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	<title>Jain Panchayat &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>ललितपुर में होगा मुनि विशद सागर ससंघ का चातुर्मास : जैन समाज ने श्रीफल अर्पित कर किया मंगल विहार हेतु निवेदन </title>
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		<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 02:49:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ललितपुर जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सानौधा पहुंचकर मुनि विशदसागर एवं मुनि शिवसागर महाराज को श्रीफल अर्पित कर चातुर्मास हेतु निवेदन किया। शीघ्र ही मुनि संघ के ललितपुर विहार की संभावना है। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट। ललितपुर। ललितपुर जैन समाज के लिए हर्ष का विषय है कि संतशिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ललितपुर जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सानौधा पहुंचकर मुनि विशदसागर एवं मुनि शिवसागर महाराज को श्रीफल अर्पित कर चातुर्मास हेतु निवेदन किया। शीघ्र ही मुनि संघ के ललितपुर विहार की संभावना है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> ललितपुर जैन समाज के लिए हर्ष का विषय है कि संतशिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि श्री विशदसागर महाराज एवं मुनि श्री शिवसागर महाराज का वर्ष 2026 का चातुर्मास ललितपुर में प्रस्तावित है। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश के सागर जिले के सानौधा पहुंचकर मुनि संघ को श्रीफल अर्पित किया और मंगल विहार का विनम्र निवेदन किया।</p>
<p><strong>सानौधा पहुंचा प्रतिनिधिमंडल</strong></p>
<p>जैन पंचायत के प्रतिनिधिमंडल के साथ पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर के प्रबंधक मनोज जैन (बबीना) तथा प्रबंध समिति सदस्य अशोक जैन (उमरिया) सहित शिखरचंद चंद मड़वारी, मनोज पटवारी, शीलचंद जैन, नरेश जैन अछरोनी, हेमलता जैन, मालती जैन एवं पिकी जैन सहित अनेक श्रद्धालु सानौधा पहुंचे और मुनि संघ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p><strong>पूर्व में भी किया गया था निवेदन</strong></p>
<p>इससे पूर्व जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, श्रेष्ठी शीलचंद अनौरा, महामंत्री आकाश जैन, सनत जैन खजुरिया, संजय जैन ककडारी, पारस जैन मनया सहित अनेक समाजजनों ने भी सानौधा पहुंचकर मुनि श्री से ललितपुर चातुर्मास हेतु निवेदन किया था।</p>
<p><strong>आचार्य श्री की आज्ञा प्राप्त</strong></p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार पट्टाचार्य आचार्य श्री समयसागर महाराज की आज्ञा भी मुनि संघ को ललितपुर चातुर्मास के लिए प्राप्त हो चुकी है। अब शीघ्र ही मुनि संघ का ललितपुर के लिए मंगल विहार होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।</p>
<p><strong>समाज में उत्साह का वातावरण</strong></p>
<p>मुनि संघ के संभावित चातुर्मास को लेकर ललितपुर जैन समाज में विशेष उत्साह का वातावरण है। जैन पंचायत के पदाधिकारी, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं एवं समाजजन भव्य अगवानी और चातुर्मास की तैयारियों में सक्रिय रूप से जुट गए हैं।</p>
<p><strong>धर्म प्रभावना को मिलेगा विस्तार</strong></p>
<p>समाजजनों का मानना है कि मुनि श्री के चातुर्मास से ललितपुर में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा अधिकाधिक श्रद्धालुओं को धर्म लाभ प्राप्त होगा।</p>
