<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Lord Munisuvratnath &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/lord-munisuvratnath/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Sun, 12 Apr 2026 14:45:02 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Lord Munisuvratnath &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>जन्म कल्याणक पर भक्ति, आस्था का अद्भुत संगम: श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दो दिवसीय विधान संपन्न </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/a_magnificent_confluence_of_devotion_and_faith_on_the_birth_anniversary/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/a_magnificent_confluence_of_devotion_and_faith_on_the_birth_anniversary/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 14:45:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[20th Tirthankara]]></category>
		<category><![CDATA[20वें तीर्थंकर]]></category>
		<category><![CDATA[Birth and Renunciation Kalyanak. श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Ascetic]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Gudri Mansoor Khan]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Updates]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Munisuvratnath]]></category>
		<category><![CDATA[Shree Sheetalnath Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[गुदड़ी मंसूर खां]]></category>
		<category><![CDATA[जन्म/तप कल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान मुनिसुव्रतनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर गुदड़ी मंसूर खां]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=104599</guid>

					<description><![CDATA[श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर गुदड़ी मंसूर खां में 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ के जन्म-तप कल्याणक के पावन अवसर पर दो दिवसीय विधान कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ हुआ। आगरा से शुभम जैन की रिपोर्ट&#8230; आगरा। श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर गुदड़ी मंसूर खां में 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ के जन्म-तप कल्याणक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर गुदड़ी मंसूर खां में 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ के जन्म-तप कल्याणक के पावन अवसर पर दो दिवसीय विधान कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ हुआ। <span style="color: #ff0000">आगरा से शुभम जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर गुदड़ी मंसूर खां में 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ के जन्म-तप कल्याणक के पावन अवसर पर दो दिवसीय विधान कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिवस शनिवार को गर्भ कल्याणक पर आधारित नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया। जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों द्वारा की गई जीवंत प्रस्तुति ने आध्यात्मिक वातावरण को और भी अधिक पवित्र बना दिया। द्वितीय दिवस रविवार को विधान का मुख्य कार्यक्रम मुनिश्री विलोकसागर जी एवं मुनिश्री विबोध सागर जी ससंघ के सानिध्य में संपन्न हुआ। मंत्रोच्चारण, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपूर्ण परिसर भक्तिमय हो उठा।</p>
<p><strong>प्रतिष्ठित बंधुओं की गरिमामयी उपस्थिति </strong></p>
<p>इस पुण्य अवसर पर समाज के अनेक प्रतिष्ठित बंधुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिनमें प्रमुख रूप से नरेश जैन, राकेश जैन,पार्षद वीरेंद्र कुमार जैन,प्रमोद जैन,रविंद्र कुमार जैन,सुनील जैन, धर्मेंद्र जैन, सुभाष जैन,मंदिर व्यवस्थापक प्रदीप जैन, अजय जैन, राजेश जैन एवं सुशीला जैन, सुनीता जैन, शशि जैन, कुसुम जैन, अल्पना जैन, पूनम जैन सहित अनेक श्रद्धालु शामिल रहे। कार्यक्रम में भारी संख्या में भक्तों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया। समापन पर सभी श्रद्धालुओं के लिए स्नेहपूर्वक भव्य चल-भोज (भंडारा) की व्यवस्था भी की