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	<title>Mahavir Digambar Jain Temple &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Mahavir Digambar Jain Temple &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>9 दिवसीय सिद्धचक्र विधान में कर्म दहन के 256 अर्घ्य समर्पित : विश्व शांति एवं सर्वजन मंगल की भावना से श्रद्धालुओं ने किया धर्मलाभ </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 12:02:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कुचामन सिटी स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के चतुर्थ दिवस श्रद्धापूर्वक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। कर्म दहन के 256 अर्घ्य समर्पित कर विश्व शांति एवं सर्वजन मंगल की कामना की गई। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट। कुचामन सिटी। श्री 1008 भगवान महावीर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>कुचामन सिटी स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के चतुर्थ दिवस श्रद्धापूर्वक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। कर्म दहन के 256 अर्घ्य समर्पित कर विश्व शांति एवं सर्वजन मंगल की कामना की गई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुचामन सिटी।</strong> श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड पर विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं अमन-चैन की मंगलकामना से आयोजित नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के चतुर्थ दिवस विविध धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्न हुए।</p>
<p><strong>भव्य कलशाभिषेक एवं शांतिधारा</strong></p>
<p>प्रातःकाल कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन हुआ। शांतिधारा का सौभाग्य लालचन्द, जितेन्द्र, नीरज, चिराग पहाड़िया परिवार, विनोद कुमार, सुमित कुमार, विपुल गंगवाल परिवार, सुरेश कुमार, मोहित गंगवाल परिवार तथा ओमप्रकाश, अमित कुमार, विकास एवं विपिन परिवार (डिमापुर वाले) को प्राप्त हुआ। सभी ने श्रद्धापूर्वक शांतिधारा कर धर्मलाभ अर्जित किया।</p>
<p><strong>अष्टान्हिका पर्व का महत्व</strong></p>
<p>चिरजलाल एवं तेजकुमार बड़जात्या ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व वर्ष में तीन बार मनाया जाता है तथा इन अवसरों पर नंदीश्वर द्वीप विधान एवं सिद्धचक्र विधान का विशेष महत्व माना जाता है। विधान पूजन में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर पुण्यार्जन किया।</p>
<p><strong>कर्म दहन के 256 अर्घ्य समर्पित</strong></p>
<p>सुरेश पांड्या एवं माणकचंद काला ने बताया कि कलशाभिषेक के पश्चात देव-शास्त्र पूजन, पंचमेरु पूजन, नंदीश्वर द्वीप पूजन तथा मूलनायक भगवान महावीर स्वामी की पूजा सम्पन्न हुई। इसके उपरांत श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान में कर्म दहन के 256 अर्घ्य विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं सर्वजन मंगल की भावना के साथ समर्पित किए गए।</p>
<p><strong>श्रद्धालुओं ने किया धर्मलाभ</strong></p>
<p>विधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया तथा विश्व कल्याण, शांति और सद्भाव की मंगलकामना की।</p>
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		<title>सिद्धचक्र विधान में 32 गुणों सहित 64 ऋद्धियों के अर्घ्य समर्पित : विश्व शांति एवं सुख-समृद्धि की मंगलकामना के साथ हुई आराधना </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Jul 2026 16:11:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कुचामन सिटी स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने 32 गुणों एवं 64 ऋद्धियों के अर्घ्य समर्पित कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और अमन-चैन की मंगलकामना की। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट। कुचामन सिटी। श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>कुचामन सिटी स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने 32 गुणों एवं 64 ऋद्धियों के अर्घ्य समर्पित कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और अमन-चैन की मंगलकामना की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुचामन सिटी।</strong> श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर, डीडवाना रोड, कुचामन सिटी में विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं अमन-चैन की मंगलभावना से आयोजित नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत बुधवार को प्रातः भव्य कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ।</p>
