<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Etah &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/etah/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Mon, 04 May 2026 07:06:09 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Etah &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>भीषण गर्मी में बेजुबानों को दिया सहारा : श्री दिगम्बर जैन वीर मंडल ने जल पात्र रखवाए  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/provided_support_to_voiceless_creatures_amidst_the_scorching_heat/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/provided_support_to_voiceless_creatures_amidst_the_scorching_heat/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 May 2026 07:06:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Bowls]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[distributed]]></category>
		<category><![CDATA[earthen water pots]]></category>
		<category><![CDATA[Etah]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Veer Mandal]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[एटा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मिट्टी के जल पात्र]]></category>
		<category><![CDATA[वितरित]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन वीर मण्डल]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सकोरे]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=106270</guid>

					<description><![CDATA[भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच जहां इंसान पानी के लिए साधन तलाश लेता है, वहीं बेजुबान पक्षियों के लिए बूंद-बूंद पानी जुटाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी मानवीय संवेदना को ध्यान में रखते हुए श्री दिगम्बर जैन वीर मण्डल, एटा के तत्वावधान में जीव दया के लिए विशेष अभियान की शुरुआत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच जहां इंसान पानी के लिए साधन तलाश लेता है, वहीं बेजुबान पक्षियों के लिए बूंद-बूंद पानी जुटाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी मानवीय संवेदना को ध्यान में रखते हुए श्री दिगम्बर जैन वीर मण्डल, एटा के तत्वावधान में जीव दया के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। <span style="color: #ff0000">एटा से पढ़िए, सोनल जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>एटा।</strong> भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच जहां इंसान पानी के लिए साधन तलाश लेता है, वहीं बेजुबान पक्षियों के लिए बूंद-बूंद पानी जुटाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी मानवीय संवेदना को ध्यान में रखते हुए श्री दिगम्बर जैन वीर मण्डल, एटा के तत्वावधान में जीव दया के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। बेजुबानों की प्यास बुझाने के लिए वीर मण्डल के पदाधिकारियों द्वारा नगर के विभिन्न क्षेत्र में मिट्टी के जल पात्र (सकोरे) वितरित किए गए, ताकि लोग अपने घरों की छतों और आंगन में पक्षियों के लिए पानी रख सकें। मंडल के पदाधिकारी विपिन जैन स्वामी ने कहा कि ऐसी भीषण गर्मी में पक्षियों के पास पानी के सीमित विकल्प होते हैं। हमारी एक छोटी सी पहल किसी नन्हे परिंदे की जान बचा सकती है। संस्था का उद्देश्य जन-जन को करुणा और जीव दया के इस पावन कार्य से जोड़ना है।</p>
<p><strong>छत पर रखा पानी परिंदे की बचा सकता है जान </strong></p>
<p>मीडिया प्रभारी वसु जैन ने कहा कि पानी एक छोटी सी पहल, बड़ी राहत अभियान के के तहत प्रत्येक घर में मिट्टी के पात्र वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने अपील की कि सभी नागरिक अपनी छतों पर नियमित रूप से पानी भरें, ताकि कोई भी पक्षी प्यास से दम न तोड़े। छत पर रखा एक मिट्टी के बर्तन का पानी किसी परिंदे की जान बचा सकता है। यह सिर्फ एक पात्र नहीं, बल्कि जीव दया की ओर बढ़ाया गया एक संवेदनशील कदम है। श्री दिगम्बर जैन वीर मण्डल के पदाधिकारियों ने समस्त नगरवासियों से आग्रह किया है कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और अपने घर के बाहर या छत पर छायादार स्थान पर पक्षियों के लिए दाना-पानी जरूर रखें। मिट्टी के पात्रों का वितरण निरंतर जारी रहेगा ताकि अधिक से अधिक जीव लाभान्वित हो सकें।</p>
<p><strong>इन्होंने किया पुण्यार्जन </strong></p>
<p>इस नेक कार्य में शैलेन्द्र शैली, सुभाष चंद्र जैन, विनोद जैन, सुनील बांदा, गौरव जैन, संजय जैन, सोनू जैन, सितांशु जैन, नितिन जैन, नरेंद्र जैन, सुबोध जैन, पिंकी जैन, अरुण जैन, पियूष जैन, अतुल जैन, दीपक जैन, अमरचंद जैन, अनिल जैन, सतेंद्र जैन, विमल जैन, विजय जैन, नीता जैन, सुनीता जैन, डॉ.