर्थ में मंगल प्रवेश किया। <span style="color: #ff0000">कुक्षी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुक्षी।</strong> नगर में विराजित मुनि श्री प्रणुतसागर जी महाराज ने विहार कर शनिवार सुबह 8 बजे ने श्री तालनपुर अतिशय तीर्थ में मंगल प्रवेश किया। क्षेत्र की सीमा पर कुक्षी, सुसारी, लोहारी, पिपल्या आदि जगह से पधारे समाजजनों और श्वेतांबर जैन श्री संघ ने गुरुदेव के चरण पखारकर उनकी भव्य मंगल अगवानी की। मुनिश्री तीर्थ क्षेत्र पर 1008 श्री मल्लीनाथ दिगंबर जैन मंदिर’ पहुंचे। तीर्थ क्षेत्र पर मुनिश्री प्रणुतसागर जी के पावन सानिध्य में दो दिवसीय वार्षिक मेला एवं 64 रिद्धि मंडल विधान एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन होगा। समाजजनों ने इन ऐतिहासिक पलों का साक्षी बनने का आग्रह भक्तजनों से किया है।</p>
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		<title>प्रभु की भक्ति में झूमे श्रद्धालु निकली घटयात्रा : रथ पर सवार होकर निकले सौधर्म इंद्र और अन्य इंद्र परिवार  </title>
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		<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 09:07:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि श्री प्रणुत सागर जी ससंघ की मंगल अगवानी बड़वानी विधायक राजन मंडलोई ने की। गणपुर जिला धार से पद विहार कर बड़वानी पधारे मुनिराज श्री प्रणुत सागर जी महाराज का मंगल आगमन हुआ। पूरे निमाड़ से और दूर दराज से आए गुरु भक्तों ने मुनि संघ की मंगल अगवानी की मुनि संघ का राजघाट [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनि श्री प्रणुत सागर जी ससंघ की मंगल अगवानी बड़वानी विधायक राजन मंडलोई ने की। गणपुर जिला धार से पद विहार कर बड़वानी पधारे मुनिराज श्री प्रणुत सागर जी महाराज का मंगल आगमन हुआ। पूरे निमाड़ से और दूर दराज से आए गुरु भक्तों ने मुनि संघ की मंगल अगवानी की मुनि संघ का राजघाट रोड स्थित सन्मति उद्योग पर आरती उतार कर पाद प्रक्षालन किया गया। <span style="color: #ff0000">धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धामनोद।</strong> गणपुर धार से पद विहार कर बड़वानी पधारे मुनिराज श्री प्रणुत सागर जी महाराज का मंगल आगमन हुआ। पूरे निमाड़ से और दूरदराज से आए गुरु भक्तों ने मुनि संघ की मंगल अगवानी की मुनि संघ का राजघाट रोड स्थित सन्मति उद्योग पर। आरती उतार कर पाद प्रक्षालन किया गया। बैंडबाजों के साथ करंजे चौराहे पर संपूर्ण दिगंबर-श्वेताम्बर जैन समाज ने मुनि संघ की मंगल अगवानी की साथ ही बड़वानी विधायक राजन मंडलोई ने भी गुरुवृंद की श्रीफल चढ़ा कर अगवानी की और आशीर्वाद प्राप्त किया बच्चों ने और समाजजनों ने मुनि श्री की तीन परिक्रमा लगाकर चरण वंदना कर मुनि श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। बड़वानी के ये सारा कार्यक्रम परम पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के आशीर्वाद से परम पूज्य मुनि श्री प्रणुत सागर जी के सानिध्य में संपन्न होगा , कारंजे चौराहे से बड़ी ही भक्ति धूम धाम के साथ घट यात्रा निकाली गई जिसमें सभी इंद्र इंद्राणी और अन्य पात्र परिवार सहित सुसज्जित रथनूमा बग्गियों में राजा-महाराजा की वेशभूषा में चल रहे थे। वही कुबेर इंद्र परिवार ने पूरे रास्ते भर रत्नों की वर्षा की पूरे समाज की महिला, पुरुष, बच्चे, युवा, बुजुर्ग का उत्साह अति चरम पर था। पूरे रास्ते भर बांसवाड़ा के नागदा बैंड ने भक्ति भाव पूर्वक भजनों और संगीत की स्वर लहरियों ने नृत्य करने को मजबूर कर दिया। ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं था जिसके कि पैर नहीं थिरके हो। उत्साह की पराकाष्ठा थी। बड़वानी नगर में ये घटयात्रा ऐतिहासिक बन गई।</p>