<p><strong>कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का सौभाग्य</strong></p>
<p>कलशाभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रावक श्रेष्ठी भंवरलाल, कमला देवी, जूली, आशीष, जीती एवं यश झाझरी परिवार तथा राजेश, मंजूला, मनोज, ममता, अंकित, नीता एवं रम्यक पांडया परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>अष्टान्हिका पर्व का महत्व</strong></p>
<p>लालचंद पहाड़िया ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व वर्ष में तीन बार—कार्तिक, फाल्गुन एवं आषाढ़ मास में मनाया जाता है। इन पावन अवसरों पर नंदीश्वर द्वीप विधान एवं सिद्धचक्र विधान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस अवसर पर 21 श्रावकों ने भगवान का जलाभिषेक कर पुण्यार्जन अर्जित किया।</p>
<p><strong>32 गुणों एवं 64 ऋद्धियों के अर्घ्य समर्पित</strong></p>
<p>सुरेश पांडया ने बताया कि कलशाभिषेक के पश्चात देव-शास्त्र पूजन, पंचमेरु पूजन, नंदीश्वर द्वीप पूजन एवं मूलनायक भगवान महावीर की पूजा सम्पन्न हुई। इसके बाद आयोजित सिद्धचक्र विधान में श्रद्धालुओं ने 32 गुणों सहित 64 ऋद्धियों के अर्घ्य समर्पित कर विश्व शांति एवं समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगलकामना की।</p>
<p><strong>श्रद्धालुओं की रही उत्साहपूर्ण सहभागिता</strong></p>
<p>विधान में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता करते हुए भक्ति एवं श्रद्धा के साथ पूजन-अर्चन किया तथा धर्मलाभ अर्जित किया। पूरे मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण बना रहा।</p>
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		<title>विश्व शांति के लिए श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान का हुआ शुभारम्भ </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 14:03:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कुचामन सिटी स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में अष्टान्हिका पर्व के पावन अवसर पर विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगल भावना के साथ श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान का श्रद्धापूर्वक शुभारम्भ हुआ। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट। कुचामन सिटी। श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>कुचामन सिटी स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में अष्टान्हिका पर्व के पावन अवसर पर विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगल भावना के साथ श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान का श्रद्धापूर्वक शुभारम्भ हुआ। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुचामन सिटी।</strong> श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, डीडवाना रोड में अष्टान्हिका पर्व के शुभ अवसर पर विश्व शांति, अमन-चैन, रोग-शोक एवं भय के निवारण, सर्वसौभाग्य, समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ति की मंगल भावना के साथ श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान का विधिवत शुभारम्भ हुआ। श्रद्धालुओं ने अनन्तानन्त सिद्ध परमेष्ठियों की आराधना कर विश्व कल्याण की मंगल कामना की।</p>
<p>लालचंद पहाड़िया ने बताया कि विधान के प्रथम दिन सौधर्म इन्द्र बनकर शांतिधारा एवं जिनवाणी विराजमान कराने का सौभाग्य श्रावकश्रेष्ठी चिरंजीलाल, हीरामणी, अशोक, प्रीति एवं भव्य पाटोदी परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं मंगल कलश स्थापना का पुण्यार्जन राजेश कुमार, मनोज कुमार, ममता एवं प्रतीक पांड्या परिवार ने किया।</p>
<p>सुभाष पहाड़िया ने बताया कि प्रातःकाल कलशाभिषेक एवं शांतिधारा के उपरांत देव-शास्त्र-गुरु पूजन, चौबीसी पूजन, भगवान महावीर पूजन, पंचमेरु पूजन, नन्दीश्वर द्वीप पूजन तथा श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ।</p>
<p>विधान में चिरंजीलाल-हीरामणी पाटोदी, भंवरलाल-कमला देवी झांझरी, तेजकुमार-शकुन्तला बड़जात्या, माणकचन्द-चन्दा देवी काला, सुरेश कुमार-संतोष देवी पांड्या, लालचंद-सुभाषचन्द पहाड़िया तथा विमल-अमित पाटोदी परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धापूर्वक भगवान सिद्ध को 8 एवं 16 अर्घ्य समर्पित कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगल कामना की।</p>
