<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>discourse &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/discourse/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Thu, 16 Apr 2026 13:46:32 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>discourse &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>धर्म मन को निर्भय,शांत और निर्मल बनाता है : मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने धर्म की सविस्तार व्याख्या की  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/religion_makes_the_mind_fearless_calm_and_pure/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/religion_makes_the_mind_fearless_calm_and_pure/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 13:46:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vardhman Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Hitendra Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Adinath Jinalaya Shyam Nagar Jaipur]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[three-day Swayambhu Mandal Vidhan]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[तीन दिवसीय स्वयंभू मंडल विधान]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री हितेंद्र सागरजी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[श्री आदिनाथ जिनालय श्याम नगर जयपुर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=104912</guid>

					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज श्री आदिनाथ जिनालय श्याम नगर जयपुर में संघ सहित विराजित है। आचार्य संघ सान्निध्य में तीन दिवसीय स्वयंभू मंडल विधान चल रहा है। मुनि श्री हितेंद्र सागरजी महाराज ने प्रवचन में बताया कि मनुष्य की सबसे बड़ी भूल यह है कि वह पूरी जिंदगी दुनिया में व्यस्त रहता है [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज श्री आदिनाथ जिनालय श्याम नगर जयपुर में संघ सहित विराजित है। आचार्य संघ सान्निध्य में तीन दिवसीय स्वयंभू मंडल विधान चल रहा है। मुनि श्री हितेंद्र सागरजी महाराज ने प्रवचन में बताया कि मनुष्य की सबसे बड़ी भूल यह है कि वह पूरी जिंदगी दुनिया में व्यस्त रहता है पर अपने आप को जानने का समय नहीं निकालता। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज श्री आदिनाथ जिनालय श्याम नगर जयपुर में संघ सहित विराजित है। आचार्य संघ सान्निध्य में तीन दिवसीय स्वयंभू मंडल विधान चल रहा है। मुनि श्री हितेंद्र सागरजी महाराज ने प्रवचन में बताया कि मनुष्य की सबसे बड़ी भूल यह है कि वह पूरी जिंदगी दुनिया में व्यस्त रहता है पर अपने आप को जानने का समय नहीं निकालता। सुरेश सबलावत के अनुसार मुनि श्री ने धर्म क्या है? इसकी विवेचना में बताया कि धर्म कोई बाहरी दिखावा या केवल नियम नहीं है। धर्म वह है जो मन को निर्भय, शांत और निर्मल बना दे।गलत कर्म से भय ओर दुःख होते हैं जबकि, सही जीवन से निर्भयता और सुख मिलता है। इसलिए निर्भयता ही धर्म का प्रमाण है भीतर का सत्य दुनिया मेंरूमेरा परिवार, मेरा धन” यह व्यवहार है लेकिन, सच्चाई अंत में केवल आत्मा ही मेरी है,जो यह समझ लेता है, वही धर्म की ओर बढ़ता है।</p>
<p>अहंकार छोड़ना ही साधना जब तक कि मैं बड़ा हूँ, मैं अलग हूँ तब तक धर्म नहीं जब मैं केवल एक आत्मा हूँ वहीं से सच्चा धर्म शुरू होता ह। ैनियम सहायक हैं, लक्ष्य नहीं। असली शुद्धता बाहर नहीं, भीतर के विचारों में है। संगति, सोच और व्यवहार ही जीवन बदलते हैं। दोपहर को स्वयंभू मंडल विधान में 24 तीर्थंकरों की पूजन कर अर्ध्य समर्पित किए जा रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/religion_makes_the_mind_fearless_calm_and_pure/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आत्मज्ञान के बिना मोक्ष संभव नहीं - मुनि विमल सागर : समर्थ सिटी में प्रवचन, भौतिक प्रगति को बताया ‘दुर्गति’ </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/muni_vimal_sagar_discourse_indore_samarth_city/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/muni_vimal_sagar_discourse_indore_samarth_city/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 16:23:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain saint]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Rekha Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Spirituality]]></category>
		<category><![CDATA[आत्मज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जैन संत]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि विमल सागर]]></category>
		<category><![CDATA[रेखा जैन Muni Vimal Sagar]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=104708</guid>

					<description><![CDATA[इंदौर के समर्थ सिटी स्थित पार्श्वनाथ जिनालय में मुनि विमल सागर जी महाराज ने प्रवचन देते हुए आत्मज्ञान और विवेक की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भौतिक सुख-सुविधाओं को दुर्गति बताते हुए संयम और साधना का संदेश दिया। पढ़िए रिपोर्टर ओम पाटोदी की यह खबर&#8230;&#8230; इंदौर के समर्थ सिटी स्थित पार्श्वनाथ जिनालय में मुनि श्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>इंदौर के समर्थ सिटी स्थित पार्श्वनाथ जिनालय में मुनि विमल सागर जी महाराज ने प्रवचन देते हुए आत्मज्ञान और विवेक की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भौतिक सुख-सुविधाओं को दुर्गति बताते हुए संयम और साधना का संदेश दिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रिपोर्टर ओम पाटोदी की यह खबर&#8230;&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p>इंदौर के समर्थ सिटी स्थित पार्श्वनाथ जिनालय में मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने अल्प प्रवास के दौरान अपने प्रवचन में कहा कि यह जीव देह रूपी पिंजरे में कर्मों के अधीन होकर अनंत जन्मों से भटक रहा है। मोक्ष ही इसका अंतिम लक्ष्य है, जो बिना आत्मज्ञान के संभव नहीं।</p>
