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	<title>Lord Mahavir&#8217;s birth anniversary &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>जैन महिला समाज ने जरूरतमंदों को राहत की प्रदान : बड़े मंदिर जी में अभिषेक और शांतिधारा कर फल, दवाई और वस्त्र बांटे </title>
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		<pubDate>Sun, 29 Mar 2026 15:15:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भगवान महावीर जन्मोत्सव कल्याणक महोत्सव के अवसर पर शनिवार को जैन समाज के तहत जैन महिला समाज की ओर से शहर के हॉस्पिटल, वृद्ध आश्रम, होली फैमिली आदि स्थानों में जाकर जरूरतमंद लोगों को मरीजों को दवाई, फल, नए कपड़े एवं आर्थिक मदद की गई। झुमरीतिलैया से पढ़िए, राजकुमार जैन अजमेरा और नवीन जैन की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भगवान महावीर जन्मोत्सव कल्याणक महोत्सव के अवसर पर शनिवार को जैन समाज के तहत जैन महिला समाज की ओर से शहर के हॉस्पिटल, वृद्ध आश्रम, होली फैमिली आदि स्थानों में जाकर जरूरतमंद लोगों को मरीजों को दवाई, फल, नए कपड़े एवं आर्थिक मदद की गई। <span style="color: #ff0000">झुमरीतिलैया से पढ़िए, राजकुमार जैन अजमेरा और नवीन जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>झुमरीतिलैया।</strong> भगवान महावीर जन्मोत्सव कल्याणक महोत्सव के अवसर पर शनिवार को जैन समाज के तहत जैन महिला समाज की ओर से शहर के हॉस्पिटल, वृद्ध आश्रम, होली फैमिली आदि स्थानों में जाकर जरूरतमंद लोगों को मरीजों को दवाई, फल, नए कपड़े एवं आर्थिक मदद की गई। जैन मंदिर में विराजमान मुनि श्री पुण्यानंद जी, मुनि श्री शुभानंद जी के सानिध्य में प्रातः बड़े मंदिर जी में अभिषेक और शांतिधारा के बाद मुनि श्री शुभानंद जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जैन धर्म हमेशा मूल सिद्धांत जियो और जीने दो को लेकर कार्य करता है। जीवन में हमेशा एक-दूसरे का सहयोग ही धर्म को आगे बढ़ाता है और भगवान महावीर के सिद्धांत को चरितार्थ करता है। इसी कड़ी में शनिवार को जैन समाज के सह मंत्री राज जैन छाबड़ा और संयोजक शैलेश जैन छाबड़ा ने झंडा दिखाकर गाड़ी और सभी सामान को रवाना किया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता कोडरमा के सदर हॉस्पिटल, होलीफेमली हॉस्पिटल के साथ स्थानीय सभी हॉस्पिटल में जाकर जैन महिला समाज के मिले सहयोग से जरूरत मंद को आर्थिक सहायता फल, वस्त्र, होर्लिक्स नए कपड़ेआदि आर्थिक सहयोग भी दिया गया। साथ ही होली फेमली, विच्क्षित महिला के जीवन ज्योति आश्रम में सभी जरूरतमंद महिलाओं को वस्त्र और मिठाई,फल आदि देने के बाद वृद्ध आश्रम में भी सभी को फल, होर्लिक्स मिठाई आदि दिए गए।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-103425" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260329-WA0035-300x284.jpg" alt="" width="300" height="284" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260329-WA0035-300x284.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260329-WA0035-768x727.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260329-WA0035-550x520.jpg 550w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260329-WA0035.jpg 836w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>इन कार्यक्रम में मुकेश जैन अजमेरा, आनंद जैन पांड्या, राजीव जैन छाबड़ा, रूपेश जैन, विजय जैन, अजय जैन, मंटु जैन, राजेश जैन, विनीत जैन, मुकेश जैन, सर्वज्ञ जैन, पर्व जैन, आशीष जैन, विकास जैन, ईशान जैन, ऋषभ जैन, लक्ष्य, कुशाग्र जैन आदि शामिल होकर अपने हाथों से सभी मरीजों को सम्मान सहित भगवान महावीर जयंती के उपलक्ष्य में सप्रेम भेंट दिया। सोमवार को भगवान के जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर प्रभातफेरी, अभिषेक,दिन में शोभा यात्रा,संध्या में कार्यक्रम मुनि श्री के मंगल सानिध्य में सम्पन्न होंगे। यह जानकारी महोत्सव समिति के संयोजक शैलेश जैन छाबड़ा, प्रसम जैन सेठी ने दी।</p>
