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	<title>Girnar Parvat &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>गिरनार जी श्री नेमीनाथ भगवान की तप, केवल ज्ञान और निर्वाण भूमि है : धर्म पद यात्रा के बारे में दी जानकारी </title>
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		<pubDate>Mon, 03 Feb 2025 03:43:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री नेमिनाथ भगवान के दर्शन उनके चरणों की वंदना करने के लिए 23 मार्च को दिल्ली से श्री ऋषभदेव भगवान के जन्म, तप कल्याणक दिवस से श्री नेमीनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक 2 जुलाई तक विश्व जैन संगठन द्वारा 101 दिवसीय रैली निकाली जाएगी। धर्म पद यात्रा के बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री नेमिनाथ भगवान के दर्शन उनके चरणों की वंदना करने के लिए 23 मार्च को दिल्ली से श्री ऋषभदेव भगवान के जन्म, तप कल्याणक दिवस से श्री नेमीनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक 2 जुलाई तक विश्व जैन संगठन द्वारा 101 दिवसीय रैली निकाली जाएगी। धर्म पद यात्रा के बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने जानकारी दी। इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का मार्गदर्शन और आशीर्वाद लिया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए पारसोला से राजेश पंचोलिया की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पारसोला:</strong> आचार्यश्री वर्धमान सागर जी 33 साधुओं के विशाल संघ सहित सन्मति नगर में विराजित है। आचार्यश्री ने धर्म देशना में बताया कि गुजरात के गिरनार उर्जयंत पर्वत 22 वे तीर्थंकर 1008 श्री नेमिनाथ भगवान की तप, केवल ज्ञान और निर्वाण मोक्ष स्थल है। 72 करोड़ 700 मुनिराजों की निर्वाण स्थली है। श्री नेमिनाथ भगवान के दर्शन उनके चरणों की वंदना करने के लिए 23 मार्च को देहली से श्री ऋषभदेव भगवान के जन्म तप कल्याणक दिवस से श्री नेमीनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक 2 जुलाई पर विश्व जैन संगठन द्वारा 101 दिवसीय रैली का आयोजन किया गया है।</p>
<p><strong>धर्मयात्रा सकुशल हो ऐसे इंतजाम होने चाहिए</strong></p>
<p>प्रशासन का कर्तव्य है कि जैन समाज को मोक्ष कल्याणक पर भगवान के दर्शन चरणों की वंदना करने के अवसर जैन समाज की 22वें तीर्थंकर श्री नेमीनाथ भगवान की धर्मयात्रा सकुशल हो ऐसे प्रशासन को इंतजाम करना चाहिए क्योंकि, श्री नेमिनाथ भगवान जैन समाज के आराध्य हैं। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने सन्मति नगर पारसोला में विश्व जैन संगठन के प्रतिनिधियों एवं जैन समाज के समक्ष 1 फरवरी को प्रगट की।</p>
<p><strong>आचार्य श्री ने अनुभव किए साझा</strong></p>
<p>ब्रह्मचारी गज्जू भैया एवं राजेश पंचोलिया ने बताया कि आचार्य श्री ने आगे बताया कि विश्व जैन संगठन के इस धर्म प्रभावना के कार्य में सभी को शामिल होकर सहयोग करना चाहिए। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने वर्ष 1992 में की गई वंदना दर्शन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि हमने फरवरी मार्च 1992 में हमारे संघ, आचार्यश्री निर्मलसागर जी और आर्यिका श्री विजयमति माताजी के संघ सहित सभी पांचों टोक के दर्शन वंदना की और हमने 8 दिन के प्रवास में तीन बार दर्शन वंदना की।</p>
<p><strong>आचार्य पुष्पदंत सागर जी ने जिनवाणी की रचना की</strong></p>
<p>इसके पूर्व मुनि श्री हितेंद्रसागर जी ने बताया कि गिरनार पर्वत में सहस्त्र वन में आचार्य धरसैनाचार्य, आचार्य भुतबली और आचार्य पुष्पदंत सागर जी महा मुनिराज ने जिनवाणी की रचना यहीं से की। आचार्य श्री के दर्शन चरण वंदना कर विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि विश्व जैन संगठन द्वारा श्री नेमिनाथ भगवान गिरनार धर्म पदयात्रा की जाएगी। 1008 श्री आदिनाथ भगवान के जन्म तप कल्याणक दिवस 23 मार्च से बलबीर नगर दिल्ली से 101 दिवसीय श्री गिरनार सिद्ध क्षेत्र यात्रा 2 जुलाई तक श्री नेमि गिरनार धर्म पद यात्रा का शुभारंभ होगा।</p>
