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	<title>Jain Nasia &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का चल रहा है चातुर्मास : टोंक जैन नसिया में बनेगा &#8220;आचार्य शांति सागर ध्यान केंद्र&#8221; </title>
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		<pubDate>Sun, 14 Sep 2025 09:10:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के चातुर्मास के दौरान नगर में धर्म की वर्षा निरंतर हो रही है। समाजजन इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाते हुए प्रतिदिन विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं, ताकि चातुर्मास की यह स्मृति चिरस्थायी बनी रहे। इसी क्रम में जैन नसिया परिसर में 20वीं सदी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के चातुर्मास के दौरान नगर में धर्म की वर्षा निरंतर हो रही है। समाजजन इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाते हुए प्रतिदिन विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं, ताकि चातुर्मास की यह स्मृति चिरस्थायी बनी रहे। इसी क्रम में जैन नसिया परिसर में 20वीं सदी के प्रथमाचार्य आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की दिव्य प्रतिमा के साथ एक भव्य ध्यान केंद्र का निर्माण किया जाएगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजेश पंचोलिया की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टोंक।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के चातुर्मास के दौरान नगर में धर्म की वर्षा निरंतर हो रही है। समाजजन इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाते हुए प्रतिदिन विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं, ताकि चातुर्मास की यह स्मृति चिरस्थायी बनी रहे। इसी क्रम में जैन नसिया परिसर में 20वीं सदी के प्रथमाचार्य आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की दिव्य प्रतिमा के साथ एक भव्य ध्यान केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इस केंद्र का नाम आचार्य शांति सागर ध्यान केंद्र रखा गया है।</p>
<p>शिलान्यास अवसर पर वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ की पावन उपस्थिति में मंगल मंत्रोच्चार हुआ। आचार्य श्री ने शिलाओं पर केसर से मंगल मंत्र लिखकर शिलान्यास को विधिवत संपन्न कराया। इस पुण्य कार्य का सौभाग्य पुण्यार्जक कलई परिवार—स्व. कजोड़मल जी की धर्मपत्नी कमला देवी एवं सुपुत्र कमलेश कुमार, मेना देवी, बेनी प्रसाद, लक्ष्मी जैन (पूर्व सभापति नगर परिषद टोंक), पवन कुमार, इंद्रादेवी, शेखर कुमार, सुशीला देवी, सम्मेद कुमार, राहुल कुमार, विनायक, अविनाश, पीयूष एवं नमन—ने प्राप्त किया।</p>
<p>समारोह में पवन एवं विकास के अनुसार, श्री आदिनाथ जिनालय नसिया समाज के मंत्री महावीर प्रसाद जैन (देवली वाले), संयुक्त मंत्री टोनी जैन (आंडरा), चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष धर्मचंद जैन (दाखिया वाले), राजेश जैन (हाड़ी गांव), पप्पू जैन (नमक वाले), चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष भागचंद जैन (फुलेता वाले), राजू सराफ नेमी जी जैन (सिरस वाले) सहित समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।</p>
<p>प्रस्तावित ध्यान केंद्र अत्यंत सुसज्जित एवं भव्य स्वरूप का होगा। यहां साधना और ध्यान के साथ आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की स्मृतियाँ सजीव रहेंगी। यह केंद्र न केवल जैन समाज बल्कि संपूर्ण समाज के लिए आध्यात्मिकता, ज्ञान और साधना का प्रेरणास्रोत बनेगा।</p>
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		<title>मुनि श्री हितेंद्र सागर ने दिया मार्गदर्शन : दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर “सुसंस्कारों का शंखनाद” का आयोजन </title>