<p><strong>श्रद्धालुओं ने एक घंटे तक भक्ति नृत्य किए </strong></p>
<p>अपूर्व उत्साह के बीच समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने अपने घरों पर मुनि श्री के चित्र के साथ जैन धर्म ध्वजा भी लगाकर रखी थी। साथ ही अपने-अपने आंगन में गुरुवर के चरण पखार कर अपने आप को धन्य और गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। मुनि श्री की प्रसन्नता भी वात्सल्य भी देखने योग्य था। शोभायात्रा मंदिर पहुंची, जहां लगभग एक घंटा सभी श्रद्धालुओं ने एक घंटे तक भक्ति नृत्य किए और गुरुदेव के जयकारे से पूरा क्षेत्र धर्ममय कर दिया। मंदिर प्रांगण में बाल ब्रह्मचारी प्रतिष्ठाचार्य चक्रेश भैया जी के निर्देशन और मंत्रोच्चार के बीच ध्वजारोहण कर्ता परिवार ने ध्वजारोहण किया। मंदिर प्रांगण में आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के चित्र का अनावरण और दीप प्रज्वलन चिखलदा के पाटोदी परिवार को प्राप्त हुआ। मुनि श्री प्रणुत सागर जी के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य सौधर्म इंद्र परिवार नवीनकुमार राजमल जैन परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>जीवन में अपना मालिक और गुरु जरूर किसी को बनाना</strong></p>
<p>मुनिश्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य दोशी परिवार गांधी नगर इंदौर वालों को प्राप्त हुआ। मुनि श्री ने कहा कि अपने जीवन में अपना मालिक और गुरु जरूर किसी को बनाना, जिससे आपकी समस्या समाप्त होगी और वो हमेशा तुम्हारी देखभाल करेंगे। रक्षा करेंगे, आशीर्वाद देंगे। गुरुदेव ने कहा कि जीवन में गाय बनकर रहना शेर बनकर मत रहना। मुनिश्री ने दृष्टांत देते हुए बताया कि शेर के ऊपर विपत्ति आएगी तो उसे बचाने कोई नहीं आता क्योंकि, शेर तो जंगल का राजा है और गाय पर कोई विपत्ति आती है तो उसका मालिक ढूंढते हुए आता है और उसकी सेवा सुश्रुषा करता है।</p>
<p><strong>तुम्हारा तीव्र पुण्य है कि तुम इस कार्य में सहभागी हो</strong></p>
<p>गुरुदेव ने कहा कि अपनी भक्ति ऐसी करना कि भगवान को भी लगे। आप बहुत भाग्यशाली हो जो 800 वर्ष पुराने भगवान की प्रतिमा को नए उच्च आसान पर विराजित कर रहे हो और ये सब भगवान की मर्जी से ही हो रहा है। यदि भगवान की मर्जी नहीं होती तो तुम इस कार्यक्रम को इतनी भव्यता के साथ करवा ही नहीं सकते थे। जीवन में जो कुछ भी हो रहा है या होता है। वो प्रभु की इच्छा से ही होता है तुम्हारा तीव्र पुण्य है कि तुम इस कार्य में सहभागी हो। जब तुम पर्याय बदल कर स्वर्ग में जाओगे ना तो तुम्हारी उस पीढ़ी के लोग जिन्होंने मंदिर निर्माण करवाया है। तुम्हारी अगवानी करने आयेंगे और कहेंगे कि तुमने मंदिर की और उम्र बढ़ा दी।</p>
<p><strong>याग मंडल विधान और वास्तु शांति विधान हुआ</strong></p>
