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	<title>Kodarma &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>कोडरमा जैन मंदिर में आयोजन : आचार्य श्री भद्रबाहु सागर जी मुनिराज के सानिध्य में मनाया गया श्रुत पंचमी महापर्व  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Jun 2025 04:42:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन समाज के श्रद्धालु भक्तों ने आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर मुनिराज ससंघ के पावन सानिध्य में ज्ञान आराधना का महान पर्व श्रुत पंचमी श्रद्धा और उल्लासपूर्वक मनाया। इस अवसर पर प्रातः जैन मंदिर में श्रुत स्कंध यंत्र का अभिषेक एवं गुरुमुख से शांतिधारा संपन्न हुई। पढ़िए यह राजकुमार अजमेरा की विशेष रिपोर्ट&#8230; झुमरी तिलैया। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन समाज के श्रद्धालु भक्तों ने आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर मुनिराज ससंघ के पावन सानिध्य में ज्ञान आराधना का महान पर्व श्रुत पंचमी श्रद्धा और उल्लासपूर्वक मनाया। इस अवसर पर प्रातः जैन मंदिर में श्रुत स्कंध यंत्र का अभिषेक एवं गुरुमुख से शांतिधारा संपन्न हुई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह राजकुमार अजमेरा की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>झुमरी तिलैया।</strong> जैन समाज के श्रद्धालु भक्तों ने आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर मुनिराज ससंघ के पावन सानिध्य में ज्ञान आराधना का महान पर्व श्रुत पंचमी श्रद्धा और उल्लासपूर्वक मनाया। इस अवसर पर प्रातः जैन मंदिर में श्रुत स्कंध यंत्र का अभिषेक एवं गुरुमुख से शांतिधारा संपन्न हुई। इसका सौभाग्य क्रमशः हनुमान प्रवीण जैन पाटनी, सुरेन्द्र–सौरभ जैन काला, सुरेश–नरेंद्र जैन झांझरी परिवार को तथा नए मंदिर में कमल–पीयूष जैन कासलीवाल को प्राप्त हुआ।</p>
<p>इसके पश्चात् प्रभात फेरी के रूप में श्रुत पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें जैन समाज के युवक व महिलाएं केसरिया परिधान में, गाजे-बाजे और जयघोषों के साथ भावविभोर होकर सहभागी बने। यह शोभायात्रा नगर भ्रमण करती हुई मंदिर सभागार पहुंची, जहाँ नित्य पूजन के उपरांत श्रुत स्कंध विधान श्री सुबोध जी गंगवाल के निर्देशन में संगीतमय रूप से संपन्न हुआ।</p>
<p>इस अवसर पर आचार्य श्री को शास्त्र भेंट एवं चरण पखारने का सौभाग्य अशोक–विकास जैन पाटोदी एवं ललित–सिद्धांत जैन सेठी परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>आचार्य श्री भद्रबाहु सागर मुनिराज ने धर्मसभा में श्रुत पंचमी पर प्रकाश डालते हुए बताया:</strong></p>
<p>&#8220;दिगंबर जैन परंपरा के अनुसार आज ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी को ‘श्रुत पंचमी पर्व’ मनाया जाता है। लगभग 2100 वर्ष पूर्व गिरनार पर्वत की चंद्रगुफा में आचार्य धरसेन ने आत्म आराधना करते हुए देखा कि उनका शरीर अल्पायु का है और जिनवाणी लोप होने के संकट में है। तब उन्होंने मुनि सुबुद्धि (आचार्य पुष्पदंत) और मुनि नरवाहन (आचार्य भूतबली) को बुलाकर षट्खंडागम का दिव्य ज्ञान प्रदान किया।&#8221;</p>
<p>आचार्य पुष्पदंत ने ताड़पत्र पर पहला खंड ‘जीवस्थान’ लिखा, जिसकी शुरुआत णमोकार महामंत्र से हुई। शेष पाँच खंड—खुद्दबंध, बंधस्वामित्वविचय, वेदना खंड, वर्गणा खंड और महाबंध—आचार्य भूतबली ने लिपिबद्ध किए। ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी को ही अंकलेश्वर (गुजरात) में चतुर्विध संघ के समक्ष इन ग्रंथों की महा पूजा और आराधना हुई, जो आज भी श्रुत पंचमी पर्व के रूप में मनाई जाती है।</p>
<p><strong>पाठशाला व सांस्कृतिक प्रस्तुति:</strong></p>
<p>इस पर्व के उपलक्ष्य में आचार्य विद्यासागर जैन पाठशाला द्वारा संध्या महाआरती के उपरांत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें जिनवाणी ग्रंथों का महत्व और विशेषताएं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की गईं।</p>
<p>कार्यक्रम में समाज उपमंत्री नरेंद्र जैन झांझरी, सह मंत्री राज जैन छाबड़ा, सुरेन्द्र जैन काला, सुनील जैन सेठी, आशा जैन गंगवाल, अजय जैन सेठी सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।</p>
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		<title>शिव वाटिका में जैन समाज ने जैन संत की गुरु पूजा की : नागरिक अभिनंदन समारोह में हुआ सम्मान </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Feb 2025 17:28:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शिव वाटिका में आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी एवं मुनिश्री प्रांजल सागर जी, मुनिश्री प्रत्यक्ष सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में जुलूस निकाला। उन्हें बड़ा मंदिर जी से शिव वाटिका लेकर जाया गया। यहां नागरिक अभिनंदन हुआ। कोडरमा से पढ़िए यह खबर&#8230; कोडरमा। शहर की शिव वाटिका में आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी एवं [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>शिव वाटिका में आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी एवं मुनिश्री प्रांजल सागर जी, मुनिश्री प्रत्यक्ष सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में जुलूस निकाला। उन्हें बड़ा मंदिर जी से शिव वाटिका लेकर जाया गया। यहां नागरिक अभिनंदन हुआ। <span style="color: #ff0000">कोडरमा से पढ़िए यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोडरमा।</strong> शहर की शिव वाटिका में आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी एवं मुनिश्री प्रांजल सागर जी, मुनिश्री प्रत्यक्ष सागर जी महाराज ससंघ को गाजे-बाजे के साथ जूलूस के माध्यम से बड़ा मंदिर जी से शिव वाटिका लेकर जाया गया। जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मुनिश्री का मौहरी समाज, वर्णवाल समाज, पंजाबी समाज, ब्राह्मण समाज, बंगाली समाज, मारवाड़ी युवा मंच, प्रेरणा शाखा, रोटरी क्लब आदि संस्थाओं ने मुनिश्री को पूजा-अर्चना कर श्रीफल अर्पित किया। जैन समाज के सदस्यों ने सभी शाखाओं के प्रतिनिधियों का तिलक लगाकर स्वागत अभिनंदन किया।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-75052" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024.jpg" alt="" width="1600" height="1064" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024-1024x681.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024-768x511.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024-1536x1021.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024-990x658.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250220-WA0024-1320x878.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />चित्र अनावरण में ये समाजजन मौजूद रहे</strong></p>