<p><strong>आचार्य का आशीर्वाद लेने आए </strong></p>
<p>विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन दिल्ली 1 फरवरी को पारसोला में विराजित प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन करने और इस मंगलमय पदयात्रा कार्यक्रम के लिए मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद लेने के लिए अपने साथियों सहित पधारे हैं।</p>
<p><strong>अतिथियों का स्वागत किया</strong></p>
<p>संजय जैन देहली ने आचार्य के समक्ष धार्मिक पदयात्रा का उद्देश्य बताया कि समग्र अखिल भारतीय जैन समाज को भगवान नेमिनाथ के मोक्ष स्थल से जोड़ने के लिए यह पद यात्रा की जा रही है। इस अवसर पर पारसोला दिगंबर जैन समाज द्वाराआए अतिथियों का नगर की परंपरा अनुसार स्वागत किया गया।</p>
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		<title>गिरनार तीर्थ क्षेत्र का नाम न बदलने की मांग :  जैन समाज की राष्ट्रीय बैठक में 20 से 23 अगस्त तक देश भर में गिरनार पर्व मनाने पर बनी सहमति </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/in_the_national_meeting_of_jain_samaj_consensus_was_reached_on_celebrating_girnar_festival_across_the_country_from_august/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Jul 2023 12:25:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन समाज के पवित्र एवं प्राचीन तीर्थ क्षेत्र गिरनार जो कि वर्तमान चौबीसी के 22 वे तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की मोक्षस्थली है। इस तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा और संवर्धन को लेकर अंतर्राष्ट्रीय जैन संघ की ओर से सकल जैन समाज की एक राष्ट्रीय ऑनलाइन बैठक 30 जुलाई को आयोजित की गई जिसके सन्दर्भ में राजेश [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन समाज के पवित्र एवं प्राचीन तीर्थ क्षेत्र गिरनार जो कि वर्तमान चौबीसी के 22 वे तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की मोक्षस्थली है। इस तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा और संवर्धन को लेकर अंतर्राष्ट्रीय जैन संघ की ओर से सकल जैन समाज की एक राष्ट्रीय ऑनलाइन बैठक 30 जुलाई को आयोजित की गई जिसके सन्दर्भ में राजेश जैन संयोजक अंतर्राष्ट्रीय जैन संघ ने बताया कि इस क्षेत्र की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर संघर्षरत विभिन्न पदाधिकारियों सहित देश भर के जैन समाज के इस विषय में चिंतित सक्रिय सदस्य शामिल हुए।<span style="color: #ff0000;"> पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> जैन समाज के पवित्र एवं प्राचीन तीर्थ क्षेत्र गिरनार जो कि वर्तमान चौबीसी के 22 वे तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की मोक्षस्थली है। इस तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा और संवर्धन को लेकर अंतर्राष्ट्रीय जैन संघ की ओर से सकल जैन समाज की एक राष्ट्रीय ऑनलाइन बैठक 30 जुलाई को आयोजित की गई जिसके सन्दर्भ में राजेश जैन संयोजक अंतर्राष्ट्रीय जैन संघ ने बताया कि इस क्षेत्र की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर संघर्षरत विभिन्न पदाधिकारियों सहित देश भर के जैन समाज के इस विषय में चिंतित सक्रिय सदस्य शामिल हुए।</p>
<p>बैठक में गिरनार तीर्थ क्षेत्र की यथास्थिति एवं समाज के मजबूत कानूनी पक्ष को रखा गया तथा गिरनार तीर्थ क्षेत्र का नाम बदलकर दत्तात्रेय रखे जाने के गुजरात सरकार के प्रस्ताव को न मानते हुए पूर्ववत ऐतिहासिक नाम गिरनार ही रखे रहने के लिए कानूनी लड़ाई तक लड़ने पर विचार विमर्श हुआ। वहीं न्यायालयों के निर्णय के बावजूद भी न्यायालय के निर्णयों की अवमानना करते हुए किए गए अवैध निर्माणों की जानकारी सामने रखी गई। इन्हें हटवाने तथा 1910 की स्थिति बहाल कराने कानूनी एवं सामाजिक स्तर पर कार्य किये जाने पर सहमति बनी।</p>
