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	<title>Jinwani Rath Yatra &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>श्रुत पंचमी पर जयपुर में निकली भव्य जिनवाणी रथ यात्रा, गूंजे जिनवाणी माता के जयकारे : राजस्थान जैन साहित्य परिषद के त्रिदिवसीय महोत्सव का श्रद्धाभाव के साथ हुआ समापन, विचार गोष्ठी एवं श्रुत स्कन्ध विधान भी रहे आकर्षण </title>
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		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:05:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्थान जैन साहित्य परिषद द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय श्रुत पंचमी महोत्सव के अंतर्गत जयपुर में विशाल जिनवाणी (षट्खण्डागम) रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा, विचार गोष्ठी और श्रुत स्कन्ध विधान पूजन के माध्यम से श्रुत ज्ञान एवं जिनवाणी के महत्व का संदेश दिया गया।  जयपुर, 19 जून। ज्ञान आराधना दिवस श्रुत पंचमी के उपलक्ष्य में राजस्थान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>राजस्थान जैन साहित्य परिषद द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय श्रुत पंचमी महोत्सव के अंतर्गत जयपुर में विशाल जिनवाणी (षट्खण्डागम) रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा, विचार गोष्ठी और श्रुत स्कन्ध विधान पूजन के माध्यम से श्रुत ज्ञान एवं जिनवाणी के महत्व का संदेश दिया गया। </strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर, 19 जून।</strong> ज्ञान आराधना दिवस श्रुत पंचमी के उपलक्ष्य में राजस्थान जैन साहित्य परिषद द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय महोत्सव का समापन शुक्रवार को विशाल एवं भव्य जिनवाणी (षट्खण्डागम) रथ यात्रा के साथ हुआ। गाजे-बाजे, धार्मिक ध्वजों और श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच निकली रथ यात्रा ने पूरे शहर को धर्ममय वातावरण से सराबोर कर दिया।</p>
<p><strong>छह दशकों से जारी है परंपरा</strong></p>
<p>परिषद के अध्यक्ष पदम जैन बिलाला ने बताया कि राजस्थान जैन साहित्य परिषद पिछले लगभग छह दशकों से जिनवाणी रथ यात्रा का नियमित आयोजन करती आ रही है। यह यात्रा जौहरी बाजार स्थित बड़ा मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए महावीर पार्क स्थित संघीजी के मंदिर पहुंची, जहां यह धर्मसभा में परिवर्तित हो गई।</p>
<p><strong>उमरावमल सांघी ने दिखाई रथ यात्रा को हरी झंडी</strong></p>
<p>रथ यात्रा को श्री महावीरजी अतिशय क्षेत्र के मानद मंत्री श्रेष्ठी उमरावमल सांघी ने ध्वज दिखाकर रवाना किया। यात्रा के दौरान मार्ग में आने वाले विभिन्न मंदिरों की समितियों एवं श्रुत साधकों ने जिनवाणी माता की मंगल आरती उतारकर श्रद्धाभाव से स्वागत किया।</p>
<p><strong>सैकड़ों श्रुत साधकों ने निभाई सहभागिता</strong></p>
<p>यात्रा में जयपुर की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं, महिला मंडलों एवं जैन संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राजस्थान जैन सभा के मनीष वैद एवं राखी जैन, युवा महासभा के प्रदीप लाला, महावीर स्कूल के सुनील बख्शी, पदमपुरा क्षेत्र के राजकुमार कोठारी, मंदिर महासंघ के विपिन बज़, मुनि सेवा संघ के सतीश खंडाका, महिला समिति राजस्थान अंचल की शालिनी बाकलीवाल एवं विद्युत लुहाड़िया सहित अनेक गणमान्यजन यात्रा में शामिल हुए।</p>
<p><strong>धर्मसभा में हुआ सम्मान समारोह</strong></p>