<p>कार्यक्रम में द्वीप प्रज्वलन और चित्र अनावरण राज छाबड़ा मंत्री, सुरेंद्र काला, कोषाध्यक्ष एवं मुख्य पुण्यार्जक सुरेश पांडया, पूर्व अध्यक्ष,सुशील छबड़ा पूर्व अध्यक्ष, प्रदीप पांडया, पूर्व अध्यक्ष, सुरेश झांझरी, पूर्व उपाध्यक्ष कमल सेठी, पूर्व मंत्री जयकुमार गंगवाल, पूर्व मंत्री ललित सेठी पूर्व मंत्री, प्रदीप छबड़ा, किशोर पांडया महिला समाज की अध्यक्ष नीलम सेठी और मंत्री आशा गंगवाल, जैन युवक समिति के अध्यक्ष राजीव छाबड़ा एवं इस कार्यक्रम के संयोजक लोकेश पाटोदी, राहुल छाबड़ा,अभिषेक गंगवाल, रौनक कासलीवाल, प्रशम सेठी आदि ने किया।</p>
<p><strong>बच्चों ने भक्ति नृत्य किया</strong></p>
<p>सुबोध गंगवाल ने मुनिश्री का भव्य पूजन किया। साथ ही इस कार्यक्रम में मंच संचालन संजय छाबड़ा ने किया। साथ ही समाज के सदस्यों ने मुनि को श्रुत वारिधि की उपाधि भी दी। जिसे सुरेश झांझरी ने पढ़कर सुनाया। इस कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने भक्ति नृत्य कर पूरे समारोह में जोश भर दिया।</p>
<p><strong>महावीर जैन और कुसुम जैन को सम्मानित किया</strong></p>
<p>पूज्य मुनि श्री ने अपने पूर्व जीवन घटनाओं को सभा के मध्य रखा। जिसमें उन्होंने मानमल झांझरी का नाम लेकर उन्ही के धार्मिक संस्कार से ही में आज इस पद पर पहुंच पाया। मौके पर समाज के पदाधिकारियों ने मुनिश्री प्रांजल सागर जी महाराज के गृहस्थ अवस्था के पिता महावीर जैन और माता कुसुम जैन को सम्मानित भी किया गया।</p>
<p><strong>आत्मा को जानने की जरूरत</strong></p>
<p>आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी ने कहा हमें समय अर्थात आत्मा को जानने की जरूरत है। जिसने आत्मा को जान लिया। वे मोक्ष मार्ग प्राप्त कर सकते हैं। हमारा शरीर नष्ट होता है। जीव द्रव्यका कुछ नहीं होता। हम सबको मोक्ष मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए।</p>
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		<title>मुनि प्रांजल सागर जी का मंगल प्रवेश अगवानी के लिए उमड़ा जैन समाजः धर्म ध्वजा और नारों से रहा माहौल धार्मिक  </title>
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		<pubDate>Fri, 14 Feb 2025 14:01:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[झुमरी तिलिया में जन्मे अखिलेश भैया का 14 वर्षों बाद जैन मुनि प्रांजल सागर जी बनकर अपने दीक्षा गुरु आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी के साथ संघ सहित झुमरीतिलैया की धर्म नगरी में मंगल आगमन हुआ। जैन समाज सहित अन्य समाजों ने भी मुनिश्री की अगवानी की। पाद प्रक्षालन के लिए श्रद्धालुओं में होड़ रही। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>झुमरी तिलिया में जन्मे अखिलेश भैया का 14 वर्षों बाद जैन मुनि प्रांजल सागर जी बनकर अपने दीक्षा गुरु आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी के साथ संघ सहित झुमरीतिलैया की धर्म नगरी में मंगल आगमन हुआ। जैन समाज सहित अन्य समाजों ने भी मुनिश्री की अगवानी की। पाद प्रक्षालन के लिए श्रद्धालुओं में होड़ रही। सर्वसमाज ने दर्शन और पूजन कर आरती की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए कोडरमा से यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोडरमा।</strong> रमता जोगी बहता पानी के कहावत के अनुसार झुमरी तिलिया में जन्मे अखिलेश भैया का 14 वर्षों बाद जैन मुनि प्रांजल सागर जी बनकर अपने दीक्षा गुरु आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी के साथ संघ सहित झुमरीतिलैया की धर्म नगरी में मंगल आगमन सुबह 7.30 बजे हुआ। भक्तजनों में कोडरमा गौरव जो 14 वर्षाे के बाद जन्म नगरी में आने की खुशी है। जैन समाज के पुरुष, बच्चे, महिलाओं के साथ युवा श्वेत और केशरिया पारंपरिक परिधान में मुनिश्री की अगवानी के लिए पहुंचे। इस मंगल प्रवेश में इस बार कुछ ऐतिहासिक क्षण दिखा जैन समाज के अलावा अजैनों में भी कोडरमा के मुनिश्री को देखने की उत्सुकता दिख रही थी। इस मंगल प्रवेश में सभी साथ चल रहे थे और अपने-अपने चौक-चौराहे पर मोदी समाज, बंगाली समाज, मोहरी समाज, पंजाबी समाज, अग्रवाल समाज ने मुनिश्री के चरण पखारे और आरती की।</p>
<p><strong>जयकारों के साथ पूरे शहर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण</strong></p>
<p>इस शोभायात्रा में मुनिश्री के साथ सैकड़ों भक्त बैंड पार्टी, ताशा पार्टी, बैंडबाजा, जैन स्कूल बच्चों का बैंड, महिलाओं की कलश यात्रा, जैन धर्म का ध्वज और जैन धर्म के जयकारों के साथ पूरे शहर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बन गया। सभी एक ही जयकारा लगा रहे थे कि हर मां का लाल कैसा हो प्रांजल सागर जैसा हो आदि नारे लगाकर शहर को गुंजायमान कर दिया। साथ ही छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर महिलाएं तरह-तरह के वाद्ययंत्र और स्लोगन लेकर स्वागत कर रही थीं। साथ ही महिलाएं और बालिकाएं डांडिया नृत्य के साथ हाथ में जैन धर्म का झंडा लेकर अपनी भक्ति को प्रदर्शित कर रहे थीं।</p>
<p><strong>सभी समाज ने श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की</strong></p>
<p>मुनिश्री ससंघ ने नगर भ्रमणकर बड़ा मंदिर स्टेशन रोड पहुंचे। जहां पर सैकड़ों श्रद्धालु भक्तों ने गुरुदेव के चरणों को धोया और अपने माथे पर लगाया। संपूर्ण जैन समाज ही नहीं स्थानीय सभी समाज ने श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की। भक्तजनों ने भगवान के चरणों में दीप प्रज्वलित किया शास्त्र भेंट किया। मुनि श्री ने मुलनायक 1008 श्री पारस नाथ भगवान के दर्शन कर धर्मसभा को संबोधित किया।</p>
<p><strong>लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यवहार को बदलना होगा</strong></p>
