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	<title>Jaiswal Jain Society &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>तीर्थों की वदना से मन पवित्र और निर्मल होता है : श्री शांतिनाथ सेवा संघ तीर्थ यात्रा महोत्सव का द्वितीय दिन </title>
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		<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 13:06:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तीर्थों की वंदना करने से मन पवित्र और निर्मल हो जाता है। सौभाग्यशाली, पुण्यशाली मनुष्यों को ही तीर्थों की वंदना करने का अवसर मिलता है। यह उद्गार श्री शांतिनाथ सेवा संघ की ओर से वार्षिक तीर्थयात्रा महोत्सव के अवसर पर भगवान संभवनाथ स्वामी की जन्म स्थली श्रावस्ती में सद्भावना संगोष्ठी में जैसवाल जैन समाज के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>तीर्थों की वंदना करने से मन पवित्र और निर्मल हो जाता है। सौभाग्यशाली, पुण्यशाली मनुष्यों को ही तीर्थों की वंदना करने का अवसर मिलता है। यह उद्गार श्री शांतिनाथ सेवा संघ की ओर से वार्षिक तीर्थयात्रा महोत्सव के अवसर पर भगवान संभवनाथ स्वामी की जन्म स्थली श्रावस्ती में सद्भावना संगोष्ठी में जैसवाल जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी तीर्थयात्रा मुख्य संयोजक गोकुलचंद जैन दिल्ली ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> तीर्थों की वंदना करने से मन पवित्र और निर्मल हो जाता है। सौभाग्यशाली, पुण्यशाली मनुष्यों को ही तीर्थों की वंदना करने का अवसर मिलता है। यह उद्गार श्री शांतिनाथ सेवा संघ की ओर से वार्षिक तीर्थयात्रा महोत्सव के अवसर पर भगवान संभवनाथ स्वामी की जन्म स्थली श्रावस्ती में सद्भावना संगोष्ठी में जैसवाल जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी तीर्थयात्रा मुख्य संयोजक गोकुलचंद जैन दिल्ली ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जब कभी भी हमें तीर्थों की वंदना करने का अवसर मिले तो हमें उसका पूरा लाभ उठाना चाहिए। तीर्थों की वंदना करने से हमारे अंतरंग में संयम साधना के बीज अंकुरित होते हैं। जिससे हमें वैराग्य के पथ पर चलने का प्रोत्साहन मिलता है। सिद्धक्षेत्र, अतिशय क्षेत्र एवं अन्य पवित्र स्थानों का कण कण पवित्र होता है। सेवा भावी संस्था श्री शांतिनाथ सेवा संघ शकरपुर दिल्ली की ओर से आयोजित अयोध्या बनारस तीर्थयात्रा महोत्सव के मध्य श्रावस्ती में सद्भावना संगोष्ठी में सेवा संघ के अध्यक्ष हरिश्चंद जैन ने संपूर्ण यात्रा की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और यात्रियों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रा करना और कराना पुण्य का काम हैं और शांतिनाथ सेवा संघ समाज के श्रावक श्रेष्ठियों के सहयोग से भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यों को करने के लिए प्रयासरत रहेगा। विधानाचार्य पंडित रमेशचंद जैन दिल्ली ने सद्भावना संगोष्ठी का संचालन करते हुए तीर्थ यात्राओं के महत्व पर प्रकाश डाला और उसके सार्थक परिणामों की जानकारी दी।</p>
<p><strong>धर्मपुरी पहुंचकर पूज्यश्री के चरणों में श्रीफल अर्पित किया </strong></p>
<p>श्री अयोध्या बनारस तीर्थयात्रा महोत्सव के द्वितीय दिन 621 तीर्थ यात्रियों के संघ ने 12 बसों के माध्यम से अयोध्या से भगवान संभवनाथ स्वामी की जन्म स्थली श्रावस्ती रवाना हुए। मुरैना के स्वतंत्र पत्रकार मनोज जैन नायक एवं वीरेंद्रकुमार जैन (मंदिर वाले) आगरा ने आयोजकों एवं अन्य श्रावक श्रेष्ठियों के साथ सभी 12 बसों को पंचरंगीन ध्वजा दिखाकर रवाना किया। श्रावस्ती पहुंचकर सभी बंधुओं ने पूजा अर्चना, वंदना की। सभी ने पूर्ण श्रद्धा एवं भक्ति के साथ वहां पर समय व्यतीत किया। शाम को भगवान धर्मनाथ स्वामी की जन्म स्थली धर्मपुरी पहुंचकर पूज्यश्री के चरणों में श्रीफल अर्पित कर महाआरती की। महाआरती के समय यात्रा समूह के जयकारों से समूचा आभामंडप गुंजायमान हो उठा। महाआरती के बाद समूचा संघ बनारस की यात्रा पर रवाना हुआ।</p>