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		<title>भगवान महावीर जन्म कल्याणक पर तीन दिनी कार्यक्रम : आगरा दिगम्बर जैन परिषद की पत्रकार वार्ता में दी जानकारी </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Mar 2026 16:27:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ नगर में भगवान महावीर का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव जैन समाज की प्राचीनतम प्रतिनिधि संस्था आगरा दिगम्बर जैन परिषद के तत्वावधान में मनाया जाएगा। आगरा से पढ़िए, आशीष जैन मोनू एवं राहुल जैन की यह रिपोर्ट&#8230; आगरा। नगर में भगवान महावीर का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव जैन समाज की प्राचीनतम प्रतिनिधि संस्था आगरा दिगम्बर जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> नगर में भगवान महावीर का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव जैन समाज की प्राचीनतम प्रतिनिधि संस्था आगरा दिगम्बर जैन परिषद के तत्वावधान में मनाया जाएगा। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, आशीष जैन मोनू एवं राहुल जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p>आगरा। नगर में भगवान महावीर का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव जैन समाज की प्राचीनतम प्रतिनिधि संस्था आगरा दिगम्बर जैन परिषद के तत्वावधान में मनाया जाएगा। आचार्यश्री आजर्व सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विलोकसागर जी महाराज और मुनिश्री विबोधसागर जी महाराज का पावन सानिध्य मिलेगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम 30 मार्च से 1 अप्रैल तक हर्षोल्लास के साथ एमडी जैन इंटर कॉलेज के मैदान पर होगा। कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए आगरा दिगम्बर जैन परिषद की पत्रकार वार्ता शनिवार को श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर स्थित नारायण भवन हरीपर्वत पर की गई। परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन ने बताया कि इस वर्ष भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव पर तीन दिवसीय कार्यक्रम बड़े हर्षोल्लास के साथ किए जाएंगे। जिसको लेकर समाज के लोगों में काफी उत्साह है। उन्होंने बताया कि प्रथम दिन सोमवार को प्रातः 8 बजे से देव दर्शन, श्रीजी को श्रीफल भेंट, एवं मुनि संघ को श्रीफल भेंट, 8:30 बजे अंहिसा स्तम्भ पर ध्वजारोहण, 8:45 बजे मुख्य पण्डाल पर ध्वजारोहण, पण्डाल शुद्धि एवं उ‌द्घाटन, तदोपरान्त मुनि संघ के मंगल प्रवचन, प्रातः 10 बजे से अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा, आगरा द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर एवं 10:30 बजे आगरा दिगम्बर जैन परिषद द्वारा रक्तदान शिविर लगाया जायेगा। मध्यान्ह 2 बजे से महिलाओं व बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिता मेहन्दी, रंगोली, बन्दनवार, मंगल कलश, चित्रकला, पोस्टर बनाओ, थाल सजाओ, निबन्ध, व्यंजन आदि की जाएंगी। 7 बजे से मानस्तम्भ की महाआरती और रात्रि 8 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य पंडाल पर होगा।</p>
<p><strong>विशाल रथयात्रा मंगलवार को</strong></p>
<p>परिषद के महामंत्री मनीषकुमार जैन (ठेकेदार) ने बताया कि मंगलवार को प्रातः 7:30 बजे से भगवान महावीर की जन्मकल्याणक की विशाल रथयात्रा श्री 1008 महावीर स्वामी दिगम्बर जैन मन्दिर, मोती कटरा से आरम्भ होकर हनुमान चौराहा, बड़ा मंदिर मोतीकटरा चौराहे से हींगकी मंडी शू मार्केट, कोतवाली, अग्रसेन चौक, फब्बारा, किनारी बाजार, जौहरी बाजार, दरेसी नं 1 व 2, छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, पथवारी, धुलियागंज, सिटी स्टेशन रोड, घटिया, मंडी सईद खाँ होती हुई अपरान्ह 3 बजे कुंडलपुर नगर एमडी जैन इंटर कॉलेज के मैदान पर पहुँचेगी। मुख्य पाण्डाल में पूजन, मुनि संसघ के प्रवचन व श्रीजी के कलशाभिषेक किए जाएंगे। कलशाभिषेक के बाद श्री अग्रवाल दिगम्बर जैन महासभा, आगरा द्वारा वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया है।</p>
<p><strong>महिला मंडलों द्वारा संगीतमय आरती होगी</strong></p>
<p>परषद के अर्थमंत्री राकेश जैन (परदे वाले) ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मुख्य आकर्षण सोमवार को सायं 7 बजे से मुख्य पांडाल में महिला मण्डलों द्वारा संगीतमय आरती व रात्रि 8 बजे से रानी चेलना व राजा श्रेणिक नाटिका मंचन (नितिन शर्मा एण्ड पार्टी, दिल्ली) द्वारा प्रस्तुति की जाएगी। मंगलवार को रात्रि 7:30 बजे से लक्की ड्रॉ मुनि त्यागव्रती कूपन व रात्रि 8 बजे से जन्म कल्याणक के अवसर पर &#8220;बालक महावीर का पालना एवं बधाई&#8221; की प्रस्तुति की जाएगी। जिसमें कि सभी महिला मण्डल अपनी-अपनी प्रस्तुति देगें।</p>
<p><strong>तीनों दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे</strong></p>
<p>कार्यक्रम के संयोजक विमल जैन (ज्योति नगर) ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रमों के अन्तर्गत तीनों दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे और बताया कि पूरे कार्यक्रम स्थल को आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया जा रहा है। कोलकाता से आए कारीगरों द्वारा मुख्य पण्डाल बनाया जा रहा है। जिसमें कि सभी तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे। सह संयोजक दीपक जैन बोतल वाले ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर पावापुर का जल मन्दिर व कैलाश पर्वत की झांकियां, मानतुंग आचार्य की झांकी एवं बड़ौत की झांकियों आकर्षण का केन्द्र होगी। समूचे परिसर को भगवान महावीर के गृहस्थ अवस्था के नन्दार्वत महल का स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। जिसमें बंगाल के कारीगर तैयारियों में लगे हुए हैं।</p>
