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	<title>Jahazpur &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Jahazpur &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>&#039;महिमा स्वस्तिधाम की&#039; फ़िल्म के पोस्टर का विमोचन : फ़िल्म की शूटिंग जहाजपुर सहित कई शहरों में की </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 08:01:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[रंगशाला प्रॉडक्शन के बैनर तले साधना मादावत जैन और स्वस्तिधाम तीर्थ क्षेत्र कमेटी की ओर से फ़िल्म &#8216;महिमा स्वस्तिधाम की&#8217; आस्था का अतिशय&#8217; का निर्माण किया गया। फिल्म के पोस्टर का विमोचन 16 जनवरी को चंद्रांचल तीर्थ प्यावड़ी मेंआर्यिका मां स्वस्तिभूषण जी माताजी के 30वें दीक्षा दिवस के पावन अवसर पर भव्य समारोह में किया गया। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>रंगशाला प्रॉडक्शन के बैनर तले साधना मादावत जैन और स्वस्तिधाम तीर्थ क्षेत्र कमेटी की ओर से फ़िल्म &#8216;महिमा स्वस्तिधाम की&#8217; आस्था का अतिशय&#8217; का निर्माण किया गया। फिल्म के पोस्टर का विमोचन 16 जनवरी को चंद्रांचल तीर्थ प्यावड़ी मेंआर्यिका मां स्वस्तिभूषण जी माताजी के 30वें दीक्षा दिवस के पावन अवसर पर भव्य समारोह में किया गया। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</strong></p>
<hr />
<p>इंदौर। रंगशाला प्रॉडक्शन के बैनर तले साधना मादावत जैन और स्वस्तिधाम तीर्थ क्षेत्र कमेटी की ओर से फ़िल्म  &#8216;महिमा स्वस्तिधाम की&#8217; &#8216;आस्था का अतिशय&#8217; का निर्माण किया गया। फिल्म का पोस्टर का विमोचन 16 जनवरी को चंद्रांचल तीर्थ प्यावड़ी मेंआर्यिका मां स्वस्तिभूषण जी माताजी के 30 वें दीक्षा दिवस के पावन अवसर पर भव्य समारोह में किया गया। फ़िल्म का कथानक 20 वें तीर्थंकर स्वस्तिधाम जहाजपुर विराजित श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के धरती से प्रकट होने और स्वस्तिधाम प्रणेत्री आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी के जीवन के कुछ अंश पर आधारित है। फ़िल्म की शूटिंग जहाजपुर सहित कई शहरों में की गई। फिल्म के निर्देशक मुकेश दुबे हैं, सिनेमेटोग्राफी अनिकेत ने की और संपादन इलैशा जैन ने किया। फ़िल्म में कलाकार, निकिता, लविना, महावीर काला, हिमांशु, यथार्थ पाटनी, सुहानी, मधु वेद, प्रकाश देशमुख, मनीष काला हैं।प्रॉडक्शन हेड अनूप जैन हैं।</p>
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		<title>मुनिश्री सुधासागरजी के सानिध्य में उमडेगा श्रद्धा का सैलाब : अतिशय क्षेत्र सेरोन देवगढ जहाजपुर में पंचकल्याणक महामहोत्सव होगा </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Jan 2026 14:33:17 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन समाज का महत्वपूर्ण महा महोत्सव श्रीमजिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव ललितपुर जिले के अतिशय क्षेत्र सतोदय तीर्थ सेरोन, देवोदय तीर्थ देवगढ़ एवं शांतोदय तीर्थ चांदपुर जहाजपुर में मुनिश्री सुधासागरजी महराज के सानिध्य में किया जाना सुनिश्चित हुआ। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। जैन समाज का महत्वपूर्ण महा महोत्सव श्रीमजिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव ललितपुर जिले [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन समाज का महत्वपूर्ण महा महोत्सव श्रीमजिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव ललितपुर जिले के अतिशय क्षेत्र सतोदय तीर्थ सेरोन, देवोदय तीर्थ देवगढ़ एवं शांतोदय तीर्थ चांदपुर जहाजपुर में मुनिश्री सुधासागरजी महराज के सानिध्य में किया जाना सुनिश्चित हुआ। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> जैन समाज का महत्वपूर्ण महा महोत्सव श्रीमजिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव ललितपुर जिले के अतिशय क्षेत्र सतोदय तीर्थ सेरोन, देवोदय तीर्थ देवगढ़ एवं शांतोदय तीर्थ चांदपुर जहाजपुर में मुनिश्री सुधासागर महराज के सानिध्य में किया जाना सुनिश्चित हुआ। जिसको लेकर जैन समाज उत्साहित है और आयोजन की सफलता हेतु दिगंबर जैन समाज पंचायत समिति ललितपुर ने स्वंयसेवी संस्थाओं के साथ रणनीति बनाई।</p>
<p><strong>इन तारीखों में होगा महा महोत्सव </strong></p>
<p>प्रतिष्ठाचार्य बालब्रह्मचारी प्रदीप जैन सुयश ने बताया कि ललितपुर जिले में मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में सतोदय तीर्थसेरोन में 4 से 8 मार्च तक, देवोदय तीर्थ देवगढ़ में 28 मार्च से 2 अप्रैल एवं शांतोदय तीर्थ चांदपुर जहाजपुर में अप्रैल माह में पंचकल्याणक महोत्सव होगा। प्रतिष्ठा महोत्सव में तीनों क्षेत्रों में मूलनायक भगवान शन्तिनाथ के अतिरिक्त अनेक प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठित की जाएगी। इस आयोजन को लेकर जैन समाज काफी समय से प्रतीक्षारत रही और निरंतर महाराज श्री से आयोजन के लिए निवेदन करती रही। ललितपुर जनपद के निकटवर्ती क्षेत्र तीर्थाेदय तीर्थ गोलाकोट में मुनिश्री सुधासागरजी महाराज के सम्मुख जैन समाज के श्रेष्ठीजनों एवं दिगंबर जैन पंचायत के पदाधिकारियों ने निवेदन किया। जिसकी स्वीकृति मिलते ही समाज में उत्साह की लहर दौड़ गई।</p>
<p><strong>आयोजन को लेकर बैठक में विचार-विमर्श</strong></p>