<p>अपने अमृतमय प्रवचन में गुरुदेव ने कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यवहार को बदलना होगा। व्यक्ति अच्छाइयों का खजाना होता है परंतु अपने दिमाग को खराब कार्यों में ज्यादा लगता है। जिसके कारण उसकी अच्छाई और योग्यता नजर नहीं आती है। वृक्ष यदि सूख रहा है तो पत्तों को नहीं जड़ों को देखने की आवश्यकता है। कोडरमा की धर्म प्रेमी बंधुआंे का पुण्य का योग है कि यहां पर गुरु महात्मा के चरण हमेशा पढ़ते रहते हैं। झुमरीतिलैया के लोग बड़े ही धर्मात्मा और गुरु के प्रति समर्पित भाव रखते हैं। सचमुच यहां के लोगों का पुण्य के साथ-साथ भाग्य भी अच्छा है। तभी हमेशा यहां पर संत महात्मा का सानिध्य और आशीर्वाद यहां के लोगों को हमेशा मिलते रहता है। मुनिश्री ससंघ का 120 किमी पैदल चलकर आना इस ठंडी में बहुत ही कठिन काम है और आगे इस गर्मी में इंदौर लगभग 1200 किमी की यात्रा करनी है। धर्म प्रभावना के लिए समाज से जुड़ते हैं। गुरु आगमन से धर्म प्रभावना के लिए सबसे बड़ा पर्व होता है, इसमें ना केवल श्रावक, संत से जुड़ता है बल्कि संत भी श्रावकों से जुड़कर धर्म प्रभावना को जन-जन फैलाने का प्रयास करते हैं। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज, महिला समाज जैन युवक समिति के साथ सभी भक्तों ने अपना योगदान दिया। साथ ही पदाधिकारीगण ने अपना मार्गदर्शन दिया। यह सभी जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी जैन राजकुमार अजमेरा, नवीन जैन ने दी।</p>
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		<title>झुमरीतिलैया के अखिलेश भैया का 14 वर्ष बाद मुनि रूप में प्रवेश: पदाधिकारियों और श्रद्धालु भक्तजनों ने मधुबन में जाकर किया निवेदन </title>
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		<pubDate>Thu, 13 Feb 2025 08:54:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[झुमरीतिलैया में जन्मे अखिलेश से मुनिश्री प्रांजल सागरजी बने जैन संत का 14 फरवरी शुक्रवार को मंगल प्रवेश होने जा रहा है। इससे यहां समाजजनों ने अपार हर्ष और उत्साह का संचार हुआ है। मुनिश्री के आगमन पर भव्य ऐतिहासिक अगवानी की तैयारी की जा रही है। पढ़िए कोडरमा से नवीन जैन की यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>झुमरीतिलैया में जन्मे अखिलेश से मुनिश्री प्रांजल सागरजी बने जैन संत का 14 फरवरी शुक्रवार को मंगल प्रवेश होने जा रहा है। इससे यहां समाजजनों ने अपार हर्ष और उत्साह का संचार हुआ है। मुनिश्री के आगमन पर भव्य ऐतिहासिक अगवानी की तैयारी की जा रही है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए कोडरमा से नवीन जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोडरमा।</strong> झुमरीतिलैया जैन समाज के लिए 14 फरवरी का दिन ऐतिहासिक दिन होगा। कोडरमा के लाल वैराग्य पथ पर चलते हुए अपने ब्रह्मचर्य दीक्षा के 14 वर्ष बाद कुमार अखिलेश से जैन मुनि श्री प्रांजल सागर बनकर अपने गृह क्षेत्र झुमरी तिलैया में दीक्षा गुरु आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महामुनिराज के साथ पहुंचेंगे। वे इस समय मधुबन से पैदल चल रहे हैं। जैन समाज के पदाधिकारी और श्रद्धालु भक्तजनों ने मधुबन में जाकर गुरुदेव को श्रीफल अर्पित कर कोडरमा आने का निवेदन किया।</p>
<p><strong>जैन संतश्री प्रांजल सागरजी के आगमन से हर्षित है समाज</strong></p>
<p>आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी एवं पानी टंकी रोड झुमरीतिलैया में जन्म लिए जैन संत मुनि प्रांजल सागर जी हजारों किमी पैदल यात्रा के बाद पिछले कुछ महीनो से सम्मेद शिखर में तपस्या ध्यान में लीन होकर धर्म की गंगा बहा रहे थे। कोडरमा के लाल जैन संतश्री प्रांजल सागरजी के उनके जन्म क्षेत्र पहुंचने की सूचना पर यहां के लोगों में अपार खुशी और हर्ष व्याप्त है। 14 वर्ष पूर्व उन्होंने आचार्य विनिश्चय सागर जी से दीक्षा ली थी और उनके साथ हजारों किमी धर्म यात्रा के लिए निकल गए थे।</p>
<p><strong>यह समाजजन कर रहे हैं भव्य तैयारी</strong></p>
<p>समाज के मंत्री नरेंद्र झांझरी, सह मंत्री राज छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन, काला भंडारी, सुनील जैन सेठी, पूर्व मंत्री ललित सेठी, नीलम सेठी, आशा गंगवाल, पार्षद पिंकी जैन आदि समाजजन उनके आगमन की तैयारी को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में लगे हैं।</p>
<p><strong>समाजजन चल रहे हैं मुनिश्री के साथ</strong></p>
<p>समाज के मंत्री नरेंद्र झांझरी और कोषाध्यक्ष सुरेंद्र काला ने कहा कि गुरुदेव का धार्मिक अल्प प्रवास अविस्मरणीय एवं यादगार होगा। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रौनक कासलीवाल, लोकेश पटौदी, पियूष कासलीवाल, दिलीप बाकलीवाल, राजीव छाबड़ा, जोंटी काला, प्रसम सेठी, अमित सेठी लगे हुए हैं। प्रतिदिन गुरुदेव के साथ पैदल चल रहे हैं।</p>
<p><strong>धर्म और समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाते हैं काला</strong></p>
<p>उल्लेखनीय है कि पानी टंकी रोड निवासी जैन संत प्रांजल सागर जी के गृहस्थ अवस्था के माता कुसुम देवी-पिता महावीर कासलीवाल अपने पुत्र के उनके गृह क्षेत्र जन्म स्थान पहुंचने पर बहुत ही हर्षित और पुलकित हैं और मानवी हैं। जैन संत मुनि बनने पर खुश हैं। जैन संत के मामा सुरेंद्र काला समाज के कोषाध्यक्ष हैं और धर्म और समाज सेवा में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाते हैं। जैन समाज के मीडिया प्रभारी राजकुमार अजमेरा ने यह जानकारी दी।</p>
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		<title>विनयांजलि कार्यक्रम में आचार्यश्री को भारत रत्न देने की उठाई मांग : श्री दिगम्बर दोनों जैन मंदिर में समाधि महोत्सव के रूप में मनाया स्मृति दिवस </title>
