<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>IAS &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/ias/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Sat, 13 Jul 2024 07:23:05 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>IAS &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>गणाचार्य श्री विरागसागर जी का महाप्रयाण : अनुपम और असाधारण संयम के धारक थे गुरुदेव </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/gurudev_was_the_holder_of_unparalleled_and_extraordinary_restraint/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/gurudev_was_the_holder_of_unparalleled_and_extraordinary_restraint/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jul 2024 07:23:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Virag Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[IAS]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[nainagiri]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Samadhi]]></category>
		<category><![CDATA[Sanlekhana  श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Suresh Jain]]></category>
		<category><![CDATA[आईएएस]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विराग सागर]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[नैनागिरि]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[महाराष्ट्र]]></category>
		<category><![CDATA[समाधि]]></category>
		<category><![CDATA[संल्लेखना]]></category>
		<category><![CDATA[सुरेश जैन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=63342</guid>

					<description><![CDATA[विरागवाणी के यशस्‍वी संपादक इंजी. श्री आनन्‍द कुमार जैन ने 4 जुलाईए 2024 को प्रात: 6 बजे गुरुदेव श्री विरागसागर जी की समाधिस्‍थ होने के दु:खद समाचार हमें दिए। नैनागिरि में न्‍यास कमेटी के मंत्री द्वय और सदस्‍यगण स्‍थानीय समाज और हमारे सभी सहायकों ने शांतिविधान कर गुरुदेव के प्रति अपनी विनयांजलि समर्पित की। पढ़िए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>विरागवाणी के यशस्&#x200d;वी संपादक इंजी. श्री आनन्&#x200d;द कुमार जैन ने 4 जुलाईए 2024 को प्रात: 6 बजे गुरुदेव श्री विरागसागर जी की समाधिस्&#x200d;थ होने के दु:खद समाचार हमें दिए। नैनागिरि में न्&#x200d;यास कमेटी के मंत्री द्वय और सदस्&#x200d;यगण स्&#x200d;थानीय समाज और हमारे सभी सहायकों ने शांतिविधान कर गुरुदेव के प्रति अपनी विनयांजलि समर्पित की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सुरेश जैन (आईएएस) का विशेष आलेख&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p>विरागवाणी के यशस्&#x200d;वी संपादक इंजी. श्री आनन्&#x200d;द कुमार जैन ने 4 जुलाईए 2024 को प्रात: 6 बजे गुरुदेव श्री विरागसागर जी की समाधिस्&#x200d;थ होने के दु:खद समाचार हमें दिए। नैनागिरि में न्&#x200d;यास कमेटी के मंत्री द्वय और सदस्&#x200d;यगण स्&#x200d;थानीय समाज और हमारे सभी सहायकों ने शांतिविधान कर गुरुदेव के प्रति अपनी विनयांजलि समर्पित की। इसके पूर्व उनके विपरीत स्&#x200d;वास्&#x200d;थ्&#x200d;य की जानकारी मिलते ही 2 और 3 जुलाई को नैनागिरि तीर्थ के बड़े पुजारी कोमलचन्&#x200d;द्र जैन , वरिष्&#x200d;ठ प्रबंधक शिखरचन्&#x200d;द्र जैन तथा सहायक प्रबंधक विकास जैन आदि सभी सहायकों और उपस्थित महानुभावों ने भगवान पार्श्&#x200d;वनाथ के मंदिर में शांतिधारा कर उनके अच्&#x200d;छे स्&#x200d;वास्&#x200d;थ्&#x200d;य के लिए प्रार्थना की थी।