<p>आयोजन को लेकर सावरकर चौक स्थित जैन अटामंदिर के सभागार में महत्वपूर्ण बैठक जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ अक्षय टड़या की अध्यक्षता एवं समाज श्रेष्ठी शीलचंद अनोरा के मुख्यातिथ्य में हुई और ललितपुर जिले में मुनिश्री सुधासागरजी महाराज के आगमन एवं उनके सानिध्य में होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जिसमें प्रमुख रूप से देवोदय तीर्थ के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल संजीव जैन सीए सतीश जैन बजाज, मनोज जैन बबीना, अरविन्द जैन आष्टीकल्स, धन्यकुमार जैन एड, भूपेंद्र जैन सिद्धि समूह, अखिलेश गदयाना, रवि जैन चुनगी आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।</p>
<p><strong>बैठक में यह समाजजन भी रहे मौजूद </strong></p>
<p>इस मौके पर प्रमुख रूप से स्वतन्त्र मोदी, सुरेश बाबू जैन,विजय जैन लागोन, संजय मोदी, संजीव जैन ममता स्पोर्ट, आनंद जैन एलआईसी, सनत जैन खजुरिया, सौरभ जैन सीए, प्रमात जैन लागीन, अजय जैन जखोरा, अनिल जैन डोगरा, राजेश जैन चन्द्रा सिधेश्वर जमोरिया आदि मौजूद रहे। संचालन महामंत्री आकाश जैन ने किया। मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने बताया कि मुनिश्री सुधासागरजी महाराज के आशीर्वाद से उद्घारित ललितपुर जनपद के प्रमुख तीर्थक्षेत्र मूर्तिकला की धरोहर अतिशय क्षेत्र देवगढ, सतोदय तीर्थ सेरोन, शांतोदय तीर्थ चांदपुर जहाज में मूलनायक भगवान शांतिनाथ की प्रतिष्ठा अपने आप में जहां सातिशयकारी है। वहीं क्षेत्र के विकास की संभावनाए बलवती हो गई हैं।</p>
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		<title>आचार्यश्री प्रज्ञासागर महाराज ने अतिशय क्षेत्र से किया विहार : 14 दिसंबर से जहाजपुर के लिए निकलेगी पदयात्रा  </title>
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		<pubDate>Tue, 09 Dec 2025 08:46:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी महाराज ससंघ ने मुनिसुव्रनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र से सोमवार को विहार किया। आचार्य श्री पदयात्रा पर हैं, जो 14 दिसंबर से श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर से जहाजपुर के लिए निकलेगी। केशवरायपाटन से पढ़िए, साभार संकलित यह खबर&#8230; केशवरायपाटन। आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी महाराज ससंघ ने मुनिसुव्रनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र से सोमवार को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी महाराज ससंघ ने मुनिसुव्रनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र से सोमवार को विहार किया। आचार्य श्री पदयात्रा पर हैं, जो 14 दिसंबर से श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर से जहाजपुर के लिए निकलेगी। <span style="color: #ff0000">केशवरायपाटन से पढ़िए, साभार संकलित यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>केशवरायपाटन।</strong> आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी महाराज ससंघ ने मुनिसुव्रनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र से सोमवार को विहार किया। आचार्य श्री पदयात्रा पर हैं, जो 14 दिसंबर से श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर से जहाजपुर के लिए निकलेगी। अतिशय क्षेत्र में आयोजित धर्मसभा में आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी महाराज ने कहा कि मंदिर में हमेशा शांत और मौन रहना चाहिए। उनका कहना था कि परमात्मा का अहसास मौन रहने से ही संभव है, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोग मंदिर में लोग आपस में चर्चा में लगे रहते हैं, जो उचित नहीं है।</p>
<p>महाराज श्री ने कहा कि मंदिर में भगवान को सुनने और देखने का ही ध्येय होना चाहिए और बाहर आकर बोलना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि संकल्प में दृढ़ता और मजबूती होनी चाहिए, लक्ष्य हमेशा अर्जुन की तरह निर्धारित करें। एकाग्रता से किया गया कार्य कभी असफल नहीं होता और प्रयास में कोई भी कमी नहीं रहनी चाहिए।</p>
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		<title>आचार्य श्री ने टोंक वासियों की विनती स्वीकारी : टोंक जिले में चातुर्मास की हुई घोषणा  </title>
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		<pubDate>Fri, 27 Jun 2025 14:42:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सकल दिगंबर जैन समाज टोंक के सैकड़ों लोग शुक्रवार को 15 बसों से प्रात: काल स्वस्तिधाम, जहाजपुर जाकर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ को चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया। उन्होंने टोंक जिले में चातुर्मास की घोषणा की। टोंक से विकास जैन जागीरदार की पढ़िए, यह खबर&#8230;  टोंक। सकल दिगंबर जैन समाज टोंक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सकल दिगंबर जैन समाज टोंक के सैकड़ों लोग शुक्रवार को 15 बसों से प्रात: काल स्वस्तिधाम, जहाजपुर जाकर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ को चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया। उन्होंने टोंक जिले में चातुर्मास की घोषणा की। <span style="color: #ff0000">टोंक से विकास जैन जागीरदार की पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> टोंक।