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	<title>Guru Purnima Festival &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Guru Purnima Festival &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>गुरु नाविक के समान है भव सागर से पार लगाता है: बूंदी देवपुरा जैन मंदिर में मना गुरु पूर्णिमा महोत्सव  </title>
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		<pubDate>Fri, 11 Jul 2025 13:30:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बूंदी देवपुरा जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि वैराग्य सागरजी महाराज, मुनि सुप्रभ सागरजी महाराज के सानिध्य में बघेरवाल छात्रावास में बड़ी उमंगता व भक्ति भाव से गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर गुरुओं को अर्घ्य चढ़ाकर गुरु पूजन किया गया। बूंदी से पढ़िए, यह खबर&#8230; बंूदी। बूंदी देवपुरा जैन मंदिर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बूंदी देवपुरा जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि वैराग्य सागरजी महाराज, मुनि सुप्रभ सागरजी महाराज के सानिध्य में बघेरवाल छात्रावास में बड़ी उमंगता व भक्ति भाव से गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर गुरुओं को अर्घ्य चढ़ाकर गुरु पूजन किया गया। <span style="color: #ff0000">बूंदी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बंूदी।</strong> बूंदी देवपुरा जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे मुनि वैराग्य सागरजी महाराज, मुनि सुप्रभ सागरजी महाराज के सानिध्य में बघेरवाल छात्रावास में बड़ी उमंगता व भक्ति भाव से गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर गुरुओं को अर्घ्य चढ़ाकर गुरु पूजन किया गया। धर्म सभा में मुनिश्री सुप्रभ सागर जी महाराज ने गुरु की महिमा बताते हुए कहा कि जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका उत्थान कभी नहीं हो सकता और वह पतन के मार्ग पर प्रशस्त होता है। रावण के जीवन में गुरु नहीं होने के कारण से पतन का कारण बना। उससे पूर्व मूनि सुप्रभ सागर महाराज ने गुरु के महत्व पर कहा कि जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन अंधकार के समान होता है। गुरु की संज्ञा देते हुए बताया कि गुरु एक कुंभकार भी होता है तथा एक इंजीनियर के समान होता है जिस प्रकार इंजीनियर भवन का निर्माण करता है उसी प्रकार गुरु शिष्य के जीवन का निर्माण करता है और अच्छे संस्कार देता है मुनि श्री ने गुरु को एक नाविक की संज्ञा भी दी है। जिस प्रकार एक नाविक के बिना नदी को पर नहीं किया जा सकता इस प्रकार से गुरु के बिना संसार सागर से पर नहीं उतार सकते। उन्होंने द्रोणाचार्य और एकलव्य का उदाहरण देते हुए कहा कि शिष्य भी गुरु चरण में बिना शर्त व समर्पण के समर्पित होकर गुरु के पास आना चाहिए।</p>
<p><strong>श्रद्धा भक्ति से अर्घ्य किए समर्पित </strong></p>
<p>इससे पूर्व भगवान संभवनाथ की तस्वीर पर शांन्तीलाल प्रेमचंद अमित कुमार मोहिवाल ने दीप प्रज्वलन किया। मेवाड़ के सुधा सागर क्रांति मंच तथा बिजोलिया देवली टोंक नीमच, झातला,ठुकराई, पेच की बावड़ी, हिंडोली, कोटा डाबी आदि जगहों के सैकड़ो लोगों उपस्थित हुए, जैन संस्कार महिला मंडल, जिन शासन महिला मंडल, देवपुरा सकल दिगम्बर जैन समाज की महिला मंडल देवपुरा पाठशाला के बालक बालिकाओं, रजत महिला मंडल, मधुबन कॉलोनी महिला मंडल, संभवनाथ नवयुवक मंडल देवपुरा मन्दिर कार्यकारिणी के पदाधिकारी चातुर्मास समिति के सदस्यों ने भक्ति भाव पूर्वक अर्घ्य चढ़ाया। मुनि वैराग्य सागर जी महाराज का पाद पक्षालन रमेश चंद, अनिल कुमार सीदडातोड, शास्त्र भेंट लोकेशकुमार सेठिया महुआ, मुनि सुप्रभसागर सागर जी का पाद पक्षालन सिलोरिया हरसोरा परिवार ने तथा शास्त्र भंेट प्रेम बाई ने किया। सभी धार्मिक क्रियाएं पंडित देवेंद्र जैन, संगीतकार शुभम जैन ने संपन्न कराई। कार्यक्रम का संचालन ओम प्रकाश ठग ने किया।</p>
