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	<title>Mahaarati &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>आचार्य ज्ञानसागर अवतरण दिवस 1 मई को: ज्ञानतीर्थ सहित जैन मंदिरों में होगें आयोजन </title>
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		<pubDate>Tue, 29 Apr 2025 09:59:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन संत दिगंबराचार्य ज्ञानसागर महाराज का अवतरण दिवस विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ 1 मई को भक्तिपूर्वक मनाया जाएगा। ज्ञानतीर्थ क्षेत्र, बड़ा जैन मंदिर एवं नसियां जी जिनालयों में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम किए जाएंगे। समाजजनों ने गुरुदेव का अवतरण दिवस शाकाहार, जीवदया, प्रसादी वितरण के रूप में मनाने का संकल्प लिया। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन संत दिगंबराचार्य ज्ञानसागर महाराज का अवतरण दिवस विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ 1 मई को भक्तिपूर्वक मनाया जाएगा। ज्ञानतीर्थ क्षेत्र, बड़ा जैन मंदिर एवं नसियां जी जिनालयों में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम किए जाएंगे। समाजजनों ने गुरुदेव का अवतरण दिवस शाकाहार, जीवदया, प्रसादी वितरण के रूप में मनाने का संकल्प लिया। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> जैन संत दिगंबराचार्य ज्ञानसागर महाराज का अवतरण दिवस विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ 1 मई को भक्तिपूर्वक मनाया जाएगा। ज्ञानतीर्थ परिवार के जिनेश जैन कालू ने बताया कि आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज का 69वें अवतरण दिवस पर ज्ञानतीर्थ क्षेत्र, बड़ा जैन मंदिर एवं नसियां जी जिनालयों में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम किए जाएंगे। आचार्यश्री ज्ञानसागर भक्त परिवार के सभी सदस्यों ने एकमत होकर गुरुदेव का अवतरण दिवस शाकाहार, जीवदया, प्रसादी वितरण के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अवसर पर गुरुवार 1 मई को जिनालयों में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। प्रातःकालीन बेला में श्री जिनेंद्र प्रभु का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन के पश्चात समाधिस्थ आचार्य ज्ञानसागर की अष्टदृव्य से पूजन किया जाएगा। गुरुभक्तों द्वारा आचार्य ज्ञानसागर के चरणों पर जलाभिषेक किया जाएगा। प्रातःकालीन बेला में बड़े जैन मंदिर मुरैना के मुख्यद्वार पर स्टॉल लगाकर आमजन को प्रसादी एवं मीठा शीतल पेय वितरित किया जाएगा। समाज के श्रेष्ठियों द्वारा आचार्यश्री के चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन पश्चात पूज्य गुरुदेव की महाआरती की जाएगी।</p>
<p><strong>मात्र 18 वर्ष की उम्र में आचार्य श्री विद्यासागर जी से व्रत लिया </strong></p>
<p>मुरैना नगर के दिगंबर जैसवाल जैन उपरोचियां परिवार के बजाज गोत्रिय शांतिलाल अशर्फी देवी जैन के यहां 1 मई 1957 को बालक उमेश का जन्म हुआ था। बालक उमेश बचपन से ही धार्मिक प्रवृति के होकर जिनेंद्र प्रभु की भक्ति एवं जैन साधुओं के आहार बिहार एवं वैयावृत्ति में लीन रहते थे। यही कारण था कि उन्होंने मात्र 18 वर्ष की उम्र में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत लेकर घर का त्याग कर दिया। मासोपवासी आचार्य श्री सुमतिसागर महाराज से क्षुल्लक दीक्षा के पश्चात भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक के पावन पर्व पर 31 मार्च 1988 को श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर जी में दिगंबरत्व का व्रत लेकर मुनि दीक्षा ग्रहण की। आप अपने तपोबल, शास्त्र अध्ययन, संयम चर्या एवं ज्ञान के फलस्वरूप उपाध्याय पद पर आसीन रहे। सिंहरथ प्रवर्तक, त्रिलोकतीर्थ धाम प्रणेता पंचम पट्टाचार्य विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज की समाधि के पश्चात आचार्य ज्ञानसागर को छाणी परम्परा का षष्ट पट्टाचार्य पद से विभूषित किया गया। भगवान महावीर स्वामी मोक्ष कल्याणक के पावन दिवस 15 नवंबर 2020 को राजस्थान के अतिशय क्षेत्र बारां में गुरुदेव ने इस नश्वर देह का त्याग कर मोक्षगामी हो गए।</p>