<p><strong>कर्म और जीव का संबंध समझाया </strong></p>
<p>मुनि श्री ने सरल भाषा में बताया कि जीव और कर्म दो अलग शक्तियां हैं, लेकिन कर्मों का प्रभाव अधिक होने से जीव दुखों को भोगता रहता है। इससे मुक्त होने के लिए विवेक जागृत करना आवश्यक है, जो जिनमत के अनुसरण से ही संभव है।</p>
<p><strong>भौतिकता को बताया दुर्गति </strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि आज की भौतिक प्रगति वास्तव में दुर्गति है। जितनी सुविधाएं बढ़ती हैं, उतनी ही हमारी तृष्णा भी बढ़ती जाती है, जिससे आत्मज्ञान दूर होता जाता है।</p>
<p><strong>तीन बाधाएं—क्षुधा, निद्रा और तृष्णा </strong></p>
<p>मुनि श्री ने बताया कि क्षुधा, निद्रा और तृष्णा ये तीन प्रमुख बाधाएं हैं, जो आत्मज्ञान में रुकावट बनती हैं। यदि इन्हें बढ़ाया जाए तो यह बढ़ती जाती हैं, और यदि इन्हें नियंत्रित किया जाए तो यह कम हो जाती हैं।</p>
<p><strong>निर्णय हमारे हाथ में </strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि यह हमारे ऊपर निर्भर है कि हम संसार में भटकते रहें या इन वासनाओं को नियंत्रित कर आत्म स्वतंत्रता यानी मोक्ष की ओर बढ़ें।</p>
<p><strong>स्मृति नगर की ओर विहार </strong></p>
<p>प्रवचन के पश्चात मुनि श्री का विहार स्मृति नगर की ओर हुआ, जहां आगे भी उनके सानिध्य में धर्मलाभ का अवसर मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/muni_vimal_sagar_discourse_indore_samarth_city/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उपाध्याय श्री ने पंथवाद छोड़कर कुरीतियां दूर करने को कहा: मुनि विकसंत सागर जी के सानिध्य में कलशाभिषेक हुआ  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/upadhyay_shri_urged_the_abandonment_of_sectarianism_and_the_eradication_of_social_evils/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/upadhyay_shri_urged_the_abandonment_of_sectarianism_and_the_eradication_of_social_evils/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 12:20:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Kalashabhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Shantidhara]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Nagauri Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Upadhyay Muni Shri Vikasant Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[उपाध्याय मुनि श्री विकसंत सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[कलशाभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[श्री नागौरी मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=104698</guid>

					<description><![CDATA[श्री नागौरी मंदिर में सोमवार को आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य उपाध्याय मुनि श्री विकसंत सागर जी के सानिध्य में कलशाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। कुचामनसिटी से पढ़िए, सुभाष पहाड़िया की यह खबर&#8230; कुचामन सिटी। श्री नागौरी मंदिर में सोमवार को आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य उपाध्याय मुनि श्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री नागौरी मंदिर में सोमवार को आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य उपाध्याय मुनि श्री विकसंत सागर जी के सानिध्य में कलशाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। <span style="color: #ff0000">कुचामनसिटी से पढ़िए, सुभाष पहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुचामन सिटी।</strong> श्री नागौरी मंदिर में सोमवार को आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य उपाध्याय मुनि श्री विकसंत सागर जी के सानिध्य में कलशाभिषेक एवं शांतिधारा की गई। विनोद झांझरी के अनुसार शांतिधारा करने का पुण्यार्जन ज्ञानचंद अर्पित कुमार पहाड़िया परिवार को प्राप्त हुआ। उपाध्याय श्री के प्रवचन से पूर्व सुमेरमल बज, बाबूलाल पहाडिया, अजित पहाड़िया, सौभागमल गंगवाल, सुभाष रांवका, संजय सेठी, अशोक झांझरी ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वर्षा झांझरी ने मंगलाचरण किया। उपाध्याय श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि समाज को पंथवाद छोड़कर समाज में व्याप्त कुरीतियों को कम कर सदाचार का पालन करते हुए धर्म मार्ग पर बढ़कर आत्म कल्याण करना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/upadhyay_shri_urged_the_abandonment_of_sectarianism_and_the_eradication_of_social_evils/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>श्रीफल जैन न्यूज पर्व कैलेंडर : देखें अप्रैल महीने के मुख्य जैन पर्व, व्रत, मुहूर्त और सूर्योदय &#8211; सूर्यास्त </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/fasts_muhurat_sunrisesunrise_sunsetin_themoth_of_april/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/fasts_muhurat_sunrisesunrise_sunsetin_themoth_of_april/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 05:21:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[April]]></category>
		<category><![CDATA[calendar]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain calendar]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[muhurat  श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Pujya Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[New Year]]></category>
		<category><![CDATA[Rekha Sanjay Jain]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[अप्रैल]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[कैलेंडर]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन कैलेंडर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[नववर्ष]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री पूज्य सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[मुहूर्त]]></category>