<p><strong>कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित </strong></p>
<p>इस अवसर पर बगैरवाल प्रांत के केंद्रीय अध्यक्ष महेंद्र हरसोरा, बूंदी बगैरवाल प्रांत के अध्यक्ष महावीर धानोतया, सकल जैन समाज के अध्यक्ष एडवोकेट संजय जैन, संरक्षक त्रिलोकचंद जैन, ओमप्रकाश बड़जात्या, खंडेलवाल सरावगी समाज के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र काला, चातुर्मास समिति के अध्यक्ष पदम जैन, संयोजक कमल जैन, कोषाध्यक्ष जम्मूकुमार जैन देवपुरा, जैन समाज के अध्यक्ष विनोद कोटिया, कोषाध्यक्ष अशोक जैन, धर्मचंद कोटिया, दिनकेश जैन, कुशालचंद सहित बूंदी हाडोती क्षेत्र मेवाड़ प्रांत के आए भक्तजन उपस्थित थे।</p>
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		<title>मुनि श्री गुरुदत्त सागरजी ने कहा-गुरु के बिना जीवन अधूरा : मुनिश्री ने गुरु महात्तम से कराया परिचय  </title>
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		<pubDate>Fri, 11 Jul 2025 09:38:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में विराजमान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के शिष्य मुनि श्री गुरुदत्त सागरजी एवं मुनि श्री मेघदत्त सागर जी के सान्निध्य में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया। जैन समाज ने श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ इस महोत्सव को मनाया। महरौनी से पढ़िए राजीव सिंघई kin, यह खबर&#8230; महरौनी। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में विराजमान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के शिष्य मुनि श्री गुरुदत्त सागरजी एवं मुनि श्री मेघदत्त सागर जी के सान्निध्य में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया। जैन समाज ने श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ इस महोत्सव को मनाया। <span style="color: #ff0000">महरौनी से पढ़िए राजीव सिंघई kin, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी।</strong> नगर के दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में विराजमान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के शिष्य मुनि श्री गुरुदत्त सागरजी एवं मुनि श्री मेघदत्त सागर जी के सान्निध्य में गुरुवार को गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया। जैन समाज ने श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ इस महोत्सव को मनाया। इस अवसर पर प्रवचन देते हुए मुनिश्री गुरुदत्त सागर जी ने कहा कि गुरु के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा होता है क्योंकि, जिसके जीवन में कोई गुरु नहीं, उसका जीवन शुरू ही नहीं होता। गुरु ही वह शक्ति हैं, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर, अज्ञानता से ज्ञान की ओर तथा भोग से योग की ओर ले जाते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सच्चा गुरु वही होता है जो हमें संसार से मोक्ष मार्ग की ओर प्रवृत्त करता है। गुरु के चरणों में जो आनंद प्राप्त होता है, वह स्वर्गों में भी दुर्लभ है। मुनि श्री मेघदत्त सागरजी ने भी गुरु की महिमा का बखान करते हुए कहा कि गुरु, ईश्वर से भी महान और पूजनीय हैं क्योंकि, ईश्वर को हमने नहीं देखा लेकिन, गुरु का साक्षात दर्शन होता है और उनसे प्राप्त मार्गदर्शन से जीवन का कल्याण होता है। पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहीं और गुरु चरणों में वंदनकर पुण्य लाभ अर्जित किया।</p>