गई। जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/a_magnificent_confluence_of_devotion_and_faith_on_the_birth_anniversary/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भगवान मुनिसुव्रतनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया : श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में भक्ति भाव से चढ़ाया निर्वाण लाडू  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/celebrated_moksha_kalyanak_of_lord_munisuvratnath/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/celebrated_moksha_kalyanak_of_lord_munisuvratnath/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Feb 2026 10:57:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Munisuvratnath]]></category>
		<category><![CDATA[Moksha Kalyanak]]></category>
		<category><![CDATA[Nirvana Kalyanak Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Parshvanath Digambar Jain Big Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[निर्वाण कल्याणक महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान मुनिसुव्रतनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[मोक्ष कल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=99923</guid>

					<description><![CDATA[जैन धर्म के 20 वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव फाल्गुन कृष्ण द्वादशी 14 फरवरी को भक्तिभाव से मनाया गया। इस पावन अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर सहित सभी जैन मंदिरों में जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर मुनिसुव्रतनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक महोत्सव पर प्रातःकाल की मंगल बेला में भगवान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैन धर्म के 20 वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव फाल्गुन कृष्ण द्वादशी 14 फरवरी को भक्तिभाव से मनाया गया। इस पावन अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर सहित सभी जैन मंदिरों में जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर मुनिसुव्रतनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक महोत्सव पर प्रातःकाल की मंगल बेला में भगवान का विधि विधान से पूजन और अभिषेक किए गए। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद</strong>। जैन धर्म के 20 वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव फाल्गुन कृष्ण द्वादशी 14 फरवरी को भक्तिभाव से मनाया गया। इस पावन अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर सहित सभी जैन मंदिरों में जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर मुनिसुव्रतनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक महोत्सव पर प्रातःकाल की मंगल बेला में भगवान का विधि विधान से पूजन और अभिषेक किए गए। इस मौके पर जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। मुनिसुव्रतनाथ भगवान को जयकारों के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया।</p>
<p>जैसा कि ज्ञात है कि राजगृह (बिहार) में जन्म लेने वाले भगवान ने चंपक वृक्ष के नीचे दीक्षा ली थी और सम्मेदशिखर पर निर्वाण प्राप्त किया। पुराणों के मुताबिक मुनिसुव्रतनाथ भगवान का जन्म राजगृह में हुआ था। उनके पिता का नाम सुमित्र और माता का नाम पदमावती था। इस अवसर पर सुरेश पांड्या, गोरू मुंशी, लोकेंद्र जैन, मनीष चौधरी, सुनील मास्टर, प्रवीण जैन, अशोक पंचोलिया, गौतम जैन, गरिमा सराफ, प्रेरणा जटाले, खुश्कवर पांड्या, संध्या पंचोलिया, साधना जैन, मेघा पांड्या सहित सभी समाजजन उपस्थित थे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/celebrated_moksha_kalyanak_of_lord_munisuvratnath/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>श्री दिगंबर जैन महावीर जिनालय में 6 दिसंबर को महामस्तकाभिषेक : भगवान मुनिसुव्रतनाथ का 108 कलशों से होगा अभिषेक, मुनि श्री अनुकरण सागर जी का मिलेगा सानिध्य  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/mahamastakabhishek_at_shri_digambar_jain_mahavir_jinalaya_on_6th_december/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/mahamastakabhishek_at_shri_digambar_jain_mahavir_jinalaya_on_6th_december/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Dec 2025 10:15:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Bajaria]]></category>
