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	<title>Jain Nun &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Jain Nun &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>श्रुत पंचमी महापर्व पर इंदौर संभाग में सजेगी जिनवाणी: दिगंबर जैन महासंघ करा रहा है अनोखी प्रतियोगिताएं </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Jun 2026 06:42:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन श्रुत संवर्धिनी महासभा (इंदौर संभाग) द्वारा ज्ञान, सेवा और सृजनशीलता को अभिव्यक्त करने के लिए विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। द्वितीय ज्येष्ठ सुदी पंचमी 19 जून को आयोजित होने वाले इस महापर्व पर जिनवाणी माता के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए समाज के लोगों और मंदिरों को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन श्रुत संवर्धिनी महासभा (इंदौर संभाग) द्वारा ज्ञान, सेवा और सृजनशीलता को अभिव्यक्त करने के लिए विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। द्वितीय ज्येष्ठ सुदी पंचमी 19 जून को आयोजित होने वाले इस महापर्व पर जिनवाणी माता के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए समाज के लोगों और मंदिरों को एक मंच पर लाया जा रहा है। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर</strong>। जैन समाज के पावन पर्व ‘श्रुत पंचमी महापर्व’ के शुभ अवसर पर इस वर्ष कुछ बेहद अनूठा और सराहनीय होने जा रहा है। श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन श्रुत संवर्धिनी महासभा (इंदौर संभाग) द्वारा ज्ञान, सेवा और सृजनशीलता को अभिव्यक्त करने के लिए विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। द्वितीय ज्येष्ठ सुदी पंचमी 19 जून को आयोजित होने वाले इस महापर्व पर जिनवाणी माता के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए समाज के लोगों और मंदिरों को एक मंच पर लाया जा रहा है। संस्था की ओर से दो मुख्य प्रतियोगिताओं की घोषणा की गई है, जिनमें विजेताओं को नकद पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। पहली है जिनवाणी सज्जा प्रतियोगिता जिसमें जीर्ण-शीर्ण शास्त्रों का कायाकल्प होगा। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पूजनीय जिनवाणी माता की सेवा करना है। इसके तहत किसी भी जीर्ण-शीर्ण (पुरानी या फटी हुई) जिनवाणी की सेवा कर, उन्हें अहिंसक एवं पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से सुंदर और सुसज्जित करना होगा। जिनवाणी सज्जा के पूर्व का फोटो, कार्य के दौरान का फोटो और कार्य पूरा होने के बाद का फोटो भेजना अनिवार्य है। साथ ही अधिकतम 2 मिनट का एक वीडियो, जिसमें जिनवाणी और उनके ग्रंथकार (आचार्य, मुनिराज) का संक्षिप्त परिचय हो। इस प्रतियोगिता के लिए प्रथम पुरस्कार 5001 रुपए, द्वितीय पुरस्कार 3001 तथा तृतीय पुरस्कार 2001 रुपए प्रदान किया जाएगा। दूसरी सुसज्जित शास्त्र भंडार प्रतियोगिता है।</p>
<p>यह प्रतियोगिता विशेष रूप से जैन मंदिरों के लिए है, जिसका उद्देश्य प्राचीन ग्रंथों, ग्रंथों और पुस्तकों के संरक्षण, सुव्यवस्था तथा स्वच्छता को प्रोत्साहित करना है।</p>
<p><strong>दोनों प्रमुख प्रतियोगिताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार हैं </strong></p>
<p>सभी दिगंबर जैन मंदिरों को इसके लिए 5 ज़ोन में विभाजित किया गया है और प्रत्येक ज़ोन से विजेताओं का चयन होगा। मंदिरों को शास्त्र भंडार का नवीनतम फोटो, प्राचीन शास्त्रों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए किए गए कार्यों का संक्षिप्त विवरण और शास्त्र भंडार का लगभग 2 मिनट का वीडियो भेजना होगा। इस प्रतियोगिता के लिए भी प्रथम पुरस्कार 5001 (पांच पुरस्कार), द्वितीय पुरस्कार 3001रुपए (पांच पुरस्कार) के साथ ही सभी प्राप्त प्रविष्टियों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 19 जून (श्रुत पंचमी) है। वहीं जिनवाणी की मरम्मत और सजावट में केवल पर्यावरण-अनुकूल और पूरी तरह अहिंसक सामग्री का ही उपयोग अनिवार्य है। रिकॉर्डिंग के समय जिनवाणी के प्रति पूर्ण विनय और सम्मान का ध्यान रखना होगा। प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा और पुरस्कारों का वितरण आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज के पावन चातुर्मास के दौरान आयोजित विशेष कार्यक्रम में किया जाएगा। इसमें शामिल होने के लिए सभी फोटो, वीडियो और प्रविष्टियां वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से प्राप्त की जाएंगी। वॉट्सऐप ग्रुप से जुड़ने के लिए प्रतिभागी मुख्य संयोजकों अंजलि पंकज जैन मोदी तथा प्रीति मनीष सिंघई से से संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p><strong>इन समाज श्रेष्ठियों ने कार्यक्रम की सफलता के लिए की अपील </strong></p>