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		<title>सोनागिरि सिद्ध क्षेत्र में जैसवाल जैन समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह : संस्कार और प्रतिभा का अद्भुत संगम और गौरवपूर्ण क्षण </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Dec 2025 05:11:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[प्रतिभाएं किसी भी समाज की रीढ़ होती हैं और जब समाज अपनी भावी पीढ़ी को संस्कारों के साथ आगे बढ़ने का मंच देता है, तब इतिहास रचता है। ऐसा ही गौरवशाली दृश्य सोनागिरि सिद्ध क्षेत्र की पावन धरा पर देखने को मिला।अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर&#8230; अंबाह/सोनागिरि। प्रतिभाएं किसी भी समाज की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>प्रतिभाएं किसी भी समाज की रीढ़ होती हैं और जब समाज अपनी भावी पीढ़ी को संस्कारों के साथ आगे बढ़ने का मंच देता है, तब इतिहास रचता है। ऐसा ही गौरवशाली दृश्य सोनागिरि सिद्ध क्षेत्र की पावन धरा पर देखने को मिला।<span style="color: #ff0000">अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अंबाह/सोनागिरि।</strong> प्रतिभाएं किसी भी समाज की रीढ़ होती हैं और जब समाज अपनी भावी पीढ़ी को संस्कारों के साथ आगे बढ़ने का मंच देता है, तब इतिहास रचता है। ऐसा ही गौरवशाली दृश्य सोनागिरि सिद्ध क्षेत्र की पावन धरा पर देखने को मिला, जहां अखिल भारतीय श्री दिगंबर जैसवाल जैन उपरोंचिया सेवा न्यास द्वारा भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह किया गया। यह आयोजन न केवल मेधावी प्रतिभाओं के सम्मान का अवसर बना, बल्कि समाज की एकता, सेवा और संस्कारों का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्णतः आध्यात्मिक वातावरण में हुई। शनिवार रात्रि को श्री चंद्रप्रभु भगवान की भक्तिमय महाआरती एवं रविवार की प्रातः भगवान चंद्रप्रभु के महामस्तकाभिषेक के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। इस आध्यात्मिक ऊर्जा ने पूरे आयोजन को दिव्यता और सकारात्मकता से भर दिया।</p>
<p><strong>आत्मीय स्वागत सभी के लिए यादगार</strong></p>
<p>सेवा न्यास के अध्यक्ष प्रदीप जैन (पीएनसी) एवं कमलेश जैन सीए के कुशल नेतृत्व में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान संयोजक रविंद्र जैन, सुरेश जैन एवं रूपेश जैन के दिशा-निर्देशन में आयोजन सुचारु रूप से हुआ। क्षेत्रीय संयोजक वालचंद जैन, डॉ. ओमप्रकाश जैन एवं अनुराग जैन (ग्वालियर) का सहयोग सराहनीय रहा। वहीं ग्वालियर महिला मंडल की बहनों द्वारा अतिथियों का आत्मीय स्वागत सभी के लिए यादगार बना। समारोह में सीए विमल जैन, सेवा निवृत्त पुलिस महानिदेशक पवन जैन (आईपीएस) एवं अध्यक्ष प्रदीप जैन ने प्रतिभाओं को प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान किया। वक्ताओं ने युवाओं को सिविल सेवा सहित विभिन्न उच्च क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और न्यास की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।</p>
<p><strong>बच्चों की प्रस्तुतियों पर पांडाल में तालियों से गूंज </strong></p>
<p>कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि यह केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संस्कारों के हस्तांतरण का पर्व बन गया। समाज के नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जैन दर्शन और परंपराओं को जीवंत कर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों पर पांडाल तालियों से गूंज उठा और अभिभावकों के चेहरे गर्व से खिल उठे। आयोजन की एक और खास पहचान रही सेवा भावना और आत्मीयता। शीतलहर के बीच धौलपुर से आए समाजबंधुओं द्वारा कुल्हड़ की चाय और अल्पाहार की व्यवस्था ने अतिथियों का दिल जीत लिया। आवास और यातायात की जिम्मेदारी मनीष जैन (शिवपुरी) एवं गौरव जैन (इंदौर) ने कुशलता से निभाई। वहीं भोजन व्यवस्था महक परिवार के सौजन्य से उत्कृष्ट रही।</p>