<p>महावीर पार्क स्थित संघीजी के मंदिर में आयोजित धर्मसभा का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ। दीप प्रज्ज्वलन डॉ. राजकुमारी परिवार द्वारा किया गया। परिषद के मंत्री महावीर चांदवाड़ एवं संयोजक रमेश गंगवाल ने बताया कि रथ यात्रा में श्रेष्ठी प्रद्युम्न पाटनी (सीए) ने सारथी तथा श्रुत सेवक छुट्टनलाल जैन ने विशेष भूमिका निभाई।</p>
<p>धर्मसभा में मुख्य अतिथि श्रेष्ठी शांतीलाल गंगवाल (सीए) तथा विशिष्ट अतिथि अशोक खंडाका उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का तिलक, माला, दुपट्टा एवं साफा पहनाकर सम्मान किया गया।</p>
<p><strong>जिनवाणी सजाओ प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित</strong></p>
<p>इस अवसर पर आयोजित जिनवाणी सजाओ प्रतियोगिता के प्रथम तीन विजेताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही रथ यात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल हुए बच्चों को भी पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।</p>
<p><strong>वक्ताओं ने बताया श्रुत ज्ञान का महत्व</strong></p>
<p>धर्मसभा को विद्वान निर्मल बोहरा, डॉ. माधुरी, डॉ. विमल जैन, मुख्य अतिथि शांतीलाल गंगवाल, परिषद अध्यक्ष पदम जैन बिलाला, मंत्री महावीर चांदवाड़ एवं अन्य वक्ताओं ने संबोधित करते हुए जिनवाणी और श्रुत ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला।</p>
<p><strong>विचार गोष्ठी और श्रुत स्कन्ध विधान भी सम्पन्न</strong></p>
<p>महामहोत्सव के अंतर्गत कीर्तिनगर जैन मंदिर में आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ. कमलेश जैन ने श्रुत ज्ञान की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं जनकपुरी जैन मंदिर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ श्रुत स्कन्ध विधान पूजन का आयोजन किया गया।</p>
<p><strong>अनेक गणमान्यजन रहे उपस्थित</strong></p>
<p>कार्यक्रमों में परिषद के राजकुमार बिल्टीवाला, महेश चांदवाड़, प्रद्युम्न पाटनी, राजेन्द्र पापड़ीवाल, हीराचंद वैद, योगेश टोडरका, सुदर्शन पाटनी, हरकचंद बड़जात्या, सुधीर लाली, उदयभान जैन सहित अनेक सदस्य एवं श्रुत साधक उपस्थित रहे।</p>
<p>परिषद अध्यक्ष पदम जैन बिलाला ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। धर्मसभा का समापन जिनवाणी स्तुति एवं अर्घ समर्पण के साथ हुआ।</p>
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		<title>भक्ति एवं श्रद्धा के साथ जनकपुरी में संपन्न हुआ श्रुत स्कन्ध पूजा विधान, धर्मनाथ भगवान का निर्वाण लाड़ू भी चढ़ाया गया : जिनवाणी पालकी यात्रा, सामूहिक आराधना और श्रद्धामय वातावरण में मनाया गया श्रुत पंचमी महोत्सव </title>
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		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 10:51:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जयपुर के श्री दिगंबर जैन मंदिर, जनकपुरी-ज्योतिनगर में श्रुत पंचमी महोत्सव के अंतर्गत श्रुत स्कन्ध पूजा विधान श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। जिनवाणी पालकी यात्रा, सामूहिक पूजन और धर्मनाथ भगवान के निर्वाण लाड़ू अर्पण ने आयोजन को विशेष बना दिया। पढ़िए राजस्थान ब्यूरो की यह रिपोर्ट जयपुर, 18 जून। राजस्थान जैन साहित्य परिषद [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जयपुर के श्री दिगंबर जैन मंदिर, जनकपुरी-ज्योतिनगर में श्रुत पंचमी महोत्सव के अंतर्गत श्रुत स्कन्ध पूजा विधान श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। जिनवाणी