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		<pubDate>Sun, 14 Sep 2025 09:08:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से 13 से 23 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए “सुसंस्कारों का शंखनाद” शीर्षक से दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 90 बालिकाओं ने भाग लिया। मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने बालिकाओं को जीवन मूल्य, अनुशासन और सही मित्र [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से 13 से 23 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए “सुसंस्कारों का शंखनाद” शीर्षक से दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 90 बालिकाओं ने भाग लिया। मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने बालिकाओं को जीवन मूल्य, अनुशासन और सही मित्र चुनने के बारे में मार्गदर्शन दिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजेश पंचोलिया की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टोंक।</strong> राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से 13 से 23 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए “सुसंस्कारों का शंखनाद” शीर्षक से दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 90 बालिकाओं ने भाग लिया।</p>
<p>मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने बालिकाओं को जीवन मूल्य, अनुशासन और सही मित्र चुनने के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा— “वही सच्चा मित्र है, जिसे आप निःसंकोच माता-पिता से मिलवा सकें और जिनसे घर-परिवार के सामने भी चर्चा कर सकें। जिन मित्रों को लेकर माता-पिता से छुपाना पड़े, वे सही मित्र नहीं होते।”</p>
<p>मुनि श्री ने आगे कहा कि जीवन में लाइफ पार्टनर का चयन परिवार की सहमति से होना चाहिए, तभी वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। उन्होंने पशु और मानव के अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया कि “पशु स्वच्छंद होता है, जबकि मानव संयमित रहता है। पुत्र लोहे के समान और पुत्री हीरे के समान होती है, इसलिए बालिकाओं को हमेशा सजग रहकर अपने आत्मसम्मान की रक्षा करनी चाहिए। स्वार्थी, चापलूस और दुष्ट व्यक्तियों से दूरी बनाए रखनी चाहिए तथा अनावश्यक उपहार स्वीकार नहीं करने चाहिए।”</p>
<p>भारतीय जैन संगठन द्वारा स्मार्ट गर्ल प्रोग्राम के अंतर्गत पाली से श्री राजेंद्र जैन (फिजिक्स लेक्चरर) और दिल्ली से श्री अरुण जैन (उद्योगपति) ने प्रशिक्षक के रूप में बालिकाओं को सरल भाषा में प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में बालिकाओं की सभी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।</p>
<p>13 सितंबर को तीन सत्रों में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक स्व-जागरूकता, रिश्ते, दोस्ती, संवाद, मासिक धर्म और स्वच्छता पर चर्चा हुई। बालिकाओं को मुक्तकंठ से अपने विचार रखने का अवसर दिया गया तथा लघु नाटिकाओं के माध्यम से भी उन्हें समझाया गया।</p>
<p>14 सितंबर को हुए चार सत्रों में आत्मसम्मान, स्व-सुरक्षा, निर्णय लेने की क्षमता और प्रलोभन से बचाव जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही बालिकाओं और उनके माता-पिता को संयुक्त सत्र में शामिल कर आपसी संवाद को मजबूत बनाने का प्रयास किया गया। निर्णय लिया गया कि माता-पिता प्रतिदिन अपने बच्चों से संवाद करेंगे और यदि नगर से बाहर हों तो फोन पर नियमित संपर्क बनाए रखेंगे।</p>
<p>पवन और विकास अनुसार कार्यक्रम की संयोजिकाएँ बीना जी छमुनिया और सरोज जी बंसल ने बताया कि इस कार्यशाला को सफल बनाने में सकल जैन समाज टोंक नगर के साथ सेवा भावी बहनें—रिंकी जैन, संतोष जैन, अंजना जैन सहित अनेक महिला कार्यकर्ताओं ने विशेष योगदान दिया।</p>