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		<pubDate>Sat, 08 Feb 2025 04:06:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री विद्यासागर जी का प्रथम समाधि स्मृति दिवस जैन समाज और आचार्य विद्यासागर पाठशाला द्वारा यहां विराजमान मुनिश्री शास्वत सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री दिगम्बर दोनों जैन मंदिर में समाधि महोत्सव के रूप में मनाया। समाज की महिलाएं, पुरुष और बच्चों ने आचार्यश्री विद्यासागर जी के जीवन उनके आदर्शों पर नाट्य मंचन आदि [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री विद्यासागर जी का प्रथम समाधि स्मृति दिवस जैन समाज और आचार्य विद्यासागर पाठशाला द्वारा यहां विराजमान मुनिश्री शास्वत सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री दिगम्बर दोनों जैन मंदिर में समाधि महोत्सव के रूप में मनाया। समाज की महिलाएं, पुरुष और बच्चों ने आचार्यश्री विद्यासागर जी के जीवन उनके आदर्शों पर नाट्य मंचन आदि कई सांस्कृतिक कार्यक्रम किए। समाजजनों ने विनयांजलि अर्पित की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए कोडरमा से राजकुमार अजमेरा की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोडरमा।</strong> राष्ट्र संत आचार्यश्री विद्यासागर जी महामुनिराज के प्रथम समाधि स्मृति दिवस जैन समाज और आचार्य विद्यासागर पाठशाला द्वारा यहां विराजमान मुनिश्री शास्वत सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री दिगम्बर दोनों जैन मंदिर में समाधि महोत्सव के रूप में मनाया। समाज की महिलाएं, पुरुष और बच्चों ने आचार्यश्री विद्यासागर जी के जीवन उनके आदर्शों पर नाट्य मंचन आदि कई सांस्कृतिक कार्यक्रम किए। प्रातः दोनों मंदिर जी में महमस्तिकाभिषेक और विशेष विश्व शांति धारा की गई। जिसका सौभाग्य सुरेंद्र सौरभ काला परिवार को प्राप्त हुआ। भगवन का विशेष पूजन सुबोध-आशा गंगवाल द्वारा संगीतमय पूजन और आचार्य के 36 गुणों का बखान करते हुए 36 अर्घ्य और श्रीफल गुरु चरणों मे समर्पित किए गए। पूजन सामग्री के दातार संजय-बबिता गंगवाल परिवार को सौभाग्य प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-74070" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250208-WA0001.jpg" alt="" width="1040" height="780" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250208-WA0001.jpg 1040w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250208-WA0001-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250208-WA0001-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250208-WA0001-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250208-WA0001-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250208-WA0001-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250208-WA0001-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/02/IMG-20250208-WA0001-990x743.jpg 990w" sizes="(max-width: 1040px) 100vw, 1040px" />कोडरमा के रास्ते जयकारों से गूंजे</strong></p>
<p>जैन बड़ा मंदिर से जुलूस निकाला गया। जो नगर भ्रमण कर जैन मंदिर में समापन हुआ। मार्ग में श्रद्धालु भक्तजन, महिला, पुरुष और बच्चे आचार्यश्री विद्यासागर जी के उद्घोष जयकारा लगा रहे थे। गुरुदेव द्वारा आजीवन नमक, मीठा, ड्रायफ्रूट्स, दही आदि कई त्याग का बेनर लेकर चल रहे थे।</p>
<p><strong>आदर्श और प्रयासों को याद किया</strong></p>
<p>राष्ट्रीय निर्माण और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए आचार्य श्री विद्यासागर जीने अपनी पूरी जिंदगी लगा दी उनका एक ही अभियान था इंडिया नही भारत बोलो,गोशाला की स्थापना,हथकरघा को बढ़ावा देना, बालिकाओं के लिए विश्वविद्यालय की स्थापना जैसे बहुत से कार्य का अभियान की शुरूआत गुरुदेव ने की। आज उनके पुण्य स्मृति दिवस पर राष्ट्र के लिए उनके द्वारा किए गए आदर्श को प्रयासों को याद किया गया।</p>
<p><strong>भारतीय संस्कृति के प्रतीक थे आचार्य</strong></p>
<p>समाज के मंत्री नरेंद्र झाझंरी ने कहा कि जैन संत आचार्य विद्यासागर सभी धर्म के लोगों में पूजनीय थे। सत्य अहिंसा और भारतीय संस्कृति के प्रतीक थे। उनकी समाधि पर उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। समाजसेवी सुरेश झाझंरी एवं पार्षद पिंकी जैन ने भारत सरकार से उन्हें भारत रत्न देने की अपील की।</p>
<p><strong>इन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की</strong></p>
<p>सुशील छाबड़ा राज छाबड़ा सुरेंद्रकाला ,जय कुमार गंगवाल कमल सेठी सुरेश सेठी प्रदीप छाबड़ा ,सुनीता सेठी, ईशा सेठी,नीलम सेठी, समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन, राजकुमार अजमेरा ने पूज्य आचार्य की समाधि पर अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि प्रकट की।</p>
<p><strong>इनका कार्यक्रम में रहा सहयोग</strong></p>
<p>रात्रि जैन मंदिर में गुरुदेव के विनयांजलि सभा की समाप्ति के बाद मंदिर में महाआरती के बाद समाज के सभी श्रद्धालु भक्तजनों ने झंडा चौक पर दीपक प्रज्वलित किए। सभी कार्यक्रम में जैन समाज,जैन महिला संगठन,जैन युवक समिति के साथ श्री दिगंबर जैनाचार्य विद्यासागर प्रामाणिक पाठशाला झुमरी तिलैया, कोडरमा, झारखंड की शिक्षिकाएं एवं बच्चों और कार्यक्रम की संयोजिका सुनीता सेठी का सहयोग रहा।</p>
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		<title>श्री दिगम्बर शाश्वत तीर्थराज सम्मेदशिखरजी ट्रस्ट द्वारा मानवीय परोपकार के कार्य कियेः शिखरजी मे ठंड में कम्बल वितरण किये गये </title>
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		<pubDate>Sat, 18 Jan 2025 12:20:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[चौबीस तीर्थंकरों की निर्वाण पावन तपोभूमि श्री सम्मेदशिखरजी में श्री दिगम्बर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेदशिखर ट्रस्ट के मानवीय परोपकारी कार्य “कम्बल वितरण” का दूसरा आयोजन जगदीश जैन-पानीपत के सौजन्य से ट्रस्ट के अध्यक्ष महामंत्री-हजारीबाग के निर्देश पर पुनः मधुबन के निहारिका प्रांगण में पीरटांड प्रखण्ड के सभी वृद्ध एवं असहाय महिलाओं-पुरूषों के बीच किया गया। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>चौबीस तीर्थंकरों की निर्वाण पावन तपोभूमि श्री सम्मेदशिखरजी में श्री दिगम्बर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेदशिखर ट्रस्ट के मानवीय परोपकारी कार्य “कम्बल वितरण” का दूसरा आयोजन जगदीश जैन-पानीपत के सौजन्य से ट्रस्ट के अध्यक्ष महामंत्री-हजारीबाग के निर्देश पर पुनः मधुबन के निहारिका प्रांगण में पीरटांड प्रखण्ड के सभी वृद्ध एवं असहाय महिलाओं-पुरूषों के बीच किया गया। ट्रस्ट का यह कार्य काफी सरहानीय है, हमें मानव के रूप में जन्म मिला इस का गर्व है लेकिन हम मानव की सेवा कैसे करें इस विषय पर ध्यान देने की आवश्यकता है, पीरटांड के सुदूरवर्ती क्षेत्र है जहां के लोगों को बाहरी दुनियां से कोई सरोकार नहीं है ऐसे लोगों के बच्चों के बौद्धिक उत्थान के लिए भी हमे प्रयास करना है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए कोडरमा से राज कुमार जैन अजमेरा की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सम्मेदशिखरजी।