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		<title>महावीर की संस्कृति को जीवंत रखना भक्त की जिम्मेदारी : मुनिश्री सुधासागर जी ने किया प्रवेश शहर के प्रमुख मार्गों सजाई रंगोली </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Mar 2026 16:10:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि श्री सुधासागर जी ने कहा-भगवान महावीर की संस्कृति की जीवंत रखना प्रत्येक भक्त की जिम्मेदारी है। आज धर्म की नहीं वरन भगवान महावीर की संस्कृति की प्रभावना कर ललितपुर वासियों ने बता दिया कि बुंदेलखंड में आज भी संस्कार जीवन्त हैं। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। भगवान महावीर की संस्कृति की जीवंत रखना [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनि श्री सुधासागर जी ने कहा-भगवान महावीर की संस्कृति की जीवंत रखना प्रत्येक भक्त की जिम्मेदारी है। आज धर्म की नहीं वरन भगवान महावीर की संस्कृति की प्रभावना कर ललितपुर वासियों ने बता दिया कि बुंदेलखंड में आज भी संस्कार जीवन्त हैं। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span><del></p>
<hr />
<p></del></strong></p>
<p><strong>ललितपुर।</strong> भगवान महावीर की संस्कृति की जीवंत रखना प्रत्येक भक्त की जिम्मेदारी है। आज धर्म की नहीं वरन भगवान महावीर की संस्कृति की प्रभावना कर ललितपुर वासियों ने बता दिया कि बुंदेलखंड में आज भी संस्कार जीवन्त हैं। उन्होंने कहा कि धर्म व्यक्ति का निजी होता है, जिसको कोई भी नहीं छीन सकता। यह अंत समय तक उसके साथ रहता है और व्यक्ति के भविष्य को सुधारता है। उक्त उद्‌गार मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने अभिनंदनोदय तीर्थ में धर्मसभा में व्यक्त किए। धर्मसभा के पूर्व जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडया एवं पंचायत समिति ने मुनिसंघ को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद ग्रहण किया जबकि, मुनि श्री के पाद प्रक्षालन का पुण्यार्जन गुरुभक्त राजेन्द्र जैन, अंकित जैन थनवारा एवं संजीव जैन, राजीव चौधरी परिवार को मिला। मुनि श्री का पूजन महिला मंडल द्वारा भक्ति पूर्वक किया गया। प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश ने ललितपुरवासियों को गौरव के पल बताए। गुरुदेव आज भक्तों के बीच विराजित हैं। धर्मसमा का संचालन महामंत्री आकाश जैन एवी गैस ने किया।</p>
<p><strong>शोभायात्रा में युवाओं ने की भक्ति</strong></p>
<p>इसके पूर्व में शनिवार को सुबह मुनि श्री सुधासागर जी महाराज की अगवानी की गई। दिगम्बर जैन पंचायत समिति के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा गोविन्दसागर बांध हाईवे से प्रारम्भ हुई, जो नेहरू महाविद्यालय से गाजे बाजे के साथ निकली। लगभग 5 किमी लम्बे चल समारोह में ध्वज पताका लिए 51 अश्व, दो हाथी, ऊंट पर सवार श्रेष्ठजन ध्वज पताका लिए हुए थे। वहीं बाइक पर जय जयकार करते हुए नवयुवक आकर्षण का केन्द्र रहे। बुन्देली संस्कृति राईसेरा के साथ 20 डीजों के साथ थिरकते भजनों पर झूमते युवकों का उत्साह, शस्त्र प्रदर्शन करती जैन वीरांगनाओं द्वारा गुरुदेव की परिक्रमा की गई।</p>
<p><strong>इन्होंने किया पादप्रक्षालन</strong></p>
<p>यह भव्य शोभात्रा नेहरू महाविद्यालय से मवेशी बाजार, आजाद चौक, घंटाघर चौराहा होते हुए अभिनंदनोदय तीर्थ पहुंची। घंटाघर चौक पर विधायक सदर रामरतन कुशवाहा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा, पूर्व पालिका अध्यक्ष रमेश खटीक, नरेन्द्र कडंकी, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, दीपक राठौर, अनिल जैन डोगरा, राजेश चन्द्र, अजय जैन साइकिल समेत सैकडों भक्तों ने मुनिश्री का पादप्रक्षालन कर आरती उतारी।</p>
<p><strong>इन्होंने भी की अगवानी</strong></p>