		<category><![CDATA[रेखा संजय जैन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=103658</guid>

					<description><![CDATA[अप्रैल महीने के मुख्य जैन पर्व, व्रत, मुहूर्त और सूर्योदय &#8211; सूर्यास्त आप हमारे श्रीफल जैन पर्व कैलेंडर में देख सकते हैं। प्रस्तुति संपादक रेखा संजय जैन&#8230; तीर्थंकर दर्पण 1. भ. पद्मनाथजी &#8211; ज्ञान कल्याणक 4. भ. पार्श्वनाथजी &#8211; गर्भ कल्याणक 4. भ. पद्मप्रभजी &#8211; गर्भ कल्याणक 11. भ. मुनिसुव्रतनाथजी &#8211; ज्ञान कल्याणक 12. भ. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अप्रैल महीने के मुख्य जैन पर्व, व्रत, मुहूर्त और सूर्योदय &#8211; सूर्यास्त आप हमारे श्रीफल जैन पर्व कैलेंडर में देख सकते हैं। <span style="color: #ff0000">प्रस्तुति संपादक रेखा संजय जैन&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>तीर्थंकर दर्पण</strong></p>
<p>1. भ. पद्मनाथजी &#8211; ज्ञान कल्याणक</p>
<p>4. भ. पार्श्वनाथजी &#8211; गर्भ कल्याणक</p>
<p>4. भ. पद्मप्रभजी &#8211; गर्भ कल्याणक</p>
<p>11. भ. मुनिसुव्रतनाथजी &#8211; ज्ञान कल्याणक</p>
<p>12. भ. मुनिसुव्रतनाथजी &#8211; जन्म &#8211; तप कल्याणक</p>
<p>15. भ. धर्मनाथजी &#8211; गर्भ कल्याणक</p>
<p>16. भ. नमिनाथजी &#8211; मोक्ष कल्याणक</p>
<p>18 भ. कुन्थुनाथजी &#8211; जन्म-तप-मोक्ष कल्याणक</p>
<p>22 भ. अभिनंदननाथजी &#8211; गर्भ / मोक्ष कल्याणक</p>
<p>25 भ. सुमतिनाथजी &#8211; तप कल्याणक</p>
<p>26 भ. महावीरस्वामीजी &#8211; ज्ञान कल्याणक</p>
<p><strong>आचार्य दर्पण</strong></p>
<p>8. मुनिश्री पुष्पदंतसागरजी &#8211; समाधि</p>
<p>10 आर्यिका श्री सुपार्श्वमतिजी &#8211; समाधि</p>
<p>11 आचार्यश्री धर्मसागरजी &#8211; समाधि</p>
<p>14. आचार्यश्री बाहुबलीसागरजी &#8211; समाधि</p>
<p>17 नि. मुनिश्री योगसागरजी &#8211; मुनि दीक्षा</p>
<p>17 नि. मुनिश्री नियमसागरजी &#8211; मुनि दीक्षा</p>
<p>23. मुनिश्री वृषभसागरजी &#8211; मुनि दीक्षा</p>
<p>23. मुनिश्री अजितसागरजी &#8211; मुनि दीक्षा</p>
<p>29. क्षुल्लकश्री जिनेन्द्रवर्णीजी &#8211; समाधि</p>
<p>30. आर्यिका श्री विशालमतिजी &#8211; समाधि</p>
<p><strong>माह के प्रमुख व्रत</strong></p>
<p>1. रत्नत्रय व्रत पूर्ण</p>
<p>2. षोडशकारण व्रत पूर्ण</p>
<p>19. अक्षय तृतीया</p>
<p>20. रोहिणी व्रत</p>
<p><strong>माह के शुभ मुहूर्त </strong></p>
<p>पुराने / किराये के घर में प्रवेश- 2, 3, 4,10, 13, 23, 24, 29</p>
<p>घर नवीनीकरण- 2, 3, 4, 10, 12,15, 23, 24, 29</p>
<p>नवीन वस्त्राभूषण धारण- 1, 2, 3,10,16,17, 23, 24, 29, 30</p>
<p>विद्यारम्भ- 9,15, 23, 29</p>
<p>शिलान्यास &#8211; 3, 4</p>
<p>विवाह -15, 20, 21, 27, 28, 29</p>
<p>वाहन खरीदी- 1, 2, 3, 6, 12, 13, 24, 29</p>
<p>घर जमीन खरीदना &#8211; 9,10, 16,17, 23</p>
<p>मशीनरी प्रारंभ- 2, 3, 4, 6, 8, 9,10, 12,13,15,18,19, 22, 23, 24, 29</p>
<p>दुकान / कार्यालय प्रारंभ- 9, 15, 18,19</p>
<p>शिशु को प्रथम देवदर्शन- 2, 3, 6,12,13, 15, 20, 29</p>
<p>नामकरण &#8211; 2, 3, 13, 23, 29</p>
<p>मुण्डन- 3, 4, 6, 11, 12, 13, 16, 23, 24, 29</p>
<p>शैक्षणिक संस्था में प्रवेश &#8211; 2, 3, 8, 9,12,15, 22, 23, 29</p>
<p>ट्यूबवेल कूप खनन &#8211; 1,6</p>
<p>शल्य चिकित्सा &#8211; 2, 3, 12, 13, 15,17,18,19, 20, 23, 29</p>
<p>औषधी सेवन- 2, 3, 4, 6, 12, 13,18, 23, 29</p>
<p><strong>वेदी प्रतिष्ठा मुहूर्त</strong></p>
<p>18 अप्रैल से 20 अप्रैल से</p>
<p>20 अप्रैल तक 22 अप्रैल तक</p>
<p>22 अप्रैल से 24 अप्रैल तक</p>
<p>24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक</p>
<p>26 अप्रैल से 28 अप्रैल तक</p>
<p><strong>पंचकल्याणक मुहूर्त</strong></p>
<p>19 अप्रैल से 24 अप्रैल तक</p>
<p>21 अप्रैल से 26 अप्रैल तक</p>
<p>23 अप्रैल से 28 अप्रैल तक</p>
<p>27 अप्रैल से 2 मई तक</p>
<p>29 अप्रैल से 4 मई तक</p>
<p><strong>सर्वार्थ सिद्धि योग</strong></p>
<p>ता. 1-16/17 बजे से 30/18 बजे तक, ता. 4 06/17 बजे से 21/35 बजे तक, ता. 6-06/15 बजे से 26/57 बजे तक, ता. 11-13/39 बजे से 30/09 बजे तक, ता. 16 13/59 बजे से 30/05 बजे तक, ता. 17-06/05 बजे से 30/04 बजे तक, ता. 20-06/02 बजे से 30/02 बजे तक, ता. 23-06/00 बजे से 29/59 बजे तक, ता. 29-05/56 बजे से 24/16 बजे तक</p>
<p><strong>सूर्योदय सूर्यास्त </strong></p>
<p>तारीख सूर्योदय सूर्यास्त</p>
<p>1 06.19 18.42</p>
<p>6 06.15 18.44</p>
<p>11 06.10 18.46</p>
<p>16 06.06 18.47</p>
<p>21 06.02 18.49</p>
<p>26 18.51 05.58</p>
<p>30 05.55 18.53</p>
<a href="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/04/Shriphal-Calendar-April-2026.pdf" class="pdfemb-viewer" style="" data-width="max" data-height="max" data-toolbar="bottom" data-toolbar-fixed="on">Shriphal Calendar April 2026</a>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/fasts_muhurat_sunrisesunrise_sunsetin_themoth_of_april/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पाण्डुकशिला पर श्रद्धालुओं ने किया श्री जी का अभिषेक : विमान जी में विराजित होकर निकली श्री जी की शोभायात्रा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/shri_jis_procession_started_after_being_seated_in_viman_ji/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/shri_jis_procession_started_after_being_seated_in_viman_ji/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 14:59:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Abhinandanoday Tirtha]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lalitpur]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Jayanti]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Swami]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir's birth anniversary]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Varni Jain College श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[अभिनंदनोदय तीर्थ]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जन्म कल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जयंती]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर स्वामी]]></category>