</strong> पौष माह बीत गया है अब नए वर्ष के माघ माह में हम प्रवेश कर गये है, किन्तु सुबह को कोहरा और शरद हवा ने ठंड में और भी जीना मुहाल कर दिया है। ऐसे में चौबीस तीर्थंकरों की निर्वाण पावन तपोभूमि श्री सम्मेदशिखरजी में श्री दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेदशिखर ट्रस्ट के मानवीय परोपकारी कार्य “कम्बल वितरण” का दूसरा आयोजन जगदीश जैन-पानीपत के सौजन्य से ट्रस्ट के अध्यक्ष जम्बूप्रसाद जैन, गाजियाबाद, महामंत्री राजकुमार जैन अजमेरा-हजारीबाग के निर्देश पर पुनः मधुबन के निहारिका प्रांगण में पीरटांड प्रखण्ड के सभी वृद्ध एवं असहाय महिलाओं-पुरूषों के बीच किया गया।</p>
<p><strong>मंगलाचरण व दीप प्रज्वलित से कार्यक्रम का शुभारंभ </strong></p>
<p>मंगलाचरण व दीप प्रज्वलित ट्रस्ट कोषाध्यक्ष सी.ए. महेन्द्र कुमार जैन ने पीरटांड के अंचलाधरीकारी गिरजानंद किस्कु, मधुबन थाना प्रभारी जगन्नाथ पान का तिलक व अंग वस्त्र भेंटकर विशेष सम्मान किया, वहीं ट्रस्ट प्रांगण में आये सभी अतिथियों का स्वागत ट्रस्ट प्रबंधक संजीव जैन व मुख्य स्वागतकर्ता गंगाधर महतो ने तिलक व अंग वस्त्र भेंट कर किया। ट्रस्ट के पदाधिकारियों, अधिकारियों पधारे सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों व मधुबन के प्रबुद्ध व्यक्तियों द्वारा मंगलाचरण व भगवान महावीर चित्र के समक्ष संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को प्रारम्भ किया गया। कार्यक्रम का संचालन जयनगर के प्रधानाध्यापक पुरन मांझीजी, ट्रस्ट के ऑफिस एडमिनिस्ट्रेटर ए. सईदी ने संयुक्त रूप से किया।</p>
<p><strong>पावन धरा पर कार्य करने का अवसर मिलना सौभाग्य है </strong></p>
<p>संबोधन ट्रस्ट के महामंत्री राजकुमार अजमेरा ने बताया कि ‘इस सिद्ध क्षेत्र की पावन धरा पर कार्य करने का अवसर मिलना ही सौभाग्य की बात है, यह विचार हमें कुछ करने लिए प्रेरित करता है। साथ ही मुझमें ऊर्जा का संचार करती है, अब तक किए गए मेरे प्रयास से हाशिये पर रहें लोगों को राहत मिल रही है। जानकर मुझे प्रसन्नता होती है, लेकिन हमारा मकसद इस क्षेत्र के युवा, छात्र एवं असहायों को उचित एवं सम्मानजनक स्थिति पर ला खड़ा करना है। जिसके लिए मैं प्रयासरत हूँ।</p>
<p><strong>जरूरतमंदो बीच कम्बल वितरण किया गया </strong></p>
<p>दिनांक 11 जनवरी 2025 को कम्बल वितरण आयोजन को प्रारम्भ किया गया था जिसमें ट्रस्ट के न्यासी श्री मनोज जी जैन-धनबाद के अगुवाई में 235 दिव्यांगों के बीच कम्बल वितरण किये गयें थें, इस दौरान दिव्यांगों ने अपने कई समस्याओं को भी कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के समक्ष रखा। जिस पर ट्रस्ट विचार कर रही है, आज लगभग 510 जरूरतमंदो बीच कम्बल वितरण किया गया है, आगे भी ट्रस्ट इस क्षेत्र के जरूतमंदो तक पहुँचकर उनके लिए कई जनकल्याणकारी कार्य की योजना बना रही है, जिससे इस क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, अंचलाधिकारी महोदय का वक्तव्य के क्रम में ग्रामीण बच्चों का रेल से अनभिज्ञ होने की बात से सहमत हूँ और प्रयास करता हूँ कि बच्चों को रेल पर सवार होने का मौका मिल सके।”</p>
<p><strong>ट्रस्ट जनकल्याणकारी व परोपकारी कार्य कर रहा </strong></p>
<p>ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा की “ट्रस्ट अपने जनकल्याणकारी कार्य के निमित्त लगातार इस क्षेत्र में कई परोपकारी कार्य कर रहा है। ट्रस्ट अभी तक चिकित्सा क्षेत्र में विकलांग शिविर, कैंसर निरोधक शिविर, नेत्र चिकित्सा कैम्प, एम्बुलेंस सुविधा, ग्रामीण बच्चों के प्रतिभा का विकास के लिए गांव स्तर पर आचार्य विद्यासागर फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन, बाल प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों के बच्चों को शैक्षणिक ठंड के समय शिखरजी के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार कम्बल वितरण आदि जैसे अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाता रहा हैै, जिससे इस क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा हैं।”</p>
<p>अंचलाधिकारी ने कहा “ट्रस्ट का यह कार्य काफी सरहानीय है, हमें मानव के रूप में जन्म मिला इस का गर्व है लेकिन हम मानव की सेवा कैसे करें इस विषय पर ध्यान देने की आवश्यकता है, पीरटांड के सुदूरवर्ती क्षेत्र है जहां के लोगों को बाहरी दुनियां से कोई सरोकार नहीं है ऐसे लोगों के बच्चों के बौद्धिाक उत्थान के लिए भी हमे प्रयास करना है, आज इसी क्षेत्र के वृद्ध एवं असहाय महिलाओं-पुरूषों यहां देख रहा हूँ जो वास्तव में बहुत ही अच्छा प्रयास है, हमारी सक्षम समाज को इसी प्रकार से आगे आ कर कार्य करना चहिए।” इसी क्रम में थाना प्रभारी ने कहा और अन्य ने भी अपने संबोधन में शाश्वत ट्रस्ट के कार्य की सराहना की।</p>
<p><strong>महामंत्रीजी का सकारात्मक सहयोग मिलता रहा है</strong></p>
<p>संचालन के दौरन पुरन मांझी ने मंचासीन के समक्ष ट्रस्ट द्वारा किये जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों का व्याख्या करते हुए कहा की ट्रस्ट के महामंत्री राजकुमार जैन अजमेराजी से जब भी संपर्क किया हैं। उनकी ओर से हमेशा सकारात्मक सहयोग इस क्षेत्र के लिए ट्रस्ट के माध्यम से मिलता रहा है, प्रतिभा का संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए ट्रस्ट के महामंत्री महोदय कितने संवेदनशील हैं जिसका आकलन इस विषय पर किया जा सकता है कि झारखंड शिक्षा परियोजना के द्वारा आयोजित खेल में मेरे विद्यालय के छात्र (कक्षा 8वां की छात्रा बाहा मुनी कुमारी और 7वें कक्षा का छात्र सुभाष मुर्मू) बहुत ही अच्छा धनुषबाण चलाते हैं सिर्फ इस लिए भाग लेने से वंचित रह जाते कि उनके पास मान्यता प्राप्त धनुष नहीं था, मैंने तत्काल अजमेरा सर से संपर्क कर आग्रह किया, इनके द्वारा त्वरित कार्यवाई कर खेल शुरू होने के तीन दिन पूर्व ही छात्र को इनके माध्यम से धनुष उपलब्ध करा दिया गया, छात्र आज भी काफी उत्साहित है और लगातार अभ्यास में जुटें हैं।</p>