		<category><![CDATA[Bhind]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Munisuvratnath]]></category>
		<category><![CDATA[Mahamastakabhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Anukaran Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Mahavir Jinalaya]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[बजरिया]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान मुनिसुव्रतनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[भिंड]]></category>
		<category><![CDATA[महामस्तकाभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री अनुकरण सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन महावीर जिनालय]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=95915</guid>

					<description><![CDATA[नगर में विराजमान मुनि श्री अनुकरण सागर जी महाराज के सानिध्य में शनिवार को कल बजरिया में स्थित श्री श्री दिगंबर जैन महावीर जिनालय में प्रातः 7 बजे भगवान मुनिसुव्रतनाथ का 108 कलशों से महामस्तकाभिषेक किया जाएगा। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230; भिंड। नगर में विराजमान मुनि श्री अनुकरण सागर जी महाराज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नगर में विराजमान मुनि श्री अनुकरण सागर जी महाराज के सानिध्य में शनिवार को कल बजरिया में स्थित श्री श्री दिगंबर जैन महावीर जिनालय में प्रातः 7 बजे भगवान मुनिसुव्रतनाथ का 108 कलशों से महामस्तकाभिषेक किया जाएगा। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> नगर में विराजमान मुनि श्री अनुकरण सागर जी महाराज के सानिध्य में शनिवार को कल बजरिया में स्थित श्री श्री दिगंबर जैन महावीर जिनालय में प्रातः 7 बजे भगवान मुनिसुव्रतनाथ का 108 कलशों से महामस्तकाभिषेक किया जाएगा। आप सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से निवेदन है कि समय पर पहुंचकर साक्षी अवश्य बने और इस धार्मिक आयोजन का लाभ उठाएं एवं मुनि श्री अनुकरणसागर जी महाराज का मंगल आशीर्वाद भी प्राप्त करें।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/mahamastakabhishek_at_shri_digambar_jain_mahavir_jinalaya_on_6th_december/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शांतिनाथ भगवान की आराधना करने से सातिशय पुण्य की प्राप्ति होती है : श्री शांतिनाथ महामंडल विधान की विशेष पूजा-अर्चना में भक्ति वातावरण  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/worshiping_lord_shantinath_gives_immense_virtue/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/worshiping_lord_shantinath_gives_immense_virtue/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 Aug 2025 11:50:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[agra]]></category>
		<category><![CDATA[Big Shantidhara]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Guddi Mansoor Khan]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Munisuvratnath]]></category>
		<category><![CDATA[Shantinath Bhagwan]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Shantinath Mahamandal Vidhan]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Sheetalnath Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[आगरा]]></category>
		<category><![CDATA[गुदड़ी मंसूर खां]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान मुनिसुव्रतनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[वृहद शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[शांतिनाथ भगवान]]></category>
		<category><![CDATA[श्री शांतिनाथ महामंडल विधान]]></category>
		<category><![CDATA[श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर गुदड़ी मंसूर खां]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=87133</guid>