<p><strong>आचार्यश्री ने तपोबल की उत्कृष्टता को प्राप्त किया</strong></p>
<p>आचार्यश्री ज्ञानसागर महाराज ने 18 वर्ष की उम्र से ही संयम के मार्ग को स्वीकार किया। आपके स्वाध्याय, तप, संयम की आराधना को देखते हुए आपके दीक्षा गुरु आचार्य सुमति सागर जी महाराज ने आपको उपाध्याय पद से सुशोभित किया। आपने अपने सम्पूर्ण जीवन काल में सत्य, अहिंसा, शाकाहार , जीवदया का उपदेश देकर अपनी संयम की चर्या से संतों के मध्य एक उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया। आपके प्रति जैन ही नहीं बल्कि अन्य समुदाय के लोग भी देवतुल्य श्रद्धाभाव रखते थे।</p>
<p><strong>अनेकों मंदिरों, धर्मशालाओं, चिकित्सालयों का कराया निर्माण</strong></p>
<p>आचार्य श्री ज्ञानसागर महाराज ने संपूर्ण भारतवर्ष में पद विहार करते हुए अपने उपदेशों के माध्यम से अनेकों नवीन जिनालयों, धर्मशालाओं, चिकित्सालयों के निर्माण के लिए जनमानस को प्रेरित किया। आपकी प्रेरणा एवं आशीर्वाद से ही मुरैना नगर में एबी रोड (धौलपुर आगरा हाइवे) पर एक विशाल एवं भव्य ज्ञानतीर्थ क्षेत्र जिनालय का निर्माण हुआ है। विभिन्न स्थानों पर अनेकों प्राचीन तीर्थ क्षेत्र का जीर्णाेद्धार भी आपकी प्रेरणा का ही सुफल रहा है।</p>
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		<title>आचार्य वर्धमान सागर विधान भक्ति से किया : 75 दीपकों से महाआरती की </title>
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		<pubDate>Sat, 12 Apr 2025 17:04:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के अवतरण वर्ष के 75 वें हीरक जन्म वर्ष एवं विशाल के जन्मदिन पर आचार्य श्री वर्धमान सागर विधान का पूजन शनिवार को किया गया। 75 दीपकों से महाआरती की। इस अवसर विशाल निखिल की ओर से प्रभावना का वितरण भी किया गया। इंदौर से राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के अवतरण वर्ष के 75 वें हीरक जन्म वर्ष एवं विशाल के जन्मदिन पर आचार्य श्री वर्धमान सागर विधान का पूजन शनिवार को किया गया। 75 दीपकों से महाआरती की। इस अवसर विशाल निखिल की ओर से प्रभावना का वितरण भी किया गया। <span style="color: #ff0000">इंदौर से राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का हीरक जन्म जयंती वर्ष के तहत श्री आदिनाथ चैत्यालय में आचार्य वर्धमान सागर विधान किया गया। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के आशीर्वाद एवं समाधिस्थ मुनि श्री चारित्र सागर जी की प्रेरणा से स्कीम नंबर 71 में श्री आदिनाथ चैत्यालय में आरती,सनत, निखिल, रिया की ओर से आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के अवतरण वर्ष के 75 वें हीरक जन्म वर्ष एवं विशाल के जन्मदिन पर आचार्य श्री वर्धमान सागर विधान पूजन शनिवार को किया गया।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-78993" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041.jpg" alt="" width="720" height="406" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041.jpg 720w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250412-WA0041-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" />आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का जन्म वर्ष 1950 में हुआ। आचार्य श्री 33 साधुओं सहित मंदसौर विराजित हैं। महेंद्र अध्यक्ष एवं सचिव सुनील जैन ने बताया कि अजय पंचोलिया के निर्देशन में श्री जी का पंचामृत अभिषेक एवं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का पूजन भक्ति भाव नृत्य पूर्वक किया गया। आरती जैन, आशा कोरिया, शशि बंडी, संगीता पंचोलिया, रीना गोठाने, सनत जैन, राजेश पंचोलिया, सुशील जैन, राजेंद्र निखिल, विशाल, महेंद्र टी जैन, राजेंद्र टी जैन, पंकज सेठिया सहित अनेक भक्तों ने पूजन किया।75 दीपकों से महाआरती की। इस अवसर विशाल निखिल की ओर से प्रभावना का वितरण भी किया गया।</p>