<p>इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में कार्यक्रम अध्यक्ष इंद्रकुमार सेठी (प्रांतीय अध्यक्ष, महासभा म.प्र.), समारोह गौरव सामाजिक संसद अध्यक्ष आनंद गोधा, परम संरक्षक हसमुख जैन, टी.के. वेद, देवेंद्र जैन और अध्यक्ष एड. देवेंद्र जैन (डीके) सहित पूरी इंदौर संभाग की टीम जुटी हुई है। आयोजकों ने सभी समाजजनों और मंदिर कमेटियों से इस ज्ञान-भक्ति के महायज्ञ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाजसेवी नवीन गोधा, सामाजिक संसद के महामंत्री हर्ष जैन, सामाजिक संसद कोषाध्यक्ष विजय पाटोदी, परम संरक्षक देवेंद्र जैन जनता, कार्याध्यक्ष शरद पाणोत, कोषाध्यक्ष पंकज जैन पिंकी, महामंत्री रजनीकांत गांधी ने समाजजनों का आह्वान किया है।</p>
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		<title>कमल पोखरी में पत्रकार सम्मेलन साहित्योत्सव में विद्वतजनों ने रखे विचार : नेपाल-भारत मैत्री यात्रा अंतरराष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी संपन्न  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Jun 2026 05:53:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अथाई मीडिया इंटरनेशनल और अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ की ओर से 10 दिवसीय नेपाल भारत मैत्री यात्रा के तहत 24 मई से 2 जून तक नेपाल जैन परिषद के तत्वावधान में कमल पोखरी स्थित भगवान महावीर जैन निकेतन में अंतरराष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी और पत्रकार सम्मेलन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में विद्वानों ने भाग [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अथाई मीडिया इंटरनेशनल और अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ की ओर से 10 दिवसीय नेपाल भारत मैत्री यात्रा के तहत 24 मई से 2 जून तक नेपाल जैन परिषद के तत्वावधान में कमल पोखरी स्थित भगवान महावीर जैन निकेतन में अंतरराष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी और पत्रकार सम्मेलन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में विद्वानों ने भाग लिया। <span style="color: #ff0000">काठमांडू से पढ़िए,राजीव सिंघई मोनू यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> काठमांडू।</strong> अथाई मीडिया इंटरनेशनल और अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ की ओर से 10 दिवसीय नेपाल भारत मैत्री यात्रा के तहत 24 मई से 2 जून तक नेपाल जैन परिषद के तत्वावधान में कमल पोखरी स्थित भगवान महावीर जैन निकेतन में अंतरराष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी और पत्रकार सम्मेलन नेपाल जैन परिषद के अध्यक्ष सुशील जैन की अध्यक्षता तथा आचार्य डॉ. लक्ष्मण पंथी, कार्यकारी निदेशक नेपाल सरकार संस्कृति पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अभा पोस्ट संपादक संघ के मीडिया प्रभारी डॉ. जयेंद्र के अनुसार विशिष्ट अतिथि के रूप में भगवान महावीर जैन निकेतन के अध्यक्ष लोकमान्य गोलछा, ज्योतिकुमार बेगानी(पूर्व अध्यक्ष नेपाल जैन परिषद), दिनेशकुमार नौलख(अध्यक्ष नेपाल श्वेतांबर तेरापंथ सभा), फूलकुमार लालवानी (अध्यक्ष भगवान महावीर जैन निकेतन ) और ज्योतिषविद् पिनारका मिस्त्री-मुंबई की उपस्थिति ने समारोह में चार चांद लगा दिए। स्थानीय समाज सेवियों में सुभाष सेठी, पंकज जैन और सुमित जैन की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। समारोह में अथाई मीडिया इंटरनेशनल के अध्यक्ष डॉ. जयेंद्रकीर्ति स्वामी जी, संस्था के संस्थापक और निदेशक डॉ.अखिल बंसल, जैन पत्र संपादक संघ के अध्यक्ष जगदीशप्रसाद जैन एवं कार्याध्यक्ष अनिल जैन आईपीएस के साथ समागत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। स्वागताध्यक्ष वीरेन्द्र सरावगी ने सभी आगत अतिथियों का रुद्राक्ष की माला पहनाकर और दुपट्टा उड़ाकर सम्मान किया। डॉ. अल्पना जैन ने सभी का परिचय प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. जयेंद्र कीर्ति जी द्वारा नेपाली भाषा में अनूदित आचार्य श्री विद्यासागर जी की कृति ‘मूकमाटी’ व आचार्य विशुद्ध सागर जी की कृति ‘वस्तुत्व</p>