<p>नगरपालिका अध्यक्ष सोनाली जैन समेत पालिका पार्षदों द्वारा गुरुदेव की घंटाघर चौक पर अगवानी हुई। पूर्व पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, डॉ. राजकुमार जैन, ज्योति लोकेशरी, भूपेन्द्र जैन, सिद्धि समूह, अनिल जैन अंचल, भूपेन्द्र जैन सिद्धिसमूह सहित अनेक भक्तों ने मुनि श्री की अगुवाई की। मुनि श्री सुधासागर महाराज के प्रति ललितपुर में भक्तों की भक्ति और अगुवाई में सम्मलित होने के लिए दूरांचलों से भक्तों की अपार भीड रही। मुनि श्री सुधासागरजी महाराज को नगर में प्रथम आहारदान का पुण्यार्जन ब्रहमचारिणी सीमा दीदी परिवार को मिला।</p>
<p><strong>इस अवसर पर यह भी रहे मौजूद</strong></p>
<p>इस मौके पर प्रमुख रूप से शीलचंद अनोरा, अखिलेश गदयाना, मुन्नालाल जैन अभिलाषा, जैन पंचायत के पदाधिकारी सनत जैन खजुरिया, सीए संजीव जैन, सतीश नजा, सीए सौरभ जैन, कैप्टन राजकुमार और अक्षय अलया मीडिया प्रभारी, संजीव जैन ममता स्पोर्ट, रविंद्र अलया, सन्मति सराफ, जिनेन्द्र जैन डिस्को, सुमित जैन खजुरिया, वीर चंद सराफ आदि प्रमुख रूम से मौजूद रहे जबकि, शोभायात्रा की व्यवस्थाओं में मंदिर प्रबंधक पूर्व पार्षद मोदी पंकज जैन, अशोक जैन देलवारा, संयोजक धार्मिक प्रतीक इमलिया, राकेश जैन रिंकू, संजय रसिया, मनोज बबीना, आनंद जैन भावनगर, जितेन्द्र जैन राजू आदि का विशेष योगदान रहा। जैन संत को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय अतिथि का दर्जा मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। मुनिश्री सुधासागर महाराज अभिनंनोदय तीर्थ में विराजमान है। जहां मुनि श्री के प्रातः 8 बजे से प्रवचन एवं सायंकाल 6बजे जिज्ञासा समाधान का कार्यक्रम होगा।</p>
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		<title>पिच्छिका परिवर्तन कार्यक्रम में संयम साधना का दिव्य उत्सव : श्रावकों ने आचार्य श्री निर्भयसागर के सानिध्य में ग्रहण की पुण्य पिच्छिका </title>
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		<pubDate>Mon, 27 Oct 2025 12:20:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ललितपुर के अभिनंदनोदय तीर्थ पर आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में पिच्छिका परिवर्तन का दिव्य संयम संस्कार आयोजन सम्पन्न हुआ, जिसमें श्रावकों ने व्रत धारण कर गुरु चरणों से पुरानी पिच्छिका ग्रहण की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… ललितपुर स्थित अभिनंदनोदय तीर्थ पर दिगंबर जैन पंचायत के तत्वावधान में आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>ललितपुर के अभिनंदनोदय तीर्थ पर आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में पिच्छिका परिवर्तन का दिव्य संयम संस्कार आयोजन सम्पन्न हुआ, जिसमें श्रावकों ने व्रत धारण कर गुरु चरणों से पुरानी पिच्छिका ग्रहण की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p>ललितपुर स्थित अभिनंदनोदय तीर्थ पर दिगंबर जैन पंचायत के तत्वावधान में आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ का पिच्छिका परिवर्तन प्रभावना पूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यान्ह में ध्वजारोहण, चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्जवलन से हुआ। आचार्य श्री के पादप्रक्षालन का पुण्य कार्य कपूरचंद लागौन और विपिन जैन मुंबई द्वारा किया गया। इस अवसर पर भक्तिपूर्वक संगीतपूर्ण पूजन एवं रोचक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।</p>
<p>आचार्य श्री ने अपने आशीर्वचन में कहा कि पिच्छिका केवल तपस्वियों का साधन नहीं, बल्कि मोक्ष मार्ग को प्रशस्त करने वाली संयम साधना की प्रतीक है। साधु जीवन में नवीन पिच्छिका समर्पण और पुरानी पिच्छिका ग्रहण करना वास्तविक आध्यात्मिक रूपांतरण का क्षण होता है। श्रावकों ने व्रत ग्रहण कर भक्तिपूर्वक नवीन पिच्छिका गुरुचरणों में अर्पित की।</p>