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		<title>इंदौर में 3 दिवसीय भव्य दीक्षा महोत्सव का हुआ शुभारंभ : मंजू दीदी 22 जुलाई को लेंगी जैन दीक्षा, आचार्य सिद्धांत सागर जी का सान्निध्य </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_grand_3day_deeksha_mahotsav_was_inaugurated_in_indore/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 11:55:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मोह-माया का त्याग कर संयम और साधना के पथ पर अग्रसर होने का दुर्लभ अवसर इस बार इंदौर के परिवहन नगर में श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। यहां 20 से 22 जुलाई तक &#8220;भव्य दीक्षा महोत्सव&#8221; का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें परिवार और समाज की लाडली मंजू दीदी जैन दीक्षा ग्रहण कर आर्यिका जीवन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मोह-माया का त्याग कर संयम और साधना के पथ पर अग्रसर होने का दुर्लभ अवसर इस बार इंदौर के परिवहन नगर में श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। यहां 20 से 22 जुलाई तक &#8220;भव्य दीक्षा महोत्सव&#8221; का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें परिवार और समाज की लाडली मंजू दीदी जैन दीक्षा ग्रहण कर आर्यिका जीवन में प्रवेश करेंगी। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह विशेष खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> मोह-माया का त्याग कर संयम और साधना के पथ पर अग्रसर होने का दुर्लभ अवसर इस बार इंदौर के परिवहन नगर में श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। यहां 20 से 22 जुलाई तक &#8220;भव्य दीक्षा महोत्सव&#8221; का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें परिवार और समाज की लाडली मंजू दीदी जैन दीक्षा ग्रहण कर आर्यिका जीवन में प्रवेश करेंगी। यह मंगल आयोजन महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, परिवहन नगर में आचार्य श्री सिद्धांत सागर जी महाराज के परम सान्निध्य में संपन्न होगा। आचार्य श्री के आशीर्वाद से यह तीन दिवसीय वैराग्य उत्सव धर्म, त्याग और भक्ति का अनुपम उदाहरण बनेगा।</p>
<p><strong>मेहंदी और गोद भराई हुई</strong></p>
<p>आयोजकों के अनुसार दीक्षा महोत्सव का शुभारंभ 20 जुलाई सोमवार को दोपहर 2 बजे मेहंदी एवं हल्दी रस्म के साथ हुआ। यह मांगलिक उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शाम 7 बजे भावभीनी गोद भराई का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें समाज की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।</p>
<p><strong>बिनौली मंगलवार को</strong></p>
<p>दूसरा दिन 21 जुलाई, मंगलवार को अत्यंत विशेष रहेगा। प्रातः 8 बजे भव्य नगर भ्रमण निकाला जाएगा। इसे बिनौली या वैराग्य जुलूस के नाम से भी जाना जाता है। जुलूस में श्रद्धालु दीदी के वैराग्य भाव की अनुमोदना करते हुए चलेंगे। संध्या काल में 48 दीपकों से महाप्रभाविक भक्तांबर स्तोत्र का पाठ किया जाएगा। दीपों की पंक्तियों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठेगा।</p>
<p><strong>22 जुलाई को होगी दीक्षा</strong></p>
<p>महोत्सव का मुख्य और अंतिम दिन 22 जुलाई बुधवार को होगा। प्रातः काल महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में भव्य जैन दीक्षा समारोह आयोजित किया जाएगा। इस पवित्र बेला में मंजू दीदी दीक्षा विधि संपन्न कर संयम पथ पर आरूढ़ होंगी और सांसारिक जीवन का त्याग कर साध्वी जीवन स्वीकारेंगी।</p>
<p><strong>वैराग्य उत्सव में पधारने का आग्रह</strong></p>
<p>समाज अध्यक्ष नवनीत जैन काका एवं आयोजन समिति ने समाज के सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार इस अभूतपूर्व वैराग्य उत्सव में पधारने का सादर आमंत्रण दिया है। समिति का कहना है कि दीदी के संयम मार्ग की सराहना कर इस पुण्यमयी वेला के साक्षी बनना प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सौभाग्य की बात होगी।</p>
<p><strong>दीक्षा आत्मकल्याण का सर्वोच्च मार्ग</strong></p>
<p>जैन धर्म में दीक्षा को आत्मकल्याण का सर्वोच्च मार्ग माना जाता है। मंजू दीदी का यह निर्णय न केवल उनके परिवार के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा। इंदौर के जैन समाज में इस दीक्षा को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। तीनों दिन मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम, भजन और प्रवचन का क्रम भी जारी रहेगा।</p>
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		<title>अक्षय तृतीया पर कमला नगर महिला मंडल का सेवा भाव : महावीर दिगंबर जैन मंदिर में निःशुल्क गन्ने के रस वितरण कर श्रद्धालुओं को दी राहत </title>