<p>महाकाव्य’ के साथ प्राकृत और संस्कृत के अध्येता विद्वान डॉ. श्रीयांशकुमार की कृति ‘जोग सारो सहज योग ख्याति संस्कृत टीका’ का विमोचन मंचासीन अतिथियों ने किया। डॉ. अखिल बंसल द्वारा संपादित पाक्षिक पत्र समन्वय वाणी के नेपाल यात्रा विशेषांक तथा जगदीशप्रसाद द्वारा संपादित जैसवाल जैन जागरण के नवीन अंक का विमोचन भी अतिथियों ने किया।</p>
<p><strong>अथाई मीडिया इंटरनेशनल का परिचय दिया</strong></p>
<p>विश्व के इतिहास में यह पहला अवसर होगा, जब भारत के बाहर अन्य देश में इस प्रकार की संगोष्ठी, पत्रकार सम्मेलन और साहित्योत्सव जैसा कार्यक्रम एक साथ कराया गया हो। नेपाल जैन परिषद के सुमित जैन ने कुशलता पूर्वक मंच संचालन किया। संगठन के संस्थापक और निदेशक डॉ. अखिल बंसल ने विस्तार से अथाई मीडिया इंटरनेशनल का परिचय दिया। संगोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने दिए गए विषयों पर अपने सारगर्भित विचार रखे। विद्वत् संगोष्ठी का संचालन डॉ.र राजीव प्रचंडिया संपादक जय कल्याण श्री ने किया। डॉ. जयेंद्र कीर्ति स्वामी जी ने मूकमाटी एवं वस्तुत्व महाकाव्य पर प्रकाश डालते हुए अथाई मीडिया इंटरनेशनल से सभी को जुड़ने का आह्वान किया। समारोह में सभी को प्रशस्ति पत्र और पशुपतिनाथ मंदिर का सुंदर मोमेंटो भेंट किया गया।</p>
<p><strong>भगवान बुद्ध के जन्म स्थान पर श्रद्धा सुमन अर्पित </strong></p>
<p>27 मई की रात्रि में स्वामी जयेंद्र कीर्ति जी की अध्यक्षता तथा पंकज व सुमति के आतिथ्य में साहित्योत्सव आयोजित किया गया। जिसका संचालन स्वाति ‘सरू’ जैसलमेरिया जोधपुर ने किया। साहित्योत्सव में उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। समागत अतिथियों ने भाव-विभोर होकर सभा को संबोधित किया और इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। तीन दिन तक काठमांडू के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करते हुए दो दिवस पोखरा के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। 31 मई को लुम्बनी में भगवान बुद्ध के जन्म स्थान पर जाकर सभी आगंतुकों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।</p>
<p><strong>पांच जैन तीर्थंकरों की जन्म भूमि पर किए प्रकट भाव </strong></p>
<p>1 और 2 जून को सभी ने यात्रा संघ के साथ अयोध्या में राम मंदिर, हनुमानगढी और पांच जैन तीर्थंकरों की जन्म भूमि पर जाकर श्रद्धा भाव प्रकट किए। रत्नपुरी और श्रावस्ती में भी भगवान धर्मनाथ व भ.संभवनाथ जी के जन्म कल्याणक क्षेत्र के दर्शन किए। स्मरण रहे कि 24 मई को भगवान मल्लिनाथ व भगवान नमिनाथ की जन्मभूमि मिथिलापुरी के साथ सभी ने सीतामढ़ी व जनकपुरी जाकर भगवान श्री राम वास सीता माता के प्रति श्रद्धा भाव प्रकट किया। इस प्रकार अथाई मीडिया इंटरनेशनल की ओर से 10 दिवसीय विदेश यात्रा का समापन हुआ। इस यात्रा का संयोजन संगठन के संस्थापक और निर्देशक डॉ. अखिल बंसल के नेतृत्व में किया गया। नेपाल से डॉ. लक्ष्मण पंथी को संगठन में कार्याध्यक्ष, सुमित जैन को विदेश प्रभार और सुशील सेठी को नेपाल का समन्वयक मनोनीत किया गया। दल में 44 सदस्य थे।</p>
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		<title>आचार्यश्री ने कहा सत्य ही असत्य का ज्ञान कराता है : निराला रंग विहार बना अयोध्या नगरी, होगा ध्वजारोहण </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:12:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आदिनाथ दिगंबर जैन कुआं वाले जैन मंदिर के 5 से 10 जून तक होने वाले पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए नगर में पधारे पट्टाचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने निराला रंग बिहार में धर्मसभा में कहा कि सत्य ही असत्य का ज्ञान कराता है। सत्य का जीवन अलौकिक आनंदमय है। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आदिनाथ दिगंबर जैन कुआं वाले जैन मंदिर के 5 से 10 जून तक होने वाले पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए नगर में पधारे पट्टाचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने निराला रंग बिहार में धर्मसभा में कहा कि सत्य ही असत्य का ज्ञान कराता है। सत्य का जीवन अलौकिक आनंदमय है। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> आदिनाथ दिगंबर जैन कुआं वाले जैन मंदिर के 5 से 10 जून तक होने वाले पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए नगर में पधारे पट्टाचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने निराला रंग बिहार में धर्मसभा में कहा कि सत्य ही असत्य का ज्ञान कराता है। सत्य का जीवन अलौकिक आनंदमय है। सत्य अनंत अनंतानंत प्रकार का है जितनी भी पर्याय (शरीर) है द्रव्य अनंतानंत सिद्ध परमात्मा है वह सत्य है। उन्होंने कहा वाणी का सत्य प्राणी का सत्य मन का सत्य भावों का सत्य झूठ बोलते हुए भी सत्य विराजमान रहता है झूठ बोलते हुए भी सत्य विराजमान रहता है आज भगवान ऋषभदेव राम नहीं है लेकिन कभी थे नाम आया है तो यह सत्य है वस्तु वस्तु है सत्य सत्य है। पट्टाचारी विशुद्ध सागर महाराज ने आगे कहा कि शरीर को वस्त्रों की आवश्यकता नहीं जिसमें वासना है उसे वस्त्रों की आवश्यकता है। वस्त्रों की आवश्यकता होती तो निर्ग्रन्थ मुनि भी वस्त्र पहने हुए होते। प्रकृति पशु पछी को भी आवश्यकता नहीं बहुत सारी आवश्यकताएं किसी को नहीं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन मंदिर जाते हो एक बार श्मशान घाट भी चले जाया करो। वस्तु का मिलना पुण्य उदय है। वस्तु का भोगना पाप बंद है वस्तु का त्याग करना तपस्या है।</p>
<p><strong>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के शुभारंभ में कलश घटयात्रा 5 जून को</strong></p>
<p>पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सत्संग सानिध्य में 5 से 10 जून तक होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर कलश घटयात्रा का आयोजन पैच नंबर 2 कुआं वाले जैन मंदिर से प्रातः काल 6.30 बजे होने जा रहा है। पार्षद मनोज जैन ने बताया कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के शुभारंभ में प्रातः काल 6.30 बजे घटयात्रा में महिलाएं हाथों में कलश लेकर पेच नंबर 2 कुआं वाले जैन मंदिर से निकलेंगी, जो इटावा रोड जिला पंचायत वाली गली, देव नगर कॉलोनी, महावीर गंज होते हुए निराला रंग बिहार में बने अयोध्या नगरी पहुंचेंगी। जहां पर मंडप शुद्ध एवं ध्वजारोहण कार्यक्रम होगा।</p>
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		<title>जैन धार्मिक शिक्षण शिविर 5 जून से होगा आरंभ : निमाड़,मालवा सहित मुंबई, इंदौर खंडवा सहित 20 नगरों से आएंगे शिविरार्थी </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 10:32:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[13 वां बाल युवा महिला शिविर एवं श्री आदिनाथ से पुष्पदंत तीर्थंकर पंचकल्याणक विधान और 8वां वार्षिक महोत्सव पांच से 9 जून तक पोरवाड़ जैन दिगंबर जैन धर्मशाला में श्री कुंदकुंद कहान दिगंबर जैन परमागम ट्रस्ट एवं मुमुक्षु मंडल के तत्वावधान में किया जाएगा। सनावद से पढ़िए, यह खबर&#8230; सनावद। 13 वां बाल युवा महिला शिविर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>13 वां बाल युवा महिला शिविर एवं श्री आदिनाथ से पुष्पदंत तीर्थंकर पंचकल्याणक विधान और 8वां वार्षिक महोत्सव पांच से 9 जून तक पोरवाड़ जैन दिगंबर जैन धर्मशाला में श्री कुंदकुंद कहान दिगंबर जैन परमागम ट्रस्ट एवं मुमुक्षु मंडल के तत्वावधान में किया जाएगा। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> 13 वां बाल युवा महिला शिविर एवं श्री आदिनाथ से पुष्पदंत तीर्थंकर पंचकल्याणक विधान और 8वां वार्षिक महोत्सव पांच से 9 जून तक पोरवाड़ जैन दिगंबर जैन धर्मशाला में श्री कुंदकुंद कहान दिगंबर जैन परमागम ट्रस्ट एवं मुमुक्षु मंडल के तत्वावधान में किया जाएगा। सन्मति जैन काका ने बताया कि 5 दिवसीय13 वां बाल युवा महिला शिविर का आयोजन श्री कुंदकुंद कहान दिगंबर जैन परमागम ट्रस्ट एवं मुमुक्षु मंडल सनावद के तत्वावधान में शुक्रवार से 9 जून तक पोरवाड़ जैन दिगंबर जैन धर्मशाला लगाया जाएगा। 10 जून को रथ यात्रा निकाली जाएगी। ट्रस्ट अध्यक्ष जनीशचंद जैन ने बताया कि  पड़ित विवेक शास्त्री, विदुषी राजकुमारी दीदी दिल्ली एवं विदुषी प्रमिला बहन जी इंदौर प. नीलेशभाई सनावद, प.रितेश शास्त्री के निर्देशन में नगर में ग्रीष्मकालीन जैन धार्मिक संस्कार शिविर लगाया जा रहा है। शिविर के संयोजक सुधीर पंचोलिया और संजय जैन ने बताया कि श्री कुंदकुंद कहान दिगंबर जैन परमागम ट्रस्ट एवं मुमुक्ष मंडल सनावद के तत्वावधान में हो रहे शिविर में निमाड़, मालवा सहित मुंबई, इंदौर खंडवा इत्यादि 20 नगरों से लाभ लेने भाई ,बहन युवा एवं बालक अपने घर से दूर रहकर विद्वानों के सानिध्य रहकर धार्मिक ज्ञानार्जन करेंगे। शिविर के दौरान बच्चे मोबाइल और टीवी से दूर रहकर धार्मिक शिक्षा के साथ संस्कारों को भी ग्रहण करेंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम मंडप का उदघाटन जिनेश रूपम जैन लॉरेल शर्ट इंदौर एवं निशीथ जैन महल परिवार खंडवा करेंगे।</p>