					<description><![CDATA[श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर गुदड़ी मंसूर खां में सोलह दिवसीय शांतिनाथ महामंडल विधान आयोजित किया जा रहा है। जिसके 15वें दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम भगवान शीतलनाथ की वृहद शांतिधारा की। आगरा से शुभम जैन की यह खबर&#8230; आगरा। श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर गुदड़ी मंसूर खां में सोलह दिवसीय शांतिनाथ महामंडल विधान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर गुदड़ी मंसूर खां में सोलह दिवसीय शांतिनाथ महामंडल विधान आयोजित किया जा रहा है। जिसके 15वें दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम भगवान शीतलनाथ की वृहद शांतिधारा की। <span style="color: #ff0000">आगरा से शुभम जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर गुदड़ी मंसूर खां में सोलह दिवसीय शांतिनाथ महामंडल विधान आयोजित किया जा रहा है। जिसके 15वें दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम भगवान शीतलनाथ की वृहद शांतिधारा की। शांतिधारा करने का सौभाग्य नायक परिवार को प्राप्त हुआ। शांतिधारा के बाद उपस्थित इंद्र-इंद्राणियों ने प्रभु की आराधना करते हुए विधि-विधान के साथ विधान की मांगलिक क्रियाएं संपन्न कीं। आगरा दिगंबर जैन परिषद के पदाधिकारियों एवं नवीन कार्यकारिणी के सदस्यों ने चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया। यह विधान पंडित सौरभ जैन शास्त्री के निर्देशन में हुआ। उन्होंने विधान का महत्व बताते हुए कहा कि जैन संस्कृति में 16 दिवसीय शुक्ल पक्ष का विशेष महत्व है।</p>
<p>इन दिनों शांतिनाथ भगवान की आराधना करने से सातिशय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस संबंध में पुराणों में वर्णन आता है कि रामायण काल में भगवान मुनिसुव्रतनाथ के शासनकाल में मथुरा नगर में महामारी का प्रकोप हुआ था। हजारों की संख्या में प्रजाजन हताहत होने लगे, उसी समय वहां पर एक अवध ज्ञानी मुनिराज का आगमन हुआ। मथुरा नगर के राजा ने मुनिराज के दर्शन कर उनसे इस महामारी के शमन का उपाय पूछा, तब उन्होंने 16 दिवसीय शुक्ल पक्ष में श्री शांतिनाथ भगवान की पूजा-अर्चना करने का उपदेश दिया। तब इस अनुष्ठान के करने से महामारी का शमन हुआ। तभी से जैन परंपरा में यह आयोजन करने का क्रम निरंतर चल रहा है। इस अवसर पर सुभाष जैन, वीरेंद्र जैन, देवेंद्र जैन, रविंद्र जैन ,संजीव जैन, धर्मेंद्र जैन, नायक,सुनील जैन, विपिन जैन, पंकज जैन, संजीव जैन, ध्रुव जैन, सुशीला जैन, शांति जैन, सुनीता जैन, सुमन जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/worshiping_lord_shantinath_gives_immense_virtue/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आचार्यश्री ज्ञानसागर ने मुरैना को दी एक अनमोल कृतिः जैन तीर्थ क्षेत्र श्रीज्ञानतीर्थ मुरैना की जीवन गाथा-एक परिचय </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/an_introduction_life_story_of_jain_pilgrimage_area_shri_gyan_tirth_morena_acharya_shri_gyan_sagar_gave_a_precious_work_to_morena/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/an_introduction_life_story_of_jain_pilgrimage_area_shri_gyan_tirth_morena_acharya_shri_gyan_sagar_gave_a_precious_work_to_morena/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Mar 2025 11:17:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[A.B. Road]]></category>
		<category><![CDATA[Acharyashree Gyan Sagarji]]></category>
		<category><![CDATA[Acharyashree Shanti Sagarji]]></category>
		<category><![CDATA[Biography]]></category>
		<category><![CDATA[Dharm Nagari]]></category>
		<category><![CDATA[Dholpur-Agra Highway]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Ganini Aryika Sarvashri Laxmibhushan Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Idols]]></category>
		<category><![CDATA[Indore श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Adinath]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Chandraprabhu]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Mahavir Swami]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Munisuvratnath]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Parshvanath]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Shantinath]]></category>
		<category><![CDATA[morena]]></category>