<p><strong>गिरनार तीर्थ क्षेत्र के पुख्ता सबूत सबके सामने रखे</strong></p>
<p>वहीं इस विषय पर वर्षो से संघर्षरत सीनियर एडवोकेट खिल्लिमल जैन ने पुरातत्विक सहित विगत 300 सालों से पहले के गिरनार जी तीर्थ क्षेत्र के जैनों के होने के मजबूत प्रमाण सबके सामने रखे इसमें इन्होंने बंडी लाल जैन कारखाना द्वारा गिरनार जी तीर्थ क्षेत्र के पुनरोद्धार के लिए वहां के तत्कालीन नवाब से ली गई अनुमति तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संघठन की 1900 में जारी वह समस्त रिपोर्ट सामने रखी जो कि गिरनार तीर्थ क्षेत्र को केवल ओर केवल जैन तीर्थ क्षेत्र होना सिद्ध करती है।</p>
<p><strong>जैन वकीलों का राष्ट्रीय फोरम बनाने का मिला सुझाव</strong></p>
<p>वही सागर के एडवोकेट अरविंद जैन ने धीमी न्यायालयीन प्रक्रिया पर अपना असंतोष जताया जिसे तेज करने जैन वकीलों की एक राष्ट्रीय फोरम बनाने का सुझाव दिया। जैन समाज के अग्रणी और वरिष्ठ निर्मल चंद जैन पटौदी इंदौर ने विभिन्न समयो में कमेटियों द्वारा इस दिशा में किये गए प्रयासों को उद्धरित किया। वहीं ठोस रणनीति बनाने पर भी जोर दिया गया। जैन समाज के वरिष्ठ स्वदेश भूषण की भी गरिमामयी उपस्थिति बैठक में रही जिसमें उन्होंने पूरे उत्साह एवम सक्रियता के साथ गिरनार जी पर कार्य करने को कहा। गिरनार जी तीर्थ की शीघ्र सुरक्षा और संवर्धन हो इसके लिए आगामी 20 अगस्त से 23 अगस्त तक प्रत्येक ग्रामो नगरों , शहरों में तथा जहां जहां आचार्य संघ या मुनि संघ अथवा आर्यिका संघ विराजमान है। उनके सानिध्य में इन दिनों में &#8220;गिरनार पर्व &#8221; बड़ी धूमधाम से मनाया जाए क्योंकि इन्ही तिथियों में &#8221; 20 अगस्त को रविवार, 22 अगस्त &#8221; को भगवान नेमिनाथ का जन्म एवम तप कल्याणक है तथा 23 अगस्त को मुकुट सप्तमी के दिन भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक है।</p>
<p><strong>&#8220;जैन कुम्भ &#8221; प्रतिवर्ष के लिए प्रारम्भ करने की मांग</strong></p>
<p>इसी दौरान गिरनार जी में एक &#8220;जैन कुम्भ &#8221; प्रतिवर्ष के लिए प्रारम्भ किया जाए जिसमे देश भर से हजारों की संख्या में तीर्थ यात्री पहुंचे। वही योगाचार्य नवीन जैन द्वारा गिरनार जी तीर्थ क्षेत्र के प्रति अपने कानूनी पक्ष सहित जैन समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से एक &#8220;गिरनार तीर्थ रथ यात्रा &#8221; निकाली जाए जो कि भगवान नेमिनाथ के जन्मकल्याणक पर दिल्ली से प्रारम्भ होकर उनके निर्वाण कल्याणक पर गिरनार जी मे निर्वाण लाडू चढ़ाने के साथ सम्पन्न हो।</p>
<p>इन समस्त कार्यो के लिए देश भर की समस्त मंदिर कमेटियां अपना अपना सहयोग सुनिश्चित करने के लिए एक &#8220;गिरनार फण्ड &#8220;के लिए अलग से मंदिर में स्वयं से गुल्लक रखकर एक एक श्रावक की दान राशि को एकत्रित कर उनके भावों को गिरनार से जोड़े। गिरनार जी की पांचवी टोंक तक श्वेताम्बर एवम दिगम्बर दोनों वर्ग समान रूप से वंदना को जाए। न कि सिर्फ अपनी टोको के दर्शन तक सीमित रहे ताकि भगवान नेमिनाथ के चरणों पर दोनों वर्गों का समान अधिकार निरूपित हो। वही इंदौर के गोम्मटगिरी तीर्थक्षेत्र की बाउंडरी वाल शीघ्र बनाने के लिए सकल जैन समाज ने शासन एवम प्रशासन से सहयोग की अपील की।</p>
<p>बैठक में दिल्ली से एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट मनोज जैन, अरविंद जैन, डॉक्टर मनोज जैन, गुजरात सूरत से हितेश भाई, अहमदाबाद से अजय जैन मिल्टन, अहिंसा योग फॉउंडेशन संस्थापक नवीन जैन बरेली , पश्चिमी बंगाल से साहिल जैन , किशनगढ़ राजस्थान से सागवाड़ा , भारतवर्षीय दिगम्बर जैन सनरक्षिणी सभा से यतीश जैन, कर्नाटक से उमेश जैन, तमिलनाडू से विमल जैन, हरियाणा से विकास जैन, मध्यप्रदेश से ब्र विनय भैया , दमोह से सत्येंद्र जैन,शैलेश जैन कटनी , जिनेन्द्र जैन जबलपुर , भोपाल से आलोक जैन , रीवा से मनीष जैन सहित देश के कई राज्यो के प्रतिनिधि उपस्थित थे।</p>
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