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		<title>55 वर्षों बाद ऐतिहासिक नगर प्रवेश: आचार्य वर्धमान सागर महाराज की मंगल अगवानी से टोंक सजेगा  </title>
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		<pubDate>Sat, 05 Jul 2025 14:33:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन समाज सहित पूरे नगर में अपार श्रद्धा और अलौकिक उल्लास की लहर दौड़ गई है। पूरे 55 वर्षों बाद आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ चातुर्मास हेतु टोंक की पुण्यधरा पर पदार्पण करने जा रहे हैं। यह ऐतिहासिक अवसर नगरवासियों के लिए गौरव और पुण्य का अद्वितीय क्षण होगा। टोंक से पढ़िए, यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन समाज सहित पूरे नगर में अपार श्रद्धा और अलौकिक उल्लास की लहर दौड़ गई है। पूरे 55 वर्षों बाद आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ चातुर्मास हेतु टोंक की पुण्यधरा पर पदार्पण करने जा रहे हैं। यह ऐतिहासिक अवसर नगरवासियों के लिए गौरव और पुण्य का अद्वितीय क्षण होगा। <span style="color: #ff0000">टोंक से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टोंक।</strong> जैन समाज सहित पूरे नगर में अपार श्रद्धा और अलौकिक उल्लास की लहर दौड़ गई है। पूरे 55 वर्षों बाद आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ चातुर्मास हेतु टोंक की पुण्यधरा पर पदार्पण करने जा रहे हैं। यह ऐतिहासिक अवसर नगरवासियों के लिए गौरव और पुण्य का अद्वितीय क्षण होगा। चातुर्मास समिति के प्रवक्ता जैन धर्म प्रचारक पवन कंटान एवं विकास जागीरदार ने बताया कि नगर प्रवेश की भव्य तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कल्पना गार्डन से जैन नसिया तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी दिव्य शोभायात्रा निकलेगी। इस मार्ग पर 31 भव्य स्वागत द्वार, आकर्षक फ्लेक्स-बैनर, रंग-बिरंगी विद्युत सजावट एवं पुष्पवर्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। जैन नसिया को दुल्हन की तरह श्रृंगारित किया गया है, जहां चातुर्मास की सभी व्यवस्थाएं संपन्न होगी। जैसे ही आचार्य श्री का नगर सीमा में आगमन होगा, शाही बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों, जय घोष और भक्ति के स्वरों से वातावरण गुंजायमान हो उठेगा। किशनगढ़, नेनवा और टोंक के प्रसिद्ध शाही बैंड अपनी सुर लहरियों से अभूतपूर्व स्वागत करेंगे। इस विशेष अवसर पर विशाल डोम पंडाल की भव्यता श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहेगी। यह परंपरा बीसवीं सदी के आचार्य श्री शांतिसागर जी की अक्षुण्ण साधना परम्परा का जीवंत प्रतीक है। कार्यक्रम का क्रम इस प्रकार निर्धारित है।</p>
<p><strong>इस तरह होंगे कार्यक्रम </strong></p>
<p>6 जुलाई आहारचर्या (संत सुधासागर पब्लिक स्कूल, सोनवा टोल प्लाजा), 7 जुलाई मंगल नगर प्रवेश, 9 जुलाई सोमवार मंगल कलश स्थापना, शनिवार को आचार्य श्री ससंघ ने अरनिया नील चौराहे से विहार कर श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, मेहंदवास में रात्रि विश्राम किया। इस अवसर पर चातुर्मास व्यवस्था समिति के सदस्य धर्मचंद दाखिया, मंत्री राजेश सर्राफ, कमल आड़रा, राजेश बोरदा, सीटू राटी, अनिल सुमित, हनी, अम्मु छामुनिया, नरेंद्र दाखिया, सुनील सर्राफ, विनोद कल्ली, प्रदीप सर्राफ, मुकेश करवर, टोनू सर्राफ, लालचंद फूलेता, कमल सर्राफ, मुकेश बरवास, सोनू बरवास, विनायक कल्ली, लोकेश कल्ली, राजेश शिवाड़िया, ओम ककोड़ सहित समाज के गणमान्यजन पूरी निष्ठा से तैयारियों में जुटे हैं। नगरवासी और श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पुण्य अवसर के साक्षी बनेंगे, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।</p>
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