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		<pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:17:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर सोमवार को कमला नगर स्थित डी-19 महावीर दिगंबर जैन मंदिर में सेवा, समर्पण और धर्मभावना का अनुपम दृश्य देखने को मिला। कमला नगर महिला मंडल द्वारा भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं एवं राहगीरों के लिए निःशुल्क गन्ने के रस का वितरण किया गया। आगरा से पढ़िए, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर सोमवार को कमला नगर स्थित डी-19 महावीर दिगंबर जैन मंदिर में सेवा, समर्पण और धर्मभावना का अनुपम दृश्य देखने को मिला। कमला नगर महिला मंडल द्वारा भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं एवं राहगीरों के लिए निःशुल्क गन्ने के रस का वितरण किया गया। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर सोमवार को कमला नगर स्थित डी-19 महावीर दिगंबर जैन मंदिर में सेवा, समर्पण और धर्मभावना का अनुपम दृश्य देखने को मिला। कमला नगर महिला मंडल द्वारा भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं एवं राहगीरों के लिए निःशुल्क गन्ने के रस का वितरण किया गया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, जहां ठंडे और ताजे गन्ने के रस ने लोगों को राहत प्रदान की और सभी ने इस सेवा कार्य की सराहना की। इस पुण्य कार्य का शुभारंभ मंजू जैन पत्नी जेसी जैन द्वारा प्रथम गन्ना डालकर किया गया। जो पूरे आयोजन का विशेष आकर्षण रहा। उनके इस सहयोग की सभी ने प्रशंसा की। इस कार्यक्रम में महिला मंडल की सदस्याओं प्रमिला जैन, मीना जैन, शशि जैन, रश्मि गोयल जैन, नीरू जैन, शर्मिला जैन, दीप्ति जैन, शशि सन्मति, पुष्पा जैन, उषा जैन, माधुरी जैन, सुविणा जैन, रेनू गर्ग, इंदू जैन सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।</p>
<p>सभी ने पूरे उत्साह और सेवा भाव के साथ गन्ने के रस का वितरण किया। यह आयोजन न केवल एक सेवा कार्य था बल्कि समाज में एकता, सहयोग और परोपकार की भावना को भी मजबूत करने वाला रहा। ऐसे कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ धर्म के प्रति आस्था को भी सुदृढ़ करते हैं।</p>
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		<title>परिवहन नगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में महामंत्र जाप में दिखी अगाध श्रद्धा : विश्व शांति के लिए सामूहिक णमोकार पाठ में जुटा समाज </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/profound_devotion_was_witnessed_during_the_chanting_of_the_mahamantra_at_the_shri_mahavir_digambar_jain_temple_located_in_parivahan_nagar/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 17:55:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शहर के परिवहन नगर स्थित श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार सुबह का दृश्य अत्यंत अलौकिक और भक्तिमय रहा। अवसर था विश्व शांति की मंगल भावना के साथ आयोजित &#8220;सामूहिक णमोकार मंत्र पाठ&#8221; का। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;          इंदौर। शहर के परिवहन नगर स्थित श्री 1008 महावीर दिगंबर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>शहर के परिवहन नगर स्थित श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार सुबह का दृश्य अत्यंत अलौकिक और भक्तिमय रहा। अवसर था विश्व शांति की मंगल भावना के साथ आयोजित &#8220;सामूहिक णमोकार मंत्र पाठ&#8221; का। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;       </span>  </strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> शहर के परिवहन नगर स्थित श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार सुबह का दृश्य अत्यंत अलौकिक और भक्तिमय रहा। अवसर था विश्व शांति की मंगल भावना के साथ आयोजित &#8220;सामूहिक णमोकार मंत्र पाठ&#8221; का, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और धर्म लाभ लिया।</p>
<p><strong>भक्ति और श्रद्धा का संगम</strong></p>
<p>प्रातः 8 बजे से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महावीर के चरणों में दीप प्रज्ज्वलन और गुरु वंदना के साथ हुई। ठीक 8 बजे सामूहिक जाप प्रारंभ हुआ, जो अनवरत 9 बजे तक चला। एक घंटे तक चले इस अनुष्ठान में मंदिर का विशाल प्रांगण मंत्रोच्चार की पावन ध्वनि से गुंजायमान हो उठा। श्वेत वस्त्र धारण किए श्रावक-श्राविकाओं ने अत्यंत एकाग्रता और शुद्धि के साथ महामंत्र णमोकार का जाप किया। भक्तों का उत्साह और श्रद्धा देखते ही बनती थी, मानो पूरा वातावरण अध्यात्म के रंग में सराबोर हो गया हो।</p>