<p><strong>मुुंशी प्रेमचंद के लेख कि व्याख्या की </strong></p>
<p>ए सईदी ने मंचासीन और जरूरतमंदों के समक्ष मुंशी प्रेमचंद के उस लेख कि व्याख्या की जब गरीब किसान हलुक ने ठंड से बचने के लिए पत्नी के जमा तीन रुपये खर्च कर एक कम्बल खरीदते हैं और खलिहान भी नहीं बचा पाते हैं। आज हमारे बीच शाश्वत ट्रस्ट जैसी संस्थान है जो हर संभव मदद के लिए तत्पर रहती है।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-72610" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250118-WA0019.jpg" alt="" width="807" height="620" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250118-WA0019.jpg 807w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250118-WA0019-300x230.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250118-WA0019-768x590.jpg 768w" sizes="(max-width: 807px) 100vw, 807px" />सहयोगियों का सम्मान किया गया</strong></p>
<p>ट्रस्ट के प्रबंधक संजीव जैन ने बताया आज पीरटांड प्रखंड के सुदूवरर्वी क्षेत्र के जरूरतमंदो के बीच कम्बल वितरण किया गया है। साथ ही साथ इस कार्य को सफल करने के लिए सभी सहयोगी का सम्मान कर सभा समाप्ति की घोषणा जयघोष के साथ की गई। मौके पर मधुबन पंचायत के उपमुखिया झरीलाल महतो, मधुबन पंचायत के पंचायत समिति लइका तुरी, चम्पा देवी, खुखरा पंचायत के पंचायत समिति केशव पाठक, उत्तरप्रदेश के प्रबंधक सुजित सिन्हा, तीर्थक्षेत्र कमेटी के पवन शर्मा, अमर कुमार, सुभाष जैन, ओम प्रकाश महतो, ट्रस्ट के शैलेन्द्र पुजारी, भोला तीवारी, अशोक दास, मुकेश महतो सहित ट्रस्ट की पूरी टीम उपस्थित रही, कम्बल पाकर सभी बहुत खुश दिखें।</p>
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		<title>आचार्यश्री विद्यासागर जी के जीवन पर आधारित पैनोरमा नारेली में बनेगाः शिलान्यास मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे </title>
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		<pubDate>Tue, 14 Jan 2025 12:57:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज की यादों को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नती प्राधिकरण के माध्यम से उनके जीवनवृत पर पैनोरमा तैयार किया जा रहा है। इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। इस महती कार्यक्रम के लिए जैन समाज की कार्यकारिणी की बैठक विगत दिनों हुई। इसमें कार्यक्रम की तैयारियों को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज की यादों को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नती प्राधिकरण के माध्यम से उनके जीवनवृत पर पैनोरमा तैयार किया जा रहा है। इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। इस महती कार्यक्रम के लिए जैन समाज की कार्यकारिणी की बैठक विगत दिनों हुई। इसमें कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर चर्चा कर दायित्वों को बांटा गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के गुरु भक्त और राजनयिक आदि मौजूद रहेंगे। <span style="color: #ff0000">अजमेर से पढ़िए कुणाल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अजमेर।</strong> जैन समाज के संत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के जीवन पर आधारित पैनोरमा का निर्माण नारेली बाइपास स्थित ज्ञानोदय तीर्थ के सामने किया जाएगा। इस निर्माण कार्य का शिलान्यास 19 जनवरी को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हाथों से किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दियाकुमारी, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नती प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकारसिंह लखावत करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राधिकरण के अध्यक्ष औंकारसिंह लखावत के विशेष प्रयासों से इस पैनोरमा का तखमीना तैयार किया गया है। इसको बनाने का जिम्मा भी प्राधिकरण का ही रहेगा।</p>
<p><strong>आचार्य श्री का समग्र जीवन का चित्रण होगा</strong></p>
<p>इस निर्माणाधीन पैनोरमा में आचार्यश्री विद्यासागर के जीवन के हर पहलु का दृश्य और श्रव्य माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। अजमेर आचार्यश्री की दीक्षा स्थली है। इसके कारण यह पैनोरमा भक्तों के लिए तीर्थ के समान होगा। आचार्यश्री की गत वर्ष समाधि हो गई थी। उनकी समृतियों को स्थायी बनाए रखने के लिए पैनोरमा बनाया जा रहा है। शिलान्यास कार्यक्रम के लिए जैन समाज के लोगों को अपने-अपने दायित्वों का वितरण कर दिया गया है।</p>
<p><strong>बैठक में यह रहे मौजूद</strong></p>
<p>बैठक में ब्रह्मचारी शशांक, अजय दनगासिया, पुखराज पहाड़िया, प्रमोद सोनी, सुनील ढिलवारी, राजकुमार गोधा, प्रदीप पाटनी, प्रवीण गादिया, विजय जैन, लोकेश जैन आदि मौजूद रहे।</p>
<p><strong>जैन संतों के तीन संघों का सानिध्य </strong></p>
<p>उपाध्याय वृषाभानंद अपने संघ सहित पहले से ही जिनशासन तीर्थ क्षेत्र में विराजमान हैं। मुनिश्री प्रणम्य सागर विहार करते हुए किशनगढ़ पहुंचे हैं और मुनिश्री नीरजसागर जी संघ के साथ सरवाड़ पहुंचे हैं। दोनों संघ 16 जनवरी तक अजमेर पहुंच जाएंगे।</p>
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		<title>भगवान और गुरुओं की वाणी को चित्त लगाकर सुनने से भव्यता प्राप्त होती है : झमाझम बारिश के बीच आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी का भव्य मंगल प्रवेश </title>