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		<title>गुरु की महिमा वर्णी ना जाए : गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गुरु से लिया आशीर्वाद  </title>
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		<pubDate>Thu, 10 Jul 2025 14:08:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया।पूर्वाचार्यों को अर्घ्य समर्पण किया गया तथा आचार्य श्री की बड़े भक्ति भाव से भक्ति नृत्य करते हुए पूजन हुआ। टोंक से पढ़िए, यह खबर&#8230; टोंक। आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया।पूर्वाचार्यों को अर्घ्य समर्पण किया गया तथा आचार्य श्री की बड़े भक्ति भाव से भक्ति नृत्य करते हुए पूजन हुआ। <span style="color: #ff0000">टोंक से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टोंक।</strong> आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। चातुर्मास समिति प्रवक्ता पवन कंटान एवं विकास जागीरदार ने बताया कि धर्म उपदेश के पूर्व आदिनाथ भगवान एवं आचार्य शांति सागर जी सहित सभी आचार्यों के चित्रों के सम्मुख दीप प्रवज्लन पूर्व सांसद टोंक-सवाई माधोपुर सुखबीरसिंह जौनपुरिया, टोंक जिला प्रमुख सरोज नरेश बंसल, पूर्व चेयरमैन नगरपरिषद लक्ष्मी देवी, बीना जैन छामुनिया,निवाई चेयरमैन दिलीप इसरानी, निवाई विधायक रामसहाय वर्मा, विष्णु शर्मा, प्रभु बाडोलिया, विनायक जैन, सुमित जैन जयपुर, अमित छामुनिया द्वारा किया गया।</p>
<p>आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कैलाश चंद, सुरेशचंद, नंदलाल, भागचंद, संजय कुमार, पारस कुमार, उमेश कुमार संघी परिवार द्वारा किया गया एवं जिनवाणी भेंट अंकित जैन जोबनेर परिवार द्वारा किया गया। पूर्वाचार्यों को अर्घ्य समर्पण किया गया तथा आचार्य श्री की बड़े भक्ति भाव से भक्ति नृत्य करते हुए पूजन जैन वूमेंस ग्रुप, बहुरानी महिला मंडल, आदिनाथ महिला मंडल, जिनवाणी महिला मंडल, आचार्य धर्मासागर पाठशाला, चंद्रप्रभु महिला मंडल काफला बाजार,पारसनाथ महिला मंडल आदर्श नगर, हाउसिंग बोर्ड महिला मंडल, पटेल सर्कल महिला मंडल, पांच मंदिर पुरानी टोंक महिला मंडलों ने बारी बारी से अष्ट द्रव्य जल चंदन अक्षत पुष्प नैवेद्य दीप धूप फल और अर्घ्य समर्पित कर पूजन किया। इसके पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुपूर्णिमा के साथ हुआ । आचार्य श्री ने अपने पूर्व आचार्यों का स्मरण करते हुए उनकी महिमा पर प्रकाश डाला।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-84836" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1703" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-scaled.jpg 2560w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-1024x681.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-768x511.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-1536x1022.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-2048x1362.jpg 2048w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-990x658.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/07/IMG-20250710-WA0020-1320x878.jpg 1320w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" />शिष्य में कृतज्ञता, विनय का गुण होना चाहिए </strong></p>