<p><strong>विश्व शांति की मंगल कामना</strong></p>
<p>इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विश्व में बढ़ती अशांति, वैमनस्य और हिंसा को दूर कर अहिंसा और करुणा का संदेश फैलाना था। कार्यक्रम में जैन धर्म के मूल आधार &#8216;णमोकार मंत्र&#8217; की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि पंच परमेष्ठियों को नमन करने वाली एक ऐसी शक्ति है, जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ती है। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भावना भाई कि संपूर्ण जगत में सुख-समृद्धि का वास हो, महामारियों और प्राकृतिक आपदाओं का नाश हो और सभी जीव &#8216;जीओ और जीने दो&#8217; के सिद्धांत का पालन करें।</p>
<p><strong>समाज की एकजुटता</strong></p>
<p>आयोजन के अंत में सामूहिक आरती की गई और उपस्थित जनसमूह को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया गया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजनों से न केवल समाज में धार्मिक चेतना जागृत होती है, बल्कि युवा पीढ़ी को भी अपनी जड़ों और संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलता है।</p>
<p>इस सफल आयोजन में मंदिर के अध्यक्ष नवनीत जैन सहित स्थानीय रहवासियों और दिगंबर जैन समाज का विशेष सहयोग रहा।</p>
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		<title>भगवान महावीर की रथयात्रा में उमड़ा भव्य आस्था का सैलाब : भगवान महावीर के जयकारों से सराबोर रहा आगरा </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 06:35:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में शहर में अपार श्रद्धा,उल्लास और भव्यता के साथ विशाल रथयात्रा का आयोजन किया गया। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230; आगरा। भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में शहर में अपार श्रद्धा,उल्लास और भव्यता के साथ विशाल रथयात्रा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में शहर में अपार श्रद्धा,उल्लास और भव्यता के साथ विशाल रथयात्रा का आयोजन किया गया। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में शहर में अपार श्रद्धा,उल्लास और भव्यता के साथ विशाल रथयात्रा का आयोजन किया गया। श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, हनुमान चौराहा, मोती कटरा से निकली इस भव्य रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। 12 वर्षों बाद मोती कटरा क्षेत्र को इस ऐतिहासिक आयोजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिससे क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आचार्य श्री चैत्य सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में यह आयोजन हुआ। प्रातः 8:30 बजे रथयात्रा का शुभारंभ राज्यसभा सांसद नवीन जैन द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस रथ यात्रा की प्रथम आरती करने का सौभाग्य प्रदीप जैन पीएनसी परिवार को प्राप्त हुआ| रथयात्रा का दृश्य अत्यंत मनोहारी और भक्तिमय रहा। सुसज्जित रथ पर विराजमान भगवान महावीर की झांकी के साथ नगर भ्रमण कराया गया। पूरे मार्ग में “भगवान महावीर की जय” के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा, जिससे पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। इस यात्रा में ताशा दल, 12 बैंड, 12 बगियाँ, जैन ध्वज, मंगल कलश सहित अनेक आकर्षक झांकियां शामिल रहीं—जिनमें आचार्य विद्यासागर जी, शांतिनाथ भगवान, नेमिनाथ भगवान की बारात, वर्धमान से महावीर, पांडुक शिला, बाहुबली भगवान, आदिनाथ भगवान, राजा सिद्धार्थ, माता के सोलह स्वप्न, कुबेर द्वारा धनवर्षा, अहिंसा का संदेश, पावापुरी, चंदनबाला आहार सहित अनेक धार्मिक एवं प्रेरणादायक दृश्य प्रस्तुत किए गए। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने कार्यक्रम में चार चांद लगाए। एटा का मयूर नृत्य, महाराष्ट्र की डीजे पार्टी, असम के कलाकारों की म्यूजिकल प्रस्तुति, सपेरा बीन बैंड, भरतनाट्यम नृत्य, राजस्थान और इटावा के कलाकारों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जहां श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शीतल जल एवं जलपान की व्यवस्था भी की गई।</p>