<p><strong>एक अप्रैल को यह होंगे</strong></p>
<p>मीडिया प्रभारी आशीष जैन मोनू एवं राहुल जैन ने बताया कि एक अप्रैल को प्रातः 8 बजे श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में श्री जी का अभिषेक एवं नित्य नियम पूजा, प्रातः 8:15 बजे चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, 8:30 बजे मुनि श्री ससंघ के सानिध्य में जिनेन्द्र महाअर्चना विधान, मंगल प्रवचन, दोपहर 1:00 बजे आगरा दिगम्बर जैन परिष्द के सदस्यों की साधारण सभा, दोपहर 3 बजे स्थयात्रा की वापसी मोतीकटरा के लिए होगी। सायं 7:00 बजे सम्मान समारोह व रात्रि 8:00 बजे संगीतकार अजीत जैन एण्ड पार्टी (जयपुर) द्वारा भजन संध्या होगी।</p>
<p><strong>इस अवसर पर यह मौजूद रहे</strong></p>
<p>इस मौके पर मुख्य रूप से डॉ. जितेन्द्र जैन, अशोक जैन एडवोकेट, सुनील जैन ठेकेदार, राकेश जैन पार्षद, अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार, कोषाध्यक्ष राकेश जैन पर्दे वाले, संयोजक विमल जैन, सहसंयोजक दीपक जैन बोतल वाले, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, मनोज जैन भल्ले, रमेश जैन, सतेंद्र जैन साहूला सुशील जैन, पवन जैन चांदी वाले, मनीष जैन लवली, अनुज जैन क्रांति, दीपक जैन, शैलेन्द्र जैन रैपरिया, राजेंद्र जैन एडवोकेट, प्रमेन्द्र जैन, मयंक जैन, विशाल जैन, कुमार मंगलम,रवि जैन, दीपक गर्ग, राहुल जैन एडवोकेट, अनिल जैन बजाज, शोभित जैन, सुबोध जैन, अमित जैन मीडिया प्रभारी राहुल जैन समस्त कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।</p>
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		<title>विभिन्न पर्वों एवं महोत्सवों के उपलक्ष्य में आयोजित होगा शिविर : सर्व समाज व जैन समाज द्वारा 29 मार्च को रक्तदान शिविर का आयोजन </title>
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		<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 12:25:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ “रक्तदान महादान” की भावना को साकार करते हुए सर्व समाज एवं जैन समाज द्वारा विभिन्न पर्वों एवं महोत्सवों के उपलक्ष्य में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन रविवार, 29 मार्च को किया जाएगा। पढ़िए सुभाष पहाड़िया की रिपोर्ट&#8230; कुचामन सिटी। “रक्तदान महादान” की भावना को साकार करते हुए सर्व समाज एवं जैन समाज द्वारा विभिन्न [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> “रक्तदान महादान” की भावना को साकार करते हुए सर्व समाज एवं जैन समाज द्वारा विभिन्न पर्वों एवं महोत्सवों के उपलक्ष्य में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन रविवार, 29 मार्च को किया जाएगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सुभाष पहाड़िया की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुचामन सिटी</strong>। “रक्तदान महादान” की भावना को साकार करते हुए सर्व समाज एवं जैन समाज द्वारा विभिन्न पर्वों एवं महोत्सवों के उपलक्ष्य में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन रविवार, 29 मार्च को किया जाएगा। यह शिविर भगवान महावीर जन्म कल्याणक, भारतीय नववर्ष, रामनवमी, चैत्र नवरात्र, वीर हनुमान जयंती, अम्बेडकर जयंती एवं चेटीचंड जैसे विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक पर्वों के अवसर पर मानव सेवा के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p><strong>शिविर का स्थान एवं समय</strong></p>
<p>यह रक्तदान शिविर राजस्थान जैन सभा एवं जैन वीर मंडल, कुचामन के तत्वावधान में प्रातः 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक महावीर भवन, पुरानी धान मंडी में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन विमला देवी स्व. भवरलालजी, मुकेश, नरेश एवं संजय झांझरी परिवार के सौजन्य से किया जा रहा है।</p>
<p><strong>मानव सेवा के उद्देश्य से प्रेरित आयोजन</strong></p>
<p>सोभागमल गंगवाल एवं सुभाष पहाड़िया ने बताया कि “जियो और जीने दो” के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह रक्तदान शिविर मानव सेवा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। रक्तदान शिविर के संयोजक प्रदीप काला एवं संचिन गंगवाल हैं, जबकि सह-संयोजक के रूप में विकास पाटोदी, उत्कर्ष, अर्पित, सक्षम, निखिल, रोबिन, पुलकित पहाड़िया, कमल बड़जात्या, प्रतीक रावंका, नमन काला, प्रतीक, संदीप पांड्या, राहुल, आशीष झांझरी, गौरव डोसी एवं मोहित गंगवाल सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। ये सभी कार्यकर्ता आमजन से संपर्क कर रक्तदान के शारीरिक लाभों की जानकारी दे रहे हैं तथा अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हुए शिविर के प्रचार-प्रसार में जुटे हुए हैं।</p>