<p>इस अवसर पर ब्रह्मचारी प्रमोद जैन आरसीएम आगरा को आचार्य श्री की पुरानी पिच्छिका ग्रहण करने का सौभाग्य मिला। इसके अतिरिक्त मुनि संघ के अन्य संतों की पिच्छिका ग्रहण करने का पुण्य लाभ विभिन्न पुण्यार्जक श्रावक परिवारों को प्रदान हुआ।</p>
<p><strong>कार्यक्रम में यह प्रमुख रूप से रहे उपस्थित</strong></p>
<p>नगरपालिका अध्यक्ष सोनाली जैन, शीलचंद अनौरा, अखिलेश गदयाना, राजेन्द्र जैन थनवारा, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, मुन्ना लाल जैन अभिलाषा, सतीश नजा, अजय जैन गगचारी, आनंद जैन भावनगर, सतीश जैन बंटी बजाज, अरविन्द जैन आप्टीकल्स, जितेन्द्र जैन, सजल जैन जौली, अमित सराफ, डॉ नीलम सराफ, वीणा जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।</p>
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		<title>जीवन में नम्रता और मधुरता क्षमावाणी में निहित: आचार्यश्री निर्भय सागरली ने बताई क्षमा धर्म की श्रेष्ठता </title>
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		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 16:15:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ने कहा कि क्षमा धारण यदि व्यक्ति अपने जीवन में कर ले तो महानता को प्राप्त तो करता ही है। साथ ही परिणानों में निर्मलता आती है। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ने कहा कि क्षमा धारण यदि व्यक्ति अपने जीवन में कर ले तो महानता [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ने कहा कि क्षमा धारण यदि व्यक्ति अपने जीवन में कर ले तो महानता को प्राप्त तो करता ही है। साथ ही परिणानों में निर्मलता आती है। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>ललितपुर</strong>। आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ने कहा कि क्षमा धारण यदि व्यक्ति अपने जीवन में कर ले तो महानता को प्राप्त तो करता ही है। साथ ही परिणानों में निर्मलता आती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने द्वारा किए गए गलत कार्यों के प्रति यदि विचार कर उन्हें भविष्य में न करने का संकल्प ले तो उससे वर्तमान जीवन तो सुधरता ही है साथ ही परिणाम पवित्र होते हैं। आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ने क्षमावाणी को जीवन में उतारने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल जैनियों का ही नहीं प्रत्येक नागरिक का है। इस दिन आपस में अपने मन के परिणामों की क्लेषता को दूर कर निर्मलता के भाव आते हैं। धर्मसभा का शुभारंम आचार्य श्री के चित्र के सम्मुख उप्र के राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ द्वारा किया गया। जबकि आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का पुण्यार्जन कार्यकम के पुष्यार्जक परिवार समाज श्रेष्ठी डॉ. राजकुमार जैन, नयन जैन परिवार ने किया। शास्त्र भेंट कर पाठशाला परिवार के वहनों के साथ नीलम जैन, प्रिया सोनाली, निर्मला जैन, अभिलाषा अनीता मोदी ने पुण्यार्जन किया।</p>
<p><strong>इन्होंने भी किए विचार व्यक्त </strong></p>
<p>जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडया ने जैनदर्शन में क्षमावाणी पर्व के महत्व का जिक्र करते हुए बताया कि पर्यूषण पर्व में दस दिनों तक श्रावक आध्यात्मिक तत्वों की आराधना करके अपना और अपने जीवन मूल्यों का स्पर्श करते हैं। इसके माध्यम से एक दूसरे से क्षमा याचना करते हैं। धर्मसभा में राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ, विधायक सदर रामरतन कुशवाहा, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, जिलाध्यक्ष भाजपा हरिश्चन्द्र रावत, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप चौबे, राजकुमार जैन चूना, रमेश सिंह लोधी, मुन्नालाल जैन अभिलाषा, गहेन्द्र जैन मयूर, अनिल जैन अंचल, नरेन्द्र कडकी, हरीश कपूर टीटू, नरेन्द्र जैन कडकी,गंधर्व सिंह लोधी, डॉ दीपक चौबे, अजय बरया, रामेश्वर मालवीय,उदय चन्द सराफ ने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर राज्यमंत्री के साथ ने श्रेष्ठीजनों के साथ आचार्यश्री द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। संचालन जैन पंचायत के महामंत्री आकाश जैन ने किया। कार्यक्रम के दौरान उपजिलाधिकारी मनीष कुमार ने आचार्य श्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया।</p>
<p><strong>इनका भी सहयोग सराहनीय रहा</strong></p>
<p>इस मौके पर प्रमुख रूप डॉ. रामगोपाल साहू, महेश श्रीवास्तव, महेन्द्र प्रतापसिंह बुंदेला, गुलाम मुहम्मद गामा, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, कन्हैयालाल नामदेव, डा० मनवीर सिंह तोमर, लक्ष्मी रावत, नरेंद्र पाठक, आलोक मयूर, डॉ. विशाल जैन अभिलाषा आदि मौजूद रहे। आयोजन की व्यवस्थाओं को संयोजित करने में मंदिर प्रबंधक मनोज जैन बबीना अजय जैन मंगचारी का सहयोग रहा। अमिनंदनोदय तीर्थ पर क्षमापर्व का आयोजन हुआ जिसकी संयोजना मंदिर प्रबंधक गोदी पंकज जैन अशोक जैन दैलवारा ने की।</p>
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		<title>आचार्य विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में भव्यता से मनाया जाएगा दसलक्षण पर्व: रामगंजमंडी में जिनालयों की विशेष सजावट, समाजबंधुओं में उत्साह का वातावरण </title>
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		<pubDate>Thu, 28 Aug 2025 04:04:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[रामगंजमंडी में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ससंघ सानिध्य में दसलक्षण पर्व का भव्य आयोजन 28 अगस्त से शुरू होगा। जिनालयों में विशेष सजावट, प्रभु अभिषेक, तत्वार्थ सूत्र वाचन और प्रतिदिन प्रवचनों से वातावरण भक्तिमय बनेगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… रामगंजमंडी। तप और आराधना का महापर्व दसलक्षण इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाया जाएगा। आचार्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>रामगंजमंडी में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ससंघ सानिध्य में दसलक्षण पर्व का भव्य आयोजन 28 अगस्त से शुरू होगा। जिनालयों में विशेष सजावट, प्रभु अभिषेक, तत्वार्थ सूत्र वाचन और प्रतिदिन प्रवचनों से वातावरण भक्तिमय बनेगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> तप और आराधना का महापर्व दसलक्षण इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाया जाएगा। आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में 28 अगस्त गुरुवार से पर्वारंभ होगा। नगर के समस्त जैन जिनालयों में विशेष साज-सज्जा की गई है और मंदिरों के बाहर रोशनी से वातावरण उत्सवमय बना दिया गया है।</p>
<p>प्रमुख श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में प्रतिदिन प्रातः 5.15 बजे ध्यान साधना, 6.15 बजे मूलनायक शांतिनाथ भगवान का अभिषेक और शांतिधारा होगी। इसके बाद आचार्य श्री के सानिध्य में प्रवचन, सामूहिक पूजन और तीन मंडल में तत्वार्थ सूत्र अर्ध समर्पण होगा।</p>
<p><strong>गुरु भक्ति आरती, शंका समाधान, स्वाध्याय एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम</strong></p>