<p>जिनवाणी रथ, पांडुक शिला रथ, चांदी का रथ, हाथी एवं घोड़े वाले रथ विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। रथयात्रा को चार सेक्टरों—नवकार युवा मंच अवधपुरी, अरिहंत सेवा मंडल नुनिहाई एवं यमुना कॉलोनी, शांतिनाथ युवा मंडल जयपुर हाउस एवं एनसीसी क्लब छीपीटोला—में विभाजित कर सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया गया। यात्रा मोती कटरा से प्रारंभ होकर पटेल नगर, हींग की मंडी, सब्जी मार्केट, फव्वारा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, दरेसी, धूलियागंज और बेलनगंज होते हुए एम.डी. जैन इंटर कॉलेज, हरीपर्वत पहुंची। पूरे मार्ग में आकर्षक सजावट, तोरण द्वार और स्वागत मंच बनाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का अभिनंदन किया। अनेक स्थानों पर सामाजिक संगठनों द्वारा स्वागत, आरती एवं भक्ति गीतों का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण और अधिक आध्यात्मिक बन गया। एम.डी. जैन इंटर कॉलेज परिसर में निर्यापक मुनि श्री विलोक सागर जी महाराज ससंघ एवं आयिका श्री सत्यमति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य एवं विधानाचार्य पंडित श्री अभिषेक जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में पांडुकशिला पर श्रीजी की प्रतिमाओं को विराजमान कर विधिवत अभिषेक किया गया। रात्रि में महिलाओं द्वारा भगवान के बाल स्वरूप को पालने में झुलाने का भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें भजन, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।</p>
<p>इस रथयात्रा का संचालन रथयात्रा संयोजक एवं महामंत्री अनंत कुमार जैन एवं मनोज जैन बाकलीवाल द्वारा किया गया| इस अवसर पर प्रदीप जैन पीएनसी, चक्रेश जैन,निर्मल मोठ्या,हीरा लाल बैनाड़ा,जगदीश प्रसाद जैन मनीष कुमार जैन ठेकेदार,राकेश कुमार पर्देवाले,राजेंद्र कुमार जैन,मनोज कुमार जैन बल्लो,विमल जैन,महावीर प्रसाद जैन,अजीत जैन, जयंती प्रसाद जैन,रविंद्र कुमार जैन,मोक्ष जैन,गिरीश जैन,पंकज जैन,पीयूष जैन,मीडिया प्रभारी शुभम जैन राहुल जैन समस्त मोती कटरा जैन समाज एवं आगरा सकल जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।</p>
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		<title>आर्यिका विशुद्धमति माताजी ससंघ का तलवंडी जैन मंदिर में मंगल प्रवेश: श्रद्धालुओं ने पलक पांवडे बिछा की भव्य अगवानी  </title>
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		<pubDate>Fri, 26 Dec 2025 12:34:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आर्यिका विशुद्धमति माताजी, आर्यिका विज्ञमति माताजी 8 पिच्छी ससंघ का गुरुवार को तलवंडी जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ। यहां श्रद्धालुओं ने उनका भाव भीना अभिनंदन कर अगवानी की। कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230; कोटा। आर्यिकाश्री विशुद्धमति माताजी एवं आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी 8 पिच्छी ससंघ का नगर के तलवंडी क्षेत्र [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आर्यिका विशुद्धमति माताजी, आर्यिका विज्ञमति माताजी 8 पिच्छी ससंघ का गुरुवार को तलवंडी जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ। यहां श्रद्धालुओं ने उनका भाव भीना अभिनंदन कर अगवानी की। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> आर्यिकाश्री विशुद्धमति माताजी एवं आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी 8 पिच्छी ससंघ का नगर के तलवंडी क्षेत्र में गुरुवार को ऐतिहासिक मंगल प्रवेश हुआ। मंगल विहार सुबह 7.30 बजे रामपुरा स्थित जैन गली से प्रारंभ होकर गुमानपुरा मार्ग से शॉपिंग सेंटर जैन मंदिर के दर्शन करते हुए, एरोड्रम होते हुए हवाई अड्डे के सामने से गुजरते हुए श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, तलवंडी पहुंचा। सुबह 8.30 बजे हवाई अड्डे के सामने से बैंडबाजों, ढोल नगाड़ों और धार्मिक ध्वजाओं के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में घोड़े, ऊंटगाड़ी, शहनाई वादन, कच्छी घोड़ी नृत्य एवं पारंपरिक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति लोक कलाकारों ने दी। शानदार लवाजमा माताजी के साथ चला, जो सबके आकर्षण का केंद्र रहा। शोभायात्रा में पाठशाला के छोटे-छोटे बच्चे जैन ध्वजा लेकर पंक्ति बद्ध होकर चले। कोटा शहर के विभिन्न महिला मंडल, गणमान्य श्रेष्ठीजन, युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में शोभायात्रा में शामिल रहे।</p>
<p><strong>जगह-जगह किया गया माताजी का पाद प्रक्षालन </strong></p>