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-63345" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/07/IMG-20240713-WA0007.jpg" alt="" width="1025" height="1114" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/07/IMG-20240713-WA0007.jpg 1025w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/07/IMG-20240713-WA0007-276x300.jpg 276w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/07/IMG-20240713-WA0007-942x1024.jpg 942w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/07/IMG-20240713-WA0007-768x835.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/07/IMG-20240713-WA0007-990x1076.jpg 990w" sizes="(max-width: 1025px) 100vw, 1025px" />वर्ष 1992 में द्रोणगिरि में आयोजित उनके आचार्य दीक्षा समारोह का साक्षी बनने का हमें सौभाग्&#x200d;य प्राप्&#x200d;त हुआ। उनकी सात नैनागिरि यात्राओं में तथा विभिन्&#x200d;न तीर्थो पर उनके दर्शन कर न्&#x200d;यायमूर्ति विमला जी तथा हमने आत्&#x200d;मीय आशीर्वाद प्राप्&#x200d;त किया। उनकी मधुर वाणी की महात्रिवेणी से मन भर, जल दुग्&#x200d;ध रसपान का अपरिमित आनन्&#x200d;द लिया। नैनागिरि तीर्थ प्रबंधन समिति की प्रथम प्रार्थना पर ही सहजता और सरलता पूर्वक गुरुदेव नैनागिरि तीर्थ पर आयोजित पंचकल्&#x200d;याणक 2023 में पधारे और अपने पूरे संघ का सान्निध्&#x200d;य प्रदान किया। कठिन और कलुषित मानवीय व्&#x200d;यवहार की पुन: पुन: उलझती गांठे सरलता से खोलकर उन्&#x200d;होंने समग्र समाज के बीच गोवत्&#x200d;स प्रीति पूर्वक शाश्&#x200d;वत समन्&#x200d;वय स्&#x200d;थापित किया। पूरी शांति और सफलतापूर्वक देशना स्&#x200d;थल पर निर्माणाधीन तीन मूर्ति मंदिर में पीतल की तीन विशाल मूर्तियों की प्राण प्रतिष्&#x200d;ठा की।</p>
<p>नवनिर्मित श्रुत मंदिर में विशाल श्रुतस्&#x200d;कंध विराजमान कराया। उनकी स्&#x200d;नेहभरी सतत मंद- मंद मुस्&#x200d;कान से अपार प्रेरणा प्राप्&#x200d;त कर तीर्थ समिति ने तन, मन और धन से रात- दिन कार्य करते हुए सफलतम पंचकल्&#x200d;याणक संपन्&#x200d;न करने का श्रेष्&#x200d;ठतम उदाहरण प्रस्&#x200d;तुत किया।</p>
<p>गुरुदेव की मिसरी सी मीठी मधुरतम वाणी से अपरिमित ऊर्जा प्राप्&#x200d;त कर इस पंचकल्&#x200d;याणक में अपना अमृतकालीन जीवन व्&#x200d;यतीत कर रहीं श्रीमती कस्&#x200d;तूरीदेवी और उनके पति श्री लालचन्&#x200d;द्र जी भगवान के माता &#8211; पिता बने। शिशु पार्श्&#x200d;व को देखते हुए उनके तन-मन की प्रसन्&#x200d;नता जन &#8211; जन के आकर्षण का केन्&#x200d;द्र बन रही थी। समाज के इस वयोवृद्ध परिवार के साथ &#8211; साथ सभी पात्रों ने पूरे उत्&#x200d;साह और समर्पण पूर्वक अपने विविध कर्तव्&#x200d;यों का निर्वाह किया। सम्&#x200d;यकदर्शन के सभी अंगो को स्&#x200d;वीकार करते हुए उनके युवा पौत्र पुलकित और पौत्रवधु राखी ने सौधर्मइन्&#x200d;द्र और शची की प्रभावी भूमिका का सम्&#x200d;यक् और सफलतम ढंग से निर्वाह किया।</p>
<p>इस अवसर पर विरागोदय तीर्थ पथरिया में समा&#x200d;योजित यतिसम्&#x200d;मेलन : युग प्रतिक्रमण की स्&#x200d;मृति को स्&#x200d;थाई स्&#x200d;वरूप देने के लिए नैनागिरि तीर्थ पर प्रशस्ति शिलालेख स्&#x200d;थापित किया गया। घनघोर वरदत्&#x200d;त वन में स्थित सिद्ध शिला पर बैठे श्री विरागसागर जी ,श्री विशुद्धसागर जी, श्री आदित्&#x200d;यसागर जी, श्री विरंजनसागर जी प्रभृति अनेक संघस्&#x200d;थ साधुओं के दिगंबरत्&#x200d;व की असाधारण साधना के विविध आयाम खिल उठे।</p>