<p>आचार्य श्री प्रतिदिन दस धर्मों पर विशेष प्रवचन देंगे। दोपहर में तत्वार्थ सूत्र का अध्ययन और संध्या बेला में गुरु भक्ति आरती, शंका समाधान, स्वाध्याय एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। आयोजन को सफल बनाने हेतु संरक्षक अजित सेठी, अध्यक्ष दिलीप विनायका, उपाध्यक्ष कमल लुहाड़िया, चेतन बागड़िया, महामंत्री राजकुमार गंगवाल, मंत्री राजीव बाकलीवाल, महावीर मंदिर अध्यक्ष महेंद्र ठोरा, महामंत्री पदम सुरलाया ने सहयोग का आह्वान किया है। समाज में आचार्य संघ का सानिध्य प्राप्त होने से वातावरण भक्तिमय बन गया है और समाजबंधुओं में भरपूर उत्साह देखा जा रहा है।</p>
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		<title>ललितपुर में श्री सुधासागर कन्या इंटर कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस मनाया: देश के अमर शहीदों के बलिदान को हमेशा रखें याद – आचार्य श्री निर्भय सागर </title>
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		<pubDate>Sun, 17 Aug 2025 17:04:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ललितपुर के श्री सुधासागर कन्या इंटर कॉलेज में आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में स्वतंत्रता दिवस की 79वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। प्रभात फेरी, ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। आचार्य श्री ने शहीदों के बलिदान को याद रखने और बालिका शिक्षा व संस्कारों पर विशेष संदेश दिया। पढ़िए खास रिपोर्ट&#8230;. ललितपुर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ललितपुर के श्री सुधासागर कन्या इंटर कॉलेज में आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में स्वतंत्रता दिवस की 79वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। प्रभात फेरी, ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। आचार्य श्री ने शहीदों के बलिदान को याद रखने और बालिका शिक्षा व संस्कारों पर विशेष संदेश दिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए खास रिपोर्ट&#8230;.</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर ।</strong> शहर के डोंडाघाट स्थित श्री दिगंबर जैन सुधासागर कन्या इंटर कॉलेज में वैज्ञानिक संत आचार्य 108 निर्भय सागर महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में स्वतंत्रता दिवस की 79वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। प्रातः कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभात फेरी से हुआ, जिसमें विद्यालय की बालिकाओं ने श्री दिगंबर जैन अटा मंदिर से कॉलेज तक आचार्य श्री का स्वागत करते हुए भारत माता के जयकारे लगाए। इस प्रभात फेरी में जैन पंचायत समिति, जैन मिलन संगठन, विद्यालय स्टाफ व जैन समाज के श्रेष्ठीजन शामिल रहे। तत्पश्चात श्री दिगंबर जैन पंचायत समिति के पदाधिकारियों द्वारा ध्वजारोहण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय की छात्राओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डोंडाघाट मंदिर के प्रबंधक वीरचंद्र सराफ को आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य मिला।बालिकाओं ने देशभक्ति गीत व नाटिकाएं प्रस्तुत कर वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।</p>
<p><strong>आचार्य श्री निर्भय सागर का संदेश</strong></p>
<p>&#8211; देश की आज़ादी हमारे वीर सपूतों के बलिदान से मिली है, हमें उन्हें सदा याद रखना चाहिए।</p>
<p>&#8211; देश की रक्षा हेतु हमें हमेशा तत्पर रहना चाहिए।</p>
<p>बालिका शिक्षा पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा – “बालिका ‘दुहिता’ कहलाती है, जो दो कुलों का हित करती है। संस्कारवान बालिकाएं ही समाज और परिवार का गौरव बढ़ाती हैं।</p>
<p><strong>कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य</strong></p>