<p>भगवान श्री महावीर स्वामी की देशना केवल ज्ञान प्राप्त होने के बाद भी अनेक दिनों तक मुखरित नहीं हुई तब सोधर्म इन्द्र के माध्यम से इंद्रभूति गोतम को भगवान का समवशरण में मानस्तंभ देखकर उनका मान ओर मिथ्यात्व दूर हुआ और उन्होंने अंतिम शासन नायक श्री महावीर स्वामी से दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा लेते ही श्री गौतम स्वामी को मनपर्ययज्ञान तथा 64 में से 63 रिद्धि प्राप्त हुई और 66 दिन बाद प्रथम गणधर श्री गौतम स्वामी ने भगवान की दिव्य देशना को ग्रहण कर शास्त्रों में लिपिबद्ध किया। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित धर्म सभा में प्रगट की। गुरुभक्त राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने बताया कि श्री गौतम स्वामी ने चार प्रथमानुयोग, करुणानुयोग,द्रव्यानुयोग,ओर चरणानुयोग की रचना की।आचार्य श्री ने बताया कि गुरु ज्ञान देते हैं इसलिए उपकार कारण गुरुपूर्णिमा मनाई जाती हैं गुरुभक्त राजेश पंचोलिया इंदौर के अनुसार आचार्य श्री ने गुरु ओर शिष्य के बारे बताया कि शिष्य ने कृतज्ञता, नम्रता विनय शिष्टाचार सहित अनेक गुण होना चाहिए शिष्य को सद आचारणवान और पाप से भीरू होना चाहिए क्योंकि पाप संसार रूपी समुद्र में डूबा देता हैं इसलिए 6 द्रव्य,सात तत्वों धर्म का सहारा लेकर पुण्य का उपार्जन करना चाहिए। सभी को व्यसन और फैशन से बचना चाहिए।</p>
<p>इस अवसर पर भिंडर,किशनगढ़ पारसोला ,इंदौर,सनावद, जयपुर ,बंगलौर, बोली, निवाई, ओर निकट के अनेक नगरों से गुरुभक्त उपस्थित हुए प्रातः आचार्य श्री के दर्शन भक्ति की समस्त संघ ने आचार्य भक्ति पूर्वक वंदना की।</p>
<p><strong>वीर शासन जयंती मनाई जाएगी</strong></p>
<p>11 जुलाई शुक्रवार को प्रातः काल 8 बजे श्री दिगंबर जैन नसिया में वीर शासन जयंती मनाई जाएगी जिसके अंतर्गत जैन नसिया परिसर में प्रभात फेरी निकाली जाएगी उसके पश्चात आचार्य श्री के सानिध्य में भगवान महावीर स्वामी की पूजा अर्चना की जाएगी तत्पश्चात आचार्य श्री के मंगल प्रवचन होंगे।</p>
<p>समाज के मंत्री राजेश सर्राफ नें बताया कि प्रतिदिन अभिषेक, शांतिधारा की क्रियाएं संपन्न की जाती है। उसके बाद आचार्य श्री की मंगल प्रवचन दिन में आचार्य श्री द्वारा स्वाध्याय,शास्त्र ज्ञान संघ को दिए जाता है शाम को आरती की जाती है।</p>
<p><strong>यह रहे मौजूद </strong></p>
<p>इस मौके पर चतुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष भागचंद फूलेता, धर्मचंद दाखिया, मंत्री राजेश सराफ, धर्मेंद्र पासरोटियां, कमल सराफ,पप्पू नमक,टोनी आंडरा,ज्ञानचंद छामुनिया, आशु दाखिया, नीटू छामुनिया, पुनीत जागीरदार, दिनेश छामुनिया, रमेश काला, बेनी प्रसाद कल्ली, आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन शुरू नहीं: गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनेगा  </title>
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		<pubDate>Wed, 09 Jul 2025 12:32:13 +0000</pubDate>
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<p><strong>गुरुवार के दिन गुरु पूर्णिमा होने से विशेष महत्व की है क्योंकि, गुरुवार गुरु का गुरु ग्रह से संबंध है। गुरु ग्रह ज्ञान शिक्षा, दीक्षा, अध्यात्म से जुड़ा हुआ ग्रह है। जैन ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में गुरु बनाना चाहिए। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> भारतीय संस्कृति में गुरु का विशेष स्थान है। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा महोत्सव 10 जुलाई को मनाया जा रहा है। आषाढ़ माह की पूर्णिमा के दिन हर वर्ष गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि इस बार गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई गुरुवार को है। गुरुवार के दिन गुरु पूर्णिमा होने से विशेष महत्व की है क्योंकि, गुरुवार गुरु का गुरु ग्रह से संबंध है। गुरु ग्रह ज्ञान शिक्षा, दीक्षा, अध्यात्म से जुड़ा हुआ ग्रह है। जैन ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में गुरु बनाना चाहिए। जब तक गुरु जीवन में नहीं तब तक जीवन सही मायने में शुरू नहीं। वैसे तो मनुष्य के जन्म से ही गुरु रहते हैं। प्रथम गुरु बच्चों की मां होती है। जिसने जन्म दिया, फिर शिक्षक जिन्होंने शिक्षा प्रदान की।</p>