		<category><![CDATA[Sanskardhani]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Arshamati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Gyan Tirth]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Srishtibhushan Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Vineet Sagarji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्यश्री ज्ञान सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्यश्री शांति सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[ए.बी. रोड]]></category>
		<category><![CDATA[गणिनी आर्यिका सर्वश्री लक्ष्मीभूषण माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनगाथा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म नगरी]]></category>
		<category><![CDATA[धौलपुर-आगरा हाईवे]]></category>
		<category><![CDATA[प्रतिमाएं]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान आदिनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान चन्द्रप्रभु]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान पार्श्वनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान महावीर स्वामी]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान मुनिसुव्रतनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान शांतिनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[मुरैना]]></category>
		<category><![CDATA[श्री आर्षमति माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[श्री ज्ञानतीर्थ]]></category>
		<category><![CDATA[श्री विनीत सागरजी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्री सृष्टिभूषण माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[संस्कारधानी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=75829</guid>

					<description><![CDATA[आचार्यश्री शांति सागरजी व आचार्यश्री ज्ञान सागरजी की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से संस्कारधानी, धर्म नगरी मुरैना में ए.बी. रोड (धौलपुर आगरा हाइवे) मुरैना में एक अनुपम कृति श्री ज्ञानतीर्थ जैन क्षेत्र का निर्माण हुआ है। मध्यप्रदेश के चम्बल अंचल में ऐतिहासिक सम्पदा का भंडार है। बालक उमेश ने मात्र 17 साल की अल्पायु में आजीवन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्यश्री शांति सागरजी व आचार्यश्री ज्ञान सागरजी की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से संस्कारधानी, धर्म नगरी मुरैना में ए.बी. रोड (धौलपुर आगरा हाइवे) मुरैना में एक अनुपम कृति श्री ज्ञानतीर्थ जैन क्षेत्र का निर्माण हुआ है। मध्यप्रदेश के चम्बल अंचल में ऐतिहासिक सम्पदा का भंडार है। बालक उमेश ने मात्र 17 साल की अल्पायु में आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत लेकर संयम के मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया। क्षुल्लक दीक्षा एवं मुनि दीक्षा ग्रहण की और मुनिश्री ज्ञानसागर के नाम से विश्व में सत्य, अहिंसा, शाकाहार, जीव दया का प्रचार-प्रसार कर सम्पूर्ण विश्व में मुरैना का नाम रोशन किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मुरैना से मनोज जैन नायक की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> आचार्यश्री शांति सागरजी, छाणी परम्परा व आचार्यश्री ज्ञान सागरजी की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से संस्कारधानी, धर्म नगरी मुरैना में ए.बी. रोड (धौलपुर आगरा हाइवे) मुरैना में एक अनुपम कृति श्री ज्ञानतीर्थ जैन क्षेत्र का निर्माण हुआ है। चम्बल की धरा यूं तो खूंखार डकैतों की वजह से काफी बदनाम रही है। लेकिन समय सब कुछ बदल देता है। मध्यप्रदेश के चम्बल अंचल में ऐतिहासिक सम्पदा का भंडार है। ककनमठ शिव मंदिर, बटेश्वर, मितावली, जैन मंदिर सिहोनियाँ, जैन मंदिर टिकटोली, करह वाले बाबा का मंदिर, घरोना हनुमान मंदिर, विश्व प्रसिद्ध शनि मंदिर जैसे पुरातत्व की धरोहर के साथ अनेकों सुप्रसिद्ध तीर्थ एवं मन्दिर इस चम्बल को धरती पर विद्यमान हैं।</p>
<p><strong>बालक उमेश का परिचय</strong></p>
<p>चम्बल के आंचल में नगर मुरैना समाया हुआ है। इसी पावन सरजमीं पर धर्म नगरी मुरैना में ही 01 मई 1957 को श्री शांतिलाल जैन (विचपुरी वाले) के घर माता अशर्फी देवी जैन की कोख से बालक उमेश का जन्म हुआ। बालक उमेश बचपन से ही आध्यात्म में रुचि रखते थे। उन्हें यह सांसारिक सुख घर में बांधकर नहीं रख पाया। बालक उमेश ने मात्र 17 साल की अल्पायु में आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत लेकर संयम के मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया और आचार्यश्री सुमति सागरजी से 05 नवम्बर 1976 में क्षुल्लक दीक्षा एवं 31 मार्च 1988 को श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर जी में मुनि दीक्षा ग्रहण की।</p>