</strong> सकल दिगंबर जैन समाज टोंक के सैकड़ों लोग शुक्रवार को 15 बसों से प्रात: काल स्वस्तिधाम, जहाजपुर पहुंचकर वहां विराजित आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ को चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया। समाज के पवन कंटान और विकास जागीरदार ने बताया कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र स्वस्तिधाम जहाजपुर में विराजमान हैं। जहां पर सकल दिगंबर जैन समाज टोंक के लगभग 800 श्रद्धालुओं ने पहुंचकर चातुर्मास के लिए बड़े भक्ति भाव से श्रीफल भेंट किया तथा मंगल आशीर्वाद लिया। आचार्य श्री ने टोंक जिले वासियों की भावना और प्रभावना देखकर अपने मुखारविंद से टोंक जिले में चातुर्मास की घोषणा की। जिससे समाज के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि आचार्य श्री जी ने अभी नगर निश्चित नहीं किया है। उन्होंने कहा कि टोंक जिले के किसी भी नगर में चातुर्मास होगा। विशेष स्वस्तिधाम में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का 36वां आचार्य पदारोहण आषाढ़ शुक्ला द्वितीया को मनाया गया।</p>
<p><strong>कार्यक्रम में यह रहे मौजूद</strong></p>
<p>इस मौके पर पदमचंद आंडरा, महावीर प्रसाद देवली, नरेंद्र फागी, प्रेमचंद झिराना, भागचंद फुलेता, विमल बरवास, धर्मचंद दाखिया, कमल आंडरा, कमल सर्राफ, नीटू छामुनिया, धर्मेंद्र पासरोटिया, पप्पू नमक, पंकज कल्ली, टोनी आंडरा, सुनील आंडरा, राजेश आरटी, ज्ञानचंद दाखिया, विनोद कल्ली, देवेंद्र आंडरा, बाबूलाल रानोली, रमेश काला, धर्मचंद पतल दोना, पुनीत जागीरदार, नवीन खुरेडा, विनोद सर्राफ, पंकज फुलेता, लोकेश कल्ली, जीतू बनेठा, अनिल सर्राफ, अर्पित पासरोटियां, गौरव बरवास, मनोज बहड़ आदि समाज बंधु उपस्थित थे।</p>
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		<title>बुद्धि को निर्मल बना धर्म आलंबन से होती है सुख की प्राप्ति:  आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने दी जहाजपुर में धर्म देशना </title>
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		<pubDate>Thu, 26 Jun 2025 10:26:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी जहाजपुर में 36 साधुओं सहित विराजित है। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया 27 जून को 36 वां आचार्य पदारोहण भक्ति भाव पूर्वक मनाया जाएगा। गुरुवार को अनेक साधुओं ने केशलोचन किए। शुक्रवार दोपहर को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होंगे। जहाजपुर से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;. जहाजपुर। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी जहाजपुर में 36 साधुओं सहित विराजित है। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया 27 जून को 36 वां आचार्य पदारोहण भक्ति भाव पूर्वक मनाया जाएगा। गुरुवार को अनेक साधुओं ने केशलोचन किए। शुक्रवार दोपहर को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होंगे। <span style="color: #ff0000">जहाजपुर से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;.</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जहाजपुर।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी जहाजपुर में 36 साधुओं सहित विराजित है। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया 27 जून को 36 वां आचार्य पदारोहण भक्ति भाव पूर्वक मनाया जाएगा। आचार्य श्री ने धर्मसभा में बताया कि संसार का प्राणी दुःख से घबराता है। सुख चाहता है, भगवान से भी सुख की कामना करता है। श्रीमद् में ‘श्री’ का अर्थ ‘लक्ष्मी’ होता है और मद अर्थात भगवान ने केवल ज्ञान लक्ष्मी को प्राप्त किया है। सभी को अपनी बुद्धि धर्म मार्ग पर लगाना चाहिए। बुद्धि का बहुत महत्व है। बुद्धि के प्रयोग से पाप और पुण्य का भेद समझें। समवशरण में भगवान धर्म देशना देते हैं। वर्तमान में जिनालय देव शास्त्र गुरु से धर्म देशना मिलती है। उन्होंने कहा कि संसार के दुखों से छुटकारा पाने के लिए सभी को सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र अहिंसामय धर्म से प्राप्त करना होगा। आपकी आत्मा अजर अमर है। आप ने अनेक जन्मों में अनेक गतियों में भ्रमण किया है। आत्मा छोटे से छोटे जीव तथा 500 धनुष से अधिक ऊंचाई के बाहुबली स्वामी सभी के शरीर में आत्मा होती है। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने स्वस्ति धाम जहाजपुर में आयोजित धर्मसभा में प्रकट की। आचार्य श्री ने आगे कहा कि दीक्षा गुरु आचार्य श्री धर्मसागर जी के संस्मरण के माध्यम से बताया कि जब बुद्धि निर्मल होती है तब वह धर्म का अवलंबन लेते हैं। धर्म को समझने वाला चिरंजी सुख को प्राप्त करता है।</p>
<p><strong>आत्मा से परमात्मा बनने के लिए धर्म का सहारा लेना होगा</strong><br />
आचार्यश्री ने कहा कि वैराग्य को निमित्त समझकर तीर्थंकरों ने संयम धारण किया वर्तमान में जिनालय से हमें वैराग्य संयम की प्रेरणा मिलती है इसके लिए आत्मा की शक्ति पहचान कर धर्म का सहारा लेकर परमात्मा बनने का पुरुषार्थ करना चाहिए। पाप छोड़ने से पुण्य मिलता है, इससे बुद्धि में विशुद्धता मिलती है और रत्नत्रयधर्म से शाश्वत सुख मिलता है। इसके पूर्व मुनि श्री हितेंद्रसागर जी ने अपने प्रवचन में बताया कि आत्मा से परमात्मा बनने के लिए धर्म का सहारा लेना होगा। जहाज समुद्र में तैरता है और लोगों को भी तिराता है अर्थात पार लगाता है। अरिहंत भगवान भी जहाज है, वह उन्होंने भी भव संसार रूपी समुद्र को पार किया है और लोगों को भी भव समुद्र से पार कराते हैं। पाप और कषाय से दूर रहना ही धर्म है। छोटे-छोटे नियम का बीजारोपण दीक्षा रूपी वृक्ष बनते हैं।</p>