<p>इस अवसर पर जैन पंचायत समिति के अध्यक्ष डॉ. अक्षय जैन टडैया, महामंत्री आकाश जैन भारत गैस, पूर्व अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, संयोजक सनत जैन खजुरिया, कोषाध्यक्ष सीए सौरभ जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतीश नजा, मंत्री कैप्टन राजकुमार जैन, एडवोकेट कुशलचंद्र जैन, अखिलेश जैन गदयाना, शिक्षा मंत्री प्रफुल्ल जैन, संजीव जैन लकी, सजल जैन जौली, राजकुमार जैन सराफ, अशोक जैन उमरिया, अजय जैन अटा मंदिर, वीरचंद्र सराफ, प्रमोद जैन पाय, सुनील जैन सराफ, मनीष जैन फोटो, आनंद जैन भाग नगर, तथा विद्यालय की प्रधानाचार्या कल्पना जैन, पुष्पा जैन, सुषमा जैन, मीना जैन, सोनम जैन, रजनी सक्सेना, अमृता जैन, रुचि दुबे, जयंती जैन, सौम्या जैन, स्मिता, अक्षय जैन, शुभम विजय जैन सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा मंत्री प्रफुल्ल कुमार जैन ने किया एवं अंत में प्रधानाचार्या कल्पना जैन ने आभार व्यक्त किया।</p>
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		<title>भगवान पार्श्वनाथ स्तोत्र से मिलती है आत्मिक शांति – आचार्य निर्भय सागर : ललितपुर के जैन अटामंदिर में शिखरजी की झांकी में श्रद्धालुओं ने अर्पित किया निर्वाण लाडू  </title>
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		<pubDate>Fri, 01 Aug 2025 08:13:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ललितपुर में भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ आचार्य निर्भय सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में मनाया गया। तीर्थराज शिखरजी की अनुपम झांकी के बीच श्रद्धालुओं ने निर्वाण लाडू अर्पित किए। पढ़िए अक्षय अलय की पूरी रिपोर्ट… ललितपुर। भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक पर्व श्रद्धालुजनों ने आचार्य श्री निर्भय [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ललितपुर में भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ आचार्य निर्भय सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में मनाया गया। तीर्थराज शिखरजी की अनुपम झांकी के बीच श्रद्धालुओं ने निर्वाण लाडू अर्पित किए। <span style="color: #ff0000">पढ़िए अक्षय अलय की पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक पर्व श्रद्धालुजनों ने आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में भावपूर्वक मनाया। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर में तीर्थराज सम्मेद शिखर की भव्य झांकी सजाई गई, जिसकी भव्य वंदना के बाद श्रद्धालुओं द्वारा निर्वाण लाडू अर्पित किए गए।</p>
<p><strong>प्रवचन में बताए भगवान पार्श्वनाथ स्तोत्र की महिमा</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने अपने प्रेरणास्पद प्रवचन में भगवान पार्श्वनाथ स्तोत्र की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान स्तवन के माध्यम से आत्मिक शांति और मोक्ष मार्ग की प्राप्ति होती है। जैसे प्रभु ने क्षमा, धैर्य और करुणा के भावों से संसार को जीता, वैसे ही हमें भी इन गुणों को आत्मसात करना चाहिए।”</p>
<p><strong>जैन पंचायत ने सम्मानित किया</strong></p>
<p>इस अवसर पर जैन अटामंदिर में पूजन, शांतिधारा और अभिषेक हुए, जिसमें भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्री शिखरजी की सुंदर झांकी का निर्माण आकाश जैन गौना, वीरेन्द्र जैन कंडकी, राजीव जैन की टीम ने किया, जिन्हें जैन पंचायत ने सम्मानित किया। निर्वाण लाडू का पुण्यार्जन कैलाश चंद कुलदीप जैन देवरान परिवार द्वारा किया गया, जबकि शांतिधारा, अभिषेक आदि में विवेक जैन, आनंद जैन (भावनगर), नितिन जैन सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भी पुण्य लाभ लिया।</p>
<p><strong>भगवान का मोक्ष पर्व मनाया</strong></p>