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		<pubDate>Tue, 14 Jan 2025 08:55:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[छतरपुर में सोमवार को आचार्यश्री प्रसन्नसागर जी महाराज ससंघ का मंगलप्रवेश हुआ। इस अवसर पर झमाझम बारिश भी हुई। अगवानी के लिए पूरे बाजार और मंदिर को सजाया गया। मंगल आरती और धर्मसभा का आयोजन हुआ। धर्मसभा में आचार्यश्री ने जनसमुदाय को प्रबोधन दिया। पढ़िए छतरपुर से कोडरमा मीडिया प्रभारी राजकुमार अजमेरा/नवीन जैन की यह [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>छतरपुर में सोमवार को आचार्यश्री प्रसन्नसागर जी महाराज ससंघ का मंगलप्रवेश हुआ। इस अवसर पर झमाझम बारिश भी हुई। अगवानी के लिए पूरे बाजार और मंदिर को सजाया गया। मंगल आरती और धर्मसभा का आयोजन हुआ। धर्मसभा में आचार्यश्री ने जनसमुदाय को प्रबोधन दिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए छतरपुर से कोडरमा मीडिया प्रभारी राजकुमार अजमेरा/नवीन जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>छतरपुर/कोडरमा।</strong> धन्य है ऐसे मुनिराज जो आज के इस आधुनिक युग मे भी चतुर्थ काल की साधना कर रहे हैं। जो शायद कहीं और देखना दुर्लभ ही है। रविवार को सुबह का नजारा उस समय अदभुत हो गया, जब जैन संत अंतर्मना श्री प्रसन्नसागरजी महाराज 14 वर्षाें बाद अपने गृह नगर में प्रवेश करने वाले थे। उसी समय झमाझम बारिश शुरू हो गई। ऐसा लगा कि मानो स्वर्ग से इंद्र देवता भी जैनाचार्य की भव्य अगवानी के लिए स्वयं ही पधार गए हों।</p>
<p><strong>ढोल-नगाड़ों के साथ की भव्य मंगल अगवानी</strong></p>
<p>जैन समाज के प्रो. सुमति प्रकाश जैन एवं श्री पंकज जैन महर्षि ने बताया कि आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज की ढोल-नगाड़ों एवं बैंडबाजों के साथ सागर रोड स्थित चंदप्रभु चैत्यालय से भव्य अगवानी की गई। इस अवसर सकल दिगंबर जैन समाज तथा विभिन्न महिला मंडलों की महिलाओं और जैन मिलन द्वारा आचार्य श्री की आरती उतारी गई। आचार्यश्री सैकड़ों भक्तों के साथ बिजावर नाका, छत्रसाल चौक एवं पुरोहित चौराहे होते हुए पुरानी तहसील महलों पर पहुंचे। जहां धर्मसभा हुई। इस धर्मसभा में छतरपुर विधायक ललिता यादव, खजुराहो विधायक अरविंद पटेरिया, नगरपालिका अध्यक्ष ज्योति सुरेंद्र चौरसिया, भाजपा नेता पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ‘गुड्डु भैया’ सहित गणमान्य नागरिक शामिल हुए।</p>
<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-72371" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250114-WA0006.jpg" alt="" width="1223" height="467" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250114-WA0006.jpg 1223w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250114-WA0006-300x115.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250114-WA0006-1024x391.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250114-WA0006-768x293.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250114-WA0006-990x378.jpg 990w" sizes="auto, (max-width: 1223px) 100vw, 1223px" />इनका किया सम्मान</strong></p>
<p>ब्रह्मचारी तरुण भैया जी ने मंच का संचालन करते हुए आयोजन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर जैन समाज छतरपुर द्वारा आचार्यश्री के साथ निरंतर सेवा में संलग्न संघपति दिलीप सुनीता घूमड़, बड़ौत गुजरात, श्रवण कुमार संध्या नागपुर, मनोज जैन शिल्प जैन झांझरी हैदराबाद को प्रशस्ति एवं शॉल श्रीफल से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आचार्यश्री की पूर्व भव की पूज्य मातुश्री शोभा देवी जैन को भी बड़े ही आदर भाव से सम्मानित किया गया।</p>
<p><strong>बुढ़ापे में तो पाप भी नहीं होते तो पुण्य कहां से करोगे</strong></p>
<p>कार्यक्रम में अपने प्रवचन में मुनिश्री सहज सागर जी ने कहा कि प्रार्थना ईश्वर को नहीं बदलती है। प्रार्थना उसे बदल देती है जो इसे करता है। अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमें यह स्वयं सोचना होगा कि जो हम सोचते हैं वो बनाना चाहते हो या जो बन सकते हो वो बनाना चाहते हैं क्योंकि, समय निकल जाने के बाद जीवन मंे कुछ नहीं किया जा सकता है क्योकि, बुढ़ापे में तो पाप भी नहीं होते तो पुण्य कहां से करोगे। इसलिए हाथ-पैर चलने की उम्र में धर्म ध्यान कर लेना चाहिए। उन्होंने शहर में बिताए अपने बचपन के पलों को भी याद करते हुए कहा कि हे छतरपुर वालों हमने कभी ये सोचा भी नहीं था कि हम भी कभी यहां आकर प्रवचन करेंगे और आप सभी हमें सुन रहे होंगे। आप भी ऐसे बनिए कि लोग आपको सुनें और माने।</p>
<p><strong>मंदिरजी और बाजार सजाए</strong></p>
<p>आचार्यश्री की ससंघ अगवानी के सुअवसर पर सागर रोड से चौक बाजार तक मनोहारी सजावट की गई तथा मंदिरों पर लुभावनी विद्युत सज्जा की गई। पूरे रास्ते में जैन एवं अजैन बंधुओं ने अपने घर के सामने रंगोली और गुब्बारों से सजावट कर आचार्यश्री एवं संघस्थ साधुओं की मंगल आरती कर शुभाशीष लिया। धर्मसभा के बाद आचार्य संघ ने कोतवाली के समीप स्थित श्री नेमीनाथ जिनालय,बड़े जैन मंदिर आदि में श्री जी के दर्शन पूजन किए। पूज्य आचार्यश्री की ससंघ आगवानी एवं धर्मसभा में उपस्थित नगर के जनसमुदाय के पधारने पर जैन समाज की सभी कार्यकारिणी ने आभार ज्ञापित किया।</p>
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		<title>णमोकार चालीसा भक्तामर पाठ और आरती कर भगवान पार्श्वनाथ की हुई आराधना: गिरनार यात्रियों का किया स्वागत </title>
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		<pubDate>Thu, 09 Jan 2025 07:55:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[झुमरी तलैया के दिगंबर जैन समाज ने सर्वजनों की सुख षांति के लिए मंगलपाठ किया। इस अवसर पर गिरनार पर्वत की यात्रा कर लौटे यात्रियों का स्वागत भी किया गया। इस अवसर पर जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। पढ़िए कोडरमा से यह खबर&#8230; कोडरमा। श्री दिगंबर जैन समाज झुमरीतलैया के नेतृत्व [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>झुमरी तलैया के दिगंबर जैन समाज ने सर्वजनों की सुख षांति के लिए मंगलपाठ किया। इस अवसर पर गिरनार पर्वत की यात्रा कर लौटे यात्रियों का स्वागत भी किया गया। इस अवसर पर जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। <span style="color: #ff0000">पढ़िए कोडरमा से यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>कोडरमा।</strong> श्री दिगंबर जैन समाज झुमरीतलैया के नेतृत्व में सभी के सुख शांति के लिए और श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर जल्द निर्माण के लिए मंगल पाठ किया। श्री दिगंबर जैन बडा मंदिर जी में 1008 भगवान पार्श्वनाथ स्वामी की वेदी के सामने णमोकार चालीसा, भक्तामर का पाठ और आरती के कार्यक्रम हुए। जिसमें समाज के उपमंत्री नरेंद झांझरी, राज छाबड़ा, सुनील सेठी, सुरेश पांड्या, सुरेश झांझरी, ललित सेठी, राज कुमार अजमेरा ने बुधवार को पुण्यार्जक परिवार और दीप प्रज्वलन कर्ता गिरनार यात्रा के संयोजक अजय-अलका सेठी, अनूप-पिंकी सेठी, सुबोध-आशा गंगवाल, आशीष-प्रीति सेठी के साथ गिरनार यात्रियों को पुष्पहार और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।</p>