<p><strong>शुद्ध भाव सिद्ध भगवान के होते हैं</strong><br />
मुनि श्री के प्रवचन के पूर्व गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तीभूषण माताजी ने अपने प्रवचन में शरीर और आत्मा के स्वरूप की विवेचना की शरीर और आत्मा को भिन्न समझना जरूरी है, तभी आप रत्नत्रय मार्ग अपना कर 12 तप और 10 धर्म त्याग, संयम, वैराग्य के माध्यम से मोक्ष मार्ग पर अग्रसर हो सकते हैं। आत्मा के तीन भेद बताए शुद्ध भाव सिद्ध भगवान के होते हैं, अशुभ भाव से पाप और शुभ भाव से पुण्य की प्राप्ति होती है। आचार्य श्री संघ सानिध्य में प्रवचन के पूर्व श्री मुनिसुब्रत नाथ भगवान की पूजन भक्ति भाव पूर्वक हुई। आचार्य श्री शांति सागर जी के संघपति मुंबई के जवेरी परिवार के सुनील जवेरी को भगवान की शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त हुआ। गुरुवार को अनेक साधुओं ने केशलोचन किए। 27 जून को दोपहर को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होंगे।</p>
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		<title>आचार्यश्री वर्धमानसागर जी के चातुर्मास की घोषणा 27 को:  आचार्य पदारोहण जहाजपुर में मनेगा </title>
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		<pubDate>Thu, 26 Jun 2025 07:43:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री शांति सागर जी की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज की अगवानी आचार्य श्री शांति सागर जी छाणी परंपरा की गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने संघ सहित जहाजपुर आगमन के पूर्व की। आपने आचार्य वंदना और आचार्य भक्ति परिक्रमा लगाकर की। जहाजपुर से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की खबर&#8230; जहाजपुर। आचार्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री शांति सागर जी की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज की अगवानी आचार्य श्री शांति सागर जी छाणी परंपरा की गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने संघ सहित जहाजपुर आगमन के पूर्व की। आपने आचार्य वंदना और आचार्य भक्ति परिक्रमा लगाकर की। <span style="color: #ff0000">जहाजपुर से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जहाजपुर।</strong> आचार्य श्री शांति सागर जी की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज की अगवानी आचार्य श्री शांति सागर जी छाणी परंपरा की गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने संघ सहित जहाजपुर आगमन के पूर्व की। आपने आचार्य वंदना और आचार्य भक्ति परिक्रमा लगाकर की। आर्यिका माताजी श्री स्वस्ति भूषण माताजी अन्य साधुओं प्रियंका दीदी एवं किशोर जैन इंदौर ने जहाजपुर मंदिर आगमन पर आचार्य श्री के 9 प्रकार के रत्नों केशर से चरण प्रक्षालन किए। आचार्य श्री वर्धमानसागरजी ने प्रवचन में दर्शन, अभिषेक,पूजन, आहारदान, सांसों का महत्व, वास्तविक दान ,समवशरण की रचना, दर्शन का महत्व ,पंचकल्याणक का महत्व, स्वयं के चिंतन, ब्यावर में आचार्य शांतिसागर जी के चातुर्मास, साधु के साधु के प्रति विनम्रता और विनय भाव, चक्रवर्ती शब्द का महत्व, जहाज का वास्तविक अर्थ ,संस्कृति और धर्म की रक्षा में आचार्य शांतिसागर जी के योगदान, जीवन में सांस का सदुपयोग आदि पर विस्तृत उपदेश दिया। आचार्य श्री ने बताया कि तीर्थंकर चक्रवर्ती एक समय में एक होते हैं। चक्रवर्ती 6 खंड पर विजय प्राप्त करते हैं।</p>
<p><strong>जीवन में जितनी सांसे बची है उन सांसों को धर्म में लगाएं </strong><br />
प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज ने चारित्र के 6 खंडों पर विजय प्राप्त की थी। इसीलिए उन्हें चक्रवर्ती की उपमा दी गई। उनके जीवनकाल में अन्य कोई मुनि आचार्य चक्रवर्ती नहीं हुए। श्री शांति सागर जी ने धर्म और संस्कृति की रक्षा की। साधु दूसरे साधु के प्रति विनम्रता और भक्ति प्रदर्शित करते हैं साधुओं में आचार्य श्री शांति सागर जी और सिद्ध क्षेत्रों में श्री सम्मेद शिखर जी के दर्शन सभी को अवश्य करना चाहिए। धर्मात्मा सर्व को प्रेरणा और उपदेश देते हैं। जीवन में जितनी सांसे बची है उन सांसों को धर्म में लगाना चाहिए। तीर्थ क्षेत्र संयम साधना के स्थल है खाने पीने आमोद प्रमोद के स्थल श्रावकों ने बना दिया।इससे धर्म नहीं होता आपके विचारों क्रियाओं से हमारे तीर्थ क्षेत्र सुरक्षित नहीं हैं जीवन में धर्म को अपना कर मनुष्य जीवन को सार्थक करने का पुरुषार्थ करना चाहिए। यह मंगल देशना पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने स्वस्ति धाम जहाजपुर में आयोजित धर्म सभा में प्रगट की।</p>
<p><strong>सभी 5 मिनट स्वयं के बारे में चिंतन करें </strong><br />