<p>मुनि श्री ने सभी समाज को खूब-खूब बधाई आशीर्वाद दिया और कहा कि खूब धर्म के कार्य किया करो। कभी कोई अवरोध पैदा मत करना। इसके बाद मुनि श्री ससंघ की आहारचर्या हुई। दोपहर में सह प्रतिष्ठाचार्य चक्रेश भैया के निर्देशन और भोपाल से आए संगीतकार लोकेश जैन एंड पार्टी के मधुर भजनों की लय ताल पर थिरकते हुए सभी इंद्र-इंद्राणी ने खुश भक्ति भाव पूर्वक याग मंडल विधान और वास्तु शांति विधान हुआ। शाम को भगवान की आरती मुनि श्री की आरती और खूब उल्लास,उत्साह,उमंग ,हर्ष के बीच भक्ति करते हुए संपन्न हुई। मुनि श्री द्वारा अन्य धार्मिक संस्कार संपन्न किए। यह जानकारी मनीष जैन ने दी।</p>
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		<title>आज बड़े बाबा के दर्शन कर मन गदगद है : मुनि श्री प्रमाण सागर जी ससंघ की कुण्डलपुर में हुई भव्य मंगल अगवानी </title>
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		<pubDate>Thu, 01 Jan 2026 12:56:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के परमप्रभावक शिष्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ससंघ की भव्य मंगल अगवानी कुण्डलपुर में हुई। कुंडलपुर से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर&#8230; कुण्डलपुर (दमोह)। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के परमप्रभावक शिष्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज [&#8230;]]]></description>
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<p>आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के परमप्रभावक शिष्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ससंघ की भव्य मंगल अगवानी कुण्डलपुर में हुई। <span style="color: #ff0000">कुंडलपुर से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर&#8230;</span></p>
<hr />
<p>कुण्डलपुर (दमोह)। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के परमप्रभावक शिष्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ससंघ की भव्य मंगल अगवानी कुण्डलपुर में हुई। प्रचारमंत्री जयकुमार जलज ने बताया कि मुनिश्री संघ सहित कुण्डलपुर पहुंचते ही सीधे पर्वत चढ़ाई मार्ग से बड़े बाबा मंदिर पहुंचे। चढ़ाई मार्ग पर चलते हुए मुनि श्री ने अपने संघस्थ साधुओं को मार्ग के दोनों ओर लगे वृक्षों एवं पूरे पहाड़ी क्षेत्र पर लगे वृक्षों की श्रृंखला को दिखलाते हुए बताया कि यहां सदा हरियाली रहती है। यह गुरुदेव की ही सोच का परिणाम है। मुनि श्री ने सीधे बड़े बाबा मंदिर जी जाकर पूज्य बड़े बाबा के ससंघ दर्शन किए और वहां से शंका समाधान के सत्र में सम्मिलित हुए। जहां पर मुनि श्री ने अपना मंगल आशीष देते हुए कहा कि आज बड़े बाबा के चरणों में आते हुए हमारा एवं सभी का मन बहुत उत्साहित था। आज बड़े बाबा के दर्शन कर मन गदगद हो गया।बड़े बाबा को अपने में समाए हुए गुरुदेव का दर्शन मुझे हुआ। यह क्षेत्र परम पूज्य गुरुदेव का ऋणी है। गुरुदेव ने सहस्त्रों वर्ष के लिए इस क्षेत्र को संरक्षित कर दिया। कितनी कठिनाइयां आई, कितना संघर्ष झेलना पड़ा, गुरुदेव के आशीर्वाद से और पूज्य बड़े बाबा के वरदान से सब कुछ ठीक-ठाक हो गया। पहले के कुंडलपुर और आज के कुंडलपुर में बहुत अंतर है। जब भगवान का गगन विहार हो रहा था मैं यहां नहीं था, कोलकाता में था पर मेरी आत्मा यही थी। सबके मन में डर था शंका कुशंकाएं थीं ,लेकिन कमेटी तत्परता से लगी रही । इस धरा पर एक ही आत्मा निशंकित थी। वह निशंक होकर पूज्य बड़े बाबा का गगन विहार देखते रहे । इस वाक्या को 20 साल हो जाएंगे।</p>