<p>आदित्य पंचोलिया विवेक जैन कालु ने बताया कि शिविर में प्रतिदिन प्रातः श्रीजी का अभिषेक पूजन, स्वामी जी का सीडी प्रवचन, युवा कक्षाएं, दोपहर में विधान पूजन, महिलाओं की कक्षाएं, शाम को जिनेंद्र भक्ति, प्रवचन एवं् रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाएंगे। अभिषेक घाटे, प्रकाश जैन, डॉ रविश जैन, अनुभव जैन, जितेश जैन से सभी समाजजनों से शिविर में भाग लेकर पुण्य अर्जन करने का आग्रह किया है।</p>
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		<title>तीर्थ संरक्षिणी महासभा के विस्तार पर हुई लंबी चर्चा : जिला प्रभारियों की नियुक्ति की, समाजजनों ने दी बधाई </title>
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		<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 10:30:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारत वर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा मप्र की बैठक में जिला प्रभारी की नियुक्तियां हुई। इंदौर रीज़न के शेष जिलों के प्रभारी की नियुक्तियां भी शीघ्र की जाएगी। जिसमें खंडवा, नीमच, शाजापुर, रतलाम आदि जिलों को शामिल किया गया है। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। भारत वर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जो [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारत वर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा मप्र की बैठक में जिला प्रभारी की नियुक्तियां हुई। इंदौर रीज़न के शेष जिलों के प्रभारी की नियुक्तियां भी शीघ्र की जाएगी। जिसमें खंडवा, नीमच, शाजापुर, रतलाम आदि जिलों को शामिल किया गया है। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> भारत वर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा जो कि कई वर्षाे से जैन धर्म के प्राचीन तीर्थाे मंदिरों के जीर्णाेद्धार के कार्य को संपादित कर रही है। इसके प्रादेशिक पदाधिकारी की बैठक कार्याध्यक्ष तल्लीन बड़जात्या के निवास पर मंगलाचरण के साथ संपन्न हुई। निर्ग्रन्थ सेंटर आफ आर्कियोलॉजी इंदौर के पुरातत्व संयोजक एवं वर्द्धमानपुर शोध संस्थान के ओम पाटोदी ने बताया कि इस बैठक में महासभा के विस्तार के संबंध में चर्चा हुई। जिसके तहत इंदौर रीज़न के अंतर्गत सभी जिलों के प्रभारी की नियुक्ति महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष टीके वेद की अनुशंसा एवं प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सेठी की सहमति से की गई। जिसके अंतर्गत उज्जैन जिला प्रभारी के रूप में प्रदीप झांझरी, देवास से अरविंद पाणोत, मंदसौर से भरत कोठारी, धार से अजय लुहाड़िया, झाबुआ से रमेश डोसी, खरगोन से पंकज जटाले, बुरहानपुर से विमल पाटनी, बड़वानी से राजेश काला, राजगढ़ ब्यावरा से ओम जैन (सारंगपुर) को नियुक्त किया गया। शीघ्र ही सभी जिला प्रभारी की अनुशंसा से तहसील गांव स्तर पर भी नियुक्तियां की जाएगी।</p>
<p>सभी जिला प्रभारी की नियुक्ति पर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष टीके वेद, प्रदेशाध्यक्ष देवेंद्र सेठी, कार्याध्यक्ष तल्लिन बड़जात्या, महामंत्री कैलाश लुहाड़िया, कोषाध्यक्ष राकेश पाटनी, ओम पाटोदी पुरातत्व संयोजक, पवन पाटोदी अध्यक्ष इंदौर रीज़न आदि पदाधिकारियों ने बधाई दी। इंदौर रीज़न के शेष जिलों के प्रभारी की नियुक्तियां भी शीघ्र की जाएगी। जिसमें खंडवा, नीमच, शाजापुर, रतलाम आदि जिलों को शामिल किया गया है।</p>
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		<title>आर्यिका नंदीश्वर मति माताजी का जनकपुरी में मंगल प्रवेश : महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश रख पाद प्रक्षालन किया  </title>