<p>यद्यपि आषाढ़ की रिमझिम फुहारों में भी विराग के वियोग के आंसुओं को विराम देना और मन &#8211; मस्तिष्&#x200d;क को संतुलित करना कठिन हो रहा है तदपि थोड़ा सा आत्मिक साहस जुटाकर बुन्&#x200d;देखण्&#x200d;ड की शताधिक प्रभावशाली आध्&#x200d;यात्मिक शक्तियों के जनक, सिद्ध पथ के महापथिक, समग्र जैन समाज के विराट सामाजिक सेतु के महान शिल्&#x200d;पी तथा आज के व्&#x200d;यावहारिक जगत में समतापूर्वक महासमाधि के सर्वोत्&#x200d;कृष्&#x200d;ट उदाहरण के महान प्रस्&#x200d;तोता श्री विरागसागर जी को हम सब शत &#8211; शत प्रणाम करते है। आध्&#x200d;यात्मिक और सामाजिक समरसता के महासागर को पुनः पुनः नमोस्&#x200d;तु करते है। इस महामुनि के चरणों में चार शताब्दियों में एक बार खिलने वाले महामेरु मंगल पुष्&#x200d;प समर्पित करते है।</p>
<p>अनुपम और असाधारण संयम के धारक गुरुदेव ने अपने संघस्&#x200d;थ श्री विशुद्धसागर प्रभृति नौ साधु रत्&#x200d;नों का सर्वोत्&#x200d;तम वैज्ञानिक पद्धति से गुणात्&#x200d;मक उत्&#x200d;थान करते हुए उनमें आचार्यो के मूलगुणों की सफलता पूर्वक संस्&#x200d;थापना की है और उन्&#x200d;हें अपने जीवन काल में ही आचार्यो के पद पर प्रतिष्ठित कर दिया है। पूरे संघ को वैज्ञानिक प्रबंधन के पटल पर सुस्&#x200d;थापित कर आध्&#x200d;यात्मिक एकता का सुदृढ़ शिलान्&#x200d;यास कर दिया है। हमें पूरा भरोसा है कि गुरुदेव के प्रथम श्रेष्&#x200d;ठतम रत्&#x200d;न श्री विशुद्धसागर जी के नेतृत्&#x200d;व में सभी आचार्य रत्&#x200d;न और सभी संत मिल &#8211; जुलकर सम्&#x200d;यकदर्शन, सम्&#x200d;यकज्ञान और सम्&#x200d;यकचारित्र की शताधिक त्रिवेणियों की शक्ति समेकित कर भगवान महावीर की प्राचीनतम आधारभूत आध्&#x200d;यात्मिक परंपराओं को हिमालयीन ऊँचाई प्रदान करते रहेंगे।</p>
<p>यह उल्&#x200d;लेख करना अत्&#x200d;यावश्&#x200d;यक प्रतीत होता है कि श्री विरागसागर जी के सभी शिष्&#x200d;य आध्&#x200d;यात्मिक पदों के राग से परे है। आध्&#x200d;यात्मिक अहंकार से बहुत दूर हैं। अभी तक उनके संघ में किसी भी पद के लिए विसंवाद का उदाहरण समाज को देखने में नहीं आया है। हमें यह दृढ़ विश्&#x200d;वास है कि यह संघ आध्&#x200d;यात्मिक विखण्&#x200d;डन की दुष्&#x200d;प्रवृत्तियों को कभी भी प्रश्रय नहीं देगा और भौतिकता से ओतप्रोत इक्&#x200d;कीसवीं सदी में भी महावीर की आदर्श चर्या के सफलतम उदाहरण विश्&#x200d;व के समक्ष प्रस्&#x200d;तुत करेगा।</p>
<p>ममता और वात्&#x200d;सल्&#x200d;य से ओतप्रोत राष्&#x200d;ट्र संत विरागसागर जी को उनके महाप्रयाण पर मध्&#x200d;यप्रदेश के मुख्&#x200d;यमंत्री डॉ मोहन यादव, नई दिल्&#x200d;ली के सांसद श्री मनोज तिवारी प्रभृति अनेक राजनेताओं, पूरे देश के संतो और वरिष्&#x200d;ठतम विद्वानों ने अपनी विनयांजली प्रस्&#x200d;तुत की।</p>
<p>नैनागिरि में बीसवीं शताब्दि के 87 वें वर्ष में आध्&#x200d;यात्मिक जन्&#x200d;म लेकर अभूतपूर्व शैक्षणिक क्रांति के जनक बने मुनिवर सुधासागर जी ने अपने प्रवचन में गुरुदेव को अपरिमित पुण्&#x200d;य के स्&#x200d;वामी और प्रभावशाली प्रभावक आचार्य घोषित किया है। अपने संघ को अपने संगठन कौशल से व्&#x200d;यवस्थित स्&#x200d;वरूप प्रदान करने के लिए उनकी सराहना की है। उन्&#x200d;हें संबोधित करते हुए पूरा धैर्य रखने की सलाह दी है। प्रभावना योग के प्रभावी प्रस्&#x200d;तोता मुनिवर प्रमाणसागर जी ने कहा कि विरागसागर जी के महाप्रयाण से श्रमण संस्&#x200d;कृति की बड़ी क्षति हुई है। उन्&#x200d;होंने इतने बड़े संघ को अपना सक्षम और कुशलतम नायकत्&#x200d;व प्रदान करते हुए श्रमण संस्&#x200d;कृति को असाधारण विस्&#x200d;तार दिया है। इन दोनों राष्&#x200d;ट्रीय संतों ने अपने शब्&#x200d;द सुमनों से आध्&#x200d;यात्मिक और सामाजिक समन्&#x200d;वय की सराहनीय सद्प्रवृत्तियों को ऊर्जा प्रदान की है। यह सुखद और प्रसन्&#x200d;न्&#x200d;तादायक है कि उनकी इस स्&#x200d;मराणां&#x200d;जलियों ने आध्&#x200d;यात्मिकता और जैन धर्म की अनेकांतात्&#x200d;मक &#8211; एकता के समुन्&#x200d;नत मापदण्&#x200d;ड स्&#x200d;थापित किए है। इससे सभी संघों के बीच पारस्&#x200d;परिक सौहार्द और सम्&#x200d;मान की वृद्धि हो रही है। महावीर का एकीकृत मंगलपथ प्रशस्&#x200d;त हो रहा है।</p>