<p><strong>कल्पवृक्ष सौंपा है सबसे खूबसूरत जगह बनाना है</strong></p>
<p>गुरुदेव कभी विचलित नहीं हुए उन्होंने सदैव कहा चिंता मत करो बड़े बाबा सब ठीक कर देंगे सब ठीक हो जाएगा। 2022 का महोत्सव भी बड़े बाबा की कृपा से अच्छी तरह होगा गुरुदेव ने कहा। गुरुदेव तो दिव्य दृष्टा थे बड़े बाबा का स्थानांतरण आवश्यक था। किसी ने भी इसको नहीं भापा इसको एक ही शख्सियत गुरुदेव जिन्होंने यह निर्णय ले लिया। यहां जो कुछ भी हुआ है वह बड़े बाबा और छोटे बाबा का आंतरिक संवाद का फल है। उन्होंने कल्पवृक्ष सौंपा है। सभी को इसको सबसे खूबसूरत जगह बनाना है। भारत सरकार किसी भी अतिथि को लेकर आए तो ताजमहल बाद में पहले यहां लाने का विचार बनाएं। इसे ऐसा विकसित करना।भव्य विशाल मंदिर बनाया गया यहां की भव्यता देखते बनती है। इतने में संतुष्ट होना पर्याप्त नहीं है। इसे भारत का सबसे सुंदर धर्म स्थल के रूप में प्रतिष्ठित करना चाहिए। आज मन बहुत गदगद है।</p>
<p><strong>अगवानी में यह लोग शामिल रहे</strong></p>
<p>मुनिश्री की अगवानी में प्रवेश द्वार पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी ने पाद प्रक्षालन किया। अगवानी में गौरझामर दिव्या घोष एवं अखाड़ा पथरिया विरागोदय महिला मंडल 60 सदस्य टीम, हटा से कलश लिए हुए महिला मंडल, जिन शरण विद्या विराग महिला मंडल दमोह ,जैन मिलन दमोह नेमीनगर शाखा, जिनवाणी महिला मंडल, महिला परिषद, सिंघई महिला मंडल दमोह वाद्य यंत्रों के साथ, कांच मंदिर महिला मंडल ,भाई जी मंदिर महिला मंडल, राजीव नगर कॉलोनी महिला मंडल, टंडन बगीचा महिला मंडल, सुधा कलश महिला मंडल पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षण का केंद्र रहा ,चौधरी मंदिर 60 सदस्य महिला मंडल, णमोकार महिला मंडल ,बड़ा मंदिर महिला मंडल ,आदर्श जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा अगवानी प्रभारी, पाटन धमाल पार्टी, मुड़िया बैंड पार्टी ,पटेरा के युवा धर्म ध्वज के साथ ,पलंदी मंदिर प्रतिभा मंडल ,नसिया महिला मंडल, जैन मिलन वरिष्ठ शाखा के साथ, बड़े मंदिर ,चौधरी मंदिर और अन्य पाठशालाओं के बच्चे भी अगवानी में शामिल थे।</p>
<p><strong>परिक्रमा लगाकर अभिवादन किया</strong></p>
<p>बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से आए हुए श्रद्धालु भक्तगण अगवानी में चल रहे थे। पटेरा से लेकर बड़े बाबा मंदिर परिसर तक पूरे रास्ते में रंगोली की दिव्या छठ देखते ही बनती थी। यहां पर पूर्व में विराजित मुनि अनुपम सागर जी, मुनि संयम सागर जी एवं माता जी ने मुनि संघ की अगवानी की और पूर्णयु के सामने परिक्रमा लगाकर अभिवादन किया।</p>
<p><strong>अभिषेक, शांतिधारा की</strong></p>
<p>नववर्ष 2026 एक जनवरी को प्रातः पूज्य बड़े बाबा मंदिर परिसर में भावना योग सुबह 8:30 से 9:30 और पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, भक्तामर महामंडल विधान, पूजन विधान का कार्यक्रम के साथ नए वर्ष का शुभारंभ किया गया। शंका समाधान का कार्यक्रम भी हुआ। रात्रि में 8:00 बजे से सुप्रसिद्ध गायक नीलेश जैन म्यूजिकल ग्रुप बुढ़ार के कलाकारों द्वारा भव्य भक्ति संध्या के आयोजन मैं श्रद्धालु भक्तों ने भक्ति गीतों का भरपूर आनंद लिया और पूज्य बड़े बाबा की महाआरती की।</p>