आचार्य श्री ने आगे प्रवचन में बताया कि न्याय और नीति से अर्जित द्रव्य को दान देना चाहिए दान धर्म कार्य में देना चाहिए। समवशरण मंदिर धर्म का प्रतीक है जिन बिंब दर्शन से सम्यक ज्ञान होता है। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में सूर्य मंत्र से प्रतिमाओं में देवत्व के गुण आरोपित किए जाते हैं। जिनालय जिन बिंब के दर्शन श्रद्धा पूर्वक करना चाहिए सभी को 5 मिनट स्वयं के बारे में चिंतन करना चाहिए। भगवान की प्रतिमा संदेश देती है। आचार्य श्री ने बताया कि 40 वर्ष पूर्व हमने जहाजपुर गांव में भगवान श्री नेमिनाथ और श्री मुनिसुब्रत नाथ भगवान के दर्शन किए थे।</p>
<p><strong>सच्ची श्रद्धा सम्यक दर्शन है</strong><br />
आचार्य श्री ने बताया कि ब्यावर राजस्थान में आचार्य श्री शांति सागर जी छाणी ने एक साथ चातुर्मास किया था। इसके पूर्व गणिनी आर्यिकाश्री स्वस्ति भूषण माताजी ने सम्यक दर्शन, ज्ञान, चारित्र की विवेचना की। देव शास्त्र गुरु वितरागी और होते हैं, उनके प्रति दृढ़ श्रद्धा रखना चाहिए। तत्वार्थ सूत्र के छठे अध्याय में विवेचना है कि सच्ची श्रद्धा सम्यक दर्शन है। माताजी ने बताया कि सिद्धि और प्रसिद्धि में अंतर है लौकिक ज्ञान से प्रसिद्धि मिलती है किंतु रत्नत्रय धर्म से सिद्धि प्राप्त होती है।</p>
<p><strong>साधुओं ने किया विहार </strong><br />
माताजी ने आचार्य श्री के प्रशंसा कर बताया कि मंगलवार चतुर्दशी को आचार्य श्री सहित सात साधुओं के उपवास थे। उसके बावजूद संघ ने प्रतिकूल मौसम में विहार किया। 27 जून को 36 वां आचार्य पदारोहण जहाजपुर में मनाया जाएगा। अनेक नगरों से भक्त चातुर्मास का पुनः निवेदन करेंगे। आचार्य श्री 27 जून को वर्ष 2025 के चातुर्मास स्थल की घोषणा करेंगे।</p>
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		<title>मुनिसुव्रतनाथ के दर्शन पाने आ पहुंचे हैं वर्धमान: स्वस्ति भूषण चरण पखारे, किया गुरुवर को प्रणाम </title>
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		<pubDate>Wed, 25 Jun 2025 15:36:03 +0000</pubDate>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ की मंगल अगवानी आचार्य श्री शांति सागर जी ( छाणी ) के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री सन्मतिसागर जी शिष्या गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ ने बड़े ही भक्ति भाव से की। प्रातः 8 बजे आचार्य संघ(36 पिच्छी) का मंगल प्रवेश हुआ। जय मुनिसुव्रत् जय वर्धमान के दिव्यघोष से स्वस्तिधाम मंदिर और परिसर गुंजायमान हो उठा। <span style="color: #ff0000">जहाजपुर से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जहाजपुर।</strong> गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र स्वस्तिधाम जहाज़पुर में ससंघ विराजमान हैं। दो अविरल धाराओं का पावन संगम दर्शन करके हर मनुज धन्य हुआ। आचार्य श्री 108 शांति सागर के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ की मंगल अगवानी आचार्य श्री शांति सागर जी (छाणी) के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री सन्मतिसागर जी शिष्या गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ ने बड़े ही भक्ति भाव से की। जय मुनिसुव्रत जय वर्धमान के दिव्यघोष से समस्त स्वस्तिधाम मंदिर और परिसर गुंजायमान हो उठा।</p>
<p>प्रातः 8 बजे आचार्य संघ (36 पिच्छी)का मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य संघ के सानिध्य में श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के मंगल अभिषेक एवं शांतिधारा का सभी भक्तों ने लाभ उठाया। तत्पश्च्यात मंगल प्रवचन हुए। मंगल सूचना यह है कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का 36वां आचार्य पदारोहण दिवस 27 जून को स्वस्तिधाम की भूमि पर मनाया जाएगा।</p>
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		<title>आचार्यश्री वर्धमानसागर जी के चातुर्मास की घोषणा 27 को: आचार्य पदारोहण जहाजपुर में मनेगा  </title>
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		<pubDate>Wed, 25 Jun 2025 09:19:15 +0000</pubDate>
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<p><strong>आचार्य श्री शांति सागर जी की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज की अगवानी आचार्य श्री शांति सागर जी छाणी परंपरा की गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने संघ सहित जहाजपुर आगमन के पूर्व की। आपने आचार्य वंदना और आचार्य भक्ति परिक्रमा लगाकर की। <span style="color: #ff0000">जहाजपुर से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जहाजपुर।</strong> आचार्य श्री शांति सागर जी की परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज की अगवानी आचार्य श्री शांति सागर जी छाणी परंपरा की गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने संघ सहित जहाजपुर आगमन के पूर्व की। आपने आचार्य वंदना और आचार्य भक्ति परिक्रमा लगाकर की। आर्यिका माताजी श्री स्वस्ति भूषण माताजी अन्य साधुओं प्रियंका दीदी एवं किशोर जैन इंदौर ने जहाजपुर मंदिर आगमन पर आचार्य श्री के 9 प्रकार के रत्नों केशर से चरण प्रक्षालन किए। आचार्य श्री वर्धमानसागरजी ने प्रवचन में दर्शन, अभिषेक,पूजन, आहारदान, सांसों का महत्व, वास्तविक दान ,समवशरण की रचना, दर्शन का महत्व ,पंचकल्याणक का महत्व, स्वयं के चिंतन, ब्यावर में आचार्य शांतिसागर जी के चातुर्मास, साधु के साधु के प्रति विनम्रता और विनय भाव, चक्रवर्ती शब्द का महत्व, जहाज का वास्तविक अर्थ ,संस्कृति और धर्म की रक्षा में आचार्य शांतिसागर जी के योगदान, जीवन में सांस का सदुपयोग आदि पर विस्तृत उपदेश दिया। आचार्य श्री ने बताया कि तीर्थंकर चक्रवर्ती एक समय में एक होते हैं। चक्रवर्ती 6 खंड पर विजय प्राप्त करते हैं।</p>