<p>उसके बाद आध्यात्म को बताने वाले आत्म ज्ञान देने वाले गुरु कहलाते हैं। जैन ने कहा कि हमें किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए गुरु बनाना ही पड़ता है। बिना गुरु के संस्कार और फिर ज्ञान प्राप्त नहीं होता। गुरु पूर्णिमा के दिन सभी को अपने गुरुओं का पूजन कर उनका गुणगान करना चाहिए।</p>
<p>इस दिन प्रात स्नान करके भक्ति भाव के साथ स्वच्छ वस्त्र धारण कर अपने गुरु के पास फल फूल वस्त्र माला द्रव्य आदि लेकर प्रसन्न मन से जाना चाहिए। गुरु के पाद प्रक्षालन कर तिलक लगाकर पुष्प माला पहनाकर पूजन कर आशीर्वाद लेना चाहिए। ऐसा करने से मनुष्य के सभी रोग शोक, भय समाप्त होकर मन में अच्छे विचार एवं संस्कार मिलते हैं और उसे शांति आनंद की अनुभूति के साथ ज्ञान की प्राप्ति होती है।</p>
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		<title>मुनिश्री सुधासागर जी महाराज संसघ का मंगल प्रवेश 10 जुलाई को: भव्य अगवानी अशोक नगर में तैयारियों में जुटे समाजजन  </title>
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		<pubDate>Wed, 09 Jul 2025 12:13:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का इन दिनों मंगल विहार जारी है। 10 जुलाई गुरुवार को सुबह नगर में भव्य अगवानी होगी। गुरुवार गुरुपूर्णिमा के अवसर पर मुनि श्री सुधासागर जी महाराज, क्षुल्लक गंभीर सागर,जी, क्षुल्लक वरिष्ठ सागर एवं क्षुल्लक विदेह सागर जी का सुबह वर्षायोग के लिए नगर प्रवेश होगा। अशोकनगर से पढ़िए, राजेश [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का इन दिनों मंगल विहार जारी है। 10 जुलाई गुरुवार को सुबह नगर में भव्य अगवानी होगी। गुरुवार गुरुपूर्णिमा के अवसर पर मुनि श्री सुधासागर जी महाराज, क्षुल्लक गंभीर सागर,जी, क्षुल्लक वरिष्ठ सागर एवं क्षुल्लक विदेह सागर जी का सुबह वर्षायोग के लिए नगर प्रवेश होगा। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, राजेश जैन दद्दू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोकनगर।</strong> मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का इन दिनों मंगल विहार जारी है। 10 जुलाई गुरुवार को सुबह नगर में भव्य अगवानी होगी। गुरुवार गुरुपूर्णिमा के अवसर पर मुनि श्री सुधासागर जी महाराज, क्षुल्लक गंभीर सागर,जी, क्षुल्लक वरिष्ठ सागर एवं क्षुल्लक विदेह सागर जी का सुबह वर्षायोग के लिए नगर प्रवेश होगा। यहां गुरुवार दोपहर में गुरुपुर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। जिले के समग्र समाज की ओर से भव्यातीत अगवानी की तैयारियां की गई है। पहली बार किसी दिगंबर साधु के लिए ऐतिहासिक अगवानी भारत में होने जा रही हैं। अशोक नगर की पुण्य धरा पर 33 वर्षों बाद मुनि श्री सुधासागर संसघ का भव्य मंगल आगमन होने जा रहा है।</p>
<p><strong>इस तरह की गई हैं तैयारियां</strong></p>