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		<title>नवागढ़ में 2 मार्च को होगा अरहनाथ का महा-मस्तकाभिषेकः ज्ञानतीर्थ मुरैना में हुआ पत्रिका का विमोचन </title>
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		<pubDate>Mon, 24 Feb 2025 12:23:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नवागढ़ में श्री अरहनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक महोत्सव मार्च में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ मनाया जा रहा है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भगवान अरहनाथजी का महा मस्तकाभिषेक महोत्सव हर्षाेल्लास पूर्वक विभिन्न आयोजनों के साथ मनाया जा रहा है। यह क्षेत्र विश्व का एकमात्र ऐसा अतिशय क्षेत्र है जहां जैन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नवागढ़ में श्री अरहनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक महोत्सव मार्च में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ मनाया जा रहा है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भगवान अरहनाथजी का महा मस्तकाभिषेक महोत्सव हर्षाेल्लास पूर्वक विभिन्न आयोजनों के साथ मनाया जा रहा है। यह क्षेत्र विश्व का एकमात्र ऐसा अतिशय क्षेत्र है जहां जैन धर्म के साथ देश के विशेषज्ञ पुराविदों, इतिहासकारों एवं विद्वानों द्वारा अन्वेषित पुरातात्विक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर के साक्ष्य संरक्षित हैं। <span style="color: #ff0000">पढ़िए नवागढ़ से मनोज जैन नायक की पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में श्री अरहनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक महोत्सव 01 व 02 मार्च को विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ मनाया जा रहा है। प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी जयकुमारजी निशांत, टीकमगढ़ द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भगवान अरहनाथजी का महामस्तकाभिषेक महोत्सव हर्षाेल्लास पूर्वक विभिन्न आयोजनों के साथ 1 व 2 मार्च को मनाया जा रहा है।</p>
<p><strong>प्रथम दिवस महामंडल विधान </strong></p>
<p>अतिशय क्षेत्र नवागढ़ के निर्देशक जय निशांतजी के अनुसार दो दिवसीय महोत्सव के दौरान प्रथम दिन 01 मार्च को श्री 1008 अरहनाथ महामंडल विधान का आयोजन किया गया है। दोपहर को अखिल भारतीय महिला सम्मेलन होगा। रात्रि को महाआरती, शास्त्र सभा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होगें।</p>
<p><strong>द्वितीय दिवस महामस्तकाभिषेक महोत्सव </strong></p>
<p>द्वितीय दिन 02 मार्च को श्री 1008 भगवान अरहनाथ का महामस्तकाभिषेक महोत्सव मनाया जाएगा। मुकुट, हारों से सुसज्जित इंद्रों द्वारा श्री जिनेंद्र प्रभु का महामस्तकाभिषेक किया जायेगा। साथ ही वर्णी संस्थान विकास सभा का शपथ ग्रहण समारोह एवं तीर्थ क्षेत्र पदाधिकारी सम्मेलन होगा। वार्षिक महामस्तकाभिषेक महोत्सव से पूर्व नवागढ़ क्षेत्र पर 46 दिवसीय जाप्यानुष्ठान एवं श्री अरहनाथ महामंडल विधान का आयोजन चल रहा है। सामूहिक पूर्णाहुति के साथ विधानकर्ता पुण्यार्जक परिवारों के सानिध्य में उक्त विधान का समापन होगा।</p>
<p><strong>महामस्तकाभिषेक पत्रिका का विमोचन </strong></p>