<p><strong>जीवन में जितनी सांसे बची है उन सांसों को धर्म में लगाएं </strong></p>
<p>प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज ने चारित्र के 6 खंडों पर विजय प्राप्त की थी। इसीलिए उन्हें चक्रवर्ती की उपमा दी गई। उनके जीवनकाल में अन्य कोई मुनि आचार्य चक्रवर्ती नहीं हुए। श्री शांति सागर जी ने धर्म और संस्कृति की रक्षा की। साधु दूसरे साधु के प्रति विनम्रता और भक्ति प्रदर्शित करते हैं साधुओं में आचार्य श्री शांति सागर जी और सिद्ध क्षेत्रों में श्री सम्मेद शिखर जी के दर्शन सभी को अवश्य करना चाहिए। धर्मात्मा सर्व को प्रेरणा और उपदेश देते हैं। जीवन में जितनी सांसे बची है उन सांसों को धर्म में लगाना चाहिए। तीर्थ क्षेत्र संयम साधना के स्थल है खाने पीने आमोद प्रमोद के स्थल श्रावकों ने बना दिया।इससे धर्म नहीं होता आपके विचारों क्रियाओं से हमारे तीर्थ क्षेत्र सुरक्षित नहीं हैं जीवन में धर्म को अपना कर मनुष्य जीवन को सार्थक करने का पुरुषार्थ करना चाहिए। यह मंगल देशना पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने स्वस्ति धाम जहाजपुर में आयोजित धर्म सभा में प्रगट की।</p>
<p><strong>सभी 5 मिनट स्वयं के बारे में चिंतन करें </strong></p>
<p>आचार्य श्री ने आगे प्रवचन में बताया कि न्याय और नीति से अर्जित द्रव्य को दान देना चाहिए दान धर्म कार्य में देना चाहिए। समवशरण मंदिर धर्म का प्रतीक है जिन बिंब दर्शन से सम्यक ज्ञान होता है। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में सूर्य मंत्र से प्रतिमाओं में देवत्व के गुण आरोपित किए जाते हैं। जिनालय जिन बिंब के दर्शन श्रद्धा पूर्वक करना चाहिए सभी को 5 मिनट स्वयं के बारे में चिंतन करना चाहिए। भगवान की प्रतिमा संदेश देती है। आचार्य श्री ने बताया कि 40 वर्ष पूर्व हमने जहाजपुर गांव में भगवान श्री नेमिनाथ और श्री मुनिसुब्रत नाथ भगवान के दर्शन किए थे।</p>
<p><strong>सच्ची श्रद्धा सम्यक दर्शन है</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने बताया कि ब्यावर राजस्थान में आचार्य श्री शांति सागर जी छाणी ने एक साथ चातुर्मास किया था। इसके पूर्व गणिनी आर्यिकाश्री स्वस्ति भूषण माताजी ने सम्यक दर्शन, ज्ञान, चारित्र की विवेचना की। देव शास्त्र गुरु वितरागी और होते हैं, उनके प्रति दृढ़ श्रद्धा रखना चाहिए। तत्वार्थ सूत्र के छठे अध्याय में विवेचना है कि सच्ची श्रद्धा सम्यक दर्शन है। माताजी ने बताया कि सिद्धि और प्रसिद्धि में अंतर है लौकिक ज्ञान से प्रसिद्धि मिलती है किंतु रत्नत्रय धर्म से सिद्धि प्राप्त होती है।</p>
<p><strong>साधुओं ने किया विहार </strong></p>
<p>माताजी ने आचार्य श्री के प्रशंसा कर बताया कि मंगलवार चतुर्दशी को आचार्य श्री सहित सात साधुओं के उपवास थे। उसके बावजूद संघ ने प्रतिकूल मौसम में विहार किया। 27 जून को 36 वां आचार्य पदारोहण जहाजपुर में मनाया जाएगा। अनेक नगरों से भक्त चातुर्मास का पुनः निवेदन करेंगे। आचार्य श्री 27 जून को वर्ष 2025 के चातुर्मास स्थल की घोषणा करेंगे।</p>
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		<title>जैन मंदिरों में हो रही चोरियों से जैन समाज में रोष व्याप्त: समाजजनों ने की सुरक्षा की मांग  </title>
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		<pubDate>Sat, 24 May 2025 17:16:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर स्थित स्वस्तिधाम दिगंबर जैन मंदिर में हाल ही में हुई करोड़ों रुपये की चोरी से सम्पूर्ण जैन समाज में भारी रोष व्याप्त हो गया है। राष्ट्रीय और प्रान्तीय सरकारों को चाहिए कि वे जैन मंदिरों की सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट नीति बनाएँ। जयपुर से पढ़िए उदयभान जैन की , यह [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर स्थित स्वस्तिधाम दिगंबर जैन मंदिर में हाल ही में हुई करोड़ों रुपये की चोरी से सम्पूर्ण जैन समाज में भारी रोष व्याप्त हो गया है। राष्ट्रीय और प्रान्तीय सरकारों को चाहिए कि वे जैन मंदिरों की सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट नीति बनाएँ। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए उदयभान जैन की , यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर स्थित स्वस्तिधाम दिगंबर जैन मंदिर में हाल ही में हुई करोड़ों रुपये की चोरी से सम्पूर्ण जैन समाज में भारी रोष व्याप्त हो गया है। जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने स्वस्तिधाम में मूलनायक भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी की प्रतिमा से 1 किलो 300 ग्राम सोने का आभामंडल और 3 किलो चांदी के चरण चिन्ह चोरी हो गए। चोरी की यह वारदात सी सी टीवी में कैद हुई। स्वस्तिधाम मंदिर न केवल सम्पूर्ण जैन समाज की आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता का भी उदाहरण रहा है। यह कोई पहली घटना नहीं है। देशभर में जैन मंदिरों में इस प्रकार की चोरियों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक इनके स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं हुआ।</p>