		<category><![CDATA[ललितपुर]]></category>
		<category><![CDATA[वर्णी जैन कॉलेज]]></category>
		<category><![CDATA[शोभायात्रा]]></category>
		<category><![CDATA[श्री जी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=103653</guid>

					<description><![CDATA[भगवान महावीर के जन्मोत्सव के अवसर पर अभिनंदनोदय तीर्थ से श्री जी की भव्य शोभायात्रा वर्णी जैन कॉलेज की भूमि स्थित पाण्डुकशिला पर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने श्री जी का अभिषेक कर धर्मलाभ प्राप्त किया। आज प्रातःकाल अभिनंदनोदय तीर्थ से विमान जी में विराजित श्री जी की शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ निर्धारित मार्ग से होते [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भगवान महावीर के जन्मोत्सव के अवसर पर अभिनंदनोदय तीर्थ से श्री जी की भव्य शोभायात्रा वर्णी जैन कॉलेज की भूमि स्थित पाण्डुकशिला पर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने श्री जी का अभिषेक कर धर्मलाभ प्राप्त किया। आज प्रातःकाल अभिनंदनोदय तीर्थ से विमान जी में विराजित श्री जी की शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ निर्धारित मार्ग से होते हुए श्री वर्णी जैन कॉलेज की भूमि स्थित पाण्डुकशिला पर पहुंची। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर</strong>। भगवान महावीर के जन्मोत्सव के अवसर पर अभिनंदनोदय तीर्थ से श्री जी की भव्य शोभायात्रा वर्णी जैन कॉलेज की भूमि स्थित पाण्डुकशिला पर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने श्री जी का अभिषेक कर धर्मलाभ प्राप्त किया। आज प्रातःकाल अभिनंदनोदय तीर्थ से विमान जी में विराजित श्री जी की शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ निर्धारित मार्ग से होते हुए श्री वर्णी जैन कॉलेज की भूमि स्थित पाण्डुकशिला पर पहुंची। यहां श्रेष्ठी नरेन्द्र जैन राजश्री के मार्गदर्शन में अभिषेक, शांतिधारा आदि की मांगलिक क्रियाएं सम्पन्न हुईं। इसमें संयोजक सनत जैन खजुरिया, कोषाध्यक्ष सीए सौरभ जैन, सनत कुमार, राजीव कुमार, आलोक जैन लागौन, शिक्षक पुष्पेन्द्र जैन, देवाश जैन मडावरा, जैन पंचायत के ऑडिटर पं. पवन जैन, अमित जैन, अंतिम जैन, सनत कुमार, ललित कुमार खनियाधाना, प्रकाश चंद जैन सतरवांस सहित परिवारजनों का विशेष योगदान रहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>श्री जी के अभिषेक के उपरांत आरती रूपचंद जिनेन्द्र जैन गौरा परिवार द्वारा भक्तिपूर्वक की गई। कार्यक्रम के प्रारंभ में पंचायत समिति के पदाधिकारियों ने आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। मंगलाचरण पलक जैन द्वारा श्रद्धापूर्वक प्रस्तुत किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया ने वर्णी कॉलेज की भूमि पर भव्य शिक्षा संस्थान की स्थापना का संकल्प दोहराया। उन्होंने वर्णी कॉलेज भूमि की विवादित स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि शीघ्र ही जैन समाज इस भूमि पर जनहित में कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत शिक्षा का एक केंद्र स्थापित कर सर्व समाज के हित में कार्य करेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्यक्रम का संचालन महामंत्री आकाश जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर जैन पंचायत द्वारा धार्मिक आयोजन समिति के संयोजक प्रतीक इमलिया एवं राकेश जैन ‘रिंकू’ को महावीर जयंती के आयोजन में दिए गए योगदान के लिए सम्मानित किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मंत्री कैप्टन राजकुमार जैन, अभिनंदनोदय तीर्थ प्रबंधक मोदी पंकज जैन, अशोक दैलवारा, शीलचंद अनौरा, महेन्द्र मडवैया, श्रेयांस जैन गदयाना, प्रफुल्ल कुमार दैलवारा, पंकज जैन सिमरा, अमित जैन पुल्ली, अनंत सराफ, राजकुमार सराफ, महेन्द्र पंचमनगर, भागचंद मोदी, सुनील जरावली, पुष्पेन्द्र सिंघई, शिखरचंद जैन बंट, सुनील सराफ, संतोष जैन गदयाना सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आयोजन स्थल पर जैन मिलन सिविल लाइन एवं जैन बैंकर्स फोरम द्वारा मिष्ठान वितरण किया गया, जबकि श्री विद्यासागर व्यायामशाला, ललितपुर का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के उपरांत श्री जी को पुनः विमान जी में विराजित कर निर्धारित मार्ग से अभिनंदनोदय तीर्थ ले जाया गया, जहां उन्हें मंदिर में विधिवत विराजमान किया गया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु जय-जयकार करते हुए शोभायात्रा में सम्मिलित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/shri_jis_procession_started_after_being_seated_in_viman_ji/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अहिंसा और सत्य के संदेशों के साथ गूंजा मंच, विद्वानों ने दिए प्रेरक विचार : महावीर जयंती पर जैन बगीची में सजी सांस्कृतिक संध्या </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/cultural_evening_organised_in_jain_garden_on_mahavir_jayanti/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/cultural_evening_organised_in_jain_garden_on_mahavir_jayanti/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 14:56:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Ambah श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Jayanti]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Swami]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir's birth anniversary]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[अंबाह]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जन्म कल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जयंती]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर स्वामी]]></category>