<p>ऐतिहासिक अगवानी की तैयारियां इस तरह से की गई है। 121 चांदी की थालियों में गुरुदेव का पाद प्रक्षालन होगा। नगर में 60 स्वागत द्वार लगाए जा रहे हैं। इनमें 4 सिंह द्वार भी होंगे। 33 जेसीबी से पुष्पवर्षा की जाएगी। 60 ट्रालों से भी पुष्पवर्षा होगी। 2 ड्रोन भी पुष्पवर्षा करेंगे। 15 किमी की भव्य रंगोली सजाई जाएगी। शोभायात्रा में 21 घोड़े व 2 हाथी, 10 बैंड, 54 ढोल, 11 डीजे से महिला संगठन सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए शामिल होंगी। प्रदेश भर से बड़ी संख्या में भक्त अगवानी के लिए आएंगे। 108 बालिकाएं अभिनंदन नृत्य प्रस्तुत करेंगी। प्रवचन के लिए 77 गुणा 350 फीट का वाटरप्रूफ पंडाल बनाया जा रहा है। 33 वर्षाें से गुरु चरणों की प्रतीक्षा में श्री दिगंबर जैन पंचायत एवं सकल दिगंबर जैन समाज अशोकनगर ने सभी गुरुभक्तों से अगवानी में सम्मिलित होकर पुण्यलाभ लेने की अपील की है।</p>
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		<title>आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी के सानिध्य में मनेगी गुरु पूर्णिमा: चार दिवसीय आयोजन में होंगे विविध कार्यक्रम  </title>
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		<pubDate>Wed, 09 Jul 2025 11:21:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[इन दिनों रामगंजमंडी में भक्ति आस्था एवं श्रद्धा का समन्वय देखने को मिल रहा है। आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी के सानिध्य में सभी धर्मलाभ ले रहे हैं। चार दिवसीय आयोजन की शुरुआत गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव से होगी। गुरुवार को प्रातः श्री जी के अभिषेक एवं जिन सहस्त्रनाम के अभिषेक होगा। प्रवचन सभा में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>इन दिनों रामगंजमंडी में भक्ति आस्था एवं श्रद्धा का समन्वय देखने को मिल रहा है। आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी के सानिध्य में सभी धर्मलाभ ले रहे हैं। चार दिवसीय आयोजन की शुरुआत गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव से होगी। गुरुवार को प्रातः श्री जी के अभिषेक एवं जिन सहस्त्रनाम के अभिषेक होगा। प्रवचन सभा में आचार्य श्री के सानिध्य में आचार्य श्री विराग सागर महाराज का पूजन होगा। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> रामगंजमंडी।</strong> इन दिनों रामगंजमंडी में भक्ति आस्था एवं श्रद्धा का समन्वय देखने को मिल रहा है। आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में सभी धर्मलाभ ले रहे हैं। चार दिवसीय आयोजन की शुरुआत गुरुवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव से होगी गुरुवार को प्रातः श्री जी के अभिषेक एवं जिन सहस्त्रनाम के अभिषेक होगा। प्रवचन सभा में आचार्य श्री के सानिध्य में आचार्य श्री विराग सागर महाराज का पूजन होगा। इस अवसर पर संगीत स्वर लहरियों के साथ भक्ति करते हुए अष्ट द्रव्य के विशेष थाल सजाए जाएंगे। आचार्य श्री के मंगल प्रवचन भी होंगे। 11 जुलाई सुबह वीर शासन जयंती का पर्व मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत एक साथ 24 मंडल पर 24 परिवार द्वारा महावीर महा मंडल विधान भक्ति भाव के साथ किया जाएगा। 12 जुलाई को में विभिन्न प्रांतों से पधारे विद्वानों का सम्मेलन होगा। इसमें आचार्य श्री विराग सागर जी के जीवन कृतित्व पर गोष्ठी होगी। 13 जुलाई को भव्य आयोजन के साथ दोपहर में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना होगी, जो कृषि उपज मंडी प्रांगण में होगा। जिसमें दूर-दराज से भक्तों के आने की संभावना है।</p>
<p>चातुर्मास व्यवस्था समिति ने सभी से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। बुधवार को आचार्य संघ का उपवास रहा एवं विधिवत रूप से चातुर्मास स्थापना की एवं भक्ति की। आचार्य श्री ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि निःकांक्षित भाव होना चाहिए। निःकांक्षा आपकी ताकत है, जो आपके पुण्य को बढ़ाएगा, विशुद्धि बढ़ाएगा यहां बिना मांगे मिलता है। मांगने की जरूरत नहीं पुण्य निःकांक्षित व्यक्ति को मिलता है।</p>