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<p><strong>आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज के पट्ट शिष्य आचार्य श्री भरत सागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री नंदीश्वर मति माताजी का श्री पार्श्वनाथ भवन जयपुर से बुधवार को सायंकाल मंगल विहार होकर भट्टारक जी की नसियां में रात्रि विश्राम करते हुए गुरुवार को प्रातः जनकपुरी-ज्योतिनगर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज के पट्ट शिष्य आचार्य श्री भरत सागरजी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री नंदीश्वर मति माताजी का श्री पार्श्वनाथ भवन जयपुर से बुधवार को सायंकाल मंगल विहार होकर भट्टारक जी की नसियां में रात्रि विश्राम करते हुए गुरुवार को प्रातः जनकपुरी-ज्योतिनगर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ। विहार में खंडाका परिवार के सतीश खंडाका अशोक खंडाका, मुकेश जैन, महावीर जैन, भागचंद जैन, पदम जैन बिलाला आदि के अलावा जनकपुरी समाज के अध्यक्ष बुद्धिप्रकाश छाबड़ा, ज्ञानचंद जैन, मुकेश पाटनी, नवीन पांड्या, विनय सेठी, वर्षा सेठी, वीरेश झांझरी, कमलेश पाटनी आदि साथ रहे। माताजी का जनकपुरी मंदिर पर महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर पाद प्रक्षालन और आरती के साथ समाज जनों की उपस्थिति में मंगल स्वागत अभिनंदन किया। मंदिर जी में माताजी ने दर्शन के बाद विश्व शांति के लिए शांतिधारा का वाचन किया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्मसभा में मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। मंदिर प्रबंध समिति ने विहार में बाहर से पधारे सभी भक्तों का सादर स्वागत किया।</p>
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		<title>आर्यिका नंदीश्वर मति माताजी का जनकपुरी में मंगल प्रवेश : महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश रख पाद प्रक्षालन किया  </title>
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<p><strong>जयपुर।</strong> आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज के पट्ट शिष्य आचार्य श्री भरत सागरजी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री नंदीश्वर मति माताजी का श्री पार्श्वनाथ भवन जयपुर से बुधवार को सायंकाल मंगल विहार होकर भट्टारक जी की नसियां में रात्रि विश्राम करते हुए गुरुवार को प्रातः जनकपुरी-ज्योतिनगर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ। विहार में खंडाका परिवार के सतीश खंडाका अशोक खंडाका, मुकेश जैन, महावीर जैन, भागचंद जैन, पदम जैन बिलाला आदि के अलावा जनकपुरी समाज के अध्यक्ष बुद्धिप्रकाश छाबड़ा, ज्ञानचंद जैन, मुकेश पाटनी, नवीन पांड्या, विनय सेठी, वर्षा सेठी, वीरेश झांझरी, कमलेश पाटनी आदि साथ रहे। माताजी का जनकपुरी मंदिर पर महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर पाद प्रक्षालन और आरती के साथ समाज जनों की उपस्थिति में मंगल स्वागत अभिनंदन किया। मंदिर जी में माताजी ने दर्शन के बाद विश्व शांति के लिए शांतिधारा का वाचन किया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्मसभा में मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। मंदिर प्रबंध समिति ने विहार में बाहर से पधारे सभी भक्तों का सादर स्वागत किया।</p>
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		<title>गिरनार धर्म यात्रा के लिए श्रीजी का आशीर्वाद किया प्राप्त : विश्व जैन संगठन के पदाधिकारियों ने हस्तिनापुर के बड़ा मंदिर, अतिशयकारी प्रतिमाओं के दर्शन किए </title>
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					<description><![CDATA[बड़ा मंदिर जी में विराजमान प्राचीन अतिशयकारी श्री शांतिनाथ कुंथुनाथ, अरहनाथ, भगवान जी एवं जम्बूद्वीप में विराजमान श्री नेमिनाथ, महावीर भगवान जी की प्रतिमाओं के विश्व जैन संगठन के पदाधिकारियों ने दर्शन किए। 25 जून को दिल्ली से गिरनार जी तक 25 दिवसीय 5,100 किमी लंबी श्री नेमि गिरनार धर्म यात्रा के सफल आयोजन के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बड़ा मंदिर जी में विराजमान प्राचीन अतिशयकारी श्री शांतिनाथ कुंथुनाथ, अरहनाथ, भगवान जी एवं जम्बूद्वीप में विराजमान श्री नेमिनाथ, महावीर भगवान जी की प्रतिमाओं के विश्व जैन संगठन के पदाधिकारियों ने दर्शन किए। 25 जून को दिल्ली से गिरनार जी तक 25 दिवसीय 5,100 किमी लंबी श्री नेमि गिरनार धर्म यात्रा के सफल आयोजन के लिए मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया और समस्त समाज को गिरनार वंदना के लिए निवेदन किया। <span style="color: #ff0000">हस्तिनापुर से पढ़िए, आकाश जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>हस्तिनापुर।