		<category><![CDATA[शोभायात्रा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=103648</guid>

					<description><![CDATA[ जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जयंती के अवसर पर जैन समाज अंबाह, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप एवं जैन मिलन अंबाह के तत्वावधान में बीती रात जैन बगीची में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक रंग और सामाजिक सहभागिता का अद्भुत संगम देखने को मिला। पढ़िए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जयंती के अवसर पर जैन समाज अंबाह, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप एवं जैन मिलन अंबाह के तत्वावधान में बीती रात जैन बगीची में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक रंग और सामाजिक सहभागिता का अद्भुत संगम देखने को मिला। <span style="color: #ff0000">पढ़िए अजय जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अंबाह</strong>। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जयंती के अवसर पर जैन समाज अंबाह, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप एवं जैन मिलन अंबाह के तत्वावधान में बीती रात जैन बगीची में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक रंग और सामाजिक सहभागिता का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में समाजजन, महिलाएं, युवा एवं बच्चे उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात मंच पर भगवान महावीर के जीवन, त्याग, तप और उनके सिद्धांतों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का क्रम प्रारंभ हुआ। राजुल जैन, साक्षी जैन, शैंकी जैन, सिमरन जैन एवं राखी जैन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने अभिनय, नृत्य और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से भगवान महावीर के जीवन-दर्शन को जीवंत कर दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान आकर्षक मंच सज्जा, प्रभावी प्रकाश व्यवस्था और सुसज्जित ध्वनि प्रणाली भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर मयूर बैंड, इटावा के कलाकारों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सांस्कृतिक कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए भजन और नृत्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहे। “मेरे महावीर झूले पालना”, “बजे कुंडलपुर में बधाई”, “वर्तमान को वर्धमान की आवश्यकता है”, “महावीर तुम्हारा क्या कहना”, “वीर प्रभु तुम हो महान”, “जय-जय वर्धमान प्रभु”, “अहिंसा के दाता महावीर”, “महावीर आए द्वार हमारे”, “प्रभु वर्धमान का जयकारा”, “शांति के दूत महावीर” तथा “वर्धमान वंदना” जैसे भजनों पर प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान महावीर के सिद्धांत—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और संयम—को प्रभावी रूप से समाज के समक्ष प्रस्तुत किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ समाजसेवी नरेश जैन ‘गुरु’ एवं शिक्षक वीरेंद्र जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह के सिद्धांत अत्यंत प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपनी संस्कृति और संस्कारों के बल पर विश्व को शांति और सहअस्तित्व का संदेश दे रहा है। जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और हिंसा का वातावरण बना हुआ है, ऐसे समय में भगवान महावीर की शिक्षाएं मानवता को नई दिशा प्रदान कर रही हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वहीं समाजसेवी महेश चंद जैन (एमपीईबी) ने कहा कि आज विश्व अनेक संकटों से गुजर रहा है, जिनमें पर्यावरण असंतुलन, सामाजिक असमानता और नैतिक पतन प्रमुख हैं। ऐसे समय में हमारे तीर्थंकरों की शिक्षाएं न केवल मार्गदर्शक हैं, बल्कि समाधान का आधार भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक मूल्यों में निहित है। आधुनिकता जहां शरीर है, वहीं आध्यात्मिकता उसकी आत्मा है। यदि जीवन में त्याग, संयम और सदाचार का समावेश नहीं होता, तो बड़े से बड़ा विचार भी निष्प्रभावी हो जाता है। यही जीवन-दृष्टि भगवान महावीर ने सदियों पहले मानव समाज को प्रदान की थी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आयोजन संयोजक संतोष जैन ने अपने संबोधन में कहा कि जैन धर्म का मूल उद्देश्य विश्व में सुख, शांति और आनंद की स्थापना करना है। आज मानवता एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां उसे महावीर और महाविनाश के बीच चयन करना है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का जीवन-दर्शन युगों-युगों से मानवता का मार्गदर्शन करता आया है और आगे भी करता रहेगा। यदि हम उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतार लें, तो पर्यावरण संकट, ग्लोबल वार्मिंग और सामाजिक तनाव जैसी समस्याओं का समाधान सहज रूप से संभव हो सकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि भगवान महावीर का जन्म केवल एक व्यक्ति का जन्म नहीं, बल्कि समस्त सद्गुणों, नैतिक मूल्यों और मानवता के मंगल का प्रतीक है। उन्होंने समाज को जातिवाद, भेदभाव और कुरीतियों से मुक्त करने का संदेश दिया तथा वैभव से वैराग्य की ओर अग्रसर होकर त्याग और तपस्या का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों वर्ष पहले थे और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कार्यक्रम के अंत में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के अध्यक्ष एवं संयोजक संतोष जैन ने सभी उपस्थित जनों, सहयोगकर्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। लगभग चार घंटे तक चले इस कार्यक्रम में लकी ड्रा के माध्यम से आकर्षक पुरस्कार वितरित किए गए तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में समाज के अनेक सदस्यों का विशेष योगदान रहा, जिनकी सराहना की गई।