<p>ज्ञानतीर्थ मुरैना में सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागरजी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में नवीन जिनालय एवं ज्ञानसागर गुरु मंदिर के भूमि पूजन के पावन अवसर पर महामस्तकाभिषेक पत्रिका का विमोचन श्रावक श्रेष्ठी श्री जयकुमार निशांत टीकमगढ़, योगेश जैन खतौली वाले दिल्ली, राकेश जी जैन, नरेश भूषण जैन, पवन जैन बसेड़ा, आनंद जैन खैकड़ा वाले सूर्यनगर, राजेंद्र भंडारी, महेशचंद बंगाली, पवन जैन ऋषभ इंटर प्राइजेज, एडवोकेट धर्मेंद्र जैन, पंकज जैन मेडिकल, वैद्य राजेंद्र जैन सभी मुरैना एवं ओमप्रकाश जैन जौरा द्वारा किया गया।</p>
<p><strong>अतिथियों के लिए आवास, भोजनादि की समुचित व्यवस्था</strong></p>
<p>श्री 1008 भगवान अरहनाथ स्वामी के महामस्तकाभिषेक महोत्सव में पधारने बाले सभी अतिथियों के लिए आवास एवं भोजनादि की समुचित व्यवस्था की जा रही है। नवागण अतिशय क्षेत्र कमेटी ने सभी साधर्मी बंधुओं से महोत्सव के सभी मांगलिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।</p>
<p><strong>विशेष जाप अनुष्ठान एवं विधान</strong></p>
<p>अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में विगत 35 दिनों से लगातार विशेष जाप अनुष्ठान एवं मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी श्री अरहनाथ स्वामी का विधान संपन्न किया जा रहा है। इस अनुष्ठान हेतु आचार्यश्री समय सागरजी, आचार्यश्री विशुद्ध सागरजी, आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी, आचार्यश्री विभव सागरजी, आचार्यश्री उदार सागरजी, आचार्यश्री ज्ञेय सागरजी का मंगल आशीर्वाद तथा मुनिश्री प्रमाण सागरजी, मुनिश्री अभय सागरजी, मुनिश्री पूज्य सागरजी, गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी आर्यिका आर्षमती माताजी का मंगल आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।</p>
<p><strong>श्रद्धा एवं विश्वास में वृद्धि</strong></p>
<p>इस अनुष्ठान में ऐसे रोगियों को लाभ हुआ है जो अपने असाता से अत्यधिक पीड़ित हो रहे थे, शारीरिक मानसिक एवं आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे थे। इस अनुष्ठान के माध्यम से जन-जन में धर्म के प्रति श्रद्धा, विश्वास एवं संयम साधना की संकल्प शक्ति श्रावक एवं श्राविकाओं में जागृत हुई है। वह अरहनाथ स्वामी के श्री चरणों में आकर अपने कष्ट के निवारण हेतु स्वयं ही संयम ग्रहण करके नित्यचर्या को अनुशासित कर रहे हैं।</p>
<p><strong>अतिशय प्रभावना</strong></p>
<p>ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैयाजी के निर्देशन में ब्रह्मचारिणी मानी दीदी के सानिध्य में यह आयोजन सानंद संपन्न हो रहा है। जिसमें देश एवं विदेश के श्रावक-श्राविकाओं ने विधान के माध्यम से पुण्य आयोजन किया है। समापन के अवसर पर सामूहिक पूर्णाहुति करते हुए विभिन्न समस्याओ। के निवारण एवं विश्व शांति हेतु पूर्णाहुति अनुष्ठान किया जाएगा, तत्पश्चात मूलनायक अरहनाथ स्वामी का महामस्तकाभिषेक संपन्न किया जाएगा ।</p>
<p><strong>जिन शासन की प्राचीन धरोहर का संरक्षण</strong></p>
<p>प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जहां हजारों साल प्राचीन शैलाश्रय, शैलचित्र एवं रॉक आर्ट प्राप्त हुई हैं ,वहीं भूगर्भ से सातवीं सदी का जिनालय भी अनुवेषित किया गया है। जैन धर्म की धरोहर को संरक्षित करने के लिए क्षेत्र कमेटी ने श्री नवागढ़ गुरुकुलम् का शुभारंभ किया है, जिसमें प्रतिभाशाली छात्रों के लिए अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा एवं संस्कार देने का उपक्रम संचालित हो रहा है।</p>
<p><strong>जिन शासन की प्रभावना में सहयोगी बनें</strong></p>
<p>आप भी इस क्षेत्र पर उपस्थित होकर भगवान के अतिशय के साक्षी बने एवं संस्कृति संरक्षण के पावन पुनीत कार्य में सहयोग देकर जिन शासन की प्रभावना में सहयोगी बने। अध्यक्ष सनत कुमारजी एडवोकेट, महामंत्री वीरचंदजी नेकोरा, मंत्री सुरेंद्र जैन सोजना, अशोक जैन मैनवार, पंडित इंद्र कुमार शास्त्री सभी ने आवाहन किया है, आप भी उपस्थित होकर धर्म लाभ ले।</p>