<p>शुद्ध &#8211; स्&#x200d;वस्&#x200d;थ मस्तिष्&#x200d;क तथा संपूर्ण विवेक के साथ पूर्णतः जाग्रत तथा चैतन्&#x200d;य स्थिति में श्री विरागसागर जी ने जैन आगम के अनुकूल अपनी समाधि साधना के अंतिम प्रवचन दिनांक 3 जुलाई 2024 में श्रमणाचार्य श्री विशुद्धसागर जी को पट्टाचार्य बनाने की स्&#x200d;पष्&#x200d;ट घोषणा कर दी। उनके संघ से वर्षो पूर्व अलग हुए आचार्य श्री वसुनंदी जी से क्षमायाचना करते हुए उनके प्रति अपना प्रति नमोस्&#x200d;तु निवेदित किया। यह मार्मिक प्रकरण पूरे विश्&#x200d;व के समक्ष उनकी हिमालयीन आध्&#x200d;यात्मिक ऊँचाई और समता की पूरी गहराई को प्रदर्शित करता है। पवित्रता और पावनता से ओतप्रोत श्रेष्&#x200d;ठतम आत्&#x200d;मा का यह प्रभावी , बिरला , असाधारण और अनूठा प्रवचन भारतीय सांस्&#x200d;कृतिक जगत के इतिहास में सदैव स्&#x200d;वर्णाक्षरों में अंकित किया जावेगा। सर्वोत्&#x200d;तम समाधि का प्रकाश स्&#x200d;तंभ बनेगा। इस प्रवचन के कुछ ही घण्&#x200d;टों बाद गुरुदेव ने अपना शरीर त्&#x200d;याग कर भौतिकता की इस सदी में भी महासमाधि का अनुपम उदाहरण प्रस्&#x200d;तुत कर दिया। बुन्&#x200d;देलखण्&#x200d;ड की वीर प्रसूता माटी में जन्&#x200d;मीं उनकी देह कुबेर प्रसूता महाराष्&#x200d;ट्र की माटी में मिल गई। अपने पद का त्&#x200d;याग करते हुए और सभी से क्षमायाचना करते हुए वे चिरनिद्रा में विलीन हो गए। हमे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्&#x200d;हें अपनी मृत्&#x200d;यु का सही &#8211; सही पूर्वाभास हो गया था।</p>
<p>4 जुलाई की रात्रि में 8 बजे डॉ. श्रेयांस जी बड़ौत और ब्र. भैया प्रतिष्&#x200d;ठाचार्य जय निशांत जी के द्वारा पं. राजकुमार जैन शास्&#x200d;त्री के सक्षम एवं कुशल संचालकत्&#x200d;व में आयोजित विनयांजलि समर्पण सभा की गई। हमें और विमला जी को श्रद्धासुमन भेंट करने का अवसर देने के लिए हम उन्&#x200d;हें अनंत साधुवाद प्रदान करते हैं और गणाचार्य गुरुदेव, पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी और उनके संघस्&#x200d;थ सभी संतों के चरणों में पुनः पुनः शत &#8211; शत वंदन करते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/gurudev_was_the_holder_of_unparalleled_and_extraordinary_restraint/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैन समाज गौरवान्वित हुआ : भोपाल के अयान जैन ने सिविल सर्विसेस परीक्षा में की 16वीं रैंक हासिल </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/ayan_jain_secured_16th_rank_in_civil_services_exam/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/ayan_jain_secured_16th_rank_in_civil_services_exam/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Apr 2024 11:02:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Arth Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Ayan Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Civil Service]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmasabha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[IAS]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mukesh Jain]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Ujjain श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[UPSC]]></category>