<p>नगर के सभी प्रमुख जैन मंदिरों – अभिनंदनोदय तीर्थ, नया मंदिर, समवशरण मंदिर, वाहुवलिनगर, सिविल लाइन, इलाईट, पार्श्वनाथ कॉलोनी आदि में भी श्रद्धा के साथ भगवान का मोक्ष पर्व मनाया गया। निकटवर्ती तीर्थक्षेत्र – वालावेहट, देवगढ़, सेरोन, जहाजपुर आदि में भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजन-अभिषेक किए। इस आयोजन में जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, कैप्टन राजकुमार जैन, सनत खजुरिया, सौरभ जैन सीए, प्रतीक इमलिया सहित अनेक श्रद्धालु, सेवाभावी एवं स्वयंसेवकों ने विशेष योगदान दिया।</p>
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		<title>सिर्फ धन का बंटवारा ही नहीं प्रेम का बंटवारा भी करें : आचार्यश्री निर्भयसागर के प्रवचनों में प्रेम और सद्भाव पर जोर  </title>
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		<pubDate>Tue, 01 Jul 2025 13:16:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री निर्भयसागर जी ने अटामंदिर में धर्मसभा में प्रेम और सद्भाव के अलावा वात्सल्य की परिभाषा को सरल शब्दों में व्यक्त की। इस अवसर पर नगर के समाजजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। प्रेम वासना के कारण बदनाम हुआ है, वात्सल्य के कारण नहीं। प्रेम वात्सल्य आत्मा का स्वभाव [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री निर्भयसागर जी ने अटामंदिर में धर्मसभा में प्रेम और सद्भाव के अलावा वात्सल्य की परिभाषा को सरल शब्दों में व्यक्त की। इस अवसर पर नगर के समाजजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>ललितपुर।</strong> प्रेम वासना के कारण बदनाम हुआ है, वात्सल्य के कारण नहीं। प्रेम वात्सल्य आत्मा का स्वभाव है, गुण है, संपत्ति है। जहां प्रेम होता है वहां श्रद्धा अनुकंपा, करुणा, दया, शांति, संवेग और प्रसम भाव होता है। ढाई अक्षर प्रेम के हैं, ढाई अक्षर आत्मा के हैं और ढाई अक्षर मोक्ष के हैं, प्रेम के ढाई अक्षर से रिश्ता चलता है। आत्मा के ढाई अक्षर से जीवन चलता है और मोक्ष मार्ग मिलता है। मोक्ष के ढाई अक्षर से सच्चा सुख मिलता है। यह उद्गार आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ने अटा जैनमंदिर में धर्मसभा में व्यक्त किए। आचार्यश्री ने कहा कि प्रेम के बिना मुक्ति नहीं मिलती। जब बच्चा जन्म लेता है, तब उसे मां से प्रेम होता है। थोड़ा बडे़ होने पर उसे अपनी मित्र मंडली से प्रेम होता है फिर उसे अपनी पुस्तकों से प्रेम होता है। उसके बाद धन से प्रेम, उसके बाद पत्नी से, उसके बाद परिवार, उसके बाद समाज से, उसके बाद गुरुओं से और उसके बाद अपनी आत्मा से। आत्मा से प्रेम जागने पर व्यक्ति राग-द्वेष मोह से विरक्त होकर मुक्ति के मार्ग पर बढ़ता है और एक दिन मोक्ष को प्राप्त कर लेता है। उन्होंने कहा कि धन का वंटवारा तो सभी करते है पर प्रेम का बंटवारा भी करना चाहिए।</p>
<p>जिससे घर, परिवार, समाज और देश के झगड़े मिट जाएं। प्रेम का बंधन अदृश्य होता है लेकिन, बड़ा मजबूत होता है। जिसके हृदय में प्रेम होता है। वह परोपकार, दया, करुणा, प्रसंशा की भावना से ओतप्रोत होता है। प्रवचन से पूर्व पूर्वाचार्यों के चित्र का अनावरण एवं द्वीप प्रज्वलन हुआ। प्रवचन के बाद महरौनी समाज के निवेदन पर आचार्यश्री ने अपने दो शिष्यों के महरौनी में चातुर्मास करने की घोषणा की। जिसे सुनकर सभी महरौनी वासी खुशी से झूम उठे। नगर में आचार्य श्री के सत्संग पदार्पण से जैन समाज में धार्मिक माहौल बना हुआ है। जैन पंचायत के महामंत्री आकाश जैन ने बताया कि 6 जुलाई रविवार को अपराह्न 1 बजे आचार्य संघ की मंगल चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्रपाल मंदिर से होगा।</p>
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