<p><strong>मुनिश्री ज्ञानसागर के नाम से जाने गए</strong></p>
<p>मुनिश्री ज्ञानसागर के नाम से विश्व में सत्य, अहिंसा, शाकाहार, जीव दया का प्रचार-प्रसार कर सम्पूर्ण विश्व में मुरैना का नाम रोशन किया। 30 जनवरी 1989 को सरधना (मेरठ) में आपको उपाध्याय एवं 27 मई 2013 को अतिशय क्षेत्र बड़ागांव (बागपत) में आचार्य एवं छाणी परम्परा के षष्ट पट्टाचार्य पद से सुशोभित किया गया। पूज्य गुरुदेव भगवान महावीर निर्वाण दिवस 15 नवम्बर 2020 को अतिशय क्षेत्र बारां (कोटा) में समाधि को प्राप्त कर मोक्षगामी हो गए।</p>
<p><strong>श्री ज्ञान सागरजी ने इस तीर्थ की कल्पना की </strong></p>
<p>पूज्य गुरुदेव के अनन्य भक्त अनूप जैन भंडारी मुरैना द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार 26 जनवरी 2003 को दिगम्बर अवस्था में प्रथमबार मुरैना आगमन पर पूज्य गुरुदेव श्री ज्ञान सागरजी ने इस तीर्थ की कल्पना की थी। उनकी कल्पना को साकार करने के लिए उनके भक्तों ने सन 2004 में लगभग 14 बीघा जमीन क्रय की। जमीन क्रय करने में श्रावक श्रेष्ठी स्व. प्रेमचंद जी जैन (तेल वाले) मेरठ, योगेश जी जैन (खतौली वाले) दिल्ली, रवि जैन गाजियाबाद, पंकज जैन मेरठ, राकेश जैन ‘कैटर्स‘ (अम्बाह वाले) दिल्ली, प्रमोद जैन सरधना, विवेक जैन गाजियाबाद की मुख्य भूमिका रही। इस पुनीत कार्य को संपन्न कराने में स्थानीय समाजबंधु अनूप जैन भंडारी, शीलचंद जी बाबूजी, वीरेंद्र जैन (वरहाना वाले) मुरैना ने काफी मशक्कत की ।</p>
<p><strong>मुख्य मंदिर की आधारशिला रखी गई</strong></p>
<p>ज्ञानतीर्थ पर जैन मंदिर के निर्माण कार्य का शुभारंभ लगभग 15 वर्ष पूर्व हुआ। मुख्य मंदिर की आधारशिला 10 दिसंबर 2010 को स्व.श्री प्रेमचंद जैन (तेल वाले) मेरठ एवं बोहरे श्री छोटेलाल जी जैन (मिरघान वाले) मंगलम ज्वेलर्स मुरैना के कर कमलों द्वारा रखी गई थी। समस्त गुरुभक्तों द्वारा लगभग 14 बीघा के विशाल प्रांगड़ में 55 फुट के कैलाश पर्वत की संरचना की गई है।</p>
<p><strong>श्री चारु कीर्तिजी की देखरेख में निर्माण हुआ </strong></p>
<p>इस पर्वत पर विराजमान की गई प्रतिमा कर्नाटक के विरदी गांव में गोमटेश्वर बाहुबली के भट्टारक श्री चारु कीर्तिजी की देखरेख में निर्माण हुआ था। 7 फुट की वेदिका पर 4 फुट ऊंचे कमल सिंहासन पर साढे तेरह फुट ऊंची जैन धर्म के प्रवर्तक, प्रथम तीर्थंकर श्री 1008 भगवान आदिनाथ की पद्मासन प्रतिमा 14 जुलाई 2016 में विराजमान की गई। प्रतिमा के पीछे सुंदर आकर्षक कल्पवृक्ष बनाया गया है। भगवान आदिनाथ की विशाल, भव्य एवं आकर्षक मूर्ति पूज्य गुरुदेव के परम भक्त दिल्ली निवासी श्री वकीलचन्द जैन ने प्रदान की थी। पर्वत के नीचे प्रथम तल पर जिनालय में भगवान आदिनाथ, भगवान मुनिसुव्रतनाथ, भगवान चन्द्रप्रभु, भगवान शांतिनाथ, भगवान पार्श्वनाथ, भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमाएं विराजमान हैं।</p>
<p><strong>ज्ञानतीर्थ के निर्माण में सराहनीय योगदान </strong></p>
<p>प्रारम्भिक दौर में ज्ञानतीर्थ के निर्माण में स्व. प्रेमचन्द जैन (तेल वाले) मेरठ, पंकज जैन मेरठ, रवि जैन गाजियाबाद, प्रमोद जैन बलबीर नगर, राकेश जैन (अंबाह वाले) दिल्ली के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। पूज्य गुरुदेव श्री ज्ञान सागरजी की समाधि के पश्चात निर्माण कार्य की गति को विराम सा लग गया था। तब गुरुभक्त सर्वश्री योगेश जैन (खतौली वाले) सूर्यनगर दिल्ली, आनन्द जी (खेकड़ा वाले), सतीश जी (प्रीति होजियरी), राकेश जी आजाद नगर, आशीष जैन विकास नगर, विनेन्द्र जैन (जेडी), राजेश जैन (हलुआ वाले), महेशचंद ठेकेदार, ब्रह्मचारिणी बहिन अनिता दीदी, मंजुला दीदी, ललिता दीदी एवं अन्य सभी गुरुभक्तों ने ज्ञानतीर्थ पर गुरुचरण स्थापित कर निर्माणकार्यों को गति प्रदान की।</p>
<p><strong>विशाल अतिथिगृह व भव्य भोजनशाला</strong></p>