		<category><![CDATA[Varsha Yoga]]></category>
		<category><![CDATA[अयान जैन]]></category>
		<category><![CDATA[अर्थ जैन]]></category>
		<category><![CDATA[आईएएस]]></category>
		<category><![CDATA[उज्जैन]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[भोपाल]]></category>
		<category><![CDATA[मुकेश जैन]]></category>
		<category><![CDATA[यूपीएससी]]></category>
		<category><![CDATA[सिविल सर्वित]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=59010</guid>

					<description><![CDATA[ सिविल सर्विसेस परीक्षा में अयान जैन ने इतिहास रच दिया है। भोपाल निवासी सेवा निवृत्त आईपीएस मुकेश जैन के बड़े बेटे अर्थ जैन पहले ही आईएएस अफसर हैं और उज्जैन में एसडीएम के रूप में सेवाएं दे रहे हैं और अब घोषित परीक्षाफल में उनके छोटे पुत्र अयान जैन ने 16वीं रैंक अर्जित की है। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> सिविल सर्विसेस परीक्षा में अयान जैन ने इतिहास रच दिया है। भोपाल निवासी सेवा निवृत्त आईपीएस मुकेश जैन के बड़े बेटे अर्थ जैन पहले ही आईएएस अफसर हैं और उज्जैन में एसडीएम के रूप में सेवाएं दे रहे हैं और अब घोषित परीक्षाफल में उनके छोटे पुत्र अयान जैन ने 16वीं रैंक अर्जित की है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भोपाल।</strong> सिविल सर्विसेस परीक्षा में अयान जैन ने इतिहास रच दिया है। भोपाल निवासी सेवा निवृत्त आईपीएस मुकेश जैन के बड़े बेटे अर्थ जैन पहले ही आईएएस अफसर हैं और उज्जैन में एसडीएम के रूप में सेवाएं दे रहे हैं और अब घोषित परीक्षाफल में उनके छोटे पुत्र अयान जैन ने 16वीं रैंक अर्जित की है। अयान ने ने पिछली बार भी यूपीएससी ब्रेक कर ली थी, जिसमें उनकी 72वीं रैंक आई थी। बड़ी बात यह है कि उनके बड़े भाई अर्थ जैन की भी यूपीएससी परीक्षा में 16वीं रैंक आई थी। इस प्रकार यूपीएससी के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि दो सगे भाइयों को एक ही रैंक प्राप्त हुई हो। यही नहीं एमपी के आईपीएस अफसरों के परिवार में ऐसा पहली बार हुआ है कि दोनों बेटों ने आईएएस बनने में सफलता हासिल की हो। दिगम्बर जैन समाज समाजिक सांसद इदौर के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी, सुशील पांड्या, मंत्री डॉ जैनेन्द्र जैन, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल,दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश विनायका, राजेश जैन दद्दू, हंसमुख गांधी, टीके वेद ,परवार समाज महिला संगठन की अध्यक्ष मुक्ता जैन,सारिका जैन, पुष्पा कासलीवाल, सीमा रावत ने अयान को बंधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामनाएं कीं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/ayan_jain_secured_16th_rank_in_civil_services_exam/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आईएएस शोभित जैन ने शाकाहारियों को संदेश : युवा पीढ़ी को मांसाहार से बचाया जाना जरूरी </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/necessary_to_save_the_young_generation_from_non_vegetarian/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/necessary_to_save_the_young_generation_from_non_vegetarian/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Jul 2023 13:30:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[IAS]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Non-vegetarian]]></category>
		<category><![CDATA[Shobhit Jain]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Vegetarian]]></category>
