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	<title>Digamber Jain Teerth &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Digamber Jain Teerth &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>सोनागिर में होगा गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी का चातुर्मास: श्रीफल जैन न्यूज की खबर पर मुहर  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Jun 2023 12:37:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[स्वस्तिधाम प्रणेत्री गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी एवं गणिनी आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी ससंघ का पावन वर्षायोग 2023 श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर (दतिया) मध्यप्रदेश में होगा। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230; सोनागिर। स्वस्तिधाम प्रणेत्री गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी एवं गणिनी आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी ससंघ का पावन वर्षायोग 2023 श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर (दतिया) मध्यप्रदेश में होगा। सोनागिर में भारत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>स्वस्तिधाम प्रणेत्री गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी एवं गणिनी आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी ससंघ का पावन वर्षायोग 2023 श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर (दतिया) मध्यप्रदेश में होगा। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सोनागिर।</strong> स्वस्तिधाम प्रणेत्री गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी एवं गणिनी आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी ससंघ का पावन वर्षायोग 2023 श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर (दतिया) मध्यप्रदेश में होगा। सोनागिर में भारत गौरव, विदुषी लेखिका गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने 2023 का चातुर्मास करने की घोषणा की है। चातुर्मास घोषणा से पूर्व पूज्य गुरुमां ने ससंघ 1008 से अधिक भक्तों के साथ श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर पर्वत की वंदना की। र्वत की बन्दना के मध्य ही परम पूज्य मुनिश्री पुण्यसागर जी महाराज ससंघ, मुनिश्री मं मंगलानन्द जी महाराज ससंघ, मुनिश्री आदर्शसागर जी महाराज ससंघ, मुनिश्री सोमदत्तसागर जी महाराज ससंघ, गणिनी आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी, गणिनी आर्यिका स्वर्णमति माताजी, क्षुल्लिका पूजाभूषण माताजी, क्षुल्लिका भक्तिभूषण माताजी के आशीर्वाद व सान्निध्य एवं स्वस्तिधाम प्रणेत्री गुरुमां गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी के पावन निर्देशन में प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत के आचार्यत्व में सोनागिर पर्वत पर श्री सहस्त्र कूट जिनालय की आधारशिला श्रावक श्रेष्ठी जौहरी लाल जी हरिद्वार, योगेश जैन खतौली वाले दिल्ली, राज कुमार जड़ीबूटी वाले शिवपुरी, कैलाश चंद, माणक, रमेश ठोलिया जयपुर द्वारा रखी गई ।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-45311" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230601-WA0057.jpg" alt="" width="513" height="576" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230601-WA0057.jpg 513w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230601-WA0057-267x300.jpg 267w" sizes="(max-width: 513px) 100vw, 513px" /></p>
<p><strong>माताजी ने भव्य मंदिर का निर्माण कराया </strong></p>
<p>छाणी परम्परा के सप्तम पट्टाचार्य, सिंहरथ प्रवर्तक, त्रिलोकतीर्थ धाम प्रणेता आचार्य श्री विद्याभूषण सन्मतिसागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या स्वस्तिधाम प्रणेत्री गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने अल्पकाल में सैकड़ों पुस्तकों की रचना की। राजस्थान के भीलबाड़ा जिले में जहाजपुर नामक ग्राम में भगवान मुनिसुव्रतनाथ का जहाज के आकार के एक विशाल एवं भव्य मंदिर का निर्माण कराया। जिसे मुनिसुव्रतनाथ अतिशय क्षेत्र, स्वस्तिधाम, मुनिसुव्रतनाथ धाम आदि आदि अनेकों नामों से जाना जाता है। यह एकमात्र ऐसा जैन तीर्थ स्थल है, जो प्रतिष्ठा होने से पूर्व ही भारत सहित पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो गया था।</p>
<p style="text-align: left;"><strong>पहले ही जताई थी संभावन</strong></p>
<p>श्रीफ़ल जैन न्यूज के सोमवार 29 मई को प्रकाशित समाचार में हमारे सहयोगी संवाददाता मनोज नायक ने इस बात को प्रकाशित किया था कि गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी का 2023 का पावन वर्षायोग सोनागिर या मुरार में होने की पूर्ण संभावना है। इस अवसर पर सोनागिर जी में विराजमान समस्त मुनिराज, आर्यिकाएँ, त्यागिवर्ती सहित दिल्ली, जयपुर, मुरार, मुरेना, लश्कर, डबरा, अम्बाह, ग्वालियर, करैरा, शिवपुरी, भीलवाड़ा, अजमेर एवं विभिन्न शहरों से हजारों की संख्या में गुरुमां के भक्त उपस्थित थे ।</p>
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		<title>स्वस्तिभूषण माताजी करेंगीं 1008 भक्तों के साथ सोनागिर पर्वत की वंदना: एक जून को सोनागिर पर्वत पर रखी जाएगी सहस्त्र कूट जिनालय की आधारशिला, गुरुमां चातुर्मास की करेंगी घोषणा </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 May 2023 13:23:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन साध्वी गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ 1008 भक्तों के साथ एक जून को सोनागिर पर्वत की वन्दना करेंगी । इसी दिन पर्वत पर श्री सहस्त्र कूट जिनालय की आधारशिला रखी जाएगी एवं गुरुमां 2023 के वर्षायोग की घोषणा करेंगी। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230; सोनागिर। जैन साध्वी गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैन साध्वी गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ 1008 भक्तों के साथ एक जून को सोनागिर पर्वत की वन्दना करेंगी । इसी दिन पर्वत पर श्री सहस्त्र कूट जिनालय की आधारशिला रखी जाएगी एवं गुरुमां 2023 के वर्षायोग की घोषणा करेंगी। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सोनागिर।</strong> जैन साध्वी गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ 1008 भक्तों के साथ एक जून को सोनागिर पर्वत की वन्दना करेंगी । इसी दिन पर्वत पर श्री सहस्त्र कूट जिनालय की आधारशिला रखी जाएगी एवं गुरुमां 2023 के वर्षायोग की घोषणा करेंगी।<br />
श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिर कमेटी के महामंत्री बालचन्द जैन ने बताया कि सिंहरथ प्रवर्तक, त्रिलोकतीर्थ धाम प्रणेता, छाणी परम्परा के पंचम पट्टाचार्य श्री विद्याभूषण सन्मतिसागर महाराज की परम प्रभावक शिष्या स्वस्तिधाम प्रणेत्री, विदुषी लेखिका, भारत गौरव गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी एवं गणिनी आर्यिका लक्ष्मीभूषण माताजी ससंघ श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर में विराजमान हैं ।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-45141" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-29-at-6.49.48-PM.jpeg" alt="" width="854" height="1280" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-29-at-6.49.48-PM.jpeg 854w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-29-at-6.49.48-PM-200x300.jpeg 200w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-29-at-6.49.48-PM-683x1024.jpeg 683w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-29-at-6.49.48-PM-768x1151.jpeg 768w" sizes="(max-width: 854px) 100vw, 854px" /></p>
<p><strong>सहस्त्रकूट जिनालय की आधारशिला रखी जाएगी</strong></p>
<p>जैन के अनुसार गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से आर्यिका संघ के पावन सान्निध्य में श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर जी के पर्वत पर गुरुवार को सहस्त्रकूट जिनालय की आधारशिला रखी जाएगी। नवीन जिनालय की आधारशिला रखने से पूर्व पूज्य गुरुमां अपने 1008 भक्तों के साथ सिद्धक्षेत्र सोनागिर पर्वत की वंदना करेगी । साथ ही गुरुमां अपने 2023 के चातुर्मास स्थल की घोषणा करेंगी ।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-45140" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-29-at-6.49.48-PM-1.jpeg" alt="" width="780" height="1040" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-29-at-6.49.48-PM-1.jpeg 780w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-29-at-6.49.48-PM-1-225x300.jpeg 225w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-29-at-6.49.48-PM-1-768x1024.jpeg 768w" sizes="(max-width: 780px) 100vw, 780px" /></p>
<p><strong>कमेटी जुटी व्यवस्थाएं बनाने में</strong></p>
<p>गुरुमां के वर्षायोग के लिए मुरार, मुरैना, धौलपुर, डबरा सोनागिर कमेटी, मुरैना ज्ञानतीर्थ परिवार काफी प्रयासरत हैं। वर्षायोग के लिए मुरार जैन समाज द्वारा अथक प्रयास किया जा रहा है। गुरुमां श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का 2023 का वर्षायोग सोनागिर जी या मुरार होने की पूर्ण सम्भावना है। इस पावन अवसर पर जयपुर, दिल्ली, धौलपुर, मुरैना, अम्बाह, मुरार, लश्कर, ग्वालियर, डबरा, करैरा, शिवपुरी, झांसी सहित सम्पूर्ण भारतवर्ष से लगभग 2500 गुरुमां के भक्तों के आने की संभावना है । कार्यक्रम में अपार जनसमुदाय के आने की सम्भावना को देखते हुए क्षेत्र कमेटी ने आवास एवं भोजन व्यवस्था सहित अन्य सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप प्रदान करने में लगी हुई है।</p>
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		<item>
		<title>आत्मा में निर्मल गुणों के समीचीन ज्ञान प्रकट करने की क्षमता और दृढ़ता है: आचार्य श्री वर्धमान सागर की मंगल देशना </title>
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		<pubDate>Mon, 29 May 2023 11:37:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सम्यक ज्ञान समीचीन ज्ञान है। समीचीन ज्ञान स्वाध्याय तप संयम के माध्यम से अपनी शक्ति सामर्थ्य को प्रकट करें। इससे सम्यक दर्शन, ज्ञान और चरित्र प्राप्त होता है। समीचीन ज्ञान प्रकट करने के लिए मोह और मिथ्यात्व रूपी अंधकार दूर करना होगा। पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट&#8230; उदयपुर। गर्मी का मौसम है। इस मौसम में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>सम्यक ज्ञान समीचीन ज्ञान है। समीचीन ज्ञान स्वाध्याय तप संयम के माध्यम से अपनी शक्ति सामर्थ्य को प्रकट करें। इससे सम्यक दर्शन, ज्ञान और चरित्र प्राप्त होता है। समीचीन ज्ञान प्रकट करने के लिए मोह और मिथ्यात्व रूपी अंधकार दूर करना होगा। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>उदयपुर।</strong> गर्मी का मौसम है। इस मौसम में आप का शरीर संतप्त है, दुखी है। उदयपुर में जो कि झीलों की नगरी है यहां फतेहसागर, उदय सागर और अनेक झीलें हैं। इनके जल से आप शरीर का ताप दूर कर सकते हैं। उदयपुर में भी आत्मा का ताप दूर करने के लिए धर्मरूपी सरोवर के रूप में आचार्य संघ विद्यमान है। संघ सानिध्य में आप आत्मा का ताप दूर कर सकते हैं। यह मंगल देशना राष्ट्र गौरव पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने सेक्टर 4 की धर्म सभा में प्रकट की।</p>
<p><strong>वैराग्य का मार्ग सुखकारी है</strong></p>
<p>ब्रह्मचारी गजू भैय्या, राजेश पंचोलिया और गौरव गनोदिया के अनुसार आचार्य श्री ने बताया कि अज्ञान, मोह, मिथ्यात्व भीतर होने के कारण संसार की अनंत यात्रा पर परिभ्रमण चल रहा है। शास्त्रों में उल्लेख है कि महान आत्माओं ने विशेष ज्ञान-विज्ञान से संसार की दुखमय यात्रा के कारण बताए हैं और इन कथाओं को पढ़कर सुनकर भव्य जीवों ने वैराग्य को धारण किया है। संसार ,शरीर और भोग इन के कारण वैराग्य नहीं होता ,और संसार परिभ्रमण का भी यही कारण है। हममें सुमेरु पर्वत के समान सुदृढ़ता है। वैराग्य का मार्ग सुखकारी है। कर्मों के उदय से मुनिराजों और संसारी प्राणी दोनों को भोजन का अंतराय, भोजन नहीं मिलता है। अज्ञान रूपी अंधकार को ज्ञान रूपी सूर्य प्रकाश से दूर किया जा सकता है।</p>
<p><strong>सम्यक ज्ञान समीचीन ज्ञान है</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि आप लोग आत्मा की शक्ति को भूल गए हैं तप और त्याग का जब उपदेश दिया जाता है तो आप कहते हैं हमारी शक्ति नहीं है। सम्यक ज्ञान समीचीन ज्ञान है। समीचीन ज्ञान स्वाध्याय तप संयम के माध्यम से अपनी शक्ति सामर्थ्य को प्रकट करें। इससे सम्यक दर्शन, ज्ञान और चरित्र प्राप्त होता है। समीचीन ज्ञान प्रकट करने के लिए मोह और मिथ्यात्व रूपी अंधकार दूर करना होगा। आचार्य श्री ने प्रवचन में रात्रि भोजन के दुष्परिणाम बताए हैं। संसार परिभ्रमण क्यों कर रहे हैं इसका चिंतन सभी के लिए जरूरी है। मंदिर जाने के लिए स्वाध्याय सत्संग सुनने के लिए समय नहीं है, शरीर थका हुआ है। अशक्त है किंतु अनेक भव में संसार परिभ्रमण करते हुए आपका मन राग, मोह, मिथ्यात्व के कारण थकान महसूस नहीं करता है। आप विषय भोग मोह में आखंड डूबे हुए हैं। ज्ञान निर्मल गुणों का खजाना है। आत्मा के गुणों को पहचानने का पुरुषार्थ करें चारित्र को प्रकट करें। लौकिक ज्ञान के साथ धार्मिक ज्ञान भी प्राप्त करें। आत्मा में समीचीन ज्ञान प्रकट करने की क्षमता है।</p>
<p><strong>विश्वशांति यज्ञ व श्री जी की निकलेगी शोभायात्रा</strong></p>
<p>इसके पूर्व आचार्य श्री शांति सागर जी एवम् पूर्वाचार्यों के चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन महेंद्र जी टाया,श्रीपाल जी धर्मावत, निर्मल कुमार जी मालवी सुमति लालजी दुदावत ने आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन नरेश कुमार जी वंदना जी पाडलिया ने संचालन गौरव गनोड़िया राजकुमार अखावत ने किया। झमललाल अखावत अध्यक्ष सुंदरलाल लूणादिया महामंत्री संरक्षक हेमराज मालवीय नाथूलाल खलूदिया ने बताया कि सोमवार सुबह महिलाओं की घट यात्रा, मंडप शुद्धि और ध्वजारोहण किया गया। श्री जी के पंचामृत अभिषेक के पश्चात दोपहर में कल्याण मंदिर विधान पूजन के पश्चात आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की पूजन भक्ति भाव से की गई। शाम को महा आरती की गई। मंगलवार को विधान की पूर्णाहुति हवन विश्व शांति यज्ञ तथा श्री जी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। उसके पश्चात शिखर पर ध्वजा का परिवर्तन किया जाएगा।</p>
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		<title>अशोकनगर को मिला आचार्यश्री विद्यासागर जी का विशेष आशीर्वाद: पांच कंपनियों के ऑफर ठुकराकर संन्यासी बने अमित जैन  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/amit_jain_became_monk_after_rejecting_offers_from_five_companies/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 May 2023 06:42:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वह क्षण भावविह्ल कर देने वाले थे। धर्मसभा में उपस्थित लोगों की आंखे नम थीं, माताएं फफक पड़ीं। पढ़िए राजेश जैन दद्दू रिपोर्ट&#8230; अशोकनगर। वह क्षण भावविह्ल कर देने वाले थे। धर्मसभा में उपस्थित लोगों की आंखे नम थीं, माताएं फफक पड़ीं। ऐसे जैसे उन्हीं के बेटे ने संन्यास ले लिया हो। यह दृश्य उस [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>वह क्षण भावविह्ल कर देने वाले थे। धर्मसभा में उपस्थित लोगों की आंखे नम थीं, माताएं फफक पड़ीं। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजेश जैन दद्दू रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>अशोकनगर।</strong> वह क्षण भावविह्ल कर देने वाले थे। धर्मसभा में उपस्थित लोगों की आंखे नम थीं, माताएं फफक पड़ीं। ऐसे जैसे उन्हीं के बेटे ने संन्यास ले लिया हो। यह दृश्य उस समय बना जब पुराना बाजार अशोकनगर निवासी हाईकोर्ट एडवोकेट राजीव जैन ( एडवोकेट स्व. शान्ति लाल जैन) अपने बड़े पुत्र इंजी. अमित जैन को मुनिश्री संघ को समर्पित कर रहे थे। उस समय वह बहुत भावुक हो गए थे। क्योंकि कलेजे का टुकड़ा जिसने हाई एजुकेशन प्राप्त की। वह अब संन्यासी बन जाएगा। यह देखकर उपस्थित जनसमुदाय भी भावुक हो गया।</p>
<p>अमित जैन ने जीएसआईटीएस कालेज इंदौर से एमटैक किया और उन्हें दिल्ली सहित 5 कंपनियों ने एक साथ जॉब के‌ लिये आफर दिया। अमित दिल्ली की कंपनी का ऑफर लेटर लेकर आचार्यश्री के पास डोंगरगढ़ पहुंचे और आचार्यश्री से आदेश मांगा। बताओ गुरुजी क्या करूं, गुरुजी ने पूछा तुम क्या चाहते हो, अमित ने कहा कि वह भव भ्रमण रोकना चाहते हैं। यह सुनकर गुरुजी ने संघ में प्रवेश का आशीर्वाद दिया यह सुनकर उपस्थित जनसमूह आनंदित हुआ और जय घोष किया नमोस्तु शासन जयवंत हो।</p>
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		<title>देव शास्त्र गुरु धर्म का समागम प्राप्त कर उनके प्रति श्रद्धा बनाकर धर्म की वृद्धि करें: आचार्य श्री वर्धमान सागर की मंगल देशना  </title>
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		<pubDate>Sun, 28 May 2023 13:40:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आप बहुमंजिला इमारतों में रहते हैं, लेकिन तीन खंड वास्तविक मकान को आप भूल रहे हैं। पहला खंड हमारी आत्मा, दूसरा खंड शरीर, और तीसरा खंड मन। इसमें आत्मा प्रथम खंड को हम भूलते जा रहे हैं। पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट&#8230; उदयपुर। संघ ने देश के अनेक नगरों में विहार किया है। उदयपुर में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आप बहुमंजिला इमारतों में रहते हैं, लेकिन तीन खंड वास्तविक मकान को आप भूल रहे हैं। पहला खंड हमारी आत्मा, दूसरा खंड शरीर, और तीसरा खंड मन। इसमें आत्मा प्रथम खंड को हम भूलते जा रहे हैं। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>उदयपुर।</strong> संघ ने देश के अनेक नगरों में विहार किया है। उदयपुर में भी अनेक उप नगरों में विहार चल रहा है। आप बहुमंजिला इमारतों में रहते हैं, लेकिन तीन खंड वास्तविक मकान को आप भूल रहे हैं। पहला खंड हमारी आत्मा, दूसरा खंड शरीर, और तीसरा खंड मन। इसमें आत्मा प्रथम खंड को हम भूलते जा रहे हैं। यह मंगल देशना आचार्य शिरोमणि वात्सल्य वारिघि श्री वर्धमान सागर जी ने सेक्टर 4 नागेंद्र भवन की धर्म सभा में प्रकट की।</p>
<p><strong>आप मन व शरीर के अधीन हो गए हैं </strong></p>
<p>ब्रह्मचारी गजू भैय्या,राजेश पंचोलिया और विनोद घाटलिया के अनुसार आचार्य श्री ने बताया कि आपने लौकिक मकान में आने जाने के लिए लिफ्ट लगा ली। सीढ़ी का उपयोग नहीं करते यहां तक कि देश के कई मंदिरों में लिफ्ट से आना-जाना करते हैं। आप लोग मन और शरीर के अधीन हो गए हैं। इस कारण संसार में परिभ्रमण कर रहे हैं। संसार का परिभ्रमण अर्थात पराधीनता है और संसार परिभ्रमण से छुटकारा पाना स्वतंत्रता है। पुदगल से निर्मित नश्वर शरीर इंद्रियों विषयों से आपका मन चलायमान है। आप संसार परिभ्रमण रूपी दौड़ लगाते रहते हैं।</p>
<p><strong>धर्मपाल बनकर करें धर्म में वृद्धि</strong></p>
<p>शरीर नश्वर है अभी आप भजन गा रहे थे ओ गुरु सा थारो चेलो बनु मैं, हरदम तेरे साथ रहू मैं। आप यहां आते हैं तब कहते हम आपके चेले बन जाएं किंतु यहां से जाने के बाद भूल जाते हैं। वास्तविक चेले हमारे गज्जू भैया हैं जो 26 वर्षों से संघ की सेवा में लगातार हैं कभी घर नहीं गए। ऐसा समर्पण गुरु के सानिध्य में देखने को नहीं मिलता है। आचार्य पद के बाद हमने संघ के साथ 36000 किलोमीटर से अधिक विहार किया है जिसमें गज्जू भैया ने समर्पित होकर आहार-विहार व्यवस्था जिम्मेदारी से संभाली। आप धन का पालन करते हुए धनपाल जी हैं जबकि धर्मपाल होकर धर्म में वृद्धि करना चाहिए। और यही आत्मा की प्राथमिकता होना चाहिए।</p>
<p><strong>20 जून को हो सकती है कलश स्थापना दिवस की घोषणा </strong></p>
<p>चातुर्मास में कलश स्थापना के लिए उदयपुर के विभिन्न सेक्टर रोजाना प्रार्थना निवेदन कर रहे हैं। अभी तक देखा जाए तो आचार्य श्री शिव सागर, आचार्य श्री धर्म सागर, आचार्य अजीत सागर सहित पूर्व आचार्यों के सभी चातुर्मास हूंमड भवन में हुए हैं। अब उसके बाद अनेक उप नगर कॉलोनी बन गई है। केशव नगर, सेक्टर 11, सेक्टर 4 ,सर्व ऋतु विलास,प्राचीन शहर आदि अनेक उपनगर रोजाना चातुर्मास कलश स्थापना के लिए श्रीफल चढ़ाकर निवेदन कर रहे हैं। जैसे आप मीटिंग कर विचार विमर्श करते हैं। संघ में भी इस विषय पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। संभवत 20 जून को कलश स्थापना दिवस को स्थान की घोषणा हो सकती है।</p>
<p><strong>आत्मा के प्रति बनी रहे श्रद्धा </strong></p>
<p>आचार्य श्री ने महत्वपूर्ण सूत्र में बताया कि देव ,शास्त्र, गुरु, धर्म ,का समागम प्राप्त करते हुए उपदेश में बताया कि आत्मा के प्रति आपकी श्रद्धा बनी रहना चाहिए। धर्म की वृद्धि के लिए जरूरी है कि आप इनके प्रति निरंतर समागम प्राप्त करते रहें।</p>
<p>आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व संघस्थ शिष्य मुनि श्री चिंतन सागर जी का उपदेश हुआ। मंगलाचरण के बाद अतिथियों एवं मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने आचार्य श्री शांति सागर जी के चित्र का अनावरण कर दीप प्रवज्जलन किया। पुण्यार्जक परिवार द्वारा आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन कर जिनवाणी भेंट की गई। शाम को भव्य महाआरती की गई। मंदिर स्थापना के 25 वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित 3 दिवसीय कार्यक्रम अंतर्गत 29 मई को श्री पार्श्व नाथ मंदिर में दोपहर को विधान होगा। संचालन राजेंद्र अखावत और गौरव गनौदिया ने किया।</p>
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		<title>धर्म को धारण कर मानव जीवन को सार्थक करें: आचार्य श्री वर्धमान सागर की मंगल देशना </title>
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		<pubDate>Fri, 26 May 2023 14:00:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जगत परिवर्तनशील है। हम पर्यावरण पानी की उपेक्षा का परिणाम देख व भोग रहे हैं। पानी सबके लिए जरूरी है विश्व में भारत की जनसंख्या बहुत अधिक है। हमें पानी का महत्व समझने की जरूरत है। पानी का सदुपयोग करें। पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट उदयपुर। जगत परिवर्तनशील है। हम पर्यावरण पानी की उपेक्षा का [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जगत परिवर्तनशील है। हम पर्यावरण पानी की उपेक्षा का परिणाम देख व भोग रहे हैं। पानी सबके लिए जरूरी है विश्व में भारत की जनसंख्या बहुत अधिक है। हमें पानी का महत्व समझने की जरूरत है। पानी का सदुपयोग करें। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>उदयपुर।</strong> जगत परिवर्तनशील है। हम पर्यावरण पानी की उपेक्षा का परिणाम देख व भोग रहे हैं। पानी सबके लिए जरूरी है विश्व में भारत की जनसंख्या बहुत अधिक है। हमें पानी का महत्व समझने की जरूरत है। पानी का सदुपयोग करें। यह मंगल देशना पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर ने सेक्टर 4 में मंगल प्रवेश के समय आयोजित धर्म सभा में प्रकट की।</p>
<p><strong>धर्म आपका सच्चा मित्र</strong></p>
<p>ब्रह्मचारी गजू भैय्या राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री ने बताया कि उदयपुर झीलों की नगरी है। साथ ही जिनालय की भी नगरी है। नगर के प्राचीन मंदिरों के स्थान पर उप नगरों में नए जिनालय बन रहे हैं। ।जिनालय से जीवन का उत्थान होता है। जिनालय धर्म की शिक्षा देते हैं। धर्म संपूर्ण सुख को देने वाला है। आपके लौकिक जीवन में मित्र भी होते हैं। शत्रु भी होते हैं। सच्चा मित्र जीवन में सुख का मार्ग दिखाता है। धर्म आपका सच्चा मित्र है। वह सुख का मार्ग दिखाता है। भौतिक सुख पुण्य से मिलता है। कर्मों के बंघ के कारण दुख उठा रहे हैं। संसार में जैसा कार्य करेंगे वैसा फल मिलेगा। इसलिए धर्म को मित्र बनाएं तभी आत्मा सुखी होगी। भगवान द्वारा बताए धर्म को धारण करें।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-44960" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-7.27.57-PM.jpeg" alt="" width="1280" height="720" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-7.27.57-PM.jpeg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-7.27.57-PM-300x168.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-7.27.57-PM-1024x576.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-7.27.57-PM-768x432.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-7.27.57-PM-990x557.jpeg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-7.27.57-PM-470x264.jpeg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-7.27.57-PM-640x360.jpeg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-7.27.57-PM-215x120.jpeg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-7.27.57-PM-414x232.jpeg 414w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong>पुरुषार्थ कर मानव जीवन को सार्थक करें</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने बताया कि धर्म को धारण करने का पुरुषार्थ कर मनुष्य जीवन को मंगलमय बनाकर मानव जीवन को सार्थक करें। इसके पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार ने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।धर्म सभा में पर्यावरण प्रकृति जल का संरक्षण सहयोग योगदान करने का आव्हान किया। यह विचार गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्रीय जल मंत्री भारत सरकार ने प्रकट किए। उन्होंने बताया कि मुझे सूचना मिली की जैन आचार्य श्री वर्धमान सागर जी उदयपुर में प्रवास कर रहे हैं तो मैं बगैर बुलाए अतिथि बनकर गुरुदेव के दर्शन के लिए आ गया। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आचार्य श्री के साथ देश की ज्वलंत विषयों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने धर्म सभा में उपस्थित समुदाय से देश के पर्यावरण और पानी के उपयोग में सावधानी की जरूरत का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि पहले हिंसा से देश या राज्य का परिवर्तन होता था किंतु वर्तमान में अहिंसा से देश का परिवर्तन होता है।</p>
<p>धर्म सभा में मीना जैन के मंगलाचरण पश्चात आचार्य शांतिसागर जी एवं पूर्व आचार्यों के चित्र का अनावरण एवम् दीप प्रवज्जलन केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ,शांतिलाल वेलावत, राकेश सेठी कोलकाता, राजेश पंचोलिया इंदौर ,ब्रह्मचारी गज्जू भैया, परमीत जैन ,हेमराज मालवी, झमकलाल अखावत ने किया।आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन एवम् जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य नाथूलाल खालुदिया ,रमेश जैन पार्षद एवम् अन्य ने किया। संचालन राजेंद्र अखावत एवम् गौरव गनोंदिया ने किया। तथा श्री पार्श्व नाथ मंदिर के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 28 से 30 मई तक आयोजित कार्यक्रम की जानकारी दी</p>
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		<title>दिगंबर जैन तीर्थ त्रिमूर्ति धाम का शिलान्यास समारोह संपन्न: पाषाण से बनाया जाएगा त्रिमूर्ति धाम </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 May 2023 10:49:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगंबर जैन खरौआ समाज ट्रस्ट इंदौर द्वारा गोमटगिरी के पास, पितृ पर्वत के सामने बनने जा रहे दिगंबर जैन तीर्थ त्रिमूर्ति धाम का भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह मुनि श्री आदित्यसागरजी, मुनि श्री अप्रमितसागर एवं मुनिश्री सहजसागर के सानिध्य एवं इंदौर नगर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। पढ़िए राजेश जैन दद्दू [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>दिगंबर जैन खरौआ समाज ट्रस्ट इंदौर द्वारा गोमटगिरी के पास, पितृ पर्वत के सामने बनने जा रहे दिगंबर जैन तीर्थ त्रिमूर्ति धाम का भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह मुनि श्री आदित्यसागरजी, मुनि श्री अप्रमितसागर एवं मुनिश्री सहजसागर के सानिध्य एवं इंदौर नगर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।<span style="color: #ff0000;"> पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> दिगंबर जैन खरौआ समाज ट्रस्ट इंदौर द्वारा गोमटगिरी के पास, पितृ पर्वत के सामने बनने जा रहे दिगंबर जैन तीर्थ त्रिमूर्ति धाम का भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह मुनि श्री आदित्यसागरजी, मुनि श्री अप्रमितसागर एवं मुनिश्री सहजसागर के सानिध्य एवं इंदौर नगर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। तीर्थ स्थल का भूमि पूजन समाजसेवी एवं उद्योगपति आजाद कुमार जैन बीड़ी वालों ने एवं शिलान्यास सुरेशचंद, रमेशचंद एवं राजेंद्र जैन ने किया।</p>
<p><strong>31 जिन बिंब विराजमान किए जाएंगे</strong></p>
<p>समाज अध्यक्ष नवीन जैन मेहगांव एवं ट्रस्ट उपाध्यक्ष हेमंत पांड्या ने बताया कि त्रिमूर्ति धाम तीर्थ तीस हजार वर्ग फुट के भूखंड पर पाषाण से निर्मित होगा जहां चौमुखी चौबीसी जिनालय, संत निवास, स्वाध्याय भवन, मान स्तंभ, धर्मशाला, कम्युनिटी हॉल और आयुर्वेदिक औषधालय का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिनालय में कुल 31 जिन बिंब विराजमान किए जाएंगे। जिन के प्रमुख पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य सर्वश्री ट्रस्ट अध्यक्ष नितिन कैलाश जैन, विकास पवैया, उत्कर्ष उमेश जैन, विमल अनुज पवैया एवं राहुल कमल जैन ने प्राप्त किया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-44946" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-4.09.43-PM.jpeg" alt="" width="768" height="1024" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-4.09.43-PM.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-26-at-4.09.43-PM-225x300.jpeg 225w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></p>
<p><strong>परस्पर सहयोग से मंदिर-तीर्थों का निर्माण होता है</strong></p>
<p>इस अवसर पर मुनिश्री आदित्य सागर ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि तन, मन और धन के समर्पण और परस्पर सहयोग से मंदिरों एवं तीर्थों का निर्माण होता है। जीवन में मकान तो बहुत लोग बनाते हैं पर मंदिर अथवा तीर्थ बनाने का सौभाग्य बिरलों को ही प्राप्त होता है। आजाद जैन ने खरौआ समाज को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में त्रिमूर्ति धाम एक सुदर्शनीय तीर्थ के रूप में शहर का गौरव बढ़ाएगा। नगर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मंदिरों और तीर्थों का महत्वपूर्ण स्थान है, मंदिरों के माध्यम से समाज परस्पर में जुड़ता है और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करता है।<br />
प्रारंभ में अतिथि स्वागत हिमांशु जैन, चिराग जैन एवं विपेश जैन ने किया। समारोह का संचालन सोनल जैन एवं गौरव पांड्या ने किया। आभार हेमंत के जैन ने व्यक्त किया। इस अवसर पर दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी, मंत्री डॉक्टर जैनेंद्र जैन, कैलाश वेद, हंसमुख गांधी, राजेश जैन दद्दू, टी के वेद, महावीर जैन पुष्पा कासलीवाल एवं परवार समाज महिला संगठन की अध्यक्ष मुक्ता जैन आदि गणमान्य उपस्थित थे। समारोह में खरौआ समाज के स्थानीय एवं भिंड, मुरैना, ग्वालियर, भोपाल आदि शहरों से काफी संख्या में आए प्रतिनिधि उपस्थित थे।</p>
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