पालकी यात्रा, सामूहिक पूजन और धर्मनाथ भगवान के निर्वाण लाड़ू अर्पण ने आयोजन को विशेष बना दिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजस्थान ब्यूरो की यह रिपोर्ट</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर, 18 जून</strong>। राजस्थान जैन साहित्य परिषद के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय श्रुत पंचमी महोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को श्री दिगंबर जैन मंदिर, जनकपुरी-ज्योतिनगर में श्रुत स्कन्ध पूजा विधान अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर जिनवाणी माँ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।</p>
<p><strong>षट्खण्डागम की भव्य पालकी यात्रा निकली</strong></p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः षट्खण्डागम की भव्य पालकी यात्रा के साथ हुआ। इस दौरान महिलाओं ने सिर पर जिनवाणी धारण कर श्रद्धापूर्वक सहभागिता निभाई। जिनवाणी के जयघोषों से पूरा वातावरण धर्ममय हो उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर नजर आए।</p>
<p><strong>शांतिधारा का मिला पुण्य लाभ</strong></p>
<p>इसके पश्चात मंडल विधान में मूलनायक भगवान नेमिनाथ को पाण्डुशिला पर विराजमान कर सौधर्म इंद्र जे.के. जैन एवं लाड़ देवी परिवार द्वारा शांतिधारा की गई। वहीं राजेश गर्ग जैन ने भी शांतिधारा करने का सौभाग्य प्राप्त किया।</p>
<p><strong>अष्टद्रव्य से हुई जिनवाणी माँ की आराधना</strong></p>
<p>श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से जिनवाणी माँ की आराधना करते हुए अष्टद्रव्य से पूजन-अर्चन किया। श्रुत ज्ञान के प्रति गहन श्रद्धा व्यक्त करते हुए उपस्थित धर्मप्रेमियों ने स्वाध्याय और ज्ञानाराधना का संदेश ग्रहण किया। पूरे वातावरण में आध्यात्मिकता, भक्ति और धर्मभावनाओं का अनुपम संगम देखने को मिला।</p>
<p><strong>धर्मनाथ भगवान का निर्वाण लाड़ू अर्पित</strong></p>
<p>भगवान धर्मनाथ के निर्वाण कल्याणक के उपलक्ष्य में निर्वाण लाड़ू राजस्थान जैन साहित्य परिषद के संरक्षक शांतिलाल गंगवाल एवं महेशचंद्र चांदवाड़ द्वारा परिषद सदस्यों एवं समाजजनों के साथ श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान धर्मनाथ के निर्वाण कल्याणक का स्मरण करते हुए धर्म आराधना की।</p>
<p><strong>परिषद पदाधिकारियों ने निभाई सक्रिय भूमिका</strong></p>
<p>आयोजन में राजस्थान जैन साहित्य परिषद के अध्यक्ष पदम जैन बिलाला एवं मंत्री महावीर चांदवाड़ के नेतृत्व में परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। विधानाचार्य पंडित रमेश जैन गंगवाल ने संपूर्ण आयोजन की व्यवस्थाओं का सफल संचालन किया।</p>
<p><strong>अतिथियों का किया स्वागत</strong></p>
<p>मंदिर समिति की ओर से मंदिर अध्यक्ष बुद्धि प्रकाश छाबड़ा, मंदिर मंत्री देवेन्द्र कासलीवाल तथा स्थानीय संयोजक प्रदीप जैन चांदवाड़ ने परिषद के अध्यक्ष, मंत्री, विधानाचार्य एवं परिषद सदस्यों का आत्मीय स्वागत किया।</p>
<p><strong>आज निकलेगी जिनवाणी रथ यात्रा</strong></p>
<p>आयोजन में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित रहीं। राजस्थान जैन साहित्य परिषद द्वारा पिछले छह दशकों से आयोजित किए जा रहे इस प्रतिष्ठापूर्ण महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को भव्य जिनवाणी रथ यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें समाजजन बड़ी संख्या में सहभागी बनेंगे।</p>
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