		<category><![CDATA[आईएएस]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[भोपाल]]></category>
		<category><![CDATA[मांसाहार]]></category>
		<category><![CDATA[शाकाहार]]></category>
		<category><![CDATA[शोभित जैन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=47598</guid>

					<description><![CDATA[आईएएस अधिकारी और मध्य प्रदेश राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव शोभित जैन ने शाकाहारियों से अनुरोध किया है कि वह केवल शाकाहारी रेस्टोरेंट्स, भोजनालय या होटल में ही भोजन करें। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230; भोपाल।। आईएएस अधिकारी और मध्य प्रदेश राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव शोभित जैन ने शाकाहारियों से अनुरोध किया है [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आईएएस अधिकारी और मध्य प्रदेश राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव शोभित जैन ने शाकाहारियों से अनुरोध किया है कि वह केवल शाकाहारी रेस्टोरेंट्स, भोजनालय या होटल में ही भोजन करें। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भोपाल।।</strong> आईएएस अधिकारी और मध्य प्रदेश राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव शोभित जैन ने शाकाहारियों से अनुरोध किया है कि वह केवल शाकाहारी रेस्टोरेंट्स, भोजनालय या होटल में ही भोजन करें। किसी भी मांसाहारी रेस्टोरेंट्स आदि में भोजन ना करें जब तक की उनमें पृथक-पृथक किचन ना हो। जैन ने कहा कि एक ही किचन होने से पूर्ण संभावना होती है कि मांस किसी न किसी प्रकार शाकाहारी भोजन में मिक्स हो जाता है। विभिन्न विद्यार्थियों को यदि वह मेस में भोजन करते हैं तो उन्हें अलग से शाकाहारी रसोई की मांग करनी चाहिए।</p>
<p><strong>बड़ी हस्तियों से सीखें</strong></p>
<p>जैन ने कहा कि युवा जनरेशन को बचाना जरूरी है। बड़े-बड़े होटलों में युवा नहीं चाहते हुए भी मांसाहारी खाना शुरू कर देते हैं। अगर आप शाकाहारी हैं तो शाकाहारी होटल पर ही खाना खाएं। उन्होंने कहा कि विश्व की लगभग 22 प्रतिशत जनसंख्या शाकाहारी या विगन की श्रेणी में आती है और यह संख्या निरंतर बढ़ रही है। एकअक्टूबर को विश्व शाकाहार दिवस मनाया जाता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब लियोनार्डो द विंची, वॉल्टियर, एडोल्फ हिटलर, पाइथागोरस, निकोला टेस्ला, जॉर्ज बर्नार्ड शॉ, लिओ टॉलस्टॉय, अल्बर्ट आइंस्टाइन, रिकी मार्टिन, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, मार्टिना नवरातिलोवा, विराट कोहली, एलिशिया सिल्वरस्टोन, लिंडा मकर्टनी, सरीना विलियम्स, लुइस हैमिल्टन, बिल क्लिंटन, मेडना, अमिताभ बच्चन, आमिर खान, विद्या बालन ने शाकाहार अपनाया है तो हमें अपनाने में सोचना नहीं चाहिए।</p>
<p><strong>वीडियो हो रहा वायरल</strong></p>
<p>सोशल मीडिया पर भोपाल के एक पांच सितारा होटल का वीड़ियो वायरल हो रहा है, जिसमें शाकाहारियों को भोजन में मांसाहर परोसा जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/necessary_to_save_the_young_generation_from_non_vegetarian/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैन समाज में खुशी की लहर: श्रेयांशी जैन और अक्षत जैन ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता प्राप्त की        </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/shreyanshi_jain_and_akshat_jain_got_success_in_union_public_service_commission_exam/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/shreyanshi_jain_and_akshat_jain_got_success_in_union_public_service_commission_exam/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 May 2023 08:36:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Akshat Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[IAS]]></category>