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		<title>गुरु पूर्णिमा पर होगा संगीतमय गुरुपूजन: मुनिराज के प्रवचनों में धर्मज्ञान का फैल रहा प्रकाश </title>
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		<pubDate>Tue, 08 Jul 2025 12:06:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में 10 जुलाई को गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। संगीतमय गुरु पूजन, गुरु भक्ति, आरती और मुनिराजों के प्रवचन होंगे। मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज, मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज और क्षुल्लकश्री श्रुतसागर महाराज जी का 2025 का चातुर्मास भगवान महावीर दिगंबर जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में 10 जुलाई को गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। संगीतमय गुरु पूजन, गुरु भक्ति, आरती और मुनिराजों के प्रवचन होंगे। मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज, मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज और क्षुल्लकश्री श्रुतसागर महाराज जी का 2025 का चातुर्मास भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में चल रहा है। <span style="color: #ff0000">नांद्रे से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नांद्रे (महाराष्ट्र )।</strong> भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में 10 जुलाई को गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। संगीतमय गुरु पूजन, गुरु भक्ति, आरती और मुनिराजों के प्रवचन होंगे। मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज, मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज और क्षुल्लकश्री श्रुतसागर महाराज जी का 2025 का चातुर्मास भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में चल रहा है। इसके चलते यहां पर नित्य मुनिश्री की धर्मसभा में धर्म देशना भी हो रही है। इसका नगर के जैन समाज के श्रद्धालु पुण्यार्जन कर धर्मज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागरजी ने यहां प्रवचन में कहा कि आज संवेदना में पलता धर्म है।</p>
<p>आज हर कोई भौतिकता कि ओर भाग रहा है। भौतिकता शरीर को वर्तमान में सुख जैसी लगती है परंतु वह भौतिकता आगे जाकर हमारे लिए अभिशाप का रूप लेती है। दुनिया में आपस में लोगों का एक-दूसरे से जुड़ाव कम हो रहा है। साथ ही अपनत्व का अभाव हो रहा है। जहां अपनापन होता है वहां पर संबंध सुरक्षित रहते हैं और जहां नहीं होता वहां संबंधांे में दरार पड जाती हैं। जहां धर्म के भाव हैं, वहीं पर परस्पर में प्रीति होती है। धर्म में मानवता, ममता, समता, उपकारता, समर्पण आदि भाव का दर्शन होता है। जहां इर्ष्या, स्पर्धा है वहां पर धर्म की क्रिया हो सकती है परंतु यथार्थता में धर्म का अभाव है।</p>
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		<title>कमला नगर डी ब्लॉक जैन मंदिर में मनाया गुरु पूर्णिमा महोत्सव : भक्तों को मिला मेडिटेशन गुरु का मंगल सानिध्य </title>