अखिलेश जैन, आर्वी अविश जैन सर्वज्ञ जैन, सक्षम जैन, हर्ष जैन, नैतिक जैन, अतिशय जैन ने सकोरे प्रदान कर पुण्यार्जन किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/provided_support_to_voiceless_creatures_amidst_the_scorching_heat/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोसमा में विराजित हैं भगवान नेमिनाथ जी, भगवान का है भव्य मंदिर: बन रहा है आचार्यश्री विमलसागर की स्मृति में मंदिर, पंचकल्याणक प्रस्तावित  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/lord_neminath_is_seated_in_kosma_the_lord_has_a_grand_temple/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/lord_neminath_is_seated_in_kosma_the_lord_has_a_grand_temple/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Oct 2025 08:37:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharyashree Chaityasagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Acharyashree Vimalsagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Etah]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Kosma]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Neminath Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्यश्री चैत्यसागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्यश्री विमलसागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[एटा]]></category>
		<category><![CDATA[कोसमा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान नेमिनाथ जी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=92570</guid>

					<description><![CDATA[कोसमा कस्बे की जहां पर 3 हजार के आसपास की आबादी है। जिनमें कुशवाह बघेल ओबीसी समाज के लोग रहते हैं। ये उत्तरप्रदेश के जिला एटा के अंतर्गत कोसमा कस्बा आता है। सबसे बड़ी और महान आश्चर्य की बात यह है कि यहां पर एक भी जैन समाज का घर नहीं है। यहां भगवान 1008 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>कोसमा कस्बे की जहां पर 3 हजार के आसपास की आबादी है। जिनमें कुशवाह बघेल ओबीसी समाज के लोग रहते हैं। ये उत्तरप्रदेश के जिला एटा के अंतर्गत कोसमा कस्बा आता है। सबसे बड़ी और महान आश्चर्य की बात यह है कि यहां पर एक भी जैन समाज का घर नहीं है। यहां भगवान 1008 नेमिनाथ भगवान का प्राचीन जैन मंदिर है। <span style="color: #ff0000">कोसमा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह रिपोर्ट&#8230;    </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोसमा (एटा)।</strong> सुप्रसिद्ध भजन गायक रविंद्र जैन का गाया हुआ वो भजन ‘कहा मिलेंगे हमें विमल पद कलम सर्व दुःख हारा उन्हें मृत्यु ने, हमें मृत्यु के समाचार ने मारा’ मुझे याद आता है। जिस भी जैन बंधु ने ये भजन नहीं सुना हो वो एक बार जरूर सुने। जी हां मैं बात कर रहा हूं। उस छोटे से कोसमा कस्बे की जहां पर 3 हजार के आसपास की आबादी है। जिनमें कुशवाह बघेल ओबीसी समाज के लोग रहते हैं। ये उत्तरप्रदेश के जिला एटा के अंतर्गत कोसमा कस्बा आता है। सबसे बड़ी और महान आश्चर्य की बात यह है कि यहां पर एक भी जैन समाज का घर नहीं है। यहां भगवान 1008 नेमिनाथ भगवान का प्राचीन जैन मंदिर है। इस मंदिर में एक छोटी बेदी पर भव्य अतिशय युक्त छोटी सी मनोहारी प्रतिमा भगवान नेमिनाथ की विराजमान है। उसी के दो फलांग दूरी पर एक मंदिर, जिसमें वात्सल्य मूर्ति आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज की मूर्ति स्मारक स्वरूप, दूसरी ओर हनुमान जी की मूर्ति, शिव पार्वती लिंग भी विजातीय लोगांे ने स्थापित किया है।</p>
<p>ये सर्व धर्म समभाव का उदाहरण कहा जा सकता है। यहां प्रतिदिन कस्बे के लोगों और महिलाओं की ओर से सायंकाल भक्ति भाव से भजन एवं चालीसा करते देखा जा सकता है। मां अम्बा जी की मूर्ति भी विराजमान है। आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज की आरती भी लिखी हुई है। लोग अपनी बाधाएं दूर करने के लिए आरती करते हैं। लोगों में आचार्य श्री के प्रति अटूट आस्था और विश्वास है। इस मंदिर का शिलान्यास आचार्य श्री चैत्य सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में आरके जैन बॉम्बे ने किया है। आचार्यश्री चैत्यसागर जी महाराज का वर्षायोग आगरा में हर्षाैल्लास के वातावरण में चल रहा है।</p>
<p>उन्हीं की मंगल प्रेरणा और निर्देशन में कोसमा कस्बे में आचार्यश्री विमल सागर जी महाराज की स्मृति में भव्य मंदिर का कार्य द्रुत गति से चल रहा है। नवंबर महीने में पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव भी प्रस्तावित है। कोसमा में मंदिर के पास ही एक बड़ी चार मंजिला धर्मशाला उपलब्ध है। एक सर्व सुविधायुक्त चिकित्सालय जिसमें प्रतिदिन 300 मरीज अपने इलाज के लिए आते हैं। आधुनिक मशीनों द्वारा जटिल ऑपरेशन सुविधा भी उपलब्ध है। 40 से अधिक दक्ष चिकित्सक टीम मरीजों के इलाज ओर सेवा में रहती है। बहुत ही कम खर्च में समस्त सुविधाएं प्रदान की जाती है। अभा जैन संपादक संघ के तत्वाधान में अखिल बंसल के नेतृत्व में इसका निरीक्षण करने का परम सौभाग्य मुझे मिला।</p>
<p>यह देखकर मेरा मन आचार्यश्री विमल सागर की महाराज के प्रति श्रद्धा से भर गया। उनकी याद में आंखें भर आई। गाड़ी में वही भजन कहा मिलेंगे। हमें विमल पद कमल सर्व दुख हारा भजन श्रद्धा भक्ति भाव पूर्वक सुनाया। समस्त जैन समाज से मेरा आत्मीय अनुरोध है कि इस परम पुनीत कार्य के लिए आगे आए। जैन समाज में धार्मिक आयोजन बढचढ़ कर प्रति वर्ष होते हैं। जिनमें करोड़ों की राशि लगाई जाती है। अब शिक्षा और चिकित्सा पर जैन समाज को ध्यान देना चाहिए। चिंतामणि रत्न समान दुर्लभ मानव जैन पर्याय में एक बार अवश्य कोसमा धर्मप्राण कस्बे में अवश्य पधारकर दर्शन लाभ लें।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/lord_neminath_is_seated_in_kosma_the_lord_has_a_grand_temple/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