<p><strong>रक्तदाताओं का होगा सम्मान</strong></p>
<p>अशोक झांझरी एवं देवेंद्र पहाड़िया के अनुसार, सभी रक्तदाताओं को “रक्तवीर” प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। शिविर में उपस्थित सभी आगंतुकों के लिए अरिहंत हेल्थ केयर सेंटर के सहयोग से निःशुल्क ब्लड प्रेशर एवं शुगर जांच की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके साथ ही अन्य जांचों में भी विशेष छूट प्रदान की जाएगी। आयोजकों ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करने एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की है।</p>
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		<title>एकता समन्वय और सदभाव के संदेश के साथ मनेगी महावीर जयंती : मुनि संघ और आर्यिका संघ को श्रीफल अर्पित किए </title>
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		<pubDate>Wed, 18 Mar 2026 14:01:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर अहिंसा पथ प्रदर्शक भगवान महावीर की जन्म जयंती 30 मार्च को हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। एकता, समन्वय और सदभाव के संदेश के साथ इस वर्ष महावीर जयंती मनाई जाएगी। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर अहिंसा पथ प्रदर्शक भगवान महावीर की जन्म [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर अहिंसा पथ प्रदर्शक भगवान महावीर की जन्म जयंती 30 मार्च को हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। एकता, समन्वय और सदभाव के संदेश के साथ इस वर्ष महावीर जयंती मनाई जाएगी। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर अहिंसा पथ प्रदर्शक भगवान महावीर की जन्म जयंती 30 मार्च को हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-102289" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1-300x169.jpg" alt="" width="300" height="169" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1-1536x864.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1-1320x742.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1-414x232.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0013-1.jpg 1599w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>एकता, समन्वय और सदभाव के संदेश के साथ इस वर्ष महावीर जयंती मनाई जाएगी।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-102287" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0015-300x135.jpg" alt="" width="300" height="135" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0015-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0015-1024x460.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0015-768x345.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0015-1536x689.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0015-990x444.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0015-1320x592.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0015.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>प्रवक्ता मनीष अजमेरा ने बताया कि इस अवसर पर विश्व प्रसिद्ध कांच मंदिर से परंपरागत रूप से निकलने वाले स्वर्ण रथ जुलूस के लिए दिगम्बर जैन समाज सामाजिक संसद के अध्यक्षद्वय विनय बाकलीवाल , आनंद गोधा एवं पदाधिकारियों ने शहर में विराजमान संतों को जुलूस में सानिध्य प्रदान करने के लिए श्री फल भेंट कर निवेदन किया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-102286" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0016-300x135.jpg" alt="" width="300" height="135" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0016-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0016-1024x460.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0016-768x345.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0016-1536x689.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0016-990x444.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0016-1320x592.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0016.jpg 1600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>इन मुनिराजों को किए श्रीफल अर्पित</strong></p>