</strong> यहां के बड़ा मंदिर जी में विराजमान प्राचीन अतिशयकारी श्री शांतिनाथ कुंथुनाथ, अरहनाथ, भगवान जी एवं जम्बूद्वीप में विराजमान श्री नेमिनाथ, महावीर भगवान जी की प्रतिमाओं के विश्व जैन संगठन के पदाधिकारियों ने दर्शन किए। 25 जून को दिल्ली से गिरनार जी तक 25 दिवसीय 5,100 किमी लंबी श्री नेमि गिरनार धर्म यात्रा के सफल आयोजन के लिए मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया और समस्त समाज को गिरनार वंदना के लिए निवेदन किया। सरधना में विराजमान मुनि श्री सौम्य सागर जी मुनिराज के दर्शन कर गिरनार यात्रा के लिए मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। थापर नगर, मेरठ में धनकुमार जैन (विशु) से गिरनार धर्म यात्रा के सफल आयोजन के लिए विशेष चर्चा हुई और उन्होंने पूर्ण सहयोग की घोषणा की। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष यश जैन, कोषाध्यक्ष मयंक जैन, सम्मानित सदस्य अनुज जैन (लक्ष्मी नगर), भारतवर्षीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी दिल्ली अंचल अध्यक्ष प्रद्युम्न जैन, संगठन के युवा प्रकोष्ठ महामंत्री सागर जैन, बड़ा मंदिर, हस्तिनापुर के वरिष्ठ प्रबंधक मुकेश जैन एवं अन्य सदस्यों ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
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		<title>पट्टाचार्य विशुद्ध सागरजी के सानिध्य में निकली शोभायात्रा : नवनिर्मित रथ पर विराजमान हुए श्रीजी </title>
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		<pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:14:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नसिया जी कमेटी द्वारा तैयार आकर्षक रथ पर नगर भ्रमण को निकले भगवान आदिनाथ, महामस्तकाभिषेक में जनसैलाब उमड़ा। भगवान आदिनाथ के जयकारे लगे। भिंड से सोनल जैन की यह रिपोर्ट&#8230; भिंड। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक नगरी भिंड इन दिनों पूरी तरह से धर्म और अध्यात्म के रंग में सराबोर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नसिया जी कमेटी द्वारा तैयार आकर्षक रथ पर नगर भ्रमण को निकले भगवान आदिनाथ, महामस्तकाभिषेक में जनसैलाब उमड़ा। भगवान आदिनाथ के जयकारे लगे। <span style="color: #ff0000">भिंड से सोनल जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक नगरी भिंड इन दिनों पूरी तरह से धर्म और अध्यात्म के रंग में सराबोर है। स्थानीय आदिनाथ दिगंबर जैन कुआं वाले जैन मंदिर में ससंघ विराजमान पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में बुधवार को एक ऐतिहासिक धार्मिक उत्सव का आयोजन किया गया। सूर्य सागर उदासीन आश्रम नसिया जी कमेटी द्वारा नवनिर्मित कराए गए भव्य और नक्काशीदार रथ पर जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (श्रीजी) को विराजमान कर नगर में शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा केवल एक धार्मिक जुलूस नहीं, बल्कि पूरे भिंड नगर के लिए एक उत्सव बन गई। जैसे ही नवनिर्मित रथ पर श्रीजी की प्रतिमा को विराजमान किया गया, पूरा परिसर आचार्य विशुद्ध सागर महाराज की जय और भगवान आदिनाथ की जय के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।</p>
<p><strong>भक्ति और उल्लास के साथ हुआ नगर भ्रमण</strong></p>
<p>आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से प्रारंभ हुई यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई गुजरी। शोभायात्रा में सबसे आगे जैन ध्वज लिए श्रद्धालु चल रहे थे, जिनके पीछे बैंड-बाजे की मधुर धार्मिक धुनों पर थिरकते युवा और मंगल कलश धारण किए पीत वस्त्र धारी महिलाएं चल रही थीं। मार्ग में जगह-जगह जैन समाज सहित अन्य समाज के नागरिकों ने भी पलक-पावड़े बिछाकर भगवान की अगवानी की। अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने श्रीजी की आरती उतारी और पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज के ससंघ चरणों में अर्घ्य समर्पित कर आशीर्वाद लिया।</p>
<p>इस दौरान नसिया जी कमेटी के पदाधिकारी और समाज के वरिष्ठ पुरुष-महिलाएं व्यवस्थाओं को संभालते हुए पूरे उत्साह के साथ चल रहे थे।</p>
<p><strong>नसिया जी प्रांगण में संपन्न हुआ महामस्तकाभिषेक</strong></p>