<p>जैन समुदाय, जो अहिंसा और तप का प्रतीक है, लंबे समय से अपने तीर्थस्थलों की उपेक्षा का शिकार है। न तो इन्हें पर्याप्त सुरक्षा मिलती है, न ही सरकार की ओर से किसी विशेष संरक्षण योजना का लाभ। राष्ट्रीय और प्रान्तीय सरकारों को चाहिए कि वे जैन मंदिरों की सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट नीति बनाएँ। जिन मंदिरों में बहुमूल्य प्रतिमाएं और आभूषण हैं, वहाँ प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड, सी सी टीवी, अलार्म सिस्टम और रात्रि निगरानी जैसे उपाय अनिवार्य किए जाएँ। साथ ही, इन मंदिरों की संपत्तियों का बीमा किया जाए। यह घटना एक मंदिर की नहीं, बल्कि पूरे जैन समाज की चेतावनी है।</p>
<p>अब आवश्यक है कि सरकार, समाज और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इस दिशा में गंभीर कदम उठाए। जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया ने प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त जहाजपुर की इस चोरी के असामाजिक तत्वों को शीघ्र गिरफ्तार कर चोरी गया सामान बरामद कर जहाजपुर मन्दिर प्रबंध समिति को सौंपा जाए।</p>
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		<title>स्वस्ति धाम जहाजपुर में दो दिवसीय जैन पत्रकार महासंघ का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्नः बड़े तीर्थ छोटे तीर्थों को गोद लेें-स्वस्ति भूषण माताजी </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/two_day_national_convention_of_jain_journalist_federation_concluded_on_22_23_march_at_swasti_dham_jahazpur/</link>
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		<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 11:25:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जहाजपुर में जैन पत्रकार महा सम्मेलन में पत्रकारों ने तीर्थ संरक्षण के बारे में सभी ने सकारात्मक विचार खुलकर अपने विचार रखे। महा सम्मेलन में आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने भी पत्रकारों और समाजजनों को संबोधित कर कहा-‘पत्रकार जब लिखता है तो उसे ऐसा लगना चाहिए कि किसी सागर में डुबकी लगाकर आया हो।‘ जहाजपुर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जहाजपुर में जैन पत्रकार महा सम्मेलन में पत्रकारों ने तीर्थ संरक्षण के बारे में सभी ने सकारात्मक विचार खुलकर अपने विचार रखे। महा सम्मेलन में आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ने भी पत्रकारों और समाजजनों को संबोधित कर कहा-‘पत्रकार जब लिखता है तो उसे ऐसा लगना चाहिए कि किसी सागर में डुबकी लगाकर आया हो।‘ <span style="color: #ff0000">जहाजपुर से पढ़िए उदयभान जैन की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जहाजपुर (भीलवाड़ा)।</strong> श्री 1008 दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र स्वस्ति धाम जहाजपुर, भीलवाड़ा में परम पूज्य गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में 22-23 मार्च 2025 को दो दिवसीय जैन पत्रकार महासंघ का राष्ट्रीय अधिवेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया की अध्यक्षता में बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने अवगत कराया कि उक्त अधिवेशन में भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन गाजियाबाद, महेंद्र कुमार जैन गुड वाले कोटा, पारस चैनल डायरेक्टर विनोद जैन टोरड़ी, उर्मिला गांधी पत्नी हंसमुख गांधी इंदौर, बिजोलिया तीर्थ क्षेत्र कमेटी के मंत्री नरेंद्र जैन बिजौलिया, स्वस्ति धाम क्षेत्र कमेटी के महामंत्री ज्ञानेंद्र जैन आदि पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया।</p>
<p><strong>मंगलाचरण व अतिथियों का स्वागत</strong></p>
<p>मंगलाचरण डॉ कल्पना जैन नोएडा एवं सत्येंद्र जैन संगीतकार जहाजपुर द्वारा किया गया। अधिवेशन में अतिथियों का स्वागत महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र महावीर जैन सनावद, राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन, राष्ट्रीय संरक्षक हंसमुख गांधी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिलीप जैन, राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री अकलेश जैन, राष्ट्रीय मंत्री राकेश जैन चपलमन कोटा, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री महेंद्र बैराठी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री मनीष विद्यार्थी, सुरेंद्र प्रकाश जैन, कार्यक्रम संयोजक नवीन जैन जहाजपुर आदि ने किया।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-77489" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1.jpg" alt="" width="1040" height="694" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1.jpg 1040w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-1024x683.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-768x512.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0027-1-990x661.jpg 990w" sizes="(max-width: 1040px) 100vw, 1040px" />तीर्थ संरक्षण में पत्रकारों की भूमिका पर प्रकाश डाला</strong></p>