<p>अनंतनाथ भगवान, अरहनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर विनय बाकलीवाल, आनंद गोधा एवं पदाधिकारियों ने मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ससंघ, मुनिश्री पूज्यसागरजी महाराज ,मुनि श्री सिद्धान्त सागर जी महाराज, मुनि श्री संबुद्ध सागरजी महाराज, मुनिश्री संविशुद्ध सागरजी महाराज, आर्यिका विज्ञानमती जी माताजी ससंघ को श्रीफल अर्पित कर महावीर जयंती शोभायात्रा के लिए सानिध्य और सम्मिलित होने का निवेदन किया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-102285" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0017-300x135.jpg" alt="" width="300" height="135" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0017-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0017-1024x460.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0017-768x345.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0017-1536x689.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0017-990x444.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0017-1320x592.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0017.jpg 1600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>यह उपस्थित रहे</strong></p>
<p>इस अवसर पर नवीन गोधा, महामंत्री देवेंद्र सोगानी, जेनेश झांझरी, नकुल पाटोदी, पिंकेश टोंग्या, संजय जैन, सुदीप जैन, महावीर जैन, चिंतन जैन, अनामिका बाकलीवाल, ऋषभ पाटनी आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-102284" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0018-300x135.jpg" alt="" width="300" height="135" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0018-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0018-1024x460.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0018-768x345.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0018-1536x689.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0018-990x444.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0018-1320x592.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260318-WA0018.jpg 1600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
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		<title>भगवान आदिनाथ जयंती से भगवान महावीर जन्म कल्याणक तक पदयात्रा : शोभायात्रा प्रतिदिन अलग-अलग जिन मंदिर से शुरू होगी </title>
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		<pubDate>Wed, 11 Mar 2026 09:30:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अहिल्या की नगरी इंदौर की गौरवशाली परंपरा अनुसार इस वर्ष भी यह यात्रा आयोजित की जा रही है। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। मां अहिल्या की नगरी इंदौर की गौरवशाली परंपरा अनुसार इस वर्ष भी यह यात्रा आयोजित की जा रही है। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह पदयात्रा भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) जन्म [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अहिल्या की नगरी इंदौर की गौरवशाली परंपरा अनुसार इस वर्ष भी यह यात्रा आयोजित की जा रही है। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> मां अहिल्या की नगरी इंदौर की गौरवशाली परंपरा अनुसार इस वर्ष भी यह यात्रा आयोजित की जा रही है।</p>
<p>राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह पदयात्रा भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) जन्म कल्याणक गुरुवार को स्कीम नं.78 स्थित जिनालय से प्रारंभ होकर</p>
<p>30 मार्च सोमवार भगवान महावीर जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर कांच मंदिर पर संपन्न होगी। इस ऐतिहासिक यात्रा में आचार्य अभिनंदन सागरजी और आचार्य वर्धमान सागरजी महाराज के सुयोग्य शिष्य अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज के पावन सान्निध्य में एव नगर में विराजित सभी आचार्य, मुनि, आर्यिका माताजी के शुभ मंगल आशीर्वाद से यह शोभायात्रा प्रतिदिन अलग-अलग जिन मंदिर से शुरू होकर नगर के अधिकतम मंदिरजी से निकलेगी।</p>
<p>यह यात्रा सभी मंदिर समिति, सामाजिक सांसद कीर्ति स्तंभ, महावीर ट्रस्ट,दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन, इंदौर रिजन के सहयोग से निकाली जा रही है।</p>
<p><strong>यह हैं यात्रा के आयोजक </strong></p>
<p>दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन, इंदौर रीजन</p>
<p>दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद कीर्ति स्तंभ, महावीर ट्रस्ट मध्यप्रदेश, आरोहण फाउंडेशन, बाहुबली अभिषेक मंडल, आचार्य विद्या सागर ज्ञान शाला ,वीर सेवा दल एवं क्षेत्रीय मंदिर कमेटी, महिला मंडल आदि आयोजक हैं। रिजन अध्यक्ष प्रदीप चौधरी एवं संजय पापड़ीवाल ने सभी समाज जन से निवेदन किया कि प्रतिदिन पदयात्रा सम्मिलित होकर इस गौरवशाली परंपरा के निर्वहन के साक्षी बनें l</p>