<p><strong>धातु का चांदोबा छत्रों सहित स्थापित होगा</strong></p>
<p>इस अनुष्ठान के समापन पर ही विशेष धातु का चांदोबा 64 चंवर एवं पांच छत्रों सहित स्थापित किया जाएगा, जिसका सौभाग्य हीरालाल जी जैन एवं एडवोकेट सनत कुमारजी, कुम्हैड़ी वाले, ललितपुर ने प्राप्त किया है। गौ संरक्षण केंद्र का शुभारंभ जिसका सौभाग्य अंकितजी, भारतीजी, अरिहंत शिवानी परिवार खेकड़ा, नोएडा ने प्राप्त किया है।</p>
<p><strong>शपथ ग्रहण समारोह व पदाधिकारियों का सम्मेलन </strong></p>
<p>अखिल भारतीय महिला सम्मेलन, वर्णी संस्थान विकास सभा के अध्यक्ष डॉ. हरिश्चंद्र, सागर के निर्देशन में शपथ ग्रहण समारोह एवं तीर्थ क्षेत्र के पदाधिकारियों का सम्मेलन अध्यक्ष जम्बू प्रसादजी एवं संतोषजी पेंडारी के मंगल सानिध्य में संपन्न किया जाएगा। इस अवसर पर कई धार्मिक कार्यक्रम भी संपन्न किए जाएंगे। इस आयोजन में होने वाले कार्यक्रमों में आप सभी का सानिध्य समारोह की गरिमा बढ़ाएगा।</p>
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		<title>आचार्यश्री के प्रथम समाधि दिवस पर याद कियाः 31 फूट ऊँचा कीर्ति स्तंभ जिले की ऐतिहासिक कृति है </title>
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		<pubDate>Tue, 18 Feb 2025 12:16:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अंग्रेज तो चले गए परन्तु हम आज़ तक उनके द्वारा लादे गए कुसंस्कारों का बोझ ढोते जा रहें हैं। आचार्यश्री विद्यासागरजी महा मुनिराज ने उक्त बातों का गहन चिंतन करते हुए भारतवासियों को भारत की मूल संस्कृति से जोड़ने के लिए ‘इंडिया नहीं भारत बोलो‘ एवं ‘भारत बने भारत‘ के नारे के साथ एक अभियान [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अंग्रेज तो चले गए परन्तु हम आज़ तक उनके द्वारा लादे गए कुसंस्कारों का बोझ ढोते जा रहें हैं। आचार्यश्री विद्यासागरजी महा मुनिराज ने उक्त बातों का गहन चिंतन करते हुए भारतवासियों को भारत की मूल संस्कृति से जोड़ने के लिए ‘इंडिया नहीं भारत बोलो‘ एवं ‘भारत बने भारत‘ के नारे के साथ एक अभियान का उद्घोष किया था। <span style="color: #ff0000">पढ़िए कुचामन सिटी से सुभाष पहाडिया की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुचामन सिटी।</strong> इंडिया नही भारत बोलो के भारत में 140, गौशालाओ व हथकरघा खादी के प्रेरक अनासक्त महायोगी महाप्रयाण परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य 108 श्री विद्या सागरजी महाराज का आज से एक वर्ष पूर्व डुंगरगढ छत्तीसगढ़ मे आज संलेखनापूर्वक समाधिस्त होने पर प्रथम समाधि स्मृति दिवस पर महावीर मन्दिर, डीडवाना रोड पर सुबह सात बजे कलशाभिषेक किया गया। नवीकुमार काला प्रेमपुरा विकास काला, जिलीया द्वारा शान्ति धारा की गई। देव शस्त्र पूजन के पश्चात आचार्य की संगीतमय पूजन विधानकर जल, चन्दन, अक्षत, पुष्प नैवद्य, दीप, धूप महाअर्घ्य लालचन्द, विमलचन्द, रमेशचन्द, महेन्द्र, ललित कुमार, नीरज, पवन, विनय, विकास, आकास, पारश पहाडिया सुरेश, राजेश, राजकुमार, संदीप पांडया, तेजकुमार बडजात्या, माणक काला, राजेश गगवाल, अमित पाटोदी सभी श्रावक-श्राविकाओ द्वारा सपरिवार समर्पित किए गए।</p>
<p>अध्यक्ष लालचंद पहाडिया ने बताया कि पूर्व में आचार्यश्री के पचासवें दीक्षा दिवस पर मन्दिर परिसर में जिले मे प्रथम पहाडिया परिवार द्वारा भव्य मारबल का 31 फूट ऊँचा कीर्ति स्तंभ निर्मित किया गया है। जो जिले मे ऐतिहासिक कृति है। सायंकाल 7/30 बजे सगीतमय भक्ति के साथ देव शास्त्र व आचार्यश्री विद्या सागरजी महाराज की महाआरती कर व गुणानुवाद कर भक्ति के साथ याद किया गया।</p>
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