<p><strong>संस्कारों से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर </strong></p>
<p>मंच संचालन, पंजीकरण एवं मार्ग व्यय वितरण की व्यवस्था भी अत्यंत सराहनीय रही, जिससे दूर-दराज से आए प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। समारोह के अंत में सेवा न्यास ने सभी सहयोगकर्ताओं, न्यासियों एवं प्रतिभा सम्मान टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन समाज की भावी पीढ़ी को प्रोत्साहित करने और उन्हें संस्कारों से जोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।</p>
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		<title>जैसवाल जैन समाज ने मनाया सामूहिक क्षमावाणी पर्व : स्व. डॉ. प्रकाशचंद जैन को समाजरत्न इंदौर उपाधि से विभूषित किया </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Sep 2025 05:38:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैसवाल जैन उपरोचियां समाज, इंदौर में सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में स्व. डॉ. प्रकाशचंद जैन को प्रथम समाजरत्न इंदौर से सम्मानित किया गया। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट… मुरैना/इंदौर। जैसवाल जैन उपरोचियां समाज, इंदौर ने सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह का आयोजन विभिन्न [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैसवाल जैन उपरोचियां समाज, इंदौर में सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में स्व. डॉ. प्रकाशचंद जैन को प्रथम समाजरत्न इंदौर से सम्मानित किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना/इंदौर</strong>। जैसवाल जैन उपरोचियां समाज, इंदौर ने सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह का आयोजन विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ किया। मुख्य अतिथि मयंक जी जैन (शिवपुरी) का स्वागत अध्यक्ष ओम प्रकाश और मंत्री प्रदीप जैन द्वारा किया गया। महिलाओं द्वारा तिलक लगाकर सभी समाजजनों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एक स्वास्थ्य कैंप से हुई। वीरेंद्र जैन द्वारा मंत्रोच्चार के साथ समारोह प्रारंभ हुआ। मंच संचालन वीरेंद्र जैन और गौरव जैन ने किया। उद्घाटन मोतीबाई जैन, विनोद जैन और निशांत जैन सपरिवार द्वारा किया गया।</p>
<p>समारोह में डॉ. जिनेन्द्र जी जैन, डॉ. दिवाकर जी जैन, डॉ. विजेंद्र जी जैन, डॉ. मुकुल जी जैन सहित अन्य डॉक्टरों द्वारा ध्वजारोहण किया गया। दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण की प्रस्तुति बच्चों द्वारा दी गई। वरिष्ठ समाजसेवी सुरेश चन्द जैन को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में बच्चों और युवाओं को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।</p>
<p><strong>आयुर्वेदिक औषधियों का नि:शुल्क वितरण</strong></p>
<p>13 अप्रैल 2025 को जैसवाल जैन सद्भावना समूह (JJSS), इंदौर का गठन किया गया और इसके उद्देश्यों से सभी को अवगत कराया गया। ओम प्रकाश जैन ने राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षाविद स्व. डॉ. श्री प्रकाशचंद जैन को प्रथम समाजरत्न इंदौर घोषित किया। उनके सुपुत्र प्रदीप जैन और पुत्रवधु प्रीति जैन को मंच पर खड़े होकर सम्मानित किया गया। समाजरत्न सम्मान मयंक जी जैन द्वारा प्रदान किया गया। तत्पश्चात धार्मिक तंबोला – अक्षय निधि का आयोजन वीरेंद्र जी और सीमा जी जैन ने किया। आयुर्वेदिक औषधियों का नि:शुल्क वितरण भी किया गया। समारोह का समापन गौरव जैन द्वारा सभी समाजजन के प्रयासों और उपस्थिति के लिए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।</p>
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