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		<title>महावीर के जन्मोत्सव पर ‘‘ढोल बजाओ गली-गली: भगवान महावीर के पांचों कल्याणक सेे पवित्र है बिहार की धरती </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Apr 2025 09:38:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भगवान महावीर का जन्म कल्याणक 10 अप्रैल चैत्र शुक्ल त्रयोदशी के दिन मनाया जाएगा। इस दिन को लेकर समूचे विश्व में उत्साह और उल्लास छाया हुआ है। भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के अवसर पर विविध धार्मिक आयोजन और धर्म आधारित क्रियाएं होंगी। भगवान महावीर पर कुंडलपुर से जानकारी साझा कर रहे हैं विजय कुमार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भगवान महावीर का जन्म कल्याणक 10 अप्रैल चैत्र शुक्ल त्रयोदशी के दिन मनाया जाएगा। इस दिन को लेकर समूचे विश्व में उत्साह और उल्लास छाया हुआ है। भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के अवसर पर विविध धार्मिक आयोजन और धर्म आधारित क्रियाएं होंगी। भगवान महावीर पर कुंडलपुर से जानकारी साझा कर रहे हैं विजय कुमार जैन। <span style="color: #ff0000">पढ़िए अभिषेक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुंडलपुर।</strong> भगवान महावीर का नाम लेते ही जैन धर्म की स्मृति मन मस्तिक में ताजा हो जाती है। वर्तमान समय में सारा विश्व जैनधर्म के अस्तित्व को भगवान महावीर से स्वीकार करता है। जबकि वास्तविकता यह है कि भगवान महावीर जैनधर्म के 24वें तीर्थंकर हैं, भगवान महावीर से पूर्व 23 तीर्थंकर और हो चुके हैं। आज भगवान महावीर के संदेशों की अत्यधिक आवश्यकता है। यदि सारा विश्व जीओ और जीने दो के मार्ग पर चले तो सम्पूर्ण विश्व में शांति की स्थापना की जा सकती है। अहिंसा परमो धर्मः सुनने में आज पुराना लगता है लेकिन, इस पंक्ति का अर्थ बहुत गहरा और तात्विक है। अभी कुछ समय पूर्व वर्तमान प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी फेसबुक के ऑफिस में लंदन गये थे, तो उनसे वहां के अधिकारियों ने बोर्ड पर एक मैसेज लिखने को कहा, उन्होंने मैसेज में अहिंसा परमो धर्म ही लिखा। महात्मा गांधी जैसे महापुरुष ने इसका मनन और चिंतन किया और अपने जीवन में उतारा, जिससे देश में आजादी की स्थापना की गयी। आइये जाने भगवान महावीर के बारे में-</p>
<p><strong>प्राचीन मान्यतानुसार भगवान महावीर का गर्भ एवं जन्म कल्याणक</strong></p>
<p>जैन मान्यतानुसार भगवान की जीवन चरित्र को पांच कल्याणकों में विभक्त किया है-गर्भ, जन्म, तप, केवलज्ञान एवं मोक्षकल्याणक। सर्वप्रथम भगवान गर्भ में आते हैं। भरतक्षेत्र के विदेह नामक देश संबंधी कुंडलपुर नगर के राजा सिद्धार्थ के आंगन में प्रतिदिन साढ़े सात करोड़ रत्नों की धारा होने लगी। आषाढ़ शुक्ला षष्ठी के दिन उत्तराषाढ़ नक्षत्र में राजा सिद्धार्थ की महारानी प्रियकारिणी (त्रिशला) ने सात खंड के नंद्यावर्त महल में पिछली रात्रि के अंतिम प्रहर में सुंदर-सुंदर सोलह स्वप्न देखें, जिससे उसके मन में प्रसन्नता हुई। सोलह स्वप्नों के पश्चात् देखा कि मुख में हाथी प्रवेश कर रहा है, जिसका अर्थ महारानी त्रिशला प्रातः उठकर अपने प्राणप्रिय महाराज से पूछती हैं और महाराजा बताते हैं कि महारानी इन स्वप्नों को देखने से इस युग के महापुरुष व तीनों लोकों में जगत पूज्य पुत्र को जन्म देंगी और वह बालक का जीव तुम्हारे गर्भ में प्रवेश कर चुका है। तत्काल जम्बूद्वीप के मध्यलोक से देवियां महारानी की सेवा को आती हैं और निरंतर 9 महीने तक आंठों देवियां श्री, ह्रीं, धृति, कीर्ति, बुद्धि, लक्ष्मी, शांति, पुष्टि माता की सेवा में तत्पर रहती है। महारानी त्रिशला खूब प्रसन्नमना आंदित होती हैं एवं देवियों के नाना प्रकार के गूढ़ (कठिन) प्रश्नों के उत्तर देती हैं। धीरे-धीरे वह दिन भी आ जाता है, जिसका तीनों लोकों में प्राणी मात्र को इंतजार था। तीर्थंकर बालक के जन्म के विषय में आगम (शास्त्र) में लिखा है-</p>
<p><strong>   जनम चौत्र सित तेरस के दिन कुण्डलपुर कन वरना।</strong></p>
<p><strong>   सुर गिरि, सुर गुरु पूज, रचायो मै पूजो भव हरना।।</strong></p>