<p><strong>श्रावकों ने 152वां पाठ किया</strong></p>
<p>ये पाठ प्रति अष्टमी और चौदस को बड़े जैन मंदिर में विगत तीन वर्षाें से हो रहा है। ये 152 वां पाठ हुआ।।48 पाठ के बाद एक बहुत ही बड़े रूप में आदिनाथ भगवान की 48 मंडलीय विधान किया गया था। इस पाठ में पुण्यार्जक परिवार और समाज द्वारा भक्तामर पाठ के 48 कड़े में 48 दीपक आदिनाथ भगवान के चरणों में समर्पित किया गया। इसके बाद भव्य आरती की गई।</p>
<p><strong>गिरनार पर्वत के दर्शन और यात्रा करना पुण्यशाली</strong></p>
<p>इस अवसर पर समाज के उपमंत्री ने कहा कि जैन धर्म के 22 वें तीर्थंकर 1008 श्री नेमिनाथ भगवान का निर्वाण गिरनार के उर्जायन्त पर्वत पर आज से हज़ारों वर्ष पहले हुआ था। तब से पूरे भारत के जैन समाज के भक्तगण गिरनार (गुजरात )दर्शन कर अपने आप को पुण्यशाली मानते हैं क्योंकि, यहां की यात्रा बहुत ही कठिन है और ये इन सभी यात्रियों ने बहुत ही भक्ति भाव के साथ इस यात्रा को पूर्ण की।</p>
<p><strong>भक्तों का स्वागत कर आभार जताया</strong></p>
<p>भक्तामर पाठ के 2025 के नव निर्वाचित संयोजक रौनक-आशिका कासलीवाल, प्रशम-दीपाली सेठी ने विनीत-प्राची गंगवाल के साथ सभी उपस्थित भक्तों का स्वागत कर आभार माना। कोडरमा मीडिया प्रभारी राज अजमेरा और नवीन जैन ने यह जानकारी दी।</p>
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		<title>सम्मेदशिखर जी की यात्रा का सौभाग्य महाभाग्यशाली जीवों को ही मिलता है : गुवाहाटी से आए तीर्थयात्रियों का स्वागत झुमरीतिलैया जैन समाज ने किया </title>
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		<pubDate>Wed, 16 Oct 2024 08:59:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[रेहाबाड़ी यात्रा संघ द्वारा गुवाहाटी से आए जैन तीर्थयात्रियों का स्वागत श्री दिगंबर जैन समाज झुमरीतिलैया के पूर्व मंत्री ललित कुमार जी सेठी ने किया। गुवाहाटी से लगभग 51 तीर्थयात्री कानकी, चम्पापुर, राजगीर, पावापुरी, कुंडलपुर होते हुए कोडरमा पहुंचे। यहां पर समाज के सदस्यों ने संघपति प्रदीप गोधा और ज्ञानचंद-निशा काला सहित सभी तीर्थयात्रियों को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>रेहाबाड़ी यात्रा संघ द्वारा गुवाहाटी से आए जैन तीर्थयात्रियों का स्वागत श्री दिगंबर जैन समाज झुमरीतिलैया के पूर्व मंत्री ललित कुमार जी सेठी ने किया। गुवाहाटी से लगभग 51 तीर्थयात्री कानकी, चम्पापुर, राजगीर, पावापुरी, कुंडलपुर होते हुए कोडरमा पहुंचे। यहां पर समाज के सदस्यों ने संघपति प्रदीप गोधा और ज्ञानचंद-निशा काला सहित सभी तीर्थयात्रियों को माला और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। <span style="color: #ff0000">पढि़ए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>झुमरीतिलैया।</strong> रेहाबाड़ी यात्रा संघ द्वारा गुवाहाटी से आए जैन तीर्थयात्रियों का स्वागत श्री दिगंबर जैन समाज झुमरीतिलैया के पूर्व मंत्री ललित कुमार जी सेठी ने किया। गुवाहाटी से लगभग 51 तीर्थयात्री कानकी, चम्पापुर, राजगीर, पावापुरी, कुंडलपुर होते हुए कोडरमा पहुंचे। यहां पर समाज के सदस्यों ने संघपति प्रदीप गोधा और ज्ञानचंद-निशा काला सहित सभी तीर्थयात्रियों को माला और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर समाज के सुबोध गंगवाल ने स्वागत गीत गाकर यात्रियों का अभिवादन किया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-68491" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0003.jpg" alt="" width="1280" height="657" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0003.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0003-300x154.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0003-1024x526.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0003-768x394.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0003-990x508.jpg 990w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />स्वागत समारोह में पूर्व मंत्री ललित सेठी, सुरेश झांझरी, सुशील छाबड़ा, उप मंत्री नरेंद्र झांझरी, सह मंत्री राज छाबड़ा और कोषाध्यक्ष सुरेंद्र काला ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हमें पंच तीर्थ यात्रा करते हुए तीर्थराज सम्मेदशिखर जी के दर्शन करने वाले यात्रियों का स्वागत करने का अवसर मिला है। ललित सेठी, संदीप सेठी, आशीष सेठी और महिला समाज की अध्यक्षा नीलम सेठी ने संयुक्त रूप से कहा कि पंच तीर्थ की यात्रा करना अत्यंत पुण्यदायी होता है, और इस यात्रा में सम्मेदशिखर जी की यात्रा का सौभाग्य महाभाग्यशाली जीवों को ही मिलता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-68490" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0005.jpg" alt="" width="1280" height="512" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0005.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0005-300x120.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0005-1024x410.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0005-768x307.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/10/IMG-20241016-WA0005-990x396.jpg 990w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />उन्होंने सभी यात्रियों को बधाई देते हुए कहा कि आपकी सम्मेदशिखर जी की यात्रा निर्विघ्न हो और सभी को दर्शन का लाभ मिले। इस यात्रा में विशेष रूप से संघपति प्रदीप गोधा, सुभाष बड़जात्या, मनोज रावका, रामचंद सेठी, धर्मचंद पांड्या, ज्ञानचंद काला, निशा काला, अहिंसा जैन महिला समाज की मंजू गोधा, सरला बड़जात्या, सुनीता रारा और डिमापुर से आई प्रेमलता जैन शामिल थीं। कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा और नवीन जैन ने भी सभी यात्रियों को शुभकामनाएं दीं।</p>
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