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		<title>महरौनी में हुई मंगल अगवानी :  आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज का मंगल विहार सागर की ओर </title>
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		<pubDate>Sat, 16 Mar 2024 11:30:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज का ससंघ विहार सागर, मध्यप्रदेश की ओर चल रहा है। आचार्य श्री की 15 मार्च को मंगल आगवानी उत्तर प्रदेश के महरौनी नगर में हुई, जहां श्रावक हर्षपूर्वक आचार्य श्री को गाजे-बाजे के साथ मंदिर जी में लाये। पढ़िए राजीव सिंघा सिंघई रिपोर्ट&#8230; महरौनी। आचार्य श्री निर्भय सागर जी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज का ससंघ विहार सागर, मध्यप्रदेश की ओर चल रहा है। आचार्य श्री की 15 मार्च को मंगल आगवानी उत्तर प्रदेश के महरौनी नगर में हुई, जहां श्रावक हर्षपूर्वक आचार्य श्री को गाजे-बाजे के साथ मंदिर जी में लाये। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजीव सिंघा सिंघई रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी।</strong> आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज का ससंघ विहार सागर, मध्यप्रदेश की ओर चल रहा है। आचार्य श्री की 15 मार्च को मंगल आगवानी उत्तर प्रदेश के महरौनी नगर में हुई, जहां श्रावक हर्षपूर्वक आचार्य श्री को गाजे-बाजे के साथ मंदिर जी में लाये। यहां दिगम्बर जैन पंचायत समिति ने पादपक्षालन किया। तत्पश्चात आचार्य श्री ने धर्म सभा को संबोधित कर अपनी अमृतवाणी से सिंचित किया। आचार्य श्री के पडगाहन और आहार देने का सौभाग्य श्री सर्वतोभद्र जैन सोशल ग्रुप के अध्यक्ष वीरेंद्र डोगरया को प्राप्त हुआ। दोपहर में आचार्य श्री का मंगल विहार मड़ावरा की ओर हुआ। रात्रि विश्राम सैदपुर में हुआ।</p>
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		<title>जगह-जगह बनाए तोरणद्वार : महावीर तपो भूमि में गुरुदेव की मंगलमय अगवानी </title>
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		<pubDate>Tue, 20 Jun 2023 11:19:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[उज्जैन (राजेश जैन दद्दू)। महावीर तपोस्थली उज्जैन में चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर महामुनिराज के परम शिष्य मुनि श्री 108 सुप्रभ सागर जी का ससंघ मंगल चातुर्मास हेतु प्रवेश पर दिगंबर जैन सोशल ग्रुप सम्यक द्वारा भव्य मंगलमय अगवानी बड़े उत्साह के साथ की गई। इस अवसर पर समस्त जैन समाज मौजूद था। संघ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उज्जैन (राजेश जैन दद्दू)।</strong> महावीर तपोस्थली उज्जैन में चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागर महामुनिराज के परम शिष्य मुनि श्री 108 सुप्रभ सागर जी का ससंघ मंगल चातुर्मास हेतु प्रवेश पर दिगंबर जैन सोशल ग्रुप सम्यक द्वारा भव्य मंगलमय अगवानी बड़े उत्साह के साथ की गई। इस अवसर पर समस्त जैन समाज मौजूद था। संघ का जगह-जगह तोरणद्वार बना और पाद प्रक्षालन कर स्वागत किया गया।</p>
<p><iframe title="महावीर तपो भूमि में गुरुदेव की मंगलमय अगवानी | shreephal Jain News |" width="1320" height="743" src="https://www.youtube.com/embed/wZtvdg1RvNE?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" allowfullscreen></iframe></p>
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