<p>नगर के विभिन्न मुख्य चौराहों और मार्गों का भ्रमण करते हुए यह भव्य शोभायात्रा सूर्य सागर उदासीन आश्रम श्नसिया जीश् प्रांगण पहुंची। यहां का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो चुका था। मुनिश्री के पावन निर्देशों और मंत्रोच्चार के बीच भगवान आदिनाथ का भव्य महामस्तकाभिषेक कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। श्रावकों ने सबसे पहले जल, दूध, दही, घृत, चंदन और सर्वाैषधि से भगवान का अभिषेक किया। इसके बाद गंधोदक लेकर श्रद्धालुओं ने अपने मस्तक पर लगाया। महामस्तकाभिषेक के पुण्य अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान की रथयात्रा और अभिषेक का दर्शन आत्मा को पवित्र करने वाला होता है। रथ पर आरूढ़ भगवान इस बात का प्रतीक हैं कि हमें भी अपने जीवन रूपी रथ को धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ाना चाहिए।</p>
<p><strong>धार्मिक आयोजन से संपूर्ण अंचल में हर्ष’</strong></p>
<p>इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सूर्य सागर उदासीन आश्रम नसिया जी कमेटी के सभी सदस्यों, कुआं वाले जैन मंदिर प्रबंध समिति और भिंड के सकल दिगंबर जैन समाज ने अपनी सराहनीय भूमिका निभाई। इस ऐतिहासिक और आलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए भिंड शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण अंचलों और अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में जैन-अजैन श्रद्धालु पहुंचे थे।</p>
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		<title>प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन के शिविरों में छाया उत्साह : अध्यापन के लिए देशभर से पधारे विद्वान शिक्षक  </title>
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		<pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:11:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन की ओर से नगर के विभिन्न क्षेत्र में प्राकृत विद्या शिक्षण शिविरों का संचालन किया जा रहा है। ये शिविर रामपुरा वार्ड, नेहा नगर, गौराबाई कटरा, वर्धमान कॉलोनी, बालक कॉम्प्लेक्स सहित नगर के अनेक मंदिरों एवं शिक्षण केंद्रों पर हो रहे हैं। सागर से पढ़िए, रत्नेश जैन राजेश जैन रागी की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन की ओर से नगर के विभिन्न क्षेत्र में प्राकृत विद्या शिक्षण शिविरों का संचालन किया जा रहा है। ये शिविर रामपुरा वार्ड, नेहा नगर, गौराबाई कटरा, वर्धमान कॉलोनी, बालक कॉम्प्लेक्स सहित नगर के अनेक मंदिरों एवं शिक्षण केंद्रों पर हो रहे हैं। <span style="color: #ff0000">सागर से पढ़िए, रत्नेश जैन राजेश जैन रागी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागर।</strong> प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन की ओर से नगर के विभिन्न क्षेत्र में प्राकृत विद्या शिक्षण शिविरों का संचालन किया जा रहा है। ये शिविर रामपुरा वार्ड, नेहा नगर, गौराबाई कटरा, वर्धमान कॉलोनी, बालक कॉम्प्लेक्स सहित नगर के अनेक मंदिरों एवं शिक्षण केंद्रों पर हो रहे हैं। इन शिविरों में अध्यापन कार्य के लिए देशभर से विद्वान शिक्षक पधारे हैं। शिविरों में प्राकृत भाषा एवं साहित्य से संबंधित विविध विषयों का अध्यापन कराया जा रहा है, जिनमें प्राकृत विज्ञान, प्राकृत बोध, प्राकृत व्याकरण, समय विज्ञान, संलेखना विज्ञान आदि प्रमुख हैं। शिविरार्थियों को पं. राजकुमार जैन शास्त्री (सागर), डॉ. हरीशचंद्र शास्त्री (मुरैना), पं. नन्हेभाई शास्त्री (सागर) एवं पं. उदयचंद जैन शास्त्री (सागर) सहित अनेक विद्वानों का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।</p>
<p><strong>शिविरों में 1000 शिविरार्थी शामिल </strong></p>
<p>फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आशीष जैन आचार्य ने बताया कि प्राकृत भाषा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य को आचार्य श्री सुनील सागर जी की प्रेरणा तथा आचार्य श्री समयसागर जी , आचार्य श्री विशुद्धसागर जी एवं आचार्यश्री वसुनंदी जी का आशीर्वाद प्राप्त है। क्षेत्रीय संयोजक अनिल जैन शास्त्री ने बताया कि शिविरों का शुभारंभ उत्साह एवं उल्लास के साथ हुआ है। नगर के विभिन्न केंद्रों पर इन शिविरों में लगभग 1000 शिविरार्थी सहभागिता कर रहे हैं, जो प्राकृत भाषा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन के प्रति समाज की बढ़ती रुचि का परिचायक है।</p>
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