<p>ज्ञानतीर्थ पर आगन्तुक महानुभावों के आवास के लिए एक विशाल एवं भव्य तीन मंजिला अथिति गृह का निर्माण किया गया है। उक्त आवासीय भवन को ज्ञान गेह नाम दिया गया है। जिसमें सर्व सुविधायुक्त 34 कमरे बनाये गए हैं। मुनिराजों, साधु-साध्वियों की आहारचर्या एवं त्यागी व्रतियों के भोजनादि हेतु विशाल एवं भव्य आहार शाला बनाई गई है, जिसे ज्ञान आहारं नाम दिया हुआ है। क्षेत्र पर प्रतिदिन दर्शनार्थ आने वाले बन्धुओं के लिए 5000 वर्गफुट में एक विशाल एवं भव्य भोजनशाला बनाई गई है, जिसमें 200 व्यक्ति एकसाथ बैठकर भोजन कर सकते हैं। उक्त भोजनशाला को ज्ञान पोषणम नाम से जाना जाएगा।</p>
<p><strong>सन्त निवास का निर्माण हुआ </strong></p>
<p>क्षेत्र पर साधु-संतों के धर्मध्यान एवं विश्राम हेतु सन्त निवास का भी निर्माण हो चुका है। अभी पूज्य गुरुदेव ज्ञानसागर गुरु मन्दिर, श्री चंद्रप्रभु जिनालय, कीर्ति स्तम्भ एवं गौशाला का निर्माण प्रमुख रूप से होना शेष है। खाली जमीन पर भव्य बगीचे का निर्माण भी होगा, जिसमें सभी तरह के पुष्प एवं पौधे लगाएं जायेगे।</p>
<p><strong>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव संपन्न हुआ </strong></p>
<p>श्री ज्ञान सागरजी की प्रेरणा एवं आर्शीवाद से श्री ज्ञेय सागरजी ससंघ के सानिध्य एवं आर्यिकाश्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ के मुख्य निर्देशन में ज्ञानतीर्थ जैन मन्दिर प्राण प्रतिष्ठा हेतु 01 फरवरी से 06 फरवरी 2023 तक श्री जिनविम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव प्रतिष्ठाचार्य जयकुमार निशांतजी के आचार्यत्व में विशाल एवं भव्य आयोजन सानन्द हर्षाेल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन में श्री विनीत सागरजी महाराज, गणिनी आर्यिका सर्वश्री लक्ष्मीभूषण माताजी, श्री सृष्टिभूषण माताजी, श्री आर्षमति माताजी सहित लगभग 50 साधू-संत सम्मिलित हुए। उक्त महोत्सव में देशभर से 50,000 से अधिक साधर्मी बंधुओं ने सम्मिलित होकर गुरुभक्ति का परिचय दिया।</p>
<p><strong>संकल्प ज्ञानसागर भक्त परिवार ने लिया </strong></p>
<p>ज्ञानतीर्थ के विकास में दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, खतौली, बड़ौत, खेकड़ा, दिल्ली एनसीआर सहित सम्पूर्ण भारत वर्ष के गुरु भक्तों का योगदान रहा है। पूज्य गुरुदेव श्री ज्ञान सागरजी के स्वप्नों को साकार करने का संकल्प ज्ञानसागर भक्त परिवार ने लिया है। इसी तारतम्य में पूज्य आचार्यश्री ज्ञेय सागरजी के पावन सान्निध्य एवं गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी के निर्देशन में प्रतिष्ठाचार्य जयकुमार जी निशांत के आचार्यत्व में 21 फरवरी को ज्ञान गुरु मंदिर एवं श्री चंद्रप्रभु जिनालय की आधारशिला रखी गई और 06 मार्च 2025 को नवीन जिनालय की आधारशिला चंद्रकांता जैन, बृजेश जैन, राजेश जैन, यतीश जैन, मनोज जैन, पंकज जैन मेडिकल परिवार मुरैना एवं गुरु मंदिर की आधारशिला खैकड़ा वाले श्री आनन्द जैन, राहुल जैन, रजत जैन सूर्यनगर गाजियाबाद के कर कमलों द्वारा रखी जा रही है ।</p>
<p><strong>इनका योगदान भी मिला </strong></p>
<p>ज्ञानतीर्थ की गाथा लिखते समय परम गुरुभक्त लाला गुलशनराय अनिल जैन (हलुआ वाले), राकेशकुमार मुकेश जैन (तेल वाले) मेरठ, पवन जैन (बसेड़ा वाले), इंद्रसेन जैन दिल्ली, मुकेश जैन बिटूमैंन आगरा, रूपेश जैन (चांदी वाले) आगरा, हंस जी जैन मेरठ, मनोज जैन दिल्ली, नरेशभूषण जैन, अनिल शाह ग्वालियर, जिनेश जैन अम्बाह, शांतिलाल जी (बिचपुरी वाले), भागचंद भंडारी एवं मनोज जैन, बरेह मुरैना को नजर अंदाज करना नाइंसाफी होगी।</p>
<p><strong>माताजियों एवं साधु साध्वियों का पदार्पण हुआ </strong></p>
<p>ज्ञानतीर्थ की पावन धरा पर अभी तक आचार्यश्री विराग सागरजी, आचार्यश्री वर्धमान सागरजी, मुनि पुंगव सुधा सागरजी, आचार्यश्री सुंदर सागरजी, आचार्यश्री विनीत सागरजी, आचार्यश्री वसुनंदीजी, आचार्यश्री विनिश्चय सागरजी, आचार्यश्री विमर्श सागरजी, आचार्यश्री विहर्ष सागरजी, आचार्यश्री निर्भय सागरजी, आचार्यश्री विनम्र सागरजी, मुनिश्री प्रणम्यसागरजी, गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी, लक्ष्मीभूषण माताजी, सृष्टिभूषण माताजी, आर्षमति माताजी, पूर्णमति माताजी सहित सैकड़ों दिगम्बराचार्यों, आर्यिका माताजियों एवं साधु साध्वियों का पदार्पण हो चुका है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/an_introduction_life_story_of_jain_pilgrimage_area_shri_gyan_tirth_morena_acharya_shri_gyan_sagar_gave_a_precious_work_to_morena/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