<p>महामंत्री प्रकाश सामरिया ने बताया कि शोभायात्रा मार्ग में जगह-जगह माताजी का पाद प्रक्षालन किया गया। बड़ी संख्या में स्वागत द्वार बनाकर शोभायात्रा का स्वागत किया। शीतकालीन वाचना अध्यक्ष अशोक पहाडिया ने बताया कि माताजी के प्रवास के दौरान श्रद्धालुओं को शीतकालीन वाचना का लाभ मिलेगा। आज के पाद प्रक्षालन, दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट का पुण्य अर्जन अशोक, मंजू पहाड़िया परिवार, ओम, माधुरी अग्रवाल डायमंड वालों ने प्राप्त किया। जुलूस को पिंकेश सांवला, शुभम लुहाड़िया, राजकुमार सहित पूरी युवा शक्ति टीम ने व्यवस्थित रूप से कराया। सभी के अल्पाहार की व्यवस्था राजेश बरमुंडा, मनोज पाटनी ने संभाली। श्री सकल दिगंबर जैन समाज, कोटा के पदाधिकारी प्रकाश बज, जेके जैन , विमल नानता, विमल वर्धमान सहित सभी श्रावक-श्राविकाओं ने अधिक से अधिक संख्या में मंगल विहार में सहभागी बनकर गुरु माताओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p><strong>बच्चे भी संस्कारवान होकर धर्म मार्ग पर बढ़ रहे </strong></p>
<p>राजू लुहाड़िया ने बताया कि आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी ने कहा कि आज से 7 वर्ष पूर्व जब संघ का इस धरा पर प्रवेश हुआ था तब माताजी ने समाज को जो धर्म और ज्ञान के संस्कार दिए थे। वह सब आज फलीभूत हो रहे हैं। यह सब उनके परिवार जनों के संस्कार का ही परिणाम है कि आज छोटे-छोटे बच्चे भी संस्कारवान होकर धर्म के मार्ग में आगे बढ़ रहे हैं और इतना सुंदर मंगलाचरण कर रहे हैं। आज से सात वर्ष पूर्व इसी प्रांगण में बड़ी माताजी के आशीर्वाद से हमने स्वयं को सिंचित किया था। उसी का परिणाम है कि हम धर्म के मार्ग में आगे बढ़ पा रहे हैं। स्वयं का कल्याण कर रहे हैं। सभी भक्तजनों को माताजी ने धर्म वृद्धि और सुखी जीवन का आशीर्वाद भी दिया।</p>
<p><strong>वर्ष 2008 में हुआ दीक्षा महोत्सव </strong></p>
<p>कार्यध्यक्ष जेके जैन ने बताया कि वर्ष 2008 में मल्टी पर्पज स्कूल, कोटा में गुरु मां विशुद्धमति माताजी के सान्निध्य में ऐतिहासिक दीक्षा महोत्सव हुआ था। जिसमें नौ नवीन दीक्षार्थियों को संयम पथ पर दीक्षित किया गया। इसके बाद वर्ष 2018 में तलवंडी मंदिर में भव्य चातुर्मास तथा वर्ष 2019 में दशहरा मैदान में गुरु मां का स्वर्णिम दीक्षा महोत्सव मनाया गया था।</p>
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		<title>मुनिश्री जयकीर्ति जी का पिच्छिका परिवर्तन हुआ: समारोह में अवतरण दिवस मनाकर की भक्ति  </title>
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		<pubDate>Tue, 18 Nov 2025 09:04:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तलवंडी स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मुनिश्री जयकीर्ति जी का बड़े भक्ति भाव के साथ अवतरण दिवस और भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह मनाया गया। कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230; कोटा। तलवंडी स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मुनिश्री जयकीर्ति जी का बड़े भक्ति भाव के साथ अवतरण दिवस और भव्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तलवंडी स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मुनिश्री जयकीर्ति जी का बड़े भक्ति भाव के साथ अवतरण दिवस और भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह मनाया गया। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> तलवंडी स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मुनिश्री जयकीर्ति जी का बड़े भक्ति भाव के साथ अवतरण दिवस और भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह मनाया गया। मुनिश्री जयकीर्ति जी का पूरा जीवन त्याग तपस्या और साधना में समर्पित है। प्रभु महावीर के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते चले जा रहे हैं और अपनी साधना से भगवान महावीर की तरह आठों कर्मांे का नाश कर सिद्धालय का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। आपने अपने साधना मार्ग में कई जीवों का कल्याण किया। दया, करुणा और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति हैं। आपका हमेशा मुस्कुराता हुआ चेहरा और जिनधर्म के प्रति अगाध आस्था रही हैं। प्रत्येक दुखी व्यक्ति के लिए आप संकट मोचक हैं। कार्यक्रम प्रातःकालीन बेला में दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन और जिनवाणी भेंट के साथ प्रारंभ हुआ। पुण्यार्जक श्रेष्ठी प्रकाश सामरिया, डॉ. अखिलेश ठोरा, महावीर, विमल, ललित लुहाड़िया परिवार रहे।</p>
<p><strong>संगीतमय पूजा कर पिच्छी प्रदान की </strong></p>