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/cultural_evening_organised_in_jain_garden_on_mahavir_jayanti/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गूंजे ‘जियो और जीने दो’ के स्वर : निकाली गई जीव दया संदेश यात्रा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/animal_kindness_message_tour_taken_out/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/animal_kindness_message_tour_taken_out/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 14:54:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Animal Kindness Message Yatra]]></category>
		<category><![CDATA[Bhind श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Jayanti]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Swami]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir's birth anniversary]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जीव दया संदेश यात्रा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[भिंड]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जन्म कल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जयंती]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर स्वामी]]></category>
		<category><![CDATA[शोभायात्रा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=103643</guid>

					<description><![CDATA[जन-चेतना, जन-जागृति तथा समस्त जीवों के प्रति प्रेम, करुणा, सौहार्द और समरसता का भाव जागृत करने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल के तहत “जीव दया संदेश यात्रा” का आयोजन किया गया। पढ़िए सोनल जैन की रिपोर्ट&#8230; भिंड। जन-चेतना, जन-जागृति तथा समस्त जीवों के प्रति प्रेम, करुणा, सौहार्द और समरसता का भाव जागृत करने के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जन-चेतना, जन-जागृति तथा समस्त जीवों के प्रति प्रेम, करुणा, सौहार्द और समरसता का भाव जागृत करने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल के तहत “जीव दया संदेश यात्रा” का आयोजन किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सोनल जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> जन-चेतना, जन-जागृति तथा समस्त जीवों के प्रति प्रेम, करुणा, सौहार्द और समरसता का भाव जागृत करने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल के तहत “जीव दया संदेश यात्रा” का आयोजन किया गया। सेवा भारती की प्रेरणा से भामाशाह पशु-पक्षी आहार योजना समिति एवं जीव दया स्थल के तत्वावधान में यह यात्रा महावीर जन्म कल्याणक महामहोत्सव के पावन अवसर पर निकाली गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर शहर के विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह जीव दया स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने बोरिंग का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने जीव दया, प्रेम, करुणा, भाईचारा और सभी के साथ मिल-जुलकर रहने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जीवन सबका एक है, सभी प्राणियों में समान रूप से प्राण हैं, इसलिए सभी जीवों का सम्मान करें, साथ-साथ जिएं और दूसरों को भी जीने दें। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जीव दया संदेश यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों—हाउसिंग कॉलोनी, गोल मार्केट, सदर बाजार, पुस्तक बाजार और भूता बाजार से होते हुए जिला चिकित्सालय पहुंची। यात्रा के दौरान “महावीर स्वामी का क्या संदेश—जियो और जीने दो”, “अहिंसा परमो धर्म की जय”, “जय गौ माता, जय गोपाल”, “बेजुबानों पर दया करो” जैसे नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जिला चिकित्सालय प्रांगण में उपस्थित जनसमूह को धर्मेंद्र जैन पत्तल, दिनेश जैन (एडवोकेट) एवं ओमप्रकाश ‘बाबूजी’ ने संबोधित किया। इस अवसर पर ओमप्रकाश बाबूजी ने कहा कि हमें अपने आसपास रहने वाले सभी जीवों के प्रति करुणा और संवेदनशीलता रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सबमें केवल इंद्रियों का अंतर है, अन्यथा सभी जीव समान हैं और किसी को छोटा-बड़ा नहीं समझना चाहिए। यही भगवान महावीर का मूल संदेश है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>धर्मेंद्र जैन पत्तल ने कहा कि “जो छीनकर खाए वह विकृति है और जो बांटकर खाए वह संस्कृति है।” यह भाव हमें स्वार्थी होने से बचाता है और समाज में सहयोग व सहअस्तित्व की भावना को बढ़ाता है। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय में रोगियों को फल वितरित किए गए। साथ ही जीव दया गौशाला में उपस्थित लोगों ने गौ माता को फल खिलाकर सेवा कार्य में भागीदारी निभाई।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/animal_kindness_message_tour_taken_out/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैन मिलन सेंट्रल द्वारा महावीर जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं: शांति और धर्म की भावना का दिया संदेश </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/thebirthanniversary_of_lordmahavirwas_celebrated/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/thebirthanniversary_of_lordmahavirwas_celebrated/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:24:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Subal Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Bhind]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Milan Central श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Jayanti]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Swami]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir's birth anniversary]]></category>
		<category><![CDATA[Nagama]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shobhayatra]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री सुबल सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मिलन सेंट्रल]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[भिंड]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जन्म कल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जयंती]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर स्वामी]]></category>
		<category><![CDATA[शोभायात्रा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=103633</guid>

					<description><![CDATA[ भगवान महावीर स्वामी का 2662वां जन्म कल्याण महोत्सव जैन मिलन सेंट्रल भिंड द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्था के सभी सदस्यों ने शहर के प्रमुख मार्गों में स्थाई स्टीकर लगाकर संदेश दिया और मंदिरों एवं घर-घर जाकर महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की। पढ़िए सोनल जैन की रिपोर्ट&#8230; भिंड। भगवान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> भगवान महावीर स्वामी का 2662वां जन्म कल्याण महोत्सव जैन मिलन सेंट्रल भिंड द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्था के सभी सदस्यों ने शहर के प्रमुख मार्गों में स्थाई स्टीकर लगाकर संदेश दिया और मंदिरों एवं घर-घर जाकर महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सोनल जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> भगवान महावीर स्वामी का 2662वां जन्म कल्याण महोत्सव जैन मिलन सेंट्रल भिंड द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्था के सभी सदस्यों ने शहर के प्रमुख मार्गों में स्थाई स्टीकर लगाकर संदेश दिया और मंदिरों एवं घर-घर जाकर महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की।</p>
<p>दिन की शुरुआत प्रातः 6:00 बजे श्रीदिगंबर जैन नसिया जी मंदिर भिंड पर स्वर्ण कलश से अभिषेक एवं शांति धारा कार्यक्रम के साथ हुई। इसके बाद प्रातः 7:00 बजे नसिया जी मंदिर से प्रभात फेरी शुरू हुई। वाटरवर्कस से श्री शान्तिनाथ जैन मंदिर तक फेरी चली, जहां आचार्य दयाऋषि जी महाराज ने उपस्थित लोगों को आशीर्वाद दिया और &#8220;शांति और धर्म की भावना&#8221; का संदेश दिया। प्रभात फेरी आर्यनगर, लश्कर रोड और विकास नगर आदिक्षेत्र होते हुए जीव दया केंद्र तक पहुँची। इस दौरान जीवरक्षा समिति एवं समाज के अन्य सदस्य भी सहभागी रहे। हाउसिंग कॉलोनी, गोल मार्केट, सदर बाजार, भूताबाजार और पुस्तक बाजार होते हुए फलों का वितरण किया गया। महावीर गंज में आचार्य सुबल सागर महाराज जी के प्रवचन और महावीर जन्मोत्सव कार्यक्रम में सभी ने भाग लिया। जैन मंदिर भीम नगर से जुलूस प्रारंभ हुआ और नगर भ्रमण के बाद महामस्तिका भिषेक कार्यक्रम संपन्न हुआ। उपस्थित सभी जनों को वात्सल्य भोजन कराया गया। दिन भर शहर के विभिन्न मंदिरों और मार्गों से जुलूस निकाला गया, जहां फल वितरण और भव्य स्वागत के कार्यक्रम आयोजित किए गए। उपस्थित सभी लोगों ने हर्षोल्लास और उत्साह के साथ इस महोत्सव में भाग लिया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/thebirthanniversary_of_lordmahavirwas_celebrated/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भगवान महावीर स्वामी की जन्मकल्याणक महोत्सव मनाया : मानवता परिवार एवं टीम रोटी बैंक द्वारा प्रसादी वितरण </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/distribution_of_prasad_by_manavta_parivar_nd_team_roti_bank/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/distribution_of_prasad_by_manavta_parivar_nd_team_roti_bank/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:22:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Subal Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Bhind]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[Humanity Family]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Jayanti]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Swami]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir's birth anniversary]]></category>
		<category><![CDATA[Nagama]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shobhayatra]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Team Roti Bank श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[टीम रोटी बैंक]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[भिंड]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जन्म कल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जयंती]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर स्वामी]]></category>
		<category><![CDATA[मानवता परिवार]]></category>
		<category><![CDATA[शोभायात्रा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=103628</guid>

					<description><![CDATA[महावीर जयंती के पावन अवसर पर आज मानवता परिवार एवं टीम रोटी बैंक के सदस्यों ने श्रद्धा और सेवा भाव के साथ गणेश मंदिर, गौरी सरोवर में प्रसादी का वितरण किया। पढ़िए सोनल जैन की रिपोर्ट&#8230; भिंड। महावीर जयंती के पावन अवसर पर आज मानवता परिवार एवं टीम रोटी बैंक के सदस्यों ने श्रद्धा और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>महावीर जयंती के पावन अवसर पर आज मानवता परिवार एवं टीम रोटी बैंक के सदस्यों ने श्रद्धा और सेवा भाव के साथ गणेश मंदिर, गौरी सरोवर में प्रसादी का वितरण किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सोनल जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> महावीर जयंती के पावन अवसर पर आज मानवता परिवार एवं टीम रोटी बैंक के सदस्यों ने श्रद्धा और सेवा भाव के साथ गणेश मंदिर, गौरी सरोवर में प्रसादी का वितरण किया। इस सेवा कार्य में सभी सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और साधु-संतों, श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंदों को प्रसादी वितरित कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस अवसर पर सेवा, समर्पण और मानवता का सुंदर संगम देखने को मिला। भगवान महावीर के अहिंसा, करुणा और सेवा के संदेश को आत्मसात करते हुए मानवता परिवार समाजसेवा के कार्यों में निरंतर अग्रसर है। इस कार्यक्रम में बबलू सिंधी, रानी जैन, सोनल जैन, शामली जैन, प्राशु जैन, रोमा शर्मा, अंकिता शर्मा, पूजा शर्मा, शिवांगी शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/distribution_of_prasad_by_manavta_parivar_nd_team_roti_bank/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर धर्मसभा : पद और प्रतिष्ठा का अभिमान स्वयं को नीचे गिराता है &#8211; आचार्य निर्भयसागर </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/pride_of_position_and_prestige_brings_oneself_down_acharya_nirbhay_sagar/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/pride_of_position_and_prestige_brings_oneself_down_acharya_nirbhay_sagar/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:18:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Nirbhay Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Jayanti]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Swami]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir's birth anniversary]]></category>
		<category><![CDATA[morena]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Sihoniya श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री निर्भय सागर]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जन्म कल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जयंती]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर स्वामी]]></category>
		<category><![CDATA[मुरैना]]></category>
		<category><![CDATA[सिहोनियां]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=103623</guid>

					<description><![CDATA[ भगवान महावीर स्वामी ने कहा, “पाप से घृणा करो, पापी से नहीं; अपराध से घृणा करो, अपराधी से नहीं।” महावीर स्वामी द्वारा दिए गए उपदेशों को जीवन में उतारने से आत्मबल और संयम की प्राप्ति होती है। यह बात जैनाचार्य वैज्ञानिक संत आचार्यश्री निर्भयसागरजी महाराज ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर बड़ा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> भगवान महावीर स्वामी ने कहा, “पाप से घृणा करो, पापी से नहीं; अपराध से घृणा करो, अपराधी से नहीं।” महावीर स्वामी द्वारा दिए गए उपदेशों को जीवन में उतारने से आत्मबल और संयम की प्राप्ति होती है। यह बात जैनाचार्य वैज्ञानिक संत आचार्यश्री निर्भयसागरजी महाराज ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर बड़ा जैन मंदिर मुरैना में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> भगवान महावीर स्वामी ने कहा, “पाप से घृणा करो, पापी से नहीं; अपराध से घृणा करो, अपराधी से नहीं।” महावीर स्वामी द्वारा दिए गए उपदेशों को जीवन में उतारने से आत्मबल और संयम की प्राप्ति होती है। जैनाचार्य वैज्ञानिक संत आचार्यश्री निर्भयसागरजी महाराज ने भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर बड़ा जैन मंदिर मुरैना में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पतित को पावन बनाना, अज्ञानी को ज्ञानी बनाना, शैतान को इंसान बनाना और इंसान को परमात्मा बनाना ही हमारा मूल ध्येय होना चाहिए। उन्होंने उपदेश दिया कि हमें दूसरों की मदद करने और उन्हें ऊपर उठाने का कार्य करना चाहिए।</p>
<p><strong>महावीर हमारे अंतरंग में बसते हैं</strong></p>
<p>आचार्यश्री ने बताया कि हमने महावीर को मंदिरों में कैद कर दिया है, जबकि वे हमारी आत्मा में बसते हैं। यदि हम अपने अंतरंग में झांकें, तो उन्हें पाएंगे।</p>
<p><strong>पद और प्रतिष्ठा पर नसीहत</strong></p>
<p>उन्होंने मंदिर के पदाधिकारियों को बताया कि पद और प्रतिष्ठा का अभिमान समाज में अहंकार, भेदभाव और दूरी पैदा करता है। यह सच्चे सम्मान की भावना को कमजोर करता है और सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ता है। पद केवल जिम्मेदारी लाता है, अभिमान नहीं। एक स्वस्थ समाज के लिए मानवीय गरिमा और व्यवहार का सम्मान प्रतिष्ठा से अधिक महत्वपूर्ण है।</p>
<p>आचार्यश्री ने कहा, “सब जीवों से मैत्री का व्यवहार करो, और घर आये शत्रु से भी प्रेम का व्यवहार करो।”</p>
<p><strong>पुस्तकों का विमोचन</strong></p>
<p>जैनाचार्य वैज्ञानिक संत आचार्यश्री निर्भयसागरजी महाराज द्वारा लिखित चार पुस्तकें—मानवीय कर्तव्य और जैन धर्म, गुरु प्रसाद, जीवन परिचय, अतीत के पन्ने—का विमोचन अतिशय क्षेत्र टिकटोली के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, उद्योगपति पवन जैन, अभिषेक जैन टीटू और बाबूलाल जैन ने किया। मानवीय कर्तव्य और जैन धर्म पुस्तक को एकलव्य यूनिवर्सिटी ने अपने सिलेबस में शामिल किया है।</p>
<p><strong>आचार्य संघ का सिहोनिया के लिए मंगल विहार</strong></p>
<p>जैनाचार्य वैज्ञानिक संत आचार्यश्री निर्भयसागरजी महाराज महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव में सान्निध्य प्रदान करने के पश्चात सिहोनिया के लिए मंगल विहार करेंगे। वे अतिशय क्षेत्र सिहोनिया, अम्बाह, पिनाहट, शौरीपुर, बटेश्वर, शिकोहाबाद और फिरोजाबाद होते हुए टूंडला में श्री पंचकल्याणक प्रतिष्ठा के लिए 10 अप्रैल को भव्य मंगल प्रवेश करेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/pride_of_position_and_prestige_brings_oneself_down_acharya_nirbhay_sagar/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