<p>22 मार्च को प्रथम सत्र में तीर्थ संरक्षण में पत्रकारों की भूमिका में योगदान विषय पर प्रकाश डालते हुए मुख्य वक्ता के रूप में राजेंद्र महावीर जैन सनावद ने कहा कि तीर्थों पर बाल संस्कृति संस्कार केन्द्रों की स्थापना हो जहां पर 8 वर्ष के बच्चों को संस्कारित किया जाए, तीर्थों के माध्यम से धर्मार्थ कार्य होने चाहिए। इसके अलावा रेखा जैन इंदौर, दिलीप जैन जयपुर, राजेश पंचोली ऋषभदेव ,महेंद्र बैराठी जयपुर, राजेश जैन कोटा, अभिषेक जैन रामगंज मंडी, मनीष जैन उदयपुर ,राजा बाबू गोधा, डॉक्टर कल्पना जैन नोएडा, शशांक सिंघई कोटा, आदेश सेठ गढ़ाकोटा, राजेश रागी बकस्वाहा, अकलेश जैन अजमेर, मनोज सोनी निंबाहेड़ा, विमल बज जयपुर, अतिशय क्षेत्र पदमपुरा के अध्यक्ष एडवोकेट सुधीर जैन दोसा, राजकुमार जैन कोठारी जयपुर आदि ने तीर्थ के संरक्षण में कहा कि तीर्थों पर सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, छोटे-छोटे उद्योगों की स्थापना हो, तीर्थ क्षेत्र आत्मनिर्भर बने, जैन कर्मचारी हों उनको उच्च शिक्षा मिले आदि चिंतन और मंथन हुआ।</p>
<p><strong>बड़े तीर्थ को छोटे 5 तीर्थों को गोद लेना चाहिए </strong></p>
<p>पूज्य गणिनी आर्यिका रत्न स्वस्ति भूषण माताजी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि पत्रकार जब लिखता है तो उसे ऐसा लगना चाहिए कि किसी सागर में डुबकी लगाकर आया हो, पूज्य माताजी ने निर्भीक, निष्पक्ष पत्रकारिता पर जोर दिया, तीर्थ संरक्षण के संबंध में पूज्य माताजी ने कहा कि बड़े तीर्थ को छोटे 5 तीर्थों को गोद लेना चाहिए ताकि प्राचीनता, ऐतिहासिकता कायम रह सके, तीर्थ का संरक्षण व संवर्धन हो सके।</p>
<p><strong>महासंघ जैन पत्रकारों को सम्मानित कर हितों का ध्यान रखता है</strong></p>
<p>23 मार्च को जैन पत्रकार महासंघ के परम संरक्षक विनोद जैन टोरड़ी कोटा सहित नवीन सदस्यों का सम्मान किया गया। युवा परिषद बुलेटिन, जैन गजट, श्रीफल न्यूज़ समाचार-पत्र, महासंघ का परिचय फोल्डर का विमोचन एवं विभिन्न जैन पत्र-पत्रिकाओं का विमोचन किया गया। राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने महासंघ का वार्षिक प्रतिवेदन 2025 पढ़ा। रमेशजी तिजारिया ने स्वागत उद्बोधन में कहां की महासंघ जैन पत्रकारों के अपने कार्य कर रहा है, श्रेष्ठ व विशिष्ट पत्रकारों को सम्मानित करता है उनके हितों के लिए सदैव समाज में राज्य के स्तर पर प्रयास करता है।</p>
<p><strong>गुल्लक योजना का प्रचार-प्रसार करें</strong></p>
<p>राष्ट्रीय संरक्षक हंसमुख गांधी ने कहा कि पत्रकारों का निर्भीक होकर काम करना चाहिए। संत और पंथवाद के बिना सकारात्मक व प्रमाणित समाचार प्रकाशित करवाने चाहिए। उन्होंने तीर्थ संरक्षण में चल रही गुल्लक योजना का प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर भारतवर्षीय दिगम्बर जैन संघ मथुरा का पाक्षिक पत्र जैन संदेश को सर्वाधिक प्राचीन जैन समाचार पत्र होने पर अविराम कर्मयोगी जैन रत्न, समाज भूषण राजेंद्र के गोधा स्मृति जैन पत्रकारिता पुरस्कार से महासंघ द्वारा नकद राशि, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके प्रदाता शैलेंद्र-निशांत गोधा समाचार जगत परिवार जयपुर है। प्रशस्ति व परिचय का वाचन दिलीप जैन जयपुर ने किया।</p>
<p><strong>भारतीय संस्कृति के उन्नयन में अतुल्य योगदान </strong></p>
<p>द्वितीय पुरस्कार प्रज्ञा पुंज, चतुर्थ पट्टाचार्य योगीन्द्र सागर स्मृति में जैन पत्रकारिता पुरस्कार ब्र. डॉ सविता जैन अधिष्ठात्री दिगंबर जैन धर्म स्थल शीतल तीर्थ रतलाम को जैन जगत में भारतीय संस्कृति के उन्नयन पर प्रचार-प्रसार में अतुल्य योगदान, सामाजिक क्षेत्र में लेखन, अध्ययन, मनन, चिंतन आदि कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए नकद राशि शाल व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्रदाता डॉ. अनुपम जैन इन्दौर परिवार।</p>
<p><strong>तीर्थों के संरक्षण हेतु योगदान पर जोर</strong></p>
<p>तृतीय पुरस्कार बागड़ गौरव, कलिंजरा रत्न, देहदानी श्री सोहनलाल गांधी स्मृति पुरस्कार जैन पत्रकारिता पुरस्कार से अभिषेक जैन रामगंज मंडी व राजेश जैन रागी वरिष्ठ पत्रकार बकस्वाहा, मध्यप्रदेश को नकद राशि, शाल, प्रशस्ति देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्रदाता हंसमुख गांधी इन्दौर परिवार। इस अवसर पर तीर्थ कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन गाजियाबाद ने तीर्थों के संरक्षण में जो कार्य किये जा रहे हैं उन पर प्रकाश डाला। शरद जैन महालक्ष्मी दिल्ली ने सभी पत्रकारों से कहा कि तीर्थाे के संरक्षण में अपना योगदान दें।</p>
<p><strong>विभिन्न प्रांतों से पत्रकारों की उपस्थिति दर्शनीय</strong></p>
<p>कार्यक्रम का संचालन राकेश जैन चपलमन कोटा, राजेंद्र महावीर जैन सनावद द्वारा किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रांतों व स्थानों से यथा जयपुर, अजमेर, कोटा, सनावद ,छतरपुर, इंदौर, गढ़ाकोटा ,ऋषभदेव, खैरवाड़ा, फलासिया, भीलवाड़ा, उदयपुर, बिजोलिया, विजयनगर, शाहपुरा, रामगंज मंडी, ललितपुर, फागी, नोएडा, दिल्ली ,बड़नगर, सागर, बंडा, शाहपुर (मप्र), फिरोजाबाद, नैनवा, बूंदी, इटावा आदि अनेकों स्थानों से पत्रकारों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल कराया। सभी उपस्थित पत्रकारों को स्वस्ति धाम समिति द्वारा सुंदर स्वस्ति धाम प्रतीक के रूप में गिफ्ट, दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संयोजक नवीन जैन, जहाजपुर ने आभार व्यक्त किया।</p>
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