<p>मुनिश्री की संगीतमय पूजा हुई, जिसमें महिला पुरुष सभी ने नृत्य के साथ में भाग लिया एवं फिर ‘अवतरण दिवस’ पर विनयांजलि प्रस्तुत की गई। इसमें समाज के अध्यक्ष प्रकाश बज कार्याध्यक्ष जेके जैन, श्रेष्ठी भागचंद लुहाड़िया एवं मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक पहाड़िया ने अपने विचार रखें। इसके बाद नवीन पिच्छिका समाजजनों ने मुनिश्री को भेंट की। पुरानी पिच्छी प्राप्त करने का सौभाग्य नवीन नेमी लुहाड़िया को मिला।</p>
<p><strong>यह रहे कार्यक्रम में मौजूद </strong></p>
<p>आर्यिका सुविक्षमति माताजी की पिच्छी मुंबई निवासी अनिल ललिता को प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। माताजी और ब्रह्मचारिणी को वस्त्र भेंट करने का सौभाग्य ओपी गुप्ता एवं महावीरकुमार ललित कुमार कमल नमी विजय लुहाडिया परिवार खजूरी वालों को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक पहाड़िया, मंजू जैन पहाड़िया महामंत्री प्रकाश सामरिया, महावीर जैन लुहाड़िया, विमल जैन लुहाड़िया, राजेंद्र जैन श्रीमाल उपस्थित थे। संचालन राज लुहाड़िया ने किया।</p>
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		<title>72 वर्षीय आर्यिकाश्री वत्सल मति माताजी का समाधिमरण: आर्यिकाश्री वत्सल मति माताजी को श्रद्धांजलि सभा में अर्पित की विनयांजलि  </title>
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		<pubDate>Fri, 07 Nov 2025 13:00:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[धरियावद नगर के महावीर दिगंबर जैन मंदिर में क्षुल्लकश्री महोदय सागर जी एवं क्षुल्लकश्री पुण्योदय सागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में समाधिस्थ आर्यिका वत्सल मति माताजी के समाधिमरण पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें उनके जीवन में त्याग, तप, संयम, नियम का गुणानुवाद करते हुए मनुष्य जीवन की साथर्कता का विवेचन करते [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>धरियावद नगर के महावीर दिगंबर जैन मंदिर में क्षुल्लकश्री महोदय सागर जी एवं क्षुल्लकश्री पुण्योदय सागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में समाधिस्थ आर्यिका वत्सल मति माताजी के समाधिमरण पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें उनके जीवन में त्याग, तप, संयम, नियम का गुणानुवाद करते हुए मनुष्य जीवन की साथर्कता का विवेचन करते हुए विनयांजलि, श्रद्धांजलि अर्पित की गई। <span style="color: #ff0000">धरियावद से पढ़िए अशोक कुमार जेतावत की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धरियावद।</strong> दिगंबर जैनाचार्य वर्धमान सागर जी महाराज की शिष्या एवं संघस्थ आर्यिका वत्सल मति माताजी का गुरुवार शाम को टोंक नगर में सम्यक समाधिमरण हो गया। उनकी डोल यात्रा शुक्रवार प्रातः निकालकर जैन विधि-विधान अनुसार अंतिम संस्कार की क्रियाएं संपन्न हुईं। धरियावद नगर के महावीर दिगंबर जैन मंदिर में क्षुल्लकश्री महोदय सागर जी एवं क्षुल्लकश्री पुण्योदय सागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में समाधिस्थ आर्यिका वत्सल मति माताजी के समाधिमरण पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें उनके जीवन में त्याग, तप, संयम, नियम का गुणानुवाद करते हुए मनुष्य जीवन की साथर्कता का विवेचन करते हुए विनयांजलि, श्रद्धांजलि अर्पित की गई।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-93885" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251107-WA0013.jpg" alt="" width="942" height="1280" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251107-WA0013.jpg 942w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251107-WA0013-221x300.jpg 221w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251107-WA0013-754x1024.jpg 754w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251107-WA0013-768x1044.jpg 768w" sizes="(max-width: 942px) 100vw, 942px" />72 वर्षीय आर्यिका वत्सल मति माताजी का जन्म सलूंबर में हुआ था। उनका विवाह धरियावद में होकर कर्मभूमि बना। उन्होंने भिंडर नगर में सन् 1997 फरवरी में वैराग्य को अपना कर जैनेश्वरी आर्यिका दीक्षा धारण की और संन्यास मार्ग को अपनाया। दीक्षा गुरु आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज ने आर्यिका वत्सल मति माताजी नाम दिया था। 28 वर्ष 9 माह के दीक्षा काल के बाद 6 नवंबर को टोंक में माताजी ने समाधि मरण को प्राप्त किया। माताजी ने अष्टान्हिका पर्व के 8 उपवास पूर्ण कर टोंक नगर में 5 नवंबर को चारों प्रकार के आहार का त्याग करते हुए यम संल्लेखना व्रत धारण किया था।</p>
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