		<category><![CDATA[IPS]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Lucknow]]></category>
		<category><![CDATA[Madavara  श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shreyansi Jain]]></category>
		<category><![CDATA[tikamgarh]]></category>
		<category><![CDATA[Union Public Service Commission]]></category>
		<category><![CDATA[UPSC]]></category>
		<category><![CDATA[अक्षत जैन]]></category>
		<category><![CDATA[आइएएस]]></category>
		<category><![CDATA[आइपीएस]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[टीकमगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[मड़ावरा]]></category>
		<category><![CDATA[यूपीएससी]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[श्रेयांसी जैन]]></category>
		<category><![CDATA[संघ लोक सेवा आयोग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=44735</guid>

					<description><![CDATA[लखनऊ निवासी सीमा-राजेश जैन की सुपुत्री श्रेयांसी जैन ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में 302वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। वहीं टीकमगढ़ निवासी अक्षत जैन ने भी संघ लोक सेवा आयोग में सफलता प्राप्त कर समाज एवं नगर का नाम रोशन किया है। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230; टीकमगढ़। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>लखनऊ निवासी सीमा-राजेश जैन की सुपुत्री श्रेयांसी जैन ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में 302वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। वहीं टीकमगढ़ निवासी अक्षत जैन ने भी संघ लोक सेवा आयोग में सफलता प्राप्त कर समाज एवं नगर का नाम रोशन किया है। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टीकमगढ़।</strong> लखनऊ निवासी सीमा-राजेश जैन की सुपुत्री श्रेयांसी जैन ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में 302वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। श्रेयांसी जैन ने सीमित संसाधनों में रहकर काफी मेहनत की और यह मुकाम प्राप्त किया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने आध्यात्मिक गुरु जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं अपने माता-पिता को दिया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वह आगे प्रशासनिक अधिकारी बनकर जनसेवा करना चाहती हैं और नागरिकों की हरसंभव मदद करेंगी। उनकी सफलता पर उनके नाना हुकुमचंद ककडारी, ललितपुर एवं सतीश सिंघई ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कींं। वहीं टीकमगढ़ निवासी अक्षत जैन ने भी संघ लोक सेवा आयोग में सफलता प्राप्त कर समाज एवं नगर का नाम रोशन किया है।</p>
<p>अक्षत जैन के पिता प्रदीप जैन मूलतः उप्र के साढूमर, ललितपुर के निवासी हैं और वर्तमान में शासकीय विद्यालय टीकमगढ़ में प्रवक्ता हैंऔर माता माया जैन शिक्षिका हैं। पिता के दिशा-निर्देश में अक्षत जैन ने यह मुकाम प्राप्त किया है। बता दें कि अक्षय जैन वर्तमान में निवाड़ी, मप्र में फॉरेस्ट अधिकारी पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय गुरु और माता-पिता को दिया। उनकी सफलता पर टीकमगढ़ एवं उनके ननिहाल मड़ावरा में खुशी का माहौल है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/shreyanshi_jain_and_akshat_jain_got_success_in_union_public_service_commission_exam/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