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		<pubDate>Mon, 22 Jul 2024 04:56:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[समाधिस्थ राष्ट्रसंत गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसन्तसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में ग्रेटर कमलानगर जैन समाज के तत्वावधान में 21 जुलाई को प्रात: 8.00 बजे से गुरु पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही उल्लासपूर्ण के साथ मनाया गया। जिसमें सर्वप्रथम सौभाग्यशाली भक्तों ने बाल ब्रह्मचारी राकेश भैया जी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>समाधिस्थ राष्ट्रसंत गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसन्तसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में ग्रेटर कमलानगर जैन समाज के तत्वावधान में 21 जुलाई को प्रात: 8.00 बजे से गुरु पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही उल्लासपूर्ण के साथ मनाया गया। जिसमें सर्वप्रथम सौभाग्यशाली भक्तों ने बाल ब्रह्मचारी राकेश भैया जी के कुशल निर्देशन में अतिश्यकारी भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा का अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>आगरा।</strong> समाधिस्थ राष्ट्रसंत गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसन्तसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में ग्रेटर कमलानगर जैन समाज के तत्वावधान में 21 जुलाई को प्रात: 8.00 बजे से गुरु पूर्णिमा महोत्सव बड़े ही उल्लासपूर्ण के साथ मनाया गया। जिसमें सर्वप्रथम सौभाग्यशाली भक्तों ने बाल ब्रह्मचारी राकेश भैया जी के कुशल निर्देशन में अतिश्यकारी भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा का अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न की। इसी के साथ 12 जुलाई से आयोजित हो रहे अष्टानिका महापर्व के पावन अवसर पर श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में इंद्र-इंद्राणियों ने श्रीजी के समक्ष 2064 अर्घ्य समर्पित किए।</p>
<p>इसके बाद उपस्थित सभी भक्तों ने विश्व शांति की कामना कर हवन में आहुति देते हुए दस दिवसीय विधान का समापन किया। विधान के मध्य में ही गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर उपस्थित सभी भक्तों ने जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नेवैद्य, दीपक, धूप, फल की थाल सजाकर भक्तिमय नृत्य करते हुए उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज का संगीतमय पूजन किया। इस दौरान अर्पितमय में पावन वर्षायोग समिति के पदाधिकारीओं ने उपाध्याय श्री के चरणों का पाद प्रक्षालन किया, और शास्त्र भेंटकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया|</p>
<p>उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केवल गुरु के होने से ही संस्कृति चमकेगी, न ही केवल शिष्य के होने से, संस्कृति का महत्व तो गुरु और शिष्य के संयोग से ही बढ़ता है। गुरु शिष्य को तराशकर हीरा बनाता है। गुरु का उपकार हम जीवन भर नही उतार सकते। संध्या काल में सांय 6:00 बजे से कर्मयोगी जैन मन्दिर जी में उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में फिरोजाबाद की सुप्रसिद्ध संगीतकार सृष्टि जैन बाहुबली म्यूजिकल ग्रुप के द्वारा एक श्याम गुरुओं के नाम भजन संध्या आयोजित की गई| जिसमें सृष्टि जैन ने मधुर जैन भजनों की प्रस्तुति दी।</p>
<p>इस अवसर पर अर्पितमय पावन वर्षायोग समिति के गौरवाध्यक्ष प्रदीप जैन पीएनसी,अध्यक्ष जगदीशप्रसाद जैन महामंत्री रोहित जैन अहिंसा,मुख्य संयोजक मनोज जैन बाकलीवाल, मुकेश जैन रपरिया,अर्थमंत्री यशपाल जैन,राहुल जैन अंहिसा,शैलेंद्र जैन, राकेश जैन बजाज,अनिल जैन रईस नरेश जैन,अंकुश जैन,अरुण जैन, सुशील जैन,पवन जैन,सुरेश जैन पांडया,अंकेश जैन,मीडिया प्रभारी शुभम जैन सहित समस्त कमला नगर के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</p>
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