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	<title>Jinbimb श्रीफल जैन न्यूज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान : अर्घ्य मंत्रोच्चार के साथ चढ़ाए गए </title>
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		<pubDate>Fri, 21 Jul 2023 06:54:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन मंदिर, भागलपुर में जैन संत परम पूज्य मुनि श्री 108 विशल्य सागर मुनिराज ससंघ में सानिध्य में श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के दूसरे वलय के अर्घ्य मंत्रोच्चार के साथ चढ़ाए गए। सबसे पहले आदि तीर्थंकर श्री 1008 आदिनाथ भगवान के जिनबिम्ब की अभिषेक क्रिया की गई। पढ़िए राज कुमार अजमेरा की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री दिगंबर जैन मंदिर, भागलपुर में जैन संत परम पूज्य मुनि श्री 108 विशल्य सागर मुनिराज ससंघ में सानिध्य में श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के दूसरे वलय के अर्घ्य मंत्रोच्चार के साथ चढ़ाए गए। सबसे पहले आदि तीर्थंकर श्री 1008 आदिनाथ भगवान के जिनबिम्ब की अभिषेक क्रिया की गई। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राज कुमार अजमेरा की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भागलपुर।</strong> श्री दिगंबर जैन मंदिर, भागलपुर में जैन संत परम पूज्य मुनि श्री 108 विशल्य सागर मुनिराज ससंघ में सानिध्य में श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के दूसरे वलय के अर्ध मंत्रोच्चार के साथ चढ़ाए गए। सबसे पहले आदि तीर्थंकर श्री 1008 आदिनाथ भगवान के जिनबिम्ब की अभिषेक क्रिया की गई । अखिल विश्व में सर्वशांति के लिये शांतिधारा के माध्यम से मंगलकामना संजय कुमार सिद्धार्थ बिनायक्या परिवार द्वारा की गई।</p>
<p>जिनश्रुत मनीषी गुरुदेव का पाद प्रक्षालन एवं जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य विधान में महायज्ञनायक बने संजीव कुमार अलका देवी जैन परिवार को प्राप्त हुआ। श्री जिनेन्द्र प्रभु की महाआरती के साथ श्रीपाल मैना सुंदरी की भूमिका में संजय कुमार सुमन देवी बिनायक्या ने पुण्यार्जन किया। विगत 5 जुलाई को कर्नाटक के बेलगावी जिले के चिक्कोडी कस्बे में साधनारत जैन आचार्य श्री कामकुमार नंदी जी की अपहरण करके नृशंस हत्या करके उनके भौतिक शरीर के टुकड़े-टुकड़े करके बोरवेल में फेंक दिया गया था। इस निर्मम हत्या के विरोध में जैन समाज द्वारा आज पूरे भारतवर्ष में बन्द के साथ रैलियां निकाली गई।</p>
<p><strong>देश की संस्कृति पर जघन्य कुठाराघात</strong></p>
<p>सभा में श्रमण जैन संत मुनि श्री विशल्य सागर जी ने कहा कि यह कुकृत्य राम कृष्ण महावीर के देश की संस्कृति पर जघन्य कुठाराघात हैं। यह भारत के इतिहास में अतिनिन्दनीय क्रूरतम काला अध्याय है।दिगम्बर जैन साधु का किसी से वैरभाव नहीं होता।फिर निग्रन्थ मुनियों के साथ यदि देश में ऎसा अक्षम्य अपराध होता है तो न यह देश बचेगा, न यहाँ की संस्कृति बचेगी और न ही प्रकृति बचेगी।भारत का विश्व गुरु बनने का सपना चूर-चूर होकर तिरोहित हो जायेगा।</p>
<p>मुनिश्री ने हुंकार भरते हुये कहा कि विश्व में भारत ही एकमात्र देश है जहाँ विभिन्न धर्म, मत, सम्प्रदाय, बोली, भाषा और संस्कृति के लोग रहते हैं। सबको सुरक्षा और संरक्षण देना केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी हैं। उन्होंने सभी राज्यों में दिगम्बर संतों की सुरक्षा के लिये निकाय गठित करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत व विशिष्ट संस्कृति के लिए पहचाना जाता है लेकिन यहाँ पिछले कुछ वर्षो में साधु-संतों खासकर जैन साधुओं पर जगह-जगह उपसर्ग होते रहे हैं जो चिन्तनीय है।</p>
<p>विगत दिनों में हुई निर्मम हत्या से जैन समाज मर्माहत व आक्रोशित हैं। सभा में सभी ने एक स्वर में इस घटना की घोर भर्त्सना की गई।इस जघन्य घटना के विरोध में भागलपुर जैन समाज द्वारा 26 जुलाई को सभी प्रतिष्ठान बंद रखे जायेंगे और विरोध रैली भी आयोजित की जायेगी।संयोगवश भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री शाहनवाज हुसैन मुनिश्री का दर्शन करने पहुंचे और उन्होंने मुनिश्री को श्रीफल अर्पित करके आशीर्वाद लिया।</p>
<p>जब उन्हें कर्नाटक में दिगम्बर साधु की निर्मम हत्या के बारे में जानकारी दी गई तो इस लोमहर्षक घटना को सुनकर एकबारगी वो निशब्द व स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा कि जैन साधुओं की इस तरह निर्मम हत्या स्वतंत्र भारत में पहली बार सुनने में आई है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए मुनिश्री को आश्वस्त किया कि केंद्रीय स्तर पर इस संगीन मुद्दे को अवश्य उठाऊंगा और साधु-संतों के संरक्षण के लिए निश्चित ही इस पर संज्ञान लेकर जरूरी कदम उठाये जाएंगे। इस अवसर पर समाज के मंत्री पदम पाटनी के साथ समाज के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।</p>
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