<p>चैत्र शुक्ल त्रयोदशी के दिन आर्यमा नाम के शुभ योग में माता त्रिशला ने पूर्व दिशा के सदृश तीर्थंकर बालक को सूर्य रूप में जन्म दिया। उस समय तीनों लोकों में बाजे बिना बजाये बज उठते हैं। शास्त्रों में उल्लेख है कि भगवान के जन्म के समय साढे बारह करोड़ प्रकार के बाजे बिना बजाये बज उठते हैं। सौधर्म इंद्र का आसन कम्पायमान हो जाता है एवं नरकों में भी क्षणभर को शांति हो जाती है। कल्पवृक्षों से पुष्प बरसने लगते हैं। सभी स्थानों पर आनंदमयी वातावरण हो जाता है। भगवान के जन्मकल्याणक मनाने हेतु स्वर्ग से सौधर्म इंद्र कुंडलपुर नगरी आ जाता है। पिता की आज्ञा से नवजात तीर्थंकर शिशु को सुमेरु पर्वत की पांडुक शिला पर ले जाकर 1008 कलशों से महाभिषेक करता है एवं स्वर्गों से लाये हुए सुंदर वस्त्राभूषण से प्रभू को सुसज्जित करता है। भगवान की अनेकों प्रकार से स्तुति करता हुआ ‘वीर’ और ‘वर्द्धमान’ नाम रखता है। असंख्यात देव-देवियां प्रभु का जन्मकल्याणक मनाने स्वर्गों से आते हैं।</p>
<p>एक बार संजय और विजय नामक दो महामुनियों को किसी पदार्थ में संदेह हुआ और वे भगवान महावीर के समीप दर्शन करने पहुंचे। भगवान के दर्शन मात्र से उनका संदेह दूर हो गया। खूब भक्तिपूर्वक उन्होंने बालक को ‘सन्मति’ नाम प्रदान किया। किसी समय स्वर्ग में वीर प्रभु के गुणों की चर्चा इंद्र सभा में हो रही थी। एक संगम नामक देव ने भगवान की परीक्षा लेने की सोची। भगवान अनेक राजकुमारों के साथ बालक्रीड़ा कर रहे थे, तब वह देव भयंकर सर्प बनकर वृक्ष से लिपट गया। सभी बालक भयभीत हो गए लेकिन, महावीर तीर्थंकर बालक सांप के फन पर चढ़कर खेलने लग गए। जैसे माता की गोद में बालक खेलते हैं। उस समय उस निर्भीकता के कारण भगवान का नाम संगम देव ने ‘महावीर’ रखा।</p>
<p><strong>भगवान महावीर का तप कल्याणक</strong></p>
<p>धीरे-धीरे कुमार काल बीत गया यौवन में प्रवेश हुआ और माता-पिता बेटे को लेकर सुंदर स्वप्न सजाने लगे कि एक सुंदर सी बहु घर लेकर आएंगे। घर में बहु के साथ-साथ खुशहाली आएगी लेकिन, होनी को कुछ और मंजूर था। विवाह का प्रस्ताव युवराज ने ठुकरा दिया। माता-पिता के सपने बिखर गये। बहुत समझाया कि अपने महलों में क्या कमी है, किसी प्रकार की कमी हो, तो हमें बताओ लेकिन, युवराज महावीर नही माने। उन्होंने ब्रह्मचर्य व्रत अंगीकार किया। तत्क्षण ही भगवान को पूर्व भव का स्मरण हो गया और सोचने लगे संसार क्षणभंगुर है एक दिन सबको जाना है। वैराग्य भावना का चिंतन करते हुए मगसिर वदी दशमी के दिन प्रभु ने दीक्षा ग्रहण कर ली। सभी वस्त्राभूषण उतारकर फंेंक दिया। दिगंबर दीक्षा ग्रहण कर ली। नग्न हो गए और अपनी आत्मा में लीन होकर तप में खड़े हो गए। कुछ दिन पश्चात् प्रभु आहार के लिए निकले।</p>
<p>पारणा के दिन भगवान कूलर्ग्राम में आये। कूल ग्राम के राजा कूल ने भक्तिपूर्वक पड़गाहन किया एवं नवधा भक्तिपूर्वक भगवान महावीर को प्रथम आहार दिया। फलस्वरूप राजा कूल के घर पंचाश्चर्य (रत्नों) की वृष्टि हुई। पुनः भगवान महावीर वन जाकर ध्यान में लीन हो गए।</p>
<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-78581" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250408-WA0021.jpg" alt="" width="439" height="680" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250408-WA0021.jpg 439w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250408-WA0021-194x300.jpg 194w" sizes="auto, (max-width: 439px) 100vw, 439px" />भगवान महावीर पर उपसर्ग-</strong></p>
<p>भगवान महावीर पर उज्जयिनी के अतिमुक्त वन में उपसर्ग हुआ लेकिन, भगवान प्रतिमायोग में विराजमान थे। रुद्र अपनी दुष्ट विद्याओं से भगवान पर उपसर्ग कर रहा था एवं पाप कर्म को संचित कर रहा था। अंत में जब उपसर्ग करके हार गया, तब भगवान को ‘महति महावीर’ नाम से संबोधन किया। भगवान ने सती चंदना के उपसर्ग का निवारण किया। सती चंदना बेड़ियों में जकड़ी थी। भगवान महावीर को देखते ही बेड़ियां टूट र्गइं व सती चंदना ने भगवान का पड़गाहन करके नवधाभक्तिपूर्वक आहार दिया। पुनः चंदना ने भी आगे चलकर दीक्षा ग्रहण कर ली।</p>
<p><strong>केवल ज्ञान कल्याणक</strong></p>
<p>भगवान महावीर ने 12 वर्ष तक तप किया। बिहार के जृंभिका ग्राम के समीप ऋजुकूला नदी के तट पर भगवान मनोहर नाम के वन में रत्नमयी एक बड़ी शिला पर शाल वृक्ष के नीचे बेला का नियम लेकर प्रतिमायोग से विराजमान हुए। वैशाख शुक्ला दशमी के दिन भगवान को केवलज्ञान प्राप्त हो गया। आत्मा ने परमात्मा का रूप ले लिया। स्वर्ग से सौधर्म इंद्र व धनकुबेर एवं अन्य इंद्रों ने भगवान महावीर के केवलज्ञान कल्याणक की पूजा की। धनकुबेर ने भगवान के लिए समवसरण की रचना की। जिसमें तीनों लोकों की निधियां लगाकर समवसरण का निर्माण किया। सुंदर सभा का नाम समवसरण है एवं सभी प्राणी मात्र को जहां समान रूप से सरण प्राप्त हो वह स्थान समवसरण है। भगवान की दिव्यध्वनि (प्रवचन) राजगृही के विपुलाचल पर्वत पर हुई, जो आज भी प्रथम देशना स्मारक के नाम से प्रथम पहाड़ पर स्थित है।</p>
<p><strong>भगवान महावीर के मुख्य उपदेश-</strong></p>
<p>जैनधर्म के शाश्वत नियमानुसार तीर्थंकर महावीर ने प्राणीमात्र के कल्याण के लिए अनेक अमूल्य सिद्धांत बताए उनमें से कुछ मुख्य है।</p>
<p>पांच अणुव्रत का उपदेश दिया-हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह। इन पांचों पापों के अणु अर्थात् एक देश त्याग को अणुव्रत कहते हैं एवं इनके नाम अहिंसाणुव्र, सत्याणुव्रत, अचौर्याणुव्रत, ब्रह्मचर्याणुव्रत, परिग्रहपरिमाण अणुव्रत ये मुख्य हैं।</p>
<p>-भगवान महावीर ने मुख्यरूप से जिओ और जीने दो को अति महत्व दिया।</p>
<p>-अहिंसा परमोधर्मः भगवान का मुख्य उपदेश था, प्राणी मात्र के ऊपर दया का भाव रखो एवं सात व्यसनों का पूर्णरूप से त्याग करो।</p>
<p><strong>मोक्ष कल्याणक-</strong></p>
<p>अंत में विहार (चलते) हुए भगवान महावीर बिहार प्रदेश के पावापुरी नगर में पहुुंचे। वहां मनोहर नाम के वन के भीतर अनेक सरोवरों के बीच मणिमयी शिला पर विराजमान हो गये। कार्तिक कृष्णा अमावस्या को भगवान ने मोक्ष प्राप्त कर अघातिया कर्माेें का नाश कर दिया। भगवान महावीर 72 वर्ष की आयु में मोक्ष चले गए। सारे संसार में भगवान के मोक्ष जाने पर निर्वाण लाडू चढ़ाया गया एवं सभी जगह दीप मालिका करके दीपावली मनाई गई। जैन धर्मानुसार तभी सेे दीपावली का पर्व प्रारंभ हुआ एवं आज तक पावापुरी जल मंदिर में दीपावली की प्रत्युष बेला में निर्वाणलाडू चढ़ाकर दीपावली मनाते हैं।</p>
<p><strong>महावीर जयंती कैसे मनाते हैं</strong></p>
<p>इस दिन प्रायः जैन समाज में सभी धर्मावलम्बी प्रातः प्रभातभेरी (शोभा यात्रा) में सारे नगर में भगवान की जय-जयकार व हाथों में पंचरगी एवं केशरिया ध्वज लेकर भगवान के प्रतिपादित सिद्धान्तों के नारे लगाते हैं। मध्यान्ह काल में भव्य शोभायात्रा निकालते हैं, जिसमें भगवान की प्रतिमा लेकर रथ पर बैठते हैं एवं बैंड बाजे के साथ शहर के मुख्य मार्गाेें से रथयात्रा निकालते हैं। सभी जैन समाज अपने प्रतिष्ठान बंद रखते हैं। जगह-जगह प्याऊ से पानी एवं शर्बत पिलाते हैं एवं फल बांटते हैं।</p>
<p>जैन समाज के पुरुष लोग केशरिया धोती-दुपट्टा व स्त्रियां केशरिया साड़ी पहनकर प्रभु का नारियल जल, मौसमी रस, संतरारस, दूध, दही, घी, सर्वाेषधि, हरिद्रा आदि से भगवान का महाभिषेक करते हैं। सारे विश्व में शांति हो इस भावना से भगवान के मस्तक पर महाशांतिधारा करते हैं। मेवा, मिष्ठान का वितरण करते हैं तथा महाप्रसाद का आयोजन करते हैं। भगवान के जन्मकल्याणक के अवसर पर प्रभु वीर का पालना भी झुलाते हैं। जिसमें महिला मंडल, बालिका मंडल द्वारा भगवान के जीवन से संबंधित नाटक का मंचन करते हैं एवं सुन्दर नृत्य-नाटिकाओं का भी आयोजन करते हैं।</p>
<p>जैन समाज की सर्वाेच्च साध्वी गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने देखा कि कुंडलपुर तीर्थ पर आज काल के प्रभाव से जीर्ण-क्षीर्ण हो गया है। कुंडलपुर नगरी भी समय के साथ-साथ वैभव हीन हो गई। गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से तीर्थ का विकास हुआ। तीर्थ पर नंद्यावर्त महल व भगवान महावीर की श्वेतवर्णी अवगाहना प्रमाण प्रतिमा का विश्व शांति महावीर मंदिर, भगवान ऋषभदेव मंदिर व त्रिकाल चौबीसी के 72 भगवान का मंदिर बनाया गया एवं गृह शांति के लिए नवग्रह शांति जिनालय का भी निर्माण किया गया, जिससे बिहार पर्यटन को बढ़ावा मिला। आधुनिक सुविधा युक्त कमरों की धर्मशाला बनवाई गई, जिसके लिए गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से भगवान महावीर जन्मभूमि कुंडलपुर दिगंबर जैन समिति का गठन हुआ, जिसने दिन-दूनी रात चौगुनी की गति से तीर्थ का विकास किया।</p>
<p>नंद्यावर्त महल कुंडलपुर तीर्थ के मंत्री विजयकुमार जैन बताया कि वर्तमान में बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा ‘कुंडलपुर महोत्सव’ राजकीय स्तर पर प्रतिवर्ष हर्षाेल्लास से मनाया जाता है। जिसमें राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन नालंदा के तत्त्वावधान में बहुत सुंदर दो दिवसीय सांस्कृतिक संध्या भी सजती है, जिसमें सारे देश के सुप्रसिद्ध कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाती है, जिसमें बिहार के राज्यपाल एवं गणमान्य नेता उपस्थित होकर समारोह का उद्घाटन करते हैं।</p>
<p>इस वर्ष हम भगवान महावीर स्वामी की 2624 वीं जन्म जयंती मना रहे हैं। भगवान महावीर जयंती सबके लिए मंगलकारी हो एवं पूरे विश्व में भगवान महावीर के संदेशों के द्वारा अहिंसा, शांति की स्थापना हो। यही मंगल संदेश है भगवान महावीर जयंती का। बिहार की धरती का पुण्य एवं गौरव है कि भगवान महावीर के पांचों कल्याणक से पवित्र है यह भूमि। इसीलिए कहा है-</p>
<p>सोने का नंद्यावर्त महल सिद्धार्थ जी का था।</p>
<p>मणियों के पलंग पर त्रिशला ने सपनों को देखा था।।</p>
<p>उन सपनों को सच्चा करके फिर से दिखाया है।</p>
<p>कुंडलपुर के महावीरा